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                            <item>
                <title>सफाईकर्मी से अवैध वसूली का वीडियो जारी होने के बाद भी नहीं हुई एडीओ पंचायत के खिलाफ़ निलंबन की कार्यवाही</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिले के विकास खंड बसखारी में सफाई कर्मी से पेरोल भेजने के नाम पर की जा रही वसूली के वीडियो जारी होने के बाद भी संबंधितों पर कार्यवाही न करने का है।</div>
<div>  </div>
<div>पिछले दिनों एक सफाई कर्मी ने खुद कैमरे में पूरी घटना कैद की थी जिसमें वह पेरोल भेजने के लिए 200 रुपया लिए जाने के बारे में बोल रहा है कि पहले तो 100 रुपया था अब 200 कैसे हो गया।अच्छे मेरे पास सिर्फ 200 रुपए ही हैं 100 रुपए ले लीजिए 100 मैं फिर दे दूंगा।</div>
<div>  </div>
<div>वीडियो सोशल मीडिया पर चलने के बाद भी अधिकारियों नेणाज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148248/suspension-proceedings-against-ado-panchayat-even-after-the-video-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/hindi-divas13.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिले के विकास खंड बसखारी में सफाई कर्मी से पेरोल भेजने के नाम पर की जा रही वसूली के वीडियो जारी होने के बाद भी संबंधितों पर कार्यवाही न करने का है।</div>
<div> </div>
<div>पिछले दिनों एक सफाई कर्मी ने खुद कैमरे में पूरी घटना कैद की थी जिसमें वह पेरोल भेजने के लिए 200 रुपया लिए जाने के बारे में बोल रहा है कि पहले तो 100 रुपया था अब 200 कैसे हो गया।अच्छे मेरे पास सिर्फ 200 रुपए ही हैं 100 रुपए ले लीजिए 100 मैं फिर दे दूंगा।</div>
<div> </div>
<div>वीडियो सोशल मीडिया पर चलने के बाद भी अधिकारियों नेणाज तक किसी भी आरोपी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कि जबकि अभी कुछ महीने पहले ठीक इसी तरह का मामला विकास खंड भीटी में भी पैरोल भेजने के लिए सफाई कर्मी से वसूली करने का सामने आया था जिसपर बिना किसी नोटिस स्पष्टीकरण के तत्काल कार्यवाही करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने 2 सफाई कर्मी सही प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत रामजीत शास्त्री को भी निलंबित कर दिया था जो आज तक निलंबित है। परंतु बिल्कुल हु बहु उसी तरह की घटना के बाद भी आज तक किसी के विरुद्ध कोई कार्यवाही न किया जाना किसी और तरफ इशारा करता है।</div>
<div> </div>
<div>विकास खंड भीटी की घटना के बाद ही यह चर्चा आम हो गई थी कि भ्रष्टाचार का यह सिस्टम पूर्व में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत बृजेश सिंह ने विकसित किया था। रामजीत शास्त्री को उसमें बिला वजह बलि का बकरा बनाया गया।तब बात आई है हो गई थी लेकिन विकास खंड बसखारी में विकास खंड भीटी की घटना की पुनरावृत्त होने पर प्रमाणित हो गया कि भ्रष्टाचार का यह तंत्र बृजेश सिंह द्वारा ही बनाया गया है। सब कुछ सिद्ध हो जाने के बाद भी बृजेश सिंह के विरुद्ध कार्यवाही न होना यह दर्शाता है कि वह जिले के उच्च अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण कर्मचारी अर्थात कमाऊं पूत है। </div>
<div> </div>
<div><strong> भ्रष्ट के साथ साथ दबंग ADO पंचायत की छवि है बृजेश सिंह की</strong></div>
<div> जिस विकास खंड में रहे अंदर बाहर हर तरफ लूट मचाई और की तैनाती वाले विकास खंड में किसी गरीब चाय वाले का 15000 रुपया बाकी कर हजम कर गए अब पैसा मांगने पर गरीब चाय वाले को गाली भी देते हैं। वही वाले ने वीडियो बनकर अपनी बात जिला अधिकारी तक पहुंचाई लेकिन उन्होंने भी उस गरीब चाय वाले की कोई मदद नहीं की।</div>
<div> </div>
<div>इससे साफ जाहिर होता है कि ब्लॉक बसखारी में तैनात एडीओ पंचायत बृजेश सिंह पर अधिकारी कर्मचारी किस तरह से मेहरबान है।जिस तरीके से वीडियो में पेरोल के नाम पर अवैध वसूली करना दिखाया गया है इसके बाद भी कार्यवाही न करना साफ जाहिर हो रहा है कि अवैध वसूली का धंधा जिले के बड़े अधिकारियों की निगरानी में चल रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>पेरोल के नाम पर रामजीत शास्त्री पर आखिर क्यों की गई कार्यवाही </strong></div>
<div>जो ऊपर के अधिकारियों को हिस्सा नहीं पहुचाएगा उसपर बिना सवाल जवाब के सीधे होगी कार्यवाही,बाकी जो बृजेश सिंह की तरह जिले पर हिस्सा पहुंचाएगा उससे स्पष्टीकरण मांग कर छोड़ दिया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 19:20:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर कब तक सीवर में दम तोड़ते रहेंगे सफाईकर्मी? </title>
                                    <description><![CDATA[<div>देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सीवर में उतर कर सफाई करने वाले मजदूरों की दम घुटकर मौत की खबरें आज भी आती रहती हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस दौर में बड़े और भारी कामों के लिए अत्याधुनिक तकनीक से तैयार मशीनों का सहारा लिया जाने लगा है, वहीं सीवर सफाई जैसे काम आज भी कई जगह पर हाथ से कराए जाते हैं। सीवर में सफाई के दौरान सफाई कर्मियों की मौत निःसंदेह सरकार और समाज के माथे पर कलंक हैं। कोलकाता लेदर कॉम्प्लेक्स इलाके में हाइड्रेन की सफाई करते समय रविवार को तीन कर्मचारियों की मौत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148218/after-all-how-long-will-the-sweepers-continue-to-die"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(12).jpg" alt=""></a><br /><div>देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सीवर में उतर कर सफाई करने वाले मजदूरों की दम घुटकर मौत की खबरें आज भी आती रहती हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस दौर में बड़े और भारी कामों के लिए अत्याधुनिक तकनीक से तैयार मशीनों का सहारा लिया जाने लगा है, वहीं सीवर सफाई जैसे काम आज भी कई जगह पर हाथ से कराए जाते हैं। सीवर में सफाई के दौरान सफाई कर्मियों की मौत निःसंदेह सरकार और समाज के माथे पर कलंक हैं। कोलकाता लेदर कॉम्प्लेक्स इलाके में हाइड्रेन की सफाई करते समय रविवार को तीन कर्मचारियों की मौत हो गई है। </div><div><br /></div><div>मुर्शिदाबाद के रहने वाले अस्थायी सफाई कर्मी सेक्टर-6 औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में रासायनिक अपशिष्ट की सफाई कर रहे थे और जानकारी अनुसार पाइप लाइन फटने के कारण तीनों सफाई कर्मचारी मैनहोल में गिरे, जो 10 फीट गहरा था। उन्हें अपशिष्ट द्रव में डूबने से बचाने के लिए तत्काल प्रयास किए गए, लेकिन चार घंटे बाद जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब वे मृत पाए गए। प्रारंभिक अनुमान है कि मौत का कारण चमड़े की तीखी गंध से होने वाली वासन समस्याएं थी।</div><div><br /></div><div>मई 2024 मे  यूपी के चंदौली जिले  में सेप्टिक टैंक में सफाई करने के दौरान विषैली गैस से चार लोगों की मौत हो गई. मृतकों में मकान मालिक का बेटा भी शामिल है. आनन-फानन में सूचना पुलिस को दी गई. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को टैंक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया9  मई 2024 को नोएडा की एक फैक्ट्री में सीवर सफाई करते दो युवकों की मौत हो गई। </div><div><br /></div><div>अक्टूबर 2024 मे सीकर जिले के फतेहपुर इलाके के सरदारपुर मे सीवर की सफाई करते तीन मजदूरो की मौत हो गई। 9 अक्टूबर को साउथ दिल्ली में एक सीवर की सफाई करते दो युवकों की मौत हो गई। यह तो सिर्फ बानगी है दरअसल सीवर सफाई के दौरान बड़ी तादाद में मौत हो रही है सरकार ने काफी पहले लोकसभा को बताया कि वर्ष 2017 के बाद से 2022तक पिछले करीब पांच वर्ष में सीवर एवं सेप्टिक टैंक की जोखिमपूर्ण सफाई करने के दौरान 400 लोगों की मौत हुई। </div><div><br /></div><div>लोकसभा में दानिश अली के प्रश्न के लिखित उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने यह जानकारी दी थी। अठावले द्वारा निचले सदन में पेश आंकड़ों के अनुसार, सीवर एवं सेप्टिक टैंक की जोखिमपूर्ण सफाई करने के दौरान वर्ष 2017 में 100 लोगों, वर्ष 2018 में 67 लोगों, 2019 में 117 लोगों, 2020 में 19 लोगों, 2021 में 49 लोगों और 2022 में 48 लोगों की मौत हुई।इसके बाद भी सिलसिला जारी है।</div><div><br /></div><div>देश की राजधानी दिल्ली समेत छह महानगरों में सीवर की मैनुअल सफाई को पूरी तरह से बंद करने का आदेश दिया है। अदालत ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में हाथ से मैला ढोने और मैनुअल सीवर सफाई पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने इन छह महानगरों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को 13 फरवरी तक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है और 19 फरवरी को मामले की अगली सुनवाई करने के लिए कहा है। </div><div><br /></div><div>दरअसल पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और अन्य संबंधित हितधारकों को निर्देश दिया था कि वे समन्वय स्थापित करें और यह जानकारी दें कि मैनुअल स्कैवेंजिंग और मैनुअल सीवर सफाई पर कहां और किस हद तक प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्र सरकार द्वारा दायर एक हलफनामे के अनुसार देश के 775 जिलों में से 456 जिलों में न तो मैनुअल स्कैवेंजिंग की जाती है और न ही हाथ से मैला उठाया जाता है। </div><div><br /></div><div>अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करने के बाद अदालत ने यह साफ किया कि कम से कम महानगरों में इस तरह की सफाई व्यवस्था पूरी तरह समाप्त होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 10 अक्टूबर 2023 के आदेश का मुख्य उद्देश्य यही था। अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि देश में हाथ से मैला ढोने की प्रथा पूरी तरह समाप्त हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारें इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं और उन्हें मैनुअल सफाई को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। </div><div><br /></div><div>दरअसल मैनुअल स्कैवेजिंग एक्ट 2013 के तहत देश में सीवर सफाई के लिए किसी भी व्यक्ति को सीवर में उतारना पूरी तरह से गैर कानूनी है, लेकिन अफसोस की बात ये है यह रुक नहीं रहा है। सीवर सफाई के दौरान मरने वालों में यूपी नम्बर वन पर है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की संस्था राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2019 में सीवर की सफाई के दौरान 110 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 2018 में 68 और 2017 में 193 मजदूरों की सफाई के दौरान मौत हो गई थी।</div><div><br /></div><div> आज इक्कीसवीं सदी में सीवर में सेप्टिक टैंकों के हो या औद्योगिक, मजदूरों को उतारना पूरी तरह से गलत है। देश में पिछले कई वर्षों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान चल रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि इन गटर सीवर सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए मशीनों का प्रावधान क्यों नहीं है? बड़ा सवाल है। देश के संविधान के अनुसार देश के हर नागरिक के समान अधिकार हैं। समान महत्व है। देश की सीमा पर देश की सुरक्षा पर कोई जवान या सैनिक दुश्मन से लड़ते हुए मारा जाता है तो उसे शहीद का दर्जा दिया जाता है। </div><div><br /></div><div>वहीं हमें बीमारियों से बचाने के लिए हमारी गंदगी सफाई करने वाला सफाई कर्मचारी खुद गंदगीजनित बीमारियों से मारा जाता है। हैरानी की बात यह है कि जिस दौर में बड़े और भारी कामों के लिए अत्याधुनिक तकनीक से तैयार मशीनों का सहारा लिया जाने लगा है, वहीं सीवर सफाई जैसे काम आज भी कई जगह पर हाथ से कराए जाते हैं।</div><div><br /></div><div> विकल्प के अभाव में इस काम को करने वाले लोगों के प्रति सामाजिक व्यवहार कोई छिपा तथ्य नहीं है। उम्मीद है कि कोलकाता में हुई मौतों को प्रशासन गंभीरता से लेगा और दोषी लोगों को कड़ी सजा देगी। साथ ही उम्मीद की जानी चाहिए कि इस घटना से पूरे देश में सबक लिया जायेगा, ताकि फिर से सीवर में किसी गरीब मजदूर की मौत न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 17:41:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दबंगों ने सफाईकर्मी को मार पीट कर रूपया छीना पुलिस उच्चाधिकारियों से लगाया न्याय की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले मे अपराधो की बाढ़ आ गई नही है अपराधियों का पुलिस का खौफ कहीं हत्या कहीं चोरी तो कहीं दबंग के कर से पीड़ित सफाई कर्मी पुलिस कर्मियों को अपना बखरा लेने में फुर्सत नहीं है अपराधियों पर शिकंजा कैसे कसा जाए ताजा मामला छावनी थाना क्षेत्र के पूरे चेतन निवासी सफाईकर्मी अशोक निषाद को दबंगों ने मारा पीटा और एक हजार रूपया छीन लिया। अशोक निषाद ने पुलिस अधीक्षक, डी.आई.जी. समेत अन्य सम्बंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराकर अपने परिवार और खुद के जान की रक्षा की गुहार लगाया है।</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145906/the-bullies-beat-up-the-sweeper-and-snatched-the-money"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241102-wa0079.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले मे अपराधो की बाढ़ आ गई नही है अपराधियों का पुलिस का खौफ कहीं हत्या कहीं चोरी तो कहीं दबंग के कर से पीड़ित सफाई कर्मी पुलिस कर्मियों को अपना बखरा लेने में फुर्सत नहीं है अपराधियों पर शिकंजा कैसे कसा जाए ताजा मामला छावनी थाना क्षेत्र के पूरे चेतन निवासी सफाईकर्मी अशोक निषाद को दबंगों ने मारा पीटा और एक हजार रूपया छीन लिया। अशोक निषाद ने पुलिस अधीक्षक, डी.आई.जी. समेत अन्य सम्बंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराकर अपने परिवार और खुद के जान की रक्षा की गुहार लगाया है।</div>
<div> </div>
<div>भेजे पत्र में अशोक निषाद ने कहा है कि वह रजवापुर थाना परशुरामपुर में तैनात है। गत 25 अक्टूबर को वह विक्रमजोत बाजार में मेडिकल स्टोर से दवा लेकर अपनी मौसी के घर ग्राम कल्याणपुर (पड़ाव) थाना छावनी के घर जा रहा था उसकी मौसी बीमार चल रही थी, रास्ते में उनके घर से थोड़ी दूर पर संत कुमार उर्फ संतू सिंह, सुनील सिंह, संजीत सिंह पुत्रगण कमला सिंह निवासीगण विक्रमजोत, नीलेन्द्र अग्रहरि पुत्र रामकुमार निवासी कवलपुर रास्ते में खड़े थे, उसे देखकर रोका और संतू सिंह ने गाली दिया चारो लोगो ने उसे पकड़ लिया और तलाशी लेकर पैसा मांगने लगे ।</div>
<div> </div>
<div>उससे एक हजार रूपया जबरदस्ती छीन लिया और उन लोगो ने बहुत मारा-पीटा जिससे उसके बांए हाथ की कोहनी टूट गई तथा पैर भी टूट गया लाठी, डण्डे, हॉकी और चाकू से चारो से उसे बुरी तरह से मारा है। उसने 112 नम्बर डायल किया गया एम्बुलेन्स आई और उसकी गंभीर हालत देखकर उसे श्रीराम अस्पताल अयोध्या भेजा गया, जहाँ उसके चोटो की पट्टी (प्लास्टर) हुई और दवाई दी गई। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सफाईकर्मी अशोक निषाद ने थाना छावनी पर न्याय पाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं किया। उसने मांग किया है कि दोषियों के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराकर उसे न्याय दिलाया जाय।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Nov 2024 16:47:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वतंत्र प्रभात अखबार में छपी खबर तो जिम्मेदारों ने लिया संज्ञान,सफाईकर्मी को किया निर्देशित</title>
                                    <description><![CDATA[जिम्मेदारों का आदेश सफाईकर्मी के ठेंगे पर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145797/when-the-news-was-published-in-swatantra-prabhat-newspaper-those"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241027-wa0364.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सफाईकर्मी ने जिम्मेदारों के निर्देश पर किया सिर्फ खानापूर्ति</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>माल, लखनऊ। </strong>स्वच्छ भारत अभियान पर केंद्र सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सफाई कर्मी अभियान में पलीता लगा रहे हैं। वे नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे गांवों में गंदगी का अंबार लगा है।नालियां चोक हैं। जब स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत हुई तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने झाड़ू लेकर सफाई अभियान चलाया। समय गुजरने के बाद इस अभियान की गति सुस्त हो गई है।माल विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुड़ियारा के महिमा खेड़ा गांव में सफाई के लिए रखे गए सफाई कर्मी अपनी ड्यूटी को लेकर गंभीर नहीं थे।</div>
<div> </div>
<div>और गांव में नियमित सफाई के लिए नहीं पहुंच थे। आए दिन ग्रामीण इनकी शिकायतें ब्लॉक पर करते थे।सफाई कर्मियों के नहीं पहुंचने पर गांव में नालियां चोक थी।पानी सड़कों पर बह रहा था।जिसके संबंध में रविवार के अंक में आपके अपने लोकप्रिय "स्वतंत्र प्रभात" अखबार ने "गांवों में नहीं पहुंच रहे सफाईकर्मी,लगा गंदगी का अंबार" शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था।खबर प्रकाशित होने के बाद कुम्भकरणीय नींद से जागे जिम्मेदार सफाईकर्मी को निर्देशित किया।लेकिन सफाईकर्मी ने सफाई तो कि परन्तु खानापूर्ति के लिए नालियों में अभी भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 16:13:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>स्कूलों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, सफाईकर्मी नदारद</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>महराजगंज।</strong> नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के सफाईकर्मियों के लापरवाही से परिषदीय स्कूलों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। स्कूलों में सफाई नहीं होने से नौनिहालों व अध्यापकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तमाम विद्यालय के प्रधानाचार्यों द्वारा सफाईकर्मी के नहीं आने की शिकायत ब्लाक के अधिकारियों से की गई है लेकिन सफाई कर्मचारी अधिकारियों की भी एक नहीं सुन रहे हैं जिससे स्कूल व स्कूल में स्थित शौचालयों की स्थिति बद से बद्तर हो चुका है। ऐसे में विद्यालय के नौनिहालों व अध्यापकों को शौच के लिए खुले में जाना पड़ रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>जानकारी के मुताबिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143888/cleaning-system-in-schools-collapsed-sweepers-missing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/पहला1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>महराजगंज।</strong> नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के सफाईकर्मियों के लापरवाही से परिषदीय स्कूलों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। स्कूलों में सफाई नहीं होने से नौनिहालों व अध्यापकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तमाम विद्यालय के प्रधानाचार्यों द्वारा सफाईकर्मी के नहीं आने की शिकायत ब्लाक के अधिकारियों से की गई है लेकिन सफाई कर्मचारी अधिकारियों की भी एक नहीं सुन रहे हैं जिससे स्कूल व स्कूल में स्थित शौचालयों की स्थिति बद से बद्तर हो चुका है। ऐसे में विद्यालय के नौनिहालों व अध्यापकों को शौच के लिए खुले में जाना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>जानकारी के मुताबिक नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़ौली, परसामलिक, सगरहवा, सेखुआनी, रेहरा, निपनिया, ब्रह्मस्थान, झिंगटी, कोहरगड्डी, गनेशपुर (ब), शिवपूरी स्थित परिषदीय विद्यालय में जिम्मेदारों के उदासीनता के कारण सफाईकर्मी विद्यालय की सफाई नहीं कर रहा है जिससे स्कूल में जगह-जगह कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है तथा विद्यालय में स्थित शौचालय भी गंदगी से पटा पड़ा है। विद्यालय की सफाई नहीं होने से नौनिहालों को कूड़ा-कचरे से होकर गुजरना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>जिससे नौनिहालों व अध्यापकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सफाईकर्मियों के इस लापरवाही से उक्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान भी खासा परेशान हैं। लेकिन सफाईकर्मियों को ब्लाक के उच्चाधिकारियों के आदेश का भी कोई असर नहीं पड़ रहा है। इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी डॉ अमित कुमार मिश्र ने बताया कि सभी सफाईकर्मियों को नियमित सफाई करने के लिए निर्देश दिया गया है, अगर सफाईकर्मी ड्यूटी करने में लापरवाही करते हैं तो ऐसे सफाईकर्मियों पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Aug 2024 17:27:07 +0530</pubDate>
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