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                <title>सवाल - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>सवाल RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकार के आदेश का खुलेआम  किया जा रहा है उल्लंघन। </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>हलिया मीरजापुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रवीण तिवारी</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मीरजापुर।प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर उठा सवाल  अभी एक बच्चे के लिए 2725 की किताबें खरीदी गई सोचने वाली बात है कि एक गरीब परिवार अपने बच्चों को कैसे पढ़ाएगा। सवाल यह है कि हलिया ड्रमंडगंज क्षेत्र मे  चल रही प्राइवेट विद्यालयों में। अपनी मनमानी कर रहे हैं जब साफ निर्देश है कि केवल एनसीईआरटी की किताबे ही चलेगी और फीस भी निर्धारित सीमा में होगी</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तो फिर यह लूट क्यों जो की एनसीईआरटी की बुक जो 45 रुपए से ₹60 में मिलती है वही बुक प्राइवेट विद्यालय में ₹300 से लेकर 400 तक बेची जाती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178566/government-orders-are-being-openly-violated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260508-wa00841.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>हलिया मीरजापुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रवीण तिवारी</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीरजापुर।प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर उठा सवाल  अभी एक बच्चे के लिए 2725 की किताबें खरीदी गई सोचने वाली बात है कि एक गरीब परिवार अपने बच्चों को कैसे पढ़ाएगा। सवाल यह है कि हलिया ड्रमंडगंज क्षेत्र मे  चल रही प्राइवेट विद्यालयों में। अपनी मनमानी कर रहे हैं जब साफ निर्देश है कि केवल एनसीईआरटी की किताबे ही चलेगी और फीस भी निर्धारित सीमा में होगी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो फिर यह लूट क्यों जो की एनसीईआरटी की बुक जो 45 रुपए से ₹60 में मिलती है वही बुक प्राइवेट विद्यालय में ₹300 से लेकर 400 तक बेची जाती है यह एक प्रकार की लूट है और इस पर अभिभावक भी नहीं सवाल उठाते क्या प्रशासन पर कार्रवाई करेगा या मुंह मोड़ लेगा क्या गरीब बच्चों का पढ़ने का अधिकार सिर्फ कागजों में ही रहेगा यहां तक की अभिभावक प्राइवेट विद्यालयों से दबे कुचले हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विद्यालय में उनके बच्चे पढ़ रहे हैं जो विद्यालय से निर्देश दिया जाता है वह अभिभावक कर्ज़ ले या कुछ गिरवी रखें लेकिन बच्चों के पढ़ाई में किसी भी प्रकार का बर्ताव नहीं करते हैं। ऐसे अभिभावकों का प्राइवेट विद्यालयों के द्वारा शोषण किया जा रहा है। जबकि शासन का सीधा निर्देश है कि विद्यालय में एनसीईआरटी की किताबें चलाई जाए जिससे बच्चों के गार्जियनों के ऊपर किसी भी प्रकार का दबाव न पड़े। लेकिन फिर भी विद्यालय के द्वारा एनसीईआरटी की किताब ना चला कर अभी भी प्राइवेट किताबें बच्चों को दी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे अभिभावकों के ऊपर तमाम प्रकार का दबाव बढ़ता जा रहा है  ग्रामीणों का शासन से मांग है कि जो शासन का मनसा है उसी के हिसाब से विद्यालयों में बुक चलाया जाए जिससे गार्जियन बच्चों को कर्ज लेकर न पढ़ सके अपने सीमा तक उनकी पढ़ाई करवाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 17:49:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mirzapur Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साक्ष्य में  दोषी वार्डेन तो कार्यवाही में देर क्यो ? , अगर  वायरल  बीडीओ में घायल हुई छात्राएं तो बिभाग  क्यो नही दर्ज कराया मुकदमा ,सवाल !</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ब्यूरो/शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी</strong></p>
<p>  खजनी /गोरखपुर। खजनी क्षेत्र के उसवा बाबू मे स्थित कस्तूरबा गाँधी आवासीय  वालिका विद्यालय के छात्रावास में  वार्डेन द्वारा छात्राओं के साथ जो अमानवीय हृदय विदारक घटना कारित किया गया, आम जनता को भयभीत कर रही है कि अपने बच्चियो को ऐसे शिक्षण सस्थांन मे कैसे भेजे जहाँ छात्रावास में बच्चियों पर डण्डे बरसाये गये और अबतक दोषी वार्डेन के बिरुद्ध कार्यवाही को कौन कहे प्राथमिकी तक दर्ज नही कराई गयी । प्रताड़ना का वीडियो वायरल हुआ विभाग के जिम्मेदार किसी निजी अस्पताल में इलाज करवा कर अपनी कार्यवाही की खाना पूर्ति कर लिए , जबकि</p>
<p>वही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143862/the-warden-is-guilty-in-the-evidence-so-why-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/img-20240805-wa0092.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो/शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी</strong></p>
<p> खजनी /गोरखपुर। खजनी क्षेत्र के उसवा बाबू मे स्थित कस्तूरबा गाँधी आवासीय  वालिका विद्यालय के छात्रावास में  वार्डेन द्वारा छात्राओं के साथ जो अमानवीय हृदय विदारक घटना कारित किया गया, आम जनता को भयभीत कर रही है कि अपने बच्चियो को ऐसे शिक्षण सस्थांन मे कैसे भेजे जहाँ छात्रावास में बच्चियों पर डण्डे बरसाये गये और अबतक दोषी वार्डेन के बिरुद्ध कार्यवाही को कौन कहे प्राथमिकी तक दर्ज नही कराई गयी । प्रताड़ना का वीडियो वायरल हुआ विभाग के जिम्मेदार किसी निजी अस्पताल में इलाज करवा कर अपनी कार्यवाही की खाना पूर्ति कर लिए , जबकि वही  बगल में सीएचसी है , सरकारी अस्पतालों में इलाज नही हुआ जिससे बच्चियों के चोट का पुष्ट  प्रमाण हो ,कही न कही बिभाग वार्डेन को बचाने का प्रयास कर रहा है ,जिससे वार्डेन को कोर्ट से राहल मिल सके , मामले को लेकर विभागीय लापरवाही देख क्षेत्र के प्रबुद्ध बर्ग में जोरो की चर्चा है। आखिर इतनी बड़ी घटना के  प्रमाण मिलने के बाद भी बिभाग आज तक वार्डेन के ऊपर कोई मुकदमा दर्ज क्यो नही कराया । घायल  छात्राओं को निजी  अस्पताली में क्यो भेजा गया ,जो गम्भीर प्रश्न खड़ा हो रहा है ।</p>
<p>वही कुछ  प्रबुद्ध  लोगो  द्वारा दबे जुबान बताया गया ,बिभाग के स्थानीय अधिकारियों की साजिश  से बच्चियों का निजी अस्पताल से इलाज कराना जबकि उनकी निगरानी करनै की जिम्मेदारी है ,वह अबतक क्या कर रहे थे ।कभी विद्यालय मे जाकर छात्राओं से पूछताछ या जाँच किये ताकि लम्बे समय से चल रहे खेल का पता चल सके इस भ्रष्टाचार मे स्थानीय अधिकारी भी लिप्त है ,<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-08/img-20240805-wa0147.jpg" alt="IMG-20240805-WA0147" width="554" height="570"></img>वार्डेन को बचाने का  बाईपास मार्ग है ,जिससे वार्डेन कोर्ट के सहारे  पुनः वापस आ सकती है । क्योंकि बच्चियों के डाक्टरी परीक्षण न होना प्रश्न चिन्ह है । <br />बहरहाल बिभाग क्या गुल खिलाता है आने वाला समय तय करेगा। लेकिन  प्रमाणित विडिओ एवं जांच में पुष्ट साक्ष्य वार्डेन अर्चना पांडेय  के खिलाफ  है तो कार्यवाही में इतनी देर क्यो ?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 21:11:47 +0530</pubDate>
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