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                <title>kavi sammelan - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>kavi sammelan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>होली मिलन समारोह में कवियों ने जमाया रंग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  राष्ट्रीय प्रतिभा विकास मंच व यमुनापार विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से शमां बांध दिया। रविवार को देवरी गांव में आयोजित देर शाम तक चलने वाले कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अमरनाथ सिंह ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि क्षेत्रीय पार्षद राजा भारतीया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में यमुनापार विकास समिति के संयोजक गजेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जगदम्बा प्रसाद शुक्ल ने किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ आयोजक रामनाथ त्रिपाठी रसिकेश की सरस्वती वंदना कर में वीणा लिए मातु आ जाइये से हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ सबरेज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173390/poets-add-color-to-holi-milan-ceremony"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260316-wa0143.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> राष्ट्रीय प्रतिभा विकास मंच व यमुनापार विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से शमां बांध दिया। रविवार को देवरी गांव में आयोजित देर शाम तक चलने वाले कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अमरनाथ सिंह ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि क्षेत्रीय पार्षद राजा भारतीया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में यमुनापार विकास समिति के संयोजक गजेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जगदम्बा प्रसाद शुक्ल ने किया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ आयोजक रामनाथ त्रिपाठी रसिकेश की सरस्वती वंदना कर में वीणा लिए मातु आ जाइये से हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ सबरेज अहमद की कविता घुल जाए रंग में प्यार तो समझो होली है तथा डॉ राजेंद्र शुक्ल की रचना खुश होकर गले मिलिए रोली लगाइये खूब सराही गई।संचालन कर रहे जगदम्बा शुक्ल की रचना सोने की चिड़िया के पंख न काटो तुम, देशद्रोहियों के तलवे मत चाटो तुम के बाद डॉ अमरनाथ सिंह, बेचनलाल विनोदी व अशर्फीलाल पटेल ने भी अपनी रचनायें प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को पार्षद राजा भारतीया और गजेंद्र प्रताप सिंह ने संबोधित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभी कवियों को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में भगवती प्रसाद तिवारी,कृष्णकुमार त्रिपाठी, गुरु प्रसाद, अनुराग त्रिपाठी,बैजनाथ शर्मा, अरुण पाण्डेय, बबलू, सहित क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 21:03:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम अलोइया में कवि सम्मेलन : कविता और समाज का अद्भुत संगम</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सिधौली सीतापुर</strong></div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम अलोइया नव वेलफेयर सेवा समिति के बैनर तले आयोजित कवि सम्मेलन एक ऐसा साहित्यिक उत्सव बन गया, जिसने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों—सभी को कविता की शक्ति से भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय अवधी पत्रिका “भाखा” के उप संपादक चंद्रशेखर प्रजापति जी ने किया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी शैली से पूरे समारोह को रोचक और जीवंत बनाए रखा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ कवि अनिल अनिकेत (हरदोई) ने अपनी पंक्तियों “उल्टी-सीधी जो कोई बकता है, स्वाद अपने किये का चखता है...” सुनाकर जीवन के सत्य और वक़्त के न्याय का संदेश दिया। कवि रोहित विश्वकर्मा ने अपनी हृदयस्पर्शी कविता “मुसीबत में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156064/kavi-sammelan-poetry-and-amazing-sangam-of-society-in-village"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/hindi-divas.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सिधौली सीतापुर</strong></div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम अलोइया नव वेलफेयर सेवा समिति के बैनर तले आयोजित कवि सम्मेलन एक ऐसा साहित्यिक उत्सव बन गया, जिसने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों—सभी को कविता की शक्ति से भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय अवधी पत्रिका “भाखा” के उप संपादक चंद्रशेखर प्रजापति जी ने किया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी शैली से पूरे समारोह को रोचक और जीवंत बनाए रखा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ कवि अनिल अनिकेत (हरदोई) ने अपनी पंक्तियों “उल्टी-सीधी जो कोई बकता है, स्वाद अपने किये का चखता है...” सुनाकर जीवन के सत्य और वक़्त के न्याय का संदेश दिया। कवि रोहित विश्वकर्मा ने अपनी हृदयस्पर्शी कविता “मुसीबत में मेरी माँ की दुआ ही काम आई है...” प्रस्तुत कर मातृशक्ति के महत्व और जीवन में संघर्ष के वास्तविक सहारे को रेखांकित किया। पिंकी अरविन्द प्रजापति ने “बेटों जैसे बेटी भी जब मन में हमदर्जा होगी...” जैसी पंक्तियों के माध्यम से समाज में बेटियों की बराबरी और महिला सशक्तिकरण की गूंज पैदा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरविन्द कुमार प्रजापति ने पति-पत्नी के संबंधों पर गंभीर और मार्मिक वक्तव्य देकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं इस कवि सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कविता केवल मंच पर ही नहीं रही, बल्कि गांव के हर श्रोता के हृदय तक पहुँची। बच्चे कविता सुनकर प्रेरित हुए, युवाओं ने साहित्यिक चेतना को अपनाया और बुजुर्गों ने जीवन के अनुभवों को कविताओं से जोड़ते हुए सराहा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 17:46:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर आयोजित कवि सम्मेलन में शायरों ने उन्हें किया नमन</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्गम इलाकों से निकल कर डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने सपनों को किया था साकार : राकेश श्रीवास्तव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143603/poets-paid-tribute-to-bharat-ratna-dr-apj-abdul-kalam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/2--,,,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>गोरखपुर। </strong>पूर्वांचल कम्प्यूटर एजुकेशन बक्शीपुर सेन्टर पर मिसाइलमैन, पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डा.एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर कवि सम्मेलन एवं शेरी नशिस्त का आयोजन प्रबंधक जावेद अंसारी की उपस्थिति में मनाया गया।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री रामचेत चौधरी थे। विशिष्ट अतिथि भोजपुरी एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, रईस अहमद चुन्नू, कैश अंसारी, मुर्तजा हुसैन रहमानी, आफताब अहमद मुन्ना, अमीरून निशा स्वीटी थे। कार्यक्रम का संचालन कवि व शायर मिन्नत गोरखपुरी ने पढ़ा, जो एक शख्स था, वही अब्दुल कलाम था किया। सुनकर लोगों ने खूब तालियां बजाई </div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर कवियित्री आशियां सिद्दीकी ने पढ़ा,  कलम काप उठती हैं जब अब्दुल कलाम लिखती हूं </div>
<div>कलम की नोक कहती हैं मैं हिंदुस्तान लिखती हूं | गौतम गोरखपुरी ने पढ़ा, मोहब्बत लेकर निकला हूं जहां में </div>
<div>पिछली पहचान से बाहर आ गए एकता उपाध्याय ने पढ़ा, आवाज देने पर तो जमाना सुन लेता है,</div>
<div>जो खामोशी भी सुन ले वो मुहब्बत है! फुरकान फरहद गोरखपुरी ने पढ़ा, रुकावट आएगी लेकिन तुझे आगे ही चलना है अंधेरों से न घबराना दिया बनकर के जलना है | अरविंद यादव ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>इस मौके पर मुख्य अतिथि पद्मश्री रामचेत चौधरी ने कहा कि भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी काबिलियत से पूरी दुनिया में अपने कार्यों से भारत का नाम बुलंद किया। ऐसे महान शख्सियत को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि डा. एपीजे अब्दुल कलाम को नयी पीढ़ियों को प्रेरणा लेकर अपने कैरियर को लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने डा. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि दुर्गम इलाकों से निकल कर उन्होंने अपने सपनों को साकार किया था। उन्होंने कहा कि डा. एपीजे अब्दुल कलाम के संघर्षों को कभी भी भूलाया नहीं जा सकता है।</div>
<div>इस मौके पर सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए जावेद अंसारी ने कहा कि डा. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर विशेष रूप से उन्हें याद करना सभी भारतीयों का नैतिक अधिकार है।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर मुख्य रूप अभिषेक विश्वकर्मा, आशुतोष सिंह चौहान, साजदा, नितेश श्रीवास्तव, जितेन्द्र ओझा, खुशबू साहू, अलहम, सिद्धार्थ, विट्टू, हिना, प्रिंस, साहिल, स्वाति, नीतीश , सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 17:05:41 +0530</pubDate>
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