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                <title>District Hospital - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>District Hospital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वाल्टरगंज मे संदिग्ध परिस्थितियों मेंअधेड़ का शव मिला, जांच मे जुटी पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केवाल्टरगंज थाना क्षेत्र में रतनपुरा गांव के सिवान में गुरुवार सुबह एक अधेड़ व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया। मृतक की शिनाख्त रतनपुरा गांव निवासी 50 वर्षीय बाबूलाल पुत्र रामदीन के रूप में हुई। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रसारण और नेटवर्क समाचार</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात बाबूलाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हे जिला चिकित्सालय ले जाया गया था, जहां प्राथमिक इलाज के बाद वे रात करीब 12 बजे घर लौट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181479/dead-body-of-middle-aged-man-found-under-suspicious-circumstances"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0103.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केवाल्टरगंज थाना क्षेत्र में रतनपुरा गांव के सिवान में गुरुवार सुबह एक अधेड़ व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया। मृतक की शिनाख्त रतनपुरा गांव निवासी 50 वर्षीय बाबूलाल पुत्र रामदीन के रूप में हुई। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रसारण और नेटवर्क समाचार</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात बाबूलाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उन्हे जिला चिकित्सालय ले जाया गया था, जहां प्राथमिक इलाज के बाद वे रात करीब 12 बजे घर लौट आए थे। इसके बाद वह कब और कैसे घर से बाहर निकले, इस बारे में परिवार के किसी सदस्य को जानकारी नहीं है। गुरुवार सुबह उनका शव गांव के खेत में मिला। वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने पर मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:56:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला अस्पताल में 56 सुरक्षा कर्मियों की सेवाएं समाप्त, कर्मचारियों ने दी आत्मदाह की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर।</strong> स्वर्गीय अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल, जौनपुर में कार्यरत 56 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से हटाए जाने के बाद गहरा असंतोष व्याप्त है। यह निष्कासन प्रदेश के मुख्यमंत्री के उस आदेश के खिलाफ़ है, जिसमें कहा गया था कि किसी भी आउटसोर्सिंग कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। बावजूद इसके, अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया, जिससे उनमें आक्रोश फैल गया है।</div>
<div>  </div>
<div><strong>प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप</strong></div>
<div>बेदखल किए गए कर्मचारियों ने प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि वे वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अब</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150598/employees-ended-the-services-of-56-security-personnel-in-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/unnamed-(2)7.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर।</strong> स्वर्गीय अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल, जौनपुर में कार्यरत 56 सुरक्षा कर्मियों को नौकरी से हटाए जाने के बाद गहरा असंतोष व्याप्त है। यह निष्कासन प्रदेश के मुख्यमंत्री के उस आदेश के खिलाफ़ है, जिसमें कहा गया था कि किसी भी आउटसोर्सिंग कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। बावजूद इसके, अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया, जिससे उनमें आक्रोश फैल गया है।</div>
<div> </div>
<div><strong>प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप</strong></div>
<div>बेदखल किए गए कर्मचारियों ने प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि वे वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन अब अचानक उन्हें बेरोजगार कर दिया गया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा आश्वासन मिलने के बावजूद यह कार्रवाई उनके भविष्य को अंधकार में धकेलने जैसी है।</div>
<div> </div>
<div><strong>आत्मदाह की चेतावनी</strong></div>
<div>नौकरी से हटाए गए सुरक्षा कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें जल्द बहाल नहीं किया गया, तो वे जिला अस्पताल परिसर में सामूहिक आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे। इस चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।</div>
<div> </div>
<div><strong>सरकार और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल</strong></div>
<div>सुरक्षा कर्मचारियों की बहाली को लेकर अभी तक किसी सरकारी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने हस्तक्षेप नहीं किया है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और उन्हें तत्काल बहाल किया जाए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 12:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती जनपद में जरूरतमंदों को जिला अस्पताल में नहीं मिल रहा आवास , सदर नाजिर की मिलीभगत से अवैध लोग कर रहे निवास</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में जहां एक तरफ जहाँ शासन ने चिकित्सक सहित सभी पैरामेडिकल स्टाफ को तैनाती परिसर में रहना अनिवार्य कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ जनपद में जरूरत मंदों को जिम्मेदारों द्वारा आवास ही नहीं आवंटित किया जा रहा है उल्टे सदर नाजिर की मिलीभगत से जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवास पर अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है ।</div>
<div>  </div>
<div>प्राप्त समाचार के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवासों में अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है जो जिम्मेदारों की दुरभि संधि के चलते खाली नहीं कर रहे हैं । आवासों में अवैध</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148839/in-basti-district-the-needy-is-not-getting-the-accommodation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250220-wa0167.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में जहां एक तरफ जहाँ शासन ने चिकित्सक सहित सभी पैरामेडिकल स्टाफ को तैनाती परिसर में रहना अनिवार्य कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ जनपद में जरूरत मंदों को जिम्मेदारों द्वारा आवास ही नहीं आवंटित किया जा रहा है उल्टे सदर नाजिर की मिलीभगत से जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवास पर अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है ।</div>
<div> </div>
<div>प्राप्त समाचार के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवासों में अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है जो जिम्मेदारों की दुरभि संधि के चलते खाली नहीं कर रहे हैं । आवासों में अवैध कब्जेदारी के चलते जरूरत मंदों को आवास आवंटित नहीं हो पा रहे हैं जिसके चलते अनिवार्य स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं । आवासों में जहाँ एक ओर पूर्व में तैनात कर्मचारियों के सम्बन्धियों ने कब्जा जमाया हुआ है तो वहीं दूसरी ओर ऐसे भी कर्मचारियों ने आवासों में कब्जा किया हुआ है जिसकी तैनाती जिला अस्पताल में न होकर कहीं अन्य जगह पर है । जिम्मेदारों के मिलीभगत एवं उदासीन रवैए के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148839/in-basti-district-the-needy-is-not-getting-the-accommodation</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 18:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  जिला अस्पताल से मरीजों को रेफर करने कम आएगी ’नौबत’</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मथुरा।</strong> जिला चिकित्सालय से मरीजों को रेफर करनी अब कम ही नौबत आएगी। सीएमएस डा. मुकुंद बंसल ने बताया कि क्रिटिकल स्टेज में मरीज का जीवन बचाने के लिए यह समय गोल्डन आवर होते हैं, इस दौरान नजदीक और जल्द अच्छी उपचार व्यवस्था मिलने पर मरीज की जान बच सकती है। जिला चिकित्सालय में परिसर में 17 करोड़ की लागत से इन्फ्रास्ट्रेक्चर मिशन योजना के अंतर्गत 50 बेड के क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। काम बहुत तेजी से चल रहा है और अगले वर्ष में सेंटर जिला अस्पताल को मिलने की पूरी उम्मीद है।</p>
<p>आग से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148573/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/12-uphmathura-01a.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा।</strong> जिला चिकित्सालय से मरीजों को रेफर करनी अब कम ही नौबत आएगी। सीएमएस डा. मुकुंद बंसल ने बताया कि क्रिटिकल स्टेज में मरीज का जीवन बचाने के लिए यह समय गोल्डन आवर होते हैं, इस दौरान नजदीक और जल्द अच्छी उपचार व्यवस्था मिलने पर मरीज की जान बच सकती है। जिला चिकित्सालय में परिसर में 17 करोड़ की लागत से इन्फ्रास्ट्रेक्चर मिशन योजना के अंतर्गत 50 बेड के क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। काम बहुत तेजी से चल रहा है और अगले वर्ष में सेंटर जिला अस्पताल को मिलने की पूरी उम्मीद है।</p>
<p>आग से झुलसे और जले मरीजों के लिए अभी जिला अस्पताल में अलग से वार्ड है लेकिन सुविधाएं बेहद सीमित हैं, हार्ट अटैक और एक्सीडेंट के मरीजों को भी जल्द और अच्छा इलाज संभव होगा। जिला अस्पताल से मरीजों को हालत गंभीर बता कर रेफर करने की परंपरा सी बन गई है। रेफर किये जाने के बाद मरीज और तीमारदारों के सामने परेशानी खडी हो जाती है। ऐसे मामलों जब मरीज की हालत गंभीर है और उसे तत्काल क्रिटिकल केयर की आवश्यकता है।</p>
<p>इस स्थिति में जिला चिकित्सालय से रेफर की पर्ची मरीज के तीमारदारों को थमा दी जाती है। जिला चिकित्सालय से अधिकांश मामलों में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए मरीज को रेफर किया जाता है। इसके अलावा कुछ लोग मिन्नत कर जयपुर के एसएमएस के लिए भी रेफर करा ले जाते हैं। इस स्थिति में कई मरीजों की समय से सही इलाज नहीं मिलने के चलते मौत भी हो जाती है। सीएमएस का यह भी कहना है कि जिला चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी और जिला अस्पताल के पास मानव संसाधन भी अधिक होंगे। जिससे मरीजों को बेहतर और बेहत स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा सकेंगी। क्रिटिकल केयर सेंटर की लम्बे समय से मांग चल रही थी जो अब पूरी होने जा रही है। बर्न, एक्सीडेंटल और हार्ट अटैक के मरीजों के उपचार में सहूलियत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148573/%C2%A0</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 18:35:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन विभागों के बीच फंसा जिला अस्पताल की जल निकासी की व्यवस्था; जल भराव से कर्मी, चिकित्सक और मरीज-तीमारदार साँसत झेलने को विवश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong> जिला अस्पताल में जल निकासी व्यवस्था के निस्तारण का पेंच तीन विभागों में फंस गया है। तीनों विभाग एक-दूसरे पर कार्य थोप रहे हैं। इससे कोई हल नहीं निकल रहा और तीनों विभागों के इस झगड़े में जलभराव की सांसत झेलने को यहां के कर्मी, चिकित्सक और मरीज-तीमारदार विवश हो रहे हैं। जिला अस्पताल के तीन गेट हैं।बता दें कि मुख्य प्रवेश द्वार नगर पालिका के सीमा क्षेत्र में है, जबकि द्वितीय और तृतीय गेट गांव पंचायत के सीमा में है। इस कारण सफाई से लेकर अन्य दिक्कतों को लेकर आए दिन स्वास्थ्य, नगर पालिका और गांव पंचायत में</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144408/the-drainage-system-of-the-district-hospital-stuck-between-three"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/img-20240901-wa0147.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong> जिला अस्पताल में जल निकासी व्यवस्था के निस्तारण का पेंच तीन विभागों में फंस गया है। तीनों विभाग एक-दूसरे पर कार्य थोप रहे हैं। इससे कोई हल नहीं निकल रहा और तीनों विभागों के इस झगड़े में जलभराव की सांसत झेलने को यहां के कर्मी, चिकित्सक और मरीज-तीमारदार विवश हो रहे हैं। जिला अस्पताल के तीन गेट हैं।बता दें कि मुख्य प्रवेश द्वार नगर पालिका के सीमा क्षेत्र में है, जबकि द्वितीय और तृतीय गेट गांव पंचायत के सीमा में है। इस कारण सफाई से लेकर अन्य दिक्कतों को लेकर आए दिन स्वास्थ्य, नगर पालिका और गांव पंचायत में मामला फंस जाता है।</div>
<div> </div>
<div>कई बार कूड़ा उठाने को लेकर भी मामला फंस चुका है।बता दें कि अब जिला अस्पताल के सामने नई मुसीबत जलभराव का है। बारिश होते ही गेट नंबर-दो और तीन के सामने और ओपीडी भवन के पास व पर्चा काउंटर, आयुष विंग विभाग के सामने घुटने भर पानी भर जाता है। इससे पर्चा काउंटर बंद करना पड़ता है। आयुष के मरीज इधर-उधर जाकर परामर्श लेते हैं। इससे संक्रमण भी फैलने का डर बना रहता है।</div>
<div> </div>
<div>बताया गया कि पानी निकास के लिए जो नाले बने हैं वह पट चुके हैं। सफाई नहीं होने से नाले का पानी और बारिश का पानी सीधे परिसर में आ जा रहा है। निकास की व्यवस्था नहीं है। जल निकासी व्यवस्था के लिए एसआईसी कई बार नगर पालिका को पत्राचार कर चुके हैं, बावजूद इसके अब तक उस पर कार्रवाई नहीं हुई</div>
<div>ईओ नगर पालिका का कहना है कि वह परिसर गांव पंचायत में है, ऐसे में सफाई व अन्य कार्य नहीं करवा सकते। वहीं गांव पंचायत भी इस कार्य से हाथ पीछे खींचे हुए है। स्वास्थ्य विभाग बजट का हवाला देकर मामला लटकाए हुए है।</div>
<div> </div>
<div>नगर पालिका को कई बार पत्र भेजकर नाली दुरुस्त कराते हुए जल निकासी व्यवस्था ठीक कराने के लिए अनुरोध किया गया है। अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ। जलभराव की समस्या से परेशानी हो रही है। नाली और बारिश का पानी परिसर में आ जाता है।</div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/144408/the-drainage-system-of-the-district-hospital-stuck-between-three</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 16:21:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>कोलकाता मामले में कैंडल जलाकर महिला और पुरुष डाक्टरों ने कहीं बड़ी बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या। </strong>पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अस्पताल में काम कर रही मेडिकल स्टूडेंट के साथ हुई दरिंदगी की घटना के अयोध्या के सभी डॉक्टरों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कैंडल जलाकर जमकर नारेबाजी की । आई एम के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे यह सारे डॉक्टर इंसाफ के नारे लग रहे थे । प्रदर्शन के बाद यह सभी लोग कैंडल हाथ में लेकर खड़े हो गए और बात करते हुए बड़े भावुक नजर आए । सुनिए अयोध्या के डाक्टर क्या कुछ कह रहे है और कितनी बड़ी बात कह रहे है। लेकिन इसके पहले यह भी जान लीजिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144069/male-and-female-doctors-said-a-big-thing-by-lighting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/img-20240816-wa0043.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या। </strong>पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अस्पताल में काम कर रही मेडिकल स्टूडेंट के साथ हुई दरिंदगी की घटना के अयोध्या के सभी डॉक्टरों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कैंडल जलाकर जमकर नारेबाजी की । आई एम के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे यह सारे डॉक्टर इंसाफ के नारे लग रहे थे । प्रदर्शन के बाद यह सभी लोग कैंडल हाथ में लेकर खड़े हो गए और बात करते हुए बड़े भावुक नजर आए । सुनिए अयोध्या के डाक्टर क्या कुछ कह रहे है और कितनी बड़ी बात कह रहे है। लेकिन इसके पहले यह भी जान लीजिए कि आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर के अयोध्या में भी चिकित्सा और मेडिकल स्टाफ काम पर नहीं रहेगा और हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध भी जताएगा । </p>
<p> <strong>डाक्टर मंजूषा पाण्डेय </strong>  वह काली रात 9 अगस्त की जिसमें सफेद रंग के अपरन को लाल कर दिया गया और एक 31 साल की महिला जैसा की डॉक्टर मंजूषा ने बताया कि जो इतनी इमेजिंग यंग और इतनी पढ़ने में होशियार थी वह टैलेंटेड थी जिसको एक के साथ इतने लोगों ने संघर्ष किया और उसकी मौत के घाट उतार दिया उसके पेल्विक गिर्डल्स तोड़ दिए उसकी आंखों को  जख्मी कर दिया उसके सारे बदन पर इतने सारे जख्म को जिसे देखकर आप परेशान हो जाएंगे अगर आप देखे तो आपकी रूह कांप जाति और यह सब बातें हमारे देश में दोबारा हुई है मैं सोचती थी कि निर्भया वाले केस में जब फांसी हो गई तो अब कोई हिम्मत नहीं करेगा रेप करने की लेकिन अब इतने लोगों ने मिलकर उसके साथ किया प्रशासन ने कोई सुना नहीं उसकी चीखें पुकार जरूर हुई होगी लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं था उसके मां-बाप का तड़पना देखकर दर्द होता है<br /><strong>डाक्टर सईदा रिजवी</strong>  बेरहमी से इतनी क्रूरता से एक पढ़ने वाली बच्ची का मर्डर करना और वह भी जो अपनी इमरजेंसी ड्यूटी में थी भाई मरीजों के लिए ही तो उसकी 36 घंटे की इमरजेंसी ड्यूटी थी एक तरफ आप यह कहते हैं की लड़की पढ़ाओ लड़की बचाओ और एक तरफ आप एक कन्या की इतनी निष्कर्ष हत्या करते हैं आप समझिए कि उसका इतने लोगों ने उसके साथ रेप किया क्या हम लोग की भी आजादी के पहले नहीं देखा अंग्रेजों का समय हमने नहीं देखा है क्या हम लोग जब बचपन में थे तब भी ऐसा था कि स्वतंत्र होने के बाद आज हम लोग का यह हाल है की हमारे देश में हमारी महिलाओं के लिए इज्जत के लिए महाभारत हो जाता था पूरी लंका नष्ट कर दी जाती थी और इस महिला के साथ जिसको हम दुर्गा काली लक्ष्मी करके पूजन करते हैं उसका इतना बुरा हसर होगा यह सच में बहुत ही नंदिनी है<br /> <strong>डाक्टर नानक सरन</strong> बिल्कुल हमारे चिकित्सा संवर्ग चाहे स्टाफ नर्स हो चाहे डॉक्टर हो चाहे फार्मासिस्ट चाहे वार्ड बाय सबके लिए बिल्कुल एकदम अलग नियम बनना चाहिए पूरे देश में जिससे कभी कोई ऐसी घटना घटे तो उनके ऊपर तुरंत कार्रवाई करके तुरंत निर्णय हो कोई डिले ना किया जाए और जल्दी-जल्दी निर्णय लिया जाए जब कोरोना आया तो हम सबसे आगे लड़े आज हमारी हालत है कि हमारी बहनों के साथ लड़कियों के साथ बलात्कार होता है ऐसा बलात्कार जो आप सुनकर कल्पना नहीं कर सकते हैं मर्डर भी हो जाता है और अभी तक उसमें ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे चिकित्सक वर्ग उसमें संतुष्ट हो सके ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Aug 2024 22:24:55 +0530</pubDate>
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                <title> जिलाधिकारी ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महा विद्यालय एवं जिला अस्पताल के निर्माण कार्यों को मौके पर जाकर निरीक्षण किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>फ़िरोज़ाबाद- </strong>जिलाधिकारी रमेश रंजन ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महा विद्यालय एवं जिला अस्पताल के निर्माण कार्यों को मौके पर जाकर निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के अंदर नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल का निर्माण कार्यदायी संस्था राज कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित कराया जा रहा है जो कि 3 माह पूर्व कार्य प्रारंभ किया गया था जिस पर कार्य की धीमी गति देखकर नाराजगी प्रकट करते हुए उन्होने 50 श्रमिक लगाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होने नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल के निर्माण में लगाए जा रहे मेटेरियल की जांच के निर्देश बनाई गई समिति को मौके पर ही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143562/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/29.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>फ़िरोज़ाबाद- </strong>जिलाधिकारी रमेश रंजन ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महा विद्यालय एवं जिला अस्पताल के निर्माण कार्यों को मौके पर जाकर निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के अंदर नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल का निर्माण कार्यदायी संस्था राज कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित कराया जा रहा है जो कि 3 माह पूर्व कार्य प्रारंभ किया गया था जिस पर कार्य की धीमी गति देखकर नाराजगी प्रकट करते हुए उन्होने 50 श्रमिक लगाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होने नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल के निर्माण में लगाए जा रहे मेटेरियल की जांच के निर्देश बनाई गई समिति को मौके पर ही दिए और जांच कर रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा। जिलाधिकारी को कार्यदायी संस्था द्वारा जून 2025 तक निर्माण कार्य को पूर्ण करना बताया गया।</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता के साथ जी प्लस थ्री भवन का निर्माण समय सीमा के अंतर्गत कराए वरना जुमाने के लिए तैयार रहे हैं। जिलाधिकारी ने मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय के निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को अक्टूबर 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अपने निरीक्षण के दौरान 200 बेड वाले नवनिर्मित अस्पताल में बिजली, पानी, रैम्प ट्यूबवेल, सेमिनार रूम, टैंक आदि मूलभूत सुविधाएं देखी। उन्होने उत्तर प्रदेश राज्यकीय निर्माण निगम कार्यदायी संस्था के द्वारा अस्पताल भवन का निर्माण कार्य को देखा और अस्पताल भवन में मरीजों को लाने व ले जाने के लिए लिफ्ट भी संचालित की गई है जिसके बारें में उन्होने कार्यदायी संस्था व एक्सईएन से गहनता से जानकारी ली।</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल भवन को गठित समिति के समक्ष हैण्ड ओवर करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को ऑक्सीजन सप्लाई सुचारू रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लम्बित निर्माण कार्य को एक वर्ष में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, प्रिंसिपल डॉ0 बलवीर सिंह, सीएमएस नवीन जैन सहित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jul 2024 16:05:09 +0530</pubDate>
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