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                <title>Kargil Vijay Diwas - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Kargil Vijay Diwas RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कारगिल विजय दिवस के पर आयोजित हुआ रक्तदान शिविर     </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>  कौशाम्बी।</strong> जनपद में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के प्रधानाचार्य डॉक्टर हरि ओम कुमार सिंह एवं जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला अधिकारी ने रक्तदान शिविर का फीता काट कर शुरूआत किया इस कार्यक्रम में रक्त केन्द्र में स्वैक्षिक रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया रक्त केंद्र में रक्त दाताओं संदीप कुमार,जितेंद्र पाण्डेय,रविन्द्र अग्रहरि,अतुल कुमार केसरवानी,अंकुश केसरवानी एवं शैलेंद्र कुमार सिंह ने रक्त दान किए आयोजन में डॉक्टर राम मनोहर कनौजिया,डॉक्टर सौरभ कृष्ण मिश्रा,मोती लाल सिंह, प्रवीण कुमार सिंह,अनिल कुमार यादव ,रमेश चन्द्र कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे।</div>
<div> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143563/blood-donation-camp-organized-on-kargil-vijay-diwas%C2%A0-%C2%A0-%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/hindi-divas89.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> कौशाम्बी।</strong> जनपद में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के प्रधानाचार्य डॉक्टर हरि ओम कुमार सिंह एवं जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुनील कुमार शुक्ला अधिकारी ने रक्तदान शिविर का फीता काट कर शुरूआत किया इस कार्यक्रम में रक्त केन्द्र में स्वैक्षिक रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया रक्त केंद्र में रक्त दाताओं संदीप कुमार,जितेंद्र पाण्डेय,रविन्द्र अग्रहरि,अतुल कुमार केसरवानी,अंकुश केसरवानी एवं शैलेंद्र कुमार सिंह ने रक्त दान किए आयोजन में डॉक्टर राम मनोहर कनौजिया,डॉक्टर सौरभ कृष्ण मिश्रा,मोती लाल सिंह, प्रवीण कुमार सिंह,अनिल कुमार यादव ,रमेश चन्द्र कुशवाहा आदि लोग उपस्थित रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jul 2024 16:08:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>“कारगिल विजय दिवस” की 25वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया गया </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>मीरजापुर। </strong>शुक्रवार को नगर के जुबली इंटर कॉलेज प्रांगण में पाकिस्तान पर भारत की विजय – “कारगिल विजय दिवस” की 25वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया गया । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा जी उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ मिश्रा मोंटी ने किया । कारगिल विजय दिवस के पूर्व संध्या पर मशाल रैली का आयोजन कर वीर सपूतों को याद किया गया था जो कि घंटाघर से शहीद उद्यान तक रैली निकाला गया एवं विजय द्वीप प्रज्वलित किया गया । आज जुबली इंटर कॉलेज में सर्वप्रथम कारगिल</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143555/25th-anniversary-of-%E2%80%9Ckargil-vijay-diwas%E2%80%9D-observed-as%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/hindi-divas86.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>मीरजापुर। </strong>शुक्रवार को नगर के जुबली इंटर कॉलेज प्रांगण में पाकिस्तान पर भारत की विजय – “कारगिल विजय दिवस” की 25वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया गया । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा जी उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ मिश्रा मोंटी ने किया । कारगिल विजय दिवस के पूर्व संध्या पर मशाल रैली का आयोजन कर वीर सपूतों को याद किया गया था जो कि घंटाघर से शहीद उद्यान तक रैली निकाला गया एवं विजय द्वीप प्रज्वलित किया गया । आज जुबली इंटर कॉलेज में सर्वप्रथम कारगिल विजय दिवस से संबंधित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया एवं पूर्व सैनिक राजपति ओझा जी को सम्मानित किया गया ।</div>
<div> </div>
<div>तत्पश्चात् सभा में वीरों को नमन करते हुए मुख्य अतिथि पंडित रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित अटल बिहारी वाजपेई ने विश्व के अन्य देशों के दबाव को दरकिनार करते हुए पहले तो भारत को परमाणु संपन्न बनाया तदुपरांत जब पाकिस्तान ने छल से कारगिल सेक्टर पर अपनी पकड़ बना ली थी, तो वीरों में साहस भरा और अपनी तरफ से पूर्ण अधिकार देते हुए सैनिकों की सहायता से कारगिल के चोटी पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी । आज देश उन वीरों का ऋणी है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी ।</div>
<div> </div>
<div>जिलाध्यक्ष भाजयुमो सिद्धार्थ मिश्रा मोंटी जी ने कहा कि आज युवाओं को देशभक्ति की भावना को समझना चाहिए । राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को जानना चाहिए और भविष्य में राष्ट्रहित के लिए जो कर सके उसे शत प्रतिशत करने का प्रयास करना चाहिए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की उपस्थिति आज राष्ट्र को एक अलग मुकाम पर ले जा रही है उनके द्वारा हमारा देश उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है और हमारे देश की हर सीमा सुरक्षित हाथों में है । 1999 से आज का रक्षा बजट लगभग 12 गुना कर दिया गया है आधुनिक हथियार से हमारी भारतीय सेना लैस है ।</div>
<div> </div>
<div>विश्व के सारे आधुनिकतम हथियार भारतीय सेना के पास उपलब्ध हैं । हम युवाओं से यही आशा करते हैं कि वह भी आगे आएंगे और देश सेवा में अपना हाथ बटाएंगे । कार्यक्रम का संचालन पूर्व जिला मीडिया प्रभारी भाजयुमो संकल्प पाठक ने किया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष भाजपा विपुल सिंह, जिला महामंत्री भाजपा दिनेश वर्मा,जिला उपाध्यक्ष भाजयुमो उत्कर्ष पाण्डेय, जिलामंत्री भाजयुमो अभिनव प्रताप सिंह, जिला सोशल मीडिया प्रभारी भाजयुमो नवीन दूबे राहुल, ओम प्रकाश मौर्य, अमित मिश्रा, कमलेश मौर्य, दीपा ऊमर, शिवम् गुप्ता, प्रिंस अहमद, अश्वनी गुप्ता, सैफ, गौरव त्रिपाठी, अंशु मिश्रा, राहुल सिंह गहरवार के साथ सैकड़ों युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे । उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश दूबे ने दिया।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jul 2024 15:42:20 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कारगिल विजय दिवस पर अमर शहीदों के योगदान को किया गया याद </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कुशीनगर। </strong>  कारगिल विजय दिवस की स्मृति पर कुशीनगर स्थित सैनिक कल्याण व पुनर्वास कार्यालय में शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कारगिल में शहीद सैनिकों के अमर बलिदानों उनके योगदानों को याद किया गया। सैनिक कल्याण व पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर आलोक सक्सेना ने अवगत कराया है कि कार्यरक्रम में उपस्थित अधिकारीगण व पूर्व सैनिकों ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण भी किया। विंग कमांडर सक्सेना ने बताया कि आज देश के अमर सैनिकों के बलिदानों व महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उनके अद्भुत , अतुलनीय एवं सराहनीय योगदानों को संपूर्ण देश में याद किया</div>
<div> </div>
<div>उक्त</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143536/contribution-of-immortal-martyrs-remembered-on-kargil-vijay-diwas%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/फोटो-13.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कुशीनगर। </strong> कारगिल विजय दिवस की स्मृति पर कुशीनगर स्थित सैनिक कल्याण व पुनर्वास कार्यालय में शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कारगिल में शहीद सैनिकों के अमर बलिदानों उनके योगदानों को याद किया गया। सैनिक कल्याण व पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर आलोक सक्सेना ने अवगत कराया है कि कार्यरक्रम में उपस्थित अधिकारीगण व पूर्व सैनिकों ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण भी किया। विंग कमांडर सक्सेना ने बताया कि आज देश के अमर सैनिकों के बलिदानों व महत्वपूर्ण योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उनके अद्भुत , अतुलनीय एवं सराहनीय योगदानों को संपूर्ण देश में याद किया जा रहा है। भारतीय सेना के त्याग एवं बलिदानों पर पूरे देशवासियों को गर्व है। विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे देश के सेना ने डटकर दुश्मनों का सामना किया है। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय जवानों के अदम्य शौर्य और साहस का लोहा पूरी दुनिया ने माना है।देश के प्रति उनका जज्बा हमें और आने वाली पीढ़ियों को सदा मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।</div>
<div> </div>
<div>उक्त अवसर पर पूर्व सैनिक मेजर डा० ए०के० बरनवाल, कैप्टल लाल बहादुर त्रिपाठी, कैप्टन शमसुद्दीन अंसारी, कैप्टन आर०एस० पाण्डेय, अनिल सिंह, एवं अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित थे।उक्त बैठक का संचालन जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के देवेन्द्र नाथ गुप्त, वरिष्ट सहायक,  प्रभाकर नाथ तिवारी, कनिष्ठ सहायक एवं कार्यालय के समस्त कर्मचारियों के सहयोग से सम्पन्न हुआ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 16:51:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों को किया गया नमन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>चौपारण, हजारीबाग, झारखंड:-</strong>    हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस भारत की तारीख में एक काफी अहम दिन है। यह 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान मुल्क के लिए अपनी जान की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन देश की संप्रभुता की रक्षा करने वाले भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान करता है। इस साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ में शामिल होने के लिए 26 जुलाई को लद्दाख के द्रास जा रहे है। उक्त बातें आज कारगिल</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143532/tributes-paid-to-brave-soldiers-on-kargil-vijay-diwas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/hindi-divas85.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>चौपारण, हजारीबाग, झारखंड:-</strong>  हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस भारत की तारीख में एक काफी अहम दिन है। यह 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान मुल्क के लिए अपनी जान की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन देश की संप्रभुता की रक्षा करने वाले भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान करता है। इस साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ में शामिल होने के लिए 26 जुलाई को लद्दाख के द्रास जा रहे है। उक्त बातें आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भाजपा नेता मुकुंद साव ने प्रेस बयान जारी कर कहा।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कारगिल विजय दिवस का इतिहास पर चर्चा करते हुए बताया कि कारगिल विजय दिवस का इतिहास 1971 की शुरुआत में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश नाम से एक अलग देश बना इसके बाद भी दोनों देशों के बीच एक दूसरे के साथ टकराव जारी रहा।जिससे आसपास के पहाड़ी इलाकों पर सैन्य चौकिया तैनात करके सियाचिन ग्लेशियर पर हावी होने की लड़ाई भी शामिल थी। उन्होंने 1988 में अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण भी किया जिसके कारण दोनों देशों के बीच लंबे समय से दुश्मनी चलती रही।</div>
<div> </div>
<div>इसलिए शांति और स्थिरता बनाए रखनेऔर तनाव को हल करने के लिए फरवरी 1999 में लाहौर डिक्लेरेशन पर साइन करके कश्मीर मुद्दे का भी पक्ष शांतिपूर्ण समाधान की ओर कदम बढ़ाने की कसम खाई गई। पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने नापाक चाल चलते हुए कश्मीर और लद्दाख के बीच लिंक तोड़ने और अशांति पैदा करने के लिए उत्तरी कारगिल में नियंत्रण रेखा के अंदर भारतीय इलाके में घुसपैठ की और ऊंची पहाड़ियों की चोटियों पर कब्जा कर लिया। जब भारत को मई 1999 में घुसपैठ का पता चला तो भारतीय सेना को ऑपरेशन विजय शुरू करना पड़ा और कारगिल युद्ध हुआ।</div>
<div> </div>
<div>यह संघर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के कारगिल जिले और एलओसी पर मई से जुलाई 1999 तक चला।।करीब दो महीने तक दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भीषण युद्ध चला। ऑपरेशन विजय के तहत भारतीय सेना पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने में कामयाब रही और टाइगर हिलऔर दूसरे रणनीतिक ठिकानों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर लिया। 26 जुलाई 1999 को 3 महीने के संघर्ष के बाद भारतीय सैनिकों ने यह जीत हासिल की। युद्ध में भारत की जीत भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करने के लिए हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।  </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 16:37:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल में मनाया गया कारगिल विजय दिवस।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लालगंज रायबरेली:-</strong> कस्बे के शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी शिक्षण संस्थान एवम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित शिक्षण संस्थान न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल सुरेन्द्र सरस्वती नगर लालगंज में विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवांग अवस्थी ने शहीद जवानों के लिए  दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की ।  साथ ही साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं व बच्चों ने भी शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विवेकानंद हाउस हेड अराधना सिंह ने बताया कि यह कारगिल विजय दिवस का  25वाँ वर्ष है, जितना खुशी हमें जीत की है उससे कहीं ज्यादा दुःख भी है ।</div>
<div>  </div>
<div>इस युद्ध</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143520/kargil-vijay-diwas-celebrated-in-new-standard-public-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240726-wa0471.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज रायबरेली:-</strong> कस्बे के शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी शिक्षण संस्थान एवम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित शिक्षण संस्थान न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल सुरेन्द्र सरस्वती नगर लालगंज में विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवांग अवस्थी ने शहीद जवानों के लिए  दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की ।  साथ ही साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं व बच्चों ने भी शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विवेकानंद हाउस हेड अराधना सिंह ने बताया कि यह कारगिल विजय दिवस का  25वाँ वर्ष है, जितना खुशी हमें जीत की है उससे कहीं ज्यादा दुःख भी है ।</div>
<div> </div>
<div>इस युद्ध में हमारे देश के वीर योद्धाओं ने अपने प्राणों की बाजी लगा कर देश की रक्षा की, हिमांचल प्रदेश के राइफलमैन संजय कुमार के साथ कैप्टन विक्रम बत्रा ने युद्ध के दौरान  देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूति दे दी थी और साथ ही साथ लगभग 527 जवानों ने भी अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया था। उनका यह योगदान संपूर्ण राष्ट्र कभी नहीं भुला सकता ।अतुल्य शौर्य, साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले सेना के सभी जवानो को शत शत नमन।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम की अगली कड़ी में विद्यालय के बच्चों द्वारा सेना की वेशभूषा में दिया गया परिचय सराहनीय रहा। बच्चों ने शहीद जवानों की याद में गीत प्रस्तुत किया, जिसने सबकी आंखे नम कर दी। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन विवेकानंद हाउस के मेंबर्स ने मिलकर किया जो की सराहनीय रहा । उक्त कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक- शिक्षिकाएँ व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 16:02:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कारगिल विजय दिवस पर पुलिस आयुक्त ने पूर्व सैन्य कर्मियों से की मुलाकात </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>कानपुर।</strong> आज 26 के दिन को हम कारगिल विजय दिवस के रुप में मनाते हैं। आज के ही दिन हमारे जांबाज सैनिकों ने पाकिस्तान की कायर सेना को धूल चटाई थी और भारतीय ध्वज फहराया था। इस युद्ध में हमारे कई वीर जवानों में जान भी गंवाई थी।</div>
<div>  </div>
<div>कारगिल_विजय_दिवस के अवसर पर पुलिस आयुक्त  अखिल कुमार द्वारा अपने कार्यालय में रिटायर्ड सैन्य कर्मियों के साथ भेंट वार्ता की गई एवं कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों के बलिदान को याद किया गया।</div>
<div>  </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/20240726_1423021.jpg" alt="20240726_142302" width="1200" height="1059" /> इस अवसर पर रिटायर्ड सैन्य कर्मियों से उनके अनुभव पर भी चर्चा हुई रिटायर्ड सैन्य कर्मियों द्वारा</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143495/police-commissioner-met-former-military-personnel-on-kargil-vijay-diwas%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/20240726_142302.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div><strong>कानपुर।</strong> आज 26 के दिन को हम कारगिल विजय दिवस के रुप में मनाते हैं। आज के ही दिन हमारे जांबाज सैनिकों ने पाकिस्तान की कायर सेना को धूल चटाई थी और भारतीय ध्वज फहराया था। इस युद्ध में हमारे कई वीर जवानों में जान भी गंवाई थी।</div>
<div> </div>
<div>कारगिल_विजय_दिवस के अवसर पर पुलिस आयुक्त  अखिल कुमार द्वारा अपने कार्यालय में रिटायर्ड सैन्य कर्मियों के साथ भेंट वार्ता की गई एवं कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों के बलिदान को याद किया गया।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/20240726_1423021.jpg" alt="20240726_142302" width="1600" height="1059"></img> इस अवसर पर रिटायर्ड सैन्य कर्मियों से उनके अनुभव पर भी चर्चा हुई रिटायर्ड सैन्य कर्मियों द्वारा पुलिस आयुक्त कानपुर अखिल कुमार को पुलिस कार्यालय में स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर मेजर योगेन्द्र कटिहार, सुबेदार मेजर के.के सिंह, वीर नारी रश्मी बहन, सुबेदार सिद्धनाथ, हवलदार रामप्रकाश, हवलदार रामबाबू उपस्थित रहे। </div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jul 2024 16:14:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय सैन्य शौर्य की गाथा सुनाता कारगिल विजय दिवस </title>
                                    <description><![CDATA[<div>प्रत्येक भारतीय 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस राष्ट्रीय सीमा की रक्षा अपने प्राणों की बाजी लगा के करने वाले बहादुर सैनिको को याद करते हुए पूरी श्रद्धा से मनाता है। इस वर्ष राष्ट्र भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की गाथा कहता 25वां कारगिल विजय दिवस मनाएगा। कारगिल के युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। यह युद्ध भारत व पाकिस्तान की सेनाओं के बीच मई और जुलाई 1999 में कश्मीर के कारगिल इलाके की दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ा गया था। बता दें कि पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान पोषित आतंकवादियो ने तब एलओसी पार कर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143459/kargil-vijay-diwas-tells-the-story-of-indian-military-bravery%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/भारतीय-सैन्य-शौर्य-की-गाथा-सुनाता-कारगिल-विजय-दिवस.jpg" alt=""></a><br /><div>प्रत्येक भारतीय 26 जुलाई कारगिल विजय दिवस राष्ट्रीय सीमा की रक्षा अपने प्राणों की बाजी लगा के करने वाले बहादुर सैनिको को याद करते हुए पूरी श्रद्धा से मनाता है। इस वर्ष राष्ट्र भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की गाथा कहता 25वां कारगिल विजय दिवस मनाएगा। कारगिल के युद्ध को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। यह युद्ध भारत व पाकिस्तान की सेनाओं के बीच मई और जुलाई 1999 में कश्मीर के कारगिल इलाके की दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ा गया था। बता दें कि पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान पोषित आतंकवादियो ने तब एलओसी पार कर भारत की पवित्र भूमि पर कब्जा करने की नापाक कोशिश की थी परन्तु भारतीय सेना के जांबाज बहादुर जवानों ने ऐसा युद्ध कौशल दिखाया की पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा।</div>
<div> </div>
<div>पाकिस्तानी घुसपैठ अप्रैल-मई 1999 के बीच हुई तब पाकिस्तान ने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों में 5 हजार से भी ज्यादा सैनिकों भेज खाली पड़ी भारतीय सुरक्षा चौकियां पर कब्जा जमा लिया था। भारत सरकार को जब घुसपैठ की जानकारी मिली तब पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया गया। पाकिस्तान ने दावा किया था कि इस लड़ाई में लड़ने वाले सभी कश्मीरी उग्रवादी हैं लेकिन युद्ध में बरामद हुए दस्तावेजों और पाकिस्तानी नेताओं के बयानों से यह साबित हो गया था कि पाकिस्तान की सेना प्रत्यक्ष रूप में यह युद्ध युद्ध लड़ रही थी। इस घुसपैठ का भारतीय सेना को 3 मई 1999 को तब पता चला जब कुछ चरवाहों ने उन्हे आकर इसकी जानकारी दी। दरअसल जब पाकिस्तान की 6 नॉर्दर्न लाइट इंफैंट्री का कैप्टन इफ्तेखार और लांस हवलदार अब्दुल हकीम 12 सैनिकों के साथ कारगिल की आजम चौकी पर कब्जा जमाए बैठे थे तब कुछ भारतीय चरवाहे मवेशियों  को चराते हुए वहां पहुंच गए।</div>
<div> </div>
<div>पाकिस्तानी सैनिक चरवाहों को बंदी बनाना चाहते थे परन्तु चरवाहों  के यह कहने पर कि वे किसी को कुछ नही बताएगें सुन पाकिस्तानी घुसपैठियों ने उन्हें डरा धमका के वहां से भगा दिया परन्तु वे चरवाहे सच्चे देश भक्त थे। पाकिस्तान की इस घुसपैठ का मकसद था कि भारत की सुदूर उत्तर की चोटी पर सियाचिन ग्लेशियर की लाइफ लाइन एन.एच 1डी को किसी तरह काट कर उस पर नियंत्रण किया जाए। पाकिस्तानी सैनिक उन पहाड़ियों पर आना चाहते थे जहां से वे लद्दाख की ओर जाने वाले भारतीय सेना के रसद के काफिलों की आवाजाही को रोक दें ताकि भारत को मजबूर हो कर सियाचिन छोड़ना पड़े। चरवाहों की दी खबर की जांच के लिए भारतीय सेना ने 5 मई को एक गश्ती दल भेजा। पाकिस्तान की सेना ने 5 सैनिकों को पकड़ लिया और बाद में उन्हे मौत के घाट उतार दिया।</div>
<div> </div>
<div>स्थिति गंभीर होती देख  भारतीय सेना की ओर से 10 मई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' की शुरुआत कर दी गयी। करीब 2 महीने तक चले युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने 20 जून 1999 को टाइगर हिल पर लगातार 11 घंटे तक लड़ाई लड़ने के बाद प्वाइंट 5060 और प्वाइंट 5100 पर अपना कब्जा फिर से जमा लिया। भारतीय सेना ने 11 जुलाई 1999 को बटालिक की चोटियों पर भी अपना अधिकार जमा लिया। अंत में 14 जुलाई को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के सफल होने की घोषणा की। सेना ने 26 जुलाई 1999 तक सर्च आप्रेशन पूरा कर एक-एक घुसपैठिए को मार भगाया और कारगिल युद्ध भारतीय जीत के साथ समाप्त हो गया। भारतीय सैनिको के लिए यह लडाई बहुत मुश्किल थी क्यों कि पाकिस्तानी सैनिक पहाड़ियों की चोटियों पर पक्के मोर्च लगाए बैठे आसपास के निचले इलाको पर निशाना साधे बैठे थे परन्तु भारतीय सैनिकों की बहादुरी, हौसले, जांबाजी, देशभक्ति के जज्बे, बोफोर्स तोप और भारतीय एयर फोर्स ने इस युद्ध की पूरी तस्वीर ही बदल दी।</div>
<div> </div>
<div>इस युद्ध से पहले बोफोर्स तोप खरीद घोटाले के चलते यह तोप पूरे विश्व में कुख्यात हो चुकी थी परन्तु इस युद्ध में अपनी श्रेष्ठता का लोहा अपना दम दिखा इस तोप ने मनवा दिया। बोफोर्स हमले इतने भयानक और सटीक थे कि उन्होंने पाकिस्तानी चौकियों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। इसके साथ-साथ भारतीय सैनिकों की दिलेरी के आगे दुश्मन की एक नहीं चल पा रही थी। कारगिल युद्ध में भारतीय वायु सेना की भूमिका मनोवैज्ञानिक दवाब बनाने की रही। पाकिस्तानी सैनिकों को जैसे ही ऊपर से भारतीय जेटों की आवाज सुनाई पड़ती, वे बुरी तरह घबरा जाते थे और इधर उधर भागने लगते थे। कारगिल की लड़ाई में भारत ने जहां अपने कुछ बहादुर जांबाजों को खोया वहीं पाकिस्तान पूरी तरह बर्बाद होकर रह गया। इस जंग में जहां भारत के 527 सैनिक शहीद हुए थे, वहीं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मुताबिक उनके 2700 से 4000 सैनिक मारे गए थे।</div>
<div> </div>
<div>जंग के बाद पाकिस्तान में राजनैतिक और आर्थिक अस्थिरता बढ़ गई, नवाज शरीफ सरकार का तख्तापलट कर परवेज मुशर्रफ सत्ता पर काबिज हो गया। भारत में इस जंग ने देशप्रेम को उफान पर ला दिया और अर्थव्यवस्था को भी काफी मजबूती दी। कारगिल की लड़ाई से सीख लेकर भारत ने सीमा पर सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए। सरकार ने एक तरफ जहां रक्षा बजट को और बढ़ाया, वहीं सेना की क्षमता बढ़ाने पर भी काम शुरू हुआ। जंग के दौरान कई तरह की अनियमितताएं भी सामने आई थीं जिन्हें दूर करने के प्रयास हुए। साथ ही इस पहाड़ी सीमा पर लगातार निगरानी की व्यवस्था की गई। कारगिल की लड़ाई ने भारत को कुछ ऐसे सबक दिए जो सीखने बेहद जरूरी थे। अपनी गलतियों से सीख लेकर भारत ने लगातार सुधार जारी रखा और आज इस स्थिति में पहुंच गया है कि एक साथ 2 मोर्चों पर बड़ी आसानी से दुश्मनों को संभाल सकता है।</div>
<div> </div>
<div>कारगिल युद्ध में चार  शूरवीरों कैप्टन विक्रम बत्रा (मरणोपरांत), राइफलमैन संजय कुमार, ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे ( मरणोपरांत) को उनके असाधारण साहस और पराक्रम के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च शौर्य सैन्य अलंकरण है जो युद्ध में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान दिया जाता है। हम अपने समाचार पत्र की ओर से तिरंगे की आन बान शान के लिए शहीद हुए सैनिकों के चरणों में श्रृद्धा सुमन अर्पित करते हैं और राष्ट्र को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाए देते हैं, जय भारत।</div>
<div> </div>
<div><strong>(नीरज शर्मा'भरथल)</strong></div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 16:23:39 +0530</pubDate>
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