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                <title>international news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>international news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>'मित्र देशों के जहाज गुजर सकेंगे', भारत सहित  5 देश के लिए ईरान ने खोला होर्मुज का दरवाजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span>पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईरान ने ऐलान किया है कि वह भारत समेत पांच मित्र देशों से संबंधित जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगा, जिससे उन्हें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिल जाएगी, जबकि अन्य देशों के लिए पहुंच सीमित रहेगी। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद भारत के साथ-साथ रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174313/ships-of-friendly-countries-will-be-able-to-pass-through"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/images-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span>पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईरान ने ऐलान किया है कि वह भारत समेत पांच मित्र देशों से संबंधित जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगा, जिससे उन्हें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिल जाएगी, जबकि अन्य देशों के लिए पहुंच सीमित रहेगी। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद भारत के साथ-साथ रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है और कुछ ऐसे देशों को प्रतिबंधों से छूट दी गई हैm जिनके साथ ईरान के मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी के अनुसार, अराघची ने कहा, "शत्रु को जलडमरूमध्य से गुजरने देने का कोई कारण नहीं है। हमने कुछ ऐसे देशों को गुजरने की अनुमति दी है, जिन्हें हम मित्र मानते हैं। हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को आने-जाने की अनुमति दी है।"</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि जिन देशों को शत्रु माना जाता है या जो मौजूदा संघर्ष में शामिल हैं, उनसे जुड़े जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और कुछ खाड़ी देशों के जहाज, जो वर्तमान संकट में भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अराघची ने महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान के नियंत्रण पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने दशकों बाद इस क्षेत्र में अपना अधिकार प्रदर्शित किया है।उन्होंने कहा कि जब ईरान ने शुरू में होर्मुज जलडमरूमध्य की आंशिक नाकाबंदी की घोषणा की थी ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 21:00:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'हॉय, ट्रंप यू आर फायर्ड' 48 घंटे से पहले ही ईरान ने यूएस राष्ट्रपति का उड़ाया मजाक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> ईरानी जनरल ज़ुल्फ़कारी ने चेतावनी दी कि ईरानी ऊर्जा ढांचे पर अमेरिका का कोई हमला अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ऊर्जा तथा तकनीकी सुविधाओं पर जवाबी हमलों को ट्रिगर करेगा। यह बयान यूएस राष्ट्रपति ट्रंप की 48 घंटे वाली धमकी के बाद आया है। सैन्य अधिकारी ने रविवार रात को टीवी संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मज़ाक उड़ाया और उनके प्रसिद्ध रियलिटी-टीवी कैचफ्रेज़ को दोहराकर इस्लामिक गणराज्य के ढांचे के खिलाफ व्हाइट हाउस की हालिया धमकियों को खारिज कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के प्रवक्ता सेकंड ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम ज़ुल्फ़कारी ने वीडियो में अमेरिकी प्रशासन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174005/even-before-48-hours-iran-made-fun-of-the-us"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img_1774238569126_360.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> ईरानी जनरल ज़ुल्फ़कारी ने चेतावनी दी कि ईरानी ऊर्जा ढांचे पर अमेरिका का कोई हमला अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ऊर्जा तथा तकनीकी सुविधाओं पर जवाबी हमलों को ट्रिगर करेगा। यह बयान यूएस राष्ट्रपति ट्रंप की 48 घंटे वाली धमकी के बाद आया है। सैन्य अधिकारी ने रविवार रात को टीवी संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मज़ाक उड़ाया और उनके प्रसिद्ध रियलिटी-टीवी कैचफ्रेज़ को दोहराकर इस्लामिक गणराज्य के ढांचे के खिलाफ व्हाइट हाउस की हालिया धमकियों को खारिज कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के प्रवक्ता सेकंड ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम ज़ुल्फ़कारी ने वीडियो में अमेरिकी प्रशासन को सीधे संबोधित किया, जो अब सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है। यह तंज वाशिंगटन की ओर से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के अवरोध को लेकर जारी 48 घंटे की अल्टीमेटम के बाद आया है। जनरल ज़ुल्फकारी ने कहा- "हाय ट्रंप, यू आर फायर्ड (आप हटा दिए गए)। आपको यह वाक्य अच्छी तरह पता है।"  जनरल ने अपने बयान को राष्ट्रपति के अक्सर सोशल मीडिया पर इस्तेमाल होने वाले साइन-ऑफ की नकल करके समाप्त किया: "इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।" </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह व्यंग्य ट्रंप के ट्रुथ सोशल पोस्ट का सीधा जवाब था, जिसमें राष्ट्रपति ने धमकी दी थी कि अगर रणनीतिक जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए दोबारा नहीं खोला गया तो ईरान के पावर प्लांट्स को "नष्ट" कर दिया जाएगा। ।व्हाइट हाउस द्वारा तय की गई 48 घंटे की समयसीमा ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को उच्च सतर्कता की स्थिति में डाल दिया है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो दुनिया के लगभग एक-पांचवें तेल का मार्ग है, वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी गतिरोध में केंद्रीय फ्लैशपॉइंट बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज़ुल्फ़कारी ने आगे चेतावनी दी कि ईरान के ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र पर कोई हमला अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों से जुड़े व्यापक लक्ष्यों के खिलाफ तत्काल जवाबी कार्रवाई को ट्रिगर करेगा। "अगर दुश्मन द्वारा ईरान के ईंधन और ऊर्जा ढांचे पर हमला किया जाता है, तो अमेरिका और क्षेत्र में शासन से जुड़ी सभी ऊर्जा ढांचा, सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियां और डिसैलिनेशन सुविधाएं निशाना बनाई जाएंगी।" उन्होंने कहा, यह जोर देते हुए कि "युद्ध के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईरान की रक्षा परिषद ने सोमवार को सरकारी मीडिया के हवाले से बताया कि अगर ईरान के तटों या द्वीपों पर हमला हुआ तो वह पूरे फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछाकर उसे अवरुद्ध कर देगी। फ़ार्स न्यूज़ के अनुसार, उच्च स्तरीय सुरक्षा निकाय के बयान में कहा गया है, "युद्धरत देशों के अलावा अन्य देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का एकमात्र रास्ता ईरान के साथ समन्वय करना है।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षा परिषद ने कहा, "ईरानी तटों या द्वीपों पर हमला करने के किसी भी शत्रु प्रयास" के परिणामस्वरूप "फारस की खाड़ी और तटों के सभी पहुंच मार्गों और संचार लाइनों में विभिन्न नौसैनिक बारूदी सुरंगें बिछाई जाएंगी।" इसमें आगे कहा गया है, "पूरी फारस की खाड़ी प्रभावी रूप से अवरुद्ध हो जाएगी, और इसकी जिम्मेदारी धमकी देने वाले की होगी।"</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 20:52:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-इस्राइल का साथ दिया तो माना जाएगा युद्ध की कार्रवाई, ईरान ने यूरोप को दी कड़ी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज- </strong>पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने यूरोपीय देशों को सीधी चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि अगर यूरोप ने अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में किसी भी रूप में भाग लिया, तो इसे ईरान के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई लगातार बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बकाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘डिफेंसिव एक्शन’ के नाम पर भी अगर कोई देश अमेरिका-इस्राइल अभियान में शामिल होता है, तो उसे आक्रामकता माना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172564/if-america-supports-israel-it-will-be-considered-an-act"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/download1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज- </strong>पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने यूरोपीय देशों को सीधी चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि अगर यूरोप ने अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में किसी भी रूप में भाग लिया, तो इसे ईरान के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई लगातार बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बकाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘डिफेंसिव एक्शन’ के नाम पर भी अगर कोई देश अमेरिका-इस्राइल अभियान में शामिल होता है, तो उसे आक्रामकता माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्रतिक्रिया जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को खत्म करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकते हैं। ईरान ने इसे सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की तैयारी बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने स्पष्ट किया है कि वे सीधे युद्ध में शामिल नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है। यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रिटेन ने अमेरिकी बलों को अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। वहीं फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा है कि यदि सहयोगी देश मदद मांगते हैं, तो फ्रांस उनकी रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">फ्रांस ने बताया कि प्रभावित देशों में लगभग चार लाख फ्रांसीसी नागरिक मौजूद हैं। हालात बिगड़ने पर उन्हें वाणिज्यिक और सैन्य उड़ानों के जरिए निकाला जा सकता है। इसी बीच क्षेत्र में हमलों का सिलसिला जारी है और रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले से तनाव और बढ़ गया है। ईरान का कहना है कि वह किसी भी बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करेगा। यूरोप की संभावित भूमिका को लेकर आने वाले दिनों में हालात और स्पष्ट हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 22:28:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान का 27 अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा, कतर- यूएई में धमाके</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान की सेना की प्रमुख इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मिडिल ईस्ट में मौजूद 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई अहम सैन्य परिसरों पर हमले किए हैं। यह जानकारी अल जजीरा की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है, जिसमें ईरानी सरकारी मीडिया का भी उल्लेख किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172129/after-confirmation-of-khameneis-death-iran-claims-to-attack-27"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/खामेनेई-की-मौत-की-पुष्टि-के-बाद-ईरान-का-27-अमेरिकी-ठिकानों-पर-हमले-का-दावा,-कतर--यूएई-में-धमाके.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान की सेना की प्रमुख इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मिडिल ईस्ट में मौजूद 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई अहम सैन्य परिसरों पर हमले किए हैं। यह जानकारी अल जजीरा की रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है, जिसमें ईरानी सरकारी मीडिया का भी उल्लेख किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा है कि वह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई बमबारी के जवाब में “छठी लहर” के तहत कार्रवाई कर रहा है। बयान में कहा गया है कि “विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले” इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">IRGC ने दावा किया कि 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों के अलावा इजरायल का तेल नोफ एयरबेस, तेल अवीव स्थित सेना का कमांड मुख्यालय हाकिर्या, और उसी शहर में स्थित एक बड़े रक्षा औद्योगिक परिसर को निशाना बनाया गया।IRGC ने यह भी चेतावनी दी कि ईरानी बल “लगातार और कठोर बदले की कार्रवाई” करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कतर की राजधानी दोहा से कई धमाकों की आवाजें सुने जाने की खबर है। स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया गया कि शहर के ऊपर आसमान में कम से कम 11 विस्फोटों की आवाज सुनी गई।बाद में कतर के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि ईरानी हमलों के बाद कुल 16 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, अतिरिक्त आठ घायलों की पुष्टि के बाद कुल संख्या 16 हो गई। साथ ही विभिन्न इलाकों में “सीमित भौतिक नुकसान” की भी जानकारी दी गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इजरायल में सायरन बचने की खबरें है। वहीं, इजरायल के चैनल 12 ने रिपोर्ट किया कि ईरान की ओर से मिसाइल लॉन्च किए जाने के कारण देशभर में एयर अटैक सायरन बजने की आशंका है। इससे इजरायल में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में भी ईरानी हमलों का असर देखा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे टकराव ने अब खाड़ी क्षेत्र को भी सीधे तौर पर प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कतर और यूएई जैसे देशों में धमाकों और आगजनी की घटनाओं ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 21:42:23 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%88%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-27-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%2C-%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%B0--%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%8F%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A7%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%87.jpg"                         length="72705"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप की नई ब्लॉकबस्टर: “टैरिफ रिटर्न्स”</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन </span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरिजीत</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span></strong><strong>,</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  बड़वानी (मप्र)</span></strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप साहब ने फिर पटाखा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीधे तोप दाग दी—और इस बार निशाना है सिनेमा की वो दुनिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सपनों को रील पर बुनती है। आदेश साफ़</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">  विदेश में बनी हर फिल्म पर सौ फीसदी टैरिफ। मतलब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो फिल्म अमेरिका की सरहद के बाहर शूट हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी टिकट अब दुगुनी कीमत पर। सोशल मीडिया पर छाती ठोकते हुए फरमाया—</span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चोर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हॉलीवुड</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लूट</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रहे</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे भूखा बच्चा मेले में लड्डू झपट ले। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">फिर</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नगाड़ा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बजाया</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वाणिज्य</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विभाग</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156304/trumps-new-blockbuster-tariff-returns"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/trump-amerika.png" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन </span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अरिजीत</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span></strong><strong>,</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> बड़वानी (मप्र)</span></strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप साहब ने फिर पटाखा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीधे तोप दाग दी—और इस बार निशाना है सिनेमा की वो दुनिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सपनों को रील पर बुनती है। आदेश साफ़</span>,<span lang="hi" xml:lang="hi"> विदेश में बनी हर फिल्म पर सौ फीसदी टैरिफ। मतलब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो फिल्म अमेरिका की सरहद के बाहर शूट हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी टिकट अब दुगुनी कीमत पर। सोशल मीडिया पर छाती ठोकते हुए फरमाया—</span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चोर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हॉलीवुड</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लूट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रहे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे भूखा बच्चा मेले में लड्डू झपट ले। </span><span lang="hi" xml:lang="hi">फिर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नगाड़ा</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बजाया</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वाणिज्य</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विभाग</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सीधी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लाइन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हॉलीवुड</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बचाने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कोशिश</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गला घोंटने वाला इलाज ज़्यादा लगता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हॉलीवुड—जहां ‘स्पाइडरमैन’ जाल बुनता है</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">बैटमैन’ मर्दानगी झाड़ता है—अब टैरिफ की भट्टी में फूंका जा रहा है। ट्रंप का दर्शन बड़ा सादा है—कनाडा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंग्लैंड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न्यूजीलैंड—ये सब डाकुओं का अड्डा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो सस्ती लागत पर हमारे डायरेक्टरों को फुसलाते हैं। तो हल</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">हर विदेशी फिल्म पर टैक्स का पहाड़। अरे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह तो वैसा ही है जैसे कोई कहे—</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पड़ोस</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चाय</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सस्ती</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो अपने चायवाले की दुकान पर हम दोगुना वसूलेंगे।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">अवतार’ न्यूजीलैंड की हरियाली में शूट हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो टिकट की कीमत आसमान छूएगी। ‘जेम्स बॉन्ड’ ने लंदन की सड़कों पर पीछा किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दर्शक की जेब लुटेगी। और अगर कोई ‘पैरासाइट’ जैसी कोरियाई फिल्म सामने आई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ट्रंप गरजेंगे—</span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रविरोधी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">साजिश</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">!</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अरे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">साहब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साजिश तो आपकी ‘टॉप गन’ में भी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आसमान में जेट गरजते थे और अमेरिका हीरो बनता था। पर ट्रंप को तो हर विदेशी चीज़ में शैतान नज़र आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मानो हर छींक में भूत-प्रेत ढूँढने वाला कोई अंधविश्वासी पंडित।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>टैरिफ का यह तमाशा कोई नया अध्याय नहीं।</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">टैरिफ का यह तमाशा कोई नया अध्याय नहीं। ट्रंप की किताब में हर दर्द की दवा सिर्फ़ टैक्स है—दवा पर सौ फीसदी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रक पर पच्चीस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुर्सी-मेज पर तीस। अब बारी फिल्मों की। लेकिन भई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिल्म कोई आलू-प्याज नहीं कि आयात करो और टैक्स ठोंक दो। यह तो कला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहानी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सपनों का जादू है। दुनिया कहती है—कला पर टैक्स नहीं लगता। पर ट्रंप</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">वे तो गर्जते हैं</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यह तो देश की इज्जत का सवाल है!</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अरे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भई</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">गॉडजिला’ टोक्यो में बना तो क्या व्हाइट हाउस ध्वस्त हो जाएगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">या ‘ड्यून’ दुबई में शूट हुआ तो क्या अमेरिकी फौज रेगिस्तान में रास्ता भटक जाएगी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यह तो वैसा ही हुआ जैसे कोई बोले—</span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बिरयानी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हैदराबाद</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बाहर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बनी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्र</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संकट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पड़</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जाएगा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">!</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हंसी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आती</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और अफसोस भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन ट्रंप की दुकान में यही माल बिकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हॉलीवुड के सेठ लोग माथा पकड़कर बैठे हैं। डिज़्नी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वार्नर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नेटफ्लिक्स—सबके दफ्तरों में भगदड़ मची है। विदेश में शूटिंग सस्ती पड़ती थी—न्यूजीलैंड के पहाड़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आयरलैंड की घाटियाँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">थाईलैंड के समंदर—ये सब हॉलीवुड की रीढ़ थे। अब ट्रंप ने फतवा दे दिया—या तो अमेरिका में बनाओ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या टैरिफ भरकर रोओ। अमेरिका में बनाओ तो बजट फूटेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उसका बोझ गिरेगा टिकट पर।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बेचारे दर्शक</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पॉपकॉर्न का ठेला लादे सिनेमा हॉल पहुँचते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी जेब पहले ही हल्की है। कोविड ने थिएटरों को कब्रिस्तान बना दिया</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">बारह अरब का धंधा अब सात अरब पर हांफ रहा है। अब इस पर टैरिफ का तड़का! सोचिए</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">स्पाइडरमैन’ अगर मेक्सिको में शूट हुई</span>,</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">तो टिकट अस्सी का। चार लोग गए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वॉलेट में झाड़ू। फिर जनता का ठिकाना</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">टॉरेंट की अंधेरी गली।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप शायद सोचते हैं कि लोग उनकी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मेक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रेट</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">टोपी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पहनकर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">‘रॉकी’</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रीमेक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">देखने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">टूट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पड़ेंगे।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जनता को ‘आयरन मैन’ चाहिए—जो आसमान में उड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न कि ग्रीन स्क्रीन पर रस्सी से लटका। मगर अगर कोई हॉलीवुड वाला मुंबई में ‘पठान’ की रीमेक सोचे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ट्रंप का टैरिफ डंडा टूटेगा। शाहरुख की फिल्म अमेरिका में रिलीज़ हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो दर्शक दुगुना चुकाएँ। यह तो वैसा ही है जैसे कोई कहे—</span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">जलेबी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सस्ती</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चाहिए</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चीनी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्स</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ठोंको</span><span lang="hi" xml:lang="hi">!</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>ट्रंप ने तो बाकायदा अपनी "फ़िल्मी फ़ौज" तैनात कर दी</strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप ने तो बाकायदा अपनी "फ़िल्मी फ़ौज" तैनात कर दी—मेल गिब्सन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टैलोन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जॉन वॉयट। अब यही हॉलीवुड की रखवाली करेंगे। पर हंसी तब आती है जब याद पड़ता है—गिब्सन की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रेवहार्ट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्कॉटलैंड की देन थी। अगर उस वक़्त टैरिफ होता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो फिल्म पोस्टर तक न बनती। स्टैलोन का</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रैंबो</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भी विदेशी जंगलों की गवाही है। तो अब क्या</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये सब स्टूडियो की चारदीवारी में खड़े होकर </span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">फ़्रीडम</span><span lang="hi" xml:lang="hi">!</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चिल्लाएँगे</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">या ट्रंप खुद कैमरा पकड़कर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">टैरिफ मैन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बनाएँगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें हीरो हर विदेशी चीज़ पर टैक्स ठोके और खलनायक कोई जापानी डायरेक्टर हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो ऑस्कर उड़ा ले जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब यह टैरिफ बम फटेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो धमाका दूर-दूर तक जाएगा। थिएटर खाली होंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाइरेसी महफ़िल जमाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रीमिंग कंपनियाँ ताली बजाएँगी। दर्शक पॉपकॉर्न घर पर ही सेंकेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ट्रंप चिल्लाएँगे—</span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">फेक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यूज़</span><span lang="hi" xml:lang="hi">!</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यही</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उनका</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">फॉर्मूला</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">है—हर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बीमारी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">गोली</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हर टैक्स का नतीजा तमाशा।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अब इंतज़ार बस इस बात का है कि अगला बम कहाँ गिरेगा—गानों पर या किताबों पर। क्योंकि ट्रंप का</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका फर्स्ट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">असल में है</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">टैक्स इज़ बेस्ट।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 22:45:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टैरिफ पर जितना ट्रंप धमका रहे, यूक्रेन पर पुतिन उतना कहर बरस रहा, अब दागे 800 ड्रोन दिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International Desk</strong></p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति टैरिफ को लेकर लगातार रूस को धमका रहे। रूस से तेल खरीदने वाले देशों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका को लगता हैकि ऐसा करके पुतिन को झुकाया जा सकता है। बातचीत की टेबल पर लाया जा सकता है। अलास्का में फेल हुए प्रयास के बाद ट्रंप लगातार रूस और उससे तेल खरीदने वाले देशों पर हमलावर हैं और उन्हें यूक्रेन जंग में हो रहे विध्वंस के लिए जिम्मेदार भी ठहरा रहे हैं।</p>
<p>लेकिन तमाम बातों से बेपरवाह रूसी राष्ट्रपति पुतिन लगातार यूक्रेन पर कहर ढा रहे हैं। फरवरी में जंग शुरू होने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154696/putin-was-wreaking-havoc-on-ukraine-as-much-as-trump"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/putin_1731011675.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International Desk</strong></p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति टैरिफ को लेकर लगातार रूस को धमका रहे। रूस से तेल खरीदने वाले देशों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका को लगता हैकि ऐसा करके पुतिन को झुकाया जा सकता है। बातचीत की टेबल पर लाया जा सकता है। अलास्का में फेल हुए प्रयास के बाद ट्रंप लगातार रूस और उससे तेल खरीदने वाले देशों पर हमलावर हैं और उन्हें यूक्रेन जंग में हो रहे विध्वंस के लिए जिम्मेदार भी ठहरा रहे हैं।</p>
<p>लेकिन तमाम बातों से बेपरवाह रूसी राष्ट्रपति पुतिन लगातार यूक्रेन पर कहर ढा रहे हैं। फरवरी में जंग शुरू होने के बाद रूस ने पहली बार 805 ड्रोन और 13 मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इनमें नौ स्कन्दर के और चार स्कन्दर एम मिसाइलें शामिल थीं। </p>
<p>रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इस दौरान रूस ने SOS ड्रोन और डिकॉय यानी नकली निशाना भटकाने वाले उपकरण के साथ 13 तरह की मिसाइलें दागीं। यह हमला फरवरी 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद से सबसे बड़ा माना जा रहा है। पहली बार कीव में कैबिनेट बिल्डिंग को भी निशाना बनाया गया।</p>
<p>यूक्रेन की एयरफोर्स ने बताया कि 747 ड्रोन और 4 मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन फिर भी कई जगहों पर हमला हुआ। देशभर में 37 लोकेशनों पर 9 मिसाइलें और 56 ड्रोन गिरे। कीव में यूक्रेन सरकार की कैबिनेट बिल्डिंग की छत और ऊपरी मंजिलों पर भी नुकसान हुआ। हमले में दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक महिला और उनकी 3 महीने की बच्ची शामिल है। 17 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं।</p>
<h2>रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगे, यूक्रेन की पीएम बोलीं</h2>
<p>यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेनको ने कहा, 'हम इमारतों को फिर से बना लेंगे, लेकिन जिन जिंदगियों को हमने खोया है, उन्हें वापस नही ला *सकते। दुनिया को सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि ठोस कदमो से इस हमले का जवाब देना चाहिए। खासकर रूस के तेल और गैस पर प्रतिबंध कड़े करने की जरूरत है।'</p>
<p>यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूरोपीय देशों के नेता व्लादिमीर पुतिन से युद्ध खत्म करने की अपील कर रहे है। वही, 26 देशों ने युद्ध खत्म होने के बाद यूक्रेन में सैनिक भेजने का वादा किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 22:47:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान -लश्कर के गाजी का अंत… टॉप कमांडर सैफुल्लाह खालिद की पाकिस्तान में हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर रजाउल्लाह निजामानी उर्फ अबू सैफुल्लाह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इसको सिंध प्रांत के मटली शहर के फालकारा चौक के पास मारा गया, जहां हमलावरों ने उसे घर से निकलते ही निशाना बनाया और मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151991/the-end-of-lashkars-ghazi%E2%80%A6-top-commander-saifullah-khalid-was"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/whatsapp-image-2025-05-18-at-18.35.53_4af0ee13.jpg" alt=""></a><br /><p class="article-HD" style="text-align:justify;">  पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक घटना ने लश्कर-ए-तैयबा और आतंकी नेटवर्कों में हड़कंप मचा दिया है. लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर रजाउल्लाह निजामानी उर्फ सैफुल्लाह खालिद की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इसको सिंध प्रांत के मटली शहर के फालकारा चौक के पास मारा गया, जहां हमलावरों ने उसे घर से निकलते ही निशाना बनाया और मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया.अबू सैफुल्लाह खालिद मालन क्षेत्र का निवासी था, लंबे समय तक कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा था.</p>
<p style="text-align:justify;">कश्मीर जिहाद से लौटने के बाद लश्कर-ए-तैयबा ने उसे गाजी अबू सैफुल्लाह की उपाधि दी गई थी. हालांकि कहा जाता है कि हाल ही में संगठन ने उसे अलर्ट किया था और उसकी गतिविधियों पर सीमित रहने का निर्देश भी दिया था. साथ ही उसे सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन जिस दिन वह मटली शहर में अपने घर से बाहर निकला, उसी दिन हमलावरों ने उसके सिर और सीने में गोलियां दाग दीं. अबू सैफुल्लाह भारत में लश्कर के कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था. माना जाता है कि वह भारत में कम से कम तीन आतंकी हमलों की साजिश में मुख्य भूमिका निभा चुका था.</p>
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<div class="trc_header_ext" style="text-align:justify;"> </div>
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<h3 style="text-align:justify;"><strong>इन तीन हमलों में था सैफुल्लाह का दिमाग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर हमला…</strong> साल 2001 में उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले की साजिश रजाउल्लाह निजमानी ने रची थी. इस हमले में आतंकियों ने भारी गोलीबारी की थी, जिसमें सात जवान शहीद हुए थे. बाद में जांच एजेंसियों ने इस हमले की प्लानिंग से जुड़े जो नाम सामने लाए, उनमें अबू सैफुल्लाह सबसे ऊपर था.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बंगलौर में मचाया था आतंक का तांडव…</strong> अबू सैफुल्लाह ने 2005 में बंगलौर में हुए सिलसिलेवार धमाकों की साजिश भी रची थी. इन धमाकों से बंगलौर शहर दहल गया था. आईटी कंपनियों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए हमला किया गया था.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नागपुर में RSS मुख्यालय को बनाया था निशाना… </strong>साल 2006 में नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय को निशाना बनाकर एक बड़ा हमला करने की कोशिश की गई थी. हालांकि समय रहते सुरक्षाबलों ने हमलावरों को ढेर कर दिया, लेकिन जांच में साफ हुआ कि इस हमले के पीछे भी अबू सैफुल्लाह का ही दिमाग था.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>लश्कर के लिए भर्ती व फंडिंग की जिम्मेदारी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अबू सैफुल्लाह की हत्या किसी सुनियोजित टारगेट किलिंग का हिस्सा हो सकती है. अबू सैफुल्लाह जम्मू-कश्मीर में भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का संचालन कर चुका था और पाकिस्तान लौटने के बाद वह सिंध में जमात और लश्कर के लिए भर्ती व फंडिंग जैसे अभियानों में सक्रिय था.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आतंक की दुनिया में कहीं टकराव तो नहीं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस हत्या ने पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्कों के भीतर गुटबाजी और आंतरिक टकराव की आशंकाओं को भी जन्म दे दिया है. अबू सैफुल्लाह जैसे प्रशिक्षित और गाज़ी घोषित आतंकी की इस तरह हत्या, यह बताती है कि पाकिस्तान में आतंक के संरक्षक अब खुद असुरक्षित होते जा रहे हैं. साथ ही यह घटना एक और संकेत देती है कि सिंध जैसे इलाकों में भी आतंकी संगठनों के भीतर आपसी प्रतिद्वंद्विता या विरोध तेज हो चुका है.</p>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151991/the-end-of-lashkars-ghazi%E2%80%A6-top-commander-saifullah-khalid-was</link>
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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 18:37:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोन के लिए आईएमएफ ने पाकिस्तान के सामने 11 और शर्तें रखी, भारत के साथ तनाव को बताया सबसे बड़ा जोखिम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 7 अरब डॉलर के लोन के लिए पाकिस्तान के सामने 11 और नई शर्तें रख दी हैं। इसके साथ ही भारत के साथ तनाव को एक बड़ा जोखिम बताया है।  पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, जो नई शर्तें लगाई गई हैं उनमें 17.6 लाख करोड़ रुपए के नए बजट को मंजूरी देना, बिजली बिलों पर डेट सर्विसिंग सरचार्ज बढ़ाना और तीन साल से अधिक  पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाना शामिल है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151982/for-loan-imf-laid-down-11-more-conditions-in-front"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/imf.jpg" alt=""></a><br /><p>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 7 अरब डॉलर के लोन के लिए पाकिस्तान के सामने 11 और नई शर्तें रख दी हैं। इसके साथ ही भारत के साथ तनाव को एक बड़ा जोखिम बताया है।  पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, जो नई शर्तें लगाई गई हैं उनमें 17.6 लाख करोड़ रुपए के नए बजट को मंजूरी देना, बिजली बिलों पर डेट सर्विसिंग सरचार्ज बढ़ाना और तीन साल से अधिक  पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाना शामिल है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है</strong></p>
<p>शनिवार को जारी आईएमएफ की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच में अगर तनाव बढ़ता है तो पड़ोसी देश के राजकोष, विदेशी व्यापार और सुधारों पर नकारात्मक असर होगा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन अभी तक बाजार की प्रतिक्रिया मामूली रही है और शेयर बाजार ने अपने हालिया मुनाफे को बरकरार रखा है।</p>
<p><strong>आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 2.414 लाख करोड़ रुपए हो सकता है, जो 25,200 करोड़ रुपए या 12 प्रतिशत अधिक है</strong></p>
<p>आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 2.414 लाख करोड़ रुपए हो सकता है, जो 25,200 करोड़ रुपए या 12 प्रतिशत अधिक है। आईएमएफ के अनुमान की तुलना में, सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक आवंटित करने का संकेत दिया है, जो भारत के साथ संघर्ष के बाद 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।</p>
<p><strong>आईएमएफ ने महज 7 अरब डॉलर के कर्ज के लिए पाकिस्तान पर 11 और शर्तें लगा दी हैं, जिससे कुल शर्तों की संख्या 50 हो गई है</strong></p>
<p>आईएमएफ ने जून 2025 के अंत तक कार्यक्रम लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आईएमएफ स्टाफ एग्रीमेंट के अनुरूप वित्त वर्ष 2026 के बजट की संसदीय मंजूरी हासिल करने की एक नई शर्त भी लगाई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट में बताया, “आईएमएफ ने महज 7 अरब डॉलर के कर्ज के लिए पाकिस्तान पर 11 और शर्तें लगा दी हैं, जिससे कुल शर्तों की संख्या 50 हो गई है।” आईएमएफ ने बताया कि पाकिस्तान के 17.6 लाख करोड़ रुपए के बजट में से सिर्फ 1.07 लाख करोड़ रुपए विकास पर खर्च किए जाने हैं, जबकि 6.6 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूएन में ‘अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस’ पर विशेष पैनल का आयोजन, भारत ने की मेजबानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">न्यूयॉर्क में स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस के अवसर पर एक विशेष पैनल चर्चा का आयोजन किया। इस चर्चा का शीर्षक ‘गौतम बुद्ध की शिक्षाएं– आंतरिक और वैश्विक शांति का मार्ग’ था। इस कार्यक्रम में उच्च-स्तरीय राजनयिकों, विद्वानों और आध्यात्मिक नेताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने बुद्ध की शिक्षाओं की आज के वैश्विक चुनौतियों में प्रासंगिकता को रेखांकित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय मिशन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारत-यूएन न्यूयॉर्क ने अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस के उपलक्ष्य में ‘गौतम बुद्ध की शिक्षाएं– आंतरिक और वैश्विक शांति का मार्ग’ विषय पर पैनल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151940/india-hosted-a-special-panel-on-international-wesak-day-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/202505163404422-1980x1321.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">न्यूयॉर्क में स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस के अवसर पर एक विशेष पैनल चर्चा का आयोजन किया। इस चर्चा का शीर्षक ‘गौतम बुद्ध की शिक्षाएं– आंतरिक और वैश्विक शांति का मार्ग’ था। इस कार्यक्रम में उच्च-स्तरीय राजनयिकों, विद्वानों और आध्यात्मिक नेताओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने बुद्ध की शिक्षाओं की आज के वैश्विक चुनौतियों में प्रासंगिकता को रेखांकित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय मिशन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारत-यूएन न्यूयॉर्क ने अंतरराष्ट्रीय वेसाक दिवस के उपलक्ष्य में ‘गौतम बुद्ध की शिक्षाएं– आंतरिक और वैश्विक शांति का मार्ग’ विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन किया।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस पैनल में वियतनाम, लाओ पीडीआर, थाईलैंड, भूटान, मंगोलिया, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और रूस सहित कई बौद्ध-बहुल देशों के स्थायी प्रतिनिधि और वरिष्ठ राजनयिक शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने बौद्ध मूल्यों की वैश्विक एकता और साझा सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के संयुक्त राष्ट्र स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने सत्र का उद्घाटन किया और बुद्ध के संदेश की सार्वभौमिक अपील पर जोर दिया। राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने कहा, “बुद्ध की करुणा, अहिंसा और बुद्धिमत्ता की शिक्षाएं संकट और दुख से भरी दुनिया में आंतरिक और वैश्विक शांति का मार्ग दिखाती हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">नालंदा विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति प्रो. अभय कुमार सिंह ने बौद्ध धर्म से गहरे ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए बुद्ध की शांति और करुणा की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर संतोष कुमार राउत ने बताया कि बौद्ध दर्शन 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में कैसे मदद कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वेसाक दुनिया भर के बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र दिन है, जो गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और परिनिर्वाण को चिह्नित करता है। ये सभी घटनाएं मई की पूर्णिमा को हुई थीं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1999 में प्रस्ताव 54/115 के माध्यम से वेसाक को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता दी, ताकि बौद्ध धर्म के वैश्विक आध्यात्मिकता और शांति में योगदान को सम्मान दिया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कार्यक्रम इस बात की याद दिलाता है कि 2,500 साल पहले बुद्ध द्वारा दिखाया गया मार्ग आज भी व्यक्तिगत परिवर्तन और सामूहिक सौहार्द की यात्रा को रोशन करता है, जो वर्तमान युग में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 22:09:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैनें मध्यस्थता नहीं कराई, सिर्फ मदद की… भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर बयान से पलटे अमेरिकी राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="article-HD" style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1"><strong>डो</strong></blockquote>
<p class="short_desc" style="text-align:justify;">नाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने मध्यस्थता के दावे से पलटते हुए कहा कि उन्होंने केवल "मदद" की थी, मध्यस्थता नहीं की. पहले उन्होंने अमेरिका की भूमिका को प्रमुख बताया था, जिसे भारत ने सिरे से नकारा भी था. हालांकि अब ट्रंप के यू-टर्न से भारत के रुख की पुष्टि हुई है कि यह फैसला द्विपक्षीय था.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने ही बयान से पलट गए हैं. पहले उन्होंने जोर-शोर से दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को उन्होंने ‘मध्यस्थता’ कर सुलझाया, लेकिन अब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151909/i-did-not-make-mediation-only-helped%E2%80%A6-us-president-overturned"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/donald.jpg" alt=""></a><br /><p class="article-HD" style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>डो</strong></blockquote>
<p class="short_desc" style="text-align:justify;">नाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने मध्यस्थता के दावे से पलटते हुए कहा कि उन्होंने केवल "मदद" की थी, मध्यस्थता नहीं की. पहले उन्होंने अमेरिका की भूमिका को प्रमुख बताया था, जिसे भारत ने सिरे से नकारा भी था. हालांकि अब ट्रंप के यू-टर्न से भारत के रुख की पुष्टि हुई है कि यह फैसला द्विपक्षीय था.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने ही बयान से पलट गए हैं. पहले उन्होंने जोर-शोर से दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को उन्होंने ‘मध्यस्थता’ कर सुलझाया, लेकिन अब कतर के दोहा में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ‘मैं यह नहीं कहना चाहता कि मैंने मध्यस्थता की, लेकिन मैंने जरूर मदद की.’ ट्रंप के इस यू-टर्न ने एक बार फिर उनकी कूटनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान और भारत दोनों ‘बहुत खुश’ हैं और अब दोनों व्यापार पर बात कर रहे हैं. मगर इसी बातचीत के दौरान वह खुद ही उलझते दिखे. दरअसल इसके बाद उन्होंने कहा, ये लोग 1000 सालों से लड़ते आ रहे हैं, मैं नहीं जानता क्या मैं इसे सुलझा सकता हूं. यह काफी कठिन मामला है.</p>
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<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रंप के दावे को पहले भारत ने नकारा था</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने पहले दावे में कहा था कि अमेरिका ने दोनों देशों पर ट्रेड प्रेशर डाला और इसके बाद ही सीजफायर संभव हो पाया. उन्होंने कहा था कि ‘अब दोनों देश व्यापार की बात कर रहे हैं, युद्ध की नहीं.’ हालांकि भारत सरकार ने शुरुआत से ही इस दावे को सिरे से खारिज किया था.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का स्पष्ट कहना था कि यह फैसला दोनों देशों के DGMO (Director General of Military Operations) के बीच आपसी बातचीत से हुआ था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी. अब जब खुद ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह मान लिया है कि उन्होंने सिर्फ मदद की, मध्यस्थता नहीं की, तो यह भारत के रुख की ही पुष्टि करता है.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने दिखाई मजबूती</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ऐसे माहौल में अमेरिका ने अचानक एक सीजफायर समझौते की घोषणा कर दी थी. अब ट्रंप ने अपने ही बयान पर संशोधन कर यह कह दिया है कि उन्होंने सिर्फ माहौल शांत करने में मदद की. सीजफायर में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. ट्रंप के इस नए बयान ने साफ कर दिया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का फैसला पूरी तरह द्विपक्षीय है. इसमें अमेरिका की कोई आधिकारिक मध्यस्थता नहीं थी. यह भारत की उस नीति को भी मजबूती देता है जिसमें वह हर बार कहता रहा है कि भारत-पाक मसलों में तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती. अब जब ट्रंप भी मान गए हैं, तो यह कूटनीतिक तौर पर भारत की बड़ी जीत मानी जा रही है.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पहलगाम से सीजफायर तक जानें पूरा मामला?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में आतंकियों ने टूरिस्टों को निशाना बनाकर हमले किए. भारत ने इन हमलों का सख्त जवाब देते हुए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी और ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाक के अंदर घुसकर जवाबी कार्रवाई की. इसमें पाक के 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए. साथ ही कई आतंकी ठिकाने उड़ा दिए गए. इसके बाद आतंकियों के पनाहगार पाक ने फिर भारत पर ड्रोन से हमले की नापाक कोशिश की थी. हालांकि भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन ड्रोन्स को पूरी तरह से हवा में ही मार गिराया. इसके बाद से तनाव बढ़ गया था और गोलाबारी की घटनाएं तेज़ हो गई थीं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे थे.</p>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 May 2025 18:42:47 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा, अपनी शर्तों पर देगा करारा जवाब: PM मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="article-HD">  </p>
<p class="short_desc" style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा. न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पल रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा.</p>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत पर अगर आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा. न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पल रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा. हम आतंक की सरपरस्त सरकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151859/nuclear-blackmail-india-will-not-endure-its-terms-pm-modi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p class="article-HD"> </p>
<p class="short_desc" style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा. न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पल रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा.</p>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर पर पहली बार देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत पर अगर आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. भारत कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा. न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पल रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा. हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे.</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने कहा कि निश्चित तौर पर ये युग युद्ध का नहीं है, लेकिन ये युग आतंकवाद का भी नहीं है. टेररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, एक बेहतर दुनिया की गारंटी है. हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया है, आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे कि वह क्या रवैया अपनाता है.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भारत ने 100 से ज्यादा खूंखार आतंकी मारे- पीएम मोदी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने कहा कि भारत के ड्रोन्स और मिसाइलों ने सटीकता के साथ हमला किया. पाकिस्तानी वायुसेना के उन एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिन पर पाकिस्तान को बहुत घमंड था. भारत ने पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था. भारत की आक्रमक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा और बुरी तरह पिटने के बाद 10 मई के दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे DGMO को संपर्क किया.</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बहावलपुर आतंक की ग्लोबल यूनिवर्सिटी- PM मोदी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों, ड्रोन ने हमला हमला बोला तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं उनका हौसला भी थर्रा गया. बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकाने एक प्रकार से ग्लोबल आतंक की युनिवर्सिटी रही है. दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं उन सब के तार कहीं न कहीं आतंक के इन्हीं ठिकानों से जुड़े हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि चाहे 9/11 हो या भारत में दशकों से जो बड़े-बड़े आतंकी हमले हुए हैं उन सबके तार कहीं न कहीं आतंक के इन्हीं ठिकानों से जुड़े हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था इसलिए भारत ने आतंक के ये हेडक्वार्ट्स उजाड़ दिए. भारत के इन हमलों में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया.</p>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 21:03:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नहीं चला ट्रंप कार्ड, पाक सेना ने 4 घंटे में तोड़ा सीजफायर; अब शहबाज के तख्ता पलट की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिका </strong>की मध्यस्थता से हुए भारत-पाकिस्तान सीजफायर का पाकिस्तानी सेना ने उल्लंघन किया. सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन हमले की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. इससे भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव फिर बढ़ गया है. पाकिस्तान में सेना की इस कार्रवाई से तख्तापलट की आशंका भी जताई जा रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को लेकर अमेरिका की मध्यस्थता में सीजफायर की बात कही गई थी, लेकिन सीजफायर की घोषणा के चार घंटे के बाद ही पाकिस्तानी सेना ने पीएम शहबाज शरीफ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151788/trump-card-did-not-run-pak-army-broke-ceasefire-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/whatsapp-image-2025-05-10-at-21.59.39_83b08c40.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिका </strong>की मध्यस्थता से हुए भारत-पाकिस्तान सीजफायर का पाकिस्तानी सेना ने उल्लंघन किया. सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन हमले की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. इससे भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव फिर बढ़ गया है. पाकिस्तान में सेना की इस कार्रवाई से तख्तापलट की आशंका भी जताई जा रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को लेकर अमेरिका की मध्यस्थता में सीजफायर की बात कही गई थी, लेकिन सीजफायर की घोषणा के चार घंटे के बाद ही पाकिस्तानी सेना ने पीएम शहबाज शरीफ की बात मानने से इनकार कर दिया और पाकिस्तानी सेना की ओर से फिर से भारतीय इलाकों में ड्रोन दागने की कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है. बता दें कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुए सीजफायर का शहबाज सरकार ने समर्थन किया था, लेकिन अब जिस तरह से पाकिस्तान सेना बगावत पर उतर आई है. उससे पाकिस्तान में तख्ता पलट की आशंका भी बढ़ गयी है.</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1">दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना द्वारा सीजफायर तोड़ने के बाद राजस्थान के बाड़मेर, पंजाब के फिरोजपुर, गुरुदासपुर और पठानकोट और श्रीनगर में फिर से ड्रोन भेजने की कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया.</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन के बाद पंजाब के फिरोजपुर में भी ब्लैकआउट एक बार फिर से घोषित किया गया. शहर में फिर खतरे के सायरन गूंजने लगे. इसके बाद जिला प्रशासन ने तुरंत बाजार दुकानें बंद करने की अपील की जारी की. तुरंत ब्लैक आउट करने की अपील की गई. इसके साथ ही सड़क पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट भी बंद करवाई गई. हालांकि अब तक किसी तरह के धमाके की आवाज नहीं लेकिन एयर अटैक से सायरन एक्टिव हो गये हैं.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सीजफायर के 4 घंटे के बाद हुआ उल्लंघन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />पाकिस्तान ने शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कई स्थानों पर संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया, जबकि दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनने के कुछ ही घंटे बाद ऐसा किया गया. सूत्रों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को किसी भी संघर्ष विराम उल्लंघन का पूरी ताकत से जवाब देने का निर्देश दिया गया है.</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान की ओर से यह कार्रवाई भारत द्वारा यह घोषणा किए जाने के कुछ ही समय बाद हुई कि इस्लामाबाद द्वारा युद्धविराम वार्ता शुरू किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हो गया है. इसके तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने भी इसकी पुष्टि की. श्रीनगर में कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई और क्षेत्र में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया. राजस्थान के पोखरण और कश्मीर के बारामूला में एक-एक ड्रोन को मार गिराया गया है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>उमर अब्दुल्ला ने पूछा- सीजफायर क्या हुआ?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तानी सेना ने अखनूर, राजौरी और आरएस पुरा सेक्टरों में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तोपखाने से गोलाबारी की. जम्मू के पलांवाला सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी संघर्ष विराम उल्लंघन की खबरें आईं. बारामूला में एक ड्रोन को मार गिराया गया तथा संदिग्ध मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) देखे गए. बारामूला और श्रीनगर दोनों जगहों पर ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है.<br />राजौरी में भी ड्रोन देखे गए तथा जम्मू क्षेत्र के सांबा जिले से हवाई हमले का सायरन बजने की सूचना मिली. हवाई गतिविधि की सूचना मिली तथा माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया.</p>
<p style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, “संघर्ष विराम को आखिर क्या हो गया? श्रीनगर में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं!!!” उन्होंने ड्रोन हमले का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “यह कोई संघर्ष विराम नहीं है. श्रीनगर के मध्य में वायु रक्षा इकाइयों ने अभी-अभी गोलीबारी शुरू की है.”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 22:03:28 +0530</pubDate>
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