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                <title>election campaign - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>election campaign RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रामकृष्णनगर में चुनावी प्रचार चरम पर, बीजेपी बनाम कांग्रेस में कड़ा मुकाबले का संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि -</strong>  श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र में जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी तेज़ होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच सीधा मुकाबला अब और भी दिलचस्प होता जा रहा है। वर्तमान के दो बार विधायक एवं बीजेपी प्रत्याशी विजय मालाकार तथा कांग्रेस प्रत्याशी, वकील और पूर्व जिला परिषद सदस्य सुरुचि राय दोनों ही सभाओं और रैलियों के जरिए जोरदार प्रचार अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी सुरुचि राय ने अपने जनसभाओं में शिक्षा को मुख्य मुद्दा बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के दुल्लभछड़ा,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174670/election-campaign-at-its-peak-in-ramakrishnanagar-indicating-tough-contest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001397049.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि -</strong> श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र में जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी तेज़ होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच सीधा मुकाबला अब और भी दिलचस्प होता जा रहा है। वर्तमान के दो बार विधायक एवं बीजेपी प्रत्याशी विजय मालाकार तथा कांग्रेस प्रत्याशी, वकील और पूर्व जिला परिषद सदस्य सुरुचि राय दोनों ही सभाओं और रैलियों के जरिए जोरदार प्रचार अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी सुरुचि राय ने अपने जनसभाओं में शिक्षा को मुख्य मुद्दा बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के दुल्लभछड़ा, निविया, चेरागी और रंगपुर जैसे दूरदराज़ इलाकों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कई किलोमीटर दूर रामकृष्णनगर जाना पड़ता है, जिससे मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने वादा किया कि जीतने पर क्षेत्र में डिग्री कॉलेज, सर्कल ऑफिस और अन्य आवश्यक सरकारी संस्थानों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, उन्होंने पिछले पंचायत चुनाव में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए पारदर्शी प्रशासन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार विजय मालाकार विकास के मुद्दे को केंद्र में रखकर प्रचार कर रहे हैं। उनका दावा है कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल की तुलना में बीजेपी ने कम समय में कहीं अधिक विकास कार्य किए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पहले क्षेत्र में संचार व्यवस्था कमजोर थी और कानून-व्यवस्था भी चिंताजनक थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इन क्षेत्रों में सुधार किया है। उन्होंने जनता से पिछले और वर्तमान हालात की तुलना करने की अपील की और अपनी जीत को लेकर आशावाद जताया। कुल मिलाकर, रामकृष्णनगर में इस बार का चुनाव विकास बनाम बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर केंद्रित होकर बेहद प्रतिस्पर्धी बन चुका है। अब देखना होगा कि मतदाता किसे अपना समर्थन देते हैं और इस कड़े मुकाबले में जीत किसकी होती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:33:23 +0530</pubDate>
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                <title>पोर्ट लुई टू पटना इलेक्शन केम्पेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी  चुनावों के लिए किसी भी हद को पार कर सकती है ,इसीलिए मैं भाजपा का  अनन्य प्रशंसक हूँ । हमारे प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी यदि अमेरिका में जाकर डोनाल्ड ट्रम्प का प्रचार कर सकते हैं तो मॉरीशस जाकर बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा  के लिए भी चुनाव प्रचार का श्रीगणेश कर सकते हैं। उन्होंने ऐसा कर दिखाया भी। मोदी जी को इस दूरदर्शिता और दुस्साहस के लिए हार्दिक बधाई।</p>
<p>हमारे प्रधानमंत्री जी मॉरीशस गए तो थे मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह के मुख्य अतिथि  बनकर लेकिन वहां जैसे ही उन्हें भारतीय समाज के बीच जाने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149815/port-louis-to-patna-election-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/bihar1.webp" alt=""></a><br /><p>भारतीय जनता पार्टी  चुनावों के लिए किसी भी हद को पार कर सकती है ,इसीलिए मैं भाजपा का  अनन्य प्रशंसक हूँ । हमारे प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी यदि अमेरिका में जाकर डोनाल्ड ट्रम्प का प्रचार कर सकते हैं तो मॉरीशस जाकर बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा  के लिए भी चुनाव प्रचार का श्रीगणेश कर सकते हैं। उन्होंने ऐसा कर दिखाया भी। मोदी जी को इस दूरदर्शिता और दुस्साहस के लिए हार्दिक बधाई।</p>
<p>हमारे प्रधानमंत्री जी मॉरीशस गए तो थे मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह के मुख्य अतिथि  बनकर लेकिन वहां जैसे ही उन्हें भारतीय समाज के बीच जाने का मौक़ा मिला उन्होंने अनौपचारिक रूप से बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव अभियान शुरू कर दिया ।  मोदी जी ने बिहार में नालंदा  विश्विद्यालय के उन्नयन के लिए केंद्र सरकार के काम के साथ ही बिहार में मखाना उद्योग के लिए हाल के बजट में किये गए प्रावधानों का भी उल्लेख कर दिया। आपको पता ही है की मॉरीशस में कोई दो सदी पहले अंग्रेज जिन गिरमिटिया   भारतीय मजदूरों   को भरकर ले गए थे उनमें  बहुत से बिहारी थे। मोदी जी ने पोर्ट लुई में भारतीय मूल के लोगों के बीच हिंदी ,अंग्रेजी के अलावा भोजपुरी भाषा में भी अपने प्रवचन दिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय मॉरीशस के आधिकारिक दौरे पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च सम्मान 'द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड 'की ऑफ द इंडियन ओशन' देने की घोषणा की. मोदी मॉरीशस का सर्वोच्च सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. रामगुलाम ने पोर्ट लुईस में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में ये घोषणा की। इसी कार्यक्रम में मोदी जी ने भारतीय मूल के लोगों के बीच अपनी पार्टी के एजेंडे में शामिल राम जी का भी उल्लेख किया और महाकुम्भ का भी। मोदी जी मॉरीशस के भारतियों के लिए त्रिवेणी का गंगाजल भी आपने साथ लेकर गए है।  इस गंगाजल को पोर्ट लुई के   गंगा तालाब में डाला जाएगा ताकि लोग इसमें स्नान,आचमनकर कुम्भ का पुण्य लाभ उठा सकें।</p>
<p>मोदी जी का अनुशरण भाजपा वाले योगी जी कर   रहे हैं या योगी जी  का अनुशरण  मोदी जी,ये पता नहीं चल रहा / क्योंकि गंगाजल का परिवहन योगी जी ने शुरू कराया  है ।  उन्होंने उत्तर प्रदेश की तमाम जेलों में गंगाजल भिजवाकर कैदियों को कुम्भ लाभ दिलवाया ।  हमारे मध्यप्रदेश में तो अनेक मंत्री-संतरी टेंकरों में भरकर त्रिवेणी से गंगाजल  लेकर आये और घर-घर बटवा रहे हैं ठीक उसी तर्ज पर जिस तरह कोविड के दिनों में नेता ऑक्सीजन सिलेंडर बंटवाया  करते थे। वोट और समर्थन हासिल करने के लिए हमारे मोदी जी कुछ भी कर सकते हैं। मोदी जी को राम राज्य के विस्तार और बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के श्रीगणेश के साथ ही उन्हें मॉरीशस का सर्वोच्छ नागरिक सम्मान मिलने की बहुत  -बहुत बधाई।</p>
<p>चुनाव कैसे लड़ा जाता है ,चुनाव प्रचार कैसे किया जाता है  ये विपक्ष को माननीय मोदी जी सीखना चाहिए। नहीं सीख रहा इसीलिए 11  साल से सत्ता से दूर है और 2047  तक उसे इसी तरह सत्ता से दूर रहना पडेगा। मोदी जी का क्या भरोसा कि वे मॉरीशस में रहने वाले बिहार मूल के लोगों को बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए बुला लें । उन्हें मताधिकार उपहार में दे दें।</p>
<p>मोदी जी जब माननीय ट्रम्प को भारत बुलाकर  चुनाव प्रचार करा सकते हैं तो मॉरीशस की जनता कहाँ लगती है ?मॉरीशस के प्रधानमंत्री माननीय नवीनचंद्र रामगुलाम   की तो क्या जुर्रत कि  वे मोदी जी का आग्रह ठुकरा दे। मोदी जी नवीन सर को ये भी याद दिलाया की पटना के गाँधी मैदान में मॉरीशस के प्रधानमंत्री रहे सर शिव   सागर रामगुलाम की आदमकद   प्रतिमा भी भारत सरकार ने लगवाई है ,जो दोनों देशों के प्रगाढ़ रिश्तों   का प्रतीक है ।</p>
<p>मुझे तो लगता है की मोदी जी मॉरीशस को अपना ही एक राज्य मानकर भाषण दे रहे थे पोर्ट लुई में। भारत का गोदी  मीडिया यदि मोदी जी के पोर्ट लुई के चुनावी भाषण का सीधा प्रसारण   न करता तो मैं इसे चुनावी भाषण कहता ही नहीं ,लेकिन इस भाषण को मोदी जी भारतवासियों को ही नहीं बल्कि बिहारियों को भी सुनवाना चाहते थे इसलिए उसका सीधा प्रसारण भी कराया गया। अन्यथा ये भाषण कोई संयक्त राष्ट्र महासभा में थोड़े ही दिया गया था !</p>
<p>मोदी जी ने भारतीय शिष्टाचार का पूरा ख्याल रखा। मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने मॉरीशस के राष्ट्रपति को कई चीजें भेंट की है, जिसमें महाकुंभ से संगम का जल और सुपर फूड मखाना भी शामिल है. इसके अलावा पीएम ने गोखुल की पत्नी वृंदा गोखुल को बनारसी सिल्क की साड़ी भी भेंट की है.ये बात और है की मोदी जी ने अपनी सगी पत्नी को न गंगाजल भेजा और न कोई साडी ।  बेचारी ये खबर देखकर जल-भुनकर रह गयीं होंगी।</p>
<p>लेकिन मैं किसी के निजी मामले में मदाखलत नहीं करना चाहता। मैं तो चाहता हूँ कि   मोदी   जी इसी तरह पूरी तीव्रता से दुनिया में अपनी पार्टी का एजेंडा और चुनाव प्रचार का अभियान जारी रखें। चुनाव प्रचार पोर्ट लुई से किया जाये या पटना से ,कोई फर्क नहीं पड़ता ।  बात बिहार की ,लिट्टी चोखा की ,मखाने की होना चाहिए।</p>
<p>मुझे एक ही हैरानी है कि  मोदी जी ने दो सौ साल पुराने इतिहास से तो अपने आपको जोड़ा  लेकिन चार सौ साल पुराने इतिहास को याद तक नहीं किया ,अन्यथा ये मौक़ा था कि  वे जिस तरह से बिहार के मखाने का जिक्र कर रहे थे ,उसी तरह महाराष्ट्र के संभाजी राव और  औरंगजेब का भी कोई किस्सा मॉरीशस वालों   को सुना देते। मोदी जी आखिर कुछ भी कर सकते हैं।</p>
<p>बहरहाल मोदी जी को मिले तमाम दुसरे आंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मानों की फेहरिश्त में एक और नाम मारीशस का भी  जुड़ गया है।  मेरा केंद्र सरकार से आग्रह है कि  वो मोदी   जी के कालखंड को प्रधानमंत्री संग्रहालय के सुपुर्द करने के बजाय उनके लिए अलग से चार मूर्ति भवन बनवाये। तीन मूर्ती भवन तो नेहरूजी  बहुत पहले बनवा चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 16:14:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मोदी का दावा कि कांग्रेस को अडानी और अंबानी से काला धन मिला है, ‘चुनावी शगूफा। : लोकपाल।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>भारत के लोकपाल ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ हाल ही में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण पर जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। उक्त भाषण में उन्होंने कहा था कि उद्योगपति अडानी और अंबानी कांग्रेस पार्टी को काला धन दे रहे हैं। लोकपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण "अनुमान और अटकलबाजी की सीमा पर है" और यह "चुनावी प्रचार" था, जो प्रतिद्वंद्वी को घेरने के लिए "कल्पित या काल्पनिक तथ्यों" पर आधारित था।</div>
<div>  </div>
<div>लोकपाल ने अपने आदेश में कहा है कि  भाषण का सार अनुमान और अटकलबाजी की सीमा पर है। यह विशुद्ध</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143403/modis-claim-that-congress-has-received-black-money-from-adani"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/vdzgsh.jpg" alt=""></a><br /><div>भारत के लोकपाल ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ हाल ही में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण पर जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। उक्त भाषण में उन्होंने कहा था कि उद्योगपति अडानी और अंबानी कांग्रेस पार्टी को काला धन दे रहे हैं। लोकपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण "अनुमान और अटकलबाजी की सीमा पर है" और यह "चुनावी प्रचार" था, जो प्रतिद्वंद्वी को घेरने के लिए "कल्पित या काल्पनिक तथ्यों" पर आधारित था।</div>
<div> </div>
<div>लोकपाल ने अपने आदेश में कहा है कि  भाषण का सार अनुमान और अटकलबाजी की सीमा पर है। यह विशुद्ध रूप से चुनावी प्रचार है, जिसका उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी को घेरने के लिए काल्पनिक या काल्पनिक तथ्यों के आधार पर प्रश्नावली देना है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाले प्राधिकरण ने पाया कि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 के अनुसार कार्रवाई करने का कोई आधार नहीं है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल से कई सवाल पूछे, जिसमें यह भी शामिल है कि इन दो उद्योगपतियों से कितना पैसा वसूला गया। यह भाषण प्रधानमंत्री ने इस साल अप्रैल में तेलंगाना में अपने चुनाव अभियान के दौरान दिया था। यह वायरल हो गया और शिकायतकर्ता ने लोकपाल को इसकी प्रतिलिपियाँ उपलब्ध कराईं।</div>
<div> </div>
<div>आदेश में कहा गया है कि यह बयान छाया मुक्केबाजी में लिप्त होने जैसा हो सकता है। हालांकि, किसी भी मानक के अनुसार, इस तरह के काल्पनिक प्रश्नावली को किसी अन्य सार्वजनिक पदाधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के सत्यापन योग्य आरोपों से भरी कोई जानकारी प्रकट करने वाला नहीं माना जा सकता, जिसके लिए लोकपाल द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। 8  मई 24 को तेलंगाना के करीमनगर में एक लोकसभा चुनाव रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने पूछा था कि क्या कांग्रेस अडानी और अंबानी से पैसा ले रही है।उन्होंने पूछा था कि कांग्रेस ने चुनावों के लिए अडानी और अंबानी से कितनी रकम वसूली है? उन्होंने कहा था, "काले धन के कितने बैग इकट्ठा किए गए हैं? क्या कांग्रेस के पास नोटों से भरे टेंपो पहुंचे हैं?" इन टिप्पणियों के आधार पर, 9 मई को लोकपाल के समक्ष शिकायत दर्ज की गई, जिसमें मोदी के खिलाफ आरोपों की जांच की मांग की गई।</div>
<div> </div>
<div>लोकपाल एक भ्रष्टाचार विरोधी निकाय है, जिसे प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों और केंद्र में ग्रुप ए के अधिकारियों सहित शीर्ष सार्वजनिक पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का अधिकार है। शिकायतकर्ता ने मोदी पर “सरकार की खुफिया शाखा से उनके द्वारा एकत्र की गई जानकारी के आधार पर मामले की जांच करने में विफल रहने” का आरोप लगाया।लोकपाल अधिनियम के तहत, शिकायतकर्ता की पहचान का खुलासा नहीं किया जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>अपने आठ पन्नों के आदेश में भ्रष्टाचार विरोधी निकाय ने प्रधानमंत्री का नाम लेने से परहेज किया, लेकिन कहा कि "लोकपाल का कर्तव्य है कि वह लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की गहन जांच करे।" उसने कहा, "लोकपाल तकनीकी पहलुओं में उलझे बिना, ऐसे सभी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा, जो भ्रष्टाचार के अपराध में प्रथम दृष्टया शामिल हैं - चाहे वे कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हों।" लोकपाल ने गांधी, अज्ञात टेंपो मालिकों, अडानी और अंबानी के खिलाफ जांच की मांग करने वाली याचिका को भी "भ्रष्टाचार के अपराध में उनकी मिलीभगत के बारे में अवास्तविक और अपुष्ट तथ्यों" के रूप में खारिज कर दिया। आदेश में कहा गया है कि उन्हें अधिकतम शिकायतकर्ता या गवाह माना जा सकता है, लेकिन भ्रष्टाचार के कथित अपराध में शामिल सहयोगी या आरोपी निश्चित रूप से नहीं।</div>
<div> </div>
<div> आरोपों पर टिप्पणी करते हुए प्राधिकरण ने कहा कि आरोप "अवास्तविक और अपुष्ट तथ्यों पर आधारित हैं"।इस प्रकार, लोकपाल ने शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह अपुष्ट तथ्यों पर आधारित है या, उस मामले में भ्रष्टाचार के अपराध के किए जाने का खुलासा करने वाली ठोस सामग्री का अभाव है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाले भ्रष्टाचार निरोधक प्राधिकरण लोकपाल  में शामिल अन्य सदस्य हैं : जस्टिस एल. नारायण स्वामी, जस्टिस संजय यादव, सुशील चंद्रा, जस्टिस रितु राज अवस्थी, पंकज कुमार, अजय तिर्की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jul 2024 17:37:03 +0530</pubDate>
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