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                <title>Punjab - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Punjab RSS Feed</description>
                
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                <title>Punjab News: पंजाब के पूर्व IG ने खुद को मारी गोली, DGP के नाम छोड़ा 12 पेज का नोट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Punjab News: पंजाब के पटियाला से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां पूर्व इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजी) अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मार ली और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल पटियाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमर सिंह चहल के पास से एक 12 पन्नों का पत्र बरामद हुआ है, जो पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव के नाम लिखा गया बताया जा रहा है। इस पत्र में कथित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164032/punjab-news-former-ig-of-punjab-shot-himself-and-left"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/punjab-news.jpg" alt=""></a><br /><p>Punjab News: पंजाब के पटियाला से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां पूर्व इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजी) अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मार ली और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल पटियाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमर सिंह चहल के पास से एक 12 पन्नों का पत्र बरामद हुआ है, जो पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव के नाम लिखा गया बताया जा रहा है। इस पत्र में कथित तौर पर करीब 8.10 करोड़ रुपये से जुड़े एक ऑनलाइन फ्रॉड का उल्लेख किया गया है। चहल सेवानिवृत्ति के बाद पटियाला में ही रह रहे थे।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>गौरतलब है कि अमर सिंह चहल 2015 में फरीदकोट जिले में हुए बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामलों में आरोपी रह चुके हैं। इन घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में 24 फरवरी 2023 को पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने फरीदकोट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।</p>
<p>चार्जशीट में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के नाम शामिल किए गए थे। इनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल, पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी सहित अन्य अधिकारियों को नामजद किया गया था। फिलहाल, अमर सिंह चहल की हालत और मामले से जुड़े तथ्यों को लेकर जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 16:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Punjab News: पंजाब में इन कर्मचारियों को किया गया सस्पेंड, जानें क्या है वजह </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Punjab News: पंजाब में किलोमीटर स्कीम की बसों के टेंडर रद्द होने के विरोध में चल रही हड़ताल के कारण सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में सभी कच्चे कर्मचारियों को मेल भेजकर कार्रवाई की जानकारी दी है।</p>
<p>मेल में बताया गया है कि कर्मचारियों ने अवैध धरने में भाग लेकर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुँचाया। इसके साथ ही रूट पर बस न चलाने के एवज में जुर्माना भी लगाया गया और सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवाओं से सस्पेंड कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162148/punjab-news-these-employees-were-suspended-in-punjab-know-what"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/punjqb-news.jpg" alt=""></a><br /><p>Punjab News: पंजाब में किलोमीटर स्कीम की बसों के टेंडर रद्द होने के विरोध में चल रही हड़ताल के कारण सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में सभी कच्चे कर्मचारियों को मेल भेजकर कार्रवाई की जानकारी दी है।</p>
<p>मेल में बताया गया है कि कर्मचारियों ने अवैध धरने में भाग लेकर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुँचाया। इसके साथ ही रूट पर बस न चलाने के एवज में जुर्माना भी लगाया गया और सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवाओं से सस्पेंड कर दिया गया।</p>
<p>इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज तड़के 3:30 बजे कुराली बस स्टैंड पहुंचे और बसों में सवारियों से बातचीत की। उनका यह दौरा यात्रियों की समस्याओं को समझने और हड़ताल के बीच सेवा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 15:06:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंसानी दखल से परेशान प्रकृति का रौद्र रूप! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">इस बार का मानसून का सीजन उत्तर भारत में गंभीर प्राकृतिक आपदा बनकर कहर बरपा रहा है । आमतौर पर सूखा रहने वाले राजस्थान में भी रेतीले मैदान जलमग्न है उधर पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली समेत उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश भूस्खलन से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।  पंजाब के पठानकोट, फिरोजपुर समेत 12 जिले एक हफ्ते से बाढ़ की चपेट में हैं।राज्य में 1,312 गांवों के 2.56 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक 29 लोगों की मौत हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  हरियाणा में भी बारिश का कहर जारी है भिवानी, हिसार,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूपी</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154354/the-form-of-nature-troubled-by-human-interference"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/download.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;">इस बार का मानसून का सीजन उत्तर भारत में गंभीर प्राकृतिक आपदा बनकर कहर बरपा रहा है । आमतौर पर सूखा रहने वाले राजस्थान में भी रेतीले मैदान जलमग्न है उधर पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली समेत उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश भूस्खलन से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।  पंजाब के पठानकोट, फिरोजपुर समेत 12 जिले एक हफ्ते से बाढ़ की चपेट में हैं।राज्य में 1,312 गांवों के 2.56 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक 29 लोगों की मौत हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> हरियाणा में भी बारिश का कहर जारी है भिवानी, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में कुछ स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। गुरुग्राम के दफ्तरों में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी किए गए हैं। उधर, दिल्ली में यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद मंगलवार को ट्रांस-यमुना क्षेत्र की कई कॉलोनियों में पानी घुस गया। यमुना बाजार, मयूर विहार और आसपास के इलाकों की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अपना जरूरी सामान लेकर राहत शिविरों में जाने की अपील की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूपी पंजाब राजस्थान हरियाणा से लेकर हिमाचल जम्मू-कश्मीर  उत्तराखंड में अतिवृष्टि से नदिया उफान पर है तो पहाड़ ढह रहे हैं बादल फटने भूस्खलन की घटनाओं में सैकड़ों जान जा चुकी है। आपको पता हो कि लगातार कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जम्मू क्षेत्र में तबाही मचा दी है। बीते मंगलवार को वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर भूस्खलन में 39 लोगों की मौत हो गई है, ये आंकड़ा बढ़ भी सकता है, क्योंकि कई लोगों के बारे में अभी तक लापता होने की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन के मुताबिक लगातार और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ और पहाड़ की ढलान से पत्थर, शिलाखंड और चट्टानें एकदम से नीचे गिरने लगीं। इससे बेखबर लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गई। मंदिर तक जाने के दो मार्ग हैं, जिसमें हिमकोटि पैदल मार्ग पर सुबह से यात्रा स्थगित कर दी गई थी, जबकि पुराने मार्ग पर दोपहर डेढ़ बजे तक यात्रा जारी थी। अब भारी बारिश के अंदेशे के बीच यात्रा अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला किया गया है। हालांकि यही समझ पहले दिखाई गई होती तो शायद 39 लोग अकाल मौत न मरते। जब लगातार तेज बारिश हो रही थी तो यात्रा जारी रखने की लापरवाही क्यों बरती गई। पहाड़ी इलाकों में बारिश का कहर लगातार बरप रहा है, फिर भी सरकार इस तरफ से सचेत क्यों नहीं हो रही, यह समझ से परे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के मचैल माता मंदिर के रास्ते में पड़ने वाले आखिरी गांव चशोती में बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिसमें कम से कम 65 लोगों की मौत हो गई और भीषण तबाही का मंजर सामने आया। मरने वालों में ज्यादातर तीर्थयात्री थे। इस प्राकृतिक आपदा में 100 से अधिक लोग घायल हो गए तथा 32 लोग अब भी लापता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के अलावा हिमाचल प्रदेश और पंजाब भी बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पिछले महीने ही बाढ़ से काफी तबाही हुई थी। अब एक बार फिर हालात गंभीर हैं। भारी बारिश के कारण प्रदेश के 8 जिलों में सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी कर दी हई है। वहीं व्यास नदी का जलस्तर अचानक इतना बढ़ गया कि नदी चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर बहने लगी। मनाली के बाहंग में कुछ दुकानें, घर और शेरे-ए-पंजाब होटल नदी में बह गए। फिलहाल नदियों का जलस्तर बढ़ने से मंडी, कांगड़ा, चंबा और कुल्लू में रेड अलर्ट जारी किया गया है, चंबा में मणिमहेश यात्रा रोक दी गई है। लेकिन इससे पहले मणिमहेश यात्रा के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते पंजाब के चार श्रद्धालुओं की मौत भी हो गई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं मूसलाधार बारिश के बीच लाहौल-स्पीति, शिंकुला दर्रा, बारालाचा, खरदूंगला और रोहतांग जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। शिंकुला दरें में अब तक करीब आठ इंच बर्फ गिर चुकी है। इस बर्फबारी को देखते हुए इलाके में शीतलहर का असर बढ़ गया है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में अगस्त में अब तक सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर ऐसा बरपा है कि 20 जून से 1 सितंबर तक 326 लोग इसकी बलि चढ़ गए. वहीं, 41 लोग अभी भी लापता हैं और 385 लोग इस बरसात में अब तक घायल हुए हैं. प्रदेश में बादल फटने, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से 4196 घरों की अपनी चपेट में लिया. इसमें 861 कच्चे और पक्के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं. जबकि 3335 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा प्रदेशभर में अब तक 3813 गौशालाएं ध्वस्त हुई हैं और 471 दुकानों/फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश में इस साल अगस्त की बारिश ने 76 साल का रिकॉर्ड तोड़ा दिया। बीते महीने सामान्य से 68% ज्यादा (256.8 mm) बारिश हुई। यह 1949 के बाद से सबसे ज्यादा है। शिमला में पिछले 24 घंटे में लैंडस्लाइड और मकान गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को हिमाचल के 6 जिलों में बहुत तेज बारिश का रेड अलर्ट है। 8 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे।उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार को उत्तराखंड में केदारनाथ मार्ग पर लैंडस्लाइड से दो लोगों की मौत हो गई और 6 घायल हो गए। भारी बारिश के कारण चार धाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित कर दी गई है।  हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण पंजाब की नदियां उफान पर हैं। पंजाब के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण गुरदासपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय के 400 छात्र और 40 स्टाफ स्कूल परिसर में ही फंस गए। बाढ़ का पानी निचली मंजिल की कक्षाओं में भर गया। आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे के कारण प्रशासनिक अधिकारी आवभगत की तैयारियों में फंसे रहे और बच्चे स्कूल में परेशान होते रहे। इस पर अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर की। अब तीन दिन तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जम्मू-कश्मीर से पंजाब तक या उससे पहले महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, असम इन तमाम राज्यों में बाढ़, बारिश, भूस्खलन आदि की जितनी भी घटनाएं अभी हो रही हैं, या अतीत में हुई हैं, उनमें फौरी राहत के उपाय के अलावा और कोई गंभीर कदम नहीं उठाया जा रहा है, ताकि भविष्य में सुरक्षा का इंतजाम हो। इसे अब प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि मानव निर्मित आपदा की तरह मानकर दोषियों की शिनाख्त करने की जरूरत है, तभी ठोस समाधान निकल पाएगा या असल मायनों में बचाव कार्य हो पाएगा। हर बार बाढ़ या भू स्खलन के बाद लोगों को प्रभावित स्थानों से निकालने को अगर हमने बचाव कार्य माना तो फिर यह भी मान लेना चाहिए कि हम ऐसी आपदाओं को निमंत्रण दे रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">याद रहे कि बाढ़ हो या वारिश इनकी चपेट में मंत्री, अधिकारी या सरकार में फैसले लेने वाले लोग नहीं आते हैं, उनके तो आरामगाहों में बारिश से बचने के लिए खूब जगह है और वो ऐसे मौसम का लुत्फ उठाते हैं। सरकारों को इस बात का दर्द नहीं है कि बारिश में कैसे बसी-बसायी जिंदगियां बह जाती हैं। असली दिक्कत तो आम जनता को होती है। जिनकी अकाल मौत होती है, उनके पीछे पूरा परिवार प्रभावित होता है। मौत से बचे तो विस्थापन का दंश सहना पड़ता है। अपने घरों को छोड़कर राहत शिविरों में शरणार्थियों की तरह रहना पड़ता है। जतन से संजोई गृहस्थी उजड़ जाती है, तो कितनी तकलीफ होती है, लेकिन विकास की अंधी दौड़ में लगी हुई सरकारें प्रकृति के इशारे को समझती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लगातार  बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं बता रही हैं कि पहाड़ों को काटकर या नदी के प्राकृतिक रास्ते को नियंत्रित कर वहां व्यावसायिक गतिविधियां करना मौत को दावत देने के समान है। प्रकृति खुलकर संकेत दे रही है कि इंसान संभल जाए और जंगलों का, खदानों का अंधाधुंध दोहन बंद करे। इस संकेत को गंभीर चेतावनी बतौर समझना चाहिए वरना इस क्षति की कोई भरपाई नहीं है।</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 15:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> रेल विकास : एक पहलू यह भी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>भारतीय रेल विकास के नित्य नये अध्याय लिख रहा है। अनेक तीव्रगामी ट्रेन संचालित की जा रही हैं। मुंबई-अहमदाबाद के मध्य तो हाई स्पीड रेल/ बुलेट ट्रेन चलने की योजना है। दिसंबर 2023 तक बुलेट ट्रेन संचालन की तैयारी को  पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। परन्तु अभी तक इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसकी अधिकतम गति 320-350 किमी प्रति घंटे की बताई जा रही है। इससे भी आगे बढ़कर 1300 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हाइपर लूप चलाने का भी प्रस्ताव है।</div>
<div>  </div>
<div>अनेक वनदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन चल चुकी हैं। इसके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150374/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/a-woman-asking-for-money-from-passengers-in-ac-coach.jpg" alt=""></a><br /><div>भारतीय रेल विकास के नित्य नये अध्याय लिख रहा है। अनेक तीव्रगामी ट्रेन संचालित की जा रही हैं। मुंबई-अहमदाबाद के मध्य तो हाई स्पीड रेल/ बुलेट ट्रेन चलने की योजना है। दिसंबर 2023 तक बुलेट ट्रेन संचालन की तैयारी को  पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। परन्तु अभी तक इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसकी अधिकतम गति 320-350 किमी प्रति घंटे की बताई जा रही है। इससे भी आगे बढ़कर 1300 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हाइपर लूप चलाने का भी प्रस्ताव है।</div>
<div> </div>
<div>अनेक वनदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन चल चुकी हैं। इसके अतिरिक्त नमो भारत रैपिड रेल जिसे पहले वंदे भारत मेट्रो के नाम से जाना जाता था वह भी अहमदाबाद और भुज के बीच पहले से ही चल रही थी,अब दिल्ली, ग़ाज़ियाबाद व मेरठ के बीच  लगभग 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही है। इसी तरह अनेक रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण किया जा रहा है। अनेक प्रमुख रेल स्टेशन पर एस्केलेटर / स्वचालित सीढ़ियां लगाई गयी हैं। अनेक रेल स्टेशन पर एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जाने के लिये लिफ़्ट लगाई गयी हैं।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/vendor-workers-lying-on-the-floor-using-blankets-and-sheets-given-to-passengers,-ac-coach-filled-with-spit-and-dirt1.jpg" alt="Vendor workers lying on the floor using blankets and sheets given to passengers, AC coach filled with spit and dirt1" width="1200" height="1600"></img></div>
<div>भीड़ भाड़ वाले स्टेशन पर नए प्लेटफ़ॉर्म बनाये गए हैं।  उधर रेल परिवहन क्षेत्र में भी बड़ी क्रांति हुई है जिसके तहत भारत के समर्पित मालवाहक गलियारे (डीएफसी) पर विशेष रेलवे ट्रैक निर्मित किये गए हैं। यह ट्रैक केवल माल परिवहन के लिए डिज़ाइन किये गए हैं जिनका मक़सद माल ढुलाई की क्षमता और गति को बढ़ाना,माल परिवहन की दक्षता और गति में सुधार करना, मौजूदा रेल नेटवर्क पर ट्रेन की संख्या को कम करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।</div>
<div> </div>
<div> परन्तु इन सब के बावजूद रेल यात्रियों की सुविधा,सुरक्षा व स्वास्थ्य आदि से जुड़े अनेक बुनियादी सवाल अभी भी उसी तरह बरक़रार हैं। सरकार भले ही वंदे भारत,राजधानी व शताब्दी जैसी ट्रेनों के संचालन पर इतराती हो परन्तु हक़ीक़त तो यह है कि देश की अधिकांश आम जनता इनके अतिरिक्त चलने वाली दूसरी लगभग तीन हज़ार सामान्य मेल एक्सप्रेस ट्रेन्स से ही यात्रा करती है। और इन ट्रेन्स में यात्रियों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>सबसे बड़ी समस्या तो बर्थ व सीट की उपलब्धता की ही है। लंबी दूरी की गाड़ियों में सामान्य कोच की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। न केवल यात्री लटक कर या दरवाज़ों पर खड़े होकर यात्रा करते हैं बल्कि कभी कभी तो यह यात्री शौचालय में घुसकर उसे भीतर से बंद कर अपनी यात्रा पूरी करते हैं। जिससे ट्रेन के अन्य यात्रियों को भी परेशानी होती है।</div>
<div> </div>
<div>और जब यही भीड़ अनियंत्रित होती ही तो स्लीपर क्लास से लेकर ए सी कोच तक में अनिधकृत रूप से घुस जाती है। ज़्यादा भीड़ देखकर टिकट निरीक्षक भी उन्हें उतारने के बजाये यात्रियों से 'सुविधा शुल्क'  लेकर उनकी अवैध यात्रा की अनदेखी कर देते हैं। परिणामस्वरूप आरक्षित यात्रियों व उनके सामन की सुरक्षा तो ख़तरे में पड़ती ही है साथ ही उन्हें वाशरूम तक पहुँचने व उसे इस्तेमाल करने में भी परेशानी होती है। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/vendor-workers-lying-on-the-floor-using-blankets-and-sheets-given-to-passengers,-ac-coach-filled-with-spit-and-dirt.jpg" alt="Vendor workers lying on the floor using blankets and sheets given to passengers, AC coach filled with spit and dirt" width="1200" height="1600"></img></div>
<div>दिल्ली,पंजाब,महाराष्ट्र व दक्षिणी राज्यों से बिहार बंगाल की तरफ़ जाने वाली गाड़ियों में ए सी श्रेणी में उपलब्ध कराये जाने वाले कंबल व चादरों की तो दशा ही मत पूछिए। बहुत सौभाग्यशाली होता होगा वह यात्री जिसे धुली हुई चादर नसीब हो जाती हो। अन्यथा पूर्व के यात्रियों द्वारा प्रयुक्त चादरें ही तह कर और वेंडर के ख़ाकी लिफ़ाफ़े में पैक कर उसपर टेप लगाकर पुनः दूसरे यात्रयों को दे दी जाती हैं । और कंबल का तो हाल ही मत पूछिए। यह बदबूदार गंदे कंबल तो शायद कभी धोये ही नहीं जाते।</div>
<div> </div>
<div>देर रात जब बेडिंग आपूर्ति करने वाले स्टाफ़ को नींद आती है तो यही चादरें और कंबल जो बाद में यात्रियों को भी दिए जाने हैं उन्हें गंदी फ़र्श पर बिछा कर सो जाते हैं। और सोने में सुहागा यह की उन्हीं कोनों में लोगों ने पान खाकर भी थूका होता है जहाँ वे चादर कंबल बिछा कर सो रहे होते हैं। निश्चित रूप से इस तरह के कंबलों व चादरों का यात्रियों को आवंटित किया जाना यात्रियों के आराम व सुविधा देने से अधिक बीमारियों व संक्रमण को न्यौता ज़रूर देता है। रेल मंत्रालय को इस दुर्व्यवस्था से सख़्ती से निपटने की ज़रुरत है। </div>
<div> </div>
<div>मेल एक्सप्रैस ट्रेन्स में प्रायः हिजड़ों व महिलाओं के गैंग यहां तक कि सजी धजी सुन्दर लड़कियों के गिरोह सक्रिय रहते हैं। यह यात्रियों से पैसों की उगाही करते हैं। यदि कोई यात्री पैसे नहीं देता तो यह उन्हें अपमानित करने में भी नहीं हिचकिचाते।</div>
<div> </div>
<div>यदि कोई इज़्ज़तदार व्यक्ति किसी मजबूरीवश निर्धारित टिकट लेकर ट्रेन यात्रा न कर सके या बेटिकट हो अथवा सामान्य टिकट लेकर जल्दबाज़ी में ए सी कोच में सवार हो जाये तो टिकट निरीक्षक उससे तो बड़े अपराधी की तरह पेश आता है। परन्तु यदि इसतरह के भिखारी हिजड़े या औरतें ट्रेन में मांगते फिरें और यात्रियों के सामन की सुरक्षा के लिये चिंता पैदा करें तो यही टिकट निरीक्षक ऐसे पेशेवर लोगों को कुछ नहीं कहता। गोया इन्हें रेल विभाग की तरफ़ से ट्रेन में फ़्री यात्रा करने व यात्रियों से पैसे ऐंठने का लाइसेंस हासिल हो ? </div>
<div> </div>
<div>और दूसरी महत्वपूर्ण समस्या खानपान की स्तरीय आपूर्ति की है। चाहे वह चलती गाड़ी के कोच में यात्रियों को उपलब्ध कराया जाने वाला चाय,नाश्ता खाना हो या फिर रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर बिकने वाली खाने पीने की वस्तुयें किसी का भी कोई स्टैण्डर्ड नहीं है। कभी भी आपको कोई यात्री ऐसा नहीं मिलेगा जो रेल में आपूर्ति की जाने वाली चाय पान खाना आदि की तारीफ़ करता नज़र आ जाये।</div>
<div> </div>
<div>परन्तु लंबे सफ़र में मजबूर भूखा प्यासा यात्री बार बार ऐसी अवांछित वस्तुओं को ख़रीदने के लिये मजबूर रहता है। ऐसे भी कई वीडीओ वायरल हो चुकी हैं जिनमें इसतरह के खाद्य वस्तुओं के तैयार होने की हक़ीक़त दिखाई जा चुकी है। यानी आपूर्तिकर्ता या ठेकेदार को पैसे कमाने के सिवा यात्रियों के स्वास्थ्य या स्वाद की कोई फ़िक्र नहीं रहती।  </div>
<div> </div>
<div>ज़रा सोचिये कि जब मुझ जैसा आम यात्री रेल के इन कुप्रबन्धनों से भली भांति वाक़िफ़ है तो क्या वह रेल विभाग इन बातों को जानता नहीं होगा ? इसलिये यह कहने में कोई हर्ज नहीं कि यह सब रेल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का ही परिणाम है। रेल स्टेशन का नवीनीकरण कर या उन्हें भगवा रंग से रंग देने से यात्रियों को बुनियादी परेशानियों से निजात नहीं मिलने वाली।</div>
<div> </div>
<div>रेल यात्रियों को सर्वप्रथम टिकट के बदले सीट,अवांछित लोगों से उसकी सुरक्षा,सफ़ाई,स्वच्छ व स्वस्थ खानपान जैसी चीज़ें चाहिये। रेल विकास का ढोल पीटने वालों को रेल यात्रियों की परेशानियों से जुड़े इन पहलुओं पर भी ग़ौर करना चाहिये तथा इनका यथाशीघ्र समुचित समाधान भी किया जाना चाहिये। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:10:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों पर कार्रवाई साबित करती है कि आप किसानी संकट हल करने में असफल रही : परमजीत सिंह सरना</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>नई दिल्ली - </strong>शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष, श्री परमजीत सिंह सरना ने प्रदर्शनकारी किसानों पर पंजाब सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे राज्य में गहराते कृषि संकट को हल करने में आम आदमी पार्टी (आप) की विफलता का स्वीकारोक्ति बयान बताया। सरना ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत इस्तीफा देने की मांग करते हुए उन लोगों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया, जिन्होंने वोट देकर उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया था।</div>
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<div>सः सरना ने कहा एक विरोध आंदोलन से जन्मी पार्टी अब शांतिपूर्ण और जायज़ प्रदर्शन कर रहे लोगों के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150130/action-on-farmers-proves-that-you-failed-to-resolve-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250320-wa0110.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली - </strong>शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष, श्री परमजीत सिंह सरना ने प्रदर्शनकारी किसानों पर पंजाब सरकार की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे राज्य में गहराते कृषि संकट को हल करने में आम आदमी पार्टी (आप) की विफलता का स्वीकारोक्ति बयान बताया। सरना ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत इस्तीफा देने की मांग करते हुए उन लोगों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया, जिन्होंने वोट देकर उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया था।</div>
<div> </div>
<div>सः सरना ने कहा एक विरोध आंदोलन से जन्मी पार्टी अब शांतिपूर्ण और जायज़ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ हो गई है। यह सिर्फ़ पाखंड नहीं है - यह इस बात का प्रमाण है कि ‘आप’ ने पंजाब पर शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है। पंजाब के किसान एक साल से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं, वह निष्पक्ष खरीद नीति, न्यूनतम समर्थन मूल्य एम एस पी की गारंटी और कर्ज़ से राहत की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनसे सार्थक संवाद करने के बजाय, भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने उनकी आवाज़ को दबाने का रास्ता चुना है।</div>
<div> </div>
<div>सः सरना ने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक की लुधियाना में हाल ही में हुई उद्योगपतियों के साथ बैठक की ओर इशारा किया और सवाल उठाया कि क्या अचानक की गई यह कार्रवाई उस बैठक से जुड़ी हुई है। सः सरना ने आप से सवाल करते हुए कहा कि क्या यह आप और अन्य पूंजीवादी ताकतों के बीच किसानों के हितों के साथ समझौता कर, उद्योगपतियों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए किया गया सौदा है?</div>
<div> </div>
<div>यह स्वीकार करते हुए कि लंबे समय तक सड़क नाकेबंदी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है, सरना ने ज़ोर देकर कहा कि कोई भी किसान सामान्य परिस्थितियों में सड़कों पर नहीं बैठता जब तक कि उसे मजबूर न किया जाए। उन्होंने कहा किसान किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं मांग रहे; वह केवल अपनी लागत की भरपाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>उद्योग एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों में चलते हैं, जबकि किसान तेज़ धूप और सर्द रातों में अपनी फसल की रक्षा करते हैं इसलिए दोनों की तुलना संभव नही है। सः सरना ने चेतावनी दी कि पंजाब का किसान सम्मान का हक़दार है, दमन का नहीं। उन्हांेने कहा यह सरकार जनता की सेवा करने के लिए चुनी गई थी, उन पर ज़बरदस्ती करने के लिए नहीं। अगर भगवंत मान में ईमानदारी बची है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 12:33:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामाजिक समरसता के पर्व पर हुड़दंग और हिंसा का ग्रहण! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>समाज में बंधुत्व प्रेम सद्भाव समरसता के संदेश का रंगपर्व आखिर क्यों बन जाता है कलह वैमनस्यता खून खराबे का दिन? आप जानते हैं कि इस बार होली और रमजान का जुमा एक दिन होने की वजह से पूरे देश में होली पर हाई अलर्ट किया गया था। पुलिस व सुरक्षा बलों की चौकसी और नागरिकों के संयम की वजह से देश में कोई बड़ी घटना नहीं हुई। फिर भी कम से कम चार राज्यों में होली पर हिंसा और झड़प की वारदातों को अंजाम दिया गया है। वहीं देश भर में नशा कर गाड़ी चलाने और हुड़दंग मचाने की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150050/eclipse-of-violence-and-violence-on-the-festival-of-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/hindi-divas39.jpg" alt=""></a><br /><div>समाज में बंधुत्व प्रेम सद्भाव समरसता के संदेश का रंगपर्व आखिर क्यों बन जाता है कलह वैमनस्यता खून खराबे का दिन? आप जानते हैं कि इस बार होली और रमजान का जुमा एक दिन होने की वजह से पूरे देश में होली पर हाई अलर्ट किया गया था। पुलिस व सुरक्षा बलों की चौकसी और नागरिकों के संयम की वजह से देश में कोई बड़ी घटना नहीं हुई। फिर भी कम से कम चार राज्यों में होली पर हिंसा और झड़प की वारदातों को अंजाम दिया गया है। वहीं देश भर में नशा कर गाड़ी चलाने और हुड़दंग मचाने की सैकड़ों वारदातों में पचास लोग जान गंवा गए जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग घायल अवस्था में अस्पतालों में इलाज के लिए लाए गए।</div>
<div> </div>
<div>अकेले उत्तर प्रदेश में 250 से अधिक सड़क दुर्घटना दर्ज की गई है जिसमें 430 लोग घायल हुए हैं। जबकि उत्तराखंड में हुड़दंग हिंसा की वारदातों में कुल 14 लोगों की मौत हो गई। भाजपा ने हिंसा के बाद राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदू त्योहारों पर ही ऐसी हिंसा क्यों होती है?</div>
<div> </div>
<div>पश्चिम बंगाल के अलावा तीन और राज्यों बिहार छत्तीसगढ़ पंजाब में होली पर हिंसा हुई। बिहार के मुंगेर में ग्रामीणों के हमले में एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई। पटना में दो गुटों में होलिका दहन का विवाद होली के दिन पथराव तक पहुंच गया। पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। यहां फायरिंग की भी खबर है। झारखंड के गिरिडीह में होली के दिन दो गुटों में पथराव के बाद उपद्रवियों ने दुकानों और बाइक में आग लगा दी। इसके अलावा पंजाब के लुधियाना में दो समुदायों के बीच ईंट, पत्थर और बोतलें चलीं। झड़प में 11 लोग घायल हुए हैं। मुसलमानों कहना है कि नमाज अदा करते वक्त पथराव किया गया। वहीं हिंदुओं का कहना है कि पहले मस्जिद की तरफ ईंट फेंकी गई। कई वाहनों में भी तोड़फोड़ हुई है।</div>
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<div>बेंगलुरु में नशे में धुत कुछ लोगों के बीच हुए झगड़े में तीन लोगों की मौत की खबर आ रही है. मौके से पुलिस ने तीन लोगों के शवों को बरामद किया. पुलिस टीम को पहला शव अपार्टमेंट के रास्ते में मिला, जबकि दूसरा कमरे के अंदर और तीसरा अपार्टमेंट से बाहर मिला. पुलिस ने दो मृतकों की पहचान 22 वर्षीय अनसू और 23 वर्षीय राधे श्याम के रूप में की है. जबकि तीसरे मृतक की पहचान नहीं हो पाई है. आप को बता दें पश्चिम बंगाल के बीरभूम में दो समूहों के बीच हिंसक झड़प की खबर है  राज्य सरकार ने इलाक़े में इंटरनेट सेवाओंं को सस्पेंड कर दिया. क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात भी किया गया है. पुलिस का कहना है कि घटना के बाद 20 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसक वारदात के बाद पश्चिम बंगाल के गृह विभाग ने इंटरनेट सस्पेंड करने का आदेश जारी किया. पुलिस का कहना है कि स्थिति पर काबू पा लिया गया है।</div>
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<div>झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित घोड़थंबा में होली 14 मार्च 2025 के दिन जुलूस के दौरान हिंदुओं पर हमला हुआ। ये हमला मस्जिद वाली गली में हुआ। इस हिंसा के दौरान एक खास समुदाय के घरों से पत्थर चले।  मस्जिद वाली गली में हिंदुओं के जुलूस को निशाना बनाया गया , पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया गया । कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने प्रशासन पर हिंदुओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। </div>
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<div>एफआईआर के अनुसार, 14 मार्च 2025 की शाम 15-20 लोगों की होली की टोली मस्जिद गली से गुजरना चाहती थी, लेकिन नमाज का समय होने की वजह से उन्हें रोका गया। टोली का कहना था कि वे हर साल इसी रास्ते से जाते हैं। समझाने के बावजूद टोली गली में आगे बढ़ गई। इसके बाद कथित तौर पर समुदाय विशेष के लोगों पेट्रोल बम, बोतल, ईंट और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। बाजार चौक के पास पेट्रोल बम फेंककर कई दुकानों, बाइकों और गाड़ियों में आग लगा दी गई।जानकारी के अनुसार प्राथमिकी में इस बात का साफ-साफ जिक्र है कि समुदाय विशेष  ने मंदिर पर हमला किया। पत्थर फेंके और पुलिस पहुँची तो उसकी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इस हिंसा में चार पुलिसकर्मी घायल हुए। </div>
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<div>दिल्ली के द्वारका में होली का जश्न हिंसा में बदल गया. गोयला डेरी स्थित छठ घाट पार्क में होली का जश्न मनाया जा रहा था. इस दौरान हुआ छोटा विवाद हाथापाई में बदल गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, राजू कुमार (35) अपने दोस्त राजेश से मिलने के लिए टैक्सी से पार्क गया था. उत्सव के दौरान, होली का कुछ रंग गलती से एक लड़के पर गिर गया, जिससे दोनों में तीखी बहस हो गई कुछ देर बाद, लड़के ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजू कुमार और राजेश पर हमला कर दिया. मारपीट में हमलावरों ने राजू कुमार की टैक्सी में भी तोड़फोड़ की और उसके शीशे तोड़ दिए।</div>
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<div>पंजाब के लुधियाना में दो समुदायों के बीच ईंट-पत्थर और बोतलें चलीं। झड़प में 11 लोग घायल हुए हैं। विशेष समुदाय के लोगों का कहना है कि नमाज अदा करते वक्त पथराव किया गया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि पहले मस्जिद की तरफ ईंट फेंकी गई। कई वाहनों में भी तोड़फोड़ हुई है।</div>
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<div>पश्चिम बंगाल में भी होली पर्व पर हिंसा हुई है। भाजपा ने नंदीग्राम में मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया है। भाजपा आइटी सेल ने भी तस्वीरें पोस्ट कर आरोप लगाया कि बरुईपुर, जादवपुर और मुर्शिदाबाद समेत पूरे प्रदेश में त्योहार पर शरारत करने की घटनाएं सामने आई हैं। </div>
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<div>पटना के एनटीपीसी थाना क्षेत्र के सहनौरा गांव में होलिका दहन को लेकर दो पक्षों में शुक्रवार को झड़प हो गई। एक पक्ष के ग्रामीण ने सड़क पर होलिका दहन किया, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया।रात से ही दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। धुलेंडी की दोपहर करीब 1 बजे स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी आक्रोशित लोगों ने खदेड़ दिया। पुलिस की गाड़ी पर भी पत्थर फेंके गए।</div>
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<div>देश भर में होली रंग के दौरान व्यापक एहतियात के बावजूद की स्थानों पर सांप्रदायिक झगड़े छिटपुट हिंसा एक सहायक उपनिरीक्षक की हत्या समुदायों के बीच पनपी घृणा विद्वेष को बयान करती है। क्या जरूरत है कि मस्जिद के सामने ही हुड़दंग किया जाए और पहले से ही पथराव के लिए एक समुदाय पत्थर और पैट्रोल की तैयारी रखे? दोषी दोनों हैं।आजादी के 78 साल बाद भी फिरकापरस्ती और घृणा का यह षडयंत्र खत्म होना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि रंगों की होली को खून की होली मे तब्दील करने वाले दंगाइयों असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति न हो और सद्भाव के रंगों को बदरंग होने से बचाया जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 14:25:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होली के रंगो पर हुड़दंग और हिंसा की कालिख क्यों ! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>समाज में बंधुत्व प्रेम सद्भाव समरसता के संदेश का रंगपर्व आखिर क्यों बन जाता है कलह वैमनस्यता खून खराबे का दिन? आप जानते हैं कि इस बार होली और रमजान का जुमा एक दिन होने की वजह से पूरे देश में होली पर हाई अलर्ट किया गया था। पुलिस व सुरक्षा बलों की चौकसी और नागरिकों के संयम की वजह से देश में कोई बड़ी घटना नहीं हुई। फिर भी कम से कम चार राज्यों में होली पर हिंसा और झड़प की वारदातों को अंजाम दिया गया है।</div>
<div>  </div>
<div>वहीं देश भर में नशा कर गाड़ी चलाने और हुड़दंग मचाने की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149958/why-soot-on-holi-colors-and-soot-of-violence-%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(18)2.jpg" alt=""></a><br /><div>समाज में बंधुत्व प्रेम सद्भाव समरसता के संदेश का रंगपर्व आखिर क्यों बन जाता है कलह वैमनस्यता खून खराबे का दिन? आप जानते हैं कि इस बार होली और रमजान का जुमा एक दिन होने की वजह से पूरे देश में होली पर हाई अलर्ट किया गया था। पुलिस व सुरक्षा बलों की चौकसी और नागरिकों के संयम की वजह से देश में कोई बड़ी घटना नहीं हुई। फिर भी कम से कम चार राज्यों में होली पर हिंसा और झड़प की वारदातों को अंजाम दिया गया है।</div>
<div> </div>
<div>वहीं देश भर में नशा कर गाड़ी चलाने और हुड़दंग मचाने की सैकड़ों वारदातों में पचास लोग जान गंवा गए जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग घायल अवस्था में अस्पतालों में इलाज के लिए लाए गए। अकेले उत्तर प्रदेश में 250 से अधिक सड़क दुर्घटना दर्ज की गई है जिसमें 430 लोग घायल हुए हैं। जबकि उत्तराखंड में हुड़दंग हिंसा की वारदातों में कुल 14 लोगों की मौत हो गई। </div>
<div> </div>
<div>सामाजिक समरसता के खिलाफ अप्रिय वारदातों में पश्चिम बंगाल की वीरभूम की वारदात को गंभीर माना जा रहा है। वहां हिंसा के बाद 17 मार्च तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है। राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस को लेकर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिया है। भाजपा ने हिंसा के बाद राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदू त्योहारों पर ही ऐसी हिंसा क्यों होती है?केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने हिंसा के बाद राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राज्य की पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से निष्क्रिय हो गए हैं। भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने भी शनिवार को ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया है कि हिंदू त्योहारों के दौरान हिंसा क्यों होती है? उन्होंने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। </div>
<div> </div>
<div>पश्चिम बंगाल के अलावा तीन और राज्यों बिहार छत्तीसगढ़ पंजाब में होली पर हिंसा हुई। बिहार के मुंगेर में ग्रामीणों के हमले में एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई। पटना में दो गुटों में होलिका दहन का विवाद होली के दिन पथराव तक पहुंच गया। पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। यहां फायरिंग की भी खबर है। झारखंड के गिरिडीह में होली के दिन दो गुटों में पथराव के बाद उपद्रवियों ने दुकानों और बाइक में आग लगा दी। इसके अलावा पंजाब के लुधियाना में दो समुदायों के बीच ईंट, पत्थर और बोतलें चलीं। झड़प में 11 लोग घायल हुए हैं। मुसलमानों कहना है कि नमाज अदा करते वक्त पथराव किया गया। वहीं हिंदुओं का कहना है कि पहले मस्जिद की तरफ ईंट फेंकी गई। कई वाहनों में भी तोड़फोड़ हुई है।</div>
<div> </div>
<div>बेंगलुरु में नशे में धुत कुछ लोगों के बीच हुए झगड़े में तीन लोगों की मौत की खबर आ रही है. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि मामला होली के दिन  का है. जब एक निर्माणधीन इमारत में होली पार्टी करने के दौरान बिहार से आए छह मजदूरों के बीच मारपीट हो गई. मजदूरों के बीच पहले बहस शुरू हुई थी जो देखते ही देखते हिंसक हो गई. जांच में पता चला विवाद की शुरुआत किसी महिला को लेकर की गई टिप्पणी से शुरू हुई थी. मजदूरों के बीच आपसी झड़प के दौरान लोगों ने एक दूसरे पर लाठी और छड़ से हमला कर दिया. घटना में तीन लोगों को गंभीर रूप से चोटें आई. जिस वजह से उनकी मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस को घटना की सूचना मिली तो मौके से पुलिस ने तीन लोगों के शवों को बरामद किया।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस टीम को पहला शव अपार्टमेंट के रास्ते में मिला, जबकि दूसरा कमरे के अंदर और तीसरा अपार्टमेंट से बाहर मिला. पुलिस ने दो मृतकों की पहचान 22 वर्षीय अनसू और 23 वर्षीय राधे श्याम के रूप में की है. जबकि तीसरे मृतक की पहचान नहीं हो पाई है।</div>
<div> </div>
<div>आप को बता दें पश्चिम बंगाल के बीरभूम में दो समूहों के बीच हिंसक झड़प की खबर है  राज्य सरकार ने इलाक़े में इंटरनेट सेवाओंं को सस्पेंड कर दिया. क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात भी किया गया है. पुलिस का कहना है कि घटना के बाद 20 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.इस हिंसा की शुरुआत 14 मार्च, यानी होली के दिन हुई. इंडिया टुडे के इनपुट के मुताबिक़, सैंथिया कस्बे में एक ग्रुप और नशे में धुत कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई. स्थिति तब और बिगड़ गई, जब दोनों ग्रुट एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने लगे और हाथापाई हो गई. हालात को संभालने के लिए पुलिस की तरफ़ से हल्का लाठीचार्ज भी किया गया.  विवाद में कुछ स्थानीय लोगों के घायल होने की खबर है. हिंसक वारदात के बाद पश्चिम बंगाल के गृह विभाग ने इंटरनेट सस्पेंड करने का आदेश जारी किया. पुलिस का कहना है कि स्थिति पर काबू पा लिया गया है।</div>
<div> </div>
<div>झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित घोड़थंबा में होली 14 मार्च 2025 के दिन जुलूस के दौरान हिंदुओं पर हमला हुआ। ये हमला मस्जिद वाली गली में हुआ। इस हिंसा के दौरान एक खास समुदाय के घरों से पत्थर चले।  मस्जिद वाली गली में हिंदुओं के जुलूस को निशाना बनाया गया ,  फिर पीछे की गली में मंदिर पर हमले-पथराव और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया गया । इन सभी का सिलसिलेवार तरीके से एफआईआर की कॉपी में भी जिक्र है।</div>
<div> </div>
<div>आरोप है कि इसके बावजूद कथित राजनीतिक तुष्टिकरण की राजनीति के चलते आरोपित नंबर 1 से 11 तक हिंदुओं के नाम है।  झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस पर घोर आपत्ति व्यक्त की  है। इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने प्रशासन पर हिंदुओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। </div>
<div>एफआईआर के अनुसार, 14 मार्च 2025 की शाम 15-20 लोगों की होली की टोली मस्जिद गली से गुजरना चाहती थी, लेकिन नमाज का समय होने की वजह से उन्हें रोका गया। टोली का कहना था कि वे हर साल इसी रास्ते से जाते हैं।</div>
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<div>समझाने के बावजूद टोली गली में आगे बढ़ गई। इसके बाद कथित तौर पर समुदाय विशेष के लोगों पेट्रोल बम, बोतल, ईंट और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। बाजार चौक के पास पेट्रोल बम फेंककर कई दुकानों, बाइकों और गाड़ियों में आग लगा दी गई।जानकारी के अनुसार प्राथमिकी में इस बात का साफ-साफ जिक्र है कि समुदाय विशेष  ने मंदिर पर हमला किया। पत्थर फेंके और पुलिस पहुँची तो उसकी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इस हिंसा में चार पुलिसकर्मी घायल हुए। प्राथमिकी धनवार के बीपीओ सह दंडाधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्णवाल ने दर्ज की है।</div>
<div> </div>
<div>दिल्ली के द्वारका में होली का जश्न हिंसा में बदल गया. गोयला डेरी स्थित छठ घाट पार्क में होली का जश्न मनाया जा रहा था. इस दौरान हुआ छोटा विवाद हाथापाई में बदल गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, राजू कुमार (35) अपने दोस्त राजेश से मिलने के लिए टैक्सी से पार्क गया था. उत्सव के दौरान, होली का कुछ रंग गलती से एक लड़के पर गिर गया, जिससे दोनों में तीखी बहस हो गई कुछ देर बाद, लड़के ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजू कुमार और राजेश पर हमला कर दिया. मारपीट में हमलावरों ने राजू कुमार की टैक्सी में भी तोड़फोड़ की और उसके शीशे तोड़ दिए।</div>
<div> </div>
<div>पंजाब के लुधियाना में दो समुदायों के बीच ईंट-पत्थर और बोतलें चलीं। झड़प में 11 लोग घायल हुए हैं। विशेष समुदाय के लोगों का कहना है कि नमाज अदा करते वक्त पथराव किया गया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि पहले मस्जिद की तरफ ईंट फेंकी गई। कई वाहनों में भी तोड़फोड़ हुई है।</div>
<div> </div>
<div>पश्चिम बंगाल में भी होली पर्व पर हिंसा हुई है। भाजपा ने नंदीग्राम में मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया है। भाजपा आइटी सेल ने भी तस्वीरें पोस्ट कर आरोप लगाया कि बरुईपुर, जादवपुर और मुर्शिदाबाद समेत पूरे प्रदेश में त्योहार पर शरारत करने की घटनाएं सामने आई हैं। </div>
<div> </div>
<div>पटना के एनटीपीसी थाना क्षेत्र के सहनौरा गांव में होलिका दहन को लेकर दो पक्षों में शुक्रवार को झड़प हो गई। एक पक्ष के ग्रामीण ने सड़क पर होलिका दहन किया, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया।रात से ही दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। धुलेंडी की दोपहर करीब 1 बजे स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी आक्रोशित लोगों ने खदेड़ दिया। पुलिस की गाड़ी पर भी पत्थर फेंके गए।</div>
<div> </div>
<div>देश भर में होली रंग के दौरान व्यापक एहतियात के बावजूद की स्थानों पर सांप्रदायिक झगड़े छिटपुट हिंसा एक सहायक उपनिरीक्षक की हत्या समुदायों के बीच पनपी घृणा विद्वेष को बयान करती है। क्या जरूरत है कि मस्जिद के सामने ही हुड़दंग किया जाए और पहले से ही पथराव के लिए एक समुदाय पत्थर और पैट्रोल की तैयारी रखे? दोषी दोनों हैं।आजादी के 78 साल बाद भी फिरकापरस्ती और घृणा का यह षडयंत्र खत्म होना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि रंगों की होली को खून की होली मे तब्दील करने वाले दंगाइयों असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति न हो और सद्भाव के रंगों को बदरंग होने से बचाया जा सके। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 15:37:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमृतपाल सिंह ने पंजाब के खडूर साहिब दाखिल किया नामांकन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Punjab: </strong>वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने शुक्रवार को खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से 2024 लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अपना पर्चा दाखिल किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को सूचित किया कि राज्य ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में  बंद 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह को आगामी लोक सभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करने की सुविधा दी है। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यह मानते हुए कि याचिका में की गई प्रार्थनाओं का पहले ही अनुपालन किया जा चुका है, न्यायमूर्ति विनोद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141101/amritpal-singh-filed-nomination-from-khadoor-sahib-punjab"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/download-(5).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Punjab: </strong>वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने शुक्रवार को खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से 2024 लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अपना पर्चा दाखिल किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को सूचित किया कि राज्य ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में  बंद 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह को आगामी लोक सभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करने की सुविधा दी है। </p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, यह मानते हुए कि याचिका में की गई प्रार्थनाओं का पहले ही अनुपालन किया जा चुका है, न्यायमूर्ति विनोद एस भारद्वाज ने कहा कि याचिका निष्फल होगी। नामांकन फॉर्म और अन्य कागजी कार्रवाई के दो सेट 9 मई को अमृतपाल सिंह द्वारा भरे गए और हस्ताक्षरित किए गए। उन्हें डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल, डीएजी पंजाब में अपने प्रस्तावक और वकील से मिलने की भी अनुमति दी गई, अर्जुन श्योराण ने अदालत को सूचित किया।</p>
<p>अधीक्षक केंद्रीय जेल डिब्रूगढ़, हैंडबुक फॉर कैंडिडेट, 2023 सहित कानून के प्रावधानों के अनुसार बंदी को शपथ दिलाएंगे और शपथ प्राप्ति के लिए प्रमाण पत्र जारी करेंगे और शपथ का मूल फॉर्म रिटर्निंग ऑफिसर, 03- खडूर साहब, (पंजाब) को भेजेंगे।</p>
<p>अलगाववादी और वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह पंजाब के श्री खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं, जहां लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम चरण में 1 जून को मतदान होना है। खालिस्तानी समर्थक संगठन के शीर्ष नेता अमृतपाल सिंह सहित इसके दस सदस्य 19 मार्च, 2023 से डिब्रूगढ़ की जेल में बंद हैं, क्योंकि संगठन पर कार्रवाई के बाद उन्हें पंजाब के विभिन्न हिस्सों से एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 17:12:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खालिस्तानी समर्थक अमृत पाल सिंह को पंजाब में किया गया अरेस्ट, पूरे पंजाब में इंटरनेट सेवा बंद </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Punjab: </strong>खालिस्तानी नेता और वारिस दे पंजाब के प्रमुख अमृतपाल सिंह  को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पंजाब पुलिस लंबे समय से अमृतपाल सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी में थी। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृत पाल सिंह के छह साथियों को भी गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ साफ है कि 30 वर्षीय खालिस्तानी समर्थक अमृत पाल सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।<br />जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी अमृतपाल सिंह को नकौदर के पास से हिरासत में लिया है। अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस का शिकंजा कस रहा है। आरोपी को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128095/khalistani-supporter-amrit-pal-singh-arrested-in-punjab-internet-service"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/amritpal-singh-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Punjab: </strong>खालिस्तानी नेता और वारिस दे पंजाब के प्रमुख अमृतपाल सिंह  को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पंजाब पुलिस लंबे समय से अमृतपाल सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी में थी। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृत पाल सिंह के छह साथियों को भी गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ साफ है कि 30 वर्षीय खालिस्तानी समर्थक अमृत पाल सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।<br />जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी अमृतपाल सिंह को नकौदर के पास से हिरासत में लिया है। अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस का शिकंजा कस रहा है। आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद ही तत्काल प्रभाव से पुलिस ने पूरे पंजाब में 19 मार्च की रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी है। पुलिस ने इलाके में माहौल ना बिगड़े इसलिए एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है।</p>
<p>राज्य सरकार ने अमृत पाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा के हित को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाएं, सभी एसएमएस सेवाएं और वॉयस कॉल को छोड़कर मोबइल नेटवर्क पर मिलने वाली सेवाओं को निलंबित किया गया है। ये सेवाएं 18 मार्च से 19 मार्च तक निलंबित रहेंगी। </p>
<p>बता दें कि अमृत पाल सिंह के खिलाफ तीन मामले दर्ज है। इसमें दो मामले हेट स्पीच से संबंधित है। इन्हीं मामलों के संबंध में पंजाब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ये कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक अमृत पाल सिंह के काफीले में से उसके साथियों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए हैं। </p>
<p><strong>पुलिस ने की शांति बनाए: पंजाब पुलिस </strong><br />इस मामले में पंजाब पुलिस ने भी सभी नागरिकों से ट्वीट कर अपील की है कि शांति बनाए रखें। पुलिस ने इस संबंध में ट्विट भी किए है। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि शांति और सद्भाव बनाए रखें। पंजाब पुलिस का कहना है कि इलाके में वो शांति स्थापित करने की हर कोशिश कर रही है। नागरिकों से पुलिस ने अपील की है कि इस दौरान फर्जी या भ्रामक जानकारियो से घबराएं नहीं।</p>
<p><strong>ऐहतियात के तौर पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था</strong><br />पुलिस ने इलाके में एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में भी बढ़ोतरी कर दी है। इलाके में अर्ध सैनिक बलों की कंपनियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि समय पर पुलिस की मदद के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।</p>
<p><strong>जानें कौन है अमृतपाल सिंह</strong><br />बता दें कि अमृतपाल सिंह 30 वर्षीय खालिस्तानी ताकतों का समर्थक है। पंजाब में अमृतपाल सिहं वारिस पंजाब दे संगठन का संचालन करता है, जिसका निर्माण एक्टर-एक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने किया था। बता दें कि एक्सिडेंट में बीते वर्ष 15 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी। दीप सिद्धू की मौत के बाद इस संगठन की कमान अमृतपाल सिंह ने संभाली थी, जिसके लिए वो खासतौर से दुबई से लौटा था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Mar 2023 17:33:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>पाक पूर्व पीएम इमरान खान हो सकते हैं गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की कार्यवाहक सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सुरक्षा में कटौती किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को खान के समर्थक उनके आवास के बाहर एकत्र हो गए। इस बीच देश में इस बात की भी चर्चा है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तार किया जा सकता है। समर्थक खान को सुरक्षा प्रदान करने और उनकी संभावित गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए यहां उनके आवास के बाहर पहुंचे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान को नवंबर में मुहैया कराई गई अतिरिक्त सुरक्षा मंगलवार रात हटा ली गई। </p>
<p>इस संबंध में एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127102/former-pak-pm-imran-khan-may-be-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/1028.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की कार्यवाहक सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सुरक्षा में कटौती किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को खान के समर्थक उनके आवास के बाहर एकत्र हो गए। इस बीच देश में इस बात की भी चर्चा है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तार किया जा सकता है। समर्थक खान को सुरक्षा प्रदान करने और उनकी संभावित गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए यहां उनके आवास के बाहर पहुंचे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान को नवंबर में मुहैया कराई गई अतिरिक्त सुरक्षा मंगलवार रात हटा ली गई। </p>
<p>इस संबंध में एक सरकारी अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने खान और पूर्व मुख्यमंत्री तथा खान के सहयोगी चौधरी परवेज इलाही की अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा वापस ले ली है।'' पीटीआई की पंजाब इकाई की वरिष्ठ नेता मुसर्रत चीमा ने कहा कि पार्टी के कई कार्यकर्ता खान के आवास के बाहर डटे हुए हैं। </p>
<p>चीमा ने कहा, ‘‘इमरान खान को गिरफ्तार करने की किसी भी संभावित कोशिश का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ता पिछले दो दिन से उनके आवास के बाहर डेरा डाले हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता न केवल खान को सुरक्षा प्रदान करेंगे, बल्कि उनकी गिरफ्तारी के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Jan 2023 13:14:46 +0530</pubDate>
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