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                <title>Dubai - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Dubai RSS Feed</description>
                
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                <title>राजस्थान की जड़ों से वैश्विक वित्तीय नेतृत्व तक</title>
                                    <description><![CDATA[<div><blockquote class="format1"><div><strong>स्वतंत्र प्रभातब्यूरो।</strong></div><div><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div></blockquote></div><div><br /></div><div><br /></div><div style="text-align:justify;">जब सीए दिक्षित जैन ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर वक्ता के रूप में खड़े थे, तो यह केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं था। यह उस जीवन यात्रा का शिखर था जो राजस्थान के एक छोटे कस्बे की गलियों से शुरू हुई थी, जहाँ एक बालक ने गाँव के साधारण विद्यालय में पढ़ाई की, मूल्यों और दृढ़ता से पोषित हुआ, और अंततः दुबई में विश्व के वित्तीय नेताओं का मार्गदर्शन करने तक पहुँचा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जैन की जीवन यात्रा शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक है। यह कहानी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169472/from-rajasthans-roots-to-global-financial-leadership"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260212-wa0123.jpg" alt=""></a><br /><div><blockquote class="format1"><div><strong>स्वतंत्र प्रभातब्यूरो।</strong></div><div><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div></blockquote></div><div><br /></div><div><br /></div><div style="text-align:justify;">जब सीए दिक्षित जैन ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर वक्ता के रूप में खड़े थे, तो यह केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं था। यह उस जीवन यात्रा का शिखर था जो राजस्थान के एक छोटे कस्बे की गलियों से शुरू हुई थी, जहाँ एक बालक ने गाँव के साधारण विद्यालय में पढ़ाई की, मूल्यों और दृढ़ता से पोषित हुआ, और अंततः दुबई में विश्व के वित्तीय नेताओं का मार्गदर्शन करने तक पहुँचा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जैन की जीवन यात्रा शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक है। यह कहानी विशेषाधिकार की नहीं, बल्कि धैर्य और परिश्रम की है—एक ऐसा जीवनपथ जो संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह कार्यक्रम यूरोप इंडिया सेंटर फॉर बिज़नेस एंड इंडस्ट्री (EICBI) और वॉटर एंड शार्क द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था, जिसमें वैश्विक आवाज़ें शिक्षा की भूमिका पर विचार करने के लिए एकत्रित हुईं। जैन का संबोधन “नेक्स्ट-जेन कैपिटल एंड इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग: एजुकेटेड डिसीज़न्स फॉर सस्टेनेबल वैल्यू क्रिएशन” एक आह्वान था—कि शिक्षा-आधारित निर्णय ही सुदृढ़ अर्थव्यवस्थाओं की नींव हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उन्हें लॉर्ड कुलदीप साहोटा, हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य द्वारा सम्मानित किया गया। ब्रिटिश संसद में यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था, बल्कि उन मूल्यों की पहचान थी जिन्हें जैन प्रतिनिधित्व करते हैं—शिक्षा, समुदाय और वैश्विक नागरिकता। जैन का दृष्टिकोण गहराई से संस्कृत श्लोकों और आध्यात्मिक शिक्षाओं से प्रभावित है। वे अक्सर कहते हैं कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में उन्होंने शिक्षा के महत्व को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। संस्कृत पृष्ठभूमि से उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा: “जीवन के प्रथम आयु में यदि आप अध्ययन नहीं करते, तो आप कुछ भी नहीं कर सकते।” शिक्षा सदैव प्रथम होनी चाहिए; यही वह आधार है जिस पर सब कुछ निर्मित होता है। यही उन्हें वैश्विक वित्त जगत में एक दुर्लभ आवाज़ बनाता है—जो संख्याओं जितना ही मूल्यों पर भी बोलते हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ICAI दुबई चैप्टर की कार्यकारी समिति के लिए अपने नामांकन की घोषणा करते हुए उन्होंने हाल ही में कहा: “मैं नई दृष्टिकोण और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ, और मैं वास्तव में मानता हूँ कि मिलकर हम एक सार्थक प्रभाव डाल सकते हैं।”</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> राजस्थान में बचपन, गाँव के विद्यालय में शिक्षा, और मुंबई जाकर चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई—यह अनुशासन और दृढ़ संकल्प उन्हें दुबई तक ले गया, जहाँ वे आज वैश्विक निगमों, उच्च-नेटवर्थ व्यक्तियों और उद्यमियों के विश्वसनीय सलाहकार हैं। उनकी पेशेवर पहचान में TaxExperts DMCC के संस्थापक एवं प्रबंध भागीदार, दुबई स्थित अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय कर एवं परामर्श फर्म, तथा Water &amp; Shark की सहयोगी फर्म, ICAI दुबई चैप्टर के समिति सदस्य, पेशेवर विकास और सामुदायिक पहलों में योगदान, कराधान, संरचना और पूंजी संरक्षण में विशेषज्ञता के लिए वैश्विक वित्त जगत के “who’s who” में मान्यता प्राप्त शामिल हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ब्रिटिश संसद में सीए दिक्षित जैन का सम्मान केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक कथा का प्रतीक है कि कैसे शिक्षा, मूल्य और दृढ़ता व्यक्तियों को सीमाओं से परे योगदान करने में सक्षम बनाते हैं। उनकी यात्रा युवा पेशेवरों को प्रेरित करती है कि चाहे शुरुआत कहीं से भी हो, धैर्य और शिक्षा के साथ कोई भी विश्व मंच पर खड़ा हो सकता है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 13:56:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुबई कमाने गये युवक की हार्ट अटैक से हुई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[1फ़रवरी की शाम को सीने में हुआ तेज दर्द ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148220/a-young-man-who-died-to-earn-dubai-died-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250206-wa0476.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत, दो मासूमों के सिर पर से उठ गया बाप का हाथ </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>महराजगंज । </strong> जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैजूडेहरा निवासी दुबई कमाने गये एक युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह बीते 21 दिसंबर को घर से गया था। वहां पहुंचने के बाद पहली फरवरी को उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक पनियरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बैजूडेहरा निवासी 35 वर्षीय युवक चंद्र प्रकाश उर्फ़ सीपीएन सिंह पुत्र स्व रमेश सिंह 21 दिसंबर को रोजी रोटी के लिए दुबई गया था। वहां पर शनिवार की शाम को अचानक सीने में तेज दर्द शुरू हुआ मौके पर मौजूद लोगों ने आनन फानन में उसे अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।</div>
<div> </div>
<div>मृतक युवक के दो पुत्र शिवम 8 वर्ष व दूसरा आर्यन 5 वर्ष के है। मृतक के पिता पूर्व प्रधान रहे हैं और उनकी बहुत पहले मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मृतक युवक के ससुर दुबई में ही रहते हैं उन्होंने ही अपने दामाद को वहां पर बुलवाया था। लेकिन अभी गए कुछ ही दिन हुए थे कि इतनी बड़ी अनहोनी हो गई। घटना को लेकर मृतक की मां और पत्नी वंदना सहित आसपास के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है दुबई से मृतक के शव को लाने के लिए परिजन लगे हुए है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 17:47:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दुबई के साथ सऊदी अरब भी अब बाढ़ की चपेट में </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>इंटरनेशनल डेस्क: </strong>वर्तमान में पूरे विश्व प्रकृति से छेड़छाड़ करने का खामियाजा भुगतना रहा है। विकास के एवज में जो प्रकृति का विनाश हुआ है, वह आने वाले दशकों में जलवायु परिवर्तन से पैदा होने वाले खतरों की घंटी बजा रहा है। इसके बावजूद इंसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रकृति के विरुद्ध अपने अभियान बंद करने को तैयार नहीं है। बीते माह कृत्रिम बारिश कराने का दुबई में के लोगों को जहां भारी खामियाजा भुगतना पड़ा था, वहीं अब सऊदी अरब में भी लोगों को इसी तरह के हालात का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140849/along-with-dubai-saudi-arabia-is-also-now-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/2024_5image_08_50_148523297dubai-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इंटरनेशनल डेस्क: </strong>वर्तमान में पूरे विश्व प्रकृति से छेड़छाड़ करने का खामियाजा भुगतना रहा है। विकास के एवज में जो प्रकृति का विनाश हुआ है, वह आने वाले दशकों में जलवायु परिवर्तन से पैदा होने वाले खतरों की घंटी बजा रहा है। इसके बावजूद इंसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रकृति के विरुद्ध अपने अभियान बंद करने को तैयार नहीं है। बीते माह कृत्रिम बारिश कराने का दुबई में के लोगों को जहां भारी खामियाजा भुगतना पड़ा था, वहीं अब सऊदी अरब में भी लोगों को इसी तरह के हालात का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब बाढ़ से तबाह होने वाला नवीनतम खाड़ी देश है। सऊदी अरब में पैदा हुए बाढ़ जेसे हालात को लेकर भी अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यहां भी बारिश की चाह में कहीं कृत्रिम बारिश कराने  के लिए क्लाउड-सीडिंग तकनीक का उपयोग तो नहीं किया गया था।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब में रियाद में अचानक आई बाढ़ से सड़कें जलमग्न हो गईं हैं। सऊदी अरब के अधिकारियों ने रेगिस्तानी खाड़ी में अचानक आई बाढ़ के बाद कई क्षेत्रों में स्कूल बंद कर दिए। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कासिम और अन्य क्षेत्रों, राजधानी रियाद और लाल सागर की सीमा से लगे मदीना प्रांत के लिए रेड अलर्ट जारी किया। इसने तेज हवा के साथ भारी बारिश, क्षैतिज दृश्यता की कमी, ओलावृष्टि, मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी। सऊदी अरब में इस सप्ताह की भारी बारिश अप्रैल के मध्य में इस क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद हुई है, जिसमें ओमान में 21 और संयुक्त अरब अमीरात में चार लोगों की मौत हो गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि सऊदी में ये तूफान दुबई की विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर आए हैं, जिसके लिए व्यापक रूप से अति उत्साही क्लाउड सीडिंग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।</p>
<p><strong>दुबई में हो गए थे जल प्रलय जेसे हालात</strong><br />बीते माह के मध्य में दुबई बुरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गया था। सड़कें जहां पानी में जलमग्न हो गई थी वहीं स्कूल-कॉलेज, शॉपिंग मॉल, पार्किंग और एयरपोर्ट तकरीबन अधिकतर जगह पानी में डूब गए थे। कई मीडिया रिपार्टों में यह दाावा किया गया है कि वैज्ञानिकों ने बारिश की कमी को पूरा करने के लिए कृत्रिम बारिश कराने के लिए क्लाउड सीडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। माना जा रहा है कि इस तकनीक को इस्तेमाल करते समय बादल फटने की भयंकर घटना हुई और दुबई में जल प्रलय जैसे हालात पैदा हो गए। ऐसा कहा जा रहा है कि दुबई में जितनी बारिश डेढ़ साल में होती थी वह महज कुछ ही घंटों में हो गई। मौसम विभाग ने बीते माह 5.7 इंच तक बारिश दर्ज की थी।  </p>
<p><strong>क्या है क्लाउड-सीडिंग का कांसेप्ट</strong><br />क्लाउड-सीडिंग से बारिश करवाने के लिए आम तौर पर एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाता है। एयरक्राफ्ट में सिल्वर आयोडाइड के दो बर्नर या जनरेटर लगे होते हैं, जिनमें सिल्वर आयोडाइड का घोल हाई प्रेशर पर भरा होता है। निर्धारित  इलाके में इसे हवा की उल्टी दिशा में चलाया जाता है। बादल से सामना होते ही बर्नर चालू कर दिये जाते हैं। उड़ान का फैसला क्लाउड-सीडिंग अधिकारी मौसम के आंकड़ों के आधार पर करते हैं। शुष्क बर्फ, पानी को जीरो डिग्री सेल्सियस तक ठंडा कर देती है, जिससे हवा में मौजूद पानी के कण जम जाते हैं। कण इस तरह से बनते हैं, जैसे वे कुदरती बर्फ हों। इसके लिए बैलून, विस्फोटक रॉकेट का भी प्रयोग किया जाता है। क्लाउड सीडिंग का पहला प्रदर्शन जनरल इलेक्ट्रिक लैब द्वारा फरवरी 1947 में बाथुर्स्ट, ऑस्ट्रेलिया में किया गया था। उसके बाद से तमाम देशों ने इसे यूज किया।</p>
<p><strong>ऐसे भी करवाई जाती है कृत्रिम बारिश</strong><br />पहले चरण में केमिकल्स को एयरक्राफ्ट्स के जरिए उस इलाके के ऊपर बहने वाली हवा में भेजा जाता है जहो बारिश करवानी हो। यह कैमिकल्स हवा में मिलकर बारिश वाले बादल तैयार करते हैं। इस प्रक्रिया में कैल्शियम क्लोराइड, कैल्शियम कार्बाइड, कैल्शियम ऑक्साइड, नमक तथा यूरिया के यौगिक और यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट के यौगिक का इस्तेमाल किया जाता है। ये यौगिक हवा से जलवाष्प को सोख लेते हैं और दवाब बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। दूसरे चरण में बादलों के द्रव्यमान को नमक, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट, सूखा बर्फ और कैल्शियम क्लोराइड का प्रयोग करके बढ़ाया जाता है। तीसरे चरण में सिल्वर आयोडाइड और शुष्क बर्फ जैसे ठंडा करने वाले रसायनों की आसमान में छाए बादलों में बमबारी की जाती है। ऐसा करने से बादल में छुपे पानी के कण बिखरकर बारिश के रूप में जमीन पर गिरने लगते हैं।</p>
<p><strong>80 किलोमीटर दूर तक ट्रांसफर किए जा सकते हैं बादल</strong><br />मुबई स्थित इंटरनेशनल स्कूल ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के निदेशक एवं ट्रस्टी अब्दुल रहमान वानू ने दावा किया था कि आधुनिक तकनीक से किसी सूखे क्षेत्र में बारिश करवाने के लिए एक बादल को उसकी मूल स्थिति से अधिकतम 80 किलोमीटर की दूरी तक स्थानांतरित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के लिए 47 प्रतिशत शुद्धता वाले सिल्वर आयोडीन की जरूरत होती है, जिसे कि अर्जेंटीना से आयात किया जाता है। इस आयात के लिए हमें राज्य सरकार से अंतिम उपभोक्ता प्रमाणपत्र (एंड यूजर सर्टिफिकेट) चाहिए होता है। प्रमाणपत्र मिलने के बाद आयोडीन का आयात किया जा सकता है और कृत्रिम बारिश करवाई जा सकती है। उनका यह भी कहना है कि राकेट तकनीक का परीक्षण सिंधुदुर्ग और सांगली जैसे इलाकों में किया गया है। यह जमीन से दागे जाने पर 45 किलोमीटर की दूर स्थित लक्ष्य को भेद सकता है। रॉकेट के शीर्ष पर मौजूद सिल्वर आयोडीन बादलों में जाकर विस्फोटित हो जाता है। इससे बादलों में एक रासायनिक क्रिया होती है, जिसके चलते 40 से 60 मिनट में बारिश हो जाती है।</p>
<p><strong>भारत के इन राज्यों में क्लाउड सीडिंग प्रोजेक्ट</strong><br />रिपोर्ट के मुताबिक पानी के संकट से निपटने के लिए भारत के कुछ राज्य अपने ही स्तर पर पिछले 35 वर्षों से प्रोजेक्ट चला रहे हैं। तमिलनाडु सरकार ने 1983 में सूखाग्रस्त इलाकों में पहली बार कृत्रिम बारिश करवाई थी। 2003 और 2004 में कर्नाटक सरकार ने क्लाउड सीडिंग प्रक्रिया को अपनाया और इसके सकारात्मक परिणाम आने पर आज भी राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों में कृत्रिम बारिश का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद महाराष्ट्र ने भी सूखे से निपटने के लिए अपने स्तर पर कृत्रिम बारिश का सहारा लिया। आंध्र प्रदेश में 2008 से 12 जिलों में कृत्रिम बारिश करवाने का प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। प्रदेश में कृत्रिम वर्षा के लिए सिल्वर आयोडाइड के स्थान पर कैल्शियम क्लोराइड का प्रयोग किया जा रहा है। आंध्र प्रदेश में कृत्रिम बारिश पर रोजाना करीब 18 लाख रुपए का खर्च आता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 May 2024 17:26:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> विश्व का सबसे स्वच्छ शहर दुबई: ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स ने किया घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>दुबईः</strong> ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स में दुबई को लगातार तीसरी बार दुनिया का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। जापान के मोरी मेमोरियल फाउंडेशन, शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री और शासक द्वारा जारी ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स (GPCI) के अनुसार दुबई ने दुनिया के सबसे सुरक्षित और सबसे खूबसूरत शहर के रूप में भी अपनी प्रतिष्ठा अर्जित की है। दुबई के  शेख मोहम्मद ने एक ट्वीट में स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सभ्यता, संस्कृति और विश्वास का एक महत्वपूर्ण पहलू है।</p>
<p>उन्होंने शहर को सुरक्षित, स्थिर और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127830/dubai-declared-the-cleanest-city-in-the-world-by-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/2023_3image_18_11_487651141dubai-ll.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दुबईः</strong> ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स में दुबई को लगातार तीसरी बार दुनिया का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। जापान के मोरी मेमोरियल फाउंडेशन, शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधान मंत्री और शासक द्वारा जारी ग्लोबल पावर सिटी इंडेक्स (GPCI) के अनुसार दुबई ने दुनिया के सबसे सुरक्षित और सबसे खूबसूरत शहर के रूप में भी अपनी प्रतिष्ठा अर्जित की है। दुबई के  शेख मोहम्मद ने एक ट्वीट में स्वच्छता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सभ्यता, संस्कृति और विश्वास का एक महत्वपूर्ण पहलू है।</p>
<p>उन्होंने शहर को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। शेख मोहम्मद ने ट्विटर पर लिखा स्वच्छता एक सभ्यता है। स्वच्छता एक संस्कृति है। स्वच्छता आस्था का हिस्सा है। दुबई दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर है, दुनिया में सबसे साफ और सबसे सुंदर, ईश्वर की इच्छा है। आइए हम इसे सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध रखें।” मोरी मेमोरियल फाउंडेशन के शहरी रणनीति संस्थान द्वारा प्रकाशित GPCI, दुनिया भर के प्रमुख शहरों का मूल्यांकन उनकी आकर्षण शक्ति   और दुनिया भर से लोगों, व्यवसायों और पूंजी को आकर्षित करने की उनकी समग्र क्षमता के आधार पर करता है।</p>
<p>पिछले 3 वर्षों से जापान में मोरी मेमोरियल ऑर्गनाइजेशन द्वारा जारी ग्लोबल सिटीज स्ट्रेंथ इंडेक्स के अनुसार, दुबई दुनिया का सबसे स्वच्छ शहर है। GPCI छह मुख्य श्रेणियों के आधार पर शहरों का मूल्यांकन करता है: अर्थव्यवस्था, अनुसंधान और विकास, सांस्कृतिक संपर्क, जीवंतता, पर्यावरण और पहुंच। प्रत्येक श्रेणी को आगे उपश्रेणियों में बांटा गया है, और शहरों का मूल्यांकन उन संकेतकों के एक सेट के आधार पर किया जाता है जो प्रत्येक श्रेणी में उनके प्रदर्शन को मापते हैं।</p>
<p><br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Mar 2023 19:49:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>35 हजार फीट की ऊंचाई पर फ्लाइट में महिला ने दिया बच्चे को जन्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>कभी-कभी ऐसी सिचुएशन आ जाती है कि गर्भवती महिलाओं को अचानक प्रसव पीड़ा का शिकार होना पड़ता है। अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब महिलाओं को प्रसव पीड़ा से गुजरकर बिना डॉक्टरों के ही बच्चों को जन्म देना पड़ता है। ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है, जब एक प्रेग्नेंट महिला ने आसमान में कई फीट की ऊंचाई पर बच्चे को जन्म दिया। यह घटना 19 जनवरी को टोक्यो के नरीटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई जा रही एमिरेट्स की फ्लाइट में हुई। </p>
<p>दुबई एमिरेट्स की EK319 फ्लाइट में महिला को लेबर पेन हुआ और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127098/woman-gave-birth-to-a-child-in-flight-at-an"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/1026.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>कभी-कभी ऐसी सिचुएशन आ जाती है कि गर्भवती महिलाओं को अचानक प्रसव पीड़ा का शिकार होना पड़ता है। अब तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब महिलाओं को प्रसव पीड़ा से गुजरकर बिना डॉक्टरों के ही बच्चों को जन्म देना पड़ता है। ऐसा ही एक वाक्या सामने आया है, जब एक प्रेग्नेंट महिला ने आसमान में कई फीट की ऊंचाई पर बच्चे को जन्म दिया। यह घटना 19 जनवरी को टोक्यो के नरीटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दुबई जा रही एमिरेट्स की फ्लाइट में हुई। </p>
<p>दुबई एमिरेट्स की EK319 फ्लाइट में महिला को लेबर पेन हुआ और महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। विमान में सवार यात्रियों के अनुसार, क्रू मेंबर्स ने इस मेडिकल स्थिति में बड़ी फुर्ती के साथ काम किया और स्थिति को संभाला। मेडिकल इमरजेंसी के बावजूद फ्लाइट समय पर लैंड हुई। एमिरेट्स ने बताया कि जच्चा और बच्चा की हालत फिलहाल स्थिर है। </p>
<p>दुबई पहुंचने के बाद स्थानीय मेडिकल स्टाफ ने मां और बच्चे का अच्छी तरह से ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यात्रियों की सुरक्षा और उनकी हेल्थ सबसे महत्वपूर्ण है। हालांकि ऐसा होता है कि गर्भावस्था के एक निश्चित पड़ाव पर पहुंचने के बाद महिलाओं को हवाई यात्रा नहीं करने दी जाती और विमान में बच्चे को जन्म देना बहुत असामान्य है। एमिरेट्स की पॉलिसी के अनुसार, 7वें महीने की गर्भावस्था तक की महिलाएं बशर्ते किसी मेडिकल दिक्क्त के हवाई सफर कर सकती हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jan 2023 19:17:21 +0530</pubDate>
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