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                <title>government - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>government RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>घटे जीएसटी का लाभ गायब, बाजार में अब भी जारी पुराने रेट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  बलरामपुर।</strong> सरकार द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं पर लागू जीएसटी दरों में हाल ही में की गई कमी का लाभ आम जनता तक पहुँचता दिखाई नहीं दे रहा है। बाजारों में दुकानदार अब भी पुराने दामों पर ही सामान बेच रहे हैं। उपभोक्ता घटे हुए टैक्स का लाभ पाने की उम्मीद लेकर दुकानों पर पहुँच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, सरकार ने दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम कर दी थीं, ताकि महंगाई का बोझ कम हो सके और उपभोक्ता राहत महसूस कर सकें। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155960/decreased-gst-benefits-are-still-released-in-the-missing-market"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250923-wa0627-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> बलरामपुर।</strong> सरकार द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं पर लागू जीएसटी दरों में हाल ही में की गई कमी का लाभ आम जनता तक पहुँचता दिखाई नहीं दे रहा है। बाजारों में दुकानदार अब भी पुराने दामों पर ही सामान बेच रहे हैं। उपभोक्ता घटे हुए टैक्स का लाभ पाने की उम्मीद लेकर दुकानों पर पहुँच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, सरकार ने दैनिक उपयोग की कई वस्तुओं पर जीएसटी दरें कम कर दी थीं, ताकि महंगाई का बोझ कम हो सके और उपभोक्ता राहत महसूस कर सकें। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दुकानदार घटे हुए टैक्स का सीधा लाभ ग्राहकों को नहीं दे रहे हैं। दुकानों और बाजारों में वस्तुएँ पहले की तरह ही पुराने रेट पर बेची जा रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को लग रहा है कि सरकार का आदेश केवल कागजों पर ही सीमित रह गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब सरकार ने जीएसटी कम किया है, तो उसका असर कीमतों पर साफ दिखाई देना चाहिए था। लेकिन दुकानदार अपनी मनमानी पर उतरे हुए हैं। कई उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि दुकानदार उन्हें पुरानी रेट लिस्ट दिखाकर ठगने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, व्यापारी संगठन यह तर्क दे रहे हैं कि पहले से खरीदे गए स्टॉक पर पुराने रेट लागू होने की वजह से फिलहाल दामों में बदलाव करना संभव नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि यदि व्यापारी संगठन और दुकानदार सरकार के आदेशों का पालन नहीं करेंगे, तो जीएसटी घटाने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में प्रशासन को सख्ती बरतते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभ पहुँचे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनता की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि सरकार तो राहत देने की कोशिश कर रही है, लेकिन व्यापारी खुलेआम आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही, तो घटा हुआ जीएसटी केवल कागजी राहत बनकर रह जाएगा और उपभोक्ता को वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस पर कब तक सख्त कार्रवाई करता है और जनता को वास्तविक लाभ दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 20:58:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन, एकीकृत पेंशन के साथ पुरानी पेंशन का भी विकल्प दे सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span lang="hi" xml:lang="hi">जिस देश की संसद में शोर की तुलना कौओं की कांव </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कांव</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  से होती हो। जहां चप्पलों, जूतों, कुर्सियों को हथियारों के रूप में प्रयोग किया जाता हो। जहां असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर उन्हें कार्रवाई से निकालने की आवश्यकता पड़ती हो, उस देश में बिना किसी शोर-शराबे, बिना किसी बहस, बिना किसी विरोध के सांसदों के वेतन, भत्तों और पेंशन में चौबीस प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव पास हो गया।</span>    <span lang="hi" xml:lang="hi">सत्ता पक्ष चुप, विपक्ष भी चुप। कोई बहस नहीं, कोई चर्चा नहीं। ऐसा लगा मानो यह कोई राष्ट्रीय एकता का क्षण हो, जहाँ सभी दलों ने एक स्वर में</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150557/government-should-also-give-the-option-of-old-pension-along"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/100.jpg" alt=""></a><br /><p><span lang="hi" xml:lang="hi">जिस देश की संसद में शोर की तुलना कौओं की कांव </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कांव</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> से होती हो। जहां चप्पलों, जूतों, कुर्सियों को हथियारों के रूप में प्रयोग किया जाता हो। जहां असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर उन्हें कार्रवाई से निकालने की आवश्यकता पड़ती हो, उस देश में बिना किसी शोर-शराबे, बिना किसी बहस, बिना किसी विरोध के सांसदों के वेतन, भत्तों और पेंशन में चौबीस प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव पास हो गया।</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">सत्ता पक्ष चुप, विपक्ष भी चुप। कोई बहस नहीं, कोई चर्चा नहीं। ऐसा लगा मानो यह कोई राष्ट्रीय एकता का क्षण हो, जहाँ सभी दलों ने एक स्वर में कहा, ऐसे बिलों पर हम एक थे, एक हैं और एक रहेंगे।</span></p>
<p> <span lang="hi" xml:lang="hi">कमाल की बात यह कि इस वृद्धि से न तो देश की अर्थव्यवस्था पर कोई बोझ पड़ा, न ही विकास की गति में कोई बाधा आई। ऐसा लगता है जैसे कि सांसदों के वेतन और पेंशन का पैसा संयुक्त राष्ट्र संघ से आता हो, या फिर कोई अदृश्य दैवीय शक्ति इसकी व्यवस्था करती हो। क्योंकि अगर यही वेतन वृद्धि या पेंशन की बात कर्मचारियों के लिए की जाए, तो तुरंत अर्थव्यवस्था के डूबने की बात शुरू हो जाती है। अखबारों में मोटी मोटी सुर्खियों में लिखा जाता है कि कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाने से देश पर कितना आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी ओर, कर्मचारियों के लिए एक नई अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के अनुसार एकीकृत पेंशन योजना (</span>UPS) <span lang="hi" xml:lang="hi">को थोपने की तैयारी है। कर्मचारियों के सामने दो विकल्प रखे गए हैं: या तो </span>UPS <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वीकार करो, या फिर राष्ट्रीय पेंशन योजना (</span>NPS) <span lang="hi" xml:lang="hi">में बने रहो। यह ऐसा ही है जैसे किसी को कहा जाए कि तुम या तो तुम सौ प्याज खा लो या फिर सौ कोड़े खाओ! लेकिन प्रश्न यह है कि पेंशन के तीन विकल्प होते हुए कर्मचारियों को चुनने के लिए दो ही क्यों दिए जा रहे हैं? स्वतंत्रता के पश्चात से लागू पुरानी पेंशन योजना (</span>OPS) <span lang="hi" xml:lang="hi">को विकल्पों की इस सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया। सांसद जो वास्तव में जनसेवक होते हुए वेतन या पेंशन के हकदार भी नहीं बनते, उनके वेतन भत्तों में चौबीस प्रतिशत की वृद्धि। कर्मचारी जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, उन्हें ठेंगा।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद में बैठने वाले हमारे माननीय जनप्रतिनिधियों के लिए पैसा कोई समस्या नहीं है। चौबीस प्रतिशत की वृद्धि कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। एक आम कर्मचारी के लिए इतनी वृद्धि का सपना देखना भी एक गहन अपराध माना जा सकता है। लेकिन सांसदों के लिए यह बस एक औपचारिकता है। न कोई बहस, न कोई प्रश्न। यहाँ तक कि विपक्ष, जो हर छोटी-बड़ी बात पर हंगामा करने के लिए तैयार रहता है, इस मुद्दे पर खामोश रहा। जैसे कि किसी ने बाहर से आकर कह दिया हो, खामोश……. ।</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">शायद इसलिए कि यहाँ निजी हित की बात थी, और निजी हित के आगे राष्ट्रीय हित गौण हो जाता है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">सांसदों को मिलने वाले भत्तों की सूची देखें तो लगता है कि ये लोग किसी दूसरे ग्रह से आए हैं, जहाँ महँगाई, गरीबी और आर्थिक संकट जैसी समस्याएँ नहीं होतीं। मुफ्त आवास, मुफ्त यात्रा, चिकित्सा सुविधाएँ, और अब पेंशन में भारी वृद्धि। यह सब तब हो रहा है जब देश की अर्थव्यवस्था को लेकर हर दूसरी खबर में चिंता जताई जा रही है। लेकिन सांसदों के लिए यह सब जायज़ है। आखिर वे देश के</span> "<span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माता</span>" <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं, और निर्माताओं को तो विशेष सुविधाएँ मिलनी ही चाहिए।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">अब बात करते हैं उस मेहनतकश वर्ग की, जो वास्तव में देश को चलाता है—सरकारी कर्मचारी। इनके लिए न तो वेतन वृद्धि इतनी आसानी से होती है, न ही पेंशन की कोई गारंटी। नई अधिसूचना के तहत कर्मचारियों को </span>UPS <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>NPS <span lang="hi" xml:lang="hi">के बीच चुनने को कहा जा रहा है। </span>UPS <span lang="hi" xml:lang="hi">को</span> "<span lang="hi" xml:lang="hi">एकीकृत</span>" <span lang="hi" xml:lang="hi">कहकर इसे कोई क्रांतिकारी कदम बताया जा रहा है, लेकिन हकीकत में यह एक और बोझ है। </span>NPS <span lang="hi" xml:lang="hi">तो पहले से ही कर्मचारियों के गले की फाँस बना हुआ है, जहाँ उनकी पेंशन बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है। क्या यह उचित है कि जिस कर्मचारी ने अपना यौवन देश की सेवा की में समर्पित कर दिया वह बुढ़ापे में मजदूरी करता फिरे।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">पुरानी पेंशन योजना एक ऐसा विकल्प था, जो कर्मचारियों को निश्चितता और सम्मान देता था। इसमें सरकार उनकी पेंशन की गारंटी लेती थी, जो उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल था। लेकिन पुरानी पैशन योजना को खत्म कर राष्ट्रीय पेंशन योजना को लाया गया, और अब एकीकृत पेंशन योजना के नाम पर एक और प्रयोग हो रहा है। सवाल यह है कि जब सांसदों को पेंशन में चौबीस प्रतिशत की वृद्धि दी जा सकती है, तो कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने में क्या दिक्कत है? क्या कर्मचारी इस देश के नागरिक नहीं हैं? क्या उनके परिश्रम की कोई कीमत नहीं है?</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">यहाँ सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि अर्थव्यवस्था पर बोझ का ढोंग क्यों? जब सांसदों के वेतन और पेंशन बढ़ाने की बात आती है, तो कोई नहीं पूछता कि पैसा कहाँ से आएगा। लेकिन जैसे ही कर्मचारियों की पेंशन की बात होती है, तुरंत कहा जाता है कि इससे देश डूब जाएगा, इतना पैसा आएगा कहां से?</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">यह दोहरा मापदंड क्यों? क्या सांसदों की सुविधाएँ अर्थव्यवस्था को प्रभावित नहीं करतीं? या फिर यह मान लिया गया है कि सांसदों का योगदान इतना अनमोल है कि उसकी कोई कीमत नहीं आँकी जा सकती?</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">सच्चाई यह है कि कर्मचारी देश की रीढ़ हैं। वे शिक्षक हैं, जो बच्चों को पढ़ाते हैं; वे स्वास्थ्यकर्मी हैं, जो जान बचाते हैं; वे प्रशासनिक अधिकारी हैं, जो व्यवस्था चलाते हैं। लेकिन इनके लिए सरकार के पास न तो पैसा है, न ही संवेदना। दूसरी ओर, सांसदों के लिए खजाना हमेशा खुला रहता है। यह विडंबना नहीं तो और क्या है?</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों के सामने जो दो विकल्प रखे गए हैं—एकीकृत पेंशन योजना और राष्ट्रीय पेंशन योजना—वे वास्तव में कोई विकल्प</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">ही नहीं हैं। दोनों ही योजनाएँ अनिश्चितता और असुरक्षा से भरी हैं। ऐसे में तीसरा विकल्प देना जरूरी है, और वह है पुरानी पेंशन योजना। पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि यह सामाजिक न्याय की मांग भी है। जब सांसद अपनी पेंशन बढ़ा सकते हैं, तो कर्मचारियों को उनकी पुरानी पेंशन से वंचित क्यों रखा जाए?</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने से कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन मिलेगा। यह उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल होगा। साथ ही, इससे अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि पेंशन पाने वाले कर्मचारी अपने पैसे को बाज़ार में खर्च करेंगे, जिससे माँग बढ़ेगी और विकास को गति मिलेगी। लेकिन शायद सरकार को यह बात समझ नहीं आती, या समझना नहीं चाहती।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">सांसदों की चौबीस प्रतिशत वेतन-पेंशन वृद्धि और कर्मचारियों पर एकीकृत पेंशन योजना थोपने की नीति देश में बढ़ती असमानता का प्रतीक है। एक ओर वे हैं, जिनके लिए पैसा पानी की तरह बहाया जाता है; दूसरी ओर वे, जिनके लिए हर सुविधा बोझ बन जाती है। यह समय है कि सरकार अपने दोहरे मापदंड को छोड़े और कर्मचारियों को उनका हक दे। पुरानी पेंशन योजना को तीसरे विकल्प के रूप में शामिल करना न केवल जरूरी है, बल्कि यह लोकतंत्र की सच्ची भावना को भी दर्शाएगा। आखिर, देश वही चलता है, जो मेहनत करता है—और मेहनत करने वालों का सम्मान होना चाहिए।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 14:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार की रीति नीति के प्रचार प्रसार के विकास उत्सव मेले का हुआ समापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  <strong>प्रतापगढ़।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> </strong>प्रदेश सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की नीति के आठ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शहीद उद्यान में आयोजित गुरुवार को अंतिम दिवस को त्रिदिवसीय मेले विकास उत्सव का भव्य रूप से आयोजन कर कार्यक्रम का समापन किया गया। त्रिदिवसीय मेले में सात हजार से अधिक व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">त्रिदिवसीय मेले विकास उत्सव के तीनो दिवसों में लगाये गये स्टालों में नियोजन विभाग के अन्तर्गत फैमिली स्टाल पर तीन दिवस में कुल 133 लोगो ने फैमिली आई0डी0 योजना के के बारे में जानकारी प्राप्त की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आयुष विभाग द्वारा ओपीडी के माध्यम होम्योपैथिक के 450 एवं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150499/development-festival-of-development-festival-of-propagation-of-governments-policy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/015.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> <strong>प्रतापगढ़।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> </strong>प्रदेश सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन की नीति के आठ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शहीद उद्यान में आयोजित गुरुवार को अंतिम दिवस को त्रिदिवसीय मेले विकास उत्सव का भव्य रूप से आयोजन कर कार्यक्रम का समापन किया गया। त्रिदिवसीय मेले में सात हजार से अधिक व्यक्तियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">त्रिदिवसीय मेले विकास उत्सव के तीनो दिवसों में लगाये गये स्टालों में नियोजन विभाग के अन्तर्गत फैमिली स्टाल पर तीन दिवस में कुल 133 लोगो ने फैमिली आई0डी0 योजना के के बारे में जानकारी प्राप्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयुष विभाग द्वारा ओपीडी के माध्यम होम्योपैथिक के 450 एवं आयुर्वेद के 509 व्यक्तियों को समुचित उपचार मुहैया कराया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ओपीडी के माध्यम से 1638 व्यक्तियों का परीक्षण करते हुये समुचित उपचार किया गया तो वही 57 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनवाये गये। श्रम विभाग की प्रदर्शनी में 50 श्रमिकों के आधार सत्यापन, 80 श्रमिकों के नवीनीकरण सत्यापन एवं 50 श्रमकार्ड बनाने के आवेदन प्राप्त हुए। आ</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईटीआई,कौशल विकास मिशन, उद्यमशीतला विभाग द्वारा 1500 बच्चों का रजिस्ट्रेशन कराया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों द्वारा तैयार किये गये उत्पादों को लोगों ने खरीददारी की। अग्रणी जिला बैंक कार्यालय एवं बड़ौदा रोजगार विकास संस्थान द्वारा प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री युवा रोजगार, एक जनपद एक उत्पाद, लखपति दीदी, प्रधानमंत्री सूर्यघर सहित शासन की रोजगारपरक ऋ़ण योजननाओं की जानकारी जनसामान्य को दी गयी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर ठगी से बचाव के उपाय सम्बन्धी जागरूकता के तहत पोस्टर वितरित किये गये। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी में 362 लाभार्थियों ने डार्ट बुक, स्मार्ट स्क्रीन के 600 लाभार्थी, 43 खाद कारोबारकर्ता द्वारा पंजीकरण कराया गया। कृषि विभाग की प्रदर्शनी में 236 किसानों के पीएम किसान के स्टेटस को चेक किया गया। उद्योग विभाग द्वारा उद्यमी विकास अभियान योजना के अन्तर्गत 106 लाभार्थियों के पंजीकरण का कार्य कराया गया एवं उद्योग विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गयी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">त्रिदिवसीय मेले के समापन के अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के 05 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र, आईटीआई के 05 विद्यार्थियों को टैबलेट का वितरण, पीएम स्वनिधि योजना के 03 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, फैमिली आईडी-एक परिवार एक पहचान के 09 लाभार्थियों को फैमिली आईडी कार्ड का वितरण, जिला सेवायोजन कार्यालय के एक वर्षीय निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त सात लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, रोजगार मेले में चयनित 10 लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा चयनित 10 लाभार्थियों को पॉप कॉर्न मशीन व पग मिल मशीन के 9 लाभार्थियों को माटीकला टूलकिट्स, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के 10 लाभार्थियों को आवास के चाभी, नगर पालिका परिषद बेल्हा नगर क्षेत्रान्तर्गत स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उत्कृष्ट योगदान हेतु 11 कर्मचारियों को पी0पी0 किट, मत्स्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अन्तर्गत 05 लाभार्थियों को अनुदान राशि डीबीटी के प्रमाण पत्र, मनरेगा योजना के अन्तर्गत 100 दिवस का रोजगार प्राप्त कुल 32778 लाभार्थियों में से प्रतीक स्वरूप 10 श्रमिकों को प्रशस्ति पत्र का वितरण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के नोडल परियोजना निदेशक डीआरडीए/प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी दयाराम यादव द्वारा कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराया गया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रियंका सोनी द्वारा अवगत कराया गया कि सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए लगभग 40 हजार कार्ड बनाया जा चुका है।कार्यक्रम के अन्त में सामूहिक राष्ट्रगान के साथ त्रिदिवसीय मेले का समापन किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:27:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ भगदड़ पर अजय राय बोले- अब तक मृतकों और लापता लोगों की सूची क्यों नहीं दे पायी सरकार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong> प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में मारे गए लोगों की सूची नहीं जारी करने को लेकर योगी सरकार पर राजनीतिक हमला बोला है. उन्होंने कहा कि महाकुंभ में हुए भगदड़ को करीब 2 महीने का समय बीत चुका है, पर सरकार अभी तक उस घटना में मारे गए मृतकों की सूची तक नहीं बन पाई है।</div>
<div>  </div>
<div>यहां तक की महाकुंभ में लापता हुए लोगों की भी सूची अभी तक सरकार नहीं जारी कर पाई है. उन्होंने भगदड़ में मारे गए लोगों को मुआवजा देने में हो रही देरी को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150375/ajay-rai-said-on-the-mahakumbh-stampede-why-could-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download7.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> प्रयागराज। </strong>उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में मारे गए लोगों की सूची नहीं जारी करने को लेकर योगी सरकार पर राजनीतिक हमला बोला है. उन्होंने कहा कि महाकुंभ में हुए भगदड़ को करीब 2 महीने का समय बीत चुका है, पर सरकार अभी तक उस घटना में मारे गए मृतकों की सूची तक नहीं बन पाई है।</div>
<div> </div>
<div>यहां तक की महाकुंभ में लापता हुए लोगों की भी सूची अभी तक सरकार नहीं जारी कर पाई है. उन्होंने भगदड़ में मारे गए लोगों को मुआवजा देने में हो रही देरी को लेकर भी सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि क्या सरकार किसी ने घोटाले का इंतजार कर रही है. इसके बाद मृतकों को मुआवजा दिया जाए. वह मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर महाकुंभ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रेस से बातचीत कर रहे थे।</div>
<div> </div>
<div>मृतकों का आंकड़ा छिपाने के लिए सरकार उन्हें जबरदस्ती चुप कर रही है : अजय राय ने कहा कि बदहाली और अव्यवस्था का शिकार हुए कुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ से सैकड़ों लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. एवं हजारों लोग लापता हो गये. सरकार ने यह स्वीकार करने में पूरे 24 घंटे लगा दिये कि वहां पर कोई मौत भी हुई थी. सोशल मीडिया पर सामने आयी तस्वीरों और वीडियो के कारण एवं कांग्रेस पार्टी द्वारा इस मुद्दे को गंभीरता से उठाये जाने के कारण सरकार को मजबूरन 30 लोगों की मृत्यु स्वीकार करनी पड़ी।</div>
<div> </div>
<div>अजय राय ने कहा कि जबकि सच यह था कि मृतकों की संख्या उससे कहीं ज्यादा थी. अपने झूठ को छिपाने के लिए सरकार नियम विरुद्ध रास्ते अपनाकर मृतकों के आश्रितों को चुप कराने की कोशिश कर रही है. मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किये बगैर पुलिस द्वारा नकद पैसा भिजवा कर अपनी करतूत पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।</div>
<div> </div>
<div>अजय राय ने कहा कि झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी के सुंदर नगर के रहने वाले शिवराज गुप्ता की भी मृत्यु प्रयागराज कुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुई थी. उनका नाम मृतकों की सूची में नहीं था और ना ही प्रदेश सरकार ने उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया है. उत्तर प्रदेश पुलिस उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये का नकद मुआवजा देने उनके आवास पर पहुंची.इसके अलावा जब इनके पुत्र शिवम ने 5 लाख रुपये लेने से इन्कार कर दिया और कहा कि मुआवजा तो 25 लाख रुपये घोषित था और नकदी में बिना कागजी प्रक्रिया पूरी किये यह मुआवजा क्यों दिया जा रहा है? जबकि झारखण्ड के स्थानीय अधिकारियों द्वारा ऐसी किसी भी कार्यवाही से अनभिज्ञता जताई है।</div>
<div> </div>
<div>अजय राय ने बताया कि ऐसा जानकारी में आया है कि बंगाल के दो परिवारों को 5- 5 लाख रुपये नकद दिये गये हैं. वहां भी स्थानीय अधिकारियों द्वारा इस संबंध में अनभिज्ञता जताई गई है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अपनाई गई इस प्रक्रिया से संदेह पैदा होता है और कई गंभीर सवाल उठते हैं. उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही छिपा कर क्यों की जा रही है? घटना को लगभग 2 महीने के करीब बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न मृतकों की सही सूची और न ही लापता लोगों की सूची प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई है।</div>
<div> </div>
<div>बिना दूसरे राज्य की सरकार को विश्वास में लिए पुलिस द्वारा नकद पैसा भेज कर क्या छिपाने की कोशिश कर रही है योगी सरकार? नकद में कम मुआवजा देकर क्या कोई नया घोटाला कर रही प्रदेश सरकार? और सभी नियम कानून ताक पर रखकर एक गैंग बनाकर काम कर रही है योगी सरकार. अजय राय ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार अब कम से कम अब उन मृतकों की सूची ही जारी कर दे, जिनके परिजनों को वह नकद पैसा भिजवा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:14:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निष्पक्ष मेरिट के आधार पर सरकार कर रही  आंगनबाड़ी भर्ती दलालों से बचें मुख्य विकास अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>शाहजहांपुर/</strong>जनपद में न्याय प्रिय अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाली मुख्य विकास अधिकारी अपराजिता सिंह ने आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर लोगों से आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों से सतर्क रहने की अपील की है बताया कि वर्तमान में शासन की मंशा के अनुरूप बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा नगर व/ग्रामीण क्षेत्र में 342 रिक्त पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री, के पदों पर हो रही भर्ती में ग्रामीण क्षेत्रों से भ्रष्टाचार सम्बन्धी प्राप्त हो रही शिकायतों के दृष्टिगत रिक्त पदों भर्ती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150092/chief-development-officer-should-avoid-anganwadi-recruitment-brokers-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/news--11.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>शाहजहांपुर/</strong>जनपद में न्याय प्रिय अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाली मुख्य विकास अधिकारी अपराजिता सिंह ने आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर लोगों से आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों से सतर्क रहने की अपील की है बताया कि वर्तमान में शासन की मंशा के अनुरूप बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा नगर व/ग्रामीण क्षेत्र में 342 रिक्त पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री, के पदों पर हो रही भर्ती में ग्रामीण क्षेत्रों से भ्रष्टाचार सम्बन्धी प्राप्त हो रही शिकायतों के दृष्टिगत रिक्त पदों भर्ती प्रक्रिया पूर्णरूप से निष्पक्ष, पारदर्शी कराये जाने के उद्देश्य से जनपद वासियों एवं अभ्यार्थियों को विडियो सन्देश प्रसारित कर, जागरूक कर अवगत कराया गया है।</div>
<div> </div>
<div>कि उक्त भर्ती आनलाईन माध्यम से प्राप्त आवेदनों को शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन्स के अनुरूप मैरिट के आधार पर जिला चयन समिति द्वारा चयन प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। पात्र अभ्यार्थियों का चयन पूर्णतया मैरिट के आधार पर किया जायेगा। यदि कोई व्यक्ति/दलाल अभ्यार्थी के आवेदन में त्रुटि या अन्य कारण बताकर अभ्यार्थी या उसके परिवार से किसी प्रकार की धनराशि की मांग करता है तो तत्काल दूरभाष पर फोन कर शिकायत दर्ज कराये। उक्त पदों पर भर्ती पूर्णतया निष्पक्ष/पारदर्शी तरीके से सम्पन्न की जायेगी। किसी प्रकार के प्रलोभन में न आये। शीघ्र ही चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्ति आदेश वितरित किये जायेगें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 14:05:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा में गूंजा चौपारण का पेयजल संकट, विधायक मनोज यादव ने सरकार से की त्वरित कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>चौपारण, हजारीबाग, झारखंड:-</strong>बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने झारखंड विधानसभा में चौपारण प्रखंड के बच्छई पंचायत के डुमरी गांव में वर्षों से लंबित पेयजल आपूर्ति योजना का मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में शुरू हुई वाटर सप्लाई योजना का कार्य अब तक अधूरा पड़ा है, जिससे चौपारण के बच्छई, चौपारण चट्टी, ताजपुर सहित दर्जनों गांव भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>विधायक ने सदन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में यह संकट और भी गंभीर हो जाता है, जिससे हजारों ग्रामीणों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150045/drinking-water-crisis-of-chauparan-in-the-assembly-mla-manoj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/news-4-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>चौपारण, हजारीबाग, झारखंड:-</strong>बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने झारखंड विधानसभा में चौपारण प्रखंड के बच्छई पंचायत के डुमरी गांव में वर्षों से लंबित पेयजल आपूर्ति योजना का मामला जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में शुरू हुई वाटर सप्लाई योजना का कार्य अब तक अधूरा पड़ा है, जिससे चौपारण के बच्छई, चौपारण चट्टी, ताजपुर सहित दर्जनों गांव भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>विधायक ने सदन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में यह संकट और भी गंभीर हो जाता है, जिससे हजारों ग्रामीणों को पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस अधूरी योजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल सके।</div>
<div> </div>
<div><strong>सरकार ने लिया संज्ञान, जल्द समाधान का आश्वासन</strong></div>
<div>इस मुद्दे के उठने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। सरकार द्वारा उचित कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है ताकि वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे गांवों को राहत मिल सके।</div>
<div> </div>
<div><strong>स्थानीय लोगों ने विधायक को कहा धन्यवाद</strong></div>
<div>विधानसभा में यह मामला उठाए जाने के बाद, बच्छई पंचायत के मुखिया बिरेन्द्र रजक, समिति सदस्य सहदेव प्रसाद यादव, उपमुखिया संजय साव, चौपारण मुखिया प्रतिनिधि बिंनोद सिंह, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी, देवल यादव, पवन सिंह, अशोक केशरी, प्रदीप साव, सन्नी मित्तल, हेमराज साव, पूर्व मुखिया शौकत खान सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने विधायक मनोज यादव का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान जल्द ही होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150045/drinking-water-crisis-of-chauparan-in-the-assembly-mla-manoj</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 14:04:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनार के पोस्टमार्टम हाउस को बंद कर क्षेत्र के लोगों को परेशान कर रही सरकार- कुंवर रितेश पटेल         </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>चुनार, मीरजापुर ।</strong> मंगलवार को छात्र सभा के प्रदेश महासचिव कुमार रितेश सिंह पटेल का चुनार में प्रथम आगमन पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर के दर्जनों स्थानों पर माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया गया ।उन्होंने नगर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर पत्रकारों से पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा के डबल इंजन सरकार में चुनार के पोस्टमार्टम हाउस बंद कर मिर्जापुर संचालित कर दिया गया है जिसका पुरजोर विरोध करने पर भाजपा के जन प्रतिनिधियों ने  श्रेय लेने के लिए सुचारू रूप से चालू करने का आश्वासन अपने लेटर पैड पर लिखकर दिया।</div>
<div>  </div>
<div>उन्होंने कहा कि गरीबों के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150031/government-is-harassing-the-people-of-the-area-by-closing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/3...,,,,,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>चुनार, मीरजापुर ।</strong> मंगलवार को छात्र सभा के प्रदेश महासचिव कुमार रितेश सिंह पटेल का चुनार में प्रथम आगमन पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर के दर्जनों स्थानों पर माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया गया ।उन्होंने नगर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर पत्रकारों से पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा के डबल इंजन सरकार में चुनार के पोस्टमार्टम हाउस बंद कर मिर्जापुर संचालित कर दिया गया है जिसका पुरजोर विरोध करने पर भाजपा के जन प्रतिनिधियों ने  श्रेय लेने के लिए सुचारू रूप से चालू करने का आश्वासन अपने लेटर पैड पर लिखकर दिया।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि गरीबों के घर दुर्घटना घटने के बाद मिर्जापुर जाना पड़ता है , राजा भर्तृहरि के नगरी में खुलेआम हीरोइन गाजा की बिक्री  प्रशासन के नाक के तले हो रहा है ,प्रशासन चुनार के युवकों को नशेड़ी बनाना चाह रही है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं  उन्होंने पुलिस की भर्ती आरक्षण भारती को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की । इस अवसर पर रामराज सिंह पटेल,सुनील सिंह पटेल, प्रश्न सिंह एडवोकेट, नगर अध्यक्ष मंत्री यादव, नरेंद्र यादव, शिवपूजन यादव, नसीम खान, जितेंद्र यादव, राजेश यादव, राजू यादव , सभासद रामलाल, संतोष यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 12:56:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी हैं आम नहीं, चढावा नहीं तो काम नहीं!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मथुरा। </strong>जब तक बढ़ावा नहीं तब तक कोई काम नहीं। सरकारी महकमों में यह अघोषित नियमावली है जिसका कर्मचारी अक्षरशः पालन कर रहे हैं। यह नियमावली उन अज्ञात कर्मचारियों के लिए वरदान साबित हो रही है जिनका कोई लेखा जोखा विभाग के पास नहीं है। नहीं वह किसी कृत्य के लिए जिम्मेदार हैं और नहीं बाध्य। जबकि वह विभागों में उन पटलों पर बैठे हैं जिनके बिना न जनता का और नहीं विभाग का काम चल सकता है। जब यह घोषित कर्मचारी नहीं हैं तो इन्हें अपनी पगार का भी खुद ही जुगाड़ करना होता है।</p>
<p>अगर साहब नाखुश हैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150023/government-is-not-a-common-man-no-work"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(5)4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा। </strong>जब तक बढ़ावा नहीं तब तक कोई काम नहीं। सरकारी महकमों में यह अघोषित नियमावली है जिसका कर्मचारी अक्षरशः पालन कर रहे हैं। यह नियमावली उन अज्ञात कर्मचारियों के लिए वरदान साबित हो रही है जिनका कोई लेखा जोखा विभाग के पास नहीं है। नहीं वह किसी कृत्य के लिए जिम्मेदार हैं और नहीं बाध्य। जबकि वह विभागों में उन पटलों पर बैठे हैं जिनके बिना न जनता का और नहीं विभाग का काम चल सकता है। जब यह घोषित कर्मचारी नहीं हैं तो इन्हें अपनी पगार का भी खुद ही जुगाड़ करना होता है।</p>
<p>अगर साहब नाखुश हैं तो अपने साथ ही साहब के लिए भी कुछ निकालना ही पडेगा। हालांकि जो घोषित कर्मचारी हैं वह भी खुले आम घोषणा कर के काम करने के पैसे मांग लेते हैं। इन हरकतों की शिकायतें लगातार उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही हैं। महावन तहसील में कार्यरत ऐसे ही एक कर्मचारी की शिकायत पीड़ित ने एसडीएम से की है। एसडीएम ने पीड़ित की शिकायत पर संज्ञान लिया है।</p>
<p>यह शिकायत महावन तहसील में कार्यरत एक लेखपाल के साथ लगे एक अज्ञात कर्मचारी की है। विकास पुत्र भूरा निवासी गांव नगला पोला ने एसडीएम के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि कर्मचारी द्वारा खसरा बनाने के लिए उससे 600 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। पैसे मांगने और न देने पर काम न करने की बात करते कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।</p>
<p>कम रुपये देने की बात पर कर्मचारी किसान को फटकार लगा कर पूरी धनराशि लेने की जिद करता दिखाई दे रहा है। इसी तरह की शिकायत लेकर मंगलवार को एक पीडित एसएसपी कार्यालय पहुंचा और एक लिखित शिकायती पत्र दिया। नगेन्द्र पुत्र जगवीर सिंह निवासी बैकुंड बिहार ने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि एक नामजद व्यक्ति ने उसका फोन चुरा लिया है। जब वह इसकी शिकायत लेकर थाना हाइवे की मंडी चौकी पहुंचा तो चौकी मंे पुलिसकर्मियों द्वारा साफ कहा गया कि जब तक चढावा नहीं तब तक काम नहीं। पुलिस के पास शिकायत लेकर जाने की जानकारी उस व्यक्ति के परिजनों को भी हो गई जिसने उसका महंगा मोबाइल लिया है। परिजन घर आकर धमका रहे हैं और पुलिस शिकायत करने पर देख लेने की धमकी दे रहे हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 12:14:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम श्रीभूमि जिले के निभिया-रायपुर सड़क के गंभीराछड़ा पर लोक निर्माण विभाग के तहत एक पुल के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप।</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र के लोगों ने हिमंत विश्व शर्मा, विधायक विजय मालाकार का ध्यान आकर्षित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149891/gambhirachra-of-nibhia-raipur-road-in-assam-sri-bhumi-district-accused"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/screenshot_2025-03-13-18-37-47-973_com.miui.gallery-edit.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> श्रीभूमि (करीमगंज) - </strong>वर्तमान सरकार विकास के नाम पर करोड़ों रुपये उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों, पुलों, नालों और अन्य परियोजनाओं के निर्माण के लिए आवंटित किए जा रहे हैं, ताकि हर ग्रामीण क्षेत्र का विकास किया जा सके, सबका साथ सबका विकास के माध्यम से। ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो सके। लेकिन श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के तहत निभीया के खेखड़ागुल से रायपुर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए गंभीरछड़ा पर एक पुल का काम चल रहा है। लेकिन निर्माण कार्य की कोई सूचना पट्टी बोर्ड की जानकारी नहीं है, जिससे क्षेत्र के लोग अंधेरे में रखकर ठेकेदार अपने मनमर्जी से काम चल रहा है और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी चुप्पी सादे हुए निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप हैं।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/screenshot_2025-03-13-18-37-30-853_com.miui.gallery-edit.jpg" alt="असम श्रीभूमि जिले के निभिया-रायपुर सड़क के गंभीराछड़ा पर लोक निर्माण विभाग के तहत एक पुल के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप।" width="1220" height="803"></img></div>
<div>आरोप है कि ठेकेदार सरकारी दिशानिर्देशों का पालन किए बिना पुल पर काम कर रहा है। उन्होंने ठेकेदार पर निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाया। ठेकेदारों ने क्षेत्र के लोगों को अंधेरे में रखते हुए काम कर रहा है, निम्न गुणवत्ता वाले, पत्थर से निर्माण का काम जारी रखा है। इस तरह, यदि निम्न गुणवत्ता की सामग्रियों का उपयोग करके बनाई जाती है, तो इसकी स्थिरता को कम करके ब्रिज टूटने की संभावना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुल में उपयोग किए गए पत्थर ज्यादातर रेत और मिट्टी मिला हुआ है. इसलिए इस ब्रिज का काम सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाना चाहिए।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img_20250313_171611.jpg" alt="IMG_20250313_171611" width="926" height="682"></img></div>
<div>इस संदर्भ में दुल्लभछड़ा-रामकृष्णनगर लोक निर्माण विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता सुभ्रता दास ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि निभिया क्षेत्र में पुल का काम किया जा रहा था। लेकिन यहां सवाल यह है कि जब एक अधिकारी या कर्मचारी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है, तो नियम है कि वह इस क्षेत्र में चल रही सभी गतिविधियों की जानकारी लेकर जिम्मेदारी ले। लोगों ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा और विधायक विजय मालाकार का ध्यान इस मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने के लिए आकर्षित किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Mar 2025 15:13:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदन में युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर जोरदार आवाज उठाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong> हजारीबाग- </strong>भाजपा से सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड सरकार पर बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ छलावा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता और लचर नीतियों के कारण राज्य के लाखों युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। श्री प्रसाद ने बताया कि झारखंड में अब तक 7,88,522 युवाओं ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन इनमें से केवल 3,51,953 युवाओं का ही नियोजनालय के जीवित डाटा में नाम दर्ज किया गया है। इसका अर्थ है की आधे से अधिक पंजीकृत युवा अब भी रोजगार के लिए इंतजार कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149774/sadar-mla-pradeep-prasad-raised-a-loud-voice-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/news-6.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> हजारीबाग- </strong>भाजपा से सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड सरकार पर बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ छलावा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की निष्क्रियता और लचर नीतियों के कारण राज्य के लाखों युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। श्री प्रसाद ने बताया कि झारखंड में अब तक 7,88,522 युवाओं ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन इनमें से केवल 3,51,953 युवाओं का ही नियोजनालय के जीवित डाटा में नाम दर्ज किया गया है। इसका अर्थ है की आधे से अधिक पंजीकृत युवा अब भी रोजगार के लिए इंतजार कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2022-2025 के बीच राज्य सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों और भर्ती कैंपों के माध्यम से केवल 37,219 उम्मीदवारों को ही रोजगार दिया गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की रोजगार नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है। श्री प्रसाद ने कहा कि कई विभागों में वर्षों से रिक्त पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इन पदों को भरने के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने सरकार से सवाल किया कि शेष पंजीकृत युवाओं के भविष्य का क्या होगा? क्या सरकार के पास इसका कोई जवाब है? भाजपा विधायक ने सरकार से मांग की है कि वह युवाओं के साथ किए जा रहे इस अन्याय को तुरंत समाप्त करे और रोजगार के लिए ठोस नीति बनाकर योग्य युवाओं को जल्द से जल्द नौकरी दे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भाजपा युवाओं के हक की लड़ाई को मजबूती से लड़ती रहेगी और उनके अधिकार दिलाकर ही दम लेगी। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Mar 2025 14:14:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्षेत्रीय समस्याओं को उठाने और लोगों की मदद करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं क्षेत्रीय पत्रकार व्यास कुशवाहा </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>नई दिल्ली-</strong> पटेल नगर में आज कल जहां देखा जा सकता है कि जमीनी हकीकत और समस्या को सरकार या विभागों के पटल पर रखने के लिए राष्ट्रीय मीडिया जहां कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही वही इलेक्ट्रोनिक मीडिया के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले देश के क्षेत्रीय यू-ट्यूबर आज लोगों की आवाज बनकर उभरे हुए है और अपने क्षेत्र के हर गरीब, जरूरतमंद, असहाय और मजबूर व्यक्तियों की आवाज बनकर सुर्खियां बटोर रहे है। आज हमारे विशेष संवाददाता ने नई दिल्ली के विधान सभा पटेल नगर में कई यू ट्यूबरों के विषय में क्षेत्र की जनता से राय लेकर बताया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149538/regional-journalist-vyas-kushwaha-is-playing-an-important-role-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250307-wa0060.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली-</strong> पटेल नगर में आज कल जहां देखा जा सकता है कि जमीनी हकीकत और समस्या को सरकार या विभागों के पटल पर रखने के लिए राष्ट्रीय मीडिया जहां कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही वही इलेक्ट्रोनिक मीडिया के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले देश के क्षेत्रीय यू-ट्यूबर आज लोगों की आवाज बनकर उभरे हुए है और अपने क्षेत्र के हर गरीब, जरूरतमंद, असहाय और मजबूर व्यक्तियों की आवाज बनकर सुर्खियां बटोर रहे है। आज हमारे विशेष संवाददाता ने नई दिल्ली के विधान सभा पटेल नगर में कई यू ट्यूबरों के विषय में क्षेत्र की जनता से राय लेकर बताया है कि पटेल नगर में वैसे तो बहुत पत्रकार है लेकिन व्यास कुशवाहा और राष्ट्रीय अखबार स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता प्रदीप यादव आज विधानसभा पटेल नगर की आवाज बने हुए है।</div>
<div> </div>
<div>क्षेत्र की जनता का भी इन पर इतना विश्वास देखा गया है कि लोग अपनी समस्या को बिना किसी संकोच किए बताने के लिए व्यास कुशवाहा को और प्रदीप यादव फोन कर देते है और ये दोनो पत्रकार बिना बिलंब किए जरूरतमंदों की आवाज बन जाते है। चाहे क्षेत्र में नशे के खिलाफ, अपराध के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ या फिर अवैध कारोबार के खिलाफ जहां राष्ट्रीय अखबार हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग जाने से भी घबराते है वहां व्यास कुशवाहा प्रदीप यादव दोनों क्षेत्र में डट कर समाज के आवाज को बुलंद करते देखे जा रहे है।</div>
<div> </div>
<div>व्यास कुशवाहा की निर्भीक पत्रकारिता आज पटेल नगर ही नहीं दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी तेजी से सुर्खियां तो बटोर ही रही है साथ में लोगों का विश्वास भी जीतने के साथ लोगों के हृदय में स्थान भी बनाते जा रहे है। व्यास कुशवाहा की निर्भीक पत्रकारिता करते हैं जहां गलत काम करने वालों के लिए किसी खतरे के घंटी से कम नहीं वही प्रशासन के लोगों को भी आगाह कर के रखती है। बहुत कम समय में व्यास कुशवाहा ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक बड़ा स्थान बनाकर दूसरे मीडियाकर्मियों के लिए अवसाद पैदा कर दिए है।</div>
<div> </div>
<div>एक सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता को करने वाले ऐसे नायकों को क्षेत्र का मिलने वाला स्नेह रूपी आशीर्वाद स्वाभाविक है। वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र क्षेत्र की जनता ने समाज की आवाज इतनी को निष्पक्षता और निर्भीकता से उठाने वाले पत्रकार व्यास कुशवाहा का तारिफ कर रही है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 15:33:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा: विजय कुमार बंधु </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>लखनऊ। </strong>पुरानी पेंशन का मुद्दा देश के शिक्षक कर्मचारियों के लिए प्रमुख मांग बन गई है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए आगामी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है ।राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि पिछले पांच महीने में पिंचानबे लाख करोड रुपए डूब गए हैं। चाहे एनपीएस हो या आने वाली यूपीएस मेरा पैसा सरकार पूंजी पत्तियों को भेजकर शेयर मार्केट में क्यों डूबा रही है।यदि रिटायरमेंट पर शेयर मार्केट धड़ाम हो जाता है तो पेंशन की बात तो दूर पूंजी बचाना भी मुश्किल होगा।उन्होंने कहा कि पूरे देश का शिक्षक</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149474/vijay-kumar-bandhu-will-continue-till-the-old-pension-restoration%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250305-wa0334.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लखनऊ। </strong>पुरानी पेंशन का मुद्दा देश के शिक्षक कर्मचारियों के लिए प्रमुख मांग बन गई है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए आगामी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है ।राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने बताया कि पिछले पांच महीने में पिंचानबे लाख करोड रुपए डूब गए हैं। चाहे एनपीएस हो या आने वाली यूपीएस मेरा पैसा सरकार पूंजी पत्तियों को भेजकर शेयर मार्केट में क्यों डूबा रही है।यदि रिटायरमेंट पर शेयर मार्केट धड़ाम हो जाता है तो पेंशन की बात तो दूर पूंजी बचाना भी मुश्किल होगा।उन्होंने कहा कि पूरे देश का शिक्षक कर्मचारी अब जाग गया है और अपने हक के लिए लड़ने को तैयार है।अब सरकार को बिना देर किए पुरानी पेंशन बहाल कर देनी चाहिए। यदि ऐसा नही होता है तो हमारा संघर्ष जारी रहेगा।</div>
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<div> चिकित्सा स्वास्थ्य महासंघ के महासचिव अशोक कुमार, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम मूरत यादव, अटेवा प्रदेश महामंत्री नीरज पति त्रिपाठी,लखनऊ विश्वविद्यालय संबद्ध कॉलेज संगठन के महामंत्री अंशु केडिया, उत्तर प्रदेश आउटसोर्स संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री सच्चिदानंद मिश्रा, शिक्षक शिक्षामित्र अनुदेशक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के हरिशंकर राठौर, पीजीआई नर्सेज संघ की अध्यक्ष लता सचान, प्रदेश महामंत्री पशुपालन विभाग नीलमणि नरसिंह राव,अटेवा के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ राजेश कुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य मौर्य, विधिक सलाहकार नरेंद्र कुमार, रेलवे से विजय कुमार यादव,प्रदेश संगठनमंत्री रजत प्रकाश,अटेवा जिलाध्यक्ष लखनऊ सुनील कुमार वर्मा, जिला लखनऊ संयोजिका संगीता, माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री विमल सिंह आदि सभी ने एक स्वर में कहा कि पेंशन की लड़ाई में हम सभी अटेवा के साथ खड़े हैं।</div>
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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:21:34 +0530</pubDate>
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