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                <title>community toilet - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>community toilet RSS Feed</description>
                
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                <title>डबल इंजन सरकार की योजनाओं से बदली पारा कला की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>    करीब पांच हजार की आबादी और आठ मजरों वाली इस ग्राम पंचायत ने बीते पांच वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी है। ग्राम प्रधान गीता के नेतृत्व में गांव में सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्य कराए गए हैं, जिनकी सराहना ग्रामीण खुलकर कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">            आपको बता दें कि, ग्राम पंचायत पारा कला में पारा कला, पूरे सर्वजीत, दखिनहा, पूरे मन्नू, पूरे धौकल, कूटी, पूरे बजरंगी और पूरे अर्जुनहा सहित कुल आठ गांव शामिल हैं। यहां लगभग 1950 मतदाता निवास करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, वर्तमान कार्यकाल में गांव</div>
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<div style="text-align:justify;">      </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182471/picture-of-mercury-changed-due-to-double-engine-government-schemes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260626-wa0306.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>  करीब पांच हजार की आबादी और आठ मजरों वाली इस ग्राम पंचायत ने बीते पांच वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी है। ग्राम प्रधान गीता के नेतृत्व में गांव में सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्य कराए गए हैं, जिनकी सराहना ग्रामीण खुलकर कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">      आपको बता दें कि, ग्राम पंचायत पारा कला में पारा कला, पूरे सर्वजीत, दखिनहा, पूरे मन्नू, पूरे धौकल, कूटी, पूरे बजरंगी और पूरे अर्जुनहा सहित कुल आठ गांव शामिल हैं। यहां लगभग 1950 मतदाता निवास करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, वर्तमान कार्यकाल में गांव के विकास को नई गति मिली है और अनेक वर्षों से लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">       प्रधान प्रतिनिधि हरिशंकर ने बातचीत के दौरान बताया कि, उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "सबका साथ, सबका विकास" की भावना को आधार बनाकर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि, ग्राम पंचायत में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">       उन्होंने बताया कि, बीते पांच वर्षों में ग्राम पंचायत में लगभग 500 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क, 500 मीटर खड़ंजा, 400 मीटर पक्की नालियों का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प, पंचायत भवन की मरम्मत, अंत्येष्टि स्थल (शवदाह गृह) का निर्माण तथा कूड़ाघर का निर्माण भी कराया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">       प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि, जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की टंकी का निर्माण कराया गया, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि, ग्राम पंचायत में निर्मित एमडीएम शेड (मिड-डे मील शेड) आज भी विकास का प्रतीक माना जाता है। इस भव्य परियोजना का उद्घाटन मंडलायुक्त रोशन जैकब एवं तत्कालीन जिलाधिकारी हर्षिता माथुर द्वारा किया गया था, जिसकी चर्चा आज भी ग्रामीण गर्व के साथ करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">      उन्होंने बताया कि, ग्राम पंचायत के लगभग 100 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया गया। वहीं करीब 200 वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांग लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 3000 मीटर कच्चे मार्गों एवं अन्य विकास कार्यों को पूरा कराया गया। इसके अतिरिक्त 400 व्यक्तिगत शौचालय तथा एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर स्वच्छता अभियान को मजबूती प्रदान की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">        हरिशंकर ने कहा, "उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि गांव का समग्र विकास रहा है। सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसी सोच के साथ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से कार्य किया गया है। आगे भी ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास और जनता की सेवा के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।"</div>
<div style="text-align:justify;">      ग्रामीणों का कहना है कि, विकास कार्यों के चलते पारा कला ग्राम पंचायत आज क्षेत्र की अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। बेहतर सड़कें, सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था, शिक्षा संस्थानों का कायाकल्प, स्वच्छता अभियान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने गांव की तस्वीर बदल दी है। यही कारण है कि, पारा कला आज महराजगंज विकास खंड की अग्रणी ग्राम पंचायतों में अपनी अलग पहचान बना चुकी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:23:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने सुनी जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही, :– </strong>शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकास खंड ज्ञानपुर/अभोली के ग्राम कसीदहा/सदौपुर स्थित पंचायत भवन में शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल की अध्यक्षता जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।<br />चौपाल में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तार से समीक्षा</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181073/district-magistrate-and-superintendent-of-police-listened-to-the-public"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260612-wa0018.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही, :– </strong>शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकास खंड ज्ञानपुर/अभोली के ग्राम कसीदहा/सदौपुर स्थित पंचायत भवन में शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल की अध्यक्षता जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।<br />चौपाल में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बाल विकास परियोजना (सीडीपीओ) विभाग की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटी नेटल चेकअप), बच्चों के पोषण स्तर तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को समय से राशन वितरण सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।<br />         जिलाधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन एवं दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा अन्य जनस्वास्थ्य योजनाओं के बारे में जानकारी ली।<br />         इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने आगामी जनगणना की तैयारियों, सामुदायिक शौचालयों की स्थिति, फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी निर्माण, राजस्व संबंधी मामलों तथा विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।<br />          चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव में लगे एक हैंडपंप में समरसेबल पंप डाले जाने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने तत्काल ग्राम विकास अधिकारी एवं संबंधित लेखपाल से मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।<br />         इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने ग्रामीणों से संवाद कर गांव की सामाजिक एवं कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों से आपसी सौहार्द एवं शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते उसका समाधान कराया जा सके। उन्होंने महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने के संबंध में भी ग्रामीणों को जागरूक किया।<br />          ग्राम चौपाल के माध्यम से प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। चौपाल के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जिससे ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया।<br />        इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर भानसिंह, जिला विकास अधिकारी सपना अवस्थी, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश त्रिपाठी, जिला प्रोवेशन अधिकारी शत्रुघ्न कन्नौजिया एवं सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे। </div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 20:41:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफाई के आभाव में बदहाली का दंश झेल रहा सामुदायिक शौचालय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़ौली में लाखों के लागत से बना सामुदायिक शौचालय में सफाई के लाले पड़े हैं।  सरकार द्वारा सफाई के लिए समूह की महिलाओं को 9 हजार रुपए मानदेय भी दिया जा रहा है जिसके बाद भी सफाई व्यवस्था अधर में है। स्थिति यह है कि देख-रेख के आभाव में सामुदायिक शौचालय बदहाली के दौर से गुजर रहा है। ब्लाक के सम्बंधित अधिकारियों के उदासीनता के कारण सामूदायिक शौचालय की कभी सफाई नहीं होती।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़ौली में स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव में लाखों की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161759/community-toilet-is-suffering-from-poor-condition-due-to-lack"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/011.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़ौली में लाखों के लागत से बना सामुदायिक शौचालय में सफाई के लाले पड़े हैं।  सरकार द्वारा सफाई के लिए समूह की महिलाओं को 9 हजार रुपए मानदेय भी दिया जा रहा है जिसके बाद भी सफाई व्यवस्था अधर में है। स्थिति यह है कि देख-रेख के आभाव में सामुदायिक शौचालय बदहाली के दौर से गुजर रहा है। ब्लाक के सम्बंधित अधिकारियों के उदासीनता के कारण सामूदायिक शौचालय की कभी सफाई नहीं होती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़ौली में स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव में लाखों की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया गया। वहीं सामुदायिक शौचालय के रख-रखाव का जिम्मा गांव की महिला समूह को दिया गया। महिला समूह को सफाई उपकरण समेत कुल 9 हजार रूपए मानदेय भी दिए जाने लगा। बावजूद इसके सामुदायिक शौचालय स्वच्छता के आभाव में बदहाली का दंश झेल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आलम यह है कि साफ-सफाई का आभाव होने के कारण सामूदायिक शौचालय ग्रामीणों के प्रयोग से कोसों दूर है। उक्त सामुदायिक शौचालय की बदहाली इसी प्रकार है कि सामुदायिक शौचालय देख-रेख के आभाव में बदहाली का दंश झेल रहा है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से सामुदायिक शौचालय ग्रामीणों के प्रयोग में नहीं है जिससे सरकार की यह महत्वकांक्षी योजना जिम्मेदारों के उदासीनता के कारण बेकार व बेमतलब साबित हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी अमित कुमार मिश्र ने कहा कि सामुदायिक शौचालय का नियमित साफ-सफाई व देखरेख का निर्देश सम्बंधित को दिया गया है, ऐसे में अगर शौचालय में गंदगी पाया गया तो सम्बंधित के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161759/community-toilet-is-suffering-from-poor-condition-due-to-lack</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 17:39:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामुदायिक शौचालयों में करोड़ों का खेल!</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।  </strong>स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर जिले में भ्रष्टाचार की ऐसी कहानी लिखी जा रही है जो सुनकर जनता हैरान है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सामुदायिक शौचालय संचालन अब “सफाई नहीं, सफाई के नाम पर कमाई” का जरिया बन चुकी है। जिले में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय महीनों से बंद पड़े हैं, लेकिन हर महीने 9000 रुपये का भुगतान स्वयंसहायता समूह की महिलाओं के खातों में जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि ये भुगतान तब भी हो रहे हैं जब एक भी शौचालय सुचारू रूप से संचालित नहीं है।
<div>  </div>
<div><strong>  ज़मीन पर सच्चाई — जर्जर भवन, टूटी</strong></div>
<div>गांवों</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156574/millions-of-games-in-community-toilets"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img-20251004-wa0481.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।  </strong>स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर जिले में भ्रष्टाचार की ऐसी कहानी लिखी जा रही है जो सुनकर जनता हैरान है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सामुदायिक शौचालय संचालन अब “सफाई नहीं, सफाई के नाम पर कमाई” का जरिया बन चुकी है। जिले में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय महीनों से बंद पड़े हैं, लेकिन हर महीने 9000 रुपये का भुगतान स्वयंसहायता समूह की महिलाओं के खातों में जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि ये भुगतान तब भी हो रहे हैं जब एक भी शौचालय सुचारू रूप से संचालित नहीं है।
<div> </div>
<div><strong> ज़मीन पर सच्चाई — जर्जर भवन, टूटी टंकी, उगी झाड़ियां</strong></div>
<div>गांवों में जाकर हकीकत देखने पर साफ़ दिखता है कि शौचालयों के दरवाजों पर ताले लटक रहे हैं, पानी की सप्लाई महीनों से बंद है और कई जगह दीवारें टूट चुकी हैं। कहीं-कहीं तो शौचालय कूड़ा फेंकने की जगह बन चुके हैं।ग्रामीणों ने बताया कि कई शौचालयों की चाबियां किसी के पास नहीं हैं, कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। फिर भी कागज़ों में दिखाया जा रहा है कि सब कुछ “सुचारू रूप से संचालित” है।</div>
<div> </div>
<div><strong> ग्रामीण बोले — सफाईकर्मी को मिलता काम, तो बचता सरकारी धन</strong></div>
<div>स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शौचालय संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायत के सफाईकर्मियों को दिया गया होता, तो सरकार की करोड़ों रुपये की धनराशि बच सकती थी। “हर महीने 9000 रुपये किसी समूह को देने का क्या मतलब, जब शौचालय कभी खुले ही नहीं?” — एक ग्रामीण ने कहा।</div>
<div> </div>
<div><strong>भ्रष्टाचार की गंध — हर ब्लॉक में एक जैसी कहानी</strong></div>
<div>सूत्रों के अनुसार, यह गड़बड़ी केवल एक-दो गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में फैली हुई है। हर ब्लॉक में दर्जनों शौचालय बंद हैं, लेकिन भुगतान बराबर हो रहा है।अगर जिला प्रशासन ने इस पर निष्पक्ष जांच कराई, तो करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा होना तय है।</div>
<div> </div>
<div><strong> प्रशासन मौन, जनता आक्रोशित</strong></div>
<div>सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे “खुलेआम लूट का खेल” बताया है। उनका कहना है कि शासन की मंशा स्वच्छता लाने की थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत ने इस योजना की साख मिट्टी में मिला दी है।</div>
<div>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द जांच नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।</div>
<div> </div>
<div><strong>जनता का सवाल — “कब जागेगा प्रशासन?”</strong></div>
<div>“स्वच्छ भारत मिशन का मतलब था सफाई, न कि सफाई के नाम पर धन की बर्बादी। शौचालय अगर जनता के काम नहीं आए तो योजना का क्या अर्थ?” — यही सवाल अब गांव-गांव में गूंज रहा है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 19:56:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायतों में बंद पड़े सामुदायिक शौचालय, जांच हुई तो खुलेगा सबसे बड़ा घोटाला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच की समस्या को खत्म करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। योजना का मकसद ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन हकीकत बिल्कुल इसके उलट है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर और महाराजगंज तराई सहित अन्य विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। कहीं ताले जड़े हुए हैं तो कहीं भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कई शौचालयों में सफाई की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155114/the-biggest-scam-will-open-if-community-toilets-are-closed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250915-wa0177-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच की समस्या को खत्म करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। योजना का मकसद ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन हकीकत बिल्कुल इसके उलट है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर और महाराजगंज तराई सहित अन्य विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। कहीं ताले जड़े हुए हैं तो कहीं भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कई शौचालयों में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पानी की आपूर्ति की सुविधा। परिणामस्वरूप ये शौचालय उपयोग के लायक ही नहीं रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीण बताते हैं कि जब इन शौचालयों का निर्माण हुआ था तब प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि अब गांवों में गंदगी और खुले में शौच की समस्या नहीं रहेगी। लेकिन शौचालयों का संचालन और रखरखाव पूरी तरह उपेक्षा का शिकार हो गया। सफाईकर्मी नियुक्त नहीं हुए, न पानी की टंकी भरी गई और न ही बिजली की व्यवस्था की गई। ऐसे में लाखों रुपये खर्च करके बने भवन आज सिर्फ शोपीस बनकर खड़े हैं।लोगों का आरोप है कि सामुदायिक शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई और निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यही वजह है कि कुछ शौचालय शुरू से ही उपयोग में नहीं आ पाए और बंद पड़े हैं। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए तो यह जनपद का सबसे बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।गांव की महिलाओं का कहना है कि सामुदायिक शौचालय उनके लिए राहत का साधन बन सकता था, लेकिन उपेक्षा के कारण वे आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। वहीं, युवा और किसान भी मानते हैं कि सरकार की योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक शौचालयों की जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बने हुए शौचालयों को जल्द से जल्द चालू किया जाए, ताकि जनता को सुविधा मिल सके और योजनाओं की पारदर्शिता भी बनी रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 19:36:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ द्वारा कुम्हारटोली में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>हज़ारीबाग़, झारखंड:-  </strong>समाज में स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ ने कुम्हारटोली संकट मोचन हनुमान मंदिर के समीप एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया। इस शौचालय का उद्घाटन क्लब के सीजीआर सरोज कुमार ने विधिवत रूप से फीता काटकर किया।</div>
<div>  </div>
<div>संस्था ने इस शौचालय के निर्माण में 85 हजार की राशि व्यय की, जिससे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों, राहगीरों एवं मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता से जुड़ी बुनियादी सुविधा उपलब्ध हो सके।</div>
<div>  </div>
<div>इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, सदस्य एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148241/construction-of-public-toilets-in-kumhartoli-by-inner-wheel-club"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/hindi-divas9.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>हज़ारीबाग़, झारखंड:-  </strong>समाज में स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ ने कुम्हारटोली संकट मोचन हनुमान मंदिर के समीप एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया। इस शौचालय का उद्घाटन क्लब के सीजीआर सरोज कुमार ने विधिवत रूप से फीता काटकर किया।</div>
<div> </div>
<div>संस्था ने इस शौचालय के निर्माण में 85 हजार की राशि व्यय की, जिससे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों, राहगीरों एवं मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता से जुड़ी बुनियादी सुविधा उपलब्ध हो सके।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर क्लब के पदाधिकारी, सदस्य एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान क्लब के सदस्यों ने समाज के लिए किए जा रहे इस कार्य की अहमियत पर प्रकाश डाला।</div>
<div> </div>
<div>सीजीआर सरोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज की नींव है। इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ का यह प्रयास न केवल क्षेत्र की स्वच्छता में योगदान देगा, बल्कि आम लोगों की सुविधा भी बढ़ाएगा। क्लब की इस पहल की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ ने हमेशा समाजसेवा को प्राथमिकता दी है।</div>
<div> </div>
<div>इस पहल के तहत क्लब ने शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए और भी कई योजनाएँ बनाई हैं, जिनमें सार्वजनिक स्थानों पर और अधिक शौचालय निर्माण,स्वच्छता जागरूकता अभियान, जरूरतमंदों को स्वच्छता किट वितरण,स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।</div>
<div> </div>
<div>क्लब की अध्यक्ष सरिता खण्डेलवाल ने कहा की हमारा उद्देश्य सिर्फ़ शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छता और जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह शौचालय स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा। इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ आगे भी समाज सेवा के ऐसे कार्य करता रहेगा, ताकि हज़ारीबाग़ को स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित बनाया जा सके।</div>
<div> </div>
<div><strong>स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया</strong></div>
<div>शौचालय निर्माण से लाभान्वित होने वाले स्थानीय नागरिकों ने इस पहल के लिए इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सुविधा से क्षेत्र में स्वच्छता बढ़ेगी और असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। इनर व्हील क्लब ऑफ़ युवा हज़ारीबाग़ ने सभी सहयोगियों और स्थानीय नागरिकों को उनके समर्थन और योगदान के लिए धन्यवाद दिया। क्लब ने यह आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इसी तरह सामाजिक कल्याण के कार्य किए जाते रहेंगे। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 18:57:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामुदायिक शौचालय की स्थिति बदहाल, जिम्‍मेदारों ने ओढ़ी लापरवाही की चादर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>अकबरपुर विकासखंड के ग्राम सभा रोशनगढ़ में सामुदायिक शौचालय का हालत बद से बदतर है। गंदगी एवं शौचालय के अंदर का हालत देखकर खुद शर्म न आए। महिला केयर टेकर को न सफाई किट मिली नहीं बाल्टी मग वाइपर इत्यादि उपलब्ध नहीं था। जब महिला  केयर टेकर से शौचालय के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो वह अपने आप को बचाती दिखी ना ही किसी प्रश्न का जवाब दिया सामुदायिक शौचालय के गड्ढे से गंदा पानी मैदान में बहने लगता है। </div>
<div>  </div>
<div>जिससे शौचालय के अगल-बगल रहने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है, सामुदायिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148029/community-toilet-condition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/0.00411.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>अकबरपुर विकासखंड के ग्राम सभा रोशनगढ़ में सामुदायिक शौचालय का हालत बद से बदतर है। गंदगी एवं शौचालय के अंदर का हालत देखकर खुद शर्म न आए। महिला केयर टेकर को न सफाई किट मिली नहीं बाल्टी मग वाइपर इत्यादि उपलब्ध नहीं था। जब महिला  केयर टेकर से शौचालय के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो वह अपने आप को बचाती दिखी ना ही किसी प्रश्न का जवाब दिया सामुदायिक शौचालय के गड्ढे से गंदा पानी मैदान में बहने लगता है। </div>
<div> </div>
<div>जिससे शौचालय के अगल-बगल रहने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है, सामुदायिक शौचालय का फर्श टूटा फूटा तथा गंदगी के वजह से वहां उपयोग करने वाले लोगों को डेंगू मलेरिया आने जैसी होने वाली खतरनाक बीमारी हो सकती है।सामुदायिक शौचालय के ठीक सामने गंदगी का अंबार देखने को गड्ढे में एकत्रित गंदा पानी जिससे बीमारियों का संकेत दे रहा है। जबकि ग्रामीणों द्वारा यह बताया गया कि सामुदायिक शौचालय की स्थिति बहुत दायिनीय है। </div>
<div> </div>
<div>सिर्फ ताला खुला रहता है, वही सामुदायिक शौचालय के बगल गड्ढे में गंदा पानी जमा है।जिस कारण ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इस समस्या को लेकर लोगों ने बार-बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गंदे पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं हो रहा है।</div>
<div> </div>
<div>चूंकि गंदा पानी गड्ढे से बाहर निकल कर मैदान में भरा रहता है हालात यह बन गये हैं कि लोग इन स्थानों से आसानी से गुजर नहीं सकते। ग्रामीणों का कहना है कि लोग सुबह-शाम जब सामुदायिक शौचालय के बगल रास्ते से जाते हैं तो उस दौरान अंधेरा होने के कारण वहां से निकलना कठिन हो जाता है। मच्छर मक्खी भी इस पानी में पनप रहे हैं। क्योंकि इस गंदे पानी से दुर्गंध आनी शुरू हो जाती है। यही नहीं लगभग एक वर्ष का केयरटेकर का भुगतान भी नहीं मिला है यह केयरटेकर द्वारा बताया गया। इस संदर्भ में खंड विकास अधिकारी से वार्ता करने का प्रयास किया गया परंतु फोन रिसीव नहीं हुआ।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148029/community-toilet-condition</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 17:54:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>उतरौला (बलरामपुर)- </strong>करोड़ों की लागत से बना आधुनिक बस स्टेशन उतरौला परिसर मे पहले से बना सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा है। बस स्टेशन उतरौला के खण्डहर हो चुके भवन पर शासन द्वारा इसको आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आवंटित किए थे। धन आवंटन के बाद भवन निर्माण तो पूरा हो चुका है। लेकिन बस स्टेशन उतरौला के अन्दर बने सार्वजनिक शौचालय का जीर्णोद्धार अब तक नहीं कराया गया।</div>
<div>  </div>
<div>जिसके चलते यात्रियों को शौचालय के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टेशन पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147950/public-toilet-conditions-closed-for-years-due-to-extreme-shabby"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/41.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>उतरौला (बलरामपुर)- </strong>करोड़ों की लागत से बना आधुनिक बस स्टेशन उतरौला परिसर मे पहले से बना सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा है। बस स्टेशन उतरौला के खण्डहर हो चुके भवन पर शासन द्वारा इसको आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आवंटित किए थे। धन आवंटन के बाद भवन निर्माण तो पूरा हो चुका है। लेकिन बस स्टेशन उतरौला के अन्दर बने सार्वजनिक शौचालय का जीर्णोद्धार अब तक नहीं कराया गया।</div>
<div> </div>
<div>जिसके चलते यात्रियों को शौचालय के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टेशन पर मात्र एक सार्वजनिक शौचालय होने से यात्रियों को मजबूरन उसका उपयोग करना पड़ता था। शौचालय भवन अति जर्जर हो जाने पिछले तीन वर्ष से बंद पड़ा है। अब यहां यात्रियों के शौच, लघुशंका व स्नान के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिस कारण यात्रियों को काफी असुविधा होती है। आदिल हुसैन ने बताया कि बस स्टेशन के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी एक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया।</div>
<div> </div>
<div>और न ही पुराने सुलभ शौचालय का मरम्मत करवा कर उसका पुनः संचालन ही कराया गया । विवश होकर यात्रियों को खुले में शौच व लघुशंका करना पड़ता है। सार्वजनिक शौचालय में ताला बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिला यात्रियों को अनेक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। बस स्टॉप पर अलग अलग जगहों के लिए सफर पर निकले यात्रियों को शौच या लघुशंका के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>प्रशासन की अनदेखी से सार्वजनिक शौचालय का मकसद बेमानी साबित हुआ है। बस स्टेशन पर शौचालय का उद्देश्य दूरदराज से अलग-अलग स्थानों के लिए बसों से सफर करने वाले यात्रियों को सुविधा देना है। लेकिन अफसरों की अनदेखी के चलते सार्वजनिक शौचालय में ताला लटक रहा है। पिछले करीब एक वर्ष से शौचालय में ताला बंद होने के चलते बस स्टॉप पर उतरने वाले यात्रियों को शौच व लघु शंका के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। सफर पर निकले यात्री रोडवेज बसों से उतरकर लघुशंका के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर हो गए हैं।हालांकि नगर पालिका परिषद निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर अवगत कराया था  </div>
<div> </div>
<div>इसके बाद भी रोडवेज विभाग समेत तहसील के अन्य अफसरों की नजर इस समस्या पर नहीं पड़ रही है। जबकि सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर दिन रात लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है। लेकिन ताज्जुब है कि अफसरों की कुम्भकर्णी नींद नहीं खुल रही। बताया जाता है कि करीब दो दशक पूर्व यात्रियों को शौचालय की सुविधाएं देने की शुरुआत हुई थी। लेकिन मरम्मत के अभाव एवं लापरवाही के चलते इसमें फिर से ताला लटक गया। शौचालय अति जर्जर हो जाने से सफर करने वाले राहगीरों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>राम कुमार, सतीश, राहुल, पंकज, इरशाद, जावेद, आसिफ, सुहेल,आरिफ आदि का कहना है कि मरम्मत के अभाव में सार्वजनिक शौचालय बंद हो गया। कई बार मांग के बावजूद भी इसका मरम्मत करवाकर नहीं खोला जा रहा हैं। नगर क्षेत्र के अनेक समाजसेवियों ने इस बाबत कई बार अधिकारियों से लिखित शिकायत भी किया। लेकिन अधिकारी सार्वजनिक शौचालय का मरम्मत करवा कर इसे पुनः खुलवाने का नाम नहीं ले रहे हैं।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147950/public-toilet-conditions-closed-for-years-due-to-extreme-shabby</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 17:19:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ भारत मिशन की खुली पोल, रखरखाव के अभाव में बने शो पीस </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रेउसा सीतापुर- </strong> रेउसा क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन की वास्तविक स्थिति सामने आई है रेउसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिकोहा में स्थित सामुदायिक शौचालयों की हालत बेहद खराब है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाए गए ये शौचालय आज उपयोग के बजाय केवल दिखावे की वस्तु बन कर रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है पिछले कई महीनों से इन शौचालयों का उपयोग पूरी तरह से बंद है नियमित सफाई व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण इनका उपयोग करने से बच रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>रखरखाव के अभाव में शौचालयों की स्थिति लगातार खराब</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147834/show-piece-made-due-to-lack-of-open-poll-maintenance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250124-wa0002.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रेउसा सीतापुर- </strong> रेउसा क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन की वास्तविक स्थिति सामने आई है रेउसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिकोहा में स्थित सामुदायिक शौचालयों की हालत बेहद खराब है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाए गए ये शौचालय आज उपयोग के बजाय केवल दिखावे की वस्तु बन कर रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है पिछले कई महीनों से इन शौचालयों का उपयोग पूरी तरह से बंद है नियमित सफाई व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण इनका उपयोग करने से बच रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>रखरखाव के अभाव में शौचालयों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है जो स्वच्छ भारत मिशन के मूल उद्देश्य को ही विफल कर रही है स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये की यह सार्वजनिक सुविधा निरर्थक साबित हो रही है इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश भी कमजोर पड़ रहा है। इस मामले में जब एडीओ पंचायत ओमेन्द्र पाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने समस्या की जानकारी होने की बात स्वीकार करते हुए जल्द ही निरीक्षण का आश्वासन दिया !!</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 18:55:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायत बनकटवा कला का समुदायिक शौचालय साबित हो रहे हाथी दांत ग्रामीण शौच के लिए बाहर जाने को विवश</title>
                                    <description><![CDATA[शौचालय निर्माण व मरम्मत के नाम पर लाखो रुपिया की हो गई निकासी फिर भी व्यवस्था दिखा चौपट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146062/village-panchayat-bankatwa-kalas-community-toilet-is-proving-to-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/311.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर- </strong>जनपद बलरामपुर के विकासखंड तुलसीपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बनकटवा कला मैं बने समुदायिक शौचालय में जिम्मेदारों की उदासीनता और मनमानी देखी जा रही है । जंहा समुदायिक शौचालय का उपयोग ग्रामीण नही कर पा रहे तो वही जिम्मेदारो के द्वारा शौचालय के नाम जमकर लूट किया जा रहा जा की बात सामने आ रही है। आपको बता दे कि सामुदायिक शौचालय बनकटवा को निर्माण होने के बाद से अबतक ग्रामीणों को उपयोग न होने की बात स्थानीय ग्रामीणों ने बताया और यह भी बताया गया कि वर्षो से बन्द रहता है समुदायिक शौचालय जिसके कारण लोग खेतो में शौच को मजबूर है ।</div>
<div> </div>
<div>जहां शौचालय के कमरों में गन्दगी का अंबार है वही इसकी जो तस्वीर सामने नजर आ रही उससे यही अंदाजा होता है कि जैसे कभी इसका उपयोग हुआ होग । वही समुदायिक शौचालय के लगे सभी उपकरण टूटे हुए पाए गए हैं और गंदगी का अंबार देखा जा रहा ।यहां तक कि शौचालय की शीट पर गन्दगी का अंबार है और इसमें पानी यक की व्यवस्था नही है वही शौचालय के आसपास काफी गन्दगी व झाड़ झंखाड़ लगा होने से जहरीले जानवरो का बसेरा बना हुआ है । जिसके कारण सामुदायिक शौचालय का लाभ स्थानीय ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है । वही स्वच्छता मिशन अभियान पर एक बड़ा सवाल यहां उत्पन्न होते देखा जा रहा है ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दे की ग्राम पंचायत निधि से 2020-21 में कार्य संख्या 42237694 दिनांक 18 ,6, 2020 में शौचालय का निर्माण 7 लाख 10 हजार और उसी वर्ष कार्य संख्या 45537131 दिनांक 22,12,2020 को उसी कार्य मे 5 लाख की लागत से निर्माण की जानकारी निकल कर आरही है जिसका कुल योग लगभग 12 लाख के लागत से बनवाया गया । वही एक ही कार्य मे अलग अलग कार्य संख्या में कार्य बता जमकर बंदरबाट होने की बात सामने आरही है ।</div>
<div> </div>
<div>जिसमे ग्राम प्रधान, सचिव के मिलीभगत से बड़ा खेल हुआ है । जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते स्थानीय लोगों को शौच की सुविधा आज भी नहीं मिल पा रही है और वह आज भी बाहर जाने को मजबूर है वही स्वच्छ भारत मिशन अभियान यहां पर फैल देखा जाता है। अब देखना यह होगा कि इस प्रकरण में विकास खण्ड अधिकारी तुलसीपुर कडी कार्यवाही करते है य दोषियों के उत्साह बढ़ाने का काम करेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 16:57:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धरातल पर तम तोड़ रहा सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन का संचालन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>महराजगंज।</strong> नौतनवां ब्लाक क्षेत्र में कुल 97 ग्राम पंचायतें हैं। करीब हर ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया गया है। ऐसे में ब्लाक क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों में सरकार का महत्वकांक्षी योजना सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन महज कागजों में ही संचालित हो रहा है तथा धरातल पर हमेशा ताला लटका ही रहता है। जिम्मेदारों के उदासीनता के कारण ग्राम पंचायतों में स्थित सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन में हमेशा ताला लगा होने से शासन का यह योजना महज बेकार साबित हो रहा है। ब्लाक क्षेत्र के करीब 75 प्रतिशत गांवों में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145728/the-operation-of-community-toilet-and-panchayat-building-is-breaking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/hindi-divas24.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>महराजगंज।</strong> नौतनवां ब्लाक क्षेत्र में कुल 97 ग्राम पंचायतें हैं। करीब हर ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया गया है। ऐसे में ब्लाक क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों में सरकार का महत्वकांक्षी योजना सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन महज कागजों में ही संचालित हो रहा है तथा धरातल पर हमेशा ताला लटका ही रहता है। जिम्मेदारों के उदासीनता के कारण ग्राम पंचायतों में स्थित सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन में हमेशा ताला लगा होने से शासन का यह योजना महज बेकार साबित हो रहा है। ब्लाक क्षेत्र के करीब 75 प्रतिशत गांवों में सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन में ताला लगा होने से ग्रामीणों के प्रयोग में नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>सामुदायिक शौचालय पर तैनात स्वयं सहायता समूह की महिलाएं घर बैठे उच्चाधिकारियों को गुमराह करते हुए मानदेय ले रही हैं। वहीं गांवों में स्थित पंचायत भवन का भी यही हाल है। गांव के पंचायत भवनों को हाईटेक बनाकर ग्रामीणों को सारी सुविधाएं गांव में ही मुहैया हो इसको लेकर शासन द्वारा प्रत्येक गांव में पंचायत भवन (मिनी सचिवालय) का निर्माण करवाया गया तथा उसके संचालन के लिए पंचायत सहायक की नियुक्ति कर उन्हें प्रतिमाह मानदेय दिए जाने लगा लेकिन यहां भी स्थानीय अधिकारियों व अन्य जिम्मेदारों के शिथिलता के कारण शासन की यह मंशा धरातल पर दम तोड़ रही है। वहीं पंचायत भवन में स्थित सभी उपकरण देख-रेख के आभाव में धूल फांक रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय कुछ लोगों का कहना है कि जब से पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ है तब से कोई अधिकारी व कर्मचारी जांच-पड़ताल के नीयत से गांव में नहीं आए जिसके कारण गांवों में सरकारी योजनाओं का कत्लेआम कर दिया गया। इसके साथ ही पूर्व में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा एक रोस्टर तैयार किया गया था जिसमें यह निर्धारित किया गया था की सप्ताह में एक दिन सेक्रेटरी अपने-अपने गांवों के पंचायत भवन में ड्यूटी करेंगे तथा वहां रहकर ग्रामीणों के सम्बंधित मामलों का निस्तारण करेंगे। लेकिन यहां अधिकारियों के आदेश का भी परवाह नहीं किया गया।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे में अगर समय-समय पर अधिकारियों द्वारा गांव में पहुंचकर जांच-पड़ताल किया गया होता तो शायद सरकार का यह योजना ग्रामीणों के प्रयोग में रहा होता। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन का कहना है कि विकास कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, अगर योजनाओं का सही ढंग से संचालित नहीं किया जा रहा है तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Oct 2024 16:55:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> स्वच्छता के आभाव में बजबजा रहा झिंगटी का सामुदायिक शौचालय</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>महराजगंज। </strong>नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत झिंगटी राम जानकी मंदिर परिसर में स्थित स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाया गया सामुदायिक शौचालय गंदगी से बजबजा रहा है। बाहर से चकाचक दिखने वाले सामुदायिक शौचालय के भीतर व्यापक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस शौचालय में फैली गंदगी घर-घर शौचालय बनवाने की जिम्मेदारी लेकर घूम रहे अफसरों को नहीं दिखाई दे रही है। वहीं सामूहिक शौचालय के पानी का टंकी व टोटी टूटा पड़ा है तथा वहां स्थित हैंडपंप भी खराब पड़ा है जिससे शौचालय में पानी का सप्लाई वर्षों से बंद है। तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145637/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/2-दूसरा.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>महराजगंज। </strong>नौतनवां ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत झिंगटी राम जानकी मंदिर परिसर में स्थित स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाया गया सामुदायिक शौचालय गंदगी से बजबजा रहा है। बाहर से चकाचक दिखने वाले सामुदायिक शौचालय के भीतर व्यापक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इस शौचालय में फैली गंदगी घर-घर शौचालय बनवाने की जिम्मेदारी लेकर घूम रहे अफसरों को नहीं दिखाई दे रही है। वहीं सामूहिक शौचालय के पानी का टंकी व टोटी टूटा पड़ा है तथा वहां स्थित हैंडपंप भी खराब पड़ा है जिससे शौचालय में पानी का सप्लाई वर्षों से बंद है। तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बिना सफाई किए ही अधिकारियों को गुमराह करते हुए मानदेय ले रही हैं।</div>
<div> </div>
<div>सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया गया तथा इनके संचालन व रखरखाव के लिए सरकार की तरफ से स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही उन्हें प्रतिमाह सफाई व मानदेय समेत 9 हजार का भुगतान भी किया जा रहा है। बावजूद इसके सामुदायिक शौचालय में सफाई के लाले पड़े हुए हैं जिससे आस-पास के लोगों को उठ रही दुर्गंध से जीना मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही सामूहिक शौचालय का पूरा फर्श गंदगी से पटा पड़ा है। गंदगी इतना अधिक है कि आसपास के लोग उसके दुर्गंध से खासा परेशान हैं। वहीं शौचालय में गंदगी के कारण उठ रही दुर्गंध से लोग राम-जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना करने से भी कतरा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि मौके का जांच करवाया जाएगा अगर शौचालय में गंदगी पाया गया तो सम्बंधित के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Oct 2024 16:58:44 +0530</pubDate>
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