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                <title>teachers - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>teachers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एक तरफ चलती रही LDA की कार्यशाला, दूसरी तरफ सील होते रहे कोचिंग संस्थान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एक ओर एलडीए द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन जारी रहा, वहीं दूसरी ओर शहर में कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी लगातार चलती रही। इस कार्रवाई से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों के बीच असमंजस, चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। संचालकों का कहना है की ज्यादातर कोचिंग किराए की प्रॉपर्टी में चल रही हैं और जो एलडीए के मानक हैं उन्हें मकान मालिक पूरी करने की जगह कोचिंग वाली जगह खाली करने को बोलने लगे हैं ऐसे में जाएँ तो जाएँ कहाँ ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कम्पार्टमेंट परीक्षाओं में अब मात्र 15 दिन शेष हैं। ऐसे में अनेक विद्यार्थियों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182225/on-one-side-lda-workshops-continued-to-operate-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000998054.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक ओर एलडीए द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन जारी रहा, वहीं दूसरी ओर शहर में कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी लगातार चलती रही। इस कार्रवाई से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों के बीच असमंजस, चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। संचालकों का कहना है की ज्यादातर कोचिंग किराए की प्रॉपर्टी में चल रही हैं और जो एलडीए के मानक हैं उन्हें मकान मालिक पूरी करने की जगह कोचिंग वाली जगह खाली करने को बोलने लगे हैं ऐसे में जाएँ तो जाएँ कहाँ ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कम्पार्टमेंट परीक्षाओं में अब मात्र 15 दिन शेष हैं। ऐसे में अनेक विद्यार्थियों का कहना है कि विशेषकर कमजोर छात्र ऑनलाइन माध्यम से गणित, विज्ञान और अन्य जटिल विषयों को प्रभावी ढंग से समझ नहीं पाते। उनका मानना है कि इस समय ऑफलाइन कक्षाओं का बाधित होना उनकी तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोचिंग संघ का कहना है कि लगातार हो रही कार्रवाई के कारण कई शिक्षक और संस्थान ख़त्म होने की कगार पर हैं उनका दावा है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और कोचिंग संस्थान का करियर पूरी तरह चौपट हो जाएगा । </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशासन का पक्ष है कि शहर में संचालित संस्थानों को निर्धारित नियमों और भवन सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है, और कार्रवाई उन्हीं मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है परंतु उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के अध्यक्ष बादल चोपड़ा का कहना है ऐसे संस्थान जो अत्यंत छोटे हैं और उनके पास आवश्यक उपकरण हैं उन्हें बिना निरीक्षण , नोटिस दिए सील कर देना नियम विरुद्ध है इससे सम्पूर्ण समाज प्रभावित होता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:21:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टेट की अनिवार्यता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षकों का आन्दोलन चरणबद्ध ढंग से जारी है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में टेट की अनिवार्यता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षकों का आन्दोलन चरणबद्ध ढंग से जारी है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने बताया कि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही 24 दिवसीय राष्ट्र व्यापी आन्दोलन में क्षेत्रीय अध्यक्ष, मंत्री और पदाधिकारी प्रतिदिन एक-एक न्याय पंचायत के शिक्षकों का हस्ताक्षर करा रहे हैं। हस्ताक्षरित ज्ञापन ई मेल आई.डी. के माध्यम से राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155967/after-the-order-of-the-supreme-court-regarding-the-compulsion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250926-wa0298-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में टेट की अनिवार्यता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षकों का आन्दोलन चरणबद्ध ढंग से जारी है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने बताया कि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही 24 दिवसीय राष्ट्र व्यापी आन्दोलन में क्षेत्रीय अध्यक्ष, मंत्री और पदाधिकारी प्रतिदिन एक-एक न्याय पंचायत के शिक्षकों का हस्ताक्षर करा रहे हैं। हस्ताक्षरित ज्ञापन ई मेल आई.डी. के माध्यम से राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और बेसिक शिक्षा मंत्री को भेजा जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने बताया कि हर्रैया में ब्लाक अध्यक्ष सन्तोष कुमार शुक्ल, संगठन मंत्री मो. सलाम के नेतृत्व में 26, परशुरामपुर में ब्लाक अध्यक्ष देवेन्द्र वर्मा, मंत्री राजीव पाण्डेय के नेतृत्व में 21, दुबौलिया में जिला उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह, ब्लाक अध्यक्ष रामपाल चौधरी, मंत्री त्रिलोकीनाथ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश कुमार के संयोजन में 41, बहादुरपुर ब्लाक अध्यक्ष रीता शुक्ला, जिला प्रवक्ता सूर्य प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में 15, बनकटी में नवीन कुमार के नेतृत्व में 37, रामनगर अध्यक्ष इन्द्रसेन के नेतृत्व में 14, गौर में जिला संगठन मंत्री ओकार उपाध्याय के नेतृत्व में 15 शिक्षकों के हस्ताक्षर कराये गये। शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। हस्ताक्षर अभियान 15 अक्टूबर तक जारी रहेगा, सघ पदाधिकारी विद्यालयों में जाकर हस्ताक्षर करा रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 21:03:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही, पूर्व प्रमुख ने की कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>किशनपुर (सुपौल)-</strong></p>
<p>पूर्व प्रमुख सूर्यनारायण प्रसाद ने गुरुवार को प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों सहित कोसी तटबंध के अंदर अन्य स्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तटबंध के अंदर स्थित मध्य विद्यालय बुढ़ियाडीह का निरीक्षण किया, जहां लापरवाही के चौंकाने वाले हालात नजर आए।</p>
<p>विद्यालय में पदस्थापित चार शिक्षकों में से केवल एक शिक्षक, शैलेंद्र यादव, उपस्थित थे, जबकि कुल नामांकित 55 छात्रों में से 35 बच्चे ही विद्यालय में खेलते नजर आए। स्थानीय ग्रामीणों की लगातार शिकायत थी कि विद्यालय में शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते। जब पूर्व प्रमुख ने मौके पर जांच की, तो पाया कि विद्यालय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150745/negligence-of-teachers-in-school-demands-action-by-former-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img-20250403-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>किशनपुर (सुपौल)-</strong></p>
<p>पूर्व प्रमुख सूर्यनारायण प्रसाद ने गुरुवार को प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों सहित कोसी तटबंध के अंदर अन्य स्थानों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तटबंध के अंदर स्थित मध्य विद्यालय बुढ़ियाडीह का निरीक्षण किया, जहां लापरवाही के चौंकाने वाले हालात नजर आए।</p>
<p>विद्यालय में पदस्थापित चार शिक्षकों में से केवल एक शिक्षक, शैलेंद्र यादव, उपस्थित थे, जबकि कुल नामांकित 55 छात्रों में से 35 बच्चे ही विद्यालय में खेलते नजर आए। स्थानीय ग्रामीणों की लगातार शिकायत थी कि विद्यालय में शिक्षक नियमित रूप से नहीं आते। जब पूर्व प्रमुख ने मौके पर जांच की, तो पाया कि विद्यालय प्रधान अर्जुन झा उपस्थिति रजिस्टर को अपने घर ले जाकर हाजिरी बनाते हैं।</p>
<p>पूर्व प्रमुख सूर्यनारायण प्रसाद ने शिक्षकों की इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग की, ताकि विद्यालय का संचालन सुचारू रूप से हो सके। इस मौके पर रमेश कुमार यादव, राम यादव, परमेश्वरी यादव, पप्पू कुमार, कुशो यादव, लखन यादव, रंजीत यादव सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 20:49:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ये समाजकंटक अध्यापक अपराधियों से अधिक खतरनाक हैं! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>जीवन में माता-पिता के बाद अध्यापक का ही सर्वोच्च स्थान माना गया है। अध्यापक ही बच्चों को सही शिक्षा देकर ज्ञानवान बनाते हैं, परंतु आज चंद अध्यापक-अध्यापिकाएं अपनी मर्यादा को भूल कर बच्चों पर अमानवीय अत्याचार कर रहे हैं पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाओं की झड़ी लगी है जिनमें टीचर टीजर बन रहे हैं जो बच्चों के साथ तमाम तरीके से मानसिक शारीरिक शोषण ही नही कर रहे हैं वरन अपराधियों से भी घटिया व्यवहार यहाँ तक कि दुराचार भी करने से बाज नहीं आ रहे है।
<div>  </div>
  आपको बता दें कि 12 फरवरी को 'जोधपुर' (राजस्थान) के प्रताप</div>
<div>18</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149942/these-social-teachers-are-more-dangerous-than-criminals%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/hindi-divas35.jpg" alt=""></a><br /><div>जीवन में माता-पिता के बाद अध्यापक का ही सर्वोच्च स्थान माना गया है। अध्यापक ही बच्चों को सही शिक्षा देकर ज्ञानवान बनाते हैं, परंतु आज चंद अध्यापक-अध्यापिकाएं अपनी मर्यादा को भूल कर बच्चों पर अमानवीय अत्याचार कर रहे हैं पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाओं की झड़ी लगी है जिनमें टीचर टीजर बन रहे हैं जो बच्चों के साथ तमाम तरीके से मानसिक शारीरिक शोषण ही नही कर रहे हैं वरन अपराधियों से भी घटिया व्यवहार यहाँ तक कि दुराचार भी करने से बाज नहीं आ रहे है।
<div> </div>
 आपको बता दें कि 12 फरवरी को 'जोधपुर' (राजस्थान) के प्रताप नगर में 2 अध्यापकों ने एक 8 वर्षीय मासूम की किसी गलती पर पहले तो उसे गंदा पानी पिलाया और फिर 'बैल्ट' से इतना पीटा कि वह बेहोश हो गया।</div>
<div>18 फरवरी को 'साबरकांठा' (गुजरात) में एक अध्यापक को दसवीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा को अपने जन्मदिन के बहाने होटल में बुलाकर उससे बलात्कार और मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।</div>
<div>21 फरवरी को 'सवाई माधोपुर' (राजस्थान) के 'सुखवास' स्थित एक प्राइवेट स्कूल के अध्यापक द्वारा छठी कक्षा के एक छात्र को पीटने और उससे 200 उठक-बैठक लगवाने के आरोप में पीड़ित बच्चे के पिता ने उसके विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।</div>
<div> </div>
<div>22 फरवरी को 'बठिंडा' (पंजाब) के गुरुनानकपुरा मोहल्ला स्थित सरकारी हाई स्कूल में एक अध्यापक और अध्यापिका ने 10वीं कक्षा के 2 छात्रों को बुरी तरह पीट डाला। एक छात्रा के हाथ में मारे डंडे से गंभीर चोट आई जबकि दूसरे छात्र को इतने जोर से थप्पड़ मारा कि कान में दर्द शुरू हो जाने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। 22 फरवरी को ही 'मैनपुरी' (उत्तर प्रदेश) के 'घिरोर' में एक स्कूल के अध्यापक ने कक्षा 2 के छात्र को किसी गलती पर पेड़ से बांध कर पीटा।</div>
<div> </div>
<div> 23 फरवरी को 'पूर्णिया' (बिहार) जिले के 'मोगलाहा प्रसादपुर' गांव में सरकारी प्राइमरी स्कूल में 2 बच्चों के झगड़े में स्कूल की एक अध्यापिका ने एक 9 वर्षीय बच्चे को इतनी बुरी तरह पीटा कि वह बेहोश हो गया।</div>
<div>23 फरवरी को ही नई दिल्ली में 'खजूरीखास' के एक स्कूल में एक 6 वर्षीय बच्चे द्वारा शरारत करने से नाराज अध्यापक ने उसके गाल पर इतने जोर से थप्पड़ मारा कि उसके कान का पर्दा फट गया।</div>
<div> </div>
<div>23 फरवरी को ही बरेली (उत्तर प्रदेश) के 'बिधरी चैनपुर' स्थित एक प्राइवेट स्कूल की अध्यापिका ने एक छात्रा द्वारा उससे ट्यूशन पढ़ने से इंकार करने पर उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि उसके कान का पर्दा फट जाने से उसे सुनाई देना बंद हो गया। शिकायत करने गए बच्ची के पिता के साथ भी स्कूल के प्रबंधक ने दुर्व्यवहार किया।</div>
<div> </div>
<div>24 फरवरी को 'हरदोई' (उत्तर प्रदेश) के 'बिरोरी' गांव में एक प्राइवेट स्कूल के अध्यापक ने पूछे गए प्रश्न का उत्तर न दे पाने पर तीसरी कक्षा के एक छात्र को जातिसूचक गालियां दीं, मुर्गा बनाकर बुरी तरह पीटा और उसकी पीठ पर बैठ गया, जिससे उसके पैर में फ्रैंक्कर हो गया।</div>
<div> </div>
<div>24 फरवरी को ही चेन्नई के 'कुलपोक' स्थित एक स्कूल में तीसरी कक्षा का एक छात्र हिन्दी कविता नहीं सुना पाया तो उसके अध्यापक ने बच्चे को बुरी तरह पीट डाला जिस पर अध्यापक को निलंबित कर दिया गया।</div>
<div>छात्र-छात्राओं पर अध्यापकों के एक वर्ग द्वारा मारपीट के उक्त उदाहरण इस आदर्श व्यवसाय पर एक घिनौना धब्बा है तथा इसके विरुद्ध स्कूलों के प्रबंधकों को दोषी अध्यापकों को समझाना चाहिए और उनसे लिखवा कर लेना चाहिए कि वे भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे।</div>
<div> </div>
<div>कानूनी तौर पर अध्यापकों द्वारा बच्चों को शारीरिक दंड देने की मनाही है लेकिन - कानूनी प्रावधानों के बावजूद कुछ अध्यापक व अध्यापिकाएं सारे कायदे-कानून भूल कर और परिणाम पर विचार किए बिना बच्चों पर अत्याचार कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>अतः अध्यापकों को नौकरी देते समय उनका इंटरव्यू लेने के साथ-साथ उनका मनोवैज्ञानिक परीक्षण करने के अलावा नौकरी देने के बाद भी नियमित रूप से उनकी काऊंसलिंग की जानी चाहिए तथा छात्रों से दुर्व्यवहार करने वाले अध्यापकों को शिक्षाप्रद सजा दी जाए ताकि उनके द्वारा छात्र-छात्राओं के उत्पीड़न का यह दुष्चक्र रुके।ऐसे अध्यापकों को तत्काल कार्यमुक्त कर जेल भेजा जाए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति न हो साथ ही शिक्षा के मंदिरों की शुचिता को. बचाया जा सके। ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 13:47:00 +0530</pubDate>
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                <title>ऑनलाइन हाजिरी का फरमान उरुवा ब्लॉक के शिक्षकों ने किया बहिष्कार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>मेजा प्रयागराज।</strong>उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आवाहन उरुवा ब्लाक की कार्यसमिति, संघर्ष समिति,तहसील प्रभारी एवं समस्त शिक्षकों, शिक्षामित्रों की एक आवश्यक बैठक एवं प्रदर्शन मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी उरुवा के कार्यालय में संपन्न हुई।</div>
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<div>  बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा के पत्र दिनांक 18 जून 2024 एवं 5 जुलाई 2024 के द्वारा शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के संबंध में चर्चा की गई। प्राथमिक शिक्षा संघ उरुवा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने कहा कि संघ द्वारा शिक्षकों की लंबी समस्याओं के निराकरण हेतु शासन को अनेक बार पत्र प्रेषित किया गया,जिसमें</div>
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<div>ब्लॉक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142977/teachers-of-uruva-block-boycotted-the-order-of-online-attendance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240709-wa0227.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मेजा प्रयागराज।</strong>उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आवाहन उरुवा ब्लाक की कार्यसमिति, संघर्ष समिति,तहसील प्रभारी एवं समस्त शिक्षकों, शिक्षामित्रों की एक आवश्यक बैठक एवं प्रदर्शन मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी उरुवा के कार्यालय में संपन्न हुई।</div>
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<div> बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा के पत्र दिनांक 18 जून 2024 एवं 5 जुलाई 2024 के द्वारा शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के संबंध में चर्चा की गई। प्राथमिक शिक्षा संघ उरुवा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने कहा कि संघ द्वारा शिक्षकों की लंबी समस्याओं के निराकरण हेतु शासन को अनेक बार पत्र प्रेषित किया गया,जिसमें परिषदीय शिक्षकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने,राज्य कर्मचारियों की भांति 31 उपार्जित अवकाश,12 द्वितीय शनिवार अवकाश,अर्ध आकस्मिक अवकाश,प्रतिकार एवं अध्ययन अवकाश, निशुल्क चिकित्सा सुविधा अनुमन्य करने, शिक्षकों की पदोन्नति शीघ्र करने जैसी मांगे सम्मिलित है। परंतु 30 अक्टूबर व 9 नवंबर 2023 को शासन स्तर पर संपन्न हुई वार्ता के उपरांत भी अद्यतन शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया।</div>
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<div> उन्होने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया गया है। समस्त अधिकारी व कर्मचारियों का कार्य स्थल प्रदेश अथवा जनपद मुख्यालय है। जो कि उनके निवास स्थान से निकट है। अधिकारी व कर्मचारियों को एक कैलेंडर, वर्ष में 14 आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त, 31 उपार्जित अवकाश, 12 द्वितीय शनिवार अवकाश के साथ ही अर्द्ध आकस्मिक अवकाश की सुविधा दी गई है। सरकारी वाहन निकट कार्य स्थल, उपार्जित एवं द्वितीय शनिवार अवकाश का लाभ प्राप्त करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर दैनिक उपस्थिति हेतु उपरोक्त प्रावधान लागू नहीं किया गया है। </div>
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<div>ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि हमारे ब्लॉक के अब कोई भी शिक्षक अध्यापक डिजिटल हाजिरी एवं एमडीएम नही भेजेगा। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री संदीप पांडेय ने कहा कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग का शिक्षक सबसे दुर्गम स्थानों पर स्थित विद्यालयों में सेवा प्रदान कर रहा है। शिक्षक ऐसे स्थान पर कार्य कर रहे हैं,जहां आवागमन हेतु सड़क नहीं है। यदि कहीं सड़क उपलब्ध है तो कोई भी सार्वजनिक वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।</div>
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<div>शिक्षक अपने निजी वाहन या पैदल यात्रा करके इन दुर्गम मार्गों में नदी, जल भराव, पगडंडी से होते हुए अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं। हमारे शिक्षक प्रतिदिन 50-60 किलोमीटर तक अपने निजी साधनों से यात्रा करके विद्यालय पहुंचते हैं। शिक्षक के प्रतिमास कभी न कभी विद्यालय में विलंब से पहुंचने की संभावना बनी रहती है। वर्तमान में भी शिक्षकों की समय से विद्यालय पहुंचने की प्रतिबद्धता के कारण जल्दबाजी में प्रत्येक माह कोई ना कोई शिक्षक दुर्घटना के शिकार हो जाता है। </div>
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<div>उक्त अवसर पर दिवाकर दत्त मिश्रा, राघवेंद्र सिंह, अजीत मिश्रा, राजकुमार शुक्ला, राजेश कोलहा, अखिलेश द्विवेदी, डॉ.रामराज त्रिपाठी, सुनील कुमार सिंह, विजय कुमारी, राम इकबाल राम, नीलिमा, सविता जैसल, ज्योति बाजपेयी, सरफराज अहमद, यजुवेंद्र कुमार, स्नेहा साहू, राकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, अनुराधा पटेल, अर्चना पांडेय, रामलोचन शुक्ला, संजय त्रिपाठी, सरस्वती द्विवेदी, चित्रा शुक्ला, सविता यादव, पूनम दुबे, संदीप नारायण पांडेय, दिनेश कुमार, साकेत तिवारी, संपूर्णानंद, दीपक गुप्ता, जयंत कुशवाहा, बृजेश यादव, प्रदीप तिवारी, रेखा पांडेय, राकेश कुमार, वीरेंद्र कुमार व उमाशिव पांडेय आदि शिक्षक व शिक्षिका उपस्थित रहे।।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 15:07:22 +0530</pubDate>
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