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                <title>drunk driving - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>drunk driving RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राहवीर योजना से भय को निकालने की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विचार-स्वतंत्र प्रभात </span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">            मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष अप्रैल से लागू की गई</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राहवीर योजना</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तविक धरातल पर कितनी सफल हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक वर्ष में महज </span>14 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों को ही शासन की ओर से इस योजना के अंतर्गत पुरस्कार राशि स्वीकृत हुई है । मध्य प्रदेश देश का चौथा ऐसा राज्य है जहां सर्वाधिक वाहन दुर्घटनाएं होती हैं। प्रदेश में प्रतिदिन </span>150 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक वाहन दुर्घटनाएं होती</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172841/need-to-remove-fear-from-rahveer-scheme"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" align="center"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">विचार-स्वतंत्र प्रभात </span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">      मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष अप्रैल से लागू की गई</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राहवीर योजना</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वास्तविक धरातल पर कितनी सफल हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक वर्ष में महज </span>14 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोगों को ही शासन की ओर से इस योजना के अंतर्गत पुरस्कार राशि स्वीकृत हुई है । मध्य प्रदेश देश का चौथा ऐसा राज्य है जहां सर्वाधिक वाहन दुर्घटनाएं होती हैं। प्रदेश में प्रतिदिन </span>150 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक वाहन दुर्घटनाएं होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें करीब </span>30 <span lang="hi" xml:lang="hi">से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को तत्काल इलाज उपलब्ध हो सके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस जनहितैषी सोच के साथ पिछले वर्ष अप्रैल में राहवीर योजना शुरू की गई। इसका उद्देश्य यह है कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को शासन की ओर से</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>25 <span lang="hi" xml:lang="hi">हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रदान की जाए । निश्चित रूप से मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना सराहनीय है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन व्यापक प्रचार-प्रसार के अभाव और कानूनी तथा पुलिसिया कार्यवाही के भय के कारण आज भी कई लोग सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तड़पता छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">     इस जीवनदायिनी योजना को प्रभावी बनाने के लिए सरकार को इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए और लोगों के मन से यह भय भी दूर करना चाहिए कि घायल व्यक्ति की मदद करने पर उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा । प्रदेश शासन को चाहिए कि दुर्घटना में किसी की जान बचाने वाले व्यक्ति को एक माह के भीतर ही राहवीर योजना की राशि प्रदान की जाए और जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया जाए। इससे समाज में लोगों का भय दूर होगा और घायलों के प्रति संवेदना भी बढ़ेगी । यदि सरकार चाहे तो राहवीर योजना का प्रचार-प्रसार स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के माध्यम से भी किया जा सकता है। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ग्रामीण से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक विशेष प्रयास करने होंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">      वर्तमान में वाहन दुर्घटना में सर्वाधिक शिकार युवा होते हे ! दुर्घटना में अधिकांश युवा के हताहत होने का एक कारण नशा कर तेज गति से वाहन चलाना भी सामने आता हे ! वही कुछ युवा जवानी के जोश में वाहनों द्रुतगति से चला कर अपना और दूसरों का जीवन खतरे में डालते हे ! शासन प्रशासन को विशेषकर तेज गति से वाहन चलाने वाले नाबालिग और युवा चालकों पर सख्ती बरतना बेहद जरूरी है । इसके अलावा जिला प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए कि वह यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए। जिस जिले में दुर्घटनाओं का ग्राफ सबसे कम हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी शासन की ओर से प्रोत्साहन दिया जाए । यदि इन उपायों पर गंभीरता से अमल किया जाए तो निश्चित ही राहवीर योजना प्रदेश के लोगों के जीवन में वरदान साबित हो सकती है ।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:12:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस की सख्ती के बावजूद शराब पीकर गाडी चलाने वालों का 27 % का इजाफा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी। </strong>बडे-बडे सरकारी विज्ञापनों समेत समाजिक,धार्मिक संस्थाओं द्वारा शराब पीने के शारिरिक व, जान लेवा नुकसान का ज्ञान बांटने के बावजूद राजधानी दिल्ली में शराब पीकर  गाडी हांकने वाले पुलिस की सख्ती के बावजूद उनकी  गिनती  कम होने की बजाए बढती ही जा रही है। इस साल शराब पीकर ड्रंकन ड्राइविंग के मामलों के चालान  में 27 फीसदी की बढोतरी ने खास मुकाम हांसिल कर लिया है। सरकारी आंकडो के मुताबिक दिल्ली में शराब पीकर गाडी चलाने के मामलो में पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 27 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।</p>
<p>ट्रैफिक पुलिस के आला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142902/despite-strictness-of-traffic-police-in-delhi-number-of-people"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/screenshot_20240707_124501_google.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी। </strong>बडे-बडे सरकारी विज्ञापनों समेत समाजिक,धार्मिक संस्थाओं द्वारा शराब पीने के शारिरिक व, जान लेवा नुकसान का ज्ञान बांटने के बावजूद राजधानी दिल्ली में शराब पीकर  गाडी हांकने वाले पुलिस की सख्ती के बावजूद उनकी  गिनती  कम होने की बजाए बढती ही जा रही है। इस साल शराब पीकर ड्रंकन ड्राइविंग के मामलों के चालान  में 27 फीसदी की बढोतरी ने खास मुकाम हांसिल कर लिया है। सरकारी आंकडो के मुताबिक दिल्ली में शराब पीकर गाडी चलाने के मामलो में पिछले साल के मुकाबले इस साल करीब 27 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।</p>
<p>ट्रैफिक पुलिस के आला अफसर  के मुताबिक 1 जनवरी से लेकर 30 जून,2024 तक नशे में गाडी चलाने वाले 12,468  ड्रंकन ड्राइविंग के चालान काटे गए। वहीं पिछले साल 2023 में 1 जनवरी से 30 जून तक शराब पीकर गाडी चलाने वाले 9837 ड्राइवर्स के चालान काटे गए है। यानि इस हिसाब से 27 फीसदी अधिक चालान काटे गए। अब जरा गौर फरमाए कि राजधानी दिल्ली के वे इलाके जो ड्रंकन ड्राइविंग में अव्वल रहे। उनमें राजौरी गार्डन सर्कल टाॅप पर रहा।जबकि दूसरे नंबर पर समय पुर बादली क्षेत्र, और तीसरे नंबर पर रोहिणी ट्रैफिक सर्कल टाॅप पर रहा। वहीं 10वें नंबर पर सदर बाजार ट्रेफिक सर्कल आया है।</p>
<p>ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने.बताया कि शराब पीकर गाडी चलाने वाला अपनी  जान का तो दुश्मन है ही साथ ही दूसरो की जान भी खतरे में डालता है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के मुताबिक नशे में गाडी चलाने  वाले ड्राइवरो के खिलाफ नकेल कसने का अभियान  तमाम सर्कलों में तेज किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर  ही नशे में गाडी दौडाने में दस सर्कलों के मामलों में राजौरी गार्डन में कटे चालानों  की संख्या  770, समय पुर बादली-514, रोहिणी-441,पंजाबी बाग-387,महरौली-367,मयूर विहार-364,नरेला-364,कालकाजी-344,करोल बाग-342, और सदर बाजार ट्रेफिक सर्कल में 342 चालान काटे गए है।</p>
<p>ड्रंकन ड्राइविंग के बढते मामलों पर लगाम लगाने की  सख्त जरूरत है। बता दें कि साल 2022 में देशभर में 10 प्रतिशत एक्सीडेंट शराब पीकर गाडी चलाने की वजह से हुए। उसी वर्ष में शराब के नशे में गाडी चलाने से हादसों की गिनती करीब 3268 थी। इनमें से 1800 लोगों को अपनी जान गंवाने पडी थी। जबकि घायलों की संख्या भी कुछ कम नहीं है।  दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बीते साल करीब 16000 ऐसे लोगो के चालान काटे, जो शराब पीकर गाडी चलाते हुए पकडे गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 16:18:02 +0530</pubDate>
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