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                <title>zimmedar moun - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>फर्जी वृक्षारोपण कर लाखों डकार गए कप्तानगंज में वन विभाग के जिम्मेदार नीद में डीएफओ</title>
                                    <description><![CDATA[जब केवल कागजों तक ही सिमटा रहेगा वृक्षारोपण तो धरा पर कैसे आयेगी हरियाली बना अहम प्रश्नजब तक दोषी नहीं पहुंचेंगे सलाखों के पीछे तब तक ऐसे ही उजड़ती रहेगी धरा की हरियाली]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157743/lakhs-lost-due-to-fake-tree-plantation-dfo-in-charge"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img-20251017-wa0162.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार दीमक तरह पांव जमा लियाजहाँ एक ओर देश व प्रदेश की सरकार वृक्षारोपण पर पानी की तरह पैसे बहाकर धरा की हरियाली कायम रखने हेतु कमरतोड़ मेहनत कर रही है तो वहीं दूसरी ओर कप्तानगंज वन रेंज के जिम्मेदार फर्जी वृक्षारोपण कर अपनी जेब तो भर ही रहे हैं साथ में सरकार के वृक्षारोपण अभियान को पलीता लगाने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मामला एसडीजी पब्लिक स्कूल सहित दर्जनों साइडों पर फर्जी वृक्षारोपण से जुड़ा हुआ है जहाँ वन विभाग ने कागजों में वृक्षारोपण कर लाखों रुपये डकार लिए हैं अब निराई गुड़ाई के नाम पर फर्जी भुगतान करने की तैयारी चल रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बताते चलें कि एसडीजी पब्लिक स्कूल भुवनपुर कप्तानगंज पोखरा बाजार बाया लहिलवारा कौड़ी कोल मार्ग पर स्थित है जो ग्रामीण क्षेत्र का ख्यातिप्राप्त एवं प्रतिष्ठित संस्थाओं में शुमार है। वन विभाग के भ्रष्टाचारियों की कुदृष्टि से यह संस्था भी नहीं बच पायी व वन विभाग के जिम्मेदारों ने विद्यालय के नाम पर सैकड़ों फर्जी वृक्षारोपण दिखाते हुए लाखों लाख रुपये डकार लिए अब निराई गुड़ाई के नाम पर दुबारा लूट की तैयारी चल रही है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की मानें तो अकेले कप्तानगंज वन रेंज में दर्जनों से ज्यादा ऐसी साइडें हैं जहाँ बिना वृक्षारोपण भुगतान प्राप्त कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है और पूरे जनपद स्तर की बात करें तो जनपद का यह एक महाघोटाला होगा जिसमें करोड़ों से ज्यादा का वारा - न्यारा मिलेगा। बात यहीं फर्जी वृक्षारोपण पर ही नहीं समाप्त होती है जनपद स्तर पर सैकड़ों से ज्यादा अवैध आरा मशीनों का संचालन वन विभाग के संरक्षण में हो रहा है जिससे धरा की हरियाली को ग्रहण लगा हुआ है और बदले में जिम्मेदार मोटी फिरौती वसूल रहे हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 17:37:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कचनरवा सहित दर्जनों गांवों में नल हुआ निष्फल पानी संकट पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, जिम्मेदार मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कोन/सोनभद्र।</strong> विकास खंड कोन अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही 'हर घर नल' योजना क्षेत्र में बुरी तरह विफल होती दिख रही है। कचनरवा, कुड़वा समेत दर्जनों फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज कचनरवा ग्राम पंचायत के असनाबांध टोले में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 'हर घर नल' योजना कागजों पर तो पूर्ण दिखा दी गई है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके विपरीत है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों के आधार कार्ड के आधार पर नल कनेक्शन तो दिए</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157729/taps-became-ineffective-in-dozens-of-villages-including-kachnarwa-strong"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/3--++++--++.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कोन/सोनभद्र।</strong> विकास खंड कोन अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही 'हर घर नल' योजना क्षेत्र में बुरी तरह विफल होती दिख रही है। कचनरवा, कुड़वा समेत दर्जनों फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज कचनरवा ग्राम पंचायत के असनाबांध टोले में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 'हर घर नल' योजना कागजों पर तो पूर्ण दिखा दी गई है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके विपरीत है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों के आधार कार्ड के आधार पर नल कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन कई महीनों से इन नलों से एक बूंद पानी तक नहीं आ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा माह में केवल एक या दो दिन, मात्र 10 मिनट के लिए पानी चलवाकर, उस क्षेत्र की फोटो और लोगों को झूठे आश्वासन के वीडियो संबंधित विभाग को भेजे जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जनता को 'लॉली पॉप' देने जैसा है और यह पूरी परियोजना केवल कागजों में सिमट कर रह गई है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदीप चंद्रवंशी ने बताया कि कचनरवा, असनाबांध, नरोईयादामर्, मधुरी, रोहिनवादामर, शिकारीखोली, बड़ाप, बागेसोती, सिंगा, डुबवा, कुड़वा, धौरवादामर, सेमरवादामर, गोबरदाहा, डीलवाहा, शिवाखाड़ी, धीचोरवा, पीपरखाड़, बिछमरवा, केवाल, मिश्री, डोमा, बहुआरा, रगरम, खरौंधी, चांचीकला, नकतवार सहित कई गांवों में जलापूर्ति ठप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ ग्रामीण बिहारी प्रसाद यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि आज भी क्षेत्र के लोग नदी-नालों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि कचनरवा का रोहिनवादामर और कुड़वा गांव फ्लोरोसिस की अत्यधिक मात्रा से प्रभावित हैं, फिर भी यहां पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर अभी तक नल कनेक्शन भी नहीं मिला है, और जहाँ मिला है, वहाँ कई महीनों से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में जगह-जगह पानी टंकियों का निर्माण हुआ था, जो अब मात्र शो पीस बनकर रह गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, कई वर्षों से मरम्मत के अभाव में क्षेत्र के कई हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। पूर्व में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद, ग्रामीणों की बातों को अनसुना कर दिया गया। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि कार्यदायी संस्था ने इस परियोजना को कागजों पर पूर्ण दिखा दिया है, जो कि स्पष्ट रूप से एक बड़ी जांच का विषय है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की इस महत्वपूर्ण योजना की असफलता के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था की उदासीनता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदीप कुमार, नंदलाल चेरो, रमेश, लकठु, कृष्णा, अखिलेश, सोनी, पूनम, प्रमिला, आदित्यनाथ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने और खराब पड़े हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता अरुण सिंह ने बताया कि नदी की धारा परिवर्तित होने के कारण समस्या आ रही है। जल्द ही पानी की सप्लाई बहाल करा दी जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या कई महीनों से बनी हुई है और अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 17:14:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनबढ़ईः काली मंदिर का रास्ता रोक रहे हैं दबंग, जिम्मेदार मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के विकास खंडबनकटी सार्वजनिक व सुरक्षित भू खन्डों पर मनबढ़ व सीनाजोर किस्म के लोग अवैध कब्जा कर रहे हैं जिससे काली मन्दिर पर आवागमन का रास्ता अवरूद्ध हो रहा है। मामला सदर तहसील के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम जन-जन खुर्द का है। यहां के राम चरन यादव ने जनसुनवाई पोर्टल पर सन्दर्भ सँख्या 40018525008056 के माध्यम से शिकायत किया है। उन्होंने शिकायती पत्र में लिखा है कि गांव में स्थित सुरक्षित भूखण्ड गड़ही गाटा सं.47 रकबा 0320 एयर में ग्रामीणों के घरों का गन्दा पानी एकत्र होता था उसे भी पाट कर अवैध कब्जा किया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150609/manbadhai-dabangg-is-stopping-the-path-of-kali-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250329-wa0252.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के विकास खंडबनकटी सार्वजनिक व सुरक्षित भू खन्डों पर मनबढ़ व सीनाजोर किस्म के लोग अवैध कब्जा कर रहे हैं जिससे काली मन्दिर पर आवागमन का रास्ता अवरूद्ध हो रहा है। मामला सदर तहसील के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम जन-जन खुर्द का है। यहां के राम चरन यादव ने जनसुनवाई पोर्टल पर सन्दर्भ सँख्या 40018525008056 के माध्यम से शिकायत किया है। उन्होंने शिकायती पत्र में लिखा है कि गांव में स्थित सुरक्षित भूखण्ड गड़ही गाटा सं.47 रकबा 0320 एयर में ग्रामीणों के घरों का गन्दा पानी एकत्र होता था उसे भी पाट कर अवैध कब्जा किया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>सार्वजनिक उपयोग के बन्जर भूखण्ड गाटा सं.46 रकबा 0190 एयर पर अवैध कब्जा दबंगो द्वारा किया जा रहा है। गांव के काली मन्दिर तक आवागमन के लिए गाटा सं.56 ग्राम समाज है। इससे ग्रामीण आते जाते हैं। इस पर भी अवैध कब्जा शुरू कर मनबढ़ आवागमन को अवरूद्ध कर रहे है। ग्रामीणों ने अवैध कब्जा निर्माण को रोकने के लिए 112 की पुलिस को बुलाया था जो बेनतीजा रहा। गुनहगारों के विरुद्ध आज तक कार्यवाही नहीं की गई जिसका ग्रामीणों को इंतजार है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 13:29:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिले के ग्राम सभाओं में बने अमृत सरोवर पानी विहीन, जिम्मेदार मौन </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अमेठी। </strong>जिले के विकास खण्ड संग्रामपुर में कुल 37 ग्राम पंचायत हैं। जिनमे वर्ष 2023 - 24 मे प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कराया गया। प्रत्येक अमृत सरोवर पर 7 लाख रुपए से अधिक की साज सज्जा पर खर्च किया गया लेकिन ज्यादातर अमृत सरोवर इस समय पानी विहीन है या कीचड़ युक्त थोड़ा बहुत पानी है। जिसमें औसतन 7 लख रुपए हर ग्राम पंचायत में अमृत सरोवरों पर खर्च हुए हैं वर्ष 2023, 24 में प्रत्येक ग्राम सभाओं में अमृत सरोवर बनाने के लिए निर्देश हुआ था जिससे प्रधानों ने आनन फानन में तालाबों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150408/amrit-sarovar-made-in-the-gram-sabhas-of-the-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/7-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अमेठी। </strong>जिले के विकास खण्ड संग्रामपुर में कुल 37 ग्राम पंचायत हैं। जिनमे वर्ष 2023 - 24 मे प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कराया गया। प्रत्येक अमृत सरोवर पर 7 लाख रुपए से अधिक की साज सज्जा पर खर्च किया गया लेकिन ज्यादातर अमृत सरोवर इस समय पानी विहीन है या कीचड़ युक्त थोड़ा बहुत पानी है। जिसमें औसतन 7 लख रुपए हर ग्राम पंचायत में अमृत सरोवरों पर खर्च हुए हैं वर्ष 2023, 24 में प्रत्येक ग्राम सभाओं में अमृत सरोवर बनाने के लिए निर्देश हुआ था जिससे प्रधानों ने आनन फानन में तालाबों का चयन कर प्रस्ताव कर कार्य शुरू कर दिया था। वहीं इस समय संग्रामपुर विकासखंड के अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायतों में बने अमृत सरोवर पानी विहीन है।</div>
<div> </div>
<div>वहीं गर्मी अपना दस्तक दे चुकी है लेकिन उसके बावजूद अमृत सरोवर में पानी नहीं भरा हुआ है कुछ ग्राम प्रधानों ने व्यक्तिगत उपाय से तालाब में पानी भरा दिया है लेकिन ज्यादातर अमृत सरोवरों को देखा जाए तो वह पानी विहीन है यही हाल जनपद अमेठी के प्रत्येक विकासखंड के लगभग हर ग्राम पंचायतों का है जहां एक ओर सरकार अमृत सरोवर से प्रत्येक ग्राम सभाओं को सुंदर बनाने की योजना पर लाखों रुपए खर्च की है उसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी को इस पर कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा है। वहीं इस पर संबधित अधिकारी का कहना है कि जल्द ही जांच कर इनमे पानी भरा दिया जायेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 14:38:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झोलाछाप डॉक्टर नीरज पर नही पड़ रहा नोटिस का असर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> भले ही सुबे के डिप्टी सीएम व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की लाख सख्ती के बावजूद विभागीय जिम्मेदारों को मिली भगत से गैर पंजीकृत डिग्री विहिन डॉक्टरों की क्लीनिके संचालित होती देखी जा सकती हैं जिसका ज्वलंत उदाहरण कस्बा मैगलगंज के अंतर्गत औरंगाबाद रोड पर प्राइमरी स्कूल के पास बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक कम नर्सिंग होम संचालित हो रहा है उक्त झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक का ना तो पंजीकरण ही और ना ही कोई वैध चिकित्सीय डिग्री ही है फिर भी यह लोगों को सस्ती और अच्छी चिकित्सा व्यवस्था का सब्जबाग  दिखाकर लोगों की जान को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150404/doctor-neeraj-is-not-affecting-the-notice"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/photo-05-..-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> भले ही सुबे के डिप्टी सीएम व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री की लाख सख्ती के बावजूद विभागीय जिम्मेदारों को मिली भगत से गैर पंजीकृत डिग्री विहिन डॉक्टरों की क्लीनिके संचालित होती देखी जा सकती हैं जिसका ज्वलंत उदाहरण कस्बा मैगलगंज के अंतर्गत औरंगाबाद रोड पर प्राइमरी स्कूल के पास बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक कम नर्सिंग होम संचालित हो रहा है उक्त झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक का ना तो पंजीकरण ही और ना ही कोई वैध चिकित्सीय डिग्री ही है फिर भी यह लोगों को सस्ती और अच्छी चिकित्सा व्यवस्था का सब्जबाग  दिखाकर लोगों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>और जिम्मेदार मामले का अनसुना करने में लगे हैं सूत्र बताते हैं उक्त झोलाछाप डॉक्टर नीरज की क्लीनिक को गतमाह पूर्व सीज किया था लेकिन उक्त डाक्टर ने धनबल के दम पर अपनी क्लिनिक सीज होने के तीसरे ही दिन खुलवाली और धड़ल्ले से लोगों का इलाज करता देखा जा रहा है एलानिया कहते सुना जा रहा है मेरी क्लीनिक पर कोई नहीं आएगा मैं ऊपर तक पैसा भेजता हूं मेरे क्लीनिक पर कोई कार्यवाही हो सकती है ऐसा क्या जो इसकी क्लीनिक पर कार्यवाही नहीं हो सकती क्या इनके ऊपर शासन के आदेश प्रभावी नहीं होते हैं अब देखना है उक्त क्लिनिक को सीज किया जाता है या फिर नोटिस चस्पा करके प्रेक्टिस करने के लिए खुला छोड़ दिया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 14:20:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईंट भट्टों पर जा रही तूरी, सड़क पर मौत बन कर दौड़ रहे ट्रैक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मथुरा। </strong>अब तूरी से ईंट पकाई जा रही हैं। ये ईंट लाल हो जाती हैं लेकिन उतनी बजूबत नहीं होती है। इन भट्टों परं टीटीजेड क्षेत्र में उगाई जाने वाली सरसों की तूरी को ट्रेक्टर ट्राली से ढोकर लाया जाता है। नौहझील मथुरा मार्ग पर तूरी से लदे ओवरलोड टैक्टर इस मार्ग पर आफत बन गये है टैक्टर के पीछे लगी ट्राली को इस तरीके से लोड किया जाता है कि ट्राली के  चारों तरफ चार पांच फुट वाहर की तरफ निकला होता है जिससे आगे पीछे से आने वाले वाहनों को साइड तक दिखाई नही देती आये दिन यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150380/tractor-running-on-turi-road-going-on-brick-kilns"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/25-uphmathura-03.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा। </strong>अब तूरी से ईंट पकाई जा रही हैं। ये ईंट लाल हो जाती हैं लेकिन उतनी बजूबत नहीं होती है। इन भट्टों परं टीटीजेड क्षेत्र में उगाई जाने वाली सरसों की तूरी को ट्रेक्टर ट्राली से ढोकर लाया जाता है। नौहझील मथुरा मार्ग पर तूरी से लदे ओवरलोड टैक्टर इस मार्ग पर आफत बन गये है टैक्टर के पीछे लगी ट्राली को इस तरीके से लोड किया जाता है कि ट्राली के  चारों तरफ चार पांच फुट वाहर की तरफ निकला होता है जिससे आगे पीछे से आने वाले वाहनों को साइड तक दिखाई नही देती आये दिन यह तूरी से लदे टैक्टर ट्राली बीच बीच सड़क पर पलट जाते है जिससे मार्ग भी कई कई धन्टो अवरुद्ध रहता है इसके अलाबा  ईंट, बालू व मिट्टी लेकर दौड़ रहे ट्रैक्टर हादसों का पर्याय बने हुए हैं।</p>
<p>इनकी चपेट में आने से आए दिन लोगों की जान जा रही है लेकिन जिम्मेदार इस ओर से आंखे मूंदे हुए हैं। नौहझील से लेकर मथुरा तक सड़कों पर बालू, मिट्टी, ईट व तूरी लदे ट्रैक्टरों को बेलगाम दौड़ते देखा जा सकता है जो क्षमता से कहीं अधिक तूरी ईंट, बालू  आदि सामान भरकर दौड़ रहे हैं। ट्रैक्टर चालक आगे पीछे आ जा रहे वाहनों की परवाह किए बिना कहीं भी ओवरटेक व मोड़ देते हैं। इससे पीछे चलने वाहन टकरा कर हादसे के शिकार हो जाते हैं।</p>
<p>तमाम चालकों ने ट्रैक्टर में स्पीकर व स्टीरियो लगवा रखे हैं। उन्हें तेज आवाज में बजाकर चलते हैं। इससे न तो हार्न सुनाई देता है और न ही किसी की आवाज सुनते हैं और अपनी धुन में तेज रफ्तार से चलते रहते हैं। ओवरलोड होने से ट्रैक्टरों को आपात स्थिति में रोकना मुश्किल हो जाता है। ट्रैक्टर चला रहे तमाम चालक न केवल नौ सीखिए बल्कि अधिकांश के पास ड्राइबिंग लाइसेंस तक नहीं है और व नियम कानूनों को दरकिनार कर ओवरलोड ट्रैक्टरों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। इन ट्रैक्टरों से आए दिन सड़कों पर हादसे हो रहे हैं</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:37:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अप्सरा नदी पर बना बांध हुआ जर्जर दे रहा मौत को दावत होगी किसी दिन बड़ी घटना जिम्मेदार पड़े मौन </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बरेली/</strong>जनपद के विकासखंड भदपुरा मैं स्थित क्यों लड़ियां मैं अप्सरा नदी पर बांध बनाकर शारदा सागर खंड शाहजहांपुर नहर का निर्माण किया गया था परन्तु इसकी आयु पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा इस बांध से होकर निकलने वाले बड़े वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था इसके लिए बांध के पश्चिम दिशा में आर सीसी के दो पोल लगाए गए उनके ऊपर भी बीम बनाया गया था जिसके कारण बड़े वाहनों का आवागमन बंद हो गया ।</div>
<div>  </div>
<div>परंतु बड़े बहन चालकों से साथ गांठ कर विभाग के कुछ अधिकारियों ने अब इसे पुन ही बड़े वाहनों के संचालित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150197/damped-on-apsara-river-a-shabby-will-be-a-feast"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/1.---------------------pic.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बरेली/</strong>जनपद के विकासखंड भदपुरा मैं स्थित क्यों लड़ियां मैं अप्सरा नदी पर बांध बनाकर शारदा सागर खंड शाहजहांपुर नहर का निर्माण किया गया था परन्तु इसकी आयु पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा इस बांध से होकर निकलने वाले बड़े वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था इसके लिए बांध के पश्चिम दिशा में आर सीसी के दो पोल लगाए गए उनके ऊपर भी बीम बनाया गया था जिसके कारण बड़े वाहनों का आवागमन बंद हो गया ।</div>
<div> </div>
<div>परंतु बड़े बहन चालकों से साथ गांठ कर विभाग के कुछ अधिकारियों ने अब इसे पुन ही बड़े वाहनों के संचालित होने के लिए खुली छूट दे दी है जिसके कारण किसी भी दिन यह बाध धराशाई हो सकता है और बड़ी घटना घटित हो सकती है इस बांध से होकर इस क्षेत्र के लोग नवाबगंज बरेली आदि स्थानों पर जाते हैं इसी बांध से होकर बच्चों की भरी बैन निकलती है बच्चे साइकिल एवं मोटरसाइकिल इत्यादि वाहनों से भी इसी बांध की छत से होकर निकल रहे हैं निकलने वालों की सुरक्षा की दृष्टि से बने बांध की दोनों दिशाओं में सुरक्षा दीवारें बरसों से टूटी पड़ी है जिन्हें विभाग ने ठीक करने की जरूरत नहीं जुटाई गई है ।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/1+2.-----------pic.jpg" alt="अप्सरा नदी पर बना बांध हुआ जर्जर दे रहा मौत को दावत होगी किसी दिन बड़ी घटना जिम्मेदार पड़े मौन " width="718" height="336"></img></div>
<div>इधर बाध में पड़ी दरारों को छुपाने के लिए विभाग इसकी पुताई करवा रहा है जिससे यह किसी को दिखाई ना दे के यह पुल अब जर्जर अवस्था में है इस बाबत जे ई सिंचाई अनूप कुमार सागर से दूरभाष पर हुई वार्ता के अनुसार उन्होंने बताया बांध की पुताई कराई जा रही है टूटी पड़ी सुरक्षा दीवारों को ठीक करवा दिया जाएगा सूत्रों की मां ने तो इस बांध का निर्माण वर्ष 1898में कराया गया था जो अब गिरने के इंतजार में खड़ा है इसके निर्माण हेतु स्वर्गीय विधायक केसर सिंह गंगवार भदपुरा ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार वर्तमान विधायक डॉक्टर एमपी आर्य आदि ने भी इसके निर्माण के लिए पहल की परंतु कोई भी कार्यवाही नहीं हो सकी है ।</div>
<div> </div>
<div>यदि इस पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो किसी दिन बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता परंतु सिंचाई विभाग इस तरफ से बिल्कुल धृतराष्ट्र की तरह आंखें बंद कर बैठा है जो जनता के लिए घातक सिद्ध हो सकता है इसके निर्माण हेतु क्यों लड़िया के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने भी अधिकारियों को पत्र लिखा है ताकि किसी भी तरह की कोई जनहानि ना हो सके इसी क्रम में क्यों लड़ियां के प्रधान पति रविंद्र कुमार गंगवार ने बताया यदि विभाग अनुमति दे दे तो पुल की टूटी हुई रेलिंग है वह सही करा सकते हैं परंतु विभाग अनुमति तो दे विभाग ना तो अनुमति दे रहा है ना ही उसे ठीक करवा पा रहा है ऐसी स्थिति में यहां की जनता को गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 13:26:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कबाड़ दुकानदारों द्वारा जीएसटी की भारी चोरी, जिम्मेदार मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>चोपन/सोनभद्र। </strong>थाना क्षेत्र अंतर्गत कबाड़ दुकानदारों द्वारा फर्जी जीएसटी बिल लगाकर गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे हर महीने राजस्व को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। जनपद के कई स्थानों पर व्यवसायी इसी तरह फर्जी बिलों का संचालन कर रहे हैं, जिससे सेल टैक्स विभाग की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। कबाड़ दुकानदार अपनी दुकानों के असली जीएसटी बिल और ई-वे बिल का उपयोग नहीं कर रहे हैं। गाड़ियां चोपन से लोड हो रही हैं, लेकिन बिल रांची के लगाए जा रहे हैं। इस धोखाधड़ी से हर महीने लाखों रुपये के राजस्व की हानि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149649/gsts-huge-theft-by-junk-shopkeepers-responsible-for-silence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/2---+----.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>चोपन/सोनभद्र। </strong>थाना क्षेत्र अंतर्गत कबाड़ दुकानदारों द्वारा फर्जी जीएसटी बिल लगाकर गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे हर महीने राजस्व को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। जनपद के कई स्थानों पर व्यवसायी इसी तरह फर्जी बिलों का संचालन कर रहे हैं, जिससे सेल टैक्स विभाग की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। कबाड़ दुकानदार अपनी दुकानों के असली जीएसटी बिल और ई-वे बिल का उपयोग नहीं कर रहे हैं। गाड़ियां चोपन से लोड हो रही हैं, लेकिन बिल रांची के लगाए जा रहे हैं। इस धोखाधड़ी से हर महीने लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।</div><div><br /></div><div> सेल टैक्स विभाग की मिलीभगत से कबाड़ दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं।कबाड़ दुकानदार जो भी माल खरीदते हैं, उसका कोई प्रमाण नहीं रखते हैं। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में हो रही चोरियों से इन पर कोई अंकुश नहीं है।सूत्रों के अनुसार, व्यवसायी कहते हैं कि वे प्रशासन को "खर्च" देते हैं, इसलिए उन्हें कोई डर नहीं है।इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना आवश्यक है ताकि चोरी बंद हो सके और सरकारी टैक्स की चोरी रोकी जा सके।</div><div><br /></div><div>प्रशासन को इन दुकानदारों के असली जीएसटी बिल और ई-वे बिल का उपयोग सुनिश्चित करने का आदेश पारित करना चाहिए।माल खरीदने वाले व्यक्तियों का फोटो, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर नहीं रखा जाता है, जिससे चोरी के माल की पहचान में कठिनाई होती है।प्रशासन को इन दुकानदारों के जीएसटी बिलों की जांच करनी चाहिए ताकि उनकी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।प्रशासन को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।</div><div><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149649/gsts-huge-theft-by-junk-shopkeepers-responsible-for-silence</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 13:54:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा जिम्मेदार मौन </title>
                                    <description><![CDATA[नगर पंचायत सिंगाही की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाई गई दुकाने ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149329/illegal-possession-of-the-land-of-nagar-panchayat-is-responsible"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/photo-07.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong> लखीमपुर खीरी- </strong> नगर पंचायत सिंगही के वार्ड नंबर 13 मेंकथित  भूमाफियाओं द्वारा नगर पंचायत सिंगाही की भूमि पर पुनःअवैध कब्जा पक्का निर्माण कर चार दुकान बनाई गई है। बीते 1 वर्ष पहले जनवरी माह में तहसील निघासन प्रशासन के द्वारा बुलडोजर की कार्यवाही करते हुए कथित  भू माफियाओं से नगर पंचायत सिंगाही मेन मार्केट की भूमि पर अवैध कब्जा खाली कराया गया था। और नगर पंचायत सिंगाही के सक्षम अधिकारी के द्वारा नगर पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जा के संबंध में कथित भूमाफियाओं को खाली करने के लिए नोटिस जारी की गई थी।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की मिली भगत से पुनः रसूखदार कथित  भू माफियाओं के द्वारा पक्का निर्माण कर लिया गया नगर पंचायत की भूमि पर मेन मार्केट में बनाई गई चार दुकानों की जगह नगर पंचायत सिंगाही की है जिसकी कीमत करोड़ों में है जिस पर प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है  प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।योगी सरकार में बेखौफ होकर कथित भू माफियाओं के द्वारा किया गया अवैध कब्जा बुलडोजर की कार्रवाई हुई हवा हवाई।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध कब्जा कर बनाई गई दुकानों में नगर पंचायत की भूमि 5 मीटर बताई जा रही है।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149329/illegal-possession-of-the-land-of-nagar-panchayat-is-responsible</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 14:41:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हरे प्रतिबंधित शीशम के पेड़ों पर चला आरा,जिम्मेदार खामोश</title>
                                    <description><![CDATA[हरियाली पर आरा चलाकर मालामाल हो रहे बेखौफ वन माफिया,स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से नहीं किया जा सकता इंकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149013/araja-responsible-silence-on-green-banned-rosewood-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/hindi-divas44.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रायबरेली।</strong> लालगंज क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है।क्षेत्र के अंतर्गत अवैध कटान धड़ल्ले से हो रही है।हरियाली पर आरा चलाकर लकड़कट्टे मालामाल हो रहे हैं।इसमें स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है।वन विभाग पेड़ों की कटान रोकने में बेबस साबित हो रहा है।पेड़़ काटने वालों पर कड़ी कार्यवाही नहीं होने के कारण वन माफियाओं पर प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है,जिसके चलते जहां कभी घना जंगल हुआ करता था आज वहां पर अब ठूंठ ही नजर आते हैं।</div>
<div> </div>
<div>एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है जहां लालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत खरगपुर सौताना गांव में बेखौफ वनमाफियाओं ने लगभग आधा दर्जन हरे प्रतिबंधित शीशम के पेड़ों को काटकर जमींदोज कर दिया।लेकिन उन पर जिम्मेदारों द्वारा खबर लिखे जाने तक कोई ठोस कार्यवाही न किया जाना उनकी संलिप्तता की ओर इशारा करती है।अब देखना अहम होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या जिम्मेदारों की कुंभकर्णीय नींद टूटती है और कोई कार्यवाही होती है या नहीं,यह तो आने वाला समय ही बताएगा।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि जनपद के लालगंज क्षेत्र में वनों की रखवाली का जिम्मा वन विभाग को सौंपा गया है।वन विभाग व स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से क्षेत्र में वन माफियाओं द्वारा प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रतिबंधित नीम,आम,सागौन,जामुन,गूलर व महुआ जैसे हरे पेड़ों पर इलेक्ट्रिक आरा बेखौफ होकर चलाया जा रहा है।वहीं जिम्मेदार सिर्फ तमाशाई की भूमिका में नजर आ रहे हैं।क्षेत्रीय बताते हैं कि इन पेड़ों की कटाई से वन क्षेत्र को काफी नुकसान हो रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इन दिनों लालगंज क्षेत्र वन माफियाओं के लिए मुफीद जगह साबित हो रही है।क्षेत्र में अंधाधुंध अवैध पेड़ों की कटान हो रही है।जिम्मेदार अपना हिस्सा लेकर धृतराष्ट्र बने हुए हैं।उन्हें न तो अवैध पेड़ों की कटान दिख रही है,न ही सड़कों पर प्रतिबंधित लकड़ियों से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां और न ही इलेक्ट्रिक आरे की आवाज सुनाई दे रही है।अवैध कटान के एवज में मिलने वाली मोटी रकम ने जिम्मेदारों को अंधा और बहरा बना रखा है।कुल मिलाकर साहब के आशिर्वाद से लालगंज में वन माफियाओं का अवैध कटान का धंधा खूब फलफूल रहा है।</div>
<div> </div>
<div>सूचना के बाद पुलिस वन विभाग व वन विभाग पुलिस को अवैध कटान का मुख्य जिम्मेदार बताकर पल्ला झाड़ लेता है।वहीं मीडिया के दखल के बाद भी जिम्मेदार वन माफियाओं को सहूलियत देते हुए छुटपुट कार्यवाही कर मामले में इतिश्री कर लेते हैं।यदि समय रहते जिम्मेदारों द्वारा लालगंज में अवैध कटान पर लगाम नहीं लगाई गई तो आगामी समय में परिणाम क्षेत्रीय व आमजनमानस के लिए भयावह होंगे।लालगंज में अवैध कटान का खेल जिम्मेदारों की मिलीभगत से बखूबी खेला जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>विभागीय अधिकारी और पुलिस की मिलीभगत से काटे जा रहे प्रतिबंधित पेड़</strong></div>
<div>बताते चलें कि सरकार भले ही वातावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए वृक्षारोपण जैसी योजनाओं पर करोड़ों खर्च कर क्षेत्र को हरा-भरा करने का लगातार प्रयास कर रही है।लेकिन लालगंज क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारी और पुलिस की मिलीभगत के चलते ये योजनाएं सफल होना तो दूर यहां वर्षों पहले लगे हुए हरे भरे प्रतिबंधित वृक्ष अंधाधुंध काटे जा रहे हैं।वन माफिया बेखौफ होकर धरती के सुहाग को उजाड़ने में आमादा दिख रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 19:35:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जिम्मेदारों के कान में नहीं रेगा जूं</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जलालपुर अंबेडकरनगर।</strong>सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुर जलालपुर में रात में दवा और सुविधाओं का अभाव। उपरोक्त शीर्षक पर कई समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों के कान में अभी तक जू नहीं रेंग रहा है, क्या किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी। आपको बताते चलें कि नगपुर जलालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को रात के समय दवा और इलाज के लिए गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>कई समाचार पत्रों में इसकी खबरें प्रकाशित होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यहाँ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148886/rega-lice-not-in-the-ears-of-responsibilities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/hindi-divas36.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जलालपुर अंबेडकरनगर।</strong>सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुर जलालपुर में रात में दवा और सुविधाओं का अभाव। उपरोक्त शीर्षक पर कई समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों के कान में अभी तक जू नहीं रेंग रहा है, क्या किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी। आपको बताते चलें कि नगपुर जलालपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को रात के समय दवा और इलाज के लिए गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>कई समाचार पत्रों में इसकी खबरें प्रकाशित होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यहाँ की लचर व्यवस्था के चलते मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियाँ बढ़ती जा रही हैं, खासकर सामान्य डिलीवरी जैसी स्थितियों में, जहाँ रात में न तो दवा दी जा रही है और न ही उचित देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। परिणामस्वरूप, मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएँ खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी बोझ पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>रात में दवा वितरण ठप, मरीज परेशान</strong></div>
<div>सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक जयप्रकाश के अनुसार, "शाम को दवा की क्लोजिंग कर दी जाती है, और रात में किसी भी मरीज को दवा नहीं दी जाती।" यह नियम इमरजेंसी मामलों को छोड़कर सभी मरीजों पर लागू होता है। सामान्य डिलीवरी के बाद भी प्रसव पीड़िताओं को रात में दवा से वंचित रखा जाता है। अधीक्षक का कहना है कि दवा के लिए मरीजों को सुबह 10 बजे के बाद ही आना होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि रात में किसी मरीज की हालत बिगड़ जाए, तो वह कहाँ जाए? इस व्यवस्था से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>डिलीवरी मरीजों को सिर्फ "बुनियादी" दवाएँ</strong></div>
<div>सामान्य डिलीवरी के लिए यहाँ आने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद केवल पैरासिटामोल और एंटासिड जैसी बुनियादी दवाएँ दी जाती हैं, जो गंभीर प्रसवोत्तर के बाद प्रसव पीड़िता की देखभाल के लिए क्या काफी हैं वह प्रश्न चिन्ह बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहा है। ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट मनोज यादव का कहना है, "रात में केवल इमरजेंसी की दवा दी जा सकती है। नॉर्मल डिलीवरी के मामले में रात में दवा नहीं मिलेगी।" कई बार सिफारिश करने पर भी मरीजों को मामूली दवाएँ देकर टरका दिया जाता है, जिससे परिजनों में आक्रोश बढ़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>बाहर से दवा खरीदने की मजबूरी</strong></div>
<div>रात में दवा न मिलने के कारण मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाएँ खरीदनी पड़ रही हैं, जो अक्सर महंगे दामों पर मिलती हैं। गरीब परिवारों के लिए यह स्थिति असहनीय है, क्योंकि इलाज के लिए कर्ज लेना या जुगाड़ करना उनकी मजबूरी बन जाता है। वहीं, अस्पताल में मौजूद स्टाफ की उदासीनता मरीजों के दर्द को और बढ़ा रही है।</div>
<div> </div>
<div><strong>सरकारी दावों की पोल खोल रहा है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुर जलालपुर </strong></div>
<div>सरकार दावा करती है कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त इलाज और दवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन नगपुर जलालपुर का यह स्वास्थ्य केंद्र इन दावों को खोखला साबित करता है। मरीजों को दवा से वंचित रखने के साथ-साथ उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर बाहर के मेडिकल स्टोर संचालकों को लाभ पहुँचाया जा रहा है। इससे यह संदेह पैदा होता है कि क्या अस्पताल को दी जाने वाली दवाएँ कहीं ब्लैक में बेची जा रही हैं? यदि नहीं, तो दवाएँ मरीजों तक क्यों नहीं पहुँच रही हैं? ये सवाल अनुत्तरित हैं और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी व्यवस्था पर सवाल उठाती है।</div>
<div> </div>
<div><strong>एक प्रसव पीड़िता की आपबीती</strong></div>
<div>हाल ही में एक प्रसव पीड़िता को रात में कोई सुविधा न मिलने से परिजन परेशान हो उठे। दर्द से तड़पती मरीज को देखकर जब परिजनों से नहीं रहा गया, तो उन्होंने बाहर से दवा खरीदी। दर्द कम होते ही उन्होंने तुरंत मरीज की छुट्टी करवाई और मजबूरन निजी अस्पताल में इलाज करवाने का फैसला किया। यह घटना इस स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति का जीता-जागता सबूत है।</div>
<div> </div>
<div><strong>निष्कर्ष</strong></div>
<div>नगपुर जलालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह स्थिति न केवल मरीजों के लिए खतरा है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है। जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप कर व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर इलाज और दवा मिल सके। अन्यथा, यहाँ की लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 18:08:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गांव के पंचायत भवन सहित आसपास लगे हैंड मार्का नल पड़े खराब,जिम्मेदार बेफिक्र।।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अहिरोरी/हरदोई- </strong>विकास खंड अहिरोरी की ग्राम पंचायत बढ़ेयनपुरवा गांव में लगा सरकारी हैंडपंप एक वर्ष से खराब है। लोग इसी से पानी लेते थे, लेकिन खराब होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है पर नल ठीक नहीं हो सका। गांव नीतू देवी पत्नी महेंद्र, कृष्णपति पति कृष्ण कुमार ने बताया घर के सामने लगा हैंडमर्का नल वर्षों से खड़ा पड़ा है। इसी नल से दर्जनों घरों को पानी  जाता है नल खराब होने के कारण हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के जिम्मेदारों से कई बार कहा लेकिन वह अनसुनी कर देते हैं। गांव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148845/hand-marka-taps-near-the-village-panchayat-building-poorly-responsible"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/unnamed3.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अहिरोरी/हरदोई- </strong>विकास खंड अहिरोरी की ग्राम पंचायत बढ़ेयनपुरवा गांव में लगा सरकारी हैंडपंप एक वर्ष से खराब है। लोग इसी से पानी लेते थे, लेकिन खराब होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है पर नल ठीक नहीं हो सका। गांव नीतू देवी पत्नी महेंद्र, कृष्णपति पति कृष्ण कुमार ने बताया घर के सामने लगा हैंडमर्का नल वर्षों से खड़ा पड़ा है। इसी नल से दर्जनों घरों को पानी  जाता है नल खराब होने के कारण हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के जिम्मेदारों से कई बार कहा लेकिन वह अनसुनी कर देते हैं। गांव की सोमवती पत्नी संजय, कौशल ने बताया पंचायत भवन के बगल में लगा हैंड मार्का नल एक महीने से खराब है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।</div>
<div> </div>
<div>हद तब हो गई जब गांव के लोगों ने बताया कि पंचायत भवन के अंदर लगा नल भी कई महीनो से बंद पड़ा हुआ है। पंचायत भवन पर कोई फरियादी कार्य करवाने आता है तो पानी पीने के लिए उसको इधर-उधर भटकना पड़ता है। वहीं पंचायत भवन में रंगी पुताई तो हो गई लेकिन जिम्मेदारों के नाम भी पटल पर लिख दिए गए लेकिन किसी का नंबर नहीं लिखा। अगर कोई फरियादी जिम्मेदारों से बात करना चाहता है तो वहां पर मोबाइल नंबर मौजूद नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>यहां के जिम्मेदार प्रधान व ग्राम सचिव पर सवाल उठना लाजिमी है कितनी बड़ी लापरवाही की जा रही है। जिसका दंश भोले भाले ग्रामीण झेल रहे हैं। उपरोक्त विषय पर ग्राम प्रधान गुलजारीलाल ने बताया कि मामले पर ग्राम सचिव से से बात हुई  जल्द समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। उपरोक्त विषय पर ग्राम सचिव ने बताया गांव की राजनीतिक के चलते लोग शिकायत करते हैं  पंचायत घर के अंदर लगे नल से ग्रामीणों को कोई मतलब है नहीं पंचायत घर में लगे नल का पानी ग्रामीण यूज नहीं करेंगे।प्रधान से बोला है जल्द ही समस्या का समाधान होगा। खंड विकास अधिकारी से जानकारी चाही गई उन्होंने फोन उठाना मुनाशिब न समझा</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 18:44:34 +0530</pubDate>
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