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                <title>cyber fraud - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>cyber fraud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>MBA और BBA स्टूडेंट साइबर ठग,निकले</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बागपत पुलिस ने साइबर ठगी का खुलासा किया है. ये गैंग छोटा मोटा नहीं है बल्कि इस गैंग के सभी सदस्य हाई एजुकेटेड हैं. कोई एमबीए तो कोई बीबीए स्टूडेंट है. यहीं नहीं इस गैंग के कुल 8 सदस्यों में सभी अच्छे परिवारों से हैं. ये गैंग वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देता था. इस गैंग पर दो लाख की साइबर ठगी का आरोप है. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, तमंचे, कार, सिम समेत अन्य काफी सामान भी बरामद किया है. एएसपी ने ठगों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175911/mba-and-bba-student-cyber-fraud"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/681ecd795fa51-cyber-fraud-105202664-16x9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong>बागपत पुलिस ने साइबर ठगी का खुलासा किया है. ये गैंग छोटा मोटा नहीं है बल्कि इस गैंग के सभी सदस्य हाई एजुकेटेड हैं. कोई एमबीए तो कोई बीबीए स्टूडेंट है. यहीं नहीं इस गैंग के कुल 8 सदस्यों में सभी अच्छे परिवारों से हैं. ये गैंग वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी को अंजाम देता था. इस गैंग पर दो लाख की साइबर ठगी का आरोप है. पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, तमंचे, कार, सिम समेत अन्य काफी सामान भी बरामद किया है. एएसपी ने ठगों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार का नगद इनाम भी दिया हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि बागपत के बलि गांव निवासी कारोबारी सन्दीप अग्रवाल ने दो लाख की साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी. कारोबारी की शिकायत पर बागपत पुलिस ने जाल बिछाकर साइबर ठग गैंग के आठ सदस्यों को दबोचा है.</p>
<p style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पकड़े गए गिरोह के सभी सदस्य वेल एजुकेटेड ही नहीं बिजनेस में मास्टर, स्नातक की पढ़ाई भी कर रहे हैं. इनमे तीन सदस्य एमबीए के छात्र हैं तो दो सदस्य बीबीए के छात्र है. एक सदस्य बीसीए और एक सदस्य बीएससी का छात्र है. एक सदस्य हाईस्कूल का छात्र हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में इनके द्वारा बताया गया कि उन्होंने एक वेबसाइट प्लेटफार्म पर ग्रॉसरी, सॉफ्टड्रिंक का ऐड बनाया हुआ था. इसी के माध्यम से वे ग्रॉसरी और सॉफ्टड्रिंक खरीदने-बेचने का लालच देकर लोगों को फंसाते थे. उनके मुताबिक ऑनलाइन पैसा हड़पने के बाद सायबर ठग अपना सिम बदलकर पीड़ित का नबंर ब्लॉक कर देते थे. पकड़े गए सदस्यों से 11 मोबाइल, 4 लैपटॉप, 24 सिम कार्ड, 1 टैबलेट, 2 डेबिट कार्ड, 2 वाईफाई, दो तमंचे, कारतूस, एक कार भी बरामद हुए हैं. सभी से पूछताछ की जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 21:21:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए व्यक्ति को मिली बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> थाना उतरांव पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी धनराशि वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है। इस सफलता से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में भी पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना उतरांव क्षेत्र के ग्राम सराय इस्माइल (सदरेपुर) निवासी रामचंद्र मिश्र, पुत्र स्वर्गीय रमाकांत मिश्र के बैंक खाते से दिनांक 21 जनवरी 2026 को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर कुल 1,47,000 रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173640/big-relief-to-person-who-became-victim-of-online-fraud"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0289.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> थाना उतरांव पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी धनराशि वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है। इस सफलता से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में भी पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना उतरांव क्षेत्र के ग्राम सराय इस्माइल (सदरेपुर) निवासी रामचंद्र मिश्र, पुत्र स्वर्गीय रमाकांत मिश्र के बैंक खाते से दिनांक 21 जनवरी 2026 को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर कुल 1,47,000 रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260049192 है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत प्राप्त होते ही थाना उतरांव पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने संबंधित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ट्रांजेक्शन को ट्रैक करते हुए धनराशि को समय रहते होल्ड करवा दिया। लगातार प्रयासों और समन्वय के बाद पुलिस ने पूरी धनराशि को सुरक्षित रूप से वापस कराने में सफलता हासिल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिनांक 19 मार्च 2026 को पूरी 1,47,000 रुपये की रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर रामचंद्र मिश्र और उनके परिजनों ने कमिश्नरेट प्रयागराज पुलिस तथा थाना उतरांव टीम का आभार व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस सराहनीय कार्य में पुलिसकर्मी  उपनिरीक्षक विक्की प्रसाद उपनिरीक्षक मानवेंद्र प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही वहीं पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेन-देन से सतर्क रहें तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत NCRP पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:13:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मऊआइमा पुलिस की तत्परता से साइबर फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को 25 हजार रुपये मिले वापस।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मऊआइमा। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना मऊआइमा पुलिस टीम ने एक सराहनीय कार्य किया है। साइबर फ्रॉड का शिकार हुए एक व्यक्ति के खाते से कटे 25,000 रुपये को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वापस करवा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  थाना मऊआइमा साइबर पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई की।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार फरोग महमूद अंसारी पुत्र मंजूर अहमद अंसारी निवासी मोहल्ला आजमपुर थाना मऊआइमा, कमिश्नरेट प्रयागराज के खाते से साइबर ठगों द्वारा 25,000 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई थी। इस संबंध में पीड़ित द्वारा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173075/due-to-the-promptness-of-mauaima-police-the-victim-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0159.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मऊआइमा। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना मऊआइमा पुलिस टीम ने एक सराहनीय कार्य किया है। साइबर फ्रॉड का शिकार हुए एक व्यक्ति के खाते से कटे 25,000 रुपये को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वापस करवा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> थाना मऊआइमा साइबर पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई की।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार फरोग महमूद अंसारी पुत्र मंजूर अहमद अंसारी निवासी मोहल्ला आजमपुर थाना मऊआइमा, कमिश्नरेट प्रयागराज के खाते से साइबर ठगों द्वारा 25,000 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई थी। इस संबंध में पीड़ित द्वारा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत प्राप्त होते ही थाना मऊआइमा की साइबर पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्यवाही करते हुए पीड़ित के खाते से कटी पूरी धनराशि 25,000 रुपये वापस करा दी। पैसा वापस मिलने पर आवेदक फरोग महमूद अंसारी ने थाना मऊआइमा पुलिस तथा प्रयागराज पुलिस का आभार व्यक्त किया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 23:21:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संगठित अपराध और साइबर अपराध पर सख्त रुख के साथ उत्तरप्रदेश में नई पुलिसिंग की दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठित अपराध, साइबर क्राइम और महिलाओं की सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इस संदेश को और मजबूत किया। इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में प्रदेश की कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई और भविष्य की पुलिसिंग के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी। सम्मेलन का मूल उद्देश्य सुरक्षा, सुशासन और अपराध पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164721/new-direction-of-policing-in-uttar-pradesh-with-strict-stance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/hindi-divas19.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठित अपराध, साइबर क्राइम और महिलाओं की सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ में आयोजित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इस संदेश को और मजबूत किया। इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में प्रदेश की कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई और भविष्य की पुलिसिंग के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी। सम्मेलन का मूल उद्देश्य सुरक्षा, सुशासन और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुशासन की बुनियाद मजबूत कानून व्यवस्था पर ही टिकी होती है। यदि कानून व्यवस्था कमजोर होगी तो विकास, निवेश और सामाजिक सौहार्द सभी प्रभावित होंगे। इसी सोच के तहत उत्तरप्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में पुलिसिंग की धारणा को बदलने का प्रयास किया है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष तकनीक और प्रशासनिक नवाचारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तुतिकरण दिए गए। आधुनिक तकनीक के उपयोग से अपराध नियंत्रण, अपराधियों की पहचान और त्वरित कार्रवाई को कैसे और प्रभावी बनाया जा सकता है, इस पर विस्तार से चर्चा हुई। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए डिजिटल निगरानी, साइबर फॉरेंसिक और विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि साइबर क्राइम आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इससे निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम और सतर्क होना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तरप्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जिनमें महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो स्क्वॉड और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल हैं। इन प्रयासों के कारण प्रदेश में महिलाओं में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो। सम्मेलन में संगठित अपराध पर भी विशेष फोकस रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठित अपराध न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति को और सख्ती से लागू करने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि माफिया, गिरोहबंद अपराधियों और अवैध नेटवर्क के खिलाफ लगातार और प्रभावी कार्रवाई की जाए। बीते वर्षों में माफिया के खिलाफ की गई कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साइबर अपराध के साथ-साथ साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने पर भी सम्मेलन में गंभीर मंथन हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरप्रदेश विविधताओं वाला प्रदेश है और यहां शांति एवं सौहार्द बनाए रखना पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की अफवाह, उकसावे या नफरत फैलाने वाली गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में तटस्थता और निष्पक्षता सबसे जरूरी है, ताकि जनता का भरोसा पुलिस और प्रशासन पर बना रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">त्वरित न्यायिक प्रक्रिया को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण तभी प्रभावी होगा, जब अपराधियों को समयबद्ध सजा मिले। इसके लिए पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। जांच की गुणवत्ता, साक्ष्यों का मजबूत संकलन और अदालत में प्रभावी पैरवी से ही दोषियों को सजा दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सम्मेलन में यह भी स्वीकार किया गया कि कानून व्यवस्था को लेकर चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। तकनीक के विकास के साथ अपराध के तरीके भी आधुनिक होते जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस को भी अपने तौर-तरीकों में बदलाव लाना होगा। भविष्य की पुलिसिंग के लिए डेटा आधारित निर्णय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और अन्य आधुनिक संसाधनों के उपयोग पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक को मानव संवेदनशीलता के साथ जोड़कर ही प्रभावी पुलिसिंग संभव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर भी जोर दिया कि जनता में सुरक्षा का भाव और अधिक मजबूत किया जाए। पुलिस का व्यवहार, उसकी तत्परता और जवाबदेही सीधे तौर पर जनता के विश्वास से जुड़ी होती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे जनता के साथ संवाद बढ़ाएं, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समय पर समाधान सुनिश्चित करें। इससे न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि समाज में सकारात्मक माहौल भी बनेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था में हुए ठोस सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकार या पुलिस की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे इस उपलब्धि को बनाए रखने के साथ-साथ और बेहतर करने की दिशा में काम करें। सम्मेलन में इस बात पर भी सहमति बनी कि प्रभावी रोडमैप तैयार कर उसके क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि रणनीति कागजों तक सीमित न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुल मिलाकर यह पुलिस सम्मेलन उत्तरप्रदेश में भविष्य की पुलिसिंग की दिशा तय करने वाला साबित हुआ। संगठित अपराध, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा, साम्प्रदायिक सौहार्द और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया जैसे विषयों पर केंद्रित यह मंथन इस बात का संकेत है कि सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तरप्रदेश सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मजबूत कानून व्यवस्था ही सुशासन की पहचान है और इसी आधार पर प्रदेश को सुरक्षित, शांत और विकासोन्मुख बनाने का संकल्प लिया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 20:25:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डिजिटल अरेस्ट से लाखों परिवारों के जीवन में अंधेरा पसरा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">लाखों लोगों व परिवारों के जीवन भर की कमाई को डिजिटल अरेस्ट के जरिए लूट कर उनके जीवन में अंधेरा कर दिया गया। यह कैसी विडंबना है कि जब तक देश में कथित डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अनुमानित तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक ठगी की जा चुकी है, कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं, की साल से यह सिलसिला जारी है तब सरकार और जिम्मेदार सिस्टम की नींद खुली है और अपराधियों पर शिकंजा कसने की बड़ी मुहिम शुरू हो पा रही है। वह भी सरकार के बजाय शीर्ष अदालत की पहल पर। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इन दिनों देश में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163204/digital-arrest-brought-darkness-to-the-lives-of-millions-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/download-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">लाखों लोगों व परिवारों के जीवन भर की कमाई को डिजिटल अरेस्ट के जरिए लूट कर उनके जीवन में अंधेरा कर दिया गया। यह कैसी विडंबना है कि जब तक देश में कथित डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अनुमानित तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक ठगी की जा चुकी है, कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं, की साल से यह सिलसिला जारी है तब सरकार और जिम्मेदार सिस्टम की नींद खुली है और अपराधियों पर शिकंजा कसने की बड़ी मुहिम शुरू हो पा रही है। वह भी सरकार के बजाय शीर्ष अदालत की पहल पर। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन दिनों देश में डिजिटल अरेस्ट के कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं. सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद डिजिटल अरेस्ट के कारण बुजुर्गों बड़ी संख्या में ठगी का शिकार हो रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को डिजिटल अरेस्ट मामलों पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि इस मामले में अदालत जरूरी निर्देश जारी करेगी. न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाला बागची की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि हर हैरानी की बात है कि देश में पीड़ितों से लगभग 3000 करोड़ रुपये डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगे जा चुके हैं. यह सब हमारे देश में ही हो रहा है. अगर हम इस मामले में ठोस और सख्त आदेश नहीं देंगे तो समस्या और गंभीर हो जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट पर गंभीर चिंता जताते हुए सीबीआई को निर्देश दिए हैं कि वह अन्य साइबर अपराधों की जांच बाद में करें, डिजिटल अरेस्ट की जांच को अपनी प्राथमिकता बनाए। कोर्ट ने केंद्रीय बैंक से पूछा है कि क्या एआई की मदद से साइबर ठगों के खाते फ्रीज हो सकते हैं? कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि यदि किसी गंभीर डिजिटल अपराध का दायरा भारत से बाहर को सीमा में हो तो वह इंटरपोल की मदद ले सकती है। दुखद है कि साइबर अरेस्ट के मामलों में सबसे अधिक निशाना बुजुर्गों को ही बनाया जाता है, जिन्हें डिजिटल लेन-देन को गंभीर जानकारी नहीं होती। बुजुर्गों को निशाना बनाने का यह प्रतिशत 78 से 82 फीसदी बताया जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई जगह यह प्रतिशत 99 फीसदी तक है। वहीं जनवरी से अप्रैल 2024 में साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट के 46 फीसदी मामलों के तार म्यांमार, कंबोडिया और लाओस जैसे दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से जुड़े रहे हैं। निस्संदेह, हाल के वर्षों में डिजिटल गिरफ्तारी साइबर अपराध के सबसे कुटिल रूप में बनकर उभरी है। यह अपराध न केवल देश की वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता के लिये, बल्कि कानून प्रवर्तन तंत्र में जनता के विश्वास के लिये भी बड़ा खतरा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इन घोटालों की देशव्यापी जांच सीबीआई को सौंपने का सर्वोच्य न्यायालय का निर्णय समय के अनुरूप सार्थक हस्तक्षेप है। इसी क्रम में कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में अपराधों की जांच के लिये सीबीआई को सहमति दें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, न्यायालय ने इस हकीकत को स्वीकार किया है कि साइबर अपराधी राज्यों की सीमाओं का लाभ</div>
<div style="text-align:justify;">उठाते हैं। वहीं दूसरी ओर टुकड़ों-टुकड़ों में जांच सीमा पार के साइबर अपराधियों के नेटवर्क को बढ़ावा देती है दरअसल, साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट के जरिये भोले-भाले लोगों व बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। वे कानून प्रवर्तन अधिकारी पुलिस और जज बनकर मोटी रकम देने के लिये उन्हें ब्लेकमेल और आतंकित करते हैं।हालांकि अदालत ने कहा कि इस मामले से निपटने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी हो गया है. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने एक अलग यूनिट की स्थापना की है और इस मामले से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही डिजिटल अरेस्ट से निपटने के लिए कई अन्य कदम उठाए गए हैं. डिजिटल अरेस्ट को लेकर हुई सुनवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और सीबीआई ने सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी. केंद्र सरकार की ओर से पेश दलील के सुनने के बाद अदालत ने कहा कि मामला काफी गंभीर है और इस मामले में अदालत उचित आदेश पारित करेगी. मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी. गौरतलब है कि एक वरिष्ठ नागरिक दंपति ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के पत्र लिखकर बताया था कि 1 से 16 सितंबर के बीच उनसे 1.5 करोड़ रुपए की ठगी सीबीआई, इंटेलिजेंस ब्यूरो तो कभी न्यायपालिका के अधिकारी बनकर की गयी. धोखेबाजों ने फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपर्क किया और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे वसूलने का काम किया. इतना ही नहीं उन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश दिखाए.  मामला सामने आने के बाद अंबाला में दो एफआईआर दर्ज की गयी. जांच में पाया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने के लिए संगठित गिरोह काम कर रहा है. अदालत ने 17 अक्टूबर को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की और केंद्र सरकार और सीबीआई से जवाब देने को कहा. अदालत ने इस मामले में अटार्नी जनरल से भी सुझाव लेने का आदेश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि हरियाणा के एक बुजुर्ग दंपति से एक करोड़ रुपये कीठगी के बाद अदालत ने इस व्यापक समस्या का स्वतः संज्ञान लिया। उन्हें  धमकाने के लिये सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेशों का इस्तेमाल किया गया। यह बेहद परेशान करने वाली स्थिति है कि साइबर अपराधी सार्वजनिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास को खतरे में डाल रहे हैं।तभी शीर्ष अदालत ने महसूस किया कि अब पानी सिर के ऊपर से गुजरने लगा है, देश की केंद्रीय एजेंसी को इस मामले की तह तक तुरंत पहुंचना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट के मामलों में एफआईआर दर्ज करने और धोखाधड़ी से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज करने की पूरी छूट दी गई है। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच का अधिकार भी दिया गया। इसके अलावा दूरसंचार विभाग को भी सिम कार्ड के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिये कहा गया है। निश्चित रूप से कोर्ट की सार्थक पहल के बाद यदि ये सभी उपाय सिरे चढ़ते हैं तो इस गंभीर अपराध के खिलाफ एक राष्ट्रीय प्रतिक्रिया दे पाना संभव होगा। कोर्ट ने विश्वास जताया है कि केंद्रीय एजेंसी बिना किसी भय या पक्षपात के जिम्मेदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी। इसमें राज्य सरकारों की सक्रियता व सजगता भी सीबीआई को अपराध की तह तक पहुंचने में मददगार साबित हो सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी जरूरी है कि एजेंसी की कार्रवाई में लालफीताशाही और राजनीतिक हस्तक्षेप न हो। इसके साथ ही नागरिकों को भी ऐसे अपराधों के प्रति सजग रहना होगा। जागरूकता सतर्कता उन्हें अपराधियों के चंगुल में फंसने से बचा सकती है। ऐसी किसी कॉल के आने पर उन्हें रुककर विचार करना चाहिए और हड़‌बड़ी में बैंक से जुड़ी कोई जानकारी देने से बचना चाहिए। ठग खुद को केंद्रीय एजेंसियों या पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर पीड़ितों को फर्जी आरोपों में फंसाने की धमकी देते थे। इसके बाद 'डिजिटल अरेस्ट' का भय दिखाकर उनसे बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 35 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ये आरोपी गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पकड़े गए हैं। राजनांदगांव की 79 वर्षीय शीला सुवाल को आरोपितों ने सीबीआई अधिकारी और जज बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से डराया। मनी लॉडिंग केस में फांसाने की धमकी दी। निर्दोष साबित करने रकम जज के खाते में ट्रांसफर करने को कहा। महिला ने उगों के बताए गए विभिन्न खातों में 79,69,047 रुपये ट्रांसफर कर दिए। एक अन्य मामले में ठगों ने फारेक्स व ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताकर व्यापारी को फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग साइट का लिंक भेजा। पहले 15 हजार का छोटा मुनाफा देकर व्यापारी का विश्वास हासिल किया, फिर बड़े मुनाफे का लालच देकर 1,21,53,590 रुपये निवेश के नाम पर जमा कराए। दोनों मामलों में तीन आरापितों को पकड़ा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि अधिकांश मामलों में उप विदेशी कॉल सेंटरों की तरह काम करते हुए इंटरनेट कालिंग और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करते थे। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध काल या डिजिटल अरेस्ट जैसी धमकियों पर विश्वास न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन को देशभर से सामने आए डिजिटल अरेस्ट के मामलों की पैन इंडिया जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। सोमवार को सुनवाई के दौरान सीजेआई ने सभी राज्यों को डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच में सीबीआई की मदद करने के भी निर्देश दिए। सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा- डिजिटल अरेस्ट तेजी से बढ़ता साइबर क्राइम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसमें ठग खुद को पुलिस, कोर्ट या सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो ऑडियो कॉल के जरिए पीड़ितों, खासकर सीनियर सिटिजन को धमकाते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं। सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर पूछा कि साइबर ठगी में उपयोग हो रहे बैंक खातों को तुरंत ट्रैक और फ्रीज करने के लिए एआई और मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा। इससे पहले 3 नवंबर की सुनवाई में एससी ने कहा था कि डिजिटल अरेस्ट मामलों में लगभग 3  का पता चला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभी तक डिजिटल अरेस्ट कर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है आज भी लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रहीं हैं जिनमे लोगों को मोबाइल काल पर तरह तरह से धमका कर पैसा ठगी किया जा रहा है लोग जीवन भर की खून पसीने की कमाई चंद मिनटों में गंवा कर सुसाइड करने के लिए विवश हो रहे हैं। सरकार को ऐसे अपरोक्ष हत्यारों ठगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 17:32:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>साइबर फ्रॉड गिरोह का शातिर लखनऊ से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>साइबर फ्रॉड गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सौरभ कुमार फिरोजाबाद के सिरसा खास का रहने वाला है। लखनऊ के सेक्टर-एम, आशियाना में रहकर साइबर ठगी कर रहा था। साइबर पुलिस ने उसे यहीं से गिरफ्तार किया है। सौरभ गिरोह के सरगना सस्पियर का करीबी है। उसने कई महिलाओं को अपने जाल में फंसाया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एसपी विकास कुमार ने बताया कि सौरभ गिरोह के सरगना सस्पियर की बाइनेंस आईडी के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन करता था। जांच में अब तक कुल 85 बैंक खाते सामने आए हैं, जिनमें से 31</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154173/cyber-fraud-gang-arrested-from-vicious-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250828-wa0113-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>साइबर फ्रॉड गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सौरभ कुमार फिरोजाबाद के सिरसा खास का रहने वाला है। लखनऊ के सेक्टर-एम, आशियाना में रहकर साइबर ठगी कर रहा था। साइबर पुलिस ने उसे यहीं से गिरफ्तार किया है। सौरभ गिरोह के सरगना सस्पियर का करीबी है। उसने कई महिलाओं को अपने जाल में फंसाया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एसपी विकास कुमार ने बताया कि सौरभ गिरोह के सरगना सस्पियर की बाइनेंस आईडी के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन करता था। जांच में अब तक कुल 85 बैंक खाते सामने आए हैं, जिनमें से 31 बैंक खातों के लेनदेन का विवरण प्राप्त हो चुका है। इनमें 24.29 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। अन्य खातों की जांच अभी जारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौरभ के मोबाइल की जांच में कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इनमें एक आधार कार्ड उसके नाम से और एक सौरभ सिंघानिया के नाम से मिला है। कई संदिग्ध इकरारनामे भी प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुछ युवतियों ने लिखित रूप में यह स्वीकार किया है कि वे शादी के लिए दबाव नहीं डालेंगी और न ही कभी शिकायत करेंगी। पुलिस इसे बेहद गंभीर और संदिग्ध मानते हुए अलग से जांच कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लड़कियों से अश्लील चैटिंग के सबूत</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सौरभ के मोबाइल से कई लड़कियों के अश्लील चैट मिले हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी लड़कियों को फंसाकर उनसे भी अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करता था। इनमें लखनऊ के साथ ही कई जिलों की महिलाएं शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ऑनलाइन ट्रेडिंग से करता था ठगी</strong></div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश और फर्जी लिंक भेजकर लोगों को जाल में फंसाता था। शुरुआत में छोटी रकम का लालच देकर भरोसा जीतता, फिर धीरे-धीरे लाखों की ठगी करता। अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की पुष्टि हो चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौरभ कुमार से गहन पूछताछ जारी है। गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस विशेष टीम, साइबर सेल और अन्य जनपदों की पुलिस के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है। जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। विकास कुमार, एसपी बलरामपुर</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:20:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में अड्डा बनाकर महिलाओं की टीम खड़ी कर रहा था सौरभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार सौरभ कुमार से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने राजधानी लखनऊ को ही साइबर फ्रॉड का अड्डा बना रखा था। जहां से वह बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का नेटवर्क खड़ा कर रहा था। खास बात यह रही कि वह अपनी टीम में महिलाओं को भी शामिल करता जा रहा था ताकि फोन पर महिलाओं से बातचीत कराकर लोगों को आसानी से झांसे में लिया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में पहले से ही साइबर फ्रॉड के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। इन्हीं घटनाओं की कड़ी में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154212/saurabh-was-raising-a-team-of-women-by-creating-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/hindi-divas18.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong> साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार सौरभ कुमार से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने राजधानी लखनऊ को ही साइबर फ्रॉड का अड्डा बना रखा था। जहां से वह बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का नेटवर्क खड़ा कर रहा था। खास बात यह रही कि वह अपनी टीम में महिलाओं को भी शामिल करता जा रहा था ताकि फोन पर महिलाओं से बातचीत कराकर लोगों को आसानी से झांसे में लिया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में पहले से ही साइबर फ्रॉड के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। इन्हीं घटनाओं की कड़ी में अब यह खुलासा हुआ है कि सौरभ ने यहां ठगी का जाल फैलाने की ठोस रणनीति बनाई थी। उसका मकसद यह था कि महिलाओं को शामिल कर लोगों को आसानी से झांसा दिया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौरभ के मोबाइल से मिले सबूतों में कई युवतियों के साथ की गई आपत्तिजनक चैट और ऑडियो क्लिप मिले हैं। आरोप है कि वह पहले युवतियों को शादी व रिश्तों का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था। जो उसकी बात मानने से इन्कार कर देतीं, उन्हें अश्लील चैट और फर्जी आधार कार्ड जैसी सूचनाओं के जरिए ब्लैकमेल करता था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस का मानना है कि इसी दबाव में कुछ युवतियों को गिरोह में शामिल करने की कोशिश की गई थी। अब तक की जांच में 85 बैंक खातों का पता चला है, जिनमें से 31 खातों से करीब 24 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन सामने आया है। पुलिस का कहना है कि यह रकम कई फर्जी खातों और अलग-अलग राज्यों के नेटवर्क में भेजी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पुलिस की जांच का फोकस</strong></div>
<div style="text-align:justify;">एसपी की निगरानी में चल रही जांच में पुलिस टीम अब नये ढंग से जांच कर रही है। जांच टीम लखनऊ से ऑपरेट किए जा रहे संभावित ठिकानों और नेटवर्क की पहचान करने जुटी है। अब साइबर फ्राॅड के मामले में 11 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिसमें छह लोगों के ठिकाने लखनऊ में ही मिले हैं। इसके अलावा जांच में सौरभ के संपर्क में आई महिलाओं की वास्तविक भूमिका की छानबीन हो रही है। सोशल मीडिया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठगी के पैटर्न की जांच के साथ ही बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का अंतरराज्यीय लिंक खंगाला जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> लखनऊ से पूरे प्रदेश में फैले नेटवर्क पर नजर</strong></div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस को शक है कि सौरभ का नेटवर्क केवल लखनऊ या बलरामपुर तक सीमित नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह की जड़ें कई जिलों और पड़ोसी राज्यों तक फैली हो सकती हैं। मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि और नामों का पर्दाफाश किया जा सके। जांच टीम का कहना है कि जैसे-जैसे नए लिंक सामने आएंगे, वैसा ही एक्शन तय होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>जांच में लगाई गईं हैं टीमें</strong></div>
<div style="text-align:justify;">साइबर फ्रॉड में गिरफ्तार किए गए सौरभ से अहम जानकारियां मिलीं हैं। पुलिस टीमें प्रत्येक पहलु पर जांच कर रहीं हैं। महिलाओं से मामला जुड़ा हाेने का नया मामला है, इसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 18:08:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर ठगों से वापस कराए एक लाख छप्पन हजार रुपए </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>साइबर क्राइम पुलिस ने किदवई नगर निवासी विकास गुप्ता से हुई 1 लाख 56 हजार की साइबर ठगी की पूरी रकम को वापस कराया है। दिनांक 22 फरवरी 25 को पीड़ित विकास गुप्ता निवासी किदवई नगर कानपुर नगर से हुई थी 1 लाख 56 हजार चार सौ रूपये की साइबर ठगी हुई थी। साइबर ठगों द्वारा एपीके फाइल डाउनलोड कराकर किये गये थे ट्रांजेक्शन दिनांक 1703.2025 को पीड़ित / आवेदक विकास गुप्ता पुत्र प्रेम नारायण गुप्ता निवासी- Y ब्लाक, किदवई नगर कानपुर द्वारा साइबर क्राइम सेल कानपुर नगर में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें पीड़ित द्वारा बताया गया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150744/return-one-lakh-fifty-six-thousand-rupees-from-cyber-thugs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/img_20250403_155734.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>साइबर क्राइम पुलिस ने किदवई नगर निवासी विकास गुप्ता से हुई 1 लाख 56 हजार की साइबर ठगी की पूरी रकम को वापस कराया है। दिनांक 22 फरवरी 25 को पीड़ित विकास गुप्ता निवासी किदवई नगर कानपुर नगर से हुई थी 1 लाख 56 हजार चार सौ रूपये की साइबर ठगी हुई थी। साइबर ठगों द्वारा एपीके फाइल डाउनलोड कराकर किये गये थे ट्रांजेक्शन दिनांक 1703.2025 को पीड़ित / आवेदक विकास गुप्ता पुत्र प्रेम नारायण गुप्ता निवासी- Y ब्लाक, किदवई नगर कानपुर द्वारा साइबर क्राइम सेल कानपुर नगर में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें पीड़ित द्वारा बताया गया कि उनको एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा पीड़ित के मोबाइल नम्बर पर काल आया कि आपके द्वारा एक बड़ी धनराशि जो आपके द्वारा जमा की गयी है वह आपके खाता में जमा नहीं हो पायी है, उसके लिये आपको एक फाइल डाउनलोड करनी पड़ेगी। </div>
<div> </div>
<div>प्रार्थी अपनी बैंक में कुछ दिन पहले बड़ी धनराशि जमा करने गया था इस कारण वह विश्वास में आ गया और उसने उस अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में एपीके फाइल डाउनलोड कर ली । एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद पीड़ित के बैंक खाता से कुल 05 ट्रांजेक्शन में 1,56,400/- की धनराशि स्थानान्तरित कर विभिन्न बिजली के बिल अदा किये गये ।</div>
<div> </div>
<div>उपरोक्त प्रकरण में सुनील कुमार वर्मा, प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना / सेल कानपुर नगर द्वारा शिकायत पर संज्ञान लेते हुये साइबर तकनीकी सहायक आरक्षी प्रशान्त कुमार राजपूत को नियुक्त किया गया। जाँच के क्रम में सम्बन्धित प्राइवेट बिजली कम्पनियों को पत्राचार कर पीड़ित की पूरी धनराशि 01 लाख 56 हजार चार सौ रूपये को वापस कराया गया। पीड़ित द्वारा आज साइबर सेल कानपुर नगर आकर आभार व्यक्त किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 16:26:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसपी ने 151 मोबाइल को उनके स्वामियों में किया वितरण, सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[ उनके स्वामियों को किया सुपर्द, खोए हुए मोबाइल वापस पाकर खिल उठे लोगो के चेहरे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148137/sp-distributed-151-mobiles-in-their-owners-a-big-success"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250203-wa0011.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>महराजगंज । </strong>जनपद पुलिस की सर्विलांस टीम को एक बड़ी सफलता मिली है, जब उन्होंने जनपद के विभिन्न स्थानों से चोरी और गुम हुए 151 मोबाइल फोन बरामद किए। इस सफलता के बाद, पुलिस ने इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटाया। एसपी ऑफिस में आयोजित एक समारोह में इन मोबाइल फोन को उनके स्वामियों के हवाले किया गया।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250203-wa0009.jpg" alt="IMG-20250203-WA0009" width="1280" height="853"></img>स्वामियों ने जब अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस पाए, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने इस सफलता के लिए पुलिस का आभार जताया। एसपी ने सर्विलांस टीम की इस शानदार कार्यवाही की सराहना करते हुए उन्हें नगद पुरस्कार से सम्मानित किया। एसपी ने बताया कि इन बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 27 लाख रुपए है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने यह भी कहा कि इस बरामदगी से साइबर फ्रॉड और अन्य अपराधों को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। सर्विलांस टीम का यह कार्य पुलिस के द्वारा लगातार किए जा रहे बेहतर प्रयासों का हिस्सा है, जो जनपद में अपराध की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक साबित हो रहे हैं।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2025 17:34:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंश्योरेंस पॉलसी रिन्यूअल के नाम पर साइबर ठगी करने वाले बैंकर्स दपंति को साइबर क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर।</strong> कमिश्नरेट की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे बैंकर्स दंपति को गिरफ्तार किया है जो लोगों की बंद पालिसी रिन्यूअल के नाम पर साइबर फ्राड करके लोगों को ठगने का काम करते थे। इस संबंध में डीसीपी साइबर सेल ने पत्रकारों को बताया कि थाना साइबर क्राइम कानपुर नगर पर दिनांक 15 नवंबर को एक साइबर ठगी का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसमें  वादी मोहम्मद इस्माइल सय्यद पुत्र स्व. रशीदुल हसन निवासी - फ्लैट नंबर ए1001 जे.एस. द एड्रेस नियर विशाल मेगा मार्ट,लाल बंगला कानपुर नगर से साइबर ठगों द्वारा उनकी बीमा पॉलिसियों को रिन्यूअल के नाम पर कुटरचित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146513/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bcrime-branch-arrested-a-banker-couple-who-committed-cyber"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241121-wa0154.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर।</strong> कमिश्नरेट की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे बैंकर्स दंपति को गिरफ्तार किया है जो लोगों की बंद पालिसी रिन्यूअल के नाम पर साइबर फ्राड करके लोगों को ठगने का काम करते थे। इस संबंध में डीसीपी साइबर सेल ने पत्रकारों को बताया कि थाना साइबर क्राइम कानपुर नगर पर दिनांक 15 नवंबर को एक साइबर ठगी का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। जिसमें  वादी मोहम्मद इस्माइल सय्यद पुत्र स्व. रशीदुल हसन निवासी - फ्लैट नंबर ए1001 जे.एस. द एड्रेस नियर विशाल मेगा मार्ट,लाल बंगला कानपुर नगर से साइबर ठगों द्वारा उनकी बीमा पॉलिसियों को रिन्यूअल के नाम पर कुटरचित उपभोक्ता विभाग के दस्तावेज व फर्जी बीमा लोकपाल परिषद् के दस्तावेज भेजकर कुल 41 लाख रुपयों की साइबर ठगी की गयी थी।</div>
<div> </div>
<div>साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल पुलिस द्वारा प्रकरण को संज्ञान लेकर त्वरित वैधानिक कार्यवाही करते धोखाधड़ी, साइबर ठगी करने वाले गिरोह को चिन्हित किया और महत्वपूर्ण सफलता मिली जिसमें दिनांक 20 नवंबर को साइबर ठगी करने वाले प्राईवेट बैंक कर्मी पति-पत्नी को नोएडा जनपद गौतमबुद्ध नगर से गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त डिवाइस तथा अन्य साम्रगी बरामद हुई।</div>
<div> </div>
<div>डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि इस प्रकरण में गिरफ्तार अभियुक्त से अपराध के संबंध में पूछताछ की गयी तो बताया गया कि हम लोग जस्ट डायल की साइट से ब्रेक, लैप्स हुई इंश्योरेंस पॉलसियों धारकों का डेटा प्राप्त कर पॉलिसी धारकों को कॉल करके उनको उनकी ब्रेक/लैप्स हुई इंश्योरेंस पॉलसियों को रिन्यूअल करने व अन्य लाभ के लालच देकर तथा उनकी पॉलिसियों के सम्बन्धित फर्जी कुटरचित उपभोक्ता विभाग के दस्तावेज व फर्जी बीमा लोकपाल परिषद् के दस्तावेज भेजकर भिन्न भिन्न चार्जेस् के नाम पर ऑनलाइन पैसे की धोखाधड़ी, साइबर ठगी करते हैं। पकड़े जाने के डर से हम लोग पुलिस को गुमराह करने के अपनी गाड़ी से भिन्न भिन्न स्थानों पर घूम-घूम कर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते है।</div>
<div> </div>
<div>अभियुक्तों के खाते में रुपये 11,34,000/- संदिग्ध लाभार्थी बैंक खाते में फ्रीज करा दिया गया है। इसके अतिरिक्त रुपये 5,35,000 - रुपये की सोने की ज्वैलरी (ठगी के रुपयों से खरीदी हुई), 106000 - नकद, 2 आईफोन मोबाइल, 4 एंड्रायड मोबाइल फोन, 2 कीपैड मोबाइल फोन, 12  फर्जी मोहर (अलग-अलग फर्म, विभागों की ) 2  फर्जी आईडी कार्ड (जीओ डिजिटल लाइफ, 1 एटीएम कार्ड,1 स्वाइप मशीन,1 गाड़ी क्रेटा कार बरामद हुई है। अभियुक्त का नाम पवन कुमार पुत्र दशईराम निवासी ग्राम सेमरी थाना नगरा जनपद बलिया उम्र 28 वर्ष, तथा अभियुक्ता रेनू पत्नी पवन कुमार पुत्र रामबचन निवासी ग्राम आटोपुर थाना कोतवाली मऊ जनपद मऊ है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Nov 2024 16:59:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर क्राइम टीम ने साइबर फ्राड से बचने के लिये सुरियांवा थाना क्षेत्र स्थित  जीवन दान हास्पिटल के जनमानस को किया जागरूक । </title>
                                    <description><![CDATA[<div>  डा0 मीनाक्षी कात्यायन, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जनपदीय  साइबर थाना को जनपद के समस्त सार्वजनिक स्थानों/संस्थानों/विद्यालयों में साइबर जागरूकता अभियान के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया है, जिसके क्रम में आज दिनांक 03.07.2024 को समय 12.00 बजे से जनपद के सुरियांवा थाना क्षेत्र स्थित जीवन दान हास्पिटल में मौजूद लोग व आस-पास के जनमानस  को साइबर जागरूकता अभियान के माध्यम से जागरुक किया गया जिसमें लगभग 100-150 लोग मौजूद रहे एवं साइबर अपराधों से बचाव हेतु जनपदीय साइबर क्राइम टीम के द्वारा आवश्यक जानकारियां दी गयी:-</div>
<div>1-साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नम्बर-1930/112 पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142782/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bcrime-team-made-the-public-aware-of-jeevan-daan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240703-wa0970.jpg" alt=""></a><br /><div> डा0 मीनाक्षी कात्यायन, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जनपदीय  साइबर थाना को जनपद के समस्त सार्वजनिक स्थानों/संस्थानों/विद्यालयों में साइबर जागरूकता अभियान के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने हेतु निर्देशित किया गया है, जिसके क्रम में आज दिनांक 03.07.2024 को समय 12.00 बजे से जनपद के सुरियांवा थाना क्षेत्र स्थित जीवन दान हास्पिटल में मौजूद लोग व आस-पास के जनमानस  को साइबर जागरूकता अभियान के माध्यम से जागरुक किया गया जिसमें लगभग 100-150 लोग मौजूद रहे एवं साइबर अपराधों से बचाव हेतु जनपदीय साइबर क्राइम टीम के द्वारा आवश्यक जानकारियां दी गयी:-</div>
<div>1-साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नम्बर-1930/112 पर दें जिससे धनराशि खाते में होल्ड करायी जा सके ।</div>
<div>2- साइबर अपराध एनसीआरपी पोर्टल की वेबसाइट- <a href="http://www.cybercrime.gov.in/">www.cybercrime.gov.in</a> पर दर्ज करें ।</div>
<div>3-खाते में केवाईसी अपडेट कराने के लिये बैंको द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी /ओटीपी /सीवीवी/पिन नम्बर नही मांगी जाती है ।</div>
<div>4-किसी अंजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी ऐप डाउनलोड न करें ।</div>
<div>5-किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छी तरह से जांच लें ।</div>
<div>6-आनलाइन सेवायें प्रदान करने वाली कम्पनियों व सरकारी विभाग/कम्पनियों के कस्टमर केयर का नम्बर अधिकारिक व्यवसाइट से ही प्राप्त करें ।</div>
<div>7-अज्ञात व्यक्ति/अज्ञात मोबाइल नम्बर द्वारा भेजी गयी लिंक को क्लिक न करें ।</div>
<div>8-किसी से पैसा प्राप्त करते समय अपनी यूपीआई आईडी/पासवर्ड न डालें, पैसा प्राप्त करते समय इसकी कोई आवश्यकता नही होती है ।</div>
<div>9-एटीएम से पैसा निकालते समय सावधानी बरतें, एटीएम कक्ष में किसी अन्य को प्रवेश न करने दें अथवा गार्ड वाले एटीएम को ही प्रयोग में लायें । अपना एटीएम कार्ड किसी अन्जान व्यक्ति के हाथ में न दें ।</div>
<div>10- फेसबुक व अन्य सोशल साइट पर साइबर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए किसी भी अन्जान व्यक्ति को जोड़ने या मित्र बनाने से बचें ।</div>
<div>11- प्रायः कुछ फ्राड व्यक्तियों द्वारा आम लोगों को काल करके, पैसा भेजने का फर्जी स्क्रीनशाट भेजकर वापस करने का रिक्वेस्ट कर पैसा अपने खाते में मंगवा ले रहे है और आम जनमानस अपने खाते को चेक किये बिना केवल स्क्रीनशाट देखकर पैसा भेजकर फ्राड का शिकार हो रहे है ।</div>
<div>12- कृपया किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा पैसो की मांग किये जाने पर अच्छे से जाँच ले एवं अपने खाते का बैलेंस चेक कर ले, किसी के बहकावे में न आये ।</div>
<div>उक्त साइबर जागरूकता अभियान में हास्पिटल के एम.एस डा0 एम.सी.गुप्ता, डा0 फिरोज खान एवं साइबर क्राइम टीम से निरीक्षक सेतान्शु शेखर पंकज , का0 अंकित त्रिपाठी,  का0 कन्हैया कुमार सिंह, का0 राघवेन्द्र कुशवाहा, म0का0 शालीनी सिहं साइबर क्राइम पुलिस थाना भदोही द्वारा जीवन दान हास्पिट के जनमानस को जागरुक किया जिसमे लगभग 100-150 छात्र मौजूद रहे  ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 14:39:16 +0530</pubDate>
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