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                <title>bus station - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>विधानसभा के माथे के बदनुमा दाग बस स्टेशन के जीर्णोद्धार पर नहीं बोले सीएम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी द्विवेदी, रूद्रपुर, देवरिया।   </strong>रूद्रपुर व बरहज विधानसभा के मिलन स्थल पर बरांव में चुनावी रिहर्सल और 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम को जनता के बीच रखने आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में ज्यादा देर तक सपा व कांग्रेस को कोसने का कार्य किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बरांव में आयोजित इस कार्यक्रम से रुद्रपुर की जनता को बस स्टेशन के जीर्णोद्धार की काफी उम्मीद थी किंतु रुद्रपुर विधानसभा के माथे पर लगे बदनुमा दाग रूपी जर्जर बस स्टेशन के कायाकल्प पर मुख्यमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। हालांकि क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश निषाद ने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182557/cm-did-not-speak-on-the-renovation-of-the-bus"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1000718713.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अश्वनी द्विवेदी, रूद्रपुर, देवरिया।   </strong>रूद्रपुर व बरहज विधानसभा के मिलन स्थल पर बरांव में चुनावी रिहर्सल और 456 करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम को जनता के बीच रखने आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में ज्यादा देर तक सपा व कांग्रेस को कोसने का कार्य किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बरांव में आयोजित इस कार्यक्रम से रुद्रपुर की जनता को बस स्टेशन के जीर्णोद्धार की काफी उम्मीद थी किंतु रुद्रपुर विधानसभा के माथे पर लगे बदनुमा दाग रूपी जर्जर बस स्टेशन के कायाकल्प पर मुख्यमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। हालांकि क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश निषाद ने अपने संबोधन में जरूर बस स्टेशन का नाम लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यदि बस स्टेशन पर कोर्ट से स्टे नहीं होता तो अब तक निर्माण हो रहा होता।सच्चाई क्या है यह दीगर विषय है। मुख्यमंत्री का आगमन पूर्व चुनावी हलचल जैसा लगा। भाजपा चाहती है की 2027 के चुनाव से पहले पूर्वांचल की सभी विधानसभा सीटों में अपनी धमक जाहिर कर दें।मुख्यमंत्री ने अपने लगभग 35 मिनट के संबोधन में आधा समय सरकार का गुणगान किया और लगभग आधा समय सपा व कांग्रेस की जमकर आलोचना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे अधिक समय सपा के विरोध पर दिया गया। मोहर्रम के त्यौहार को लेकर एक समुदाय को निशान भी बनाया गया जिस पर लोगों की तालियां बजीं। विधानसभा के विकास से संबंधित ज्ञापन देने जा रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भभौली चौराहे के पास ही जबरन रोक दिया गया। जिससे साबित हुआ कि भाजपा सरकार विपक्ष को फेस नहीं करना चाहती।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:50:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>उतरौला (बलरामपुर)- </strong>करोड़ों की लागत से बना आधुनिक बस स्टेशन उतरौला परिसर मे पहले से बना सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा है। बस स्टेशन उतरौला के खण्डहर हो चुके भवन पर शासन द्वारा इसको आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आवंटित किए थे। धन आवंटन के बाद भवन निर्माण तो पूरा हो चुका है। लेकिन बस स्टेशन उतरौला के अन्दर बने सार्वजनिक शौचालय का जीर्णोद्धार अब तक नहीं कराया गया।</div>
<div>  </div>
<div>जिसके चलते यात्रियों को शौचालय के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टेशन पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147950/public-toilet-conditions-closed-for-years-due-to-extreme-shabby"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/41.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>उतरौला (बलरामपुर)- </strong>करोड़ों की लागत से बना आधुनिक बस स्टेशन उतरौला परिसर मे पहले से बना सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा है। बस स्टेशन उतरौला के खण्डहर हो चुके भवन पर शासन द्वारा इसको आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आवंटित किए थे। धन आवंटन के बाद भवन निर्माण तो पूरा हो चुका है। लेकिन बस स्टेशन उतरौला के अन्दर बने सार्वजनिक शौचालय का जीर्णोद्धार अब तक नहीं कराया गया।</div>
<div> </div>
<div>जिसके चलते यात्रियों को शौचालय के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टेशन पर मात्र एक सार्वजनिक शौचालय होने से यात्रियों को मजबूरन उसका उपयोग करना पड़ता था। शौचालय भवन अति जर्जर हो जाने पिछले तीन वर्ष से बंद पड़ा है। अब यहां यात्रियों के शौच, लघुशंका व स्नान के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिस कारण यात्रियों को काफी असुविधा होती है। आदिल हुसैन ने बताया कि बस स्टेशन के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी एक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया।</div>
<div> </div>
<div>और न ही पुराने सुलभ शौचालय का मरम्मत करवा कर उसका पुनः संचालन ही कराया गया । विवश होकर यात्रियों को खुले में शौच व लघुशंका करना पड़ता है। सार्वजनिक शौचालय में ताला बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिला यात्रियों को अनेक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। बस स्टॉप पर अलग अलग जगहों के लिए सफर पर निकले यात्रियों को शौच या लघुशंका के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>प्रशासन की अनदेखी से सार्वजनिक शौचालय का मकसद बेमानी साबित हुआ है। बस स्टेशन पर शौचालय का उद्देश्य दूरदराज से अलग-अलग स्थानों के लिए बसों से सफर करने वाले यात्रियों को सुविधा देना है। लेकिन अफसरों की अनदेखी के चलते सार्वजनिक शौचालय में ताला लटक रहा है। पिछले करीब एक वर्ष से शौचालय में ताला बंद होने के चलते बस स्टॉप पर उतरने वाले यात्रियों को शौच व लघु शंका के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। सफर पर निकले यात्री रोडवेज बसों से उतरकर लघुशंका के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर हो गए हैं।हालांकि नगर पालिका परिषद निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर अवगत कराया था  </div>
<div> </div>
<div>इसके बाद भी रोडवेज विभाग समेत तहसील के अन्य अफसरों की नजर इस समस्या पर नहीं पड़ रही है। जबकि सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर दिन रात लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है। लेकिन ताज्जुब है कि अफसरों की कुम्भकर्णी नींद नहीं खुल रही। बताया जाता है कि करीब दो दशक पूर्व यात्रियों को शौचालय की सुविधाएं देने की शुरुआत हुई थी। लेकिन मरम्मत के अभाव एवं लापरवाही के चलते इसमें फिर से ताला लटक गया। शौचालय अति जर्जर हो जाने से सफर करने वाले राहगीरों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>राम कुमार, सतीश, राहुल, पंकज, इरशाद, जावेद, आसिफ, सुहेल,आरिफ आदि का कहना है कि मरम्मत के अभाव में सार्वजनिक शौचालय बंद हो गया। कई बार मांग के बावजूद भी इसका मरम्मत करवाकर नहीं खोला जा रहा हैं। नगर क्षेत्र के अनेक समाजसेवियों ने इस बाबत कई बार अधिकारियों से लिखित शिकायत भी किया। लेकिन अधिकारी सार्वजनिक शौचालय का मरम्मत करवा कर इसे पुनः खुलवाने का नाम नहीं ले रहे हैं।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 17:19:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों की लागत से बना बस स्टेशन बदहाली का हुआ शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>उतरौला बलरामपुर</strong>  करोड़ों की लागत से बना आधुनिक बस स्टेशन उतरौला मे पहले से बना सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने से बंद पड़ा है। बस स्टेशन उतरौला के खण्डहर हो चुके भवन पर शासन द्वारा इसको आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आवंटित किए थे। धन आवंटन के बाद भवन निर्माण तो पूरा हो चुका है। लेकिन बस स्टेशन उतरौला के अन्दर बने सार्वजनिक शौचालय का जीर्णोद्धार नहीं कराया गया। जिसके चलते यात्रियों को शौचालय के लिए काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>बस स्टेशन पर मात्र एक सार्वजनिक शौचालय होने से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143660/the-bus-station-built-at-a-cost-of-crores-fell"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/5-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>उतरौला बलरामपुर</strong> करोड़ों की लागत से बना आधुनिक बस स्टेशन उतरौला मे पहले से बना सार्वजनिक शौचालय की स्थिति अति जर्जर होने से बंद पड़ा है। बस स्टेशन उतरौला के खण्डहर हो चुके भवन पर शासन द्वारा इसको आधुनिक बस स्टेशन बनाने के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आवंटित किए थे। धन आवंटन के बाद भवन निर्माण तो पूरा हो चुका है। लेकिन बस स्टेशन उतरौला के अन्दर बने सार्वजनिक शौचालय का जीर्णोद्धार नहीं कराया गया। जिसके चलते यात्रियों को शौचालय के लिए काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>बस स्टेशन पर मात्र एक सार्वजनिक शौचालय होने से यात्रियों को मजबूरन उसका उपयोग करना पड़ता था। सौचालय भवन अति जर्जर हो जाने पिछले तीन वर्ष से बंद पड़ा है। अब यहां यात्रियों के शौच, लघुशंका व स्नान के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जिस कारण यात्रियों को काफी असुविधा होती है। आदिल हुसैन ने बताया कि बस स्टेशन के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी एक आधुनिक शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया। और न ही पुराने सुलभ शौचालय का मरम्मत करवा कर उसका पुनः संचालन ही कराया गया । विवश होकर यात्रियों को खुले में शौच व लघुशंका करना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>सार्वजनिक शौचालय में ताला बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिला यात्रियों को अनेक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। बस स्टॉप पर अलग अलग जगहों के लिए सफर पर निकले यात्रियों को शौच या लघुशंका के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। प्रशासन की अनदेखी से सार्वजनिक शौचालय का मकसद बेमानी साबित हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>बस स्टेशन पर शौचालय का उद्देश्य दूरदराज से अलग-अलग स्थानों के लिए बसों से सफर करने वाले यात्रियों को सुविधा देना है। लेकिन अफसरों की अनदेखी के चलते सार्वजनिक शौचालय में ताला लटक रहा है। पिछले करीब एक वर्ष से शौचालय में ताला बंद होने के चलते बस स्टॉप पर उतरने वाले यात्रियों को शौच व लघु शंका के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। सफर पर निकले यात्री रोडवेज बसों से उतरकर लघुशंका के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर हो गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>इसके बाद भी रोडवेज विभाग समेत तहसील के अन्य अफसरों की नजर इस समस्या पर नहीं पड़ रही है। जबकि सरकार स्वच्छता अभियान को लेकर दिन रात लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है। लेकिन ताज्जुब है कि अफसरों की कुम्भकर्णी नींद नहीं खुल रही। बताया जाता है कि करीब दो दशक पूर्व यात्रियों को सौचालय की सुविधाएं देने की शुरुआत हुई थी। लेकिन मरम्मत के अभाव एवं लापरवाही के चलते इसमें फिर से ताला लटक गया। शौचालय अति जर्जर हो जाने से सफर करने वाले राहगीरों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>राम कुमार, सतीश, राहुल, पंकज, इरशाद, जावेद, आसिफ, सुहेल,आरिफ आदि का कहना है कि मरम्मत के अभाव में सार्वजनिक शौचालय बंद हो गया। कई बार मांग के बावजूद भी इसका मरम्मत करवाकर नहीं खोला जा रहा हैं। नगर क्षेत्र के अनेक समाजसेवियों ने इस बाबत कई बार अधिकारियों से लिखित शिकायत भी किया। लेकिन अधिकारी सार्वजनिक शौचालय का मरम्मत करवा कर इसे पुनः खुलवाने का नाम नहीं ले रहे हैं।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 16:46:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस स्टेशन को लेकर फिर पकने लगे ख्याली पुलाव </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रूद्रपुर, देवरिया।</strong> लोकसभा चुनाव के समय ठंडे बस्ते में चला गया बस स्टेशन के जीर्णोद्धार का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। क्षेत्र के एक मानिन्द जन प्रतिनिधि पीपीपी मॉडल पर बस स्टेशन के निर्माण का दावा कर रहे हैं। कुछ अखबारों ने खबर भी प्रकाशित किया था और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया गया था। जुलाई माह में टेन्डर निकलने की बात कही जा रही है।</div>
<div>  </div>
<div>पीपीपी यानि सार्वजनिक निजी क्षेत्र भागीदारी का आशय यह है कि इसमें निजी क्षेत्र की कंपनियां पैसा लगाती हैं और उसकी वसूली विभिन्न माध्यमों से करती हैं। इस पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142706/khayali-pulao-started-cooking-again-near-the-bus-station%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/fb_img_1711101772940_2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रूद्रपुर, देवरिया।</strong> लोकसभा चुनाव के समय ठंडे बस्ते में चला गया बस स्टेशन के जीर्णोद्धार का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। क्षेत्र के एक मानिन्द जन प्रतिनिधि पीपीपी मॉडल पर बस स्टेशन के निर्माण का दावा कर रहे हैं। कुछ अखबारों ने खबर भी प्रकाशित किया था और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया गया था। जुलाई माह में टेन्डर निकलने की बात कही जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>पीपीपी यानि सार्वजनिक निजी क्षेत्र भागीदारी का आशय यह है कि इसमें निजी क्षेत्र की कंपनियां पैसा लगाती हैं और उसकी वसूली विभिन्न माध्यमों से करती हैं। इस पर सरकार का नियंत्रण रहता है। बहरहाल देखना है जुलाई में क्या होता है। लोकसभा चुनाव से पूर्व भी दो जनप्रतिनिधियों ने अपने निधि से धन निर्गत कराने की बात मीडिया ब्रीफिंग में कही थी, लेकिन आज भी परिसर विकास को मुंह चिढ़ा रहा है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी भवन व परिसर की खस्ताहाली देखी थी और जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया था।</div>
<div> </div>
<div>अब तो बांसगांव संसदीय क्षेत्र के सांसद केंद्र सरकार में मंत्री भी बन गये हैं। देखना है वे रूद्रपुर के माथे पर लगे बदनुमा दाग को मिटा पाते हैं या नहीं। बरसात आ चुकी है। जलभराव शुरू हो चुका है। परिसर में गंदगी का अंबार है। दुर्गंध व सड़ांध से यात्री परेशान हैं। सायंकाल दारूबाज अड्डा भी जमा लेते हैं। परिसर में सरकारी बसें कम निजी वाहन ज्यादा खड़े रहते हैं जबकि स्टेशन के उत्तरी गेट पर जुर्माना वसूलने का नोटिस लिखा हुआ है। संक्षेप में कहें तो बस स्टेशन अनाथ बना हुआ है जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jul 2024 17:08:06 +0530</pubDate>
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