<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/17453/swachch-bharat-mission" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>swacch bharat mishan - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/17453/rss</link>
                <description>swacch bharat mishan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सामुदायिक शौचालयों में करोड़ों का खेल!</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।  </strong>स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर जिले में भ्रष्टाचार की ऐसी कहानी लिखी जा रही है जो सुनकर जनता हैरान है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सामुदायिक शौचालय संचालन अब “सफाई नहीं, सफाई के नाम पर कमाई” का जरिया बन चुकी है। जिले में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय महीनों से बंद पड़े हैं, लेकिन हर महीने 9000 रुपये का भुगतान स्वयंसहायता समूह की महिलाओं के खातों में जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि ये भुगतान तब भी हो रहे हैं जब एक भी शौचालय सुचारू रूप से संचालित नहीं है।
<div>  </div>
<div><strong>  ज़मीन पर सच्चाई — जर्जर भवन, टूटी</strong></div>
<div>गांवों</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156574/millions-of-games-in-community-toilets"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img-20251004-wa0481.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।  </strong>स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर जिले में भ्रष्टाचार की ऐसी कहानी लिखी जा रही है जो सुनकर जनता हैरान है। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सामुदायिक शौचालय संचालन अब “सफाई नहीं, सफाई के नाम पर कमाई” का जरिया बन चुकी है। जिले में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय महीनों से बंद पड़े हैं, लेकिन हर महीने 9000 रुपये का भुगतान स्वयंसहायता समूह की महिलाओं के खातों में जारी है। आश्चर्य की बात यह है कि ये भुगतान तब भी हो रहे हैं जब एक भी शौचालय सुचारू रूप से संचालित नहीं है।
<div> </div>
<div><strong> ज़मीन पर सच्चाई — जर्जर भवन, टूटी टंकी, उगी झाड़ियां</strong></div>
<div>गांवों में जाकर हकीकत देखने पर साफ़ दिखता है कि शौचालयों के दरवाजों पर ताले लटक रहे हैं, पानी की सप्लाई महीनों से बंद है और कई जगह दीवारें टूट चुकी हैं। कहीं-कहीं तो शौचालय कूड़ा फेंकने की जगह बन चुके हैं।ग्रामीणों ने बताया कि कई शौचालयों की चाबियां किसी के पास नहीं हैं, कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। फिर भी कागज़ों में दिखाया जा रहा है कि सब कुछ “सुचारू रूप से संचालित” है।</div>
<div> </div>
<div><strong> ग्रामीण बोले — सफाईकर्मी को मिलता काम, तो बचता सरकारी धन</strong></div>
<div>स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर शौचालय संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायत के सफाईकर्मियों को दिया गया होता, तो सरकार की करोड़ों रुपये की धनराशि बच सकती थी। “हर महीने 9000 रुपये किसी समूह को देने का क्या मतलब, जब शौचालय कभी खुले ही नहीं?” — एक ग्रामीण ने कहा।</div>
<div> </div>
<div><strong>भ्रष्टाचार की गंध — हर ब्लॉक में एक जैसी कहानी</strong></div>
<div>सूत्रों के अनुसार, यह गड़बड़ी केवल एक-दो गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में फैली हुई है। हर ब्लॉक में दर्जनों शौचालय बंद हैं, लेकिन भुगतान बराबर हो रहा है।अगर जिला प्रशासन ने इस पर निष्पक्ष जांच कराई, तो करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा होना तय है।</div>
<div> </div>
<div><strong> प्रशासन मौन, जनता आक्रोशित</strong></div>
<div>सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे “खुलेआम लूट का खेल” बताया है। उनका कहना है कि शासन की मंशा स्वच्छता लाने की थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत ने इस योजना की साख मिट्टी में मिला दी है।</div>
<div>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द जांच नहीं हुई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।</div>
<div> </div>
<div><strong>जनता का सवाल — “कब जागेगा प्रशासन?”</strong></div>
<div>“स्वच्छ भारत मिशन का मतलब था सफाई, न कि सफाई के नाम पर धन की बर्बादी। शौचालय अगर जनता के काम नहीं आए तो योजना का क्या अर्थ?” — यही सवाल अब गांव-गांव में गूंज रहा है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156574/millions-of-games-in-community-toilets</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/156574/millions-of-games-in-community-toilets</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 19:56:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/img-20251004-wa0481.jpg"                         length="144762"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायतों में बंद पड़े सामुदायिक शौचालय, जांच हुई तो खुलेगा सबसे बड़ा घोटाला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच की समस्या को खत्म करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। योजना का मकसद ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन हकीकत बिल्कुल इसके उलट है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर और महाराजगंज तराई सहित अन्य विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। कहीं ताले जड़े हुए हैं तो कहीं भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कई शौचालयों में सफाई की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155114/the-biggest-scam-will-open-if-community-toilets-are-closed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250915-wa0177-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच की समस्या को खत्म करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। योजना का मकसद ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देना था, लेकिन हकीकत बिल्कुल इसके उलट है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद के पचपेड़वा, गैसड़ी, तुलसीपुर और महाराजगंज तराई सहित अन्य विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में बने अधिकांश सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं। कहीं ताले जड़े हुए हैं तो कहीं भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कई शौचालयों में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही पानी की आपूर्ति की सुविधा। परिणामस्वरूप ये शौचालय उपयोग के लायक ही नहीं रह गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीण बताते हैं कि जब इन शौचालयों का निर्माण हुआ था तब प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि अब गांवों में गंदगी और खुले में शौच की समस्या नहीं रहेगी। लेकिन शौचालयों का संचालन और रखरखाव पूरी तरह उपेक्षा का शिकार हो गया। सफाईकर्मी नियुक्त नहीं हुए, न पानी की टंकी भरी गई और न ही बिजली की व्यवस्था की गई। ऐसे में लाखों रुपये खर्च करके बने भवन आज सिर्फ शोपीस बनकर खड़े हैं।लोगों का आरोप है कि सामुदायिक शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सिर्फ औपचारिकता निभाई गई और निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यही वजह है कि कुछ शौचालय शुरू से ही उपयोग में नहीं आ पाए और बंद पड़े हैं। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए तो यह जनपद का सबसे बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।गांव की महिलाओं का कहना है कि सामुदायिक शौचालय उनके लिए राहत का साधन बन सकता था, लेकिन उपेक्षा के कारण वे आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। वहीं, युवा और किसान भी मानते हैं कि सरकार की योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक शौचालयों की जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बने हुए शौचालयों को जल्द से जल्द चालू किया जाए, ताकि जनता को सुविधा मिल सके और योजनाओं की पारदर्शिता भी बनी रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/155114/the-biggest-scam-will-open-if-community-toilets-are-closed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/155114/the-biggest-scam-will-open-if-community-toilets-are-closed</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 19:36:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250915-wa0177-%281%29.jpg"                         length="165793"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर पंचायत कजगांव की लापरवाही: उलटी रखी डस्टबिन बनी चर्चा का विषय</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर।</strong> स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायतों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जगह-जगह कूड़ेदान (डस्टबिन) रखवाए जाते हैं। इसी क्रम में जिले के नगर पंचायत कजगांव में भी कचरा निस्तारण को लेकर डस्टबिन लगाए गए थे। लेकिन इन डस्टबिनों का उपयोग होने के बजाय, वे स्वयं ही अव्यवस्था का शिकार हो गए हैं।</div>
<div>  </div>
<div>दरअसल, नगर पंचायत द्वारा कचरा फेंकने के लिए रखवाए गए कई डस्टबिन उलटे पड़े हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राहगीरों और क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि ये डस्टबिन लंबे समय से इस स्थिति</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149577/negligence-of-nagar-panchayat-kajgaon-became-the-subject-of-discussion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/unnamed-(10)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर।</strong> स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायतों को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जगह-जगह कूड़ेदान (डस्टबिन) रखवाए जाते हैं। इसी क्रम में जिले के नगर पंचायत कजगांव में भी कचरा निस्तारण को लेकर डस्टबिन लगाए गए थे। लेकिन इन डस्टबिनों का उपयोग होने के बजाय, वे स्वयं ही अव्यवस्था का शिकार हो गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>दरअसल, नगर पंचायत द्वारा कचरा फेंकने के लिए रखवाए गए कई डस्टबिन उलटे पड़े हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राहगीरों और क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि ये डस्टबिन लंबे समय से इस स्थिति में हैं, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।</div>
<div> </div>
<div><strong>स्वच्छ भारत मिशन पर सवाल</strong></div>
<div>जहां सरकार स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चला रही है, वहीं नगर पंचायत कजगांव की यह लापरवाही पूरे अभियान पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। नगरवासियों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी स्वच्छता के प्रति पूरी तरह उदासीन नजर आ रहे हैं। उनका दावा है कि क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई की जाती है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है।</div>
<div> </div>
<div><strong>नगरवासियों में आक्रोश</strong></div>
<div>स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति दर्शाती है कि नगर पंचायत प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से आंखें मूंदे हुए है। एक निवासी ने नाराजगी जताते हुए कहा, "अगर नगर पंचायत स्वयं ही कचरे के डिब्बों को व्यवस्थित नहीं रख पा रही है, तो फिर आम जनता से स्वच्छता बनाए रखने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?"</div>
<div> </div>
<div><strong>प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल</strong></div>
<div>नगरवासियों का मानना है कि नगर पंचायत प्रशासन की यह लापरवाही न केवल स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर पानी फेर रही है, बल्कि लोगों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी भी कर रही है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह इस समस्या पर तुरंत संज्ञान ले और स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू बनाए।</div>
<div> </div>
<div>नगर पंचायत की इस निष्क्रियता के चलते अब यह मामला आम चर्चा का विषय बन चुका है। देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब तक इस समस्या को अनदेखा करता रहेगा, या फिर जनता की आवाज़ सुनकर इसे सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149577/negligence-of-nagar-panchayat-kajgaon-became-the-subject-of-discussion</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149577/negligence-of-nagar-panchayat-kajgaon-became-the-subject-of-discussion</guid>
                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 14:08:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/unnamed-%2810%291.jpg"                         length="46001"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले स्वच्छ भारत मिशन को लेकर कितने जिम्मेदार हैं जिले के जिम्मेदार अधिकारी तस्वीर दे रही है गवाही</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर - </strong>जिलाधिकारी कार्यालय के पीछे कोषागार के सामने बना सार्वजनिक शौचालय गंदगी से अटा पड़ा है। यहां न तो पानी की व्यवस्था है और न ही बाल्टी-मग की सुविधा। आपदा कार्यालय के पास बने दूसरे सार्वजनिक शौचालय की भी यही स्थिति है। गंदगी के कारण आम लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। कलेक्ट्रेट में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं, लेकिन उन्हें इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था की गई है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/untitled.png" alt="Untitled" width="433" height="321" /></div>
<div>विकास भवन की स्थिति और भी खराब है। यहां की दीवारें पान-गुटखे के दागों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149063/how-responsible-officers-of-the-district-are-testifying-how-responsible"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250225-wa0041.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर - </strong>जिलाधिकारी कार्यालय के पीछे कोषागार के सामने बना सार्वजनिक शौचालय गंदगी से अटा पड़ा है। यहां न तो पानी की व्यवस्था है और न ही बाल्टी-मग की सुविधा। आपदा कार्यालय के पास बने दूसरे सार्वजनिक शौचालय की भी यही स्थिति है। गंदगी के कारण आम लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। कलेक्ट्रेट में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं, लेकिन उन्हें इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था की गई है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/untitled.png" alt="Untitled" width="433" height="321"></img></div>
<div>विकास भवन की स्थिति और भी खराब है। यहां की दीवारें पान-गुटखे के दागों से भरी हैं। मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय के सामने की सीढ़ियों पर भी थूक के निशान मौजूद हैं। दीवारों पर थूकने पर जुर्माने की चेतावनी लिखी है, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा। विकास भवन में बने तीन सार्वजनिक शौचालयों में ताला लगा रहता है। इनमें भी गंदगी का अंबार लगा है। वही विकास भवन के दूसरे मंजिल पर डीपीआरओ ऑफिस के बगल बालकनी में पानी और गंदगी है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250225-wa0040.jpg" alt="प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले स्वच्छ भारत मिशन को लेकर कितने जिम्मेदार हैं जिले के जिम्मेदार अधिकारी तस्वीर दे रही है गवाही" width="960" height="1280"></img></div>
<div> जिसके चलते भी यहां पर गंदगी की भरमार है। गांव में स्वच्छता अभियान चलाने वाला विभाग खुद ही स्वच्छ नहीं नजर आ रहा है। यहां भी प्रतिदिन सैकड़ो लोग आते जाते हैं लेकिन शौचालय का उपयोग नहीं कर पाते है।स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाले इन कार्यालयों की यह स्थिति सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149063/how-responsible-officers-of-the-district-are-testifying-how-responsible</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149063/how-responsible-officers-of-the-district-are-testifying-how-responsible</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 19:44:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250225-wa0041.jpg"                         length="381304"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर पंचायत बभनान में स्वच्छ भारत मिशन योजना को पलीता लगा रहे जिम्मेदार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>  बस्ती। </strong>बस्ती जिले के बभनान नगर पंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को लेकर सरकार तमाम कोशिशें कर रही है और लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है प्रधानमंत्री अपने भाषण में हर बार स्वच्छता को लेकर लोगों को आगाह करते रहते हैं लेकिन बभनान नगर पंचायत में स्वच्छता अभियान बेअसर है। जाम पड़ी नाली, गलियों पर फैला नाली का गंदा पानी नगर पंचायत बभनान की पहचान बनता जा रहा है। वार्ड नं 4 के भगत सिंह नगर के निवासी बेहद परेशान हैं शिकायत पर शिकायत गंदगी को लेकर कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदारों की</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149039/swachh-bharat-mission-scheme-is-responsible-in-nagar-panchayat-babhanan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250225-wa0200.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong> बस्ती। </strong>बस्ती जिले के बभनान नगर पंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को लेकर सरकार तमाम कोशिशें कर रही है और लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है प्रधानमंत्री अपने भाषण में हर बार स्वच्छता को लेकर लोगों को आगाह करते रहते हैं लेकिन बभनान नगर पंचायत में स्वच्छता अभियान बेअसर है। जाम पड़ी नाली, गलियों पर फैला नाली का गंदा पानी नगर पंचायत बभनान की पहचान बनता जा रहा है। वार्ड नं 4 के भगत सिंह नगर के निवासी बेहद परेशान हैं शिकायत पर शिकायत गंदगी को लेकर कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस समस्या पर नहीं पड़ रही है।</div>
<div> </div>
<div>यही नहीं नगर वासी मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार शिकायत कर भी चुके हैं लेकिन शिकायत का तो निस्तारण लीपापोती करके कर दिया जा रहा है लेकिन समस्या जस की तस बनी है ।नाली की सफाई ना होने से गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत बभनान में बेहतर बुनियादी सुविधा देने के दावे फेल हो चुके हैं। टूटी नाली, सड़क की मरम्मत के प्रति नगर पालिका प्रशासन गंभीर नहीं है। गलियों में कूड़े-कचरे से भरी पड़ी है। </div>
<div> </div>
<div>नाली सफाई के नाम पर महज औपचारिकता पूरी कर दायित्व की इतिश्री कर दी जाती है। इस बाबत अधिशासी अधिकारी क्रीति सिंह का कहना है कि नगर पंचायत बभनान भगत सिंह नगर मे बराबर सफाई की जाती है सारी व्यवस्था सब ठीक-ठाक है लेकिन गलियों में नालियों का गंदा पानी और कूढो का ढेर भरा पड़ा नगर पंचायत बभनान के स्वच्छता का पोल खोल रहा है । इससे स्पष्ट है कि जिम्मेदार अधिकारी / ई ओ कुंभकर्णी नींद में मस्त है और नगर वासी गंदगी में रहने के लिए मजबूर है ।</div>
<div> </div>
<div>गंदगी से आसपास रहने वाले नगरवासियों को संक्रमण रोग होने का खतरा सता रहा है नगर पंचायत बभनान में तैनात सफाई कर्मचारी नगर पंचायत बभनान का चक्कर लगा कर प्रतिदिन घर चले जाते हैं या कागजों में प्रतिदिन हाजिरी लगा कर घर चले जाते हैं या नगर पंचायत बभनान की साफ सफाई करते हैं  । सूत्रों की माने तो कुछ सफाई कर्मचारी साहब के जी हजूरी में में लगे रहते हैं और अपना डियूटी समय पूर्ण कर हस्ताक्षर बनाकर कार्यालय से गायब हो जाते हैं । नगर पंचायत बभनान में गंदगी को लेकर जिले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है जो एक जांच का विषय बना हुआ है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149039/swachh-bharat-mission-scheme-is-responsible-in-nagar-panchayat-babhanan</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149039/swachh-bharat-mission-scheme-is-responsible-in-nagar-panchayat-babhanan</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 17:45:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250225-wa0200.jpg"                         length="64156"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ भारत मिशन का पलीता लगा रहे व BDO  कप्तानगंज </title>
                                    <description><![CDATA[-नाक के नीचे हो रही गंदगी से ब्लॉक कर्मचारी अंजान ले रहे गंदे डायपर का सुगंधसरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा गन्दगी फैलाने वाला योजनाओ का क्रियान्वयन होने वाले स्थान से स्वच्छता का लगाया जा रहा पलीता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148033/vidio-kaptanganj-is-sabotage-of-swachh-bharat-mission%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250131-wa0252.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन उप मिशनों में से एक है ।जिसका मुख्य उद्देश्य मलिन एवं गन्दगी भरी जगह को साफ़ सुधरा रखना हैआपको बताते चलें कि कप्तानगंज ब्लाक में डायपर (गंदगी) की अंबार लगा हुआ है ।इस ब्लाक में लगभग दर्जनों कर्मचारीयों की तैनाती है। फिर भी सरकार की स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर सवाल खड़े कर रहें है।</div>
<div> </div>
<div>सरकार द्वारा जहां से योजनाओ का क्रियान्वयन करवाया जाता है उस जगह पर गंदगी की अंबार लगी हो तो उससे सरकार की छवि धूमिल करना कहा जाता है । ब्लाक में पड़ा (बिखरा) डायपर व कुड़ा करकट से भयंकर बिमारी होने का अंदेशा होता है । इसी गंदगी से डेंगू मलेरिया जैसी घातक बिमारियां होती है। गंदगी की भरमार से फैली दुर्गंध से हर कोई वाकिफ हैं लेकिन कोई कुछ भी न कहने से कतराता रहता है।</div>
<div> </div>
<div>बात करे ब्लाक के मुखिया की तो साहब अपने कुर्सी के अगल बगल की साफ सफाई तक सीमित है।नाक के नीचे गंदे डायपर से हो रही गंदगी व कुड़ा करकट से फैली दुर्गंध को साफ करवाना मुनासिब न समझ कर सुगंध लेना मुनासिब समझते हैं । कप्तानगंज ब्लाक परिसर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। भाई गलती साहब की नहीं है काम करने का दबाव इतना ज्यादा होता है कि साफ सफाई पर ध्यान जाता ही नही है । या यूं कहे जरूरी नहीं समझते हैं । और ब्लाक मे गंदगी क्यो न हो जब अधिकारी व कर्मचारी अपनी कुर्सी की पेटी बांधे बैठे है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148033/vidio-kaptanganj-is-sabotage-of-swachh-bharat-mission%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/148033/vidio-kaptanganj-is-sabotage-of-swachh-bharat-mission%C2%A0</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 18:15:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250131-wa0252.jpg"                         length="110185"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ भारत मिशन की खुली पोल, रखरखाव के अभाव में बने शो पीस </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रेउसा सीतापुर- </strong> रेउसा क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन की वास्तविक स्थिति सामने आई है रेउसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिकोहा में स्थित सामुदायिक शौचालयों की हालत बेहद खराब है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाए गए ये शौचालय आज उपयोग के बजाय केवल दिखावे की वस्तु बन कर रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है पिछले कई महीनों से इन शौचालयों का उपयोग पूरी तरह से बंद है नियमित सफाई व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण इनका उपयोग करने से बच रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>रखरखाव के अभाव में शौचालयों की स्थिति लगातार खराब</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147834/show-piece-made-due-to-lack-of-open-poll-maintenance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250124-wa0002.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रेउसा सीतापुर- </strong> रेउसा क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन की वास्तविक स्थिति सामने आई है रेउसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिकोहा में स्थित सामुदायिक शौचालयों की हालत बेहद खराब है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाए गए ये शौचालय आज उपयोग के बजाय केवल दिखावे की वस्तु बन कर रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है पिछले कई महीनों से इन शौचालयों का उपयोग पूरी तरह से बंद है नियमित सफाई व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण इनका उपयोग करने से बच रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>रखरखाव के अभाव में शौचालयों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है जो स्वच्छ भारत मिशन के मूल उद्देश्य को ही विफल कर रही है स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये की यह सार्वजनिक सुविधा निरर्थक साबित हो रही है इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश भी कमजोर पड़ रहा है। इस मामले में जब एडीओ पंचायत ओमेन्द्र पाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने समस्या की जानकारी होने की बात स्वीकार करते हुए जल्द ही निरीक्षण का आश्वासन दिया !!</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147834/show-piece-made-due-to-lack-of-open-poll-maintenance</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/147834/show-piece-made-due-to-lack-of-open-poll-maintenance</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 18:55:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250124-wa0002.jpg"                         length="237824"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> गांवों की गंदगी को दूर करेगा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सहजनवा/गोरखपुर। </strong>स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज -२ के अंतर्गत हरपुर पंचायत भवन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया सहजनवा ब्लाक के 25 ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, सफाईकमिर्यो का शनिवार को एक दिवसीय ,प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान हरपुर मदन मुरारी उर्फ गुड्डू गुप्ता ने किया।उप निदेशक पंचायत गोरखपुर मंडल श्री दिनेश कुमार सिंह ने कहा  गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) बनाने के बाद अब स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत गांवों की गंदगी दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। जिले की  ग्राम सभाओं में इस पर तेजी से कार्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145639/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/6.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सहजनवा/गोरखपुर। </strong>स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज -२ के अंतर्गत हरपुर पंचायत भवन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया सहजनवा ब्लाक के 25 ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, सफाईकमिर्यो का शनिवार को एक दिवसीय ,प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान हरपुर मदन मुरारी उर्फ गुड्डू गुप्ता ने किया।उप निदेशक पंचायत गोरखपुर मंडल श्री दिनेश कुमार सिंह ने कहा  गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) बनाने के बाद अब स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत गांवों की गंदगी दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। जिले की  ग्राम सभाओं में इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है तो बची हुई ग्रामसभाओं में इसे कराए जाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है।</div>
<div> </div>
<div>स्वचछ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 का मुख्य उद्देश्य गांवों में गंदे पानी, कूड़े, कचरे, पालीथिन, गोबर आदि अपशिष्टों का सही तरीके से प्रबंधन कराया जाना है। इसके चलते पंचायती राज विभाग द्वारा सौ गांवों में घरों के गंदे पानी को एक स्थान पर एकत्रित कर उसके साफ होने के बाद जलाशयों व खेतों में सिंचाई के लिए भेजे जाने की कवायद कर रहा है। इतना ही नहीं गांवों में कूड़ा गाड़ी के माध्यम से लोगों के घरों के कूड़े का सही प्रबंधन कराते हुए गोबर व किचेन के कचरे वर्मी कम्पोस्ट व नाफेड खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुछ ग्राम पंचायतों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू भी हो गई है।</div>
<div> </div>
<div>दूसरी ओर निकलने वाले कूड़े को आरआरसी सेंटर भेजकर खाद बनाई जाएगी। इसके लिए जिले भर की ग्रामसभाओं में पंचायती राज विभाग द्वारा तेजी से काम कराया जा रहा है। इस दौरान,एडियो पंचायत रामधारी प्रसाद, कंसलटिंग इंजीनियर सूर्य प्रकाश वर्मा, अजीत यादव, खंड प्रेरक जितेंद्र कुमार गुप्ता सचिव प्रतिमा सिंह ,लोकेश कुमार, अभय कुमार, प्रधान संघ अध्यक्ष सहजनवा बंशीधर यादव, उमेश यादव, विवेक चौधरी, गंगा प्रसाद सहित 25 ग्राम प्रधान मौजूद रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145639/%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/145639/%C2%A0</guid>
                <pubDate>Sun, 20 Oct 2024 17:01:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-10/6.jpg"                         length="156960"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीपीआरओ ने सात ग्राम पंचायत सचिवों का रोका वेतन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में मॉडल गांवों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज दो के तहत दिए गए धन का उपभोग प्रमाण-पत्र और कार्यपूर्ति जमा न करने पर डीपीआरओ ने सात ग्राम पंचायत सचिवों को वेतन रोक दिया है।</div>
<div>डीपीआरओ रतन कुमार ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-टू के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में मॉडल ग्राम बनाये जाने और ओडीएफ प्लस के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस के माध्यम से सब्सिडी खाते में धनराशि उपलब्ध कराई गई थी।</div>
<div>  </div>
<div>इसके सापेक्ष 31 मार्च 2024 तक व्यय की गयी धनराशि का उपभोग प्रमाण-पत्र एवं व्यय धनराशि के सापेक्ष कराए गए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143700/dpro-stopped-salary-of-seven-gram-panchayat-secretaries"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/img-20240731-wa0153.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में मॉडल गांवों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज दो के तहत दिए गए धन का उपभोग प्रमाण-पत्र और कार्यपूर्ति जमा न करने पर डीपीआरओ ने सात ग्राम पंचायत सचिवों को वेतन रोक दिया है।</div>
<div>डीपीआरओ रतन कुमार ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-टू के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में मॉडल ग्राम बनाये जाने और ओडीएफ प्लस के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस के माध्यम से सब्सिडी खाते में धनराशि उपलब्ध कराई गई थी।</div>
<div> </div>
<div>इसके सापेक्ष 31 मार्च 2024 तक व्यय की गयी धनराशि का उपभोग प्रमाण-पत्र एवं व्यय धनराशि के सापेक्ष कराए गए कार्यों की कार्यपूर्ति प्रमाण-पत्र निर्धारित प्रारूपों पर 22 अप्रैल तक देना था। कार्यपूर्ति व उपभोक्ता प्रमाण-पत्र योजना सहायक अमित कुमार को उपलब्ध कराना था। डीपीआरओ ने कहा कि दोनों तरह के प्रपत्र जमा करने के लिए अप्रैल, मई, जुलाई में अनुस्मारक पत्र दिए गए। इसके बाद भी ग्राम पंचायत सचिवों ने व्यय विवरण और उपभोग प्रमाण-पत्र नहीं दिया।</div>
<div> </div>
<div>इस पर डीपीआरओ रतन कुमार ने बस्ती सदर के मड़वानगर में तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी प्रिंका चौधरी, रामनगर ब्लॉक के धवाय में तैनात ग्राम विकास अधिकारी जयेन्द्र लाल, परसा खुर्द बुजुर्ग उर्फ दरियापुर जंगल के सचिव तीरथ प्रसाद, सल्टौगा गोपालपुर के अजगैवा जंगल के सचिव अरुणेश पाल, अमरौली सुमाली के अखिलेश शुक्ला, बहादुरपुर के कलवारी मुस्तहकम के सचिव राजन चौधरी, सिकन्दरपुर परसुरामपुर के सचिव राम सुरेश यादव का वेतन रोक दिया।</div>
<div> </div>
<div>डीपीआरओ ने यह भी कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में आवंटित क्रेडिट लिमिट के सापेक्ष मदवार व्यय की धनराशि, बिल बाऊचर्स, उपभोग प्रमाण-पत्र 31 जुलाई तक योजना सहायक के पास जमा कर दें। अन्यथा की दशा में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143700/dpro-stopped-salary-of-seven-gram-panchayat-secretaries</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/143700/dpro-stopped-salary-of-seven-gram-panchayat-secretaries</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 16:50:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-08/img-20240731-wa0153.jpg"                         length="86739"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) मैनेजमेन्ट कमेटी जिलाधिकारी ने की बैठक </title>
                                    <description><![CDATA[प्रत्येक मॉडल ग्रामों में कूड़े के कलेक्शन, सेग्रीगेशन व खाद निर्माण पर बल-जिलाधिकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143467/district-swachh-bharat-mission-rural-management-committee-district-magistrate-held"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240724-wa0815.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>शौचालय निर्माण, गंगा के किनारे गॉव, रेट्रोफिटिंग, आईईसी व  प्रशासनिक गतिविधियों पर दिया गया जोर-मुख्य विकास अधिकारी</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>भदोही -</strong>जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) मैनेजमेन्ट कमेटी की जिलाधिकारी विशाल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट  सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के विभिन्न आयामों व अद्यतन जानकारियों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। </div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने समस्त विकास खण्डो में चयनित 12 मॉडल ग्रामों में डोर-टू-डोर कुड़ा कलेक्शन किये जाने हेतु ई-रिक्शा/सम्बन्धित फर्म आदि द्वारा यूजर चार्ज लेकर क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने आरगैनिक कूड़े को गढ्ढ़े में दबाकर खाद बनाने पर बल दिया। साथ ही विभिन्न प्रकार के पॉलिथीनों के रिसाईकिल प्रक्रिया पर बल दिया। उन्होंने जनपदवासियों से अपील किया कि सब्जी व फल खरीदने जाते समय जूट/कपड़े का थैले का प्रयोग करें। उन्होंने समस्त बीडीओ को निर्देशित किया कि 15 अगस्त तक प्रत्येक विकास खण्ड के कम से कम एक मॉडल गॉव में डोर-टू-डोर कुड़ा कलेक्शन सहित सभी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाय। जिसका उनके द्वारा निरीक्षण भी किया जायेगा। </div>
<div> </div>
<div>वित्तीय वर्ष-2024-25 हेतु व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु कुल लक्ष्य 15142 के सापेक्ष अब तक 3217 लाभार्थियों को प्रथम किस्त की धनराशि उपलब्ध करा दी गयी है। सामुदायिक शौचालय एवं आरआरसी बनाने हेतु  अब तक 59 स्थलों पर जगह चिन्हित हो पाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए समस्त बीडीओ को निर्देशित किया कि सम्बन्धित एसडीएम के साथ बैठकर एक सप्ताह के अन्दर बैठकर भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करें। गंगा के किनारे के 89 राजस्व ग्रामों में अभी तक आरआरसी निर्माण सहित व्यय 66.73 प्रतिशत ही किया गया है।</div>
<div> </div>
<div>जिसे बढ़ाने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में चयनित 302 मॉडल ग्रामों में कार्यो पर 52.86 प्रतिशत ही कार्य हुआ है। जिलाधिकारी ने मॉडल ग्रामों में विभिन्न निर्माण हेतु जमीन चिन्हित करने हेतु प्रधानों को निर्देशित किया कि अविलम्ब भूमि चिन्हित करते हुए सम्बन्धित एडीओ को अवगत कराये। वित्तीय वर्ष-2024-25 में चयनित 446 मॉडल ग्रामों में मात्र 228 अर्थात 51.1 प्रतिशत ही वर्क प्लान अपलोड करने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जनपद में कार्यरत सभी 16 कन्सलटिंग इंजीनियर को एक सप्ताह में कम से कम 90 प्रतिशत तक वर्क प्लान न अपलोड करने पर तत्काल उनकी सेवा समाप्त करने हेतु पंचायती राज विभाग उ0प्र0 शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लान हेतु औराई व डीघ विकास खण्ड में गंगा के किनारे गॉव में भूमि की उपलब्धता पर बल दिया।     </div>
<div> </div>
<div>प्रत्येक मॉडल ग्रामों में जहॉ आरआरसी तैयार हो गयी है। वहॉ कूड़े का कलेक्शन, सेग्रीगेशन व खाद्य निर्माण हेतु ग्राम पंचातयों में वैकल्पिक मैन पावर पर बल दिया गया। ग्राम पंचायतों में आस पास के कबाड़ियों की बैठक कर आरआरसी को मार्केट से लिंक कर इस कार्य हेतु वित का प्रबन्धन करने पर बल दिया गया। मॉडल ग्राम के विभिन्न स्थलों की स्थिति के क्रम में जनपद के कुल 1061 लक्ष्य के सापेक्ष 340 प्रगति प्राप्त हुई है, लगातार मॉडल ग्राम बनाये जाने का कार्य चल रहा है। जनपद में पंचायत सहायको के माध्यम से पूर्व में निर्मित कराये गये शौचालयों में लगभग 85 प्रतिशत रेट्रोफिटिंग का सर्वेक्षण कार्य कराया जा चुका है।</div>
<div> </div>
<div>आईईसी व प्रशासनिक मदो पर प्रशासनिक मद में अनुमन्य धनराशि व व्यय का विवरण पर बल दिया गया।  </div>
<div>ग्रामीण बाजार सफाई अभियान, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सामुदायिक निर्माण व संचालन, ओ0डी0एफ0 प्लस, चयनित 12 मॉडल ग्रामों की स्थिति पर विचार, रेट्रोफिटिंग की स्थिति, ओ0डी0एफ0 प्लस की विभिन्न स्तरों की प्रगति, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंन्ट की प्रगति, व स्वच्छ भारत मिशन के अन्य बिन्दुओ पर गहनता से विचार विमर्श किया गया।</div>
<div> </div>
<div>मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण मैनजमेन्ट के अन्तर्गत संचालित व क्रियाशील सभी कार्याे को गुणवत्ता के साथ ससमय पूर्ण करें। विकास कार्याे में लापरवाही बरतने पर सम्बन्धित के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने विभिन्न विकास कार्याे की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उसके शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर दिया।</div>
<div> </div>
<div>बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 संतोष कुमार चक, परियोजना निदेशक आदित्य कुमार, जिला सूचना अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक सरोज पाण्डेय, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143467/district-swachh-bharat-mission-rural-management-committee-district-magistrate-held</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/143467/district-swachh-bharat-mission-rural-management-committee-district-magistrate-held</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Jul 2024 16:48:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/img-20240724-wa0815.jpg"                         length="599190"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायतों में कूड़ा घर निर्माण के नाम व्यापक भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर </strong>सरकार जहां भारत स्वच्छ मिशन अभियान के अंतर्गत लाखों और करोड़ों रुपए ग्राम पंचायत को प्रदान करती है जिससे स्वच्छता अभियान का पालन करवा गाव में स्वक्षता मिशन के अंतर्गत स्वक्षता क़ायम किया जा सके। जिसके अंतर्गत तमाम ग्राम पंचायतों में कूड़ाघर बनाने का कार्य जोर शोर से हो रहा है </div>
<div>। जिसमें सूखा गीला कूड़ा एकत्र करवा उसे पौष्टिक खाद में कन्वर्ट करने दावे प्रशासनिक जिम्मेदार करते है ।लेकिन जो तस्वीर ग्राम पंचायतों में देखी जा रही उसमे व्यापक भ्र्ष्टाचार देखने को मिली है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि कूड़ा सेंटर के नाम पर ग्राम प्रधान व</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142921/widespread-corruption-in-gram-panchayats-in-the-name-of-garbage"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर </strong>सरकार जहां भारत स्वच्छ मिशन अभियान के अंतर्गत लाखों और करोड़ों रुपए ग्राम पंचायत को प्रदान करती है जिससे स्वच्छता अभियान का पालन करवा गाव में स्वक्षता मिशन के अंतर्गत स्वक्षता क़ायम किया जा सके। जिसके अंतर्गत तमाम ग्राम पंचायतों में कूड़ाघर बनाने का कार्य जोर शोर से हो रहा है </div>
<div>। जिसमें सूखा गीला कूड़ा एकत्र करवा उसे पौष्टिक खाद में कन्वर्ट करने दावे प्रशासनिक जिम्मेदार करते है ।लेकिन जो तस्वीर ग्राम पंचायतों में देखी जा रही उसमे व्यापक भ्र्ष्टाचार देखने को मिली है। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि कूड़ा सेंटर के नाम पर ग्राम प्रधान व सचिव राजस्व की मलाई काट रहे है । </div>
<div> </div>
<div>वही कूड़ाघर की हालत काफी खराब है कहीं आधा अधूरा बनाकर पेमेंट हो जाता है तो कही सिर्फ कागज में ही निर्माण हो कर पेमन्ट हों जाता है तो कही निर्माण होने के बाद महीने दो महीनों में ही जर्जर हो जाता है जिसका दीवार और पिल्लर तक क्रेक हो के गिरने लगता है यह कूड़ा घर की गुणवत्ता और मानक। जबकि सरकारी आंकड़ों में गांव का मौसम गुलाबी है और जिले के जिम्मेदार और प्रशासनिक अधिकारी को रिपोर्ट संतुष कर दिया जाता है । अगर बात की ग्राम पंचायतों में विकास की बात की जाय तो तस्वीर सच बताने के लिये पर्याप्त है ।</div>
<div> </div>
<div><strong>पहला कूड़ाघर की तस्वीर</strong></div>
<div> तुलसीपुर विकासखण्ड के बड़गांव मोहनापुर की जहां पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाने के नाम पर व्यापक भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है जहां आधा अधूरा घर बनाकर पेमिन्ट होने की बात सामने आती है जबकि देखा जा रहा है कि उस कूड़ा घर में छाजन भी नहीं लगा है।</div>
<div> </div>
<div><strong>दूसरा मामला की तस्वीर</strong></div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/2-1.jpg" alt="ग्राम पंचायतों में कूड़ा घर निर्माण के नाम व्यापक भ्रष्टाचार" width="1600" height="1200"></img> विकासखंड तुलसीपुर के ग्राम पंचायत खैरी का है जहां पर कूड़ाघर घर बनाया गया है ।लेकिन बनने के कुछ महीनो के अंदर कूडाघर की दीवार में जगह जगह क्रेक हो गया और दीवाल धँस गया जिसमें गाव वाले बताते है कि मिट्टी पटवाने के बाद धँस गई है। जिसका नजरा तस्वीरों में देखे जा सकते हैं </div>
<div> </div>
<div><strong>तीसरा मामला की तस्वीर</strong></div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/2-3.jpg" alt="2-3" width="1600" height="1200"></img>ग्राम पंचायत चौहत्तरकला में बनाया गया जंहा कूड़ा घर में जगह-जगह टूट गया है ऐसे ही अगर तमाम ग्राम पंचायत का भौतिक सत्यापन की जाए तो भृष्टाचार का पोल खोलने के लिए पर्याप्त होगा और पूरी हकीकत खुलकर सामने आ जाएगी। वही दूसरी तरफ देखा जा रहा है ग्राम पंचायत निधि से इतने पैसे खर्च होने के बाद भी ग्राम पंचायत में स्वक्षता अभियान पूरी तरह फेल दिख रहा है और जगह जगह गंदगी और कूड़े के अंबार की बात सामने आ रही है जबकि स्वच्छता के नाम पर ग्राम पंचायत में लाखों रुपए खर्च करने की बाद भी स्वक्षता फेल नजर आ रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/142921/widespread-corruption-in-gram-panchayats-in-the-name-of-garbage</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/142921/widespread-corruption-in-gram-panchayats-in-the-name-of-garbage</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jul 2024 17:14:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/2.jpg"                         length="258476"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैसे हो स्वक्ष भारत का सपना साकार जब गाव में सफाई कर्मी ही न आये</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर </strong>स्वच्छ भारत मिशन की बात करें तो विकास खण्ड तुलसीपुर में बहुत से ऐसे ग्राम पंचायत है जहां पर स्वच्छता अभियान पूरी तरह फेल दिखाई दे रहा है और स्वक्षता अभियान का पालन सिर्फ कागजो में किया जा रहा है । लेकिन जो तस्वीर सामने आ रही है सच साबित करने के लिये पर्याप्त है । कि कितना स्वक्षता का पालन करवाया जा रहा है ।वही गाव के निरीक्षण में कई महीनो से सफाई कर्मचारी के लापता होने की बात सामने आती है । जो ड्यूटी तो नही करते लेकिन विभागीय फाइलों में हाजिरी होने की बात मिलती है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142533/how-can-the-dream-of-a-clean-india-come-true"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/3-(2).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर </strong>स्वच्छ भारत मिशन की बात करें तो विकास खण्ड तुलसीपुर में बहुत से ऐसे ग्राम पंचायत है जहां पर स्वच्छता अभियान पूरी तरह फेल दिखाई दे रहा है और स्वक्षता अभियान का पालन सिर्फ कागजो में किया जा रहा है । लेकिन जो तस्वीर सामने आ रही है सच साबित करने के लिये पर्याप्त है । कि कितना स्वक्षता का पालन करवाया जा रहा है ।वही गाव के निरीक्षण में कई महीनो से सफाई कर्मचारी के लापता होने की बात सामने आती है । जो ड्यूटी तो नही करते लेकिन विभागीय फाइलों में हाजिरी होने की बात मिलती है और उनका मानदेय भी हर माह उठता है ।</div>
<div> </div>
<div>वही सफाई कर्मी से जब भी स्थानीय लोगों द्वारा बात की जाती तो उनका जवाब हमारी ड्यूटी देवी पाटन मन्दिर पर है। जो कि बड़ा सवाल भी उत्पन्न कर रही है। कही ग्राम प्रधान और सचिन की मिली भगत का खेल तो नहीं खेला जा रहा है तमाम ग्राम पंचायत में जब सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों से जानकारी किया जाता है तो उनका साफ कहना है कि यहां सफाई व्यवस्था कई महीनों से नहीं हुई है जब सफाई कर्मचारी के बारे में बात की जाती है उनका साफ कहना है की सफाई कर्मचारी बताता है कि मंदिर में ड्यूटी लगी है ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विभागीय अधिकारी जिसके द्वारा सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है कब कहा और कितने समय के लिए लगाई जाती है उन्हें नहीं पता होता है या सफाई कर्मचारियों को मनमानी की खुली छूट दी गई है ।</div>
<div> </div>
<div> ताजा मामला विकासखंड तुलसीपुर के ग्राम पंचायत परसपुर करौंदा से जुड़ा हुआ है जहां पर ग्रामीणों ने बताया की सफाई कर्मी यहां पर कई महीनो से नहीं आ रहा है जिस गांव का बुरा हाल देखा जा रहा है हर तरफ गन्दगी का अंबार लगा है मजबूरी में ग्राम वासी सफाई करते है । इस संबंध में ग्राम प्रधान और सचिव से भी इनकी शिकायत करने की बात ग्रामीणों द्वारा बताई जा रही लेकिन अब तक उसका समाधान न होना बड़ी बात है। जब इस संबंध में ए डी ओ पंचायत तुलसीपुर से बात की जाती है तो उनका फोन कवरेज में न होने की समस्या से नहीं उठता है जिससे उनका पक्ष नहीं लिया जा सका ।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/142533/how-can-the-dream-of-a-clean-india-come-true</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/142533/how-can-the-dream-of-a-clean-india-come-true</guid>
                <pubDate>Thu, 27 Jun 2024 16:06:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-06/3-%282%29.jpg"                         length="197121"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        