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                <title>Modi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Modi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मध्यम वर्ग के कर-बचत के सहारे अर्थव्यवस्था को खींचने की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>अंततः मोदी सरकार ने यह मान लिया है कि हमारी अर्थव्यवस्था मंदी में फंस गई है। 8.2% की दर से अर्थव्यवस्था के विकास का जो आंकलन किया गया था, वह भरभराकर गिर गया है और 6.4% पर आकर टिक गया है। इस आंकलन को भी अर्थशास्त्री चुनौती दे रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि जीडीपी का आंकलन बढ़ा-चढ़ाकर किया जा रहा है। अब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, जो मोदी सरकार का लोक लुभावन लक्ष्य है, को बनाने के लिए विकास दर 10% से ऊपर चाहिए, जो नामुमकिन इसलिए है। </div>
<div>  </div>
<div>कि विश्व अर्थव्यवस्था भी गंभीर मंदी में फंसी हुई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148161/trying-to-pull-the-economy-with-the-help-of-middle"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/screenshot_2025-02-03-20-01-01-37_680d03679600f7af0b4c700c6b270fe7.jpg" alt=""></a><br /><div>अंततः मोदी सरकार ने यह मान लिया है कि हमारी अर्थव्यवस्था मंदी में फंस गई है। 8.2% की दर से अर्थव्यवस्था के विकास का जो आंकलन किया गया था, वह भरभराकर गिर गया है और 6.4% पर आकर टिक गया है। इस आंकलन को भी अर्थशास्त्री चुनौती दे रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि जीडीपी का आंकलन बढ़ा-चढ़ाकर किया जा रहा है। अब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, जो मोदी सरकार का लोक लुभावन लक्ष्य है, को बनाने के लिए विकास दर 10% से ऊपर चाहिए, जो नामुमकिन इसलिए है। </div>
<div> </div>
<div>कि विश्व अर्थव्यवस्था भी गंभीर मंदी में फंसी हुई है और विदेशी निवेश पलायन कर रहा है। यह वैश्विक पूंजी किसी देश में तभी तक टिकती है, जब तक कि उसे मुनाफा दिखता है। यदि उसे किसी और जगह मुनाफा दिखेगा, तो उसके यहां टिकने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। उड़न-छू हो रही विदेशी पूंजी पर इस बार के बजट में पूरी तरह से खामोशी साध ली गई है, जबकि इसके पहले हर बार बढ़ते विदेशी निवेश का गुणगान किया जाता रहा है।</div>
<div> </div>
<div>देश की मंदी में फंसी हुई अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए अब मोदी सरकार को घरेलू मांग पैदा करके बाजार के विस्तार करने की चिंता सता रही है। कॉरपोरेटों को लगातार बजट प्रोत्साहन देने के कोई अनुकूल नतीजे नहीं निकले हैं। अभी तक इस सरकार का यही मानना रहा है, और अब भी इस सोच से वह बाहर नहीं निकली है कि पूंजीपतियों को प्रोत्साहन देने से रोजगार का सृजन होगा।</div>
<div> </div>
<div>यदि यह सोच सही होती, तो हमारे देश से बेरोजगारी ही छू-मंतर हो जाती, क्योंकि 'विश्व असमानता रिपोर्ट' के अनुसार, इस देश के सबसे धनी 1% लोगों के पास सकल आय का लगभग 23% जा रहा है और उनके हाथों में कुल संपत्ति का 40% से ज्यादा जमा हो गया है। मोदी राज में देश के संसाधनों और धन का यह संकेद्रण इतनी तेजी से हुआ है कि उनके सत्ता में आने से पहले देश में 100 डॉलर अरबपति थे, आज उनकी संख्या 200 हो गई है। लेकिन इन धन-पशुओं की धन दौलत इस देश में रोजगार पैदा करने के काम में नहीं लगी। </div>
<div> </div>
<div>अब इस मंदी से बाहर निकलने के लिए ही 12 लाख रुपयों तक की आय को आयकर से मुक्त किया गया है। मोदी सरकार का सोचना है कि इससे मध्यम वर्ग की जेब में 1 लाख करोड़ रूपये बचेंगे, जो बाजार में आयेंगे और घरेलू मांग पैदा करेंगे। इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और मांग पैदा होने से रोजगार का सृजन होगा। </div>
<div> </div>
<div>लेकिन यह रणनीति बहुत ज्यादा काम करने वाली नहीं है, क्योंकि इस सरकार का जोर आम मेहनतकशों की मजदूरी/वेतन बढ़ाकर उनकी आय बढ़ाने और इस प्रकार, उनकी क्रय शक्ति बढ़ाकर मांग पैदा करने पर नहीं है, बल्कि वे अभी जो आय अर्जित कर रहे हैं, उसमें बचत बढ़ाकर क्रय शक्ति बढ़ाने पर है। आय बढ़ाना और बचत बढ़ाना दोनों अलग-अलग बातें हैं। उपलब्ध आंकड़ें बताते हैं कि मोदी राज के पहले 6 सालों में 2014-20 के बीच औद्योगिक मजदूरों की सकल आय में 3% की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि के दौरान पूंजीपतियों के सकल मुनाफे में 13% से ज्यादा की वृद्धि हुई है। इसलिए कोई यह सोचता है कि पूंजीपतियों को करों में छूट देकर, उनके बैंकिंग कर्जे माफ करके, उनके पक्ष में श्रम सुधारों को लागू करके और मेहनतकशों का वेतन जाम करके रोजगार का सृजन किया जा सकता है, मूर्खों के स्वर्ग में बसना है।</div>
<div> </div>
<div>हाल ही में जारी परिवार उपभोक्ता व्यय के आंकड़ें बताते है कि गांव में रहने वाले परिवार औसतन केवल 8079 रूपये और शहरों में रहने वाले केवल 14528 रूपये ही प्रति माह खर्च करते हैं। यह हमारे देश में रहने वाले लोगों की औसत क्रय शक्ति है, जिसमें 12 लाख रुपए और उससे ज्यादा कमाने वाले लोग भी शामिल है। सरकार का ही आंकलन है कि 4 से 12 लाख रुपए आय अर्जित करने वालों की संख्या केवल 5.6 करोड़ है।</div>
<div> </div>
<div>इसका अर्थ है कि देश के 44 करोड़ कार्यबल (और इसमें खेती-किसानी में लगे और कृषि अर्थव्यवस्था पर निर्भर ग्रामीण पेशों में लगे लोग भी शामिल हैं) में से 38 करोड़ लोगों की वार्षिक आय 1.5 लाख रुपए से भी कम होगी। इन 38 करोड़ लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाए बिना कोई प्रभावी घरेलू मांग पैदा करना संभव नहीं है और न किसी प्रकार का रोजगार सृजन ही।</div>
<div> </div>
<div>मध्यम वर्ग के कर-बचत से कुछ मांग पैदा होने की संभावना भी तभी बनती है, जब महंगाई को काबू में रखा जाएं। खाद्यान्न में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 10% के आसपास चल रही है। लेकिन मुनाफाखोरों को संरक्षण देने वाली सरकार के लिए इस महंगाई पर काबू पाना संभव नहीं है। 12 लाख रूपये की आय पर 80000 रुपयों की बचत का जो ढिंढोरा पीटा जा रहा है और इसके सहारे बढ़ी हुई मांग की जो कल्पना की जा रही है, बढ़ती हुई महंगाई इसे धूमिल करने जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>वास्तव में बचत के सहारे मांग पैदा करने की रणनीति पर मोदी सरकार गंभीर है भी नहीं। इस रणनीति के प्रति वह थोड़ा भी गंभीर होती, तो इससे आगे बढ़कर पेट्रोलियम उत्पादों पर वह जो अनाप-शनाप कर लगा रही है, उसे वापस लेकर अपनी बचत रणनीति को आगे बढ़ाती। यह रणनीति कारगर होती, क्योंकि पेट्रोलियम की बढ़ी-चढ़ी कीमतों से जो मुद्रास्फीति पैदा हो रही है, वह काबू में आती और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण लगता। इस बचत का फायदा मध्यम वर्ग सहित आम जनता के सभी तबकों को मिलता और महंगाई नियंत्रण के साथ बचत के जरिए मांग पैदा की जा सकती थी और रोजगार का सृजन किया जा सकता था।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन मोदी सरकार का वास्तविक इरादा न मांग पैदा करने का है और न ही रोजगार सृजन करने का। उसका इरादा मध्यम वर्ग को आकर्षित करके दिल्ली के चुनाव जीतना भर है। भाजपा का यह हिडेन एजेंडा (जो कभी हिडेन था भी नहीं) दिल्ली चुनाव प्रचार में तभी खुलकर सामने आ गया, जब मोदी-शाह की जोड़ी ने इस कर-बचत को चुनाव प्रचार का मुद्दा बनाने की कोशिश की। </div>
<div> </div>
<div>यदि मोदी सरकार घरेलू अर्थव्यवस्था में मांग पैदा कर रोजगार का संकट दूर करने तथा अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर निकालने के प्रति गंभीर होती, तो केंद्र सरकार में लाखों खाली पड़े पदों को भरने की घोषणा करती, मनरेगा के बजट आबंटन में पर्याप्त वृद्धि के साथ मजदूरी और काम के दिनों की संख्या को बढ़ाती, शहरी गरीबों के लिए रोजगार गारंटी की घोषणा करती, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सम्मानपूर्ण आजीविका के लायक न्यूनतम वेतन/मजदूरी की घोषणा करती, किसानों को सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और कर्ज़माफी की घोषणा करती और मजदूरों को बंधुआ दासता में धकेलने वाली श्रम संहिताओं को वापस लेने आदि की घोषणा करती। और इन सबको करने के लिए धनिकों पर और ज्यादा कर लगाती। ये वे कदम थे, जिनसे आम जनता की आय बढ़ाकर मांग पैदा की जा सकती थी, जो अंततः रोजगार सृजन को प्रेरित करती।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन मोदी सरकार को न ऐसा करना था, न उसने ऐसा किया, क्योंकि उसका अर्थ-दर्शन कॉरपोरेटों के मुनाफों पर चोट करने की इजाजत नहीं देता।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 16:35:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>21 मार्च को भूटान के लिए रवाना होंगे पीएम मोदी, छोटे भाई ने लगाई है पुकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International: </strong>लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। राजनीतिक दलों की ओर से प्रचार का दौर भी शुरू हो चुकी है। बीजेपी की तरफ से प्रचार अभियान की कमान खुद प्रधानमंत्री मोदी ने उठा रखी है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक धुआंधार रोड शो और जनसभाओं के जरिए पीएम मोदी अबकी बार 400 पार का नारा लगाते और जनता को एक बार फिर से एनडीए को चुनने की अपील करते नजर आ रहे हैं। लेकिन चुनाव प्रचार के बीच पीएम मोदी अचानक चीन के पड़ोस में जाने वाले हैंं। पीएम मोदी का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139635/pm-modi-will-leave-for-bhutan-on-march-21-younger"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/download-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International: </strong>लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। राजनीतिक दलों की ओर से प्रचार का दौर भी शुरू हो चुकी है। बीजेपी की तरफ से प्रचार अभियान की कमान खुद प्रधानमंत्री मोदी ने उठा रखी है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक धुआंधार रोड शो और जनसभाओं के जरिए पीएम मोदी अबकी बार 400 पार का नारा लगाते और जनता को एक बार फिर से एनडीए को चुनने की अपील करते नजर आ रहे हैं। लेकिन चुनाव प्रचार के बीच पीएम मोदी अचानक चीन के पड़ोस में जाने वाले हैंं। पीएम मोदी का दो दिना का दौरा रहने वाला है। </p>
<p>पड़ोसी पहले नीति के तहत पीएम मोदी का ये दौरा है। पीएम मोदी के दौरे को लेकर भूटान में जबरदस्त तैयारी की गई है। भूटान के पीएम इसी हफ्ते भारत आए थे। अपनी मुलाकात के बारे में बताते हुए टोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बड़ा भाई कहा था।</p>
<p>इसके बाद पीएम मोदी ने न्यौता भी स्वीकार किया था। पीएम की यात्रा से पहले भूटान के पारो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के वीडियो सामने आया है। जिसमें पीएम मोदी के स्वागत के लिए खूबसूरत तरीके से सजाया गया है। अब भूटान के दो दिन के दौरे पर पीएम रहने वाले हैं। पीएम मोदी 21 मार्च यानी गुरुवार के दिन रवाना होंगे।  </p>
<p>मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि यह यात्रा भारत और भूटान के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा और सरकार की पड़ोसी प्रथम नीति पर जोर देने के अनुरूप है। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, भूटान के राजा और पूर्व राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात करेंगे।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि मोदी भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मामलों पर भी चर्चा करेंगे। भारत और भूटान एक अनोखी और स्थायी साझेदारी साझा करते हैं जो आपसी विश्वास, समझ और सद्भावना पर आधारित है। हमारी साझा आध्यात्मिक विरासत और लोगों के बीच मधुर संबंध हमारे असाधारण संबंधों में गहराई और जीवंतता जोड़ते हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 15:44:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन राज्यों का दौराः ‘ मिशन साऊथ ‘ में जुटे प्रधानमंत्री  मोदी, भाजपा की 132 सीटों पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span lang="hi" xml:lang="hi">देश लोकसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है। भाजपा सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव से पहले मिशन साउथ पर जुट गए हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री  मोदी आज  यानी </span>19 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को तमिलनाडु का दौरा कर रहे हैं । प्रधानमंत्री  मोदी की राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले चार दिन में दक्षिण के तीसरे राज्य की यात्रा होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री  मोदी </span>16-17 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को आंध्र प्रदेश और केरल के दौरे पर पहुंचे थे। नए साल की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री  मोदी का लगातार दक्षिण राज्यों का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138285/tour-of-three-states-prime-minister-modi-engaged-in-mission"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/तीन-राज्यों-का-दौराः-‘-मिशन-साऊथ-‘-में-जुटे-प्रधानमंत्री- मोदी, भाजपा-की 132 सीटों-पर-नजर.jpg" alt=""></a><br /><p><span lang="hi" xml:lang="hi">देश लोकसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ा है। भाजपा सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव से पहले मिशन साउथ पर जुट गए हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री  मोदी आज  यानी </span>19 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को तमिलनाडु का दौरा कर रहे हैं । प्रधानमंत्री  मोदी की राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले चार दिन में दक्षिण के तीसरे राज्य की यात्रा होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री  मोदी </span>16-17 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को आंध्र प्रदेश और केरल के दौरे पर पहुंचे थे। नए साल की शुरुआत में ही प्रधानमंत्री  मोदी का लगातार दक्षिण राज्यों का दौरा भाजपा  के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मिशन साउथ</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का हिस्सा बताया जा रहा है।</span> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  ने लोकसभा चुनाव में </span>400 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों का लक्ष्य रखा है। भाजपा  को इस लक्ष्य को पाने के लिए उत्तर के साथ साथ दक्षिण का किला भी भेदने की जरूरत है। ये वही राज्य हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां भाजपा  का प्रदर्शन अब तक अच्छा नहीं रहा है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री  मोदी ने साल की शुरुआत से ही दक्षिण के राज्यों का रुख कर रखा है। यहां न सिर्फ उन्होंने तमाम योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रमुख मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना भी की। </span>2019 <span lang="hi" xml:lang="hi">के </span><a title="लोकसभा चुनाव" href="https://www.abplive.com/topic/lok-sabha-election-2024"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा चुनाव</span></a> <span lang="hi" xml:lang="hi">में भाजपा  गठबंधन को इन </span>134 <span lang="hi" xml:lang="hi">में से </span>31 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटें मिली थीं। कांग्रेस ने </span>65 <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अन्य ने </span>36 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर जीत हासिल की थी<a></a>।</span> </p>
<p><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल इस नव वर्ष में ही जनवरी से  प्रधानमंत्री  मोदी के दक्षिण भारत के दौरे पर  है  </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">।<strong> </strong></span></p>
<p>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को प्रधानमंत्री  मोदी तमिलनाडु दौरे पर गए थे।</span>3 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को वे लक्षद्वीप और केरल में थे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">।</span>16 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को आंध्र प्रदेश दौरे पर पहुंचे।</span> 17 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को केरल का दौरा किया।</span>19 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी को प्रधानमंत्री  तमिलनाडु का दौरा कर रहे हैं ।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">देखा जाए राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों की यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री  मोदी बुधवार  को केरल दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने त्रिशूर में गुरुवायूर मंदिर में पूजा अर्चना की। इस मंदिर में भगवान कृष्ण की पूजा होती है। इसके बाद प्रधानमंत्री दक्षिण भारत के पारंपरिक कपड़े पहनकर त्रिशूर में ही त्रिप्रयार के रामास्वामी मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> पूजा पाठ के बाद प्रधानमंत्री  मोदी ने </span>4000 <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ किया और फिर रैली को संबोधित करते हुए अयोध्या के राम मंदिर और केरल के कनेक्शन का जिक्र किया।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री  मोदी ने इस दौरान कहा कि अयोध्या में मंदिर बन रहा है। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले त्रिप्रयार श्री रामास्वामी मंदिर में पूजा करने का सौभाग्य मिला है। रामास्वामी मंदिर में भगवान राम की </span>6 <span lang="hi" xml:lang="hi">फीट ऊंची मूर्ति है।खास बात ये है कि यहां भगवान राम चतुर्भुज रूप में दिखते हैं।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले प्रधानमंत्री  मोदी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री </span><a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi"><span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्र मोदी</span></a> <span lang="hi" xml:lang="hi">आंध्र प्रदेश के लेपाक्षी में वीरभद्र स्वामी मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया था। इस दौरान प्रधानमंत्री  मोदी ने तेलुगु में रंगनाथ रामायण के छंद सुने और आंध्र प्रदेश की पारंपरिक छाया कठपुतली कला जिसे थोलू बोम्मालता के नाम से जाना जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">के माध्यम से प्रस्तुत जटायु की कहानी देखी। प्रधानमंत्री  मोदी ने ट्विटर पर लिखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन सभी लोगों के लिए जो प्रभु श्री राम के भक्त हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेपाक्षी का बहुत महत्व है। आज मुझे वीरभद्र मंदिर में प्रार्थना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैंने प्रार्थना की कि भारत के लोग खुश रहें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वस्थ रहें और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएं। लेपाक्षी के वीरभद्र मंदिर में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रंगनाथ रामायण सुनी और रामायण पर कठपुतली शो भी देखा।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><br /><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री  मोदी शुक्रवार को चेन्नई पहुंच गए । यहां प्रधानमंत्री  तमिलनाडु के प्रमुख मंदिरों में दर्शन और पूजा के  बाद वह रामेश्वरम भी गए । प्रधानमंत्री  मोदी शनिवार सुबह श्री रंगनाथस्वामी मंदिर तिरुचिरापल्ली में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वे रामेश्वरम के श्री अरुलमिगु रामानाथसामी मंदिर में स्मरण और दर्शन करेंगे और दोपहर साढ़े तीन बजे विभिन्न भाषाओं में रमन पथ में हिस्सा लेंगे।प्रधानमंत्री  मोदी शनिवार को श्री रामकृष्ण मठ में रुकेंगे। </span>21 <span lang="hi" xml:lang="hi">जनवरी सुबह साढ़े नौ बजे अरिचल मुनई में दर्शन और पूजा करेंगे और सुबह साढ़े दस बजे कोतांडरम स्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे।</span><br /> <br /><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल दक्षिण में कर्नाटक को छोड़ दें तो किसी भी राज्य में भाजपा  मजबूत स्थिति में नहीं है। ऐसे में प्रधानमंत्री  मोदी विकास योजनाओं के जरिये इन राज्यों में स्थिति को मजबूत करने में तो जुटे ही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">साथ साथ हिंदुत्व कार्ड को भी एजेंडे में रखा है। इन राज्यों की सियासत को अगर प्रधानमंत्री साध लेते हैं तो फिर </span>400 <span lang="hi" xml:lang="hi">का आंकड़ा आसान हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"> <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिण का किला मजबूत करने के लिए भाजपा  मजबूत साथियों को भी तलाश रही है। सियासी गलियारों में साल भर से इस बात की भी चर्चा है कि दक्षिण में विजय पताका फहराने के लिए मोदी तमिलनाडु की किसी सीट से चुनाव भी लड़ सकते हैं। हालांकि ये बात अभी भविष्य के गर्भ में है। लेकिन इतना तय है कि प्रधानमंत्री के एजेंडे में दक्षिण भारत फिलहाल सबसे ऊपर है। अब इसे संयोग कहिये या प्रयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या में भगवान राम की जो नई मूर्ति स्थापित हो रही है उसके मूर्तिकार अरुण योगीराज हैं जो कर्नाटक के रहने वाले हैं।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर के उदघाटन से पहले मोदी भगवान राम से दक्षिण भारत के रिश्तों को उभार रहे हैं और इस बात को यहां याद रखना चाहिए कि </span>90 <span lang="hi" xml:lang="hi">के दशक में मंदिर आंदोलन के दौरान दक्षिण भारत की बड़ी भूमिका रही है। हालांकि ये अलग बात है कि आंदोलन के दौरान दक्षिण भारत की सियासत में </span><a title="राम मंदिर" href="https://www.abplive.com/topic/ram-mandir"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर</span></a> <span lang="hi" xml:lang="hi">बहुत बड़ा मुद्दा नहीं बन पाया। लेकिन अब जब मंदिर बन कर तैयार हो रहा है तो अतीत के पन्नों को पलटा जा रहा है। अब इसी रिश्ते को अयोध्या से जोड़कर उभारने की कोशिश हो रही है। ये कोशिश कितनी कामयाब होगी ये आने वाला वक्त बताएगा।</span> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">गौरतलब है कि  दक्षिण भारत के तमिलनाडु और काशी के संबंधों को और मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक बार फिर दिसंबर महीने में काशी तमिल संगमम का आयोजन किया गया था । इससे पहले भी पिछले वर्ष काशी और तमिल संगमम का आयोजन किया गया था। जिस दौरान काशी में एक महीने तक अलग-अलग मंत्रालयों के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में लोग काशी पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए थे।इसके साथ ही यह समागम  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह ऐसा दांव साबित हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा की तैयारी में जुटे राहुल गांधी की कोशिश पर पानी फेर सकता है। </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">आम चुनावों को लेकर जहां एक और कांग्रेस के राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा करते  रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी दक्षिण को अपनी प्राथमिकता में रखा हुआ है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने कोई यात्रा नहीं बल्कि तमिल भाषियों को उत्तर भारत से मिलाने का प्लान तैयार किया हुआ  है। इतना ही नहीं यहां से वह एक विशेष ट्रेन जोकि बनारस और रामेश्वरम के बीच चलेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे भी मोदी हरी झंडी दिखा दी थी । राजनीतिक विश्लेषक इसे सोची समझी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री  मोदी का दक्षिण में पैर पसारने का मास्टर स्ट्रोक ही  मानते  रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिण भारत के विशेष कर तमिलनाडु राज्य में अगर बीते एक दशक की राजनीति को देखा जाए तो करुणानिधि और जय ललिता की मृत्यु के बाद एक बड़ा शून्य आ गया है। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक इससे पूरी तरह से इत्तेफाक रखते हैं। वे बताते है  कि अगर आप तमिलनाडु के बीते </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">वर्षों के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो जय ललिता और करुणानिधि के मृत्यु के बाद सिर्फ एक बड़ा नाम स्टालिन ही दिखता है। कांग्रेस के पी. चिदंबरम हों या उनके बेटे कार्ति चिदंबरम यह धीरे-धीरे तमिलनाडु की राजनीति में अप्रासंगिक होते जा रहे हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के जितने भी बड़े नेता हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह अपने क्षेत्र विशेष तक सीमित हैं। ऐसे में दक्षिण भारत की राजनीति में एक बड़ा शून्य है और कहीं ना कहीं अपनी लगातार यात्राओं के  जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे रिक्त स्थान को भरने के लिए भी लगातार प्रयास कर रहे हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
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                <pubDate>Fri, 19 Jan 2024 15:15:08 +0530</pubDate>
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                <title>ब्रिटिश PM ने मोदी के खिलाफ रिपोर्ट को लेकर पाक मूल के सांसद को दिया करारा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर BBC  की विवादित डॉक्यूमेंट्री को लेकर बवाल शुरू हो गया है। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर द्वारा इसको लेकर BBC की  खिंचाई के बाद  ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने पाक मूल के सांसद इमरान हुसैन  को जमकर फटकार लगाई है । संसद में सांसद इमरान हुसैन ने  BBC की  रिपोर्ट का हवाला देकर PM मोदी पर गंभीर लगाए तो ब्रिटिश पीएम ने इमरान हुसैन को इसका  करारा जबाव देकर चुप करवा दिया।  <br />इमरान हुसैन के आरोपों पर  सुनक ने कहा कि वह उनके कथन व  BBC द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126988/british-pm-gives-befitting-reply-to-pak-origin-mp-over"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/102.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर BBC  की विवादित डॉक्यूमेंट्री को लेकर बवाल शुरू हो गया है। ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर द्वारा इसको लेकर BBC की  खिंचाई के बाद  ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने पाक मूल के सांसद इमरान हुसैन  को जमकर फटकार लगाई है । संसद में सांसद इमरान हुसैन ने  BBC की  रिपोर्ट का हवाला देकर PM मोदी पर गंभीर लगाए तो ब्रिटिश पीएम ने इमरान हुसैन को इसका  करारा जबाव देकर चुप करवा दिया।  <br />इमरान हुसैन के आरोपों पर  सुनक ने कहा कि वह उनके कथन व  BBC द्वारा  प्रधानमंत्री मोदी के बारे में जारी इस तरह की किसी भी रिपोर्ट से सहमत नहीं हैं। बता दें कि इससे पहले ब्रिटेन के  हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ  न्यूज सीरीज को लेकर BBC की  खिंचाई की । BBC की आलोचना करते हुए रेंजर ने उसपर पक्षपाती रिपोर्टिंग का आरोप लगाया । उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'BBCNews आपने एक अरब से अधिक भारतीयों को बहुत कष्ट पहुंचाया है। यह लोकतांत्रिक रूप से चुने गए भारतीय पीएम, भारतीय पुलिस और न्यायपालिका का अपमान है।  <br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Jan 2023 17:08:21 +0530</pubDate>
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