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                <title>Ram Mandir Trust - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Ram Mandir Trust RSS Feed</description>
                
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                <title>राम मंदिर में सीईओ, क्या रुकेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183613/will-ceo-stop-corruption-in-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas25.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर प्रशासन की बदलती जरूरत- राम मंदिर आज एक विशाल संस्थान का स्वरूप ले चुका है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्शन व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान का प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का संचालन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता और भविष्य की योजनाएं जैसे अनेक कार्य हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सबका संचालन केवल पारंपरिक व्यवस्था से करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में एक पेशेवर प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का दायित्व होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या केवल सीईओ भ्रष्टाचार रोक सकता है</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का सीधा उत्तर है—नहीं। किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति बदलने से समाप्त नहीं होता। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि वित्तीय लेन-देन पारदर्शी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑडिट नियमित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट न हो और जवाबदेही तय न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी पद पर बैठा अधिकारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता। सीईओ व्यवस्था को बेहतर बना सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई अन्य कदम भी जरूरी होंगे। पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी धार्मिक संस्था में श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण पूंजी होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि— दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो। नियमित स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। खरीद और ठेकों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था हो। यदि ये व्यवस्थाएं लागू होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भ्रष्टाचार की संभावनाएं स्वतः कम होंगी। देश के अन्य मंदिरों से सीख-</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के कई बड़े मंदिरों में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था पहले से लागू है। वहां आईएएस अधिकारियों या अनुभवी प्रशासकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जहां निगरानी कमजोर रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विवाद भी सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। आधुनिक प्रबंधन और धार्मिक परंपरा का संतुलन राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसलिए यह भी जरूरी है कि आधुनिक प्रबंधन लागू करते समय धार्मिक परंपराओं और मंदिर की गरिमा का पूरा सम्मान बना रहे। सीईओ का कार्य धार्मिक निर्णय लेना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए। धार्मिक विषयों का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और संत समाज के मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि- मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह विश्वास लेकर आता है कि उसका दान धर्म और समाज के हित में उपयोग होगा। यदि वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी तो श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ेगा। इसके विपरीत यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसका असर केवल मंदिर प्रशासन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भावनाओं पर भी पड़ सकता है। जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी- सीईओ की नियुक्ति तभी प्रभावी होगी जब उसके कार्यों की नियमित समीक्षा हो। ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट एजेंसियां और निर्धारित नियम मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित करें। किसी भी बड़े संस्थान में "चेक एंड बैलेंस" की व्यवस्था ही भ्रष्टाचार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे कार्यों में पेशेवर दक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आने की संभावना है। लेकिन यह मान लेना कि केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावहारिक नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पारदर्शी वित्तीय प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट जवाबदेही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल प्रबंधन और स्वतंत्र निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से मजबूत हों। अंततः किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत श्रद्धालुओं का विश्वास होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उस विश्वास की रक्षा केवल एक पद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मजबूत और ईमानदार संस्थागत व्यवस्था ही कर सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 20:59:37 +0530</pubDate>
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                <title>राम मंदिर में सीईओ, क्या रुकेगा भ्रष्टाचार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183435/will-ceo-stop-corruption-in-ram-temple"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/images-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अयोध्या का राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के निर्माण के बाद यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और चढ़ावे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्थाओं तथा प्रशासन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिर के सुचारु संचालन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (</span>CEO) <span lang="hi" xml:lang="hi">की नियुक्ति का निर्णय चर्चा का विषय बन गया है। समर्थक इसे आधुनिक और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि कुछ लोग इसे पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकेगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मंदिर प्रशासन की बदलती जरूरत- राम मंदिर आज एक विशाल संस्थान का स्वरूप ले चुका है। यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दर्शन व्यवस्था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दान का प्रबंधन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्माण कार्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारियों का संचालन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छता और भविष्य की योजनाएं जैसे अनेक कार्य हैं। इन सबका संचालन केवल पारंपरिक व्यवस्था से करना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में एक पेशेवर प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का दायित्व होगा कि मंदिर की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाए और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या केवल सीईओ भ्रष्टाचार रोक सकता है</span>?</strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रश्न का सीधा उत्तर है—नहीं। किसी भी संस्था में भ्रष्टाचार केवल व्यक्ति बदलने से समाप्त नहीं होता। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता होती है। यदि वित्तीय लेन-देन पारदर्शी न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑडिट नियमित न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट न हो और जवाबदेही तय न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी पद पर बैठा अधिकारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता। सीईओ व्यवस्था को बेहतर बना सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई अन्य कदम भी जरूरी होंगे। पारदर्शिता सबसे बड़ा हथियार- </span><span lang="hi" xml:lang="hi">किसी भी धार्मिक संस्था में श्रद्धालुओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण पूंजी होता है। इसलिए यह आवश्यक है कि— दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक हो। नियमित स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। खरीद और ठेकों की प्रक्रिया पारदर्शी हो।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था हो। यदि ये व्यवस्थाएं लागू होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो भ्रष्टाचार की संभावनाएं स्वतः कम होंगी। देश के अन्य मंदिरों से सीख- </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के कई बड़े मंदिरों में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था पहले से लागू है। वहां आईएएस अधिकारियों या अनुभवी प्रशासकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जहां निगरानी कमजोर रही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहां विवाद भी सामने आए। इससे स्पष्ट होता है कि केवल प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति पर्याप्त नहीं होती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाना आवश्यक है। आधुनिक प्रबंधन और धार्मिक परंपरा का संतुलन राम मंदिर केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि धार्मिक आस्था का केंद्र है। इसलिए यह भी जरूरी है कि आधुनिक प्रबंधन लागू करते समय धार्मिक परंपराओं और मंदिर की गरिमा का पूरा सम्मान बना रहे। सीईओ का कार्य धार्मिक निर्णय लेना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होना चाहिए। धार्मिक विषयों का निर्णय मंदिर ट्रस्ट और संत समाज के मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि- मंदिर में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यह विश्वास लेकर आता है कि उसका दान धर्म और समाज के हित में उपयोग होगा। यदि वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी तो श्रद्धालुओं का विश्वास और बढ़ेगा। इसके विपरीत यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसका असर केवल मंदिर प्रशासन पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की भावनाओं पर भी पड़ सकता है। जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी- सीईओ की नियुक्ति तभी प्रभावी होगी जब उसके कार्यों की नियमित समीक्षा हो। ट्रस्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र ऑडिट एजेंसियां और निर्धारित नियम मिलकर जवाबदेही सुनिश्चित करें। किसी भी बड़े संस्थान में "चेक एंड बैलेंस" की व्यवस्था ही भ्रष्टाचार रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">राम मंदिर में सीईओ की नियुक्ति को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे कार्यों में पेशेवर दक्षता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर समन्वय और पारदर्शिता आने की संभावना है। लेकिन यह मान लेना कि केवल सीईओ की नियुक्ति से भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यावहारिक नहीं होगा। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है जब पारदर्शी वित्तीय प्रणाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित ऑडिट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्पष्ट जवाबदेही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल प्रबंधन और स्वतंत्र निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी समान रूप से मजबूत हों। अंततः किसी भी धार्मिक संस्था की सबसे बड़ी ताकत श्रद्धालुओं का विश्वास होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उस विश्वास की रक्षा केवल एक पद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मजबूत और ईमानदार संस्थागत व्यवस्था ही कर सकती है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:00:31 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कांग्रेस ने सद्बुद्धि पद यात्रा निकालकर किया श्रीराम मंदिर चढ़ावा प्रकरण के निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को बस्ती में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली गई। पदयात्रा जिला कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ होकर गायत्री शक्तिपीठ मंदिर तक पहुंची, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना कर कार्यक्रम का समापन किया।इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इस प्रकरण से करोड़ों रामभक्तों की आस्था आहत हुई है, इसलिए पूरे मामले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182885/congress-took-out-the-sadbuddhi-pad-yatra-and-demanded-an"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0068.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को बस्ती में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ निकाली गई। पदयात्रा जिला कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ होकर गायत्री शक्तिपीठ मंदिर तक पहुंची, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रार्थना कर कार्यक्रम का समापन किया।इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इस प्रकरण से करोड़ों रामभक्तों की आस्था आहत हुई है, इसलिए पूरे मामले की उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिला अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर मंदिर की व्यवस्था चारों पीठों के शंकराचार्यों एवं श्रीराम मंदिर के सम्मानित महंतों को सौंपी जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास बना रहे। कहा कि ‘सद्बुद्धि पदयात्रा’ का उद्देश्य आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर निष्पक्ष जांच की मांग उठाना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’ वृजेश आर्य, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, डा. आलोक रंजन, शौकत अली ‘नन्हू’, नर्वदेश्वर शुक्ला, अलीम अख्तर, मो. रफीक खान आदि ने कहा कि संघ परिवार, विश्व हिन्दू परिषद और भारतीय जनता पार्टी का चाल, चेहरा चरित्र उजागर हो गया है। श्रीराम मंदिर के चंदे की चोरी से देश के श्रीराम भक्तों की आस्था को गहरा आघात लगा है। अच्छा हो कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और जिम्मेदार चुप्पी तोड़े। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चम्पत राय और अनिल मिश्र जैसे जिम्मेदारों के त्याग पत्र से ही स्पष्ट है कि उन्हें बचाने के लिये बड़ी ताकते साजिश रच रही हैै। मांग किया कि जिम्मेदारों की गिरफ्तारी के साथ ही श्रीराम भक्तों की आस्था से खिलवाड़ कर आलीशान मकान आदि बनवाने वाले लोगों के घरों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुडडोजर चलवाये।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पदयात्रा में मुख्य रूप से अनिल भारती, रामधीरज चौधरी, राकेश मणि त्रिपाठी, इश्तिखार अहमद, शकुन्तला देवी, कुंवर जितेन्द्र सिंह, अमर बहादुर शुक्ल, आलोक त्रिपाठी, गुड्डू सोनकर, सुधीर यादव, लक्ष्मी यादव, सोमनाथ संत, अनिल त्रिपाठी, राम बचन भारती, अतीउल्ला सिद्दीकी, अनूप पाठक, यशराज के.के., सलाहुद्दीन, उमाशंकर त्रिपाठी, प्रशान्त पाठक, फजले आजम, सर्वेश शुक्ला, मो. अशरफ अली, आनन्द निषाद, राम पूरन चौधरी, वृजभान कन्नौजिया, संजीव त्रिपाठी, उमेश उपाध्याय, अफजल हुसेन, हरिनाथ द्विवेदी, राम प्रीत, संजय चौधरी, राम बाबू कल्पू, विश्वजीत शुभम, मनीष दूबे, अखिलेश कुमार, संजय कुमार मुकेश, राम सिंह, अमित चौरसिया, निशान्त श्रीवास्तव, अमित कुमार के साथ ही  कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:04:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम के नाम पर सत्ता पाए अब उन्हीं के घर में चढ़ावे की भारी चोरी क्या बीजेपी कोले डूबेगी। अशोक कुमार चौबे।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत ही दुनि या मेंएक ऐसा देश हैजहां हम पत्थर की मूर्ति मेंप्राण डाल कर भगवान केरूप मानते  रहे है गली मोहल्ले मेंमन्दि र है तो कई मन्दि रों का शहर भी मिलता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत केमन्दिरों मेंइतना धन हैजो भारत</div>
<div style="text-align:justify;">की जीडीपी सेबहुत ज़्यादा हैं।ै फिर भी देश गरीब ही है।१९०केदशक सेभाजपा और वि श्व हिन्दूपरिषद</div>
<div style="text-align:justify;">बजरंगदल और सं घ भागवान राम केलि ए संघर्ष करता था वह राम केलि ए वास्तव में क्तिुक्ति का सघर्ष</div>
<div style="text-align:justify;">नहीं था वह भाजपा को सत्ता केलि ए नकली हि न्दूवाद और राम केनाम का एक चहेरा था चहेरेके पीछे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181997/if-they-come-to-power-in-the-name-of-ram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001841289.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत ही दुनि या मेंएक ऐसा देश हैजहां हम पत्थर की मूर्ति मेंप्राण डाल कर भगवान केरूप मानते  रहे है गली मोहल्ले मेंमन्दि र है तो कई मन्दि रों का शहर भी मिलता हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत केमन्दिरों मेंइतना धन हैजो भारत</div>
<div style="text-align:justify;">की जीडीपी सेबहुत ज़्यादा हैं।ै फिर भी देश गरीब ही है।१९०केदशक सेभाजपा और वि श्व हिन्दूपरिषद</div>
<div style="text-align:justify;">बजरंगदल और सं घ भागवान राम केलि ए संघर्ष करता था वह राम केलि ए वास्तव में क्तिुक्ति का सघर्ष</div>
<div style="text-align:justify;">नहीं था वह भाजपा को सत्ता केलि ए नकली हि न्दूवाद और राम केनाम का एक चहेरा था चहेरेके पीछे सत्ता और सत्ता सेधन तक पहुं चने मेंमदद कोई देसकता था तो वह श्रीराम ही थेवह बाबरी मस्ज़िद थी</div>
<div style="text-align:justify;">जिसकेसहारेसत्ता का रास्ता दि खा रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;">राम केनाम की लू ट तो राम जन्म भूमि मक्तिुक्ति आन्दोलन केसाथ शरूु होगया था राम केनाम सेदेश विदेश तक गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अशोक सिंघल प्रवीण तोगड़िया और न जाने कितनों नेचन्दा लि या उस चन्देसेअपनेलि ए सुख लिया ऐसा</div>
<div style="text-align:justify;">मैनहीं कह रहा हूं ।यह देश का नागरि क कह रहा। गली चौराहों पर बात कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">राम मन्दि र सेसत्ता तक का सफर बहुत आसान नहीं था। परन्तुसत्ता भाजपा को राम केनाम पर ही मि ला</div>
<div style="text-align:justify;">ह।ै</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तुजो शरूु सेसं घर्ष कि या राजनीति मेंथा आज वह भाजपा</div>
<div style="text-align:justify;">में हाशिये पर ह।ैआडवानी मुरली मनोहर जोशी उमाभारती विनय कटियार नेपथ्य मेंचलेगये।सामनेतो बस वह रंजन गोगोई जो फैसला दिया कि मन्दि र का कहीं कोई चि न्ह नहीं हैनहीं यह साबि त हुआ कि मन्दि र</div>
<div style="text-align:justify;">तोड़कर मस्जि द बनी परन्तुकरोड़ों हि न्दूसमाज की आस्था को ध्यान मेंरखकर मन्दि र बनानेका निर्माण का</div>
<div style="text-align:justify;">फैसला दि या।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> मन्दि र बन गया।परन्तुमन्दि र की भूमि पूजन मेंउन लोगो को दूर रखा गया। वह</div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा केथे सं घ और बजरंगदल तथा वि श्वहिंदू परि षद भी बाहर कर दि या गया । अब तो बस एक ऐसे</div>
<div style="text-align:justify;">विचार केलोग ट्रस्टी बन गये जि नका आन्दोलन मेंकहीं किसी तरह का योगदान नहीं था।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब अयोध्या मन्दि र मेंचोरी का आरोप टी वी पर लगा रहेहैं। वह कह रहेसोन-ेचांदी</div>
<div style="text-align:justify;">हीरेजवाहरात केईंट की चोरी हो गई वि श्व हि न्दूपरिषद केअशोक सिंघल नेजो लगभग बारहह सौ करोड़</div>
<div style="text-align:justify;">चन्दा एकत्र कि या वह कहां गया यह सवाल राम मन्दि र नि र्मा ण केसमय प्रवीण तोगड़ि या नेभी उठाया।था।परन्तुसब आवाज दब गई । उन आवाजो की जगह एक नई आवाज जो राम को लायेहैहम उनको यह मन्दि े तना और सअयोध्या हि न्दूसमाज सनातन का एक पवि ं घर्ष का प्रतीकत्र स्थान हर सनातन चै।ऐसै।श्रीराम मन्दि ेस्थल पर श्रद्धालु ओं केचढ़ावेकी लू ट चोरी हेराफेरी की खबर बहुत दुखद है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जहां स्वतं त्र जांच न्यायि का मामला सु प्रीमकोर्ट मेंभी गया हक नि गरानी मेंकरनेकी मांग की गई । परन्तुै।सु प्रीम कोर्ट केहाल केक ई नि र्णयो सेदेश की जनता मेंनि राशा हैसिसियत और राम पर वि ैं।उनकाेश वि ेश सेबहुत सेश्रद्धालुअपनी श्रद्धा हेसाथ दान देतेहददश्वास कैवह सही जगह जन हि वि श्वास होता जो धन हमनेदान मेंदि ेंखर्च होगा।यदि मन्दि रों मेंचढ़ावेकेधनया हत मैयह आर्थि ैऔर हि ी चोरी हेरा फेरी होती हक नहीं धार्मि न्दूसनातन धर्म की आस्था की चोरीकक अपराध हैश्रद्धालुकै।।सबसेराफेरी सेधर्म पर आघात ही आत्मा पर चोट वि श्वास को लू टा गया हेअजीब बातहमन्दि ेट्रस्ट से जुडेलोग पहलेचोरी सेइन्कार कि ेंमन्दि ेंकाम करनेवालों केपास करोड़ों कीया।बाद मर कर मैकि नकदी महं गी गाड़ी सम्पति यां मि ेलगी </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तब जांच की बात हुई ।गजब तो यह हआज तक पुलिेंलनलिस मैजांच शु रूहो गई हैयह समाचार भारत कएफ आई आर नही हुआ हां एस आई टी का गणन हो गया हेगांवैलनेंपहुं च गया और श्रीराम मन्दि ैक्यागांव तक फेकेसाथ वि ेशों मेंआस्था रखनेवालेआज दुःखी हदर मेंसरकारी धन की चोरी वोट चोरी पे पर की चोरी सांसद की सीट की चोरी सेलोग अब आगेनि भारत मकलकर मन्दि रों केदान की चोरी भी कर लि या। क्या भारत का हि न्दूधर्म इतना नीचेस्तर पर गि र गया कि मन्दि रभी नहीं बचा चोरी से।ैवहां केश मेंअन्य धार्मि क मन्दि ी व्यवस्था सेक्या श्रीराम मन्दि र अयोध्या नेकुछ सीख नहीं लि या था किदर हैसैजहां हेरी और चोरीउन मन्दि रों की सुरक्षा नि गरानी ले खांकन नि यमि त आडि ेसु दृढ़ बनाया गया हेराफट कै।नहीं हो सकती है ष्णव दी तरह चाक चौबन्द पारदर्शी व्यवस्था क्योंश्रीराम मन्दि ेंभी मां वेवी तथा ति रुपति बालाजी मं दि र मर केंहुआ औरनहीं बनाया गया। हर साल राम मन्दि ेंचढ़ावा का धन कि तना आया कि तना खर्च कि र मस मद मैंक मैआडि ी धन कि ेंहेजनता केसामनेक्यों नहीं रखा गया । यानि यहां भी के लसत्ताबाकस बट करकुछ खैखैफि ेसं रक्षण मेंकि े लतो सभी जानतेकी दो करोड की जमीन कि ेकोई खरीदता हर उसीकयागया हसान सजमीन को चौबीस करोड मैयह लु टहुआ परन्तुआज तकेंश्रीराम मन्दि र अयोध्या मेंकेनाम खरीदा जाता है।सवाल का जबाब नहीं मि ै।जांच नहीं हुआ क्यों यह सवाल जनता मेआज भी हला परन्तुसवालल जि न्दा हैकि दो सौ करोड़ कैउसमेंकौन कौन शामि ैं।पता चलेखना ही जो चोरी हुई हे गा या सब दबअब यह दल हे गा।एस आई टी तो यू पी मेंइन आठ सालों मेंकई बनी कि सी की जांच रि पोर्ट आज तक बाहर नहीं आईजायै ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लकिेकिन जनता की आवाज आन्दोलन नहीं बनगे ा यह एक कटूसच हैसत्तर केदशक मेंकाशी वि श्वनाथ</div>
<div style="text-align:justify;">मं दि र केगर्भगहृ सेसोना चोरी हुआ था एक सप्ताह तक बनारस उबाल पर था जनता सड़क पर थी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर ट्रस्ट का नया नियम करोड़ों सनातनियों के साथ छलावा: राजपुरोहित मधुर महाराज</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लखनऊ </strong>अयोध्या के राम मंदिर की व्यवस्था में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। अब कोई खास व्यक्ति हो तो उसको मंदिर परिसर में चंदन या तिलक नहीं लगाया जाएगा। दूसरा अब किसी को चरणामृत भी नहीं दिया जाएगा और तीसरा और सबसे अहम यह कि अब दर्शनार्थी पुजारी को पैसा देने के बजाय केवल दान पत्र में ही अर्पण कर सकेंगे। जिसको लेकर अयोध्या के राजपुरोहित मधुर महाराज ने राम मंदिर ट्रस्ट के इस नए नियम के प्रति अपना विरोध जताया है।</div>
<div>  </div>
<div>राजपुरोहित मधुर महाराज ने कहा कि भक्तों के तार सभी भगवान के साथ पूरी तरह से जुड़ते</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142455/new-rule-of-ram-mandir-trust-deceives-crores-of-sanatani"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/img-20240623-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लखनऊ </strong>अयोध्या के राम मंदिर की व्यवस्था में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। अब कोई खास व्यक्ति हो तो उसको मंदिर परिसर में चंदन या तिलक नहीं लगाया जाएगा। दूसरा अब किसी को चरणामृत भी नहीं दिया जाएगा और तीसरा और सबसे अहम यह कि अब दर्शनार्थी पुजारी को पैसा देने के बजाय केवल दान पत्र में ही अर्पण कर सकेंगे। जिसको लेकर अयोध्या के राजपुरोहित मधुर महाराज ने राम मंदिर ट्रस्ट के इस नए नियम के प्रति अपना विरोध जताया है।</div>
<div> </div>
<div>राजपुरोहित मधुर महाराज ने कहा कि भक्तों के तार सभी भगवान के साथ पूरी तरह से जुड़ते हैं जब उस मंदिर में प्रसाद मिले और टिका लगे,ऐसे में इस तरह का फैसला सनातनियों के साथ छलावा करने जैसी बात हो जायेगी,जिन सनातनियों के साथ अयोध्या  जुड़ना चाहता है उनसे जुड़ने में उन्हें कठिनाई होगी।मंदिर ट्रस्ट को इस बारे में एक बार पुनः विचार करने की जरूरत हैं जिसमे पुजारियों या दर्शनार्थियों की आस्था को चोट न पहुंचे मधुर ने कहा कुछ लोग ट्रस्ट में ऐसे है जो मंदिर को पूजा स्थल नही बलिक टूरिस्ट स्थल बनाने में लगे है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/142455/new-rule-of-ram-mandir-trust-deceives-crores-of-sanatani</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Jun 2024 17:08:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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