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                <title>milibhagat - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>milibhagat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिचौलिया और रोजगार सेवक की मिली भगत से तेतरिया पंचायत में चल रही है श्रमिको की फर्जी हाजरी, मनरेगा में लूट की मची छूट</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>मंडरो, झारखंड:- </strong>मंडरो प्रखंड अंतर्गत तेतरिया पंचायत  इन दिनों  फर्जीवाड़ा के मामले में सुर्खियों में बना हुआ है। हर दिन कोई न कोई नया मामला देखने को मिलता है वही आपको बता दे कि इन दिनों तेतरिया पंचायत के बासकोडीह गांव में बैजून मरांडी के जमीन पर मेडबंदी सह समतलीकरण,बासकोडीह गांव में बहामय मुर्मू के जमीन पर मेडबंदी सह समतलीकर सहित अन्य कई योजनाओं में दर्जनों की संख्या में फर्जी डिमांड का खेल खेला जा रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>जिसमें तेतरिया पंचायत के रोजगार सेवक सहित तेतरिया गांव के एक विशेष बिचौलिया(पूर्व नेता)  की मिली भगत से लाखों रुपए की अवैध रूप</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150545/bichulia-and-employment-servants-got-the-bhagat-in-tetria-panchayat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/news-21.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मंडरो, झारखंड:- </strong>मंडरो प्रखंड अंतर्गत तेतरिया पंचायत  इन दिनों  फर्जीवाड़ा के मामले में सुर्खियों में बना हुआ है। हर दिन कोई न कोई नया मामला देखने को मिलता है वही आपको बता दे कि इन दिनों तेतरिया पंचायत के बासकोडीह गांव में बैजून मरांडी के जमीन पर मेडबंदी सह समतलीकरण,बासकोडीह गांव में बहामय मुर्मू के जमीन पर मेडबंदी सह समतलीकर सहित अन्य कई योजनाओं में दर्जनों की संख्या में फर्जी डिमांड का खेल खेला जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>जिसमें तेतरिया पंचायत के रोजगार सेवक सहित तेतरिया गांव के एक विशेष बिचौलिया(पूर्व नेता)  की मिली भगत से लाखों रुपए की अवैध रूप से फर्जी तरीके से पैसे की निकासी की जा रही है। साथ ही साथ दर्जनों मजदूर झारखंड राज्य से बाहर काम करने गए हैं उनके नाम पर भी बिचौलिया और रोजगार सेवक की मिली भगत से फर्जी तरीके से डिमांड कराकर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>क्षेत्र के कुछ बुद्धिजीवी लोगों का कहना है कि बाहर में रहने वाले लोगों के खाते में मजदूरी पैसा जाने पर फोन पे के माध्यम से पैसे को मंगवा लिया जाता है।जिसमें प्रत्येक सप्ताह का 200 या 300 उन्हें भी दे दिया जाता है।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे में आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं कि शासकीय धन का किस तरह से दुरूपयोग किया जा रहा है, आखिर किस के इशारे पर इतना बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है जबकि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त करने की दावा करती है।</div>
<div> </div>
<div> मनरेगा योजना में घोटाले बाजों की जड़े इतनी मजबूत है कि किसी भी ग्रामीण में इतनी हिम्मत नहीं होती की खुलकर इसका विरोध कर सके अगर किसी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई तो उसकी हर तरह से इतना प्रताड़ित व पीड़ित कर दिया जाता है कि वह थक हार कर घर पर बैठ जाता है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 14:04:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी मास्टर रोल एवं फर्जी फोटो अपलोड कर मनरेगा योजना को लग रही चपत</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लखीमपुर खीरी- </strong>विकासखंड लखीमपुर की ग्राम पंचायत चोरहा में जिम्मेदार अधिकारी पंचायत सचिव एवं रोजगार सेवक की मिली भगत एवं खाऊ कुमाऊ नीति के चलते मनरेगा योजना मे फर्जीवाड़ा एवं भ्रष्टाचार का खेल जमकर खेला जा रहा है उक्त लोगों के बीच चल रही मिली भगत से मनरेगा के तहत मजदूरों के खाते में हजारों रुपए ट्रांसफर कराकर और फिर खाते में पैसा निकलवा कर बंदर बांट करके अपनी तिजोरिया भरी जा रही है विभागीय सूत्रों के अनुसार जनपद के अधिकांश ग्राम पंचायत में सारा कार्य ठेके पर कराया जा रहा है। </div>
<div>  </div>
<div>इसकी जानकारी समस्त खंड विकास अधिकारियों से लेकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150453/mnrega-scheme-is-getting-uploaded-by-uploading-fake-master-rolls"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/photo-03-.--.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी- </strong>विकासखंड लखीमपुर की ग्राम पंचायत चोरहा में जिम्मेदार अधिकारी पंचायत सचिव एवं रोजगार सेवक की मिली भगत एवं खाऊ कुमाऊ नीति के चलते मनरेगा योजना मे फर्जीवाड़ा एवं भ्रष्टाचार का खेल जमकर खेला जा रहा है उक्त लोगों के बीच चल रही मिली भगत से मनरेगा के तहत मजदूरों के खाते में हजारों रुपए ट्रांसफर कराकर और फिर खाते में पैसा निकलवा कर बंदर बांट करके अपनी तिजोरिया भरी जा रही है विभागीय सूत्रों के अनुसार जनपद के अधिकांश ग्राम पंचायत में सारा कार्य ठेके पर कराया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>इसकी जानकारी समस्त खंड विकास अधिकारियों से लेकर उपायुक्त मनरेगा तक को होने के बावजूद सभी मौन धारण किए हुए हैं ब्लॉक स्तर पर चल रहे 30 से 40% कमीशन  ने सभी की जुबान पर गांधी छाप ताला लगा रखा है सूत्रों की माने तो अधिकांश रोजगार सेवक आज अपनी ग्राम पंचायत का काम देखने की बजाय पूरे ब्लॉक में एक बड़े स्तर पर मनरेगा का काम ठेके पर करते देखे जा सकते हैं यही कारण है मनरेगा के फर्जीवाड़ा और मानक विपरीत घटिया किस्म निर्माण कराये जाने की प्रथा पर रोक नहीं लग पा रही है। </div>
<div> </div>
<div>ताजा मामला ग्राम पंचायत चोरहा का है जहां पर फर्जी हाजिरी भरकर अपने चहेते ऐसे लोगों के नाम पैसा निकाला जा रहा है जो कभी काम करने गए ही नहीं आलम तो यह है कि प्रधान रोजगार के द्वारा अपने निजी व व्यक्तिगत लोगों को कभी मेट तो कभी पानी पिलाने वाला और मिस्त्री दिखाकर हजारों रुपए उनके खाते से ट्रांसफर करके कमाई की जा रही है ग्राम पंचायत चोरहा में मजदूरी करने वाले मनरेगा मजदूरों को दिए गए भुगतान पर एक नजर डालें तो लगभग 50-प्रतिशत लोग ऐसे हैं।</div>
<div> </div>
<div>जो कभी घर से बाहर नहीं गए और उनके नाम 100 दिन या उससे कम कुछ दिन 46 दिन का भुगतान निकल गया है वहीं कुछ लोग ऐसे भी दिखे कार्यस्थल पर जो घूमने टहलने गए और जब उसे जानकारी लेना का प्रयास किया गया तो उन्होंने तपाक से बताया कि  मेट हूं काम करवा रहा हूं अब सवाल यह उठता है एक ग्राम पंचायत में कितने मेट हो सकते हैं नियमता तो एक ही मेट होता है सबसे मजेदार बात तो यह है जो लोग घर से बाहर कभी नहीं निकलते वह मनरेगा की मलाई उड़ा रहे हैं। </div>
<div> </div>
<div>आदमी की आड में बैंक से घर बैठे पैसा निकाल रहे हैं ग्राम पंचायत चोरहा में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में भ्रष्टाचार का तड़का लग चुका है पूरा मामला ग्राम पंचायत चोरहा का है जहां के कुछ खास ग्रामीणों के खाते में बिना काम किया मनरेगा का पैसा ग्राम पंचायत सचिव रोजगार सेवक व प्रधान  की मिली भगत से अपने चहेते लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर करके उसे निकलवा कर आपस में बंदरबाट किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना है। </div>
<div> </div>
<div>यह खेल पिछले कई सालों से जिम्मेदार लोगों के संरक्षण में चलाया जा रहा है अब देखना यह होगा कि प्रकाशित खबर का संज्ञान ग्रहण करते हुए इन फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंडों के विरुद्ध कोई कार्रवाई होगी या फिर फिक्स कमीशन के फेर में मामले को यूं ही दबा दिया जाएगा शेष अगले अंक में फर्जी खातों में पैसा भेजे जाने का साक्ष्यो सहित प्रकाशित की जायेगी पड़ताल निरंतर जारी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 14:23:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से कांटे जा रहे है हरे सागवन के पेड़</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले केमुन्डेरवा थाना क्षेत्र के गांव में पेड़ो को वन माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से बिना परमिट हरे पेड़ो को कटा जा रहा है, लेकिन स्थानीय पुलिस व वन विभाग के जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी. वन विभाग के मिली भगत से अरे पेड़ों पर चल रहा प्रशासन का सहमति से हरे पेड़ों को काट कर रहे बन माफ किया</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन शिकायत के बावजूद भी ना तो वन विभाग कोई कार्रवाई कर रही है और पुलिस तो अपना हिस्सा लेकर के रखा दफा कर देती है ऐसे में कैसे पर्यावरण को सुरक्षित रखा जाएगा जब जिम्मेदारों द्वारा</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149590/green-teak-trees-are-being-thorned-by-forest-mafia-indiscriminately"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250307-wa0226.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले केमुन्डेरवा थाना क्षेत्र के गांव में पेड़ो को वन माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से बिना परमिट हरे पेड़ो को कटा जा रहा है, लेकिन स्थानीय पुलिस व वन विभाग के जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी. वन विभाग के मिली भगत से अरे पेड़ों पर चल रहा प्रशासन का सहमति से हरे पेड़ों को काट कर रहे बन माफ किया</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन शिकायत के बावजूद भी ना तो वन विभाग कोई कार्रवाई कर रही है और पुलिस तो अपना हिस्सा लेकर के रखा दफा कर देती है ऐसे में कैसे पर्यावरण को सुरक्षित रखा जाएगा जब जिम्मेदारों द्वारा काटन को रोकने में नाकामयाब है वन माफियाओं से मोटी रकम लेकर वन विभाग हरे पेड़ों पर आर चलवा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय पुलिस की मिली भगत से ग्रामीण क्षेत्रों में हरे पेड़ों की कटाई जोरों पर चल रही है प्रशासन वन विभाग व स्थानीय पुलिस मूक दर्शक बने बैठे हैं। कैसे हरियाली की रक्षा कर पाएंगे बन प्रहरी पेड़ों की सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रहे हैं पेड़ों को रखवाली करने वाले जब बाल माफिया से मोटी रकम लेकर के तथा पुलिस विभाग की मिली भगत से बन माफिया सक्रिय साबित हो रहे हैं वहीं वन विभाग और पुलिस निष्क्रिय साबित हो रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 19:38:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोन वन रेंज की भूमि पर कब्जा बदस्तुर् जारी, विभाग मौन, लोगों ने लगाया धन उगाही का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सोनभद्र/ </strong>उत्तर प्रदेश ओबरा वन प्रभाग के वन रेंज कोन इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ। जहाँ एक तरफ वन माफियाओं के हौसलें इतने बुलंद हैं कि संबंधित विभाग अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है या फिर उनकी मौन सहमति से क्षेत्रों में कार्य चल रहा है। ताजा मामला वन रेंज कोन के सेक्सन् कोन अन्तर्गत चांचीकला / नरहटी का है जहाँ लोग स्थानीय कर्मचारी की मिलीभगत से वन भूमि पर घर तक बना ले रहे हैं । जिसके क्रम में स्थानीय निवासी अंगद, प्रदीप, मानिकचंद , इंद्रदेव, विनोद, नन्द लाल आदि लोगों ने वन विभाग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149570/considers-of-the-land-of-con-one-range-continued-unabated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/1-+-+---.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सोनभद्र/ </strong>उत्तर प्रदेश ओबरा वन प्रभाग के वन रेंज कोन इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ। जहाँ एक तरफ वन माफियाओं के हौसलें इतने बुलंद हैं कि संबंधित विभाग अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है या फिर उनकी मौन सहमति से क्षेत्रों में कार्य चल रहा है। ताजा मामला वन रेंज कोन के सेक्सन् कोन अन्तर्गत चांचीकला / नरहटी का है जहाँ लोग स्थानीय कर्मचारी की मिलीभगत से वन भूमि पर घर तक बना ले रहे हैं । जिसके क्रम में स्थानीय निवासी अंगद, प्रदीप, मानिकचंद , इंद्रदेव, विनोद, नन्द लाल आदि लोगों ने वन विभाग के स्थानीय कर्मचारियों के ऊपर हरे पेड़ों की कटान करवाकर वन भूमि पर कब्जा व धन उगाही करने का आरोप लगाया है।</div>
<div> </div>
<div>जबकि शिकायतकर्ताओं द्वारा विभाग को बार बार अवगत कराया जा रहा है फिर भी वन विभाग मौन है। नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय लोगोँ ने बताया कि कोन वन रेंज में वन माफियाओं के सामने नतमस्तक हैं जहाँ क्षेत्रों में वन भूमि पर कब्जा व क्षेत्रों में अबैध खनन, परिवहन व कीमती पेड़ों की कटान व बबूल की पेड़ की आड़ में कीमती पेड़ों का परिवहन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फल फूल रहा है। जिसे विभाग की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>इसी क्रम में बतातें चलें कि वन रेंज कोन के कोन, बागेसोती , भालुकूदर, हर्रा में वन भूमि पर अबैध कब्जा करना जारी है वहीं विभाग कार्यवाही के नाम पर शिकायतकर्ताओं से लिखित शिकायत करने की बात कर पल्ला झाड़ लेते हैं ।जब लिखित शिकायत की जाती है तो संबंधित जाँच अधिकारी द्वारा घर बैठे बैठे माफियाओं के बचाव पक्ष में जाँच आख्या लगा दी जाती है। आखिर सबसे बड़ा सवाल उठता है कि संबंधित विभाग इन माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं करता जबकि भ्रस्टाचार के मामले में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री का स्पस्ट निर्देश है कि प्रदेश सरकार माफियाओं को मिट्टी में मिलाने के कटिबद्ध है।</div>
<div> </div>
<div>वहीं दूसरी तरफ कुछ जानकारों का कहना है कि प्रदेश के मुखिया का जीरो टालरेंस की नीति प्लाप् साबित हो रहा है। इस बावत प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा से मोबाइल पर सम्पर्क किया गया जिसके क्रम में उन्होंने क्षेत्रीय वनाधिकारी को अवगत कराने को कहा । तदोपरांत वन क्षेत्राधिकारी कोन के मोबाइल पर सम्पर्क किया गया जिस पर उन्होंने बीट अधिकारी को भेजकर कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया ।बहरहाल दोनों अधिकारियों ने कार्यवाही कराने का आश्वासन जरूर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कार्यवाही होता है या कागज तक सिमट कर रह जाता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 13:43:39 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सचिव और टी ए की मिलीभगत से खड़ंजा निर्माण कार्य में पीले रंग के ईंट का हो रहा प्रयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के विकासखंड गौर से अंतर्गत ग्राम पंचायत कुर्दा में गुणवत्ता विहीन / मानक विहीन खड़ंजा निर्माण कार्य चल रहा है । खड़ंजा निर्माण कार्य में पीले रंग के ईंटों का प्रयोग हो रहा है । खड़ंजा निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन / मानक विहीन होने के कारण ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है । ग्रामीणों ने बताया कि खड़ंजा निर्माण कार्य आगे चल रहा है और पीछे ईंट उखड़ / टूट रहा है जब निर्माण करते समय ईंट उखड़ / टूट रहा है तो या खड़ंजा ज्यादा दिन तक चलना मुश्किल है अर्थात खड़ंजा निर्माण कार्य के नाम पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149542/use-of-yellow-brick-in-khadanja-construction-work-with-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250306-wa0215.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के विकासखंड गौर से अंतर्गत ग्राम पंचायत कुर्दा में गुणवत्ता विहीन / मानक विहीन खड़ंजा निर्माण कार्य चल रहा है । खड़ंजा निर्माण कार्य में पीले रंग के ईंटों का प्रयोग हो रहा है । खड़ंजा निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन / मानक विहीन होने के कारण ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है । ग्रामीणों ने बताया कि खड़ंजा निर्माण कार्य आगे चल रहा है और पीछे ईंट उखड़ / टूट रहा है जब निर्माण करते समय ईंट उखड़ / टूट रहा है तो या खड़ंजा ज्यादा दिन तक चलना मुश्किल है अर्थात खड़ंजा निर्माण कार्य के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट करने का प्रयास किया जा रहा है ।</div>
<div> </div>
<div>ग्राम प्रधान के भ्रष्टाचार रूपी नैया पार कराने में सचिव / सिकरेटरी एवं तकनीकी सहायक ( जेई / टीए ) सहयोगी बने हुए हैं । प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश का दावा करती है लेकिन जिम्मेदार प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फेरने से नही चुकते है जिससे प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हो रही है । उक्त प्रकरण में सचिव एवं तकनीकी सहायक ने मीडिया के फोन को रिसीव नहीं किया तथा खंड विकास अधिकारी गौर के० के० सिंह ने कहा कि जांच करवाते हैं और जांच आख्या के आधार पर कारवाई की जाएगी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 15:52:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाल्टरगंज पुलिस व प्रशासन की मिली भगत से हो रहा अवैध खनन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जनपद में इन दिनों मिट्टी खनन का कारोबार बिना किसी रोक टोक के चल रहा है। भोर होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं बंजर भूमि से तो कहीं खेतों में जेसीबी लगाकर मिट्टी खनन शुरू हो जाता है। इतना ही नहीं मिट्टी ढोने के लिए सर्वाधिक कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रालियों का प्रयोग नियम विरुद्ध किया जा रहा है। खनन विभाग सब कुछ जानते हुए भी इसे रोकने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है जबकि पुलिस कहती है कि अवैध खनन रोकना उनका काम नहीं है। मिट्टी माफिया किसी नियम कानून की परवाह किए बगैर अवैध रूप</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149541/walterganj-police-and-administration-got-illegal-mining"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250306-wa0214.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जनपद में इन दिनों मिट्टी खनन का कारोबार बिना किसी रोक टोक के चल रहा है। भोर होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं बंजर भूमि से तो कहीं खेतों में जेसीबी लगाकर मिट्टी खनन शुरू हो जाता है। इतना ही नहीं मिट्टी ढोने के लिए सर्वाधिक कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रालियों का प्रयोग नियम विरुद्ध किया जा रहा है। खनन विभाग सब कुछ जानते हुए भी इसे रोकने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है जबकि पुलिस कहती है कि अवैध खनन रोकना उनका काम नहीं है। मिट्टी माफिया किसी नियम कानून की परवाह किए बगैर अवैध रूप में मिट्टी खनन कराने में लगे हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>वाल्टरगंज थाना क्षेत्र गनेशपुर चौकी क्षेत्र डमरुआ जंगल ग्राम पंचायत मे किसानों के खेतों में भी मिट्टी की खोदाई की जा रही है। सूत्रों की माने तो नियमों को अनदेखा कर मानको से अधिक मिट्टी की खुदाई की जा रही है सड़के बर्बाद हो रही है । राहगीर परेशान है लगातार मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रालियों के आवागमन से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का बुरा हाल है। कई सड़कें टूट जा रही हैं तो कई पर छह-छह इंच धूल की परत जमी है। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ जाती है।</div>
<div> </div>
<div>साइकिल सवार हो या बाइक सवारों के कपड़ों पर धूल जम जाती है और उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। मिट्टी खनन का नियम मिट्टी खनन के लिए विभागीय पोर्टल पर अधिकतम 100 घन मीटर साधारण मिट्टी के खनन व परिवहन के लिए अनुमति लेने के लिए आनलाइन आवेदन किया जाना अनिवार्य है। बिना इसके मिट्टी खनन अवैध माना जाएगा। मिट्टी खनन के बाद उसके व्यावसायिक उपयोग में व्यावसायिक वाहनों का ही प्रयोग करें किया जाना चाहिए, जबकि कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रालियों का प्रयोग किया जा रहा है। वही ट्रैक्टर ट्राली के अलावा डालने से ओवरलोड मिट्टी लाकर डंपर निकल रहे हैं लेकिन उन डंपरों में ना तो कोई रजिस्ट्रेशन है और ना कोई नंबर प्लेट लगे हैं वह धरालय से ओवरलोड मिट्टी लाकर सड़कों से गुजर रहे हैं जहां सड़के धंस जा रही हैं।</div>
<div> </div>
<div>जिले में वाटर गन थाना क्षेत्र ही नहीं कई ऐसे थाना क्षेत्र में मिट्टी का खनन धड़ल्ले से चलाया जा रहा है पुलिस कहती है कि उसका काम नहीं है लेकिन सूत्रों की माने तो वाल्टरगंज पुलिस की मिलीभगत और खनन अधिकारी की मिली भगत से धड़ल्ले अवैध तरीके से मिट्टी खनन की जा रही है ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में नल का पानी जा रहा था लेकिन खानम माफिया और मिलकर पानी भी जाने से रोक दिए हैं यही नहीं किसान ने बताया की खेती किनारे छप्पर में गोबर का उपला रखा हुआ था।</div>
<div> </div>
<div>जिसको जेसीबी से धकेल दिया गया है महिलाएं भूखनन माफियाओं से परेशान है कहते हैं कि छोटे-छोटे बच्चे हैं बारिश में यहां पानी भर जाता है बगल में नदी है बाढ़ आ जाती है बगैर गड्ढे के पानी तो घरों में आ जाता है लेकिन इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं जिसमें बच्चों के डूबने का डर सता रहा है लेकिन जिम्मेदार है उनका क्या लेना देना उनके जीवन गर्म हो रही हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 15:44:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नहर विभाग की निगरानी के बावजूद लूट का खेल जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>इन्हौना/अमेठी। </strong>योगी सरकार की सख्ती के बावजूद अमेठी में मिट्टी खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है। रॉयल्टी जमा होने के बावजूद नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। नहर विभाग की निगरानी के बावजूद सवाल उठता है। अगर सबकुछ सही ही हो रहा है, तो फिर गड़बड़झाला क्यों नहीं रुक रहा। ग्रामीण परेशान मिट्टी ढोते डंपरों से सड़कें बर्बाद ग्रामीण अवधेश त्रिपाठी, राम शंकर, पवन कुमार समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि इन्हौना रजबहा की सफाई के बाद निकाली गई मिट्टी को अवैध रूप से उठाया जा रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>भारी डंपरों की आवाजाही से सड़कें टूट रही हैं और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149312/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/7.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>इन्हौना/अमेठी। </strong>योगी सरकार की सख्ती के बावजूद अमेठी में मिट्टी खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है। रॉयल्टी जमा होने के बावजूद नियम ताक पर रखे जा रहे हैं। नहर विभाग की निगरानी के बावजूद सवाल उठता है। अगर सबकुछ सही ही हो रहा है, तो फिर गड़बड़झाला क्यों नहीं रुक रहा। ग्रामीण परेशान मिट्टी ढोते डंपरों से सड़कें बर्बाद ग्रामीण अवधेश त्रिपाठी, राम शंकर, पवन कुमार समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि इन्हौना रजबहा की सफाई के बाद निकाली गई मिट्टी को अवैध रूप से उठाया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>भारी डंपरों की आवाजाही से सड़कें टूट रही हैं और धूल से लोग परेशान हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। हालत यह है कि मिट्टी ढोने वाले डंपर बिना वैध कागजातों के धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। नहर विभाग की जांच के बावजूद क्यों जारी है गड़बड़झाला । अगर नहर विभाग की निगरानी सही तरीके से हो रही है, तो फिर मिट्टी की अंधाधुंध खुदाई क्यों जारी है?</div>
<div> </div>
<div>क्या सिर्फ कागजी खानापूर्ति हो रही है, या फिर यह किसी मिलीभगत का नतीजा है। सरकार की सख्ती बेअसर, क्या होगी ठोस कार्रवाई? योगी सरकार ने अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन अमेठी में इसका कोई असर नहीं दिख रहा। अब देखना होगा कि क्या प्रशासन इस खेल पर लगाम लगाएगा या फिर यह मामला सीधे मुख्यमंत्री तक जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149312/%C2%A0</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:47:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार की  सिरमौर बनी विकासखंड रमियाबेहड़  की दर्जनों ग्राम पंचायते </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> विकासखंड रामिय बेहड  44 ग्राम पंचायत में 13 ग्राम पंचायत सचिव किए गए विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों में नियुक्ति तब भी विकास कार्य को लग गया दीमक योगी सरकर ग्राम पंचायत विकास के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके लेकिन विकास कर के लिए जो पैसा भेजा जता है वो पुरी तरह से ग्राम पंचायत में नहीं लग पा रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>इंटरलॉकिंग हो या फिर अन्य विकास कार्य हो या फिर कोई भी योजनाएं हो सब में गोल मेटर चल रहा है हैंड पंप रीबोर में लाखों का घोटाला 25 से 26000 फर्म को पेमेंट किया जता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149007/dozens-of-gram-panchayats-of-ramiabehar-a-development-block-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/0.00412.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी-</strong> विकासखंड रामिय बेहड  44 ग्राम पंचायत में 13 ग्राम पंचायत सचिव किए गए विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों में नियुक्ति तब भी विकास कार्य को लग गया दीमक योगी सरकर ग्राम पंचायत विकास के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके लेकिन विकास कर के लिए जो पैसा भेजा जता है वो पुरी तरह से ग्राम पंचायत में नहीं लग पा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इंटरलॉकिंग हो या फिर अन्य विकास कार्य हो या फिर कोई भी योजनाएं हो सब में गोल मेटर चल रहा है हैंड पंप रीबोर में लाखों का घोटाला 25 से 26000 फर्म को पेमेंट किया जता है फॉर्म को मिलता है केवल 13 से 14000 बाकी पैसा प्रधानमंत्री ग्राम पंचायत सचिव की मिलीभगत से फॉर्म पे पैसा भेजा जता हैआरोप है की कागजओं पर कम दिखाकर लाखों रुपए हजम 44 ग्राम पंचायतों में कार्य कराने के लिए 13 ग्राम पंचायत सचिव किए गए नियुक्त जहां पर विकास कार्य केवल कागजओं पे करवाया जता है आरोप है की ग्राम पंचायतों में जो विकास कार्य करवाए गए हैं। </div>
<div> </div>
<div>उसमें प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव की मिलीभगत से विकास कार्य में घोटालेबाजी की गई है जमकर किया गया है किसी किसी ग्राम पंचायतों में तो ठेके सें   इंटरलॉकिंग कार्य करवाया गया है विकासखंड में जो भी कार्य करवाए जाते हैं वाह 50% जमीनी पर कार्य होता है 50% दिखता है कार्य जैसे की ग्राम निधि से लाखों रुपए का विकास कार्य करवाया जता है जहां पर ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान अपना हिस्सा पहले ही सोच  है की कहाँ से निकले वाही हिसाब से विकास कार्य करवाया जता है। </div>
<div> </div>
<div>ग्राम निधि से इंटरएक्टिंग खड़जा   निर्माण करवाया जता है हैंड पंप रीबोर फॉर्म पे सीधे पैसा भेजकर सीधा प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव की मिलीभगत से पैसा फर्म से वापस लिया जता है अभी कुछ दिन पहले विकासखंड धौराहरा मैं कुछ दिन पहले हैंड पंप रीबोर पे लाखों रुपए का घोटाला सामने आया था ऐसे ही अगर जो बहुत सारे मद  हैं जिससे पैसा निकला जा रहा है मनरेगा में जो विकास करवाए जाते हैं उसमें भी जमकर बंदरबाट किया जता है विकास खंड रामिया बेहड की लीला ऐसे ही है ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान की मिलीभगत से जमीनी पर कुछ और है जमीन पर विकास कार्य कुछ और ही बयां कर रही है कागज पे कुछ और है या है विकासखंड रामियाबेहड की विकास की लहर को लेकर शासन प्रशासन बना अंजान विकास कार्यों को दीमक की तरह ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम पंचायत प्रधान चट करते देखे जा सकते है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149007/dozens-of-gram-panchayats-of-ramiabehar-a-development-block-of</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 19:19:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती जनपद में जरूरतमंदों को जिला अस्पताल में नहीं मिल रहा आवास , सदर नाजिर की मिलीभगत से अवैध लोग कर रहे निवास</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में जहां एक तरफ जहाँ शासन ने चिकित्सक सहित सभी पैरामेडिकल स्टाफ को तैनाती परिसर में रहना अनिवार्य कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ जनपद में जरूरत मंदों को जिम्मेदारों द्वारा आवास ही नहीं आवंटित किया जा रहा है उल्टे सदर नाजिर की मिलीभगत से जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवास पर अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है ।</div>
<div>  </div>
<div>प्राप्त समाचार के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवासों में अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है जो जिम्मेदारों की दुरभि संधि के चलते खाली नहीं कर रहे हैं । आवासों में अवैध</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148839/in-basti-district-the-needy-is-not-getting-the-accommodation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250220-wa0167.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में जहां एक तरफ जहाँ शासन ने चिकित्सक सहित सभी पैरामेडिकल स्टाफ को तैनाती परिसर में रहना अनिवार्य कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ जनपद में जरूरत मंदों को जिम्मेदारों द्वारा आवास ही नहीं आवंटित किया जा रहा है उल्टे सदर नाजिर की मिलीभगत से जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवास पर अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है ।</div>
<div> </div>
<div>प्राप्त समाचार के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में स्थित सरकारी आवासों में अवैध लोगों ने कब्जा जमाया हुआ है जो जिम्मेदारों की दुरभि संधि के चलते खाली नहीं कर रहे हैं । आवासों में अवैध कब्जेदारी के चलते जरूरत मंदों को आवास आवंटित नहीं हो पा रहे हैं जिसके चलते अनिवार्य स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं । आवासों में जहाँ एक ओर पूर्व में तैनात कर्मचारियों के सम्बन्धियों ने कब्जा जमाया हुआ है तो वहीं दूसरी ओर ऐसे भी कर्मचारियों ने आवासों में कब्जा किया हुआ है जिसकी तैनाती जिला अस्पताल में न होकर कहीं अन्य जगह पर है । जिम्मेदारों के मिलीभगत एवं उदासीन रवैए के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148839/in-basti-district-the-needy-is-not-getting-the-accommodation</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 18:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन रेंज बेलरायां की मिलीभगत से हो हरा हरे वृक्षों का सफाया </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>तिकुनिया खीरी। </strong>वन रेंज बेलरायां व ठेकेदारों की मिलीभगत से रात के अंधेरे मे हरे भरे पेड़ो का हो रहा सफाया। सफाया करने के बाद पेड़ो की जड़ों पर मिट्टी डाल कर पेड़ो की जड़ों को छुपाया गया इससे की किसी यह पता ना चले कि यहां पर कोई पेड़ भी था। मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दे कि वन रेंज बेलरायां के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिंधौना के गांव अयोध्या पुरवा के निवासी राम नरेश कन्नौजिया की आम के बाग मे लगे हरे भरे पेड़ो का लकड़कठ्ठों ने परमिट से अधिक पेड़ो का किया अवैध कटान।</div>
<div> </div>
<div>अगर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148472/green-green-trees-are-eliminated-with-the-connivance-of-forest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/photo-08..........jpg" alt=""></a><br /><div><strong>तिकुनिया खीरी। </strong>वन रेंज बेलरायां व ठेकेदारों की मिलीभगत से रात के अंधेरे मे हरे भरे पेड़ो का हो रहा सफाया। सफाया करने के बाद पेड़ो की जड़ों पर मिट्टी डाल कर पेड़ो की जड़ों को छुपाया गया इससे की किसी यह पता ना चले कि यहां पर कोई पेड़ भी था। मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दे कि वन रेंज बेलरायां के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिंधौना के गांव अयोध्या पुरवा के निवासी राम नरेश कन्नौजिया की आम के बाग मे लगे हरे भरे पेड़ो का लकड़कठ्ठों ने परमिट से अधिक पेड़ो का किया अवैध कटान।</div>
<div> </div>
<div>अगर ऐसे ही होता रहा हरे भरे पेड़ो का कटान तो कैसे होगा ग्रीन इंडिया अब देखना यह होगा कि खबर चलने के बाद इन लकड़कट्ठों पर वन विभाग क्या कुछ कार्यवाही करता है।या ऐसे ही आगे भी इसी तरह कटते रहेंगे हरे भरे पेड़।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 19:19:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और रोजगार सेवक की मिलीभगत से भ्रष्टाचार चरम पर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>  गुणवत्ता विहीन खड़ंजा निर्माण</strong></div><div>अंबेडकर नगर जिले के ब्लॉक बसखारी के ग्राम सभा मुजाहिद्दीनपुर में खड़ंजा निर्माण में  गुणवत्ता विहीन  ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों के विरोध और शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। ग्राम सचिव ने इसे "मेरी जानकारी में है" कहकर ग्रामीणों की चिंताओं को अनदेखा कर दिया। प्रशासन की निष्क्रियता से यह मामला गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।</div><div><br /></div><div><strong>  मनरेगा में फर्जीवाड़ा</strong></div><div>मनरेगा योजना के तहत हो रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी का खेल खेला जा रहा है। जहां वास्तविकता में 10-15 मजदूर काम करते हैं, वहीं रोजगार सेवक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148028/corruption-at-its-peak-with-the-connivance-of-village-head"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/,,,8,,,,...,,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> गुणवत्ता विहीन खड़ंजा निर्माण</strong></div><div>अंबेडकर नगर जिले के ब्लॉक बसखारी के ग्राम सभा मुजाहिद्दीनपुर में खड़ंजा निर्माण में  गुणवत्ता विहीन  ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों के विरोध और शिकायत के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। ग्राम सचिव ने इसे "मेरी जानकारी में है" कहकर ग्रामीणों की चिंताओं को अनदेखा कर दिया। प्रशासन की निष्क्रियता से यह मामला गंभीर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।</div><div><br /></div><div><strong> मनरेगा में फर्जीवाड़ा</strong></div><div>मनरेगा योजना के तहत हो रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी हाजिरी का खेल खेला जा रहा है। जहां वास्तविकता में 10-15 मजदूर काम करते हैं, वहीं रोजगार सेवक की मिलीभगत से 40-45 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जाती है और उनका भुगतान किया जाता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत यह एक गंभीर अपराध है।</div><div><br /></div><div><strong> स्वास्थ्य केंद्र का असुरक्षित निर्माण</strong></div><div>एएनएम और RRC सेंटर तालाब के किनारे बनाए गए हैं, जिससे भविष्य में नवजात शिशुओं और माताओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं। बारिश के दौरान तालाब का कूड़ा और गंदगी इन केंद्रों तक पहुंचने की संभावना है। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद यह निर्माण जारी रखा गया, जो अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी को दर्शाता है।</div><div><br /></div><div><strong>भ्रष्टाचार की जड़ें</strong></div><div>ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक की मिलीभगत से विकास योजनाओं को पलीता लगाया जा रहा है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का बजट बंदरबांट में खत्म हो रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 166 (लोक सेवक द्वारा कर्तव्य पालन में विफलता) के उल्लंघन के गंभीर प्रमाण सामने आ रहे हैं।</div><div><br /></div><div><strong>जनता का बढ़ता आक्रोश</strong></div><div>ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और विरोधों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। जनता का कहना है कि उनकी बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह मामला प्रशासनिक उदासीनता और भ्रष्टाचार का उदाहरण बन चुका है।</div><div><br /></div><div><strong> भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग</strong></div><div> 1. धारा 166: लोक सेवकों की कर्तव्य पालन में विफलता पर कार्रवाई की जाए।</div><div> 2. धारा 420 और 409मनरेगा में फर्जी हाजिरी और भुगतान के लिए जिम्मेदार रोजगार सेवक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज हो।</div><div> 3. धारा 269 और 270तालाब के किनारे स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने के लिए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।</div><div> 4. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988ग्राम प्रधान अक्षैवर मौर्य, ग्राम सचिव राजीव वर्मा, रोजगार सेवक घनश्याम राजभर और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज हो।</div><div><br /></div><div><strong>ग्रामीणों द्वारा कार्यवाही  मांग </strong></div><div>1. निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए एक स्वतंत्र तकनीकी टीम नियुक्त की जाए।</div><div>2. मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों का सोशल ऑडिट करवाया जाए।</div><div>3. स्वास्थ्य केंद्रों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।</div><div>4. भ्रष्टाचार में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर जांच शुरू की जाए।</div><div>5. ग्रामीणों की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए और भ्रष्टाचार रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।</div><div>ग्राम सभा मुजाहिद्दीनपुर में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई करते हुए दोषियों को सख्त सजा देना समय की मांग है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला प्रशासनिक असफलता और जनता के लिए एक बड़ी त्रासदी बन सकता है। जनता को न्याय और विकास योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 17:50:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठेकेदारों का काकस, धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड ट्राला</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अंबेडकरनगर- </strong>  गन्ने की ढुलाई करा रहे ठेकेदारों का पूरे जिले में काकस है। एक तरफ गन्ना लदे ओवरलोड ट्राला सड़क पर दौड़ रहे हैं, वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों की सेटिंग के चलते इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। खासकर जाम लग रहा है। हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। इसके लिए मिल प्रबंधन भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।दरअसल, मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र चल रहा है। मुख्य गेट के अलावा चीनी मिल की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में तौल सेंटर स्थापित किए गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>चीनी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147654/contractors-caucus-overloaded-trolleys-running-rampantly"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अंबेडकरनगर- </strong> गन्ने की ढुलाई करा रहे ठेकेदारों का पूरे जिले में काकस है। एक तरफ गन्ना लदे ओवरलोड ट्राला सड़क पर दौड़ रहे हैं, वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों की सेटिंग के चलते इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। खासकर जाम लग रहा है। हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। इसके लिए मिल प्रबंधन भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।दरअसल, मिझौड़ा स्थित अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र चल रहा है। मुख्य गेट के अलावा चीनी मिल की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में तौल सेंटर स्थापित किए गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>चीनी मिल से दूर वाले किसान अपनी इन्हीं नजदीकी सेंटरों पर गन्ने की तौल कराते हैं। सेंटरों पर तौले गए गन्ने के ढुलाई ठेकेदारों के माध्यम से कराई जाती है। इसकी बाकायदा टेंडर प्रक्रिया कराई जाती है। ठेकेदार कमीशनबाजी के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्राली के बजाय ट्राला से गन्ने की ढुलाई कराते हैं। बताया जा रहा है कि ठेकेदार और परिवहन विभाग के अफसरों की मिलीभगत से यह कार्य कराया जा रहा है। इससे चीनी मिल जाने वाले मार्ग पर आए दिन जाम लगता है।</div>
<div> </div>
<div>हादसे का अंदेशा रहता है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर परिवहन विभाग के अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। चीनी मिल प्रबंधन भी इस ओर ध्यान नहीं देता। उधर, एआरटीओ (प्रवर्तन) सतेंद्र यादव का कहना है कि मामला किसानों से जुड़ा है। इसलिए कार्रवाई सोच समझकर की जाती है।गन्ना लदे ओवरलोड ट्राला संचालित किए जाने से सड़कें भी खस्ताहाल हो रही हैं। सड़कों के गड्ढों में तब्दील होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके परिवहन विभाग के अधिकारियों की ओर से ओवरलोड वाहनों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं। इससे लोगों में गहरी नाराजगी बढ़ती जा रही है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147654/contractors-caucus-overloaded-trolleys-running-rampantly</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 20:11:33 +0530</pubDate>
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