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                <title>अवैध खनन - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>अवैध खनन RSS Feed</description>
                
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                <title>बिना शुल्क जमा किये चल रहा था ईंट भट्ठा, कार्रवाई में टिपर जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>खान निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया है कि जनपद में बिना विनियमन शुल्क जमा किए भट्ठे के संचालन करने पर उनके विरूद्ध लगातार नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। इस क्रम में 18 अप्रैल को तहसील लालगंज के ग्राम मेढ़ावा में स्थित मे० गोविन्द ब्रिक फील्ड प्रो० महिमा सिंह द्वारा वर्ष 2023-24 व 2025-26 में बिना विनियमन शुल्क जमा किए ईंट बनाने हेतु प्रयोग में लायी जाने वाली मिट्टी का खनन करते हुए भठ्ठे का संचालन किया जा रहा था। जिससे राजस्व की क्षति हो रही थी। भठ्ठा स्वामी को बकाया विनियमन शुल्क जमा किए जाने हेतु भठ्ठे पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176735/tipper-seized-in-brick-kiln-operation-without-depositing-duty"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/417.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>खान निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया है कि जनपद में बिना विनियमन शुल्क जमा किए भट्ठे के संचालन करने पर उनके विरूद्ध लगातार नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। इस क्रम में 18 अप्रैल को तहसील लालगंज के ग्राम मेढ़ावा में स्थित मे० गोविन्द ब्रिक फील्ड प्रो० महिमा सिंह द्वारा वर्ष 2023-24 व 2025-26 में बिना विनियमन शुल्क जमा किए ईंट बनाने हेतु प्रयोग में लायी जाने वाली मिट्टी का खनन करते हुए भठ्ठे का संचालन किया जा रहा था। जिससे राजस्व की क्षति हो रही थी। भठ्ठा स्वामी को बकाया विनियमन शुल्क जमा किए जाने हेतु भठ्ठे पर जाकर खनन विभाग द्वारा कई बार नोटिस दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परन्तु भठ्ठा स्वामी द्वारा विनियमन शुल्क की धनराशि जमा नहीं करायी गयी, जिस कारण नायब तहसीलदार रामपुर खास तहसील लालगंज, क्षेत्रीय लेखपाल व खान निरीक्षक एवं थाना लालगंज के पुलिस बल द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए हुए भट्ठे पर कार्यरत  मिट्टी से लदी हुयी एक टिपर पकड़ कर थाना लालगंज की अभिरक्षा में दिया गया है। खान निरीक्षक द्वारा बताया गया कि जनपद में बिना बिनियमन शुल्क जमा किए गये समस्त ईट भट्ठों को चिन्हित कर उस पर कार्यवाही की जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 19:25:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>अवैध खनन और कानून व्यवस्था पर हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">देश के कई हिस्सों में अवैध खनन केवल पर्यावरण की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना क्षेत्र में घटी घटना ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया। एसआई सुरेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ खनन चेकिंग ड्यूटी पर थे, जब उन्हें सूचना मिली कि बिना ई-रवाना या अनुमति के मिट्टी का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। पुलिस टीम ने गाड़ी नंबर एसआर 6, 4384 को रोका, लेकिन चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170637/illegal-mining-and-attack-on-law-and-order-require-strict"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/अरावली-संरक्षण.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">देश के कई हिस्सों में अवैध खनन केवल पर्यावरण की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना क्षेत्र में घटी घटना ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया। एसआई सुरेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ खनन चेकिंग ड्यूटी पर थे, जब उन्हें सूचना मिली कि बिना ई-रवाना या अनुमति के मिट्टी का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। पुलिस टीम ने गाड़ी नंबर एसआर 6, 4384 को रोका, लेकिन चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने न केवल प्रशासन बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गाड़ी को आरटीए पार्किंग भेजने का निर्णय लिया, तो आरोपियों ने खुलेआम पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाली। रास्ते में एक अन्य वाहन HR26CM 2871 को आगे लगाकर पुलिस की गाड़ी रोकी गई, सिपाही को जबरन नीचे उतारा गया और जब्त की गई गाड़ी छीनकर फरार हो गए। इतना ही नहीं, जाते-जाते मिट्टी को सड़क पर खाली कर दिया गया और पुलिस को धमकी दी गई कि “पंगा मत लेना।” यह केवल एक गाड़ी छीनने की घटना नहीं है, बल्कि यह राज्य की कानूनी व्यवस्था को खुली चुनौती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अवैध खनन लंबे समय से देश के विभिन्न राज्यों में फल-फूल रहा है। यह गतिविधि नदियों, खेतों और सार्वजनिक भूमि को नुकसान पहुंचाती है। इससे भू-क्षरण बढ़ता है, जलस्तर प्रभावित होता है और पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता है। लेकिन जब अवैध खनन करने वाले तत्व पुलिस या प्रशासन पर ही हमला करने लगें, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है। यह दर्शाता है कि कुछ लोगों में कानून का भय कम हो रहा है और वे संगठित तरीके से प्रशासन को चुनौती देने का साहस जुटा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसी घटनाओं के पीछे अक्सर आर्थिक लालच और संगठित गिरोहों की भूमिका होती है। अवैध खनन से त्वरित लाभ मिलता है, इसलिए इसमें शामिल लोग जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं। कई बार स्थानीय स्तर पर दबाव, राजनीतिक संरक्षण या सामाजिक प्रभाव के कारण भी इन तत्वों के हौसले बुलंद रहते हैं। जब सख्त और त्वरित दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तो यह संदेश जाता है कि कानून से बच निकलना संभव है। यही कारण है कि बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय कानून में सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और अवैध खनन जैसे अपराधों के लिए प्रावधान मौजूद हैं। भारतीय दंड संहिता के तहत सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना दंडनीय अपराध है। अवैध खनन के लिए खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के तहत भी सख्त प्रावधान हैं। इसके बावजूद यदि जमीनी स्तर पर इन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होता, तो उनका अस्तित्व मात्र कागजी बनकर रह जाता है। कानून का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि अपराध को रोकना भी होता है। जब दंड का भय समाप्त हो जाता है, तो अपराधी तत्व निर्भीक हो जाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रकार की घटनाएं पुलिस बल के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। जो कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी निभाते हैं, यदि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाए या उनके साथ धक्का-मुक्की कर सरकारी वाहन छीना जाए, तो यह न केवल व्यक्तिगत अपमान है बल्कि पूरे तंत्र की प्रतिष्ठा पर आघात है। यदि पुलिसकर्मियों को यह भरोसा न हो कि राज्य उनके पीछे मजबूती से खड़ा है, तो कानून व्यवस्था बनाए रखना कठिन हो जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कड़ी निगरानी की आवश्यकता इसलिए भी है क्योंकि अवैध खनन अक्सर सुनियोजित तरीके से किया जाता है। इसमें स्थानीय नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था और अवैध सामग्री के विपणन तक का संगठित ढांचा शामिल होता है। आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन सर्विलांस, जीपीएस ट्रैकिंग और ई-रवाना सिस्टम का प्रभावी उपयोग कर इस पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही, खनन क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और अचानक छापेमारी से अपराधियों को यह संदेश दिया जा सकता है कि प्रशासन सतर्क है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">न्यायिक प्रक्रिया की गति भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। यदि ऐसे मामलों में आरोपपत्र दाखिल करने और सुनवाई में लंबा समय लग जाता है, तो अपराधियों का हौसला बढ़ता है। त्वरित न्याय और उदाहरणात्मक सजा से ही समाज में यह संदेश जाएगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। साथ ही, यदि पुलिस पर हमला करने जैसे अपराधों को गंभीर श्रेणी में रखकर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए, तो यह भविष्य में ऐसे दुस्साहस को रोकने में सहायक होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाज की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। कई बार स्थानीय लोग अवैध खनन को “सामान्य” मान लेते हैं या आर्थिक लाभ के कारण चुप रहते हैं। लेकिन यह समझना आवश्यक है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट अंततः समाज के ही हितों के विरुद्ध है। खेतों की उपजाऊ मिट्टी का नुकसान, जलस्रोतों का क्षरण और सड़कों की क्षति सीधे तौर पर आम नागरिक को प्रभावित करते हैं। यदि समाज सजग हो और प्रशासन को सहयोग दे, तो ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकारों को भी चाहिए कि वे केवल कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि वैकल्पिक रोजगार और पारदर्शी खनन नीतियों को बढ़ावा दें। जब वैध प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी होंगी, तो अवैध गतिविधियों की गुंजाइश कम होगी। साथ ही, पुलिस बल को पर्याप्त संसाधन, सुरक्षा और कानूनी समर्थन प्रदान करना अनिवार्य है। यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि सरकारी ड्यूटी में बाधा डालना या पुलिस पर हमला करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसराना की घटना केवल एक स्थानीय समाचार नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक समस्या का प्रतीक है। यदि समय रहते इस पर कठोर और समन्वित कदम नहीं उठाए गए, तो कानून व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ सकता है। आवश्यक है कि प्रशासन, न्यायपालिका और समाज मिलकर ऐसी घटनाओं के विरुद्ध सख्त रुख अपनाएं। कड़ी निगरानी, त्वरित कार्रवाई और कठोर दंड ही वह रास्ता है जिससे अवैध खनन और पुलिस पर हमले जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। कानून का राज तभी स्थापित होगा जब हर नागरिक को यह विश्वास हो कि नियमों का पालन सभी पर समान रूप से लागू होता है और उल्लंघन करने वालों को निश्चित रूप से दंड मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 18:25:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस व खनन विभाग ने चंदनवा पहाड़ी पर कार्रवाई करते हुए 12 ट्रैक्टर ट्राली सीज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>यमुनानगर तहसील  (बारा) शंकरगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ पुलिस व खनन विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल दर्जन भर ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज किया है। यह कार्रवाई चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शंकरगढ़ पुलिस और खनन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी पर बिना अनुमति के अवैध रूप से खनिज का खनन किया जा रहा है और उसे ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से परिवहन किया जा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167637/police-and-mining-department-took-action-on-chandanwa-hill-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260129-wa0274.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>यमुनानगर तहसील  (बारा) शंकरगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ पुलिस व खनन विभाग ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल दर्जन भर ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज किया है। यह कार्रवाई चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शंकरगढ़ पुलिस और खनन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत चन्दनवा चरिहारी पहाड़ी पर बिना अनुमति के अवैध रूप से खनिज का खनन किया जा रहा है और उसे ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना की पुष्टि होते ही प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह के नेतृत्व में थाना शंकरगढ़ पुलिस तथा खान निरीक्षक वैभव सोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने छापेमारी के दौरान अवैध खनन व परिवहन में संलिप्त कुल 12 ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ा, जिनमें खनिज लदा हुआ था। जांच के दौरान संबंधित वाहन चालक कोई वैध खनन या परिवहन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।</div>
<div style="text-align:justify;"><br />नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बरामद खनिज और वाहनों के संबंध में अग्रिम विधिक कार्रवाई खनन अधिनियम एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध खनन के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और किनके संरक्षण में यह कार्य संचालित हो रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संयुक्त कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह,खान निरीक्षक वैभव सोनी उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव, उपनिरीक्षक अनिल कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबल अरविन्द तिवारी तथा कांस्टेबल विशाल सिंह शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखा जाएगा। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 20:55:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध खनन, पेड़ों की कटान  एवं अवैध परिवहन पर रोक लगाये जाने के दिये कड़े निर्देश- जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[अवैध खनन, परिवहन, पेडों की कटान को लेकर जिलाधिकारी ने किया  समीक्षा बैठक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151764/strict-instructions-given-to-ban-illegal-mining-trees-and-ban"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/img-20250509-wa0044(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह व पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में खनन विभाग, परिवहन विभाग व पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ किया बैठक ।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अवैध खनन, अवैध परिवहन व अवैध भण्डारण के खिलाफ शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि म्योरपुर में लगे चेकगेट का संचालन ठीक ढंग से नहीं हो रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने एम चेक गेट के संचालक से स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दियें और कहा कि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति पायी गयी तो सम्बन्धित के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान उन्होंने कहा शिल्पी घोरावल मार्ग से अवैध ओवरलोडिंग व अवैध परिवहन की शिकायतें प्राप्त हो रही है, सम्बन्धित थानाध्यक्ष, ए0आर0टी0ओ0 व खनन विभाग की टीम संयुक्त रूप से ओवरलोडिंग पर प्रतिबन्ध लगाने हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि वन क्षेत्र में भी अवैध खनन व अवैध पेड़ों की कटाई से सम्बन्धित शिकायतें प्राप्त हो रहे हैं, वन विभाग व पुलिस विभाग तथा खनन विभाग की टीम संयुक्त रूप से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जायें।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि ए0आर0टी0ओ0 यह सुनिश्चित करें कि जिन गाड़ियों से बालू, गिट्टी व अन्य सामग्रियों का परिहवन किया जाता है, उन गाड़ियों में फिक्स नम्बर प्लेट लगी हो, अगर कोई गाड़ी बिना फिक्स नम्बर प्लेट के प्राप्त होती है, तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान उन्होंने कहा कि सम्बन्धित थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन व अवैध परिवहन के सम्बन्ध में सूचना अनिवार्य रूप से देना सुनिश्चित करेंगें। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने भी उपस्थित अधिकारियों को अवैध खनन व अवैध परिवहन पर नियंत्रण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दियें और कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि खनन पट्टा धारक जिन क्षेत्रों में खनन होता है और काफी गहरा गढ्ढा हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बात का साईनेज बोर्ड लगायेंगें कि यहां पर काफी गहरा गढ्ढा है, इसके पास न जायें, अन्यथा दुर्घटना हो सकती है। बैठक में मुख्य रूप से अपर जिलधिकारी(वि0/रा0) सहदेव कुमार मिश्र, ज्येष्ठ खान अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, ए0आर0टी0ओ0 राजेश्वर यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 21:27:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र  में अवैध खनन और भ्रष्टाचार से आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य खतरे में, अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भी प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[विकास के बड़े बड़े दावे करने वाले जन प्रतिनिधि एकांतवाश में लीन, रहवासी परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151612/illegal-mining-and-corruption-in-sonbhadra-spiritual-heritage-natural-beauty"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/img-20250502-wa0035(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">यह वही सोनभद्र है, जिसकी भौगोलिक संरचना, आध्यात्मिक महत्व और अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य यहां के निवासियों को गर्व से भर देता है। लेकिन जब यहां के जिम्मेदार अधिकारियों की दृष्टि इस क्षेत्र पर पड़ती है, तो मानो उनकी आँखों में इसकी अपार संपदा को लूटने की लालसा जाग उठती है, सुरक्षा और संरक्षण की भावना कहीं खो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारीगण, इस क्षेत्र की रक्षा और संवर्धन के बजाय, इसके अंधाधुंध दोहन की मानसिकता से ग्रस्त दिखाई देते हैं। इससे उन माफियाओं को और बल मिलता है, जो पहले से ही ऐसे अवसरों की तलाश में घात लगाए बैठे रहते हैं। यही कारण है कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधि सत्ता में आते ही ऐसे एकांत की तलाश में निकल जाते हैं, जैसे हिमालय की गुफाएं हों, जहां उन्हें न तो अवैध खनन दिखाई देता है, न कोई अव्यवस्था और न ही यातायात जाम की समस्या। भ्रष्टाचार तो मानो उनके लिए अतीत की कहानियों का हिस्सा बन जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन सोनभद्र के आम नागरिकों को हर रोज अवैध खनन, बढ़ते प्रदूषण और अनियंत्रित विस्फोटों से जूझना पड़ता है। जनपद के बिल्ली और डाला खनन क्षेत्रों में चल रही अवैध और गहरी खदानों में काम करने वाले मजदूर आए दिन अपनी जान जोखिम में डालते हैं, और कई बार अपनी जान गंवा भी देते हैं। कागजों पर सब कुछ कानून के दायरे में बताया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यहां कोई भी कानून का पालन नहीं कर रहा है। अवैध खनन से लेकर प्रदूषण और सड़कों की दुर्दशा तक, हर तरफ भ्रष्टाचार की कहानी बयां हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामला मे साई बाबा स्टोन वर्कश का है, जिसकी प्रोपराइटर अंजू राय, पत्नी धीरज राय हैं। उन्हें आराजी संख्या 5414 ग, रकबा 3.43 एकड़ पर 31 मई 2016 से 30 मई 2026 तक 10 वर्षों के लिए खनन पट्टा स्वीकृत किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस पट्टे के तहत सभी नियमों और कानूनों का सही ढंग से पालन किया जा रहा है? क्षेत्र में व्याप्त अवैध खनन और सुरक्षा के घोर अभाव की खबरें स्पष्ट रूप से इंगित करती हैं कि कहीं न कहीं गंभीर नियमों का उल्लंघन हो रहा है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर आंखें मूंद कर बैठे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवैध खनन और प्रदूषण का दुष्प्रभाव अब शिक्षा संस्थानों तक भी पहुंच रहा है। विजय निजी औद्योगिक प्रशिक्षण स्थापना (आईटीआई) कॉलेज की दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। यह विद्यालय खदानों से होकर जाने वाले रास्ते पर स्थित है, जहां दिनभर भयानक प्रदूषण रहता है। आसपास के निवासियों के घरों में भी दरारें देखने को मिल रही हैं। निवासियों का कहना है कि सरकार खदानों की टेंडरिंग तो कर रही है, मगर आसपास के घरों और संस्थानों को जो क्षति पहुंच रही है, उसकी भरपाई कौन करेगा?</p>
<p style="text-align:justify;">सोनभद्र की अमूल्य प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए अब कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। अवैध खनन और भ्रष्टाचार के इस जाल को तोड़ना होगा, ताकि इस क्षेत्र की पहचान और यहां के निवासियों का गौरव सुरक्षित रह सके। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर क्या संज्ञान लेता है और प्रभावित लोगों को कब तक न्याय मिल पाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 19:44:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना सीमांकन करवाए ताल में बांधा जा रहा बांध, एसडीएम से शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<h6 style="padding-left:40px;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>(रिपोर्ट:- मनोज पाण्डेय)</strong></span></h6>
<div>  </div>
<div><strong>महराजगंज। </strong>परसामलिक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेवतरी स्थित ताल का ठेकेदार द्वारा बिना सीमांकन करवाए ही जेसीबी मशीन द्वारा बांध बंधवाया जा रहा है। ऐसे में बिना सीमांकन के जेसीबी मशीन द्वारा बांध बंधवाने से सरकारी जमीन का भी हनन किया जा रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>उक्त प्रकरण को लेकर ग्राम पंचायत सेवतरी महिला ग्राम प्रधान ने शनिवार को परसामलिक थाना समाधान दिवस में पहुंचकर उपजिलाधिकारी नौतनवां को लिखित शिकायती पत्र देकर तत्काल बांध का कार्य रोकवाकर ताल का पैमाइश कराने के बाद ही बांध बंधवाए जाने की मांग की है।</div>
<div>  </div>
<div>सेवतरी महिला ग्राम प्रधान पुष्पावती देवी ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142405/dam-being-built-in-the-pond-without-demarcation-complaint-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/screenshot_20240622_210232_google.jpg" alt=""></a><br /><h6 style="padding-left:40px;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>(रिपोर्ट:- मनोज पाण्डेय)</strong></span></h6>
<div> </div>
<div><strong>महराजगंज। </strong>परसामलिक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेवतरी स्थित ताल का ठेकेदार द्वारा बिना सीमांकन करवाए ही जेसीबी मशीन द्वारा बांध बंधवाया जा रहा है। ऐसे में बिना सीमांकन के जेसीबी मशीन द्वारा बांध बंधवाने से सरकारी जमीन का भी हनन किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>उक्त प्रकरण को लेकर ग्राम पंचायत सेवतरी महिला ग्राम प्रधान ने शनिवार को परसामलिक थाना समाधान दिवस में पहुंचकर उपजिलाधिकारी नौतनवां को लिखित शिकायती पत्र देकर तत्काल बांध का कार्य रोकवाकर ताल का पैमाइश कराने के बाद ही बांध बंधवाए जाने की मांग की है।</div>
<div> </div>
<div>सेवतरी महिला ग्राम प्रधान पुष्पावती देवी ने शिकायती पत्र में लिखा है कि गांव में गाटा संख्या 862 में 9 हेक्टेयर मछली पालन के लिए आवांटित हुआ है जिसमें मछली पालन ठेकेदार के द्वारा ताल का पैमाइश कराए बिना ही जेसीबी मशीन द्वारा अवैध तरीके से मिट्टी निकालकर बांध बंधवाया जा रहा है जिससे सरकारी जमीन का हनन हो रहा है। महिला ग्राम प्रधान ने तत्काल बांध का कार्य रोकवाकर ताल का पैमाइश कराने के बाद ही बांध बंधवाए जाने की मांग की है।</div>
<div> </div>
<div>इस संबंध में उपजिलाधिकारी नौतनवां नन्द प्रकाश मौर्य ने बताया कि शिकायती पत्र मिला है, अतिशीघ्र ही राजस्व टीम गठित कर पैमाइश करवा दिया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 21:03:21 +0530</pubDate>
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