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                <title>lucknow news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>lucknow news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हरे पेड़ों पर चला आरा, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सुल्सामऊ मजरा स्थित संताखेड़ा गांव में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है। विरोध करने पर पीड़ित को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संताखेड़ा निवासी लवकुश पुत्र स्वर्गीय देवदत्त के मुताबिक, गांव के ही राजन और धीरू पुत्रगण संतोष कुमार ने उसके खेत, गाटा संख्या-86 में लगे करीब सात हरे पेड़ों को बिना</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184731/saw-being-used-on-green-trees-threat-of-death-if"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20240906-wa05191.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मोहनलालगंज, लखनऊ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सुल्सामऊ मजरा स्थित संताखेड़ा गांव में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है। विरोध करने पर पीड़ित को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दो नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संताखेड़ा निवासी लवकुश पुत्र स्वर्गीय देवदत्त के मुताबिक, गांव के ही राजन और धीरू पुत्रगण संतोष कुमार ने उसके खेत, गाटा संख्या-86 में लगे करीब सात हरे पेड़ों को बिना अनुमति कटवा दिया। जानकारी होने पर वह मौके पर पहुंचा और विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने खेत के अलावा नाले के किनारे लगे करीब 15 से 20 शीशम, नीम, यूकेलिप्टस, बबूल और चिलवल के पेड़ों की भी कटान करा दी। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उससे पहले ही आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोहनलालगंज पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 352, 351(3) तथा वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धारा 4/10 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 18:52:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी सहायता राशि में गड़बड़ी का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद (लखनऊ)। </strong>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती निवासी धर्म, पुत्र स्वर्गीय लल्लू, ने जिलाधिकारी लखनऊ को प्रार्थना पत्र देकर किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि में गड़बड़ी और ग्राम प्रधान पर धनराशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बकाया सहायता राशि दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।<br /><br />प्रार्थना पत्र के अनुसार, वर्ष 2021 में धर्म के पिता स्वर्गीय लल्लू की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। परिवार में तीन भाई और एक नाबालिग बहन हैं। पीड़ित का कहना है कि</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184729/alleging-irregularities-in-government-assistance-amount-victim-appeals-to-dm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260805-wa0042.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद (लखनऊ)। </strong>
<div> </div>
<div> </div>
<div>मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती निवासी धर्म, पुत्र स्वर्गीय लल्लू, ने जिलाधिकारी लखनऊ को प्रार्थना पत्र देकर किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि में गड़बड़ी और ग्राम प्रधान पर धनराशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बकाया सहायता राशि दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।<br /><br />प्रार्थना पत्र के अनुसार, वर्ष 2021 में धर्म के पिता स्वर्गीय लल्लू की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। परिवार में तीन भाई और एक नाबालिग बहन हैं। पीड़ित का कहना है कि शासन की ओर से वर्ष 2022 में किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई थी, लेकिन उन्हें पूरी धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी।<br /><br />आरोप है कि ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने सहायता राशि दिलाने के नाम पर मृतक से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और बैंक पासबुक अपने पास रख लिए तथा कथित रूप से ₹20,000 की मांग की। जब पीड़ित ने यह कहते हुए रुपये देने से इनकार कर दिया कि यह सरकारी सहायता है और इसके लिए किसी को पैसे नहीं दिए जाएंगे, तो ग्राम प्रधान कथित रूप से नाराज हो गए।<br /><br />पीड़ित का आरोप है कि उसके भाइयों और बहन के खाते में आई ₹1.25 लाख की सहायता राशि में से ग्राम प्रधान ने प्रत्येक से ₹8,000-₹8,000 जबरन ले लिए। इतना ही नहीं, विरोध करने पर गाली-गलौज करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम प्रधान ने कहा कि उन्होंने पैसा शासन को वापस कर दिया है और अब शिकायत करने पर भी उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।<br /><br />धर्म ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराकर किसान दुर्घटना सहायता योजना की शेष धनराशि दिलाई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। </div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 18:50:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुरभि सिंह के कहानी संग्रह ‘कालिदर्पण तुम बह रही हो’ का भव्य लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में 3 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के तत्वावधान में यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में साहित्यकार डॉ. सुरभि सिंह के कहानी संग्रह ‘कालिदर्पण तुम बह रही हो’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा एवं संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र भूषण ने की अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने स्त्रियों के जीवन को चुनौतिपूर्ण बताते हुए उन्हें अपने जीवन पथ पर निर्भीकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह को श्री सर्वेश अस्थाना जी का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने आशीर्वचन में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184635/grand-launch-of-surbhi-singhs-story-collection-kalidarpan-tum-beh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/646210-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> राजधानी लखनऊ में 3 अगस्त 2026 उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के तत्वावधान में यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में साहित्यकार डॉ. सुरभि सिंह के कहानी संग्रह ‘कालिदर्पण तुम बह रही हो’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा एवं संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र भूषण ने की अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने स्त्रियों के जीवन को चुनौतिपूर्ण बताते हुए उन्हें अपने जीवन पथ पर निर्भीकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह को श्री सर्वेश अस्थाना जी का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने आशीर्वचन में नारी जीवन के विविध संवेदनात्मक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए साहित्य की सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में  कमल किशोर भावुक उपस्थित रहे, जबकि दयानंद पांडेय, महेंद्र भीम तथा प्रमोद त्रिवेदी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त किए और रचना तथा उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की।<br /><br />सुप्रसिद्ध कवयित्री नंदिनी श्रीवास्तव के आगमन से समारोह का वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर उठा। इस अवसर पर डॉ. अंशुमाली शर्मा, जनेश्वर श्रीवास्तव, डॉ. सुधा मिश्रा एवं पवन कुमार तिवारी ने कहानी संग्रह की रचनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा डॉ. सुरभि सिंह की लेखन शैली की सराहना की समारोह में शिक्षा, संस्कृति, काव्य, कथा, चिकित्सा तथा ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वहीं शोभा दीक्षित ‘भावना’ की प्रभावशाली वाणी ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की कार्यक्रम का संचालन योगेश शुक्ला ने किया। जबकि प्रतिभा श्रीवास्तव ने सह-संयोजक के रूप में आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह साहित्यिक विमर्श, सम्मान और सृजनात्मक संवाद का यादगार अवसर बनकर उभरा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:25:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मलिहाबाद में जमीन विवाद गहराया, दबंगई और जबरन कब्जे की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ। </strong> मलिहाबाद क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती में जमीन विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी अप्रिय घटना से पहले दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार के अनुसार करन रावत, धर्म रावत, राजवीर रावत और नैना रावत इस विवाद से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि गांव में एक बिस्वा जमीन की कीमत लगभग पांच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184633/land-dispute-deepens-in-malihabad-fear-of-bullying-and-forcible"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260522-wa0008.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ। </strong> मलिहाबाद क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती में जमीन विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी अप्रिय घटना से पहले दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार के अनुसार करन रावत, धर्म रावत, राजवीर रावत और नैना रावत इस विवाद से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि गांव में एक बिस्वा जमीन की कीमत लगभग पांच लाख रुपये है, लेकिन उनके बड़े भाई को शराब पिलाकर और बहला-फुसलाकर बेहद कम कीमत पर जमीन का बैनामा करा लिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान रामशंकर की भूमिका संदिग्ध रही और एक कथित दलाल के माध्यम से साजिश रचकर जमीन का सौदा कराया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि बैनामे के बाद पूरी रकम भी उन्हें नहीं मिली।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार का कहना है कि वर्तमान में विवाद और गंभीर हो गया है। उनका आरोप है कि जिस दलाल ने जमीन का सौदा कराया था, अब उसी पर खरीददार पक्ष दबाव बना रहा है कि उसने जमीन खरीदवाई है तो अब कब्जा भी वही दिलाए, अन्यथा पूरी रकम वापस करे। इसी को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">धर्म रावत और राजवीर रावत जब अपने खेत पर पहुंचे तो वहां मौजूद कई ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि ग्राम प्रधान रामशंकर कथित रूप से दबंगई के बल पर जमीन पर कब्जा कराने की योजना बना रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कभी भी गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उनका कहना है कि एक ऐसे दरोगा, जिसका संबंधित हल्के से तबादला हो चुका है, वह भी उन्हें लगातार फोन कर थाने बुला रहा है और जांच के नाम पर दबाव बना रहा है। पीड़ितों ने सवाल उठाया कि यदि जांच बैंक खातों, जमीन के दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों से हो सकती है तो उन्हें बार-बार थाने बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष आर्थिक एवं दस्तावेजी जांच कराई जाए, कथित दबंगों और साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:24:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐतिहासिक आयोजन में 2,100 महिलाएं बनाएंगी विश्व रिकॉर्ड।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 3 अगस्त महिला सशक्तिकरण, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक भव्य आयोजन 16 अगस्त 2026 को लखनऊ के के.डी. सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। “घर-घर हरियाली” नामक इस कार्यक्रम में 2,100 महिलाएं एक मंच पर एकत्र होकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">.कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि सभी प्रतिभागी पारंपरिक पीली साड़ी में उपस्थित होंगी। प्रत्येक महिला के हाथ में एक ओर तुलसी का पौधा और दूसरी ओर प्रज्वलित दीपक होगा। तुलसी पौधा हरियाली, स्वास्थ्य एवं प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बनेगा, जबकि दीपक भारतीय संस्कृति, सकारात्मकता और जागरूकता का संदेश देगा।</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184610/2100-women-will-create-world-records-in-the-historic-event"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260803-wa0030-(9).jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 3 अगस्त महिला सशक्तिकरण, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक भव्य आयोजन 16 अगस्त 2026 को लखनऊ के के.डी. सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। “घर-घर हरियाली” नामक इस कार्यक्रम में 2,100 महिलाएं एक मंच पर एकत्र होकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">.कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि सभी प्रतिभागी पारंपरिक पीली साड़ी में उपस्थित होंगी। प्रत्येक महिला के हाथ में एक ओर तुलसी का पौधा और दूसरी ओर प्रज्वलित दीपक होगा। तुलसी पौधा हरियाली, स्वास्थ्य एवं प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बनेगा, जबकि दीपक भारतीय संस्कृति, सकारात्मकता और जागरूकता का संदेश देगा। आयोजकों के अनुसार “घर-घर हरियाली” केवल एक रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की पहल है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पौधारोपण, हरियाली बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस आयोजन का नेतृत्व प्रसिद्ध समाज सेविका एवं महिला सशक्तिकरण की अग्रणी हस्ती<br /><br />पुनीता भटनागर कर रही हैं। पिछले 45 वर्षों से महिलाओं और कारीगरों के उत्थान के लिए कार्यरत भटनागर ने हजारों महिलाओं को हस्तशिल्प प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है। उनके प्रयासों से 20 हजार से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार से जुड़ चुकी हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों तथा आम नागरिकों की भागीदारी रहेगी। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन महिला एकता, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को नई ऊंचाई देगा। पुनीता भटनागर ने कहा कि “घर-घर हरियाली” अभियान का उद्देश्य केवल विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना नहीं, बल्कि हर परिवार को प्रकृति से जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस मुहिम में शामिल होकर हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया। आयोजकों को विश्वास है कि 2,100 महिलाओं की सामूहिक भागीदारी वाला यह आयोजन महिला शक्ति, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण जागरूकता का प्रेरणादायी उदाहरण बनेगा तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देगा।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:46:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सिसेंडी में खुली स्पोर्टिंग शॉप, खिलाड़ियों को अब घर के पास मिलेगी खेल सामग्री</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिसेंडी (लखनऊ)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए सिसेंडी कस्बे में सोमवार को एक नई सुविधा की शुरुआत हुई। शांति मार्केट, शिवाला मंदिर एवं पुलिस चौकी के पास 'प्रभात पाण्डेय स्पोर्टिंग शॉप' का शुभारंभ किया गया। इसके खुलने से अब खिलाड़ियों को खेल सामग्री खरीदने के लिए लखनऊ शहर का रुख नहीं करना पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दुकान संचालक प्रभात पाण्डेय ने बताया कि दुकान पर क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, हॉकी, टेनिस समेत लगभग सभी प्रमुख खेलों से संबंधित उच्च गुणवत्ता की सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी। क्रिकेट बैट, बॉल, विकेट, ग्लव्स, पैड, हेलमेट, बैडमिंटन रैकेट, शटल कॉक, फुटबॉल,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184606/sporting-shop-opened-in-sisendi-players-will-now-get-sports"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260803-wa0022.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिसेंडी (लखनऊ)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए सिसेंडी कस्बे में सोमवार को एक नई सुविधा की शुरुआत हुई। शांति मार्केट, शिवाला मंदिर एवं पुलिस चौकी के पास 'प्रभात पाण्डेय स्पोर्टिंग शॉप' का शुभारंभ किया गया। इसके खुलने से अब खिलाड़ियों को खेल सामग्री खरीदने के लिए लखनऊ शहर का रुख नहीं करना पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दुकान संचालक प्रभात पाण्डेय ने बताया कि दुकान पर क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, हॉकी, टेनिस समेत लगभग सभी प्रमुख खेलों से संबंधित उच्च गुणवत्ता की सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी। क्रिकेट बैट, बॉल, विकेट, ग्लव्स, पैड, हेलमेट, बैडमिंटन रैकेट, शटल कॉक, फुटबॉल, स्पोर्ट्स शूज़, स्पोर्ट्स ड्रेस, नेट और किट बैग सहित खिलाड़ियों की जरूरत का लगभग हर सामान एक ही स्थान पर मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सिसेंडी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन खेल सामग्री की उपलब्धता न होने से खिलाड़ियों को परेशानी उठानी पड़ती थी। इसी आवश्यकता को देखते हुए स्पोर्टिंग शॉप की शुरुआत की गई है, ताकि ग्रामीण खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे अपने खेल को आगे बढ़ा सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शुभारंभ के अवसर पर क्षेत्र के व्यापारी, समाजसेवी, खेल प्रेमी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दुकान खुलने से खिलाड़ियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा ग्रामीण क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दुकान शांति मार्केट, शिवाला मंदिर एवं पुलिस चौकी के पास, सिसेंडी में स्थित है। संचालक ने बताया कि ग्राहकों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खेल सामग्री उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने क्षेत्रवासियों से दुकान पर आकर सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:33:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल की 45 करोड़ की जमीन भी फर्जीवाड़े की भेंट, फर्जी पैन-आईडी से हुई थी रजिस्ट्री</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/संवाददाता।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के सिसेंडी में हाल ही में उजागर हुए भूमि फर्जीवाड़े के मामले के बाद वर्ष 2012-13 के पुराने जमीन घोटाले एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। सामने आए तथ्यों के अनुसार जालसाजों ने मध्य प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय श्यामाचरण शुक्ल की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि तक को नहीं छोड़ा। आरोप है कि फर्जी पैन कार्ड और फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनवाकर एक व्यक्ति को श्यामाचरण शुक्ल बताकर करीब 21 बीघा भूमि की रजिस्ट्री 2 अप्रैल 2012 को करा दी गई थी। वर्तमान में इस भूमि की कीमत करीब 45 करोड़</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184594/former-chief-minister-shyama-charan-shuklas-land-worth-rs-45"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20240906-wa0508.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/संवाददाता।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के सिसेंडी में हाल ही में उजागर हुए भूमि फर्जीवाड़े के मामले के बाद वर्ष 2012-13 के पुराने जमीन घोटाले एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। सामने आए तथ्यों के अनुसार जालसाजों ने मध्य प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय श्यामाचरण शुक्ल की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि तक को नहीं छोड़ा। आरोप है कि फर्जी पैन कार्ड और फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनवाकर एक व्यक्ति को श्यामाचरण शुक्ल बताकर करीब 21 बीघा भूमि की रजिस्ट्री 2 अप्रैल 2012 को करा दी गई थी। वर्तमान में इस भूमि की कीमत करीब 45 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार सिसेंडी स्थित उक्त भूमि की रजिस्ट्री तेनवा भादुड़ी (बलिया) निवासी राजेश कुमार भारद्वाज और राकेश कुमार भारद्वाज के नाम कराई गई थी। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस न तो फर्जी व्यक्ति तक पहुंच सकी और न ही खरीदारों की गिरफ्तारी हो सकी। बाद में 13 अक्टूबर 2013 को अंतिम रिपोर्ट लगाकर प्रकरण बंद कर दिया गया। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़ा मामला होने के कारण तत्कालीन विधायक की शिकायत पर जांच कराई गई, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद विवादित रजिस्ट्री निरस्त कर भूमि का नामांतरण वैध वारिसों के नाम दर्ज कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>                                              *फर्जी पहचान बनाकर सरोज कुमार की जमीन भी बेची गई*......</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी अवधि में सुरेश कुमार के भाई सरोज कुमार की भूमि भी कथित रूप से इसी गिरोह द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिए जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि फर्जी सरोज कुमार तैयार कर उनके नाम से पैन कार्ड और पहचान पत्र बनवाए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर गाटा संख्या 1237 (रकबा 1.328 हेक्टेयर) समेत अन्य भूमि की रजिस्ट्री 2 मार्च 2013 को महज 25 लाख रुपये में राजेश कुमार भारद्वाज और राकेश कुमार भारद्वाज के नाम कर दी गई, जबकि उस समय भूमि की बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई थी। फर्जी पैन कार्ड सिसेंडी के पते पर प्राप्त भी कराया गया, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि दस्तावेज किसने प्राप्त किए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*लेखपाल की रिपोर्ट से खुला था पूरा खेल*......</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन लेखपाल बुम्हादीन ने पूरे प्रकरण को संदिग्ध मानते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। इसके बाद जांच शुरू हुई और दोनों विवादित रजिस्ट्रियां निरस्त कर दी गईं। बताया जाता है कि आज तक सरोज कुमार का कोई वैध वारिस सामने नहीं आया है, जिसके चलते संबंधित भूमि अब भी उनके नाम दर्ज है और वर्षों से बिना उपयोग के पड़ी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाल ही में सिसेंडी में सामने आए नए भूमि फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद वर्ष 2012-13 के इन मामलों की भी निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये की जमीनों की रजिस्ट्रियां हुईं, तो मुख्य साजिशकर्ता अब तक कानून के शिकंजे से बाहर कैसे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>                                           *फर्जीवाड़े पर क्या बोले मोहनलालगंज कोतवाल*......</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इंस्पेक्टर, मोहनलालगंज ने राम बाबू सिंह ने बताया कि "सिसेंडी के पुराने भूमि फर्जीवाड़े के मामलों की भी जांच कराई जाएगी। यदि वर्तमान प्रकरण से इन मामलों की कड़ियां जुड़ती हैं तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:19:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने की मांग तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 1 अगस्त जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग पर विस्तार से चर्चा की गई। महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे एवं कार्यकारी महामंत्री सुशील कुमार बच्चा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया में हो रहे विलंब के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं हजारों कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे एक ओर कार्यरत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184448/demand-to-increase-retirement-age-of-state-employees-to-62"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/641490.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी लखनऊ में 1 अगस्त जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग पर विस्तार से चर्चा की गई। महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे एवं कार्यकारी महामंत्री सुशील कुमार बच्चा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया में हो रहे विलंब के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं हजारों कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे एक ओर कार्यरत कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ रहा है और दूसरी ओर अनुभवी कार्मिकों की कमी के कारण विभागीय योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के संचालन में विलंब की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की भांति राज्य कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु भी 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी जाए तो शासन को अनुभवी एवं दक्ष कर्मचारियों की सेवाएं अतिरिक्त दो वर्षों तक प्राप्त होती रहेंगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी, विभागों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी तथा रिक्त पदों के कारण उत्पन्न समस्याओं को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा भी लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों में अनुभवी कर्मचारियों की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार को इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर राज्य कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग की जाएगी। महासंघ ने आशा व्यक्त की कि कर्मचारी हित एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार इस मांग पर शीघ्र विचार करेगी। उमंग निगम, अकिल, सईद, बबलू, अमित शुक्ला, दिव्या रानी, अजय कुमार धनुक, सुजीत कुमार, अमन कुमार, धर्मेंद्र सिंह, शांति मिश्रा, मो0 रफीक, आशुतोष अवस्थी आदि शामिल रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:17:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक मील का पत्थर-जिला सूचना अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184439/chief-minister-kanya-sumangala-yojana-a-milestone-district-information-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई।</p>
<p><br />यह योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई, जिसका लक्ष्य बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सहायता बालिका के जीवन के विभिन्न चरणों में दी जाती है, जिससे उसके पालन-पोषण, शिक्षा और विकास में आर्थिक बाधाएँ कम हो सकें। योजना के अंतर्गत कुल 25,000 रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है, जिसे छह अलग-अलग चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। यह राशि क्ठज् यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से दी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है।</p>
<p><br />इस योजना के तहत बालिका के जन्म के समय 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे परिवार को प्रारंभिक खर्चों में सहयोग मिलता है। इसके बाद जब बालिका का टीकाकरण पूरा हो जाता है, तब 2,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। जैसे-जैसे बालिका शिक्षा के विभिन्न चरणों में आगे बढ़ती है, उसे क्रमशः प्रथम कक्षा, छठी कक्षा, नौवीं कक्षा और बारहवीं के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय आर्थिक सहायता दी जाती है। इस प्रकार यह योजना केवल जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि बालिका के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान करती है।</p>
<p><br />इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना है। आज भी कई स्थानों पर बेटा और बेटी के बीच भेदभाव देखा जाता है, जिसके कारण बेटियों को शिक्षा और अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना इस सोच को बदलने का प्रयास करती है और यह संदेश देती है कि बेटियाँ भी परिवार और समाज की उतनी ही महत्वपूर्ण सदस्य हैं जितने बेटे। जब परिवार को यह विश्वास मिलता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, तो वे बेटियों के पालन-पोषण और शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होते हैं।</p>
<p><br />योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने में भी सहायक है। जब बालिकाएँ शिक्षा प्राप्त करती हैं और उनके भविष्य को लेकर परिवार सजग होता है, तो वे कम उम्र में विवाह करने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती हैं। इससे समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ता है और बालिकाएँ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं। लाभार्थी बालिका उत्तर प्रदेश की निवासी होनी चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाएँ ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। यदि दूसरी संतान के रूप में जुड़वा बेटियाँ जन्म लेती हैं, तो दोनों को योजना का लाभ दिया जाता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।</p>
<p><br />आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराया गया है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है, जहाँ सभी आवश्यक विवरण भरकर दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए आंगनवाड़ी केंद्र, ब्लॉक कार्यालय या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन किया जा सकता है। इससे उन लोगों को भी सुविधा मिलती है जो डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं।</p>
<p><br />इस योजना का प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। बेटियों के जन्म को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। अब अधिक से अधिक परिवार बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। स्कूलों में बालिकाओं की उपस्थिति बढ़ी है और वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इसके साथ ही, यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएँ ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।</p>
<p><br />हालांकि योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पाते। कई बार आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता भी एक बड़ी बाधा बन जाती है। इसके अलावा, डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण ऑनलाइन आवेदन में भी कठिनाइयाँ आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे जागरूकता अभियान चलाना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जानकारी पहुँचाना और आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाना।</p>
<p><br />कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक ऐसी पहल है जो न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदलने का कार्य भी करती है। यह योजना इस बात का प्रतीक है कि सरकार बालिकाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, तो यह निश्चित रूप से एक सशक्त, शिक्षित और समान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 18:25:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बदहाली की मार झेल रहा अयोध्या खेड़ा का आंगनबाड़ी केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ-</strong> राजधानी लखनऊ के विकास खण्ड मोहनलालगंज की ग्राम पंचायत कोडरा रायपुर स्थित अयोध्या खेड़ा आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली का शिकार है। केंद्र परिसर में उगी ऊंची घास और भवन के अंदर टूटी फर्श के बीच मासूम बच्चों, गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं को जान जोखिम में डालकर आना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, केंद्र परिसर में चारों ओर घनी घास उग आई है। बरसात के मौसम में यहां सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। वहीं केंद्र के अंदर कई स्थानों पर फर्श उखड़ चुकी है, जिससे छोटे बच्चों के गिरकर चोटिल होने की आशंका</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184419/anganwadi-center-of-ayodhya-kheda-is-facing-bad-condition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260731-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ-</strong> राजधानी लखनऊ के विकास खण्ड मोहनलालगंज की ग्राम पंचायत कोडरा रायपुर स्थित अयोध्या खेड़ा आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली का शिकार है। केंद्र परिसर में उगी ऊंची घास और भवन के अंदर टूटी फर्श के बीच मासूम बच्चों, गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं को जान जोखिम में डालकर आना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, केंद्र परिसर में चारों ओर घनी घास उग आई है। बरसात के मौसम में यहां सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। वहीं केंद्र के अंदर कई स्थानों पर फर्श उखड़ चुकी है, जिससे छोटे बच्चों के गिरकर चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद बच्चों को इसी जर्जर भवन में बैठाकर पोषण एवं शिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260731-wa0006.jpg" alt="बदहाली की मार झेल रहा अयोध्या खेड़ा का आंगनबाड़ी केंद्र" width="501" height="334"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र की खराब स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो परिसर की सफाई कराई गई और न ही भवन की मरम्मत कराई गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे, लेकिन अयोध्या खेड़ा केंद्र की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में इसकी उपेक्षा बच्चों की सुरक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से केंद्र परिसर की तत्काल सफाई कराने, भवन की मरम्मत कराने और बच्चों के लिए सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ और कोई अप्रिय घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:15:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ पिछले 09 वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ की उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के तहत 14.13 करोड़ रुपये की लागत से 58 अन्त्येष्टि स्थलों का निर्माण कराया गया। यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरिमामय अंतिम संस्कार व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है। इन स्थलों के निर्माण से ग्रामीण जनता को सुविधा मिलने के साथ सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार ग्रामीण प्रशासन को सुदृढ़ बनाने हेतु राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आर०जी०एस०ए०) के अंतर्गत 18.51 करोड़ रुपये की लागत से 106 पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया। पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होते हैं, जहां ग्राम सभाएं, विकास योजनाओं की बैठकें और प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती हैं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन पंचायत भवनों ने ग्राम स्तर पर सुशासन को मजबूती दी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्वच्छता के क्षेत्र में भी जनपद लखनऊ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 31.87 करोड़ रुपये की लागत से 491 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इन शौचालयों के निर्माण से सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई और विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों तथा जरूरतमंदों को सुविधा मिली। यह कार्य ग्रामीण स्वच्छता अभियान की सफलता का प्रमुख उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी क्रम में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 267.05 करोड रुपये की लागत से 2.22.538 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया। यह उपलब्धि खुले में शौच मुक्त (ODF) अभियान को सफल बनाने में मील का पत्थर साबित हुई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी, महिलाओं की गरिमा सुरक्षित हुई तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं को सुलभ बनाने हेतु आर०जी०एस०ए० योजनान्तर्गत 3.12 करोड़ रुपये की लागत से 78 जन सेवा केन्द्रों का निर्माण कराया गया। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं, प्रमाणपत्र, आवेदन और योजनाओं से संबंधित जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है। इससे शासन की सेवाओं की पहुंच गांव तक सुनिश्चित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों के अतिरिक्त पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के माध्यम से गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी। गांवों में सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, पंचायत भवन, पेयजल, सौर लाइट, खेल मैदान और अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों में विभाग ने डिजिटल गवर्नेस को भी बढ़ावा दिया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, पंचायत लेखा प्रणाली और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था के माध्यम से पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। पंचायत सहायकों और पंचायत सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया गया।महिला सशक्तिकरण भी इस प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढी है और महिला ग्राम प्रधानों ने विकास कार्यों में सक्रिय योगदान दिया है। स्वयं सहायता समूहों और पंचायतों के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बल मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मनरेगा के अंतर्गत भी पंचायती राज विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किए। तालाबों का पुनरुद्धार, चकरोड निर्माण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कराया गया। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों की उपलब्धता बेहतर हुई।<br />सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका अत्यंत प्रभावी रही। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, राशन वितरण और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और सहायता में पंचायतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता के क्षेत्र में भी विभाग ने सराहनीय प्रगति की है। केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग विकास कार्यों में प्रभावी ढंग से किया गया। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया गया। यदि पिछले 09 वर्षों की उपलब्धियों को समग्र रूप में देखा जाए तो पंचायती राज विभाग द्वारा केवल योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं किया गया, बल्कि ग्रामीण जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का कार्य हुआ है। 58 अन्त्येष्टि स्थल, 106 पंचायत भवन, 491 सामुदायिक शौचालय, 2.22 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालय और 78 जन सेवा केंद्र जैसी उपलब्धियां इस प्रगति को मूर्त रूप देती हैं। यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर के प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों ने लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुशासन, सम्मानजनक जीवन, प्रशासनिक पहुंच और सामाजिक विकास को नई ऊंचाई दी है। पंचायती राज विभाग की यह प्रगति 'सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निश्चित रूप से पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में पंचायती राज विभाग की प्रगति उल्लेखनीय, बहुआयामी और प्रेरणादायी रही है। आने वाले समय में डिजिटल पंचायत, स्मार्ट ग्राम और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा के साथ यह प्रगति और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:44:14 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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