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                <title>After all - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>आखिर आतंकवादी नंबर एक कौन ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आजकल देश अपने यहां के आतंकी नंबर -1  की तलाश में है। भाजपा और शिवसेना [शिंदे गुट ] ने ये तलाश शायद पूरी कर ली है इसीलिए इन दोनों दलों के नेता देश के आतंकी नबर वन के रूप में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लेने में गर्व महसूस कर रहे हैं। लेकिन देश में किसका आतंक है और कौन नंबर वन का आतंकी है ये कहने की जरूरत नहीं है। पूरा देश इस हकीकत से भली भाँती वाकिफ है। राहुल गाँधी  को देश का नंबर वन आतंकी बताने वाले भाजपा सरकार के रेल राज्य मंत्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144917/after-all-who-is-terrorist-number-one"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p>आजकल देश अपने यहां के आतंकी नंबर -1  की तलाश में है। भाजपा और शिवसेना [शिंदे गुट ] ने ये तलाश शायद पूरी कर ली है इसीलिए इन दोनों दलों के नेता देश के आतंकी नबर वन के रूप में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लेने में गर्व महसूस कर रहे हैं। लेकिन देश में किसका आतंक है और कौन नंबर वन का आतंकी है ये कहने की जरूरत नहीं है। पूरा देश इस हकीकत से भली भाँती वाकिफ है। राहुल गाँधी  को देश का नंबर वन आतंकी बताने वाले भाजपा सरकार के रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को तो इस खोजपूर्ण काम के लिए आगामी गणतंत्र  दिवस पर पदम् सम्मान से अलंकृत किया जाना चाहिए। कम से कम भाजपा में एक आदमी तो है जो दुनिया का सबसे बड़ा सच कहें या झूठ पूरी जिम्मेदारी से बोल रहा है।</p>
<p> बिट्टू को इस बात की कोई फ़िक्र नहीं है कि उनके इस आरोप से उनकी सरकार की रेल डिरेल हो सकती है। बिट्टू भाजपा के नए मुल्ले हैं ,इसलिए शायद ज्यादा प्याज खा रहे हैं। उनका कोई दोष भी नहीं है। भाजपा के गुणसूत्रों में ही ऐसा कुछ है कि अच्छा खासा आदमी भी यहां आकर बौरा जाता है। कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा शरमा  और ज्योतिरादित्य सिंधिया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को देश का नंबर वन आतंकवादी कहे जाने पर अपना गुस्सा प्रकट किया है। स्वाभाविक है लेकिन कांग्रेसियों ने जिन लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है उनके खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा? इस देश में जिस तरह की न्याय संहिता है उसमें ऐसे सम्भाषण पर सजा का कोई प्रावधान नहीं है।</p>
<p>ऐसे सम्भाषण करने वालों को तो उनकी पार्टी सम्मानित करती है। मुमकिन है कि बिट्टू   सर को प्रधानमंत्री फुल टाइम रेल मंत्री बना दें ,राहुल गांधी को गरियाने के एवज में। राहुल गांधी देश की सियासत में नंबर वन के आतंकवादी हैं या नहीं ये देश की जनता ने 4  जून 2024  को दिए अपने जनादेश के जरिये जता दिया है ,बता दिया है। जनादेश के चलते ही राहुल गांधी आज लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। राहुल को देश का नंबर वन आतंकी कहने का मतलब इस देश का समूचा विपक्ष आतंकी है और विपक्ष के आतंक से सत्ता पक्ष थर-थर काँप रहा है। हालाँकि ये अतिश्योक्ति हो सकती है। इसके ऊपर विवाद भी हो सकता है क्योंकि इस देश में आतंकियों को पहचानने को लेकर हमेशा भ्रम की स्थितियां रहीं हैं। इसी देश में बहुत से लोग हैं जो राहुल की वजाय दूसरे लोगों को आतंकी मानते हैं।</p>
<p>देश में ग्यारहवें साल में किसका आतंक है ये चिन्हित करना आसान काम नहीं है। क्योंकि ये राष्ट्रद्रोह माना जायेगा। और कम से कम मेरे जैसा अदना सा लेखक तो ये जोखिम ले ही नहीं सकता। मुझे न संविधान का संरक्षण हासिल हो पायेगा और न राजनीतिक संरक्षण/ये तो नसीब वालों को ही हासिल है। बिट्टू हों या बिट्टा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। दुनिया जानती हैकि राहुल गांधी किस तरह के आतंकवादी हैं? उनकी दादी और उनके पिता गोलियों और बारूद से शायद इसलिए नहीं भूने गए कि वे बहुत बड़े देश सेवक हैं ,बल्कि उनकी हत्या शायद इसीलिए की गयी की वे देश के सबसे बड़े आतंकवादी थे।</p>
<p>यदि इस देश में इस तरह के लोग आतांकवादी माने जायेंगे तो इस देश के सनातनी होने पर कम से कम मुझे तो गर्व नहीं होगा। मै उन लोगों में से नहीं हूं जो उंगली काटकर शहीद होने वालों को अपना नायक मानते हैं। ऊँगली काटकर शहीद होने वालों की संख्या इस समय देश में लगातार बढ़ रही है और सीने पर गोली खाने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है। आपको यह बताना आवश्यक है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ विवादित और धमकी भरे बयान देने के लिए कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के चार नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।</p>
<p>जिन नेताओं के खिलाफ शिकायत दी गई है उनमें रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी शामिल हैं। कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने बुधवार सुबह दिल्ली के तुगलक रोड थाने में यह शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने दिल्ली में पिछले सप्ताह राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी दी है। माकन के मुताबिक, भाजपा नेता ने कहा था कि राहुल गांधी संभल जाओ नहीं तो आपका भी वही हाल हुआ होगा जो आपकी दादी का हुआ था।</p>
<p>सवाल ये है कि यदि राहुल गांधी को केंद्र सरकार का एक मंत्री देश का नंबर आंतकी मानता है तो सरकार मौन क्यों है ? क्यों नहीं राहुल गांधी को गिरफ्तार कर जेल भेजती ? और यदि सरकार को अपने मंत्री के बयान पर यकीन नहीं है तो उसे विक्षप्त मानकर फौरन मंत्रिमडल से बाहर क्यों नहीं करती? क्या सरकार नहीं मानती कि रेल राज्य मंत्री के बयान से दुनिया में सरकार के निकम्मेपन को लेकर बदनामी नहीं हुई  होगी। क्या दुनिया ये नहीं सोचेगी कि भारत में कैसी सरकार है जिसके रहते देश की संसद में पतिपक्ष का नेता देश का नंबर वन आतंकी है मुझे पता है और पूरे देश को पता है कि देश कि सियासत में राहुल के लिए सुभाषित वाक्य बोलने वालों का संरक्षक कौन है?</p>
<p>किसने इस तरह कि जहरीली शब्दावली का इस्तेमाल शुरू किया था ।  एक जमाने में कांग्रेस के विद्वानों ने भी देश के प्र्धानमंत्री माननीय मोदी जी के लिए भी इसी तरह के सुभाषित इस्तेमाल किये थे,लेकिन राहुल ने इस पर रोक लगा दी। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ बयानबाजी को बंद कराया था। बिट्टू तो बिट्टू हैं उन्हें कोसने से क्या लाभ ? वे तो वही कर रहे हैं जिससे उनके आका खुश हों ।  उनके  आकाओं ने अभी हाल ही में जमशेदपुर में कांग्रेस ,राजद और झामुमो को झारखंड का दुश्मन कहा था। आकाओं को खुश रखना गुलामों का काम होता ही है। अब बिट्टू कोई राहुल गांधी का स्तुतिगान तो करने से रहे। इसलिए उन्हें माफ़ कर देना चाहिये।</p>
<p>राहुल और उनके परिवार ने तो इंदिरा गाँधी और राहुल गांधी के हत्यारों तक को माफ़ कर दिया था ।  बिट्टू तो बिट्टू है।  उन्होंने अभी तक कोई जघन्य अपराध नहीं किया है सिवाय जुबानी जमाखर्च के। सियासी सुभाषितों का इस्तेमाल करने वालों में  केंद्रीय मंत्री बिट्टू अकेले नहीं हैं। उनके  अलावा दिल्ली के पूर्व भाजपा विधायक, महाराष्ट्र के शिवसेना विधायक और उत्तर प्रदेश के एक मंत्री का नाम भी  है। आपको हैरानी नहीं होना चाहिए कि आने वाले दिनों में सत्तापक्ष के नेता ही नहीं बल्कि उनकी मातृ  संस्था के लोग भी बिट्टू कि तर्ज पर विपक्षी नेताओं के लिए नए-नए प्रतिमान गढ़ने लग जाएँ। नागपुर का इसमें कोई दोष नहीं है।</p>
<p>दोष है नागपुर के शाखामृगों के लिए रचे गए पाठ्यक्रम का। नितिन गडकरी जैसे लोग इस भाषा से कैसे अनभिज्ञ हैं ये हैरानी की बात है। जैसा कि आप जानते हैं कि जिस तरह शिबाबू ] स्वमूत्र ]  के प्रयोग से देश के एक प्रधानमंत्री का स्वास्थ्य ठीक रहता था उसी तरह गालियां खाकर एक और प्रधानमंत्री स्वस्थ्य रहते है।  राहुल गांधी को भी मान लेना चाहिए कि उन्हें  जो उपमाएं दी जा रहीं हैं वे उनके स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद साबित होंगीं ,क्योंकि - ये पब्लिक है ,ये सब जानती है। असली आतंकवादियों  को भी और नकली आतंकवादियों  को भी। इस देश में आतंकवाद  कि फसल पनपती नहीं है  ,फिर चाहे उसकी फसल किसी gurudware  में बोई जाये या किसी मदरसे या मंदिर में।</p>
<p><strong>राकेश अचल </strong></p>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Sep 2024 17:35:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आखिर कैसे भ्रष्ट और घूंसखोरी के बड़े साम्राज्य से निपटेंगे नवागत जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कौशाम्बी।</strong> जनपद के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और घूसखोरी का बड़ा साम्राज्य पनप चुका है जिसकी जड़े हिलाना बड़ा मुश्किल दिखाई पड़ रहा है पूर्व जिला अधिकारी के कार्यकाल में तो भ्रष्ट और घूसखोर अधिकारी कर्मचारी हमेशा साए की तरह उनके आगे पीछे लगे रहते थे और जिले की चौपट विकास योजनाओं पर पूर्व जिला अधिकारी को लगातार गुमराह करते रहे जिससे जिले का विकास बाधित हुआ और इसी बाधित विकास के चलते भाजपा को कौशाम्बी से करारी हार का सामना करना पड़ा भ्रष्ट और घूंसखोर अधिकारी कर्मचारी से नवागत जिला अधिकारी कैसे निपटेगे यह बड़ा सवाल खड़ा है</div>
<div> </div>
<div>जिले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142591/after-all-how-will-the-new-district-magistrate-deal-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm11.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>कौशाम्बी।</strong> जनपद के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और घूसखोरी का बड़ा साम्राज्य पनप चुका है जिसकी जड़े हिलाना बड़ा मुश्किल दिखाई पड़ रहा है पूर्व जिला अधिकारी के कार्यकाल में तो भ्रष्ट और घूसखोर अधिकारी कर्मचारी हमेशा साए की तरह उनके आगे पीछे लगे रहते थे और जिले की चौपट विकास योजनाओं पर पूर्व जिला अधिकारी को लगातार गुमराह करते रहे जिससे जिले का विकास बाधित हुआ और इसी बाधित विकास के चलते भाजपा को कौशाम्बी से करारी हार का सामना करना पड़ा भ्रष्ट और घूंसखोर अधिकारी कर्मचारी से नवागत जिला अधिकारी कैसे निपटेगे यह बड़ा सवाल खड़ा है</div>
<div> </div>
<div>जिले में कई ऐसे अधिकारी कर्मचारी हैं जिन्होंने कई करोड़ की अवैध वसूली की है और फिर भी वह पूर्व जिला अधिकारी के कार्यकाल में उनके खासमखास बने रहे प्रत्येक कार्यक्रमों में पूर्व जिलाधिकारी के आगे पीछे देखे जाते थे जिससे आम जनता जिलाधिकारी से अपनी बात बेबाक तरीके से नहीं कह पाती थी जिसका नतीजा यह रहा कि जिले में भ्रष्टाचार और घूंसखोरी तेजी से फैलता रहा आम जनता परेशान होती रही </div>
<div> </div>
<div>योजनाओं में कमीशन खोरी की पहली श्रेणी में लोक निर्माण विभाग,आर ई एस, पंचायत राज विभाग,खनन विभाग,मनरेगा योजना, स्वास्थ्य विभाग,शिक्षा विभाग आदि विभागों में भ्रष्टाचार की जड़े बड़ी गहरी हो गई हैं इन कार्यालयों में तो प्रत्येक कार्यों में बड़ी कमीशन खोरी हो रही है घूसखोरी और कमीशन में लिप्त अधिकारियों कर्मचारियों की मजबूत जड़ को हिलाना बड़ा मुश्किल लगता है इन विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार शासन-प्रशासन को हर तरह से गुमराह कर अपने उद्देश्य की पूर्ति की जाती है</div>
<div> </div>
<div>और अपने उद्देश्य में सफल होते दिख रहे हैं जिससे लगातार भाजपा की किरकिरी हो रही है नतीजा यह है कि विकास योजनाएं जमीनी हकीकत पर नहीं उतर पाती आम जनता गरीब कमजोर मजलूम परेशान है जांच के नाम पर केवल लीपा-पोती होती है सरकारी जमीन तालाब शत्रु संपत्ति में कब्जा करवाने के बाद राजस्व कर्मी वसूली में लिप्त है राजस्व कर्मी भी करोड़ो में खेलते है जिले में आधे से अधिक सरकारी जमीनों पर पूर्व से कब्जे हैं वह कैसे खाली होंगे।</div>
<div> </div>
<div>जिले में बढ़ते भ्रष्टाचार का आलम यह है कि नगर पंचायत नगर पालिका में 35 प्रतिशत तक कमीशन खोरी पहुंच चुका है विकास भवन के कई कार्यालय में भी 30 प्रतिशत तक घूसखोरी पहुंच चुकी है ग्राम पंचायत की हालत तो बद से बदतर है बिना कार्य कराए फर्जी बिल वाउचर से भुगतान कराए जा रहे है जिला पंचायत राज अधिकारी मूकदर्शक बने हैं शिकायतों के बाद जांच कराई जाती है जांच में गबन उजागर होता है नोटिस और धमकी तक पूरी कार्यवाही सीमित रह जाती है</div>
<div> </div>
<div>पंचायत सचिव और प्रधान निलम्बित नही होते हैं जांच में आरोप की पुष्टि होती है लेकिन दर्जनों आरोपी पंचायत सचिव से वर्षो बाद भी सरकारी रकम की रिकवरी नहीं हुई उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है जिससे जिला पंचायत राज अधिकारी और जिला विकास अधिकारी की भूमिका भी सवालों में है खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय और मनरेगा में तो 50 प्रतिशत तक घूसखोरी पहुँच चुकी है सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों अधिकारियों की उपस्थित की स्थिति भी बेहद खराब है कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी इस तरह के कई कर्मचारी हैं जो हमेशा घूसखोरी के लिए विवादों से घिरे रहे हैं</div>
<div> </div>
<div>वह तो अफसर से भी गलत सही काम कराने का ठेका लेकर आम जनता से वसूली करने में माहिर माने जाते हैं लेकिन उनकी शिकायतें जिलाधिकारी तक ना पहुंच सके इसलिए वह हमेशा जिला अधिकारी के आगे पीछे साए की तरह मंडराते रहते हैं भ्रष्ट और घूसखोरों के बड़े साम्राज्य के बीच नए जिला अधिकारी के सामने बड़ी चुनौती है वह इसे स्वीकार कर भ्रष्टाचार की जड़े हिलाने में कितना सफल होते है वह इससे कैसे निपटने में सक्षम होंगे कैसी रणनीति बनाएंगे जिससे भ्रष्टाचार में लिप्त घूंसखोर अधिकारियों और कर्मचारियों के चेहरे की हकीकत जिला अधिकारी के सामने तक पहुंच सके और जिले में भ्रष्टाचार की जड़े कमजोर हो आम जनता खुशहाल हो योगी सरकार का भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का सपना पूरा हो सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 17:12:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> महिला को महिला प्रभारी से नही मिल पा रहा न्याय,आखिर किससे लगाए उम्मीद मिलेगा न्याय</title>
                                    <description><![CDATA[स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते लगातार महिला को किया जा रहा प्रताड़ित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142362/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/,,,1,,,....jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अंबेडकरनगर।</strong> महिला सशक्तिकरण की धज्जियां साफ उड़ती दिखाई दे रही हैं। गरीब महिला लगातार तहसील से लेकर थाने का चक्कर लगा रही है लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। करीब आधा दर्जन से अधिक शिकायती पत्र दे चुकी है फिर भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है विपक्षी अपनी दबंगई और सरकसी के बल पर लगातार उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। महिला को पूर्व में जमीन पर गिरा कर मारा गया अब हमेशा मारने का प्रयास किया जा रहा है।</div>
<div>मामला जैतपुर थानाक्षेत्र अंतर्गत कोटवा गाँव निवासिनी ख़ुशनाज पत्नी सदरे आलम का है। वहीं जैतपुर थाना अध्यक्ष बंदना अग्रहरि महिला होकर भी उसे न्याय नहीं दिला पा रही है। विपक्षीगण मोहम्मद आरिफ, सहवान, अकबरअली, मोहम्मद गुफरान, मोहम्मद समीर,  जिवरान, सबनम, नजीबुलनिशा लगातार गाली गलौज मारपीट कर उसकी जमीन को हड़पने में लगे हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के चलते लगातार उसे प्रताड़ित भी कर रहे हैं। करीब 4 दिन पूर्व उप जिलाधिकारी जलालपुर को उसने शिकायती पत्र देकर उसने अपने संक्रमणीय भूमि से अवैध कब्जा हटवाने व बाथरूम के बंद किए गए पानी को खुलवाने, क्षेत्रीय लेखपाल व स्थानीय थाना को उचित कार्रवाई करने के आदेश की मांग की थी। जिस पर उपजिलाधिकारी जलालपुर ने जैतपुर थाना अध्यक्ष को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आख्या रिपोर्ट मांगी थी लेकिन अभी तक जैतपुर थाना अध्यक्ष बंदना अग्रहरि को पीड़िता के घर पहुंचने तक का समय नहीं मिल पाया। उधर विपक्षीगण नाली में अवैध रूप से मिट्टी डालकर पाटने तथा विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो रहे हैं। बीते 11 जून को विपक्षीगणो ने मारपीट किया था।</div>
<div> </div>
<div>जिस पर पीड़िता ने जैतपुर थाने पर शिकायती पत्र दिया था लेकिन कार्रवाई न होने पर पुनः विपक्षीगणो के द्वारा बीते 13 जून को उसके साथ मारपीट की गई। साथ ही क्षेत्राधिकार जलालपुर को भी शिकायती पत्र देकर संबंधित मामले से अवगत कराया था लेकिन उसे कोई न्याय नहीं मिल पा रहा है। डायल 112 पर फोन करने के बाद भी पीआरबी पर तैनात पुलिसकर्मी उल्टा ही उसे डांटे फिर रहे हैं। आखिर में यह कैसा न्याय है क्या वाकई में यह कहावत जैतपुर थाने के लिए चरितार्थ हो रहा है जिसकी लाठी उसी की भैंस यानी गरीब महिला सही होते हुए भी अपने गरीबी के चलते अपनी ही जमीन से बेदखल की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>और दर-दर न्याय की मांग कर रही है उसे न्याय नहीं मिल रहा है आखिर मारपीट की कई घटनाएं उसके साथ घटित हो चुकी है क्या जैतपुर थाना अध्यक्ष वंदना अग्रहरि किसी बड़ी घटना या अनहोनी का इंतजार कर रही हैं उसके बाद ही कार्यवाही करेंगी फिर हाल जनपद में कई ऐसे जमीनी विवाद के मामले सामने आए हैं जिसमें पुलिस हाथों पर हाथ धरे बैठी रहती है जब कोई बड़ी घटना घटित हो जाती है तो उसके बाद ही पुलिस सक्रिय होती है फिर भी आज तक ऐसे मामलों में संबंधित थाना अध्यक्ष या संबंधित हल्का दरोगा और सिपाही के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 18:55:20 +0530</pubDate>
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