<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/16649/zero-tolerance-policy" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>zero tolerance policy - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/16649/rss</link>
                <description>zero tolerance policy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-32.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वैसे तो शुरू से ही जीजा साले की जोड़ी के निशाने पर है लूट करने के लिए परन्तु इसके साथ साथ भ्र्ष्ट अधिकारीयों, कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लूट के संगठित गिरोह का भी अनुपम उदहारण है, नए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की भ्र्ष्ट छवि सुधरने की, क्योकि उनके पूर्ववर्ती अमित मोहन प्रसाद और कंचन वर्मा ने भी जीजा साले से मिलकर मेडिकल कारपोरेशन के मुंह पर कालिख पोतने में कोई कसर नहीं छोड़ी है l </p><h4 style="text-align:justify;"><strong>लूट के निशाने पर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में वेंटिलेटर का टेंडर  </strong></h4><p style="text-align:justify;"><br /></p><p style="text-align:justify;">जीजा साले द्वारा इसी वेंटीलेटर के टेंडर को लूटने की योजना बनाई जा रही है इसी क्रम में जीजा साले  की जोड़ी द्वारा कोशिश की जा रही है कि कारपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण के पद पर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़  सिद्धार्थ सिंह की तैनाती की कराई जा सके, जिससे की इस वेंटीलेटर के टेंडर में पूरा खेल किया जा सके और अच्छे जीवन रक्षक उपकरण की जगह घटिया चीनी उत्पाद प्रदेश के अस्पतालों में स्थापित किया जा सके और जनता को घटिया चीनी उपकरण के जरिये मौत के मुंह में धकेल कर जम कर लूट की जा सके, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-12.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="942" height="628"></img></p><h4 style="text-align:justify;"><strong>जीजा साले की जोड़ी का चीनी उत्पाद से प्रेम</strong></h4><p style="text-align:justify;">हाल ही में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष के नाराजगी और वेंटीलेटर की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश के बाद वेंटीलेटर के टेंडर में हलचल मची है ताज़ा प्रकरण में लूट के निशाने पर वेंटीलेटर का टेंडर है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221 के द्वारा प्रदेश के अस्पतालों के लिए वेंटीलेटर की खरीद की जानी है, उक्त टेंडर में 11 कंपनियों ने प्रतिभाग किया है जिसमे से एक कंपनी जीजा साले की HEIDELCO MEDICORE PVT LTD है, वैसे तो अधिकांश टेंडरों में HEIDELCO MEDICORE PVT LTD कंपनी अपने आप को उपकरण निर्माता बताती रही या फिर अपने आपको POCT SERVICES का अधिकृत वितरक, परन्तु इस टेंडर में कुछ नया ही खेल खेला जा रहा है, HEIDELCO MEDICORE PVT LTD ने अपने आपको SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH  का अधिकृत वितरक दिखाया है और वेंटीलेटर का मॉडल TOPNOTCH TV 15 है,</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>भारतीय कंपनी की आड़ और चीनी वेंटीलेटर</strong></h4><p style="text-align:justify;">घटिया चीनी उपकरण को उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में खपाने की कवायद कुछ इस प्रकार से की जा रही है, जेम पोर्टल के टेंडर सख्या  GEM/2025/B/5823357 EQUIPMENT ICU VENTILATOR QTY 221  में कंपनी SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH द्वारा खुद को वेंटीलेटर का निर्माता बताया है, परन्तु असली निर्माता कंपनी SHENZHEN MINDRAY BIO MEDICAL ELECTRONICS COMPANY LIMITED  है, और SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH घटिया चीनी वेंटीलेटर को फ़र्ज़ी लेबल लगाकर भारतीय उपकरण दिखाकर जीजा साले द्वारा,  HEIDELCO MEDICORE PVT LTD,LUCKNOW  कंपनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अस्पतालों में सप्लाई करके बड़ी लूट की तैयारी है और उत्तर प्रदेश की जनता को घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरण के द्वारा मौत के मुहं में धकेलने की तैयारी है, लेकिन इनको नहीं पता है की वेंटीलेटर की खरीद पर उच्च न्यायालय की पैनी नज़र है, </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के वेंटिलेटर के टेंडर में बड़ा खेल -1" width="909" height="606"></img></p><p style="text-align:justify;"><strong>चीन प्रेम और साइंस हाउस मेडिकल्स भोपाल का हश्र</strong><br /> <br />अभी हाल में ही अपने चीन प्रेम के कारन और चीनी घटिया जीवन रक्षक उत्पाद को मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सप्लाई करने के कारन कुख्यात जीजा साले की जोड़ी के सहयोगी SCIENCE HOUSE MEDICALS PVT LTD BHOPAL के निदेशक जीतेन्द्र तिवारी, सुनैना तिवारी, राजेश गुप्ता और शैलेन्द्र तिवारी अपने कर्मचारियों के साथ जेल में है और अब   लगता है की फर्जीवाड़ा करने के कारन और जीजा साले की जोड़ी से संबंधों के कारन SYSMED MEDICAL TECHNOLOGIES PVT LTD, CHANDIGARH कंपनी के निदेशक हेमंत सिंगला, वीणा जॉली, अंकुर मंगला, नवदीप सिंगला भी अपने कर्मचारियों के साथ जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं, आश्चर्यजनक यह हैं की मात्र तीन वर्ष पुरानी कंपनी वेंटीलेटर और एनेस्थीसिया जैसे बड़ी मशीनों की निर्माता बन गयी हैं I जीजा साले की जोड़ी को फायदा पहुंचने के लिए उज्जवल कुमार द्वारा वेंटीलेटर के स्पेसिफिकेशन्स में भी बड़ा बदलाव किया गया हैं</p><h4 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन का पक्ष</strong></h4><p style="text-align:justify;">इस वेंटीलेटर के टेंडर के प्रकरण में संवाददाता द्वारा जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो मेडिकल कारपोरेशन द्वारा टेंडर में नामित बायर देवव्रत कुमार आर्य द्वारा स्वतंत्र प्रभात के संवाददाता को बताया गया  की मेडिकल कारपोरेशन चीनी उपकरण नहीं खरीदता है और यदि वेंटीलेटर के टेंडर में कोई उपकरण या कंपनी चीनी पाया जाता है तो उस निविदा को निरस्त किया जायेगा  </p><h5 style="text-align:justify;"><strong>बृजेश पाठक की जिम्मेदारी योगी की जीरो टॉलरेंस नीति</strong></h5><p style="text-align:justify;">वेंटीलेटर के टेंडर में हो रहा है इस खेल को रोकने की पूरी पूरी जिम्मेदारी बृजेश पाठक की है क्योंकि सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और जिनकी भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की नीति है, अतः इस नीति का पूरी तरीके से पालन कराना बृजेश पाठक की जिम्मेदारी है विभागीय मंत्री होने के नाते, चुनावी वर्ष है इसलिए सरकार को हर कदम अपना फूंक फूंक कर  रखना होगा ताकि जनता में उचित संदेश जाए इमानदारी का, इस चुनावी वर्ष में कोई भी व्यक्ति शातिर दलालों के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं चाहेगा<br /> <br /><strong>अगले अंक में वेंटीलेटर टेंडर में लूट और जीजा साले के चीन प्रेम पर खुलासा .......</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177169/big-game-in-the-tender-of-ventilator-of-uttar-pradesh</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:20:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-32.jpg"                         length="53403"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p>  </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589" /></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175879/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/photo-2.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊ -उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p> </p>
<p>उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना इसलिए की गयी थी की सबसे बड़े सूबे की जनता को सूबे के अस्पतालों में विश्व स्तरीय जीवन रक्षक उपकरणों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मिलें परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन केवल भ्रष्ट-अधिकारीयों, कर्मचारियों और शातिर दलालों के गठजोड़ से लूट का एक अड्डा बन कर रह गया है l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="884" height="589"></img></p>
<p>उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को घटिया चीनी उपकरणों के जरिए बर्बाद करने वाले उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक उपकरण रहे उज्जवल कुमार के शातिर दलालों के साथ किए गए काले कारनामों को अभी प्रदेश भुला ही नहीं है की मेडिकल कॉरपोरेशन के अधिकारियों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के पूर्व कर्मचारी और प्रबंधक उपकरण रहे सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति की तैयारी चल रही है l </p>
<p>सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह वर्तमान में असम सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन में वरिष्ठ प्रबंधक उपकरण के पद पर तैनात हैं और बिहार सरकार के मेडिकल कॉरपोरेशन से भर्ष्टाचार में बर्खास्त कर्मचारी हैं,  बिहार मेडिकल कॉरपोरेशन में वर्ष 2014 में हुए उपकरण घोटाले में सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह,  उज्जवल कुमार और उनके बॉस त्रिपुरारी कुमार बर्खास्त हुए थे, उक्त घोटाले में आठ कर्मचारी बर्खास्त हुए थे और वहां भी यह लोग सरकार की बजाय शातिर दलालों के साथ काम करते रहे थे l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-4.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="869" height="579"></img></p>
<p>हमेशा घोटाले में लिप्त रहने वाले और शातिर दलालों को फायदा पहुंचाने वाले सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह का शातिर दलालों के साथ गठजोड़ बहुत पुराना है, सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह जब उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन में प्रबंधक उपकरण के पद पर थे, तब उनके भ्रष्टाचार की गाथाएं मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी,  कठोर कार्रवाई होने के डर से सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन की नौकरी से इस्तीफा देकर आसाम भाग गया था l </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-3.jpg" alt="उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में महाप्रबंधक उपकरण की नियुक्ति में खेल" width="1200" height="800"></img></p>
<p>भष्टाचार के कारन महाप्रन्धक उपकरण उज्जवल कुमार की विदाई के बाद शातिर दलालों द्वारा महाप्रबंधक उपकरण के पद पर अपने खास व्यक्ति की नियुक्ति कराने  का खेल चल रहा है, जिससे कि प्रदेश के अस्पतालों में घटिया चीनी जीवन रक्षक उपकरणों की आपूर्ति शातिर दलालों द्वारा बाजार दर से कई गुना अधिक दर पर की जा सके और जमकर लूट मचाकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्वस्त किया जा सके, </p>
<p> प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इसका संज्ञान लेना होगा अगर सिद्धार्थ बहादुर सिंह उर्फ़ सिद्धार्थ सिंह की नियुक्ति महाप्रबंधक उपकरण के पद पर होती है तो यह सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लंघन होगा</p>
<p><strong>अगले अंक में नए घोटाले के खुलासे के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम...........</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175879/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/175879/%E0%A4%89%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%95-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%B2</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 07:31:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/photo-2.jpg"                         length="124099"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर अधिवक्ता पर सहकारी समितियों का लाखों रुपया का हेराफेरी का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ललितपुर।</strong> जीरो टोलरेंस नीति का हवाला देने वाली भाजपा सरकार के अहम विभाग में जी.एस.टी. के लाखों रुपये गबन का घोटाला सामने आने से हडक़म्प मचा हुआ है। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हुये एक कर अधिवक्ता पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में उ.प्र.सहकारी समिति कर्मचारी संघ अध्यक्ष व महामंत्री ने उपायुक्त एवं उपनिबंधक सहकारिता झांसी मण्डल को पत्र लिखकर पूरे मामले की समितिवार जांच कर रकम वापस कराने और कर अधिवक्ता का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी है। लाखों रुपये गबन का मामला चर्चाओं में आने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161313/tax-lawyer-accused-of-embezzling-lakhs-of-rupees-from-cooperative"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm4.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ललितपुर।</strong> जीरो टोलरेंस नीति का हवाला देने वाली भाजपा सरकार के अहम विभाग में जी.एस.टी. के लाखों रुपये गबन का घोटाला सामने आने से हडक़म्प मचा हुआ है। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हुये एक कर अधिवक्ता पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में उ.प्र.सहकारी समिति कर्मचारी संघ अध्यक्ष व महामंत्री ने उपायुक्त एवं उपनिबंधक सहकारिता झांसी मण्डल को पत्र लिखकर पूरे मामले की समितिवार जांच कर रकम वापस कराने और कर अधिवक्ता का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी है। लाखों रुपये गबन का मामला चर्चाओं में आने के बाद से समिति सचिवों व उच्चाधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उ.प्र.सहकारी समिति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कमल किशोर बबेले व महामंत्री पंकज सिंह ने संयुक्त रूप से एक पत्र उपायुक्त एवं उपनिबंधक सहकारिता झांसी मण्डल को भेजा है। पत्र में उन्होंने ललितपुर की 30 सहकारी समिति के सचिवों ने बीते पांच वर्षों से जीएसटी रिर्टन भरने के लिए नियुक्त कर अधिवक्ता पर लगभग 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुये विभाग से उक्त कर अधिवक्ता का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर एफआईआर दर्ज कराये जाने की मांग उठायी है।</p>
<p style="text-align:justify;">संघ अध्यक्ष ने बताया कि कर अधिवक्ता द्वारा जीएसटी मद से अधिक शुल्क लेने के सम्बन्ध में एक पत्र सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक ललितपुर को पत्र प्रेषित किया गया था। बावजूद इसके कर अधिवक्ता द्वारा समितियों के जीएसटी रिर्टन भरवाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। बताया कि समितियों द्वारा जो धनराशि कर अधिवक्ता के खाते में स्थानान्तरित की गयी, उतनी जीएसटी मद में जमा न करते हुये कम धनराशि कर अधिवक्ता द्वारा जमा की गयी है, जिससे समितियों को आर्थिक क्षति हुयी है एवं कर अधिवक्ता द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किये जाने का भी आरोप है।<br /><br /><strong>समितिवार आंकलन करने पर आया मामला सामने</strong><br />संघ अध्यक्ष ने बताया कि जिले की तीस सहकारी समितियों पर कुल 3609254 रुपये की धनराशि कर अधिवक्ता के खाते में जीएसटी मद के लिए ट्रांस्फर की गयी, लेकिन कर अधिवक्ता द्वारा कुल 1646272 रुपये ही जीएसटी मद में जमा की गयी एवं शेष 1962982 रुपये को अपने निजी उपयोग में कर लिया गया। संघ ने कहा कि यदि यह धनराशि समितियों के प्रकीण खातों में वापस ट्रांस्फर हो जाये तो समितियों को अपने विद्युत बिल, कनेक्टिविटी आदि के बिल भुगतान करने में सुगमता होगी। यह भी आरोप है कि समितियों को विधिवत जानकारी न होने के कारण कर अधिवक्ता ने सचिवों को गुमराह कर यह धनराशि अपने खाते में ट्रांस्फर करा ली।<br /><br /><strong>जांच कर कार्यवाही की मांग</strong><br />उ.प्र.सहकारी समिति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कमल किशोर बबेले व महामंत्री पंकज सिंह ने संयुक्त रूप से उपायुक्त एवं उपनिबंधक सहकारिता को भेजे पत्र में उक्त कर अधिवक्ता का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराते हुये इनके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही किये जाने की मांग उठायी है।<br /><br /><strong>आयकर विभाग के नोटिस से खुली नींद</strong><br />गेंहू पर शून्य जीएसटी है, जबकि गेंहू क्रय केन्द्रों के लिए तैयार बैलेंस शीट में गलत विवरण दर्ज किया गया। आयकर विभाग ने टर्न ओवर के अनुसार समयाविधि तक ऑडिट न होने पर नोटिस जारी कर दिया। नोटिस विभाग में मानो किसी बम की तरह फट पड़ा। कर अधिवक्ता से समितियों ने जबाव तलब करना शुरू कर दिया। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक रिर्टन दाखिल करने के लिए जिस अधिवक्ता को अधिकृत किया है, उनके द्वारा ही लाखों रुपये का गबन करते हुये घोटाले को अंजाम दे डाला।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161313/tax-lawyer-accused-of-embezzling-lakhs-of-rupees-from-cooperative</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/161313/tax-lawyer-accused-of-embezzling-lakhs-of-rupees-from-cooperative</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 20:11:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm4.jpeg"                         length="36484"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधान और पंचायत सचिव की मिली भगत से लाखों डकार जाने के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[ इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में जिओ टेक कहीं और का और इंटरलॉकिंग निर्माण कहीं और कराए जाने का मामला बना चर्चा का विषय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149477/allegations-of-millions-of-belching-due-to-bhagat-of-principal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/0.0049.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> लखीमपुर खीरी - </strong>भले ही सुबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जीरो टारलेंस की नीति लागू कर रहे हैं पर इन्हीं के मातहतो  द्वारा ग्राम प्रधान के साथ-साठगांठ करके अपनी ही सरकार के प्रयासों और दावो के धज्जिया उड़ाते देखे जा सकते हैं मामला विकासखंड लखीमपुर की घपला और घोटाले के लिए चर्चित ग्राम पंचायत भंसडिया  में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपए का बन्दरवाट कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है उक्त जुगल जोड़ी द्वारा योगी सरकार की जीरो टारलेंस नीति का मखौल उड़ाते हुए लाखों रुपए डकार कर खुद का विकास कर लिया जाने के आरोपों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।</div>
<div> </div>
<div>गौर तलब हो कि ग्राम पंचायत भन्साड़िया में गत वितीय वर्ष 2023 -24 में लाखों रुपए पंचायत में विकास कार्य करने के नाम पर निकाल कर  आपस में बंदरबाट कर अपनी-अपनी तिजोरिया भर ली गई है और अा ला हुक्मरान खंड विकास अधिकारी लखीमपुर खीरी को इसकी भनक तक न लगना हास्यपद मालूम पड़ता है प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सूत्र बताते हैं कि उपरोक्त कार्यो के नाम पर एक ही दिन में एक ही फर्म को लाखों का भुगतान किया गया है इतना ही नहीं पंचायत में टेंट लगवाने जैसे काम दर्शाकर भुगतान निकाल कर हजम कर लिया गया है सबसे मजेदार बात तो यह है कि ग्राम परधान वा पंचायत सचिव के भ्रष्टाचार की रेल यहीं पर नहीं रुकी।</div>
<div> </div>
<div>और पंचायत में जरूरी कार्य दर्शाकर अपनी चाहेती फर्मो को हजारों का भुगतान कर डाला गया जिससे पता चलता है कि किस कदर भ्रष्टाचार अपने पूरे सबाब पर है यदि मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च अधिकारी गण एक उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर कराये मामले की स्थलीय सत्यापन एवं दस्तावेज शाक्षीयो पर आधारित निष्पक्ष जांच तो भन्साड़िया में भारी भ्रष्टाचार का खुलासा होना तय होगा!</div>
<div> </div>
<div><strong> नाला निर्माण के नाम पर 2,36,524 रुपए हडप लिए जाने के आरोप</strong></div>
<div> ग्राम पंचायत भंसाडिया के मजरा नया पूरवा में वित्तीय वर्ष 2023_ 24 में अनिल के मकान से सुनैना के मकान तक का बनवाए गए नाला में दोयम दर्जेकी ईट और मानक विपरीत मसाला लगाकर नाला निर्माण कराया गया कहने  को तथा कागजों पर भले नाला निर्माण हुआ पर मौके पर यह महज नाली ही नजर आ रही है ग्राम पंचायत भन्साड़िया के नयापुरवा में उतील के मकान से रमेश के घर तक पुनः नाला निर्माण 14.10.2024 को एक ही दिन में 2,47,890 का भुगतान निकल गया अगर गौर किया जाए तो नाला निर्माण में जमकर मानकों की ऐसी तैसी करके रेशीयो को तोड़ा गया है एक नाले पर दो-दो बार एक ही दिनांक में डबल भुगतान होना संदेह पैदा करने को काफी है यदि नाला निर्माण में गुणवत्ता और भुगतान की कराई जाए जांच तो प्रधान व सचिव पर जांच आना तय होगा।</div>
<div> </div>
<div><strong> ग्राम पंचायत में हरवंश के मकान से गोला रोड तक कराए गए इंटरलॉकिंग निर्माण में भारी गड़बड़ी के आरोप</strong></div>
<div> हरवंश के मकान से गोला रोड तक इंटरलॉकिंग के नाम पर रुपया 7 लाख 10342 का भुगतान 10 फरवरी 2024 को किया गया जबकि मौके पर इंटरलॉकिंग कम लगवाई गई है इतना ही नहीं दिनांक 20 फरवरी 2024 को 1,78,779 बिना किसी नाम का दिखाई इंटरलॉकिंग के नाम निकल गए हैं वहीं 3 फरवरी 2024 को हुयम पाइप खरीद पर 22500 निकाले गए लेकिन ह्यूम पाइप नाम मात्र के पड़े  होने की बात सामने आई है हकीकत तो यह है कि एक हयूम पाइप को काटकर दो जगहडालकर दो पाइपों का पैसा निकल जाना चर्चा का विषय बना हैँ lवही 3 फरवरी 2024 के बाद दिनांक 5 सितंबर 2023 को नल मरम्मत के नाम पर 1,33,015 रुपए का फर्जी भुगतान पटेल मशीनरी के नाम किया गया है। </div>
<div> </div>
<div>कूड़ा उठाने की ठेलिया खरीद के नाम पर दिनांक 6 सितंबर 2023 को साइकिल स्टोर को 34,114 का भुगतान निकल गया जबकि यदि कोटेशन पर गौर करें तो यही ठेलिया मार्केट में 12500 में आसानी से उपलब्ध है 6 सितंबर को ही 9115 रुपए ठेलिया मरम्मत के नाम निकल गया भ्रष्टाचार की दास्तान स्वयं बया कर रहा है अहम सवाल यहां पर यह पैदा होता है कि क्या जिस दिन ठेलिया क्रय की गई उसी दिन इसकी मरम्मत की नौबत आ गई यदि ऐसा नहीं तो ₹9000 से मरम्मत कैसे हो गई मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा टेंट के नाम पर 20,400 का भुगतान निकल गया जरूरी कार्य के नाम पर भन्साड़िया में 52000 का भुगतान 25 नवंबर 2023 और इसी दिन आनंद मार्बल टाइल्स खरीद के नाम पर फर्म को 11200, पटेल मशीनरी स्टोर के नाम पर 31840 रुपए,25.11. 2023 विकास के नाम पर निकाला गया ।</div>
<div> </div>
<div>सूत्रों के बताएं अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा भुगतान करने के बाद सचिव फर्म से ही भुगतान वापस ले लेते हैं और बाद में आपस में बंदरबांट कर लिया जाता है यदि जिला अधिकारी खीरी ले मामले का संज्ञान और करा ले  स्थलीय जांच तो कई लोगों की गर्दने फसना तय होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149477/allegations-of-millions-of-belching-due-to-bhagat-of-principal</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149477/allegations-of-millions-of-belching-due-to-bhagat-of-principal</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:34:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/0.0049.jpg"                         length="499647"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहगंज में रिश्वतखोरी का वायरल वीडियो: जन्म प्रमाण पत्र के लिए महिला लेखपाल ने मांगी घूस</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर, शाहगंज-</strong> योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद भ्रष्टाचार पर लगाम कसती नहीं दिख रही है। ताजा मामला शाहगंज तहसील का है, जहां एक महिला लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह लेखपाल जन्म प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के बदले मोटी रकम वसूल रही थी।</div>
<div>  </div>
<div>सूत्रों के अनुसार, यह लेखपाल एसडीएम कार्यालय, शाहगंज से संबंधित है और इससे पहले भी कई बार भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाओं में रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र से लेकर अन्य भूमि संबंधी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149462/women-accountant-sought-bribe-for-viral-video-birth-certificate-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/unnamed-(3)2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर, शाहगंज-</strong> योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद भ्रष्टाचार पर लगाम कसती नहीं दिख रही है। ताजा मामला शाहगंज तहसील का है, जहां एक महिला लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह लेखपाल जन्म प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के बदले मोटी रकम वसूल रही थी।</div>
<div> </div>
<div>सूत्रों के अनुसार, यह लेखपाल एसडीएम कार्यालय, शाहगंज से संबंधित है और इससे पहले भी कई बार भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाओं में रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र से लेकर अन्य भूमि संबंधी कार्यों के लिए इस लेखपाल द्वारा अवैध वसूली की जाती है।</div>
<div> </div>
<div>वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है। क्या सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियां इस पर असर दिखाएंगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149462/women-accountant-sought-bribe-for-viral-video-birth-certificate-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149462/women-accountant-sought-bribe-for-viral-video-birth-certificate-of</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 13:16:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/unnamed-%283%292.jpg"                         length="47156"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आयुष्मान कार्ड से गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले : जिलाधिकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर। </strong>जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत डी०जी०आर०सी० (जिला शिकायत निवारण समिति) की बैठक संपन्न हुई । जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त नर्सिंग होम के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की लाभकारी योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले यह सुरक्षित किया जाए। </div>
<div>  </div>
<div>  जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुसार पारदर्शिता पूर्वक जीरो टॉलरेंस नीति के अनुसार भ्रष्टाचार मुक्त कार्य हो,यदि किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार किया जाता है तो उसकी शिकायत सीधे मुझसे करें । समीक्षा के दौरान यह पाया कि</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149341/district-magistrate-should-get-quality-treatment-with-ayushman-card%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250304-wa0013.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर। </strong>जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत डी०जी०आर०सी० (जिला शिकायत निवारण समिति) की बैठक संपन्न हुई । जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त नर्सिंग होम के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की लाभकारी योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले यह सुरक्षित किया जाए। </div>
<div> </div>
<div> जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुसार पारदर्शिता पूर्वक जीरो टॉलरेंस नीति के अनुसार भ्रष्टाचार मुक्त कार्य हो,यदि किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार किया जाता है तो उसकी शिकायत सीधे मुझसे करें । समीक्षा के दौरान यह पाया कि जनपद कानपुर नगर में आयुष्मान योजना अंतर्गत सूचीबद्ध कुल 228 चिकित्सालय हैं, जिनमें 167 निजी चिकित्सालय तथा 61 राजकीय चिकित्सालय है। जिसके अंतर्गत 77 चिकित्सालयों के 1010 सी0डी0 पी0 केस रिजेक्ट हुए है जिनका भुगतान नहीं किया गया।</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्वयं एक एक  प्रकरणों की जांच करने के उपरांत ही समिति के सम्मुख प्रकरण प्रस्तुत किया जाए। निर्देशित करते हुए कि प्रभारी नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद के 1010 सी०पी०डी० रिजेक्ट एक एक केसों की समीक्षा करते हुए सूची बनाई जाए कि किस नर्सिंग होम के कितने केस किस कारण से कब, कैसे  रिजेक्ट हुए है ।</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने प्रभारी नोडल अधिकारी को यह भी सुनिश्चित करें कि पूर्व में आयोजित डी0जी0आर0सी की बैठक में रिजेक्ट केस कितने थे उसकी सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए, जिनके द्वारा आज ही लखनऊ उनके साचीज कार्यालय में जाकर एक एक केसों की समीक्षा स्वयं किए जाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने नर्सिंग होम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके द्वारा भी रिजेक्ट केसों के संदर्भ में एक सूची तैयार कर प्रस्तुत की जाए। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत, नर्सिंग होम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ0 सरावगी समेत अन्य संबंधित  नर्सिंग होम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149341/district-magistrate-should-get-quality-treatment-with-ayushman-card%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149341/district-magistrate-should-get-quality-treatment-with-ayushman-card%C2%A0</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 15:20:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250304-wa0013.jpg"                         length="119956"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर डीएम कानपुर की बड़ी कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[डीएम ने की मनरेगा में धांधली पर प्रधान, वीडीओ व सहायक पर बड़ी कार्रवाई ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149252/dm-kanpurs-major-action-on-the-zero-tolerance-policy-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img_20250303_085750.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>जिलाधिकारी कानपुर नगर जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सरकारी विभागों में व्याप्त धांधली, लापरवाही व भ्रष्टाचार के प्रति लगाम कसना शुरू कर दिया है। अभी तक जिलाधिकारी तमाम विभागों में निरीक्षण कर रहे थे और वहां की खामियों को परख रहे थे। लेकिन अब उन्होंने बड़ी कार्रवाई करना शुरू कर दिया है  प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जिलों जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत जनपद के  तहसील सदर में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग में मिली खामियां को देखते हुए कार्यवाही की गई है। विगत 20 जनवरी 2025 को जिलाधिकारी कानपुर नगर जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा उक्त निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग के निरीक्षण के क्रम में बड़ी कार्रवाई की गई है।</div>
<div> </div>
<div> उक्त निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर बीम व कॉलम आदि में शटरिंग के जॉइंट पर सीमेंट की बोरियां लगी पाईं गईं तथा ग्राउंड फ्लोर पर बाहर की तरफ की बीम में ब्लागिंग पाए जाने पर अत्यधिक रोष व्यक्त किया गया था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा व उसके उपरांत कई बार निर्माणाधीन पार्किंग के परियोजना प्रबंधक एस. के. वर्मा द्वारा संस्था से उक्त कमियों को ठीक करने को कहा गया लेकिन अब तक ठीक नहीं किया गया. इसलिए जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में परियोजना प्रबंधक के द्वारा निर्माण कार्य में मेसर्स गंगा इन्फ्रा बिल्ड  प्राइवेट लिमिटेड पर ₹5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है  जिसकी कटौती उक्त संस्था के बीजक से की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>इसके अतिरिक्त मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायत निवादा मगही विकासखंड शिवराजपुर में की जांच में दोषी पाए गए प्रधान कैलाश, निलंबित  ग्राम विकास अधिकारी मनोज वर्मा व तकनीकी सहायक अरविंद बाजपेई पर क्रमशः 22989 रुपए 22989 रुपए और 22988 रुपए जुर्माना लगाया गया। संबंधित ग्राम प्रधान पर जिला पंचायती राज अधिकारी द्वारा वसूली के साथ-साथ प्रशासनिक भी कार्रवाई  की जाएगी। संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है साथ ही, खंड विकास अधिकारी, शिवराजपुर द्वारा वसूली भी किया जाएगा। वहीं, तकनीकी सहायक अरविंद बाजपेई से खंड विकास अधिकारी शिवराजपुर वसूली करेंगे साथ ही मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर द्वारा उस पर प्रशासनिक कार्रवाई की भी जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149252/dm-kanpurs-major-action-on-the-zero-tolerance-policy-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149252/dm-kanpurs-major-action-on-the-zero-tolerance-policy-of</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 14:25:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img_20250303_085750.jpg"                         length="302835"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम पंचायत सैनी का लेखपाल सरकार की जीरो टॉलरेन्स नीति को लगा रहा पलीता </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>महेन्द्र कुमार शुक्ल ब्यूरो-प्रमुख </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>कौशाम्बी।</strong>प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रत्येक मॉडल ग्राम पंचायत में अपशिष्ट प्रबंधन सेन्टर बनाने के लिए धनराशि मुहैया कराई गई जिससे ग्राम पंचायत में मौजूद कचरे को प्रबन्धन केन्द्र ले जाकर उन्हें एकत्र किया जा सके और साफ सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा सके। जिस पर तेजी से काम भी किया जा रहा है किन्तु विकास खण्ड कड़ा के ग्राम पंचायत सैनी में लेखपाल के नकारेपन के चलते सरकार के मंसूबों को दरकिनार किया जा रहा है। सितंबर 2023 में ग्राम प्रधान को इसके लिए बाकायदा धनराशि मुहैया कराई गई ताकि अपशिष्ट प्रबन्धन केन्द्र</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142048/accountant-of-gram-panchayat-saini-is-sabotaging-the-governments-zero"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/screenshot_2024_0609_150717.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>महेन्द्र कुमार शुक्ल ब्यूरो-प्रमुख </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>कौशाम्बी।</strong>प्रदेश सरकार के निर्देश पर प्रत्येक मॉडल ग्राम पंचायत में अपशिष्ट प्रबंधन सेन्टर बनाने के लिए धनराशि मुहैया कराई गई जिससे ग्राम पंचायत में मौजूद कचरे को प्रबन्धन केन्द्र ले जाकर उन्हें एकत्र किया जा सके और साफ सफाई व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा सके। जिस पर तेजी से काम भी किया जा रहा है किन्तु विकास खण्ड कड़ा के ग्राम पंचायत सैनी में लेखपाल के नकारेपन के चलते सरकार के मंसूबों को दरकिनार किया जा रहा है। सितंबर 2023 में ग्राम प्रधान को इसके लिए बाकायदा धनराशि मुहैया कराई गई ताकि अपशिष्ट प्रबन्धन केन्द्र बनाया जा सके किंतु अपशिष्ट प्रबन्धन केन्द्र निर्माण तो दूर अभी तक उसकी नींव भी नहीं रखी जा सकी है।</div>
<div> </div>
<div>मालूम हो कि विकास खण्ड कड़ा के ग्राम पंचायत सैनी में मॉडल ग्राम पंचायत के तहत सितंबर 2023 में ग्राम पंचायत के खाते में 10 लाख रुपए आर आर सी केन्द्र बनाने के लिए ट्रांसफर किए गए थे किन्तु तकरीबन 9 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं हो सका है। जिसका कारण मौजूदा लेखपाल का नाकारापन है ग्राम प्रधान कमला देवी द्वारा बार-बार कहे जाने के बाद भी हल्का लेखपाल अचल कुमार मौर्य ने आर आर सी  सेन्टर की जमीन को खाली कराकर प्रधान को हैण्ड ओवर नहीं किया ग्राम प्रधान की माने तो इस पूरे मामले में उनके द्वारा कई बार उच्च अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से अवगत भी कराया गया किन्तु अब तक एक रत्ती भी काम आगे नहीं बढ़ सका है।</div>
<div> </div>
<div><strong>लेखपाल के मनमाने रवैये के चलते खाते में आई धनराशि वापस जाने की कगार पर</strong></div>
<div> </div>
<div>चर्चित लेखपाल अचल सिंह मौर्य के विचित्र कारनामों के चलते अपशिष्ट प्रबन्धन केन्द्र बनाने के लिए सितंबर 2023 में मॉडल ग्राम पंचायत सैनी के खाते में भेजी गई 10 लाख रुपए की धनराशि वापस जाने के कगार पर किन्तु लेखपाल है कि सुनने को तैयार नहीं है सम्पूर्ण समाधान में दिवस व एसडीएम सिराथू यू बाकायदा लिखित पत्राचार भी किया गया किन्तु प्रशासन भी लेखपाल के आगे नतमस्तक होता दिख रहा है जिसके चलते सरकार के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को पलीता लगा रहा है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/142048/accountant-of-gram-panchayat-saini-is-sabotaging-the-governments-zero</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/142048/accountant-of-gram-panchayat-saini-is-sabotaging-the-governments-zero</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Jun 2024 16:04:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-06/screenshot_2024_0609_150717.jpg"                         length="146814"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        