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                <title>FIR darj - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>FIR darj RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बुरे फंसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, नाबालिग यौन शोषण केस में FIR के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<h2>  </h2>
<p>ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रयागराज की पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से कथित यौन शोषण के मामले में उनके और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h3><strong>कोर्ट ने क्यों दिए FIR के आदेश</strong></h3>
<p>मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में हुई। अदालत ने नाबालिग पीड़िताओं के बयान, पुलिस रिपोर्ट और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह माना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170716/fir-has-been-ordered-against-shankaracharya-avimukteshwarananda-in-the-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/avimukteshwanand-saraswati.jpg" alt=""></a><br /><h2> </h2>
<p>ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रयागराज की पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से कथित यौन शोषण के मामले में उनके और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<h3><strong>कोर्ट ने क्यों दिए FIR के आदेश</strong></h3>
<p>मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में हुई। अदालत ने नाबालिग पीड़िताओं के बयान, पुलिस रिपोर्ट और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह माना कि मामला प्रथम दृष्टया जांच योग्य है। इसी आधार पर कोर्ट ने पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया।</p>
<p>बताया जा रहा है कि 13 फरवरी को आरोप लगाने वाली दोनों नाबालिग लड़कियों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के माध्यम से दर्ज कराए गए थे। बयान दर्ज होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब जारी करते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया। अदालत ने पुलिस से कहा है कि जांच पूरी कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।</p>
<h3><strong>शिकायत कैसे पहुंची अदालत तक</strong></h3>
<p>यह शिकायत शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में दायर की थी। उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(4) के तहत याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि शंकराचार्य के आश्रम में नाबालिग लड़कियों का कथित यौन शोषण किया जाता था।</p>
<p>शिकायत के समर्थन में उन्होंने अदालत को एक सीडी भी सौंपी, जिसमें कथित तौर पर कुछ साक्ष्य होने का दावा किया गया है। अदालत ने इस सामग्री को रिकॉर्ड का हिस्सा मानते हुए मामले पर सुनवाई की और FIR दर्ज करने का आदेश जारी किया।</p>
<h3><strong>झूंसी पुलिस करेगी जांच</strong></h3>
<p>कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस अब मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करेगी। पुलिस पीड़िताओं के बयान, आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ, उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।</p>
<p>जांच पूरी होने के बाद पुलिस अपनी रिपोर्ट पॉक्सो कोर्ट में दाखिल करेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।</p>
<h3><strong>शिकायतकर्ता ने जताया संतोष</strong></h3>
<p>कोर्ट के आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने संतोष जताते हुए कहा कि यह फैसला पीड़िताओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने प्रयागराज से वाराणसी स्थित विद्या मठ तक पैदल “सनातन यात्रा” निकालने का ऐलान भी किया है। उनका कहना है कि इस यात्रा के माध्यम से वह लोगों के सामने पूरे मामले की सच्चाई रखेंगे।</p>
<h3><strong>अभी आरोप साबित होना बाकी</strong></h3>
<p>फिलहाल अदालत ने केवल FIR दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच और अदालत की आगे की सुनवाई के बाद ही मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 20:33:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj Uttar Pradesh Breaking नगर निगम की मिलीभगत से जालसाजी कर करोड़ों का मकान हड़पने की साजिश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  प्रयागराज के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र सिविल लाइन में करोड़ों का आलीशान बंगला (भवन सं 41/33 तस्कन्द मार्ग) का बटवारा 1958 में तीन हिस्सों में किया गया था जिसमे पूर्वी हिस्सा स्व महाराजा बहादुर लाल सेवानिवृत जिला जज का था, पश्चिमी हिस्सा स्व राजरानी का था एवं दक्षिणी भाग स्व बजरंग बहादुर लाल का था। स्व श्रीमती राजरानी ने अपने पश्चिमी हिस्से का मकान अपनी पुत्री श्रीमती शोभा रानी सरकार को वसीयतनामे दिनांकीत 27/04/1982 से दे दिया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/1001409987.jpg" alt="नगर निगम की मिलीभगत से जालसाजी करके करोड़ों का मकान हड़पने की साजिश इफआइआर  दर्ज।" width="1032" height="774" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राजरानी की मृत्यु दिनांक 24/05/1988 के पश्चात मकान के पश्चिमी हिस्से को लेकर पिछले 35 वर्षों से न्यायालय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159665/conspiracy-to-grab-a-house-worth-crores-by-committing-fraud"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1001409983.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रयागराज के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र सिविल लाइन में करोड़ों का आलीशान बंगला (भवन सं 41/33 तस्कन्द मार्ग) का बटवारा 1958 में तीन हिस्सों में किया गया था जिसमे पूर्वी हिस्सा स्व महाराजा बहादुर लाल सेवानिवृत जिला जज का था, पश्चिमी हिस्सा स्व राजरानी का था एवं दक्षिणी भाग स्व बजरंग बहादुर लाल का था। स्व श्रीमती राजरानी ने अपने पश्चिमी हिस्से का मकान अपनी पुत्री श्रीमती शोभा रानी सरकार को वसीयतनामे दिनांकीत 27/04/1982 से दे दिया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/1001409987.jpg" alt="नगर निगम की मिलीभगत से जालसाजी करके करोड़ों का मकान हड़पने की साजिश इफआइआर  दर्ज।" width="1032" height="774"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजरानी की मृत्यु दिनांक 24/05/1988 के पश्चात मकान के पश्चिमी हिस्से को लेकर पिछले 35 वर्षों से न्यायालय में मामला लंबित है जिसमें स्व० श्रीमती राजरानी के सभी विधिक उत्तराधिकारी मय आलोक श्रीवास्तव एवं अशोक श्रीवास्तव पक्षकार है। इस वाद में अभी तक न्यायालय का कोई निर्णय नहीं हुआ है। मकान के पश्चिमी हिस्से पर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड का ऑफिशल लिक्विडेटर किराएदार है, जो श्रीमती राजरानी की मृत्यु दिनांक 24/5/1988 के बाद से ना तो कोई किराया दे रहे हैं ना न्यायालय में जमा कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आलोक श्रीवास्तव एवं अशोक श्रीवास्तव ने शोभा रानी सरकार द्वारा दाखिल प्रोबेट वाद में पक्षकार होने के बावजूद उक्त तथ्य को छिपाकर नगर निगम में जानबूझ कर कूटरचित दस्तावेज एवं झूठा शपथ पत्र दाखिलकर के स्व० महाराजा बहादुर लाल (सेवानिवृत्ति जिला जज) एवं स्व० श्रीमती राजरानी के विधिक उत्तराधिकारियों का गलत पता देकर (जिसमें से कुछ विधिक उत्तराधिकारियों की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी थी)</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/1001409986.jpg" alt="नगर निगम की मिलीभगत से जालसाजी करके करोड़ों का मकान हड़पने की साजिश इफआइआर  दर्ज।" width="1201" height="1600"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तत्समय मृतक प्रभा, मृतक सुधा एवं लखनऊ निवासी श्रीमती शोभा रानी सरकार के नाम की नगर निगम द्वारा भेजी गई नोटिस पर या तो स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति से षड्यंत्र करके प्रभा, सुधा एवं लखनऊ निवासी शोभा रानी सरकार के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर या बनवाकर नगर निगम की मिली भगत से करोड़ों का मकान अपने नाम दाखिल खारिज करवा लिया। इस संबंध में जब स्व० श्रीमती शोभा रानी सरकार की पुत्री कुमारी मृदुला सरकार को जानकारी हुई तो उन्होंने संबंधित थाने में लिखित तहरीर दी जिस पर दिनांक 01/11/2025 को महाराजा बहादुर लाल, सेवानिवृत जिला जज, के पोतों पर एफ०आइ०आर० दर्ज हुई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159665/conspiracy-to-grab-a-house-worth-crores-by-committing-fraud</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 21:42:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> आश्रम पद्धति विद्यालयों में 1.38 करोड़ का घोटाला, एफआईआर दर्ज!</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>प्रयागराज।</strong>  आश्रम पद्धति विद्यालयों में 1.38 करोड़ का घोटाला सामने आया है। राज्य विशेष अनुसंधान दल (एसएसआइटी) की जांच में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह समेत प्रधानाचार्य भी दोषी पाए गए हैं। </div>
<div>  </div>
<div>शासन ने प्रयागराज में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित चार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में वित्तीय वर्ष 2018-19 से,2021-22 के मध्य वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार की जांच दिसंबर 2022 में एसएसआइटी को सौंपी थी।</div>
<div>  </div>
<div>जांच में सामने आया कि कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व निश्शुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना की गई है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142029/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/img-20240607-wa0137.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रयागराज।</strong> आश्रम पद्धति विद्यालयों में 1.38 करोड़ का घोटाला सामने आया है। राज्य विशेष अनुसंधान दल (एसएसआइटी) की जांच में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह समेत प्रधानाचार्य भी दोषी पाए गए हैं। </div>
<div> </div>
<div>शासन ने प्रयागराज में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित चार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में वित्तीय वर्ष 2018-19 से,2021-22 के मध्य वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार की जांच दिसंबर 2022 में एसएसआइटी को सौंपी थी।</div>
<div> </div>
<div>जांच में सामने आया कि कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण व निश्शुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से विभिन्न जिलों में राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों की स्थापना की गई है। इनमें प्रयागराज में सुरवल सहनी नगर, खाईं करछना, कौंडिहार तथा कोरांव में चार विद्यालयों की स्थापना की गई थी।</div>
<div> </div>
<div>प्रयागराज में 20 जून, 2018 से 24 मई, 2024 तक नियुक्त रहे जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने नियमों को दरकिनार कर आपराधिक षड्यंत्र के तहत 16 अगस्त, 2019 को नियम विरुद्ध कौंडिहार स्थित विद्यालय की सभी वित्तीय व प्रशासनिक कार्य वहां की तत्कालीन छात्रावास अधीक्षिका रेनू सिंह को दे दिए, जबकि प्रभारी प्रधानाचार्य को पठन-पाठक का कार्य देखने भर के लिए सीमित कर दिया गया।</div>
<div> </div>
<div>जांच में यह भी सामने आया कि प्रयागराज में सभी चार विद्यालयों में भोजन का प्रबंध ग्रामीण विकास सेवा संस्थान, अलीग नाम की संस्था द्वारा किया जा रहा था। संस्था के साथ किए गए लेन-देन संदिग्ध पाए गए। एसएसआइटी के मांगने पर विद्यालय से लेन-देने से जुड़े अभिलेख गायब कर दिए गए थे। अभिलेख गायब किए जाने के मामले में 23 जून, 2023 को प्रयागराज के नवाबगंज थाने में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था।</div>
<div> </div>
<div>जांच में यह भी पता चला कि रेनू सिंह ने नियम विरुद्ध आवासीय भत्ता भी लिया। इसके अलावा अन्य विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाचार्य अमित कुमार शुक्ला, छोटेलाल, जीतलाल पटेल के अलावा चारों विद्यालयों के पटल सहायकों व विद्यालयों में विभिन्न सामग्री की</div>
<div> </div>
<div>आपूर्ति करने वाली फर्मों के साथ मिलीभगत कर 1.38 करोड़ रुपये का घपला किया गया। एसएसआइटी ने आरोपित प्रवीण कुमार सिंह, रेनू सिंह, अमित कुमार शुक्ला, छोटेलाल व जीतलाल पटेल समेत अन्य के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jun 2024 17:08:26 +0530</pubDate>
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