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                <title>pani sankat - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>pani sankat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कचनरवा सहित दर्जनों गांवों में नल हुआ निष्फल पानी संकट पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, जिम्मेदार मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>कोन/सोनभद्र।</strong> विकास खंड कोन अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही 'हर घर नल' योजना क्षेत्र में बुरी तरह विफल होती दिख रही है। कचनरवा, कुड़वा समेत दर्जनों फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज कचनरवा ग्राम पंचायत के असनाबांध टोले में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 'हर घर नल' योजना कागजों पर तो पूर्ण दिखा दी गई है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके विपरीत है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों के आधार कार्ड के आधार पर नल कनेक्शन तो दिए</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157729/taps-became-ineffective-in-dozens-of-villages-including-kachnarwa-strong"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/3--++++--++.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कोन/सोनभद्र।</strong> विकास खंड कोन अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही 'हर घर नल' योजना क्षेत्र में बुरी तरह विफल होती दिख रही है। कचनरवा, कुड़वा समेत दर्जनों फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज कचनरवा ग्राम पंचायत के असनाबांध टोले में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 'हर घर नल' योजना कागजों पर तो पूर्ण दिखा दी गई है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके विपरीत है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों के आधार कार्ड के आधार पर नल कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन कई महीनों से इन नलों से एक बूंद पानी तक नहीं आ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा माह में केवल एक या दो दिन, मात्र 10 मिनट के लिए पानी चलवाकर, उस क्षेत्र की फोटो और लोगों को झूठे आश्वासन के वीडियो संबंधित विभाग को भेजे जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह जनता को 'लॉली पॉप' देने जैसा है और यह पूरी परियोजना केवल कागजों में सिमट कर रह गई है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदीप चंद्रवंशी ने बताया कि कचनरवा, असनाबांध, नरोईयादामर्, मधुरी, रोहिनवादामर, शिकारीखोली, बड़ाप, बागेसोती, सिंगा, डुबवा, कुड़वा, धौरवादामर, सेमरवादामर, गोबरदाहा, डीलवाहा, शिवाखाड़ी, धीचोरवा, पीपरखाड़, बिछमरवा, केवाल, मिश्री, डोमा, बहुआरा, रगरम, खरौंधी, चांचीकला, नकतवार सहित कई गांवों में जलापूर्ति ठप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ ग्रामीण बिहारी प्रसाद यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि आज भी क्षेत्र के लोग नदी-नालों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि कचनरवा का रोहिनवादामर और कुड़वा गांव फ्लोरोसिस की अत्यधिक मात्रा से प्रभावित हैं, फिर भी यहां पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर अभी तक नल कनेक्शन भी नहीं मिला है, और जहाँ मिला है, वहाँ कई महीनों से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में जगह-जगह पानी टंकियों का निर्माण हुआ था, जो अब मात्र शो पीस बनकर रह गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, कई वर्षों से मरम्मत के अभाव में क्षेत्र के कई हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। पूर्व में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद, ग्रामीणों की बातों को अनसुना कर दिया गया। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि कार्यदायी संस्था ने इस परियोजना को कागजों पर पूर्ण दिखा दिया है, जो कि स्पष्ट रूप से एक बड़ी जांच का विषय है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की इस महत्वपूर्ण योजना की असफलता के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था की उदासीनता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदीप कुमार, नंदलाल चेरो, रमेश, लकठु, कृष्णा, अखिलेश, सोनी, पूनम, प्रमिला, आदित्यनाथ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने और खराब पड़े हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता अरुण सिंह ने बताया कि नदी की धारा परिवर्तित होने के कारण समस्या आ रही है। जल्द ही पानी की सप्लाई बहाल करा दी जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या कई महीनों से बनी हुई है और अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 17:14:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुड़वा में पानी संकट पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, हर घर नल योजना धरातल पर फेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कोन/सोनभद्र। </strong>विकास खंड कोन के फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों कचनरवा और कुड़वा सहित कई क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप होने और हैंडपंपों के ध्वस्त होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल योजना' इस क्षेत्र में पूरी तरह धाराशायी हो चुकी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और विभाग मौन साधे हुए हैं। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, विकास खंड कोन अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है, लेकिन उसे कागजों पर पूर्ण दिखा दिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने बताया कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156974/strong-demonstration-of-villagers-on-water-crisis-in-kudwa-tap"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/1--++++-...-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कोन/सोनभद्र। </strong>विकास खंड कोन के फ्लोरोसिस प्रभावित गांवों कचनरवा और कुड़वा सहित कई क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप होने और हैंडपंपों के ध्वस्त होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल योजना' इस क्षेत्र में पूरी तरह धाराशायी हो चुकी है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और विभाग मौन साधे हुए हैं। भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार, विकास खंड कोन अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है, लेकिन उसे कागजों पर पूर्ण दिखा दिया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें आधार कार्ड के आधार पर कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन कई महीनों से नलों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा है। नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा महीने में एक-दो दिन केवल 10 मिनट के लिए पानी चलवाकर और लोगों को झूठे आश्वासन देकर, उस क्षेत्र की फोटो और फर्जी वीडियो संबंधित विभाग को भेजा जाता है, जो लोगों की समझ से परे है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजसेवी गंगा प्रसाद यादव की अगुवाई में ग्राम पंचायत कुड़वा के टोला पांडुचट्टान अंतर्गत डीलवाहा में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि इस क्षेत्र में हर घर नल योजना पूरी तरह से फ्लाप साबित हो रही है, यहाँ तक कि आज तक कई लोगों को नल कनेक्शन तक नहीं मिला है। वरिष्ठ समाजसेवी जोखन प्रसाद यादव और बिहारी प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि कचनरवा का रोहिनवादामर और कुड़वा में फ्लोरोसिस की मात्रा अत्यधिक है, बावजूद इसके आज भी लोग नदी-नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि कचनरवा के बड़ाप, बागेसोती के सिंगा, कुड़वा के धौरवादामर, शिवाखाड़ी, डीलवाहा सहित कई जगहों पर आज तक लोगों को नल कनेक्शन नहीं मिल सका है। जहाँ कनेक्शन हैं, वहाँ भी कई महीनों से पानी नहीं मिल रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के समय में जो हैंडपंप लगे थे, वे भी मरम्मत के अभाव में ध्वस्त हो चुके हैं। इस संबंध में सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अधिकारियों ने लीपापोती कर दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा, ग्राम पंचायतों में जगह-जगह पानी की टंकी का निर्माण हुआ था, जो मात्र शो पीस बनकर रह गई हैं। कई ग्राम पंचायतों में हैंडपंप मरम्मत के अभाव में खराब पड़े हुए हैं।सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, कार्यदायी संस्था द्वारा परियोजना को कागजों पर पूर्ण दिखाना, स्वत ही जाँच का विषय बन गया है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से गंगा प्रसाद यादव, राजू गोंड, रामरूप गोंड, ज्वाहिर गोंड, लक्ष्मण गोंड, राजेंद्र, बलि आदि शामिल रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू कराने और खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सबसे महत्वपूर्ण योजना जनहित को देखते हुए केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर उन्हें स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 16:00:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बिजली आपूर्ति लडख़ड़ाई तो पानी संकट भी गहराया</title>
                                    <description><![CDATA[- कांशीराम कालोनी में पानी के लिए परेशान है सैकड़ों बाशिंदे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141992/when-electricity-supply-faltered-the-water-crisis-also-deepened"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/light-gul1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बांदा।</strong> सूर्यदेव के साथ बिजली और पानी भी शहर के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। आसमान से आग बरस रहीं है। ओवरलोड और हीटिंग के कारण शहर की पूरी बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। इसी के साथ पूरे दिन मे एक घंटा मिलने वाला पानी भी अब कुछ ही देर मिल रहा है। जबकि शहर के कई मोहल्ले ऐसे हैं जहां एक पखवारे से पानी के लिए जबरदस्त मारा-मारी है। हरदौली कांशीराम कालोनी में पानी के लिए तो अब मारपीट भी शुरू हो गई है। लोग एक-एक बूंद पानी के लिए मोहताज हैं। कांशीराम कालोनी में जैसे ही पानी का टैंकर पहुंचता है। लोग पानी लूटने के लिए युद्ध करने लगते हैं। जिम्मेदार जल निगम न तो ट्यूबवेल ठीक करा पा रहा है और न ही टैंकरों से पानी भेज पा रहे हैं।</p>
<p>बसपा शासनकाल में गरीब वंचितो के लिए बनाई गई कांशीराम कालोनी में सडक़ें, नाली और जगह-जगह हैंडपंप तो लगे हैं, लेकिन पीने के पानी की समस्या गंभीर स्थिति मे है। कालानी वासियों को पानी मुहैया कराने के लिए जल निगम द्वारा दो ट्यूबवेल लगवाए गए थे जो एक बहुत पहले से खराब पड़ा है और दूसरा भी पिछले दो महीने से पानी नहीं दे रहा है। हालत यह हो गई है कि वहां रहने वाले हजारों परिवार के लोग एक-एक बूंद पानी के लिए जूझ रहे है।</p>
<p>कालोनी मे रहने वाले लोग डीएम से लेकर जल संस्थान और जल निगम के अभियंताओं के यहां जाकर पानी की फरियाद कई बार कर चुके है। इसी के साथ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष के यहंा भी सैकड़ों महिलाएं और पुरूष पानी के लिए जद्दोजहद कर चुके हैं। लेकिन अभी तक लोगों को सुचारू रूप से पानी नहीं मिल रहा है। दो दिन पहले जल संस्थान का टैंकर लेकर पहुंचा ट्रैक्टर चालक को लोगो ने पीट दिया। जिससे जल संस्थान ने कांशीराम कालोनी में टैंकर भेजने में असमर्थता दिखा दी।</p>
<p>शहर के कांशीराम कालोनी के अलावा तमाम ऐसे मोहल्ले हैं जहां लोगों को जरूरत के मुताबिक पीने का पानी नहीं मिल रहा है। दिन प्रतिदिन बढ़ रही पीने के पानी की समस्या से निजात पाने के लिए लोग घरों में बोर कराकर पानी ले रहे हैं। लेकिन गरीब तबके के आदमी तो हैंडपंप और नल के सहारे ही पानी का इंतजार करता है। इधर एक पखवारे से शहर की पेयजल व्यवस्था भी खराब हो गई है। कुलमिलाकर गर्मी ने जल संस्थान और बिजली विभाग को हिला कर रख दिया है। यही वजह है कि शहर का आदमी त्रस्त हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jun 2024 17:50:07 +0530</pubDate>
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