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                <title>environmental protection - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>environmental protection RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>समाज सेवी पीके तिवारी ने प्राथमिक विद्यालय पहुंच कर किया वृक्षारोपण </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>शुकुलबाजार अमेठी- </strong>प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सामाजिक कार्यों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों मे उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्था कृष्णा जन कल्याण सेवा संस्थान रजि.द्वारा वृक्षारोपण महाभियान अनवरत जारी है और लक्ष्य एक हजार वृक्षारोपण का लक्ष्य लेकर संस्था प्रबंधक समाजसेवी पी.के तिवारी वृक्षारोपण महाभियान मे अग्रसर देखे जा रहे हैं उसी क्रम मे समाजसेवी पी.के.तिवारी ने शिक्षा क्षेत्र शुकुलबाजार अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ खास पहुंचकर विद्यालय परिवार के साथ विद्यालय परिसर मे वृक्षारोपण किया वहीं शिक्षक जितेन्द्र कुमार तथा आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अमेठी शिक्षामित्र के.के.मिश्रा ने संस्था द्वारा कराए जा रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुनीत</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185081/social-worker-pk-tiwari-reached-primary-school-and-planted-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/3-.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>शुकुलबाजार अमेठी- </strong>प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सामाजिक कार्यों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों मे उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्था कृष्णा जन कल्याण सेवा संस्थान रजि.द्वारा वृक्षारोपण महाभियान अनवरत जारी है और लक्ष्य एक हजार वृक्षारोपण का लक्ष्य लेकर संस्था प्रबंधक समाजसेवी पी.के तिवारी वृक्षारोपण महाभियान मे अग्रसर देखे जा रहे हैं उसी क्रम मे समाजसेवी पी.के.तिवारी ने शिक्षा क्षेत्र शुकुलबाजार अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ खास पहुंचकर विद्यालय परिवार के साथ विद्यालय परिसर मे वृक्षारोपण किया वहीं शिक्षक जितेन्द्र कुमार तथा आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अमेठी शिक्षामित्र के.के.मिश्रा ने संस्था द्वारा कराए जा रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुनीत कार्यों की सराहना की तत्पश्चात समाजसेवी पी.के.तिवारी ने प्राथमिक विद्यालय पूरे अचली पहुंचकर विद्यालय परिवार के साथ विद्यालय परिसर मे वृक्षारोपण किया वहीं इं.प्रधानाध्यापिका शाहिदा खान एवं सहायक अध्यापिका नीलम शर्मा ने संस्था प्रबंधक समाजसेवी पी.के.तिवारी के कुशल नेतृत्व एवं निस्वार्थ भावना से संस्था द्वारा कराए जा रहे पुनीत कार्यों को समाज के प्रति गौरवपूर्ण बताया बताते चलें कि समाजसेवी पी.के.तिवारी जुलाई,अगस्त एवं सितम्बर माह मे वृक्षारोपण महाभियान चलाते हैं और लोगों के बीच पहुंचकर वृक्षारोपण करने की अपील करते हैं जिससे पर्यावरण संरक्षण किया जा सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 21:52:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना परमिट के तिवारी पुर में आम व कैथोलिया में सागौन के पेड़ों की हुई कटान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खण्ड दुबौलिया के अन्तर्गत ग्राम पंचायत शुक्लापुर के राजस्व गांव तिवारी पुर में बिना परमिट के आम के पेड़ की कटान हुई है जिसको लेकर वन दरोगा अभिषेक यादव व वन रक्षक शाश्वत दूबे अंजान बने हुए हैं । वही दूसरी तरफ दुबौलिया पुलिस वन विभाग का मामला बता कर चुप्पी साधे हुई है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि विकासखण्ड दुबौलिया के अन्तर्गत ग्राम ऊँजी के राजस्व गांव कैथोलिया में बीते पिछले सप्ताह में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटान हुई थी जिसकी सूचना हल्का वन दरोगा व वन रक्षक को दी गई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183750/cutting-of-mango-trees-in-tiwaripur-and-teak-trees-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260719-wa0076.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खण्ड दुबौलिया के अन्तर्गत ग्राम पंचायत शुक्लापुर के राजस्व गांव तिवारी पुर में बिना परमिट के आम के पेड़ की कटान हुई है जिसको लेकर वन दरोगा अभिषेक यादव व वन रक्षक शाश्वत दूबे अंजान बने हुए हैं । वही दूसरी तरफ दुबौलिया पुलिस वन विभाग का मामला बता कर चुप्पी साधे हुई है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि विकासखण्ड दुबौलिया के अन्तर्गत ग्राम ऊँजी के राजस्व गांव कैथोलिया में बीते पिछले सप्ताह में बड़े पैमाने पर सागौन के पेड़ों की कटान हुई थी जिसकी सूचना हल्का वन दरोगा व वन रक्षक को दी गई थी । वन दरोगा व वन रक्षक ने जांच के बाद कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी अभी तक कार्यवाही नही हो पाई है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों की माने तो जब से चिलमा वीट का प्रभार वन दरोगा अभिषेक यादव व वन रक्षक शाश्वत दूबे ने संभाला है तब से लगातार चिलमा वीट में प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटान बड़े पैमाने पर हो रही है । लकड़ी माफिया पर वन विभाग की शिथिलता से कार्यवाही नहीं हो पा रही है जिससे लकड़ी माफिया का मनोबल बढ़ता जा रहा है । दुबौलिया क्षेत्र में यदि ऐसे ही चिलमा वीट प्रभारियों का रवैया रहा तो कभी भी चिलमा क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटान नही रुक पायेगी । चिलमा व दुबौलिया क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रही हरे पेड़ों की कटान को लेकर रेंजर कप्तानगंज राजू प्रसाद ने कड़ी नाराजगी जताई है और उक्त प्रकरण में तत्काल जांच कर कार्यवाही करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 18:45:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ज्ञापन सौंपकर भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा ने मंडलायुक्त बस्ती से समस्त समाधान की उठाई मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के हरैया विधानसभा क्षेत्र केभाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय "सुदामाजी" ने आज मंडलायुक्त बस्ती को संबोधित ज्ञापन अपर आयुक्त बस्ती को सौंपकर जनहित एवं पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मनोरमा, रामरेखा एवं कुआनो नदियों की सफाई, अतिक्रमण हटाने, प्रदूषण रोकने, राष्ट्रीय राजमार्ग-27/28 के निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच तथा मानकविहीन टोल प्लाजा चौकड़ी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने कहा कि 05 फरवरी 2026 से लगातार जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को अनेक प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद स्थायी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183517/by-submitting-the-memorandum-bjp-leader-chandramani-pandey-sudama-raised"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260716-wa0059-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के हरैया विधानसभा क्षेत्र केभाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय "सुदामाजी" ने आज मंडलायुक्त बस्ती को संबोधित ज्ञापन अपर आयुक्त बस्ती को सौंपकर जनहित एवं पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मनोरमा, रामरेखा एवं कुआनो नदियों की सफाई, अतिक्रमण हटाने, प्रदूषण रोकने, राष्ट्रीय राजमार्ग-27/28 के निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच तथा मानकविहीन टोल प्लाजा चौकड़ी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने कहा कि 05 फरवरी 2026 से लगातार जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को अनेक प्रार्थना पत्र दिए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज भी नदियों में गंदे नालों का पानी गिर रहा है, अवैध अतिक्रमण बने हुए हैं तथा जल प्रवाह बाधित होने से पर्यावरण, जनस्वास्थ्य और धार्मिक आस्था प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई कि मनोरमा, रामरेखा एवं कुआनो नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए समयबद्ध विशेष अभियान चलाया जाए, नदी की भूमि से सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएं, बिना शोधन के गंदे पानी के प्रवाह पर रोक लगे, जल प्रवाह सुनिश्चित करने हेतु वैज्ञानिक कार्ययोजना लागू की जाए तथा कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही श्री पाण्डेय ने राष्ट्रीय राजमार्ग-27/28 के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई, गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पुनः निर्माण तथा निर्माण कार्य में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता विहीन लेपन के संदर्भ में 30/10/2025 को ही प्रार्थना पत्र दिया था यदि उसी समय ध्यान दिया गया होता तो आज हाइवे में जगह जगह गड्ढे न होते।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में मानक विपरीत टोल प्लाजा संचालित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर जनहित में आवश्यक कार्रवाई की मांग की।चन्द्रमणि पाण्डेय "सुदामाजी" ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध नहीं, बल्कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण, विकास कार्यों में गुणवत्ता और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंडलायुक्त बस्ती जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करेंगे और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 21:17:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों को मिलेगा प्रमाणित कृषि निवेश, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं गन्ना खेती में पारदर्शिता की नई पहल, परीक्षण के बाद ही मिलेगा कृषि निवेश &quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश के गन्ना किसानो के हितो की सुरक्षा, गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि निवेशों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गन्ना आयुक्त द्वारा प्रदेश के समस्त चीनी मिलों के लिए व्यापक निर्देश जारी किये है। अब चीनी मिलों द्वारा गन्ना कृषकों को उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, फसल सुरक्षा रसायन एवं अन्य कृषि निवेश केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन करने के बाद ही उपलब्ध कराये</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183368/farmers-will-get-certified-agricultural-investment-no-compromise-on-quality"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0618.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश के गन्ना किसानो के हितो की सुरक्षा, गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि निवेशों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गन्ना आयुक्त द्वारा प्रदेश के समस्त चीनी मिलों के लिए व्यापक निर्देश जारी किये है। अब चीनी मिलों द्वारा गन्ना कृषकों को उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, फसल सुरक्षा रसायन एवं अन्य कृषि निवेश केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन करने के बाद ही उपलब्ध कराये जा सकेंगे। इन निर्देशों का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश उपलब्ध कराना, खेती में लागत को नियंत्रित करना, पर्यावरण संरक्षण को बढावा देना, तथा गन्ना उत्पादन को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ आधार प्रदान करना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नई व्यवस्था के अतंर्गत प्रत्येक बैच के उर्वरक, सुक्ष्म पोषक तत्व एवं कीटनाशक का NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। केवल वही कृषि निवेश किसानों को वितरति किए जायेगे। भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित पेस्टीसाइड्स का वितरण किसी भी दशा में नहीं किया जायेगा। चीनी मिलों को इफको, कृभको, यू.पी.एस.आर आई.आई.एस.आर जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश क्रय करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है ताकि किसानों को प्रमाणित एवं किफायती दरों पर कृषि निवेश उपलब्ध हो सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बताया गया कि किसी भी किसान को उसकी मांग एवं स्पष्ट सहमति के बिना कोई कृषि निवेश उपलब्ध नहीं कराया जायेगा। व्यवसायिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से लक्ष्य निर्धारित कर कृषि निवेश का वितरण करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कृषि निवेश केवल किसानों की वास्तविक आवश्यकता, गन्ना क्षेत्रफल तथा वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुरूप निर्धारित मात्रा तक ही उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे अनावश्यक रासायनिक उपयोग पर रोक लगे और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। दिशा निर्देश में चीनी मिलों की जबाबदेही सुनिश्चित की गई है चाहे कृषि निवेश का वितरण स्वंय चीनी मिल द्वारा किया जाये अथवा एजेंसी के माध्यम से गुणवत्ता एवं वितरण संबंधी सभी उत्तरदायित्व चीनी मिल के होगें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी द्वारा कृषि निवेश वितरण की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण किया जायेगा। यदि किसी चीनी मिल द्वारा किसान की सहमति के बिना, जबरन अथवा अधोमानक कृषि निवेशों का वितरण किया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी ऐसी स्थिति में गन्ना मूल्य से कृषि निवेश की धनराशि के समायोजन एवं वसूली की सुविधा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जायेगी तथा आवश्कता पड़ने पर सम्बन्धित चीनी मिल द्वारा गन्ना आयुक्त के पक्ष में दी गई बैंक गारन्टी भी जब्त की जायेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी किसान केंद्रित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसानों को प्रमाणित, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश उचित मूल्य पर उपलब्ध होगें खेती की लागत पर नियंत्रण रहेगा, मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा गन्ना उत्पादन, उत्पादकता और किसान की आय में वृद्धि के साथ-साथ चीनी उद्योग को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:10:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दसिया एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर बस्ती में सियासी घमासान, विरोध प्रदर्शन के बीच छावनी बना इलाका; बैरिकेडिंग पर भड़के सांसद और विधायक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के दसिया गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बीच माहौल पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और विभिन्न किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एक दिन पहले ही तैयारियां पूरी कर ली थीं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पूर्व में लागू धारा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183341/mps-and-mlas-angry-over-barricading-of-cantonment-area-amid"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के दसिया गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बीच माहौल पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और विभिन्न किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एक दिन पहले ही तैयारियां पूरी कर ली थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूर्व में लागू धारा 144 के स्थान पर प्रभावी धारा 163 बीएनएसएस लागू कर दी गई थी। सोमवार को ही प्रशासनिक अधिकारियों और कई थानों की पुलिस ने क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंगलवार को विरोध प्रदर्शन में स्थानीय ग्रामीणों के साथ कई किसान संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के बस्ती सांसद राम प्रसाद चौधरी तथा रुधौली विधायक राजेन्द्र चौधरी भी प्रदर्शन स्थल की ओर रवाना हुए, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें दसिया मोड़ पर बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध जताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनने और उनके बीच जाने से जनप्रतिनिधियों को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। उन्होंने कहा कि “जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">औद्योगिकीकरण और विकास के नाम पर भोली-भाली जनता का शोषण तथा उनके अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद ने वरिष्ठ अधिकारियों को मांगपत्र और ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि किसी भी परियोजना में स्थानीय किसानों की सहमति, पर्यावरण संरक्षण और आम जनता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा पूरे विवाद का निष्पक्ष और न्यायसंगत समाधान निकाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने इसके विरोध में उप जिलाधिकारी भानपुर शत्रुघ्न पाठक को ज्ञापन देकर धरने को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करवाया|वहीं रुधौली विधायक राजेन्द्र चौधरी ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एथेनॉल फैक्ट्री से किसानों और क्षेत्रवासियों को नुकसान होने की आशंका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। विधायक ने यह भी बयान दिया कि यदि भविष्य में उनकी सरकार बनी तो इस फैक्ट्री को बंद कराने का प्रयास किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विरोध कर रहे ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि जब जमीन अधिग्रहित की गई थी तब उन्हें बताया गया था कि यहां सरिया फैक्ट्री स्थापित होगी। बाद में बियर फैक्ट्री की बात सामने आई और अब एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस परियोजना से भूजल और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र का पानी प्रदूषित होने की आशंका है। उनका कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो पानी न तो पीने योग्य रहेगा और न ही खेती या अन्य उपयोग के लायक। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सरकार पर भी आरोप लगाए और परियोजना को लेकर नाराजगी व्यक्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी ओर फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय से ही परियोजना को डिस्टिलरी परियोजना बताया गया था और इस तथ्य को कभी छिपाया नहीं गया। उनका कहना है कि डिस्टिलरी शब्द से स्पष्ट है कि वहां एथेनॉल अथवा संबंधित उत्पादों का निर्माण किया जा सकता है। प्रबंधन के अनुसार फैक्ट्री का निर्माण सभी पर्यावरणीय मानकों और ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है तथा प्रदूषण फैलने की आशंका निराधार है। उनका यह भी कहना है कि जब परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है तब इस प्रकार का विरोध उचित नहीं है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 19:36:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समर्थकों संग पैदल मार्च निकालकर भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी हर्रैया को सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में समाजसेवी  भाजपा नेता समर्थकों संग पैदल मार्च निकालकर भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी हर्रैया को सौंपा </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आज हजारों समर्थकों संग हर्रैया स्थिति बभनान चौराहे से उपजिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर कर भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा ने हर्रैया आये मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बरती गई अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने तथा जनहित से जुड़े दोहरी टोल वसूली एवं मनोरमा नदी के संरक्षण संबंधी मांगों पर आवश्यक कार्यवाही किए जाने सम्बन्धित ज्ञापन उपजिलाधिकारी हर्रैया को सौंपते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के हर्रैया आगमन पर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183307/taking-out-a-foot-march-with-his-supporters-bjp-leader"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260713-wa0056.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में समाजसेवी  भाजपा नेता समर्थकों संग पैदल मार्च निकालकर भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी हर्रैया को सौंपा </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज हजारों समर्थकों संग हर्रैया स्थिति बभनान चौराहे से उपजिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर कर भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा ने हर्रैया आये मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बरती गई अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने तथा जनहित से जुड़े दोहरी टोल वसूली एवं मनोरमा नदी के संरक्षण संबंधी मांगों पर आवश्यक कार्यवाही किए जाने सम्बन्धित ज्ञापन उपजिलाधिकारी हर्रैया को सौंपते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के हर्रैया आगमन पर मुझे,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किस नियम के तहत व किसके निर्देश पर पुलिस प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया। तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष शिव चरण जैसवाल महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रोली सिंह सहित अनेक ऐसे कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को भी मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम में जाने से रोक दिया गया, जिनके नाम भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा जारी अधिकृत सूची में सम्मिलित था जांच कराकर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। तथा माननीय मुख्यमंत्री जी के समक्ष जनहित से जुड़े जिन विषयों को प्रस्तुत करना चाहता था, उसे शासन स्तर पर अग्रसारित किया जाय ‌।</div>
<div style="text-align:justify;">.</div>
<div style="text-align:justify;"> मीडिया से वार्ता करते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि हर्रैया एवं बस्ती जनपद की ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक पहचान मनोरमा नदी वर्तमान में अतिक्रमण, प्रदूषण एवं उपेक्षा का शिकार है। वर्ष 2012 से अब तक मैंने इस विषय पर सैकड़ों ज्ञापन, पत्र एवं धरना-प्रदर्शन किए हैं, माननीय उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है तथा मखौड़ा धाम, पंडूलघाट एवं झुंगीनाथ शिव मंदिर क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के सहयोग से एक किलोमीटर नदी की सफाई कराकर 1500–2000 कुंतल मलबे का निष्पादन कराया किन्तु संबंधित विभागों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। यहाँ तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी गई रिपोर्ट में भी मेरे द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख नहीं किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ऐसे में हमारी मांग है कि मनोरमा स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा रामरेखा एवं कुवानों नदी की सफाई एवं संरक्षण हेतु भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार किया जाए। कारणस्वच्छ जल एवं स्वच्छ पर्यावरण के बिना स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यही नहीं गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो टोल प्लाजा महज 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित हैं, जबकि निर्धारित मानक 60 किलोमीटर का है। साथ ही चौकड़ी टोल प्लाजा तालाब की भूमि पर बिना अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC)के निर्मित है उक्त के संदर्भ में भी 2012 से मैं  निरंतर संघर्षरत हूँ तथा मेरी जनहित याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय, प्रयागराज द्वारा संबंधित टोल प्राधिकरण एवं जिलाधिकारी, बस्ती को पूर्व में नोटिस भी जारी किया जा चुका है। फिर भी जनपद के लोगों से मनमाना टोल वसूली जारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यदि स्थानीय वाहनों के लिए लोकल पास अनिवार्य है तो यह भी स्पष्ट किया जाए कि बस्ती की जनता किस टोल प्लाजा का लोकल पास बनवाए। साथ ही लोकल पास का शुल्क न्यायसंगत एवं जनहितकारी बनाया जाए। जब पूरे देश में एक वर्ष की फास्टैग आधारित यात्रा सुविधा ₹3000में उपलब्ध है, तब स्थानीय नागरिकों से ₹300 प्रतिमाह (लगभग ₹4000 प्रतिवर्ष)वसूल किया जाना न्यायोचित नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय वाहनों को टोल से मुक्त नहीं किया जाता है, तो महूघाट–विशेषरगंज मार्ग जो दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ता है, उस पर लगाए गए हाइट बैरियर को तत्काल हटाया जाए। सड़क का रखरखाव संबंधित विभाग का दायित्व है,स्थानीय नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना स्वीकार नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उन्होंने कहा कि यदि उपर्युक्त जनहित के विषयों पर समयबद्ध एवं सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो क्षेत्र की जनता के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस दौरान श्री पाण्डेय के साथ मंडल महामंत्री शक्तिदीप पाठक मंडल उपाध्यक्ष रबी पाण्डेय, विमलेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, चन्द्र प्रकाश तिवारी, सुरेन्द्र सोनकर, अभिषेक शर्मा,सोनू शुक्ला, विमल पाण्डेय, विजय पाण्डेय, हनुमान बर्मा, अरविंद सिंह,शिवम तिवारी,संजय निषाद,गिरीशधर द्विवेदी, अमरनाथ शुक्ल, विनोद तिवारी, विनोद चौधरी,एसपी चौधरी, बृजकिशोर शुक्ल, राहुल यादव, रणजीत यादव,पवन शुक्ल पशुपतिनाथ चौबे, रजनीश शुक्ल, राजीव पाण्डेय सहित क्षेत्र के हजारों समर्थक मौजूद रहे। उक्त को लेकर प्रभावशाली सारगर्भित प्रेस विज्ञप्ति तैयार करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मंडल महामंत्री शक्तिदीप पाठक, मंडल उपाध्यक्ष रबी पाण्डेय, विमलेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, चन्द्र प्रकाश तिवारी, सुरेन्द्र सोनकर, अभिषेक शर्मा, सोनू शुक्ला, विमल पाण्डेय, विजय पाण्डेय, हनुमान बर्मा, अरविंद सिंह, शिवम तिवारी, संजय निषाद, गिरीशधर द्विवेदी, अमरनाथ शुक्ल, विनोद तिवारी, विनोद चौधरी, एस.पी. चौधरी, बृजकिशोर शुक्ल, राहुल यादव, रणजीत यादव, पवन शुक्ल, पशुपतिनाथ चौबे, रजनीश शुक्ल, राजीव पाण्डेय सहित क्षेत्र के हजारों कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:57:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेड़ लगाइए जरूर, मगर पेड़ बचाइए — शिक्षक डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु'</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अंबेडकर नगर।   </strong> प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षक एवं पर्यावरण जागरूकता के प्रेरक डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु' ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखना और उनका नियमित संरक्षण करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों का प्रभाव पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है । ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पेड़ लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए । डॉ. जिज्ञासु ने कहा कि एक विकसित पेड़ वर्षों तक हमें शुद्ध वायु, छाया, वर्षा संतुलन, जैव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183258/plant-trees-but-save-trees-%E2%80%93-teacher-dr-tarakeshwar-mishra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1006297982.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अंबेडकर नगर।   </strong> प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षक एवं पर्यावरण जागरूकता के प्रेरक डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु' ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखना और उनका नियमित संरक्षण करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों का प्रभाव पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है । ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पेड़ लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए । डॉ. जिज्ञासु ने कहा कि एक विकसित पेड़ वर्षों तक हमें शुद्ध वायु, छाया, वर्षा संतुलन, जैव विविधता का संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करता है । यदि लगाए गए पौधे कुछ ही दिनों में सूख जाएं, तो पौधारोपण अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधे को पेड़ बनने तक संरक्षित करने का संकल्प  लें । उन्होंने विद्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा युवाओं से अपील की कि वे केवल औपचारिक पौधारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित सिंचाई, सुरक्षा, ट्री-गार्ड की व्यवस्था तथा समय-समय पर पौधों की देखरेख सुनिश्चित करें ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है । अंत में डॉ. तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु' ने समाज से आह्वान किया कि "पेड़ लगाइए जरूर, मगर पेड़ बचाइए" का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर धरती को हरित, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। यही आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और सच्ची सेवा होगी।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 20:14:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में गंगा किनारे मिला मगरमच्छ का शव, सिर पर चोट के निशान, मार कर फेंकने का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर में गंगा किनारे मगरमच्छ का शव मिला है। करीब 4 से 5 फीट लंबे मगरमच्छ का सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। सिर की हड्डी टूटी थी और शरीर पर भी चोट के निशान थे। मगरमच्छ का शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मामला जाजमऊ थाना क्षेत्र में मक्कू शहीद का भट्ट के पास गंगा किनारे का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 6 बजे मोहल्ले के बच्चे गंगा किनारे क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी गेंद नदी की तरफ चली गई। गेंद लेने गए बच्चों ने देखा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183244/dead-body-of-crocodile-found-on-the-banks-of-ganga"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002085922.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> कानपुर में गंगा किनारे मगरमच्छ का शव मिला है। करीब 4 से 5 फीट लंबे मगरमच्छ का सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। सिर की हड्डी टूटी थी और शरीर पर भी चोट के निशान थे। मगरमच्छ का शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामला जाजमऊ थाना क्षेत्र में मक्कू शहीद का भट्ट के पास गंगा किनारे का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 6 बजे मोहल्ले के बच्चे गंगा किनारे क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी गेंद नदी की तरफ चली गई। गेंद लेने गए बच्चों ने देखा मगरमच्छ बच्चे गेंद लेने गंगा किनारे पहुंचे तो वहां मगरमच्छ का शव पड़ा देखा। बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने देखा कि मगरमच्छ के सिर की हड्डी टूटी हुई थी और शरीर पर चोट के निशान थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि मगरमच्छ गंगा में अवैध रूप से मछली पकड़ने वाले शिकारियों के जाल में फंस गया होगा। आरोप है कि जाल से निकालने के बजाय उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया। हालांकि, मगरमच्छ की मौत कैसे हुई, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। लोग बोले- गंगा में लंबे समय से हो रहा अवैध शिकार घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि गंगा में लंबे समय से अवैध तरीके से मछलियों का शिकार किया जा रहा है, लेकिन प्रभावी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div>
<div style="text-align:justify;">कार्रवाई नहीं हो रही । लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। वन विभाग करेगा मौत के कारणों की जांच थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि वन विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है। वन विभाग की टीम मगरमच्छ की मौत के कारणों की जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 19:48:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमसा की अंतिम सांसें: जलकुंभी का कहर, गंदगी का तांडव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला मुख्यालय अकबरपुर से गुजरने वाली तमसा नदी का बड़ा हिस्सा इन दिनों जलकुंभी और गंदगी के साथ-साथ झाडियों में तब्दील हो चुका है।सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा वार्ड क्षेत्र से निकलने वाला कचरा नदी के किनारे ही डंप किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तमसा नदी सफाई के नाम पर पालिका द्वारा इस तरह स्वच्छता अभियान की एक ऐसी मुहीम चलाई जाती है कि जिम्मेदार अधिकारी भी तमसा नदी में सफाई करते नजर आते हैं ।नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की मुहीम नदी के कुछ मीटर के हिस्से तक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183210/last-breaths-of-tamsa-havoc-of-water-hyacinth-orgy-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1006297978-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला मुख्यालय अकबरपुर से गुजरने वाली तमसा नदी का बड़ा हिस्सा इन दिनों जलकुंभी और गंदगी के साथ-साथ झाडियों में तब्दील हो चुका है।सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा वार्ड क्षेत्र से निकलने वाला कचरा नदी के किनारे ही डंप किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तमसा नदी सफाई के नाम पर पालिका द्वारा इस तरह स्वच्छता अभियान की एक ऐसी मुहीम चलाई जाती है कि जिम्मेदार अधिकारी भी तमसा नदी में सफाई करते नजर आते हैं ।नगर पालिका अकबरपुर के द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान की मुहीम नदी के कुछ मीटर के हिस्से तक ही सीमित रह जाती है और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया में सुर्खियां बटोरती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस दौरान की वो तस्वीर जिसमें जिम्मेदार सफाई करते नजर आते हैं।जबकि लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि बरसात के पहले नगर पालिका  द्वारा तमसा नदी की अगर सही तरीके से साफ सफाई कराई  जाए तो नदी के किनारे बने मकान और शहजादपुर नई सड़क के किनारे बने दुकानों में जल भराव जैसी समस्या कभी उत्पन्न ही न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 22:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्याप्त संसाधनों के बाद भी बाढ़ (अतिवृष्टि) और सूखे(अनावृष्टि) स्थिति हर वर्ष क्यों</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत भौगोलिक तौर पर बड़ा विशाल का देश है। जहां एक ओर हमारे पास विश्वस्तरीय वैज्ञानिक संस्थान, मौसम पूर्वानुमान प्रणाली, उपग्रह तकनीक, विशाल प्रशासनिक तंत्र और आपदा प्रबंधन के लिए अलग मंत्रालय है, तो दूसरी ओर हर वर्ष भीषण गर्मी, सूखा, अतिवृष्टि और बाढ़ लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर देते हैं। जब संसाधनों की कमी नहीं है, तब तैयारी में कमी और इतनी जानमाल का नुकसान क्यों क्यों दिखाई देता है?</p>
<p style="text-align:justify;">यह समस्या किसी एक शहर, राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के अनेक हिस्से भीषण लू और सूखे से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182832/floods-excessive-rainfall-and-droughts-despite-adequate-resources"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/drought_and_flood_750_1563354640_749x421.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत भौगोलिक तौर पर बड़ा विशाल का देश है। जहां एक ओर हमारे पास विश्वस्तरीय वैज्ञानिक संस्थान, मौसम पूर्वानुमान प्रणाली, उपग्रह तकनीक, विशाल प्रशासनिक तंत्र और आपदा प्रबंधन के लिए अलग मंत्रालय है, तो दूसरी ओर हर वर्ष भीषण गर्मी, सूखा, अतिवृष्टि और बाढ़ लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर देते हैं। जब संसाधनों की कमी नहीं है, तब तैयारी में कमी और इतनी जानमाल का नुकसान क्यों क्यों दिखाई देता है?</p>
<p style="text-align:justify;">यह समस्या किसी एक शहर, राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और उत्तर भारत के अनेक हिस्से भीषण लू और सूखे से जूझते हैं, वहीं असम, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल तथा महानगरों में कुछ घंटों की बारिश भी बाढ़ का रूप ले लेती है। हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने सड़कें, पुल और गांवों को भारी नुकसान पहुँचाया। इसी समय देश के कई भागों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप भी देखने को मिला।</p>
<p style="text-align:justify;">यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हमारी विकास नीति, प्रशासनिक तैयारी और दीर्घकालिक योजना की परीक्षा भी है जब मौसम विभाग कई दिन पहले भारी वर्षा, लू और चक्रवात की चेतावनी जारी करता रहता है, तब स्थानीय प्रशासन समय रहते पर्याप्त तैयारी में क्यों नहीं जुट पाता है? अक्सर राहत कार्य आपदा आने के बाद शुरू होते हैं। यदि पहले से जल निकासी की व्यवस्था, सुरक्षित आश्रय, पेयजल, चिकित्सा दल और आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी जाए, तो जन-धन की हानि काफी कम की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी बड़ी समस्या हमारी अनियोजित शहरीकरण की है। शहरों के तालाब, नाले और जलग्रहण क्षेत्र पाटकर भवन खड़े कर दिए गए। नदियों के प्राकृतिक मार्ग पर अतिक्रमण हुआ परिणामस्वरूप कुछ घंटों की तेज बारिश भी शहरों को जलमग्न कर देती है। दूसरी ओर वर्षा का वही पानी भूजल में नहीं समा पाता और कुछ ही महीनों बाद वही क्षेत्र जल संकट से जूझने लगता है। विडंबना यह है कि जिस पानी को बाढ़ के समय हम अभिशाप मानते हैं, उसी पानी की एक-एक बूंद के लिए गर्मियों में तरसते हैं। यदि बड़े पैमाने पर वर्षा जल संचयन, छोटे बाँध, तालाबों का पुनर्जीवन, चेक डैम और जल संरक्षण के कार्य निरंतर किए जाएँ तो बाढ़ का पानी भी भविष्य का अमृत बन सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अब वर्षा कम दिनों में अधिक तीव्रता से होती है और गर्मी की अवधि अधिक लंबी तथा अधिक प्रचंड होती जा रही है। यही कारण है कि कभी तापमान 48 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है तो कहीं कुछ ही घंटों में महीनों जितनी वर्षा हो जाती है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि चरम मौसम की घटनाएँ अब नई सामान्य स्थिति बनती जा रही हैं।इसके बावजूद हमारी अधिकांश योजनाएँ अभी भी पुराने मौसम चक्र को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। शहरों की जल निकासी व्यवस्था दशकों पुरानी है, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के कार्य पर्याप्त नहीं हैं और नदी तटों पर निर्माण आज भी जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपदा प्रबंधन का अर्थ केवल राहत सामग्री बाँटना नहीं है। वास्तविक आपदा प्रबंधन वह है जिसमें आपदा आने से पहले जोखिम कम कर दिया जाए। विकसित देशों में पूर्व चेतावनी, सामुदायिक प्रशिक्षण, नियमित मॉक ड्रिल, आधुनिक संचार व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर त्वरित निर्णय प्रणाली पर विशेष बल दिया जाता है। भारत में भी इन व्यवस्थाओं को गाँव-गाँव और वार्ड स्तर तक पहुँचाने की आवश्यकता है। सरकारों की जवाबदेही जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही समाज की भी। जल स्रोतों को बचाना, वृक्षारोपण करना, प्लास्टिक और कचरे से नालियाँ न भरना, वर्षा जल संचयन अपनाना तथा स्थानीय जलाशयों का संरक्षण करना नागरिकों का भी कर्तव्य है। यदि समाज और शासन मिलकर कार्य करें, तभी स्थायी समाधान संभव है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञ बार-बार यह भी कहते हैं कि हर जिले का अलग जलवायु अनुकूलन योजना तैयार होना चाहिए। जिन क्षेत्रों में सूखा अधिक पड़ता है वहाँ जल संरक्षण और सूखा-रोधी खेती को बढ़ावा मिले, जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदी प्रबंधन, तटबंधों का वैज्ञानिक रखरखाव, जल निकासी और सुरक्षित पुनर्वास की स्थायी व्यवस्था हो।हाल के वर्षों में यह भी स्पष्ट हुआ है कि केवल राहत कोष बढ़ाने से समस्या समाप्त नहीं होगी। आवश्यकता ऐसी विकास नीति की है जिसमें सड़क, पुल, भवन, कॉलोनियाँ और औद्योगिक क्षेत्र जलवायु परिवर्तन के जोखिमों को ध्यान में रखकर बनाए जाएँ। अस्पताल, विद्यालय, बिजली व्यवस्था और संचार तंत्र भी आपदा सहनशील होने चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अंततः प्रश्न संसाधनों का नहीं, बल्कि दूरदृष्टि, इच्छाशक्ति और प्रभावी क्रियान्वयन का है। यदि हम हर वर्ष बाढ़ और सूखे के बाद केवल नुकसान का आकलन करते रहेंगे, तो आने वाले वर्षों में यह संकट और विकराल होगा। लेकिन यदि हम आज से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक योजना, स्थानीय भागीदारी और पूर्व तैयारी को राष्ट्रीय प्राथमिकता बना लें, तो आपदाओं की विभीषिका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।प्रकृति हमें हर वर्ष चेतावनी दे रही है। अब निर्णय हमें करना है कि हम केवल राहत बाँटने वाला राष्ट्र बनना चाहते हैं या आपदाओं से पहले तैयारी करने वाला दूरदर्शी राष्ट्र। समय की यही सबसे बड़ी पुकार है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 21:56:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी से आत्मनिर्भर भारत को नई ऊर्जा मिली</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन केवल एक औद्योगिक परियोजना का लोकार्पण नहीं है, बल्कि यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर जिस दूरदर्शिता, आत्मविश्वास और विकास के संकल्प का परिचय दिया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि नया भारत केवल योजनाओं की घोषणा नहीं करता, बल्कि उन्हें समय पर पूरा करके राष्ट्र को नई शक्ति प्रदान करता है। पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।</div>
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<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182706/self-reliant-india-gets-new-energy-from-balotras-pachpadra-refinery"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/6a48e6408d54f_file.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन केवल एक औद्योगिक परियोजना का लोकार्पण नहीं है, बल्कि यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर जिस दूरदर्शिता, आत्मविश्वास और विकास के संकल्प का परिचय दिया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि नया भारत केवल योजनाओं की घोषणा नहीं करता, बल्कि उन्हें समय पर पूरा करके राष्ट्र को नई शक्ति प्रदान करता है। पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण विश्व के सामने 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा हो गया था। ऐसी परिस्थितियों में अनेक देशों में ईंधन और गैस की कीमतें आसमान छूने लगीं। उन्होंने बताया कि यदि भारत ने समय रहते सही रणनीति नहीं अपनाई होती तो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत दो हजार रुपये तक पहुंच सकती थी। लेकिन उनकी सरकार की दूरदर्शी नीति, प्रभावी कूटनीति और बेहतर प्रबंधन के कारण देशवासियों को इस संकट से राहत मिली। भारत ने ऊर्जा आयात के स्रोतों का विस्तार किया और पहले जहां लगभग 25 देशों से ईंधन खरीदा जाता था, वहीं अब 40 देशों से आयात कर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। दुनिया के अनेक देशों के साथ मजबूत संबंध स्थापित कर भारत ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने नागरिकों के हितों की रक्षा की। ऊर्जा संकट के समय भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक क्षमता का प्रभाव पूरी दुनिया ने देखा। यही कारण है कि भारत न केवल संकट से सुरक्षित निकला बल्कि विकास की गति भी बनाए रखने में सफल रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक इतिहास का नया अध्याय है। यह देश की अत्याधुनिक रिफाइनरियों में शामिल है, जहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, एविएशन फ्यूल तथा पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्माण होगा। इससे भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी और भारत को ऊर्जा क्षेत्र में अधिक सक्षम बनाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस रिफाइनरी का सबसे बड़ा लाभ राजस्थान के लोगों को मिलने वाला है। पश्चिमी राजस्थान लंबे समय तक औद्योगिक विकास से अपेक्षाकृत वंचित रहा, लेकिन अब यह क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होगा। उद्योगों के आने से सड़क, रेल, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार होगा। इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रोजगार की दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। रिफाइनरी के निर्माण के दौरान हजारों इंजीनियरों, तकनीशियनों, श्रमिकों और स्थानीय लोगों को काम मिला। अब इसके संचालन के दौरान भी बड़ी संख्या में स्थायी और अस्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। प्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, होटल, खानपान, सुरक्षा, रखरखाव, निर्माण, गोदाम, पैकेजिंग और अन्य सहायक उद्योगों के माध्यम से लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर भी खुलेंगे, जिससे वे आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रिफाइनरी के आसपास पेट्रोकेमिकल उद्योगों का बड़ा नेटवर्क विकसित होने की संभावना है। प्लास्टिक, रसायन, सिंथेटिक फाइबर, पैकेजिंग सामग्री, उर्वरक और अनेक अन्य उद्योग यहां स्थापित होंगे। इससे निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग लगेंगे और राजस्थान देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में और अधिक मजबूत स्थान प्राप्त करेगा। छोटे और मध्यम उद्योगों को भी नए बाजार मिलेंगे, जिससे स्थानीय उद्यमियों को व्यापक लाभ होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्व के क्षेत्र में भी यह परियोजना अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी। शुरुआती चरण में राजस्थान को हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की संभावना है, जबकि केंद्र सरकार को भी बड़ी आय होगी। यह धन सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य विकास योजनाओं में निवेश किया जा सकेगा। इस प्रकार रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन का केंद्र नहीं बल्कि आर्थिक समृद्धि का आधार बनेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भाजपा सरकार केवल शिलान्यास करके परियोजनाओं को अधूरा नहीं छोड़ती बल्कि उन्हें पूरा करके जनता को समर्पित करती है। पचपदरा रिफाइनरी इसका सशक्त उदाहरण है। निर्माण के दौरान अनेक चुनौतियां आईं। कुछ समय पहले लगी आग के कारण उद्घाटन कार्यक्रम भी स्थगित करना पड़ा था, लेकिन इंजीनियरों, कर्मचारियों और विशेषज्ञों ने अथक परिश्रम कर बहुत कम समय में सभी कार्य पूरे किए। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि नया भारत किसी भी चुनौती के सामने झुकता नहीं है और अपने संकल्पों को पूरा करके ही दम लेता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के जल विकास का भी उल्लेख किया और बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने तत्कालीन राजस्थान सरकार के साथ मिलकर बिना किसी विवाद के नर्मदा का पानी राजस्थान तक पहुंचाने का कार्य किया। यह उनकी सहयोग की भावना, विकास की राजनीति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सोच का उदाहरण है। आज राजस्थान के अनेक गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंच रहा है और लाखों लोगों का जीवन बदल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन और जयपुर मेट्रो फेज दो की आधारशिला भी इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार राजस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सड़क, रेल, हवाई संपर्क, ऊर्जा, उद्योग और शहरी विकास जैसे सभी क्षेत्रों में बड़े निवेश किए जा रहे हैं। इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिफाइनरी परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। आधुनिक तकनीक और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित यह परियोजना औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का भी उदाहरण बनेगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। आज भारत जिस गति से विकास की ओर बढ़ रहा है, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उनके नेतृत्व में देश ने ऊर्जा सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, वैश्विक प्रतिष्ठा, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पचपदरा रिफाइनरी इस परिवर्तनकारी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह परियोजना आने वाले दशकों तक राजस्थान और भारत की आर्थिक प्रगति की आधारशिला बनेगी। इससे लाखों लोगों का जीवन बेहतर होगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा, उद्योगों को नई दिशा मिलेगी और भारत ऊर्जा के क्षेत्र में और अधिक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा। यही विकसित भारत के निर्माण की वह यात्रा है जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दृढ़ संकल्प, दूरदृष्टि और अथक परिश्रम के साथ कर रहे हैं।</div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:40:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>मानसून में फलदार वृक्षों की गुठलियाँ लगाएँ, पर्यावरण की सुरक्षा करें योगेंद्र कुमार सह अधीक्षक तिहाड़ जेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182461/plant-kernels-of-fruit-trees-in-monsoon-and-protect-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260627-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की गुठलियाँ और बीज ही लगाए जाएँ। हमने इस विचार को व्यवहार में उतारा और वर्षा ऋतु में बड़ी संख्या में जामुन, आम, इमली, बेर तथा अन्य फलदार वृक्षों की गुठलियाँ बोईं। अगले मानसून तक उनसे लगभग ढाई से तीन फीट ऊँचे स्वस्थ पौधे तैयार हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद हमने इन पौधों का निःशुल्क वितरण शुरू किया और स्वयं भी उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित किया। आज हमारा पौधारोपण अभियान पूरी तरह निःशुल्क है।मैं आप सभी से भी विनम्र आग्रह करता हूँ कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस मानसून में फलों की गुठलियाँ और बीज अवश्य लगाएँ। अगले वर्ष मानसून में तैयार पौधों को किसी उपयुक्त स्थान पर रोपित करें। बिना किसी बड़े खर्च के हम सभी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।पिछले वर्ष तिहाड़ जेल के बंदियों एवं स्टाफ के सहयोग से हमने बड़ी संख्या में जामुन की गुठलियाँ लगाई थीं, जो आज 2–3 फीट ऊँचे पौधों में विकसित हो चुकी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष मानसून के दौरान दिल्ली सरकार के 'वन महोत्सव' अभियान में हम इन पौधों का निःशुल्क वितरण करेंगे तथा उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित भी करेंगे।फलदार वृक्ष लगाने के अनेक लाभ हैं। ये न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाते हैं, बल्कि फल खाने वाले सुंदर पक्षियों को भी पुनः उनके प्राकृतिक आवास में लौटने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही हमें भी बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के ताज़े और पौष्टिक फल प्राप्त होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त ये वृक्ष प्रदूषण कम करने, वातावरण को शुद्ध रखने तथा भरपूर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।आइए, इस मानसून एक संकल्प लें—हर घर, हर परिवार और हर नागरिक कम से कम एक फलदार वृक्ष की गुठली अवश्य लगाए। यही छोटा-सा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण की नींव बनेगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:54:57 +0530</pubDate>
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