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                <title>environmental protection - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>environmental protection RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कपूरथला,  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ पंजाब सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी अपनाते हुए, ज़िला एडमिनिस्ट्रेशन ने माइनिंग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 42 FIR दर्ज की हैं, 110 गाड़ियां ज़ब्त की हैं और 1.25 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल ने कहा कि गैर-कानूनी माइनिंग में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिसके तहत 1 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2026 के बीच 42 FIR दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, गैर-कानूनी माइनिंग की गतिविधियों में शामिल 110 गाड़ियां ज़ब्त की गई हैं और उल्लंघन करने वालों पर 1.25</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181158/zero-tolerance-against-illegal-mining"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000903417-(21).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कपूरथला,  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ पंजाब सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी अपनाते हुए, ज़िला एडमिनिस्ट्रेशन ने माइनिंग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 42 FIR दर्ज की हैं, 110 गाड़ियां ज़ब्त की हैं और 1.25 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल ने कहा कि गैर-कानूनी माइनिंग में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिसके तहत 1 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2026 के बीच 42 FIR दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, गैर-कानूनी माइनिंग की गतिविधियों में शामिल 110 गाड़ियां ज़ब्त की गई हैं और उल्लंघन करने वालों पर 1.25 करोड़ रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी साफ किया कि ज़िला एडमिनिस्ट्रेशन किसी भी कीमत पर गैर-कानूनी माइनिंग को फलने-फूलने नहीं देगा और चेतावनी दी कि माइनिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गैर-कानूनी माइनिंग या उसके ट्रांसपोर्टेशन में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या ग्रुप के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बंसल ने आगे बताया कि माइनिंग, पुलिस और रेवेन्यू डिपार्टमेंट की जॉइंट टीमें सेंसिटिव इलाकों पर कड़ी नज़र रख रही हैं और नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए लगातार चेकिंग कर रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले के लोगों से अपील करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी, शिकायत या मदद चाहिए, तो वह बिना किसी झिझक के एडमिनिस्ट्रेशन के हेल्पलाइन नंबर 01822-233777 पर संपर्क कर सकता है। डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन हर समय लोगों की सेवा में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैप्शन- डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 20:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनोरमा जनजागृति यात्रा को ऐतिहासिक बनाने हेतु गांव-गांव व्यापक जनसंपर्क अभियान तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के समाज सेवी एवं भाजपा नेता चंद्रमणि पांडे सुदामा द्वारा मनोरमा नदी को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी 15 जून दिन सोमवार को प्रस्तावित "मनोरमा जनजागृति मोटरसाइकिल यात्रा" को ऐतिहासिक बनाने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय 'सुदामा जी' द्वारा व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। यात्रा की सफलता हेतु श्री पाण्डेय लगातार गांव-गांव जाकर किसानों, नौजवानों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हें जल संरक्षण एवं नदी स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने कहा कि डीजल, पेट्रोल एवं रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181129/extensive-village-to-village-public-relations-campaign-intensified-to-make-manorama-janajagruti"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0094.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के समाज सेवी एवं भाजपा नेता चंद्रमणि पांडे सुदामा द्वारा मनोरमा नदी को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी 15 जून दिन सोमवार को प्रस्तावित "मनोरमा जनजागृति मोटरसाइकिल यात्रा" को ऐतिहासिक बनाने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय 'सुदामा जी' द्वारा व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। यात्रा की सफलता हेतु श्री पाण्डेय लगातार गांव-गांव जाकर किसानों, नौजवानों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हें जल संरक्षण एवं नदी स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">श्री पाण्डेय ने कहा कि डीजल, पेट्रोल एवं रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं के विकल्प उपलब्ध हैं, किन्तु जल का कोई विकल्प नहीं है। यदि समाज स्वच्छ जल से वंचित हो गया तो जनजीवन संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी के बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह नदियों एवं जलाशयों में कूड़ा-कचरा अथवा अन्य अपशिष्ट पदार्थ न डाले तथा जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए जलस्रोतों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाए।</div><div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि लगभग 125 किलोमीटर लंबी मनोरमा नदी की स्थायी सफाई केवल जनसहयोग से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सरकारी मशीनरी एवं प्रशासनिक इच्छाशक्ति भी आवश्यक है। आंशिक रूप से साफ किए गए स्थानों पर कुछ ही दिनों में ऊपर से बहकर आने वाला मलबा पुनः जमा हो जाता है, जिससे सफाई अभियान का प्रभाव समाप्त हो जाता है।</div><div style="text-align:justify;">ज्ञातव्य है कि श्री पाण्डेय पिछले लगभग डेढ़ दशक से मनोरमा नदी की सफाई एवं संरक्षण के लिए संघर्षरत हैं। उन्होंने इस अवधि में ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान तथा कानूनी लड़ाई के माध्यम से लगातार आवाज उठाई है। इतना ही नहीं, मखौड़ा धाम एवं पंडूलघाट क्षेत्र के युवाओं के सहयोग से 18 दिनों तक चले श्रमदान अभियान में लगभग 1500 कुंतल से अधिक मलबा हटाकर करीब दो किलोमीटर नदी की सफाई भी कराई गई।</div><div style="text-align:justify;">इसके बावजूद जिला प्रशासन से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर उन्हें धरना एवं भूख हड़ताल का भी सहारा लेना पड़ा। आंदोलन के दौरान प्रशासन द्वारा 9 अप्रैल 2026 को मनोरमा सफाई कार्य प्रारंभ कराने तथा 7 मई 2026 को एक माह के भीतर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया था, किन्तु अब तक धरातल पर कोई उल्लेखनीय प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।</div><div style="text-align:justify;">ऐसी परिस्थितियों में मखौड़ा धाम से जिलाधिकारी कार्यालय बस्ती तक प्रस्तावित मनोरमा जनजागृति यात्रा को नदी संरक्षण के लिए जनचेतना का एक बड़ा अभियान माना जा रहा है। अब जनपदवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि श्री पाण्डेय के इस अभियान को कितना जनसमर्थन प्राप्त होता है तथा प्रशासन अपने आश्वासनों के अनुरूप मनोरमा सहित अन्य जलाशयों को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए कब और कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।</div><div style="text-align:justify;">"स्वच्छ जलाशय – स्वस्थ समाज, दूषित जलाशय – कुपोषित समाज" के संदेश के साथ आयोजित होने वाली इस यात्रा में क्षेत्र के किसानों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं पर्यावरण प्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:58:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध खनन कर रही जेसीबी एंव दो डम्फर को खनन अधिकारी ने पकड़ा ,चालक  फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)। </strong>कोतवाली क्षेत्र में हो रहे बड़े पैमाने पर अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनन विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में प्रयुक्त एक जेसीबी मशीन तथा दो डंपरों को पकड़ लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला खनन  अधिकारी मुकेश मिश्र को गुरुवार रात करीब 11 बजे लोटन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम एकडेगवा टोला मैनहिया में अवैध रूप से मिट्टी खनन किए जाने की सूचना मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए खनन विभाग की टीम ने लोटन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181081/jcb-and-two-dumpers-doing-illegal-mining-caught-by-mining"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781275102729.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)। </strong>कोतवाली क्षेत्र में हो रहे बड़े पैमाने पर अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनन विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में प्रयुक्त एक जेसीबी मशीन तथा दो डंपरों को पकड़ लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला खनन  अधिकारी मुकेश मिश्र को गुरुवार रात करीब 11 बजे लोटन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम एकडेगवा टोला मैनहिया में अवैध रूप से मिट्टी खनन किए जाने की सूचना मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए खनन विभाग की टीम ने लोटन पुलिस के सहयोग से मौके पर छापेमारी की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संयुक्त टीम को देखते ही खनन में संलिप्त लोग मौके से फरार हो गए। मौके से अवैध खनन में प्रयुक्त एक जेसीबी मशीन तथा दो डंपर बरामद किए गए। टीम ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 20:56:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। पीके सिंह।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001823231.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको घियानगर फूलपुर के सामुदायिक केन्द्र में पर्यावरण सप्ताह का समापन समारोह समपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि इफको फूलपुर परिवार की प्रथम महिला सरिता सिंह रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ महाप्रबंधक (इकाई प्रमुख) पी.के.सिंह ने कहा कि हम पर्यावरण सप्ताह मना रहे है, लेकिन यह कार्यक्रम वर्षभर का है। आप सभी लोग अपने टाउनशिप को हराभरा अवश्य रखे, क्योंकि इसका लाभ आप के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी होगा। पालीथीन एवं प्लास्टिक का प्रयोग बिलकुल भी ना करें, क्योंकि पर्यावरण पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वरिष्ठ प्रबंधक ई.पी.सी. उमेश कुमार ने पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए आ कार्यक्रम का विस्तार पूर्वक विवरण दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी,कर्मचारी, महिलाओं एवं बच्चों ने कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया तथा कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का संचालन हेमलता सिजोरिया तथा धन्यवाद ज्ञापन अनूप यादव ने किया। इस दौरान महाप्रबंधक क्रमशः पी.के.पटेल, रत्नेश कुमार,ए.के.गुप्ता,सतर्कता अधिकारी अजय कुमार मिश्र, सुरेश कुमार सिंह <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001823230.jpg" alt="1001823230" width="1280" height="851"></img>(ईपीसी) मौजूद रहे।  पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार विजेताओं के नाम निम्नलिखित हैः-</div>
<div style="text-align:justify;">चित्रकला प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 1 से कक्षा 3 तक</div>
<div style="text-align:justify;">1. सोनाली पाल</div>
<div style="text-align:justify;">2. अर्शी यादव</div>
<div style="text-align:justify;">3. श्रुति पाल</div>
<div style="text-align:justify;">4. आदविक कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">5. सामर्थ्य पाल</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 4 से प तक </div>
<div style="text-align:justify;">1. आनवी कुशवाहा</div>
<div style="text-align:justify;">2. श्रुति प्रसाद</div>
<div style="text-align:justify;">3. आदया सूद</div>
<div style="text-align:justify;">4. आरध्या गुप्ता</div>
<div style="text-align:justify;">5. शिवांश शंकर</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पानी की बर्बादीः क्या हम अनजाने में पानी नष्ट कर रहे हैं और इसे कैसे रोका जाये।)</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">1. पार्वी दुबे </div>
<div style="text-align:justify;">2. आंगना सरकार</div>
<div style="text-align:justify;">3. नाइशा यादव</div>
<div style="text-align:justify;">4. सानवी शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">5. आकांक्षा कुमारी</div>
<div style="text-align:justify;">कक्षा 9 से 10  तक के विद्यार्थी</div>
<div style="text-align:justify;">(विषयः- आधुनिक तकनीक और ई कचरा क्या गैजेट्स का बढ़ता इस्तेमाल पर्यावरण के लिए एक नया और गंभीर संकट है)</div>
<div style="text-align:justify;">1. अनुष्का यादव</div>
<div style="text-align:justify;">2. आइजा फात्मा</div>
<div style="text-align:justify;">3. सृजन पाण्डेय</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों एवं उनके समाधान हेतु प्रकृति- आधारित उपाय)</div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारी वर्ग</div>
<div style="text-align:justify;">1. अश्वनी श्रीवास्तव</div>
<div style="text-align:justify;">2. नीतू सिंह</div>
<div style="text-align:justify;">3. सुबोधना शर्मा</div>
<div style="text-align:justify;">4. रजत पाठक</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिचर्चा प्रतियोगिता (विषय- पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली एवं घरेलू अपशिष्ट का उचित प्रबंधन)</div>
<div style="text-align:justify;">महिला वर्ग </div>
<div style="text-align:justify;">1. प्रतिमा दुबे</div>
<div style="text-align:justify;">2. आशा त्रिपाठी</div>
<div style="text-align:justify;">3. मालती तिवारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      सादर</div>
<div style="text-align:justify;">  (स्वयम् प्रकाश)</div>
<div style="text-align:justify;">जनसम्पर्क अधिकारी</div>
<div style="text-align:justify;">   इफको फूलपुर</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181042/we-are-celebrating-environment-week-but-this-program-is-year-round</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:17:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में खराब प्रगति वाले एडीओ (पंचायत) का वेतन रोकने के निर्देश, </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की उपस्थिति में जिला स्वच्छता समिति की बैठक  गुरुवार को संगम सभागार में आयोजित की गई। बैठक का संचालन जिला पंचायत राज अधिकार रविशंकर द्विवेदी के द्वारा किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जा रहे व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">। जिलाधिकारी ने शौचालय के पात्र लाभार्थियों को शौचालय निर्माण हेतु प्रथम एवं द्वितीय किस्त के भुगतान, लंबित प्रकरणों के</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181025/instructions-to-stop-salary-of-ado-panchayat-who-has-poor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0112-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की उपस्थिति में जिला स्वच्छता समिति की बैठक  गुरुवार को संगम सभागार में आयोजित की गई। बैठक का संचालन जिला पंचायत राज अधिकार रविशंकर द्विवेदी के द्वारा किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में पात्र लाभार्थियों को प्रदान किए जा रहे व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL) की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">। जिलाधिकारी ने शौचालय के पात्र लाभार्थियों को शौचालय निर्माण हेतु प्रथम एवं द्वितीय किस्त के भुगतान, लंबित प्रकरणों के निस्तारण तथा ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी  एडीओ (पंचायत) एवं संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब प्रगति वाले विकासखंडों के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) का वेतन अग्रिम आदेशों तक अवरुद्ध किए जाने हेतु जिला पंचायत राज अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में ज़िलाधिकारी ने “मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी” अभियान के अंतर्गत चयनित तालाबों को पूर्णतः ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट मुक्त बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी चयनित तालाबों से कूड़ा-कचरा एवं प्लास्टिक अपशिष्ट हटाते हुए उन्हें स्वच्छ बनाया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रे-वॉटर (घरेलू अपशिष्ट जल) सीधे तालाबों में प्रवाहित न हो। इसके लिए फिल्टर चैंबर अथवा अन्य उपयुक्त तकनीकी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। उन्होंने वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पूर्व सभी निर्धारित कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चयनित तालाबो की वर्तमान स्थिति और साफ -सफाई के बाद की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्रत्येक सप्ताह विशेष प्लास्टिक मुक्त अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय सांसद, विधायकों, ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा आमजन को सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने के लिए प्रेरित किया जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित समस्त योजनाओं एवं गतिविधियों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी श्री रविशंकर द्विवेदी, जिला सलाहकार (स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण), जनपद स्तरीय अधिकारीगण तथा विकासखंड स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:31:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दम तोड़ती कुम्हारों की परंपरा: मिट्टी से जुड़ी संस्कृति और आजीविका पर गहराता संकट डॉ. मणि शंकर द्विवेदी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पारंपरिक व्यवसायों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इन्हीं परंपराओं में कुम्हारों द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाने की कला एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सदियों से यह कला भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा रही है। कभी गांवों की सुबह मिट्टी के घड़ों के शीतल जल से और शाम दीयों की मधुर रोशनी से आबाद होती थी। मटके, सुराही, कुल्हड़, दीये तथा अन्य मिट्टी के बर्तन प्रत्येक घर की आवश्यकता हुआ करते थे। लेकिन बदलते समय और आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव के कारण यह परंपरा आज अस्तित्व</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181019/the-potters-tradition-is-dying-the-clay-related-culture-and-livelihood"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0139.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पारंपरिक व्यवसायों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इन्हीं परंपराओं में कुम्हारों द्वारा मिट्टी के बर्तन बनाने की कला एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सदियों से यह कला भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा रही है। कभी गांवों की सुबह मिट्टी के घड़ों के शीतल जल से और शाम दीयों की मधुर रोशनी से आबाद होती थी। मटके, सुराही, कुल्हड़, दीये तथा अन्य मिट्टी के बर्तन प्रत्येक घर की आवश्यकता हुआ करते थे। लेकिन बदलते समय और आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव के कारण यह परंपरा आज अस्तित्व के संकट से जूझ रही है।</div><div style="text-align:justify;">कुम्हार समुदाय की पीढ़ियों से चली आ रही आजीविका अब गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। आर्थिक दृष्टि से यह व्यवसाय पहले की अपेक्षा कम लाभकारी रह गया है। मिट्टी के बर्तन तैयार करने में अत्यधिक श्रम, समय और कौशल की आवश्यकता होती है, लेकिन उसके अनुरूप आय नहीं मिल पाती। अच्छी गुणवत्ता की मिट्टी जुटाने, उसे तैयार करने, बर्तन बनाने, सुखाने और भट्ठी में पकाने की पूरी प्रक्रिया कठिन और खर्चीली है।</div><div style="text-align:justify;">करछना क्षेत्र के चाका गांव निवासी 76 वर्षीय रामलाल प्रजापति, जो 1970 के दशक से इस व्यवसाय से जुड़े हैं, बताते हैं कि मिट्टी के बर्तनों का बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इसके कारण कुम्हार परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस स्थिति का सबसे अधिक प्रभाव नई पीढ़ी पर पड़ा है, जो अब इस पारंपरिक कला में कोई विशेष रुचि नहीं दिखा रही है।</div><div style="text-align:justify;">वहीं डांडी गांव के नंद किशोर के अनुसार मिट्टी की उपलब्धता और उसका प्रबंधन आज कुम्हारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। उनका कहना है कि उपयुक्त मिट्टी की व्यवस्था करने में काफी समय और पूंजी खर्च होती है, जबकि सरकार और समाज दोनों इस समस्या के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कुम्हार समुदाय से जुड़े गेमराज का कहना है कि आज भी अधिकांश कुम्हार स्थानीय हाट-बाजारों तक ही सीमित हैं, जबकि देश में आधुनिक व्यापारिक नेटवर्क और बड़े बाजार विकसित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक और अन्य कृत्रिम सामग्रियों से बने सस्ते उत्पादों के बढ़ते प्रचलन ने मिट्टी के बर्तनों की मांग को काफी हद तक प्रभावित किया है।</div><div style="text-align:justify;">कौंधियारा के राम भरोसे का मानना है कि यदि कुम्हारों को विद्युत चालित चाक, गुणवत्तापूर्ण मिट्टी, आधुनिक भट्ठियां और संगठित बाजार व्यवस्था में भागीदारी का अवसर मिले, तो उनके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सकता है। साथ ही वे पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</div><div style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से मिट्टी के उत्पाद पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। जब पूरी दुनिया प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है, तब मिट्टी के बर्तन प्राकृतिक, जैविक और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में उभरते हैं। इसलिए कुम्हारों की समस्या केवल एक समुदाय की आजीविका का प्रश्न नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण का भी विषय है।</div><div style="text-align:justify;">समय की मांग है कि सरकार, कॉर्पोरेट क्षेत्र, स्वयंसेवी संस्थाएं और समाज मिलकर इस दिशा में ठोस प्रयास करें। कुम्हारों को आधुनिक डिजाइन, तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, आसान ऋण, डिजिटल विपणन और स्थायी बाजार उपलब्ध कराए जाएं, ताकि यह परंपरा नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ सके।</div><div style="text-align:justify;">कुम्हारों के चाक की गति केवल मिट्टी को आकार नहीं देती, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता को भी आकार देती है। आवश्यकता इस बात की है कि समय रहते इस अमूल्य विरासत को संरक्षित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी मिट्टी की सोंधी खुशबू और उससे जुड़ी भारतीयता को महसूस कर सकें।</div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div><div class="adL"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:32:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेत बचाओ अभियान–2026: प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण एवं पोषण सुरक्षा पर किसानों को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong> बस्ती जिले के सदर विकासखंड अंतर्गत खेत बचाओ अभियान–2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत बभनगांव एवं मझौवा दूधनाथ में किसान जागरूकता कार्यक्रम  आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करना, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, पोषण सुरक्षा तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख श्री जटाशंकर शुक्ल, संयुक्त कृषि निदेशक बस्ती मंडल श्रीराम बचन राम, उप निदेशक कृषि श्री अशोक कुमार, मंडल अध्यक्ष श्री राम मौर्य, अमित शुक्ला (पूर्व प्रदेश मंत्री, एबीवीपी), ग्राम प्रधान श्री मनोज यादव, एडीओ (कृषि), एटीएम,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181012/farm-save-campaign-%E2%80%93-2026-farmers-made-aware-on-natural"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0058-(45).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong> बस्ती जिले के सदर विकासखंड अंतर्गत खेत बचाओ अभियान–2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत बभनगांव एवं मझौवा दूधनाथ में किसान जागरूकता कार्यक्रम  आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करना, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, पोषण सुरक्षा तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख श्री जटाशंकर शुक्ल, संयुक्त कृषि निदेशक बस्ती मंडल श्रीराम बचन राम, उप निदेशक कृषि श्री अशोक कुमार, मंडल अध्यक्ष श्री राम मौर्य, अमित शुक्ला (पूर्व प्रदेश मंत्री, एबीवीपी), ग्राम प्रधान श्री मनोज यादव, एडीओ (कृषि), एटीएम, बीटीएम तथा कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में ब्लॉक प्रमुख श्री जटाशंकर शुक्ल ने किसानों से मिट्टी एवं जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। संयुक्त कृषि निदेशक श्रीराम बचन राम ने मृदा परीक्षण आधारित खेती अपनाने तथा विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने पर बल दिया। उप निदेशक कृषि श्री अशोक कुमार ने प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण एवं जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। मंडल अध्यक्ष श्री राम मौर्य ने पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की, जबकि अमित शुक्ला ने युवाओं को कृषि नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। ग्राम प्रधान श्री मनोज यादव ने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाकर उत्पादन एवं आय बढ़ाने का आह्वान किया। कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती के वैज्ञानिक डॉ. वी. बी. सिंह ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जीवामृत, घनजीवामृत, मृदा परीक्षण, फसल अवशेष प्रबंधन एवं जल संरक्षण** की तकनीकों की जानकारी दी। वहीं डॉ. अंजली वर्मा ने पोषण वाटिका, श्री अन्न, संतुलित आहार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा भोजन में तेल, नमक एवं चीनी की मात्रा कम करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ परिवार एवं कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया | कार्यक्रम के दौरान किसानों को “मिट्टी बचाओ–खेत बचाओ, प्राकृतिक खेती अपनाओ, जल बचाओ–भविष्य बचाओ तथा स्वस्थ भोजन–स्वस्थ जीवन” का संदेश दिया गया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:07:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनजीटी सदस्य ने की पर्यावरणीय कार्यों की समीक्षा, समधा ताल पुनर्जीवन की सराहना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरित विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने एसटीपी से उपचारित जल का उपयोग पार्कों, उद्यानों एवं कृषि कार्यों में करने तथा भूजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181004/ngt-member-reviews-environmental-works-and-praises-samadha-tal-revitalization"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0047.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं हरित विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">समीक्षा के दौरान न्यायमूर्ति डॉ. अफरोज अहमद ने एसटीपी से उपचारित जल का उपयोग पार्कों, उद्यानों एवं कृषि कार्यों में करने तथा भूजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने जिलाधिकारी शैलेष कुमार के प्रयासों से संचालित समधा ताल पुनर्जीवन एवं संरक्षण योजना की विशेष सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान, जल संरक्षण एवं हरित विकास से जुड़े कार्यों की भी प्रशंसा की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बैठक में नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल, अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, प्रभागीय वनाधिकारी विवेक यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:41:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनटीपीसी रिहंद पहुंचे क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक दिवाकर कौशिक, एफजीडी परियोजना व सौर ऊर्जा संयंत्र का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बीजपुर /सोनभद्र-</strong> एनटीपीसी रिहंद परियोजना में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं सीईओ एनएसपीसीएल दिवाकर कौशिक का गरिमामयी दौरा संपन्न हुआ। परियोजना परिसर पहुंचने पर कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तरा क्लब की अध्यक्षा सीमा कौशिक भी उपस्थित रहीं।</div><div><br /></div><div>दौरे की शुरुआत में दिवाकर कौशिक ने ‘बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का अवलोकन किया और उसमें भाग ले रही ग्रामीण बालिकाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिकाओं के जन्मदिन समारोह में भी सहभागिता करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।</div><div><br /></div><div>इसके पश्चात प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180984/ntpc-regional-executive-director-diwakar-kaushik-reached-rihand-and-inspected"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001712795.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बीजपुर /सोनभद्र-</strong> एनटीपीसी रिहंद परियोजना में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं सीईओ एनएसपीसीएल दिवाकर कौशिक का गरिमामयी दौरा संपन्न हुआ। परियोजना परिसर पहुंचने पर कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तरा क्लब की अध्यक्षा सीमा कौशिक भी उपस्थित रहीं।</div><div><br /></div><div>दौरे की शुरुआत में दिवाकर कौशिक ने ‘बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का अवलोकन किया और उसमें भाग ले रही ग्रामीण बालिकाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिकाओं के जन्मदिन समारोह में भी सहभागिता करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।</div><div><br /></div><div>इसके पश्चात प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने एसएमसी सदस्यों के साथ संयंत्र के प्रदर्शन एवं परिचालन गतिविधियों की समीक्षा की। साथ ही यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की।</div><div><br /></div><div>एफजीडी परियोजना और सौर ऊर्जा संयंत्र का किया निरीक्षण</div><div>दौरे के दौरान दिवाकर कौशिक ने पर्यावरणीय मानकों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने एफजीडी स्टेज-1 एवं स्टेज-3 के लाइम स्टोन एवं जिप्सम हैंडलिंग सिस्टम के विद्युत भवन का उद्घाटन भी किया।</div><div><br /></div><div>इसके अलावा उन्होंने निर्माणाधीन 20 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र तथा इनटेक चैनल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</div><div><br /></div><div>सांस्कृतिक संध्या में प्रतिभाओं का सम्मान</div><div><br /></div><div>शाम को तरंग प्रेक्षागृह में आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में टाउनशिप के विद्यालयों, बाल भवन, ईडब्ल्यूए तथा महिला क्लब वेलफेयर विंग के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।</div><div><br /></div><div>अपने संबोधन में दिवाकर कौशिक ने रिहंद परियोजना को उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय का गौरवशाली स्तंभ बताते हुए यहां की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, उपलब्धियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।</div><div>पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश</div><div><br /></div><div>रिहंद परियोजना से प्रस्थान पूर्व दिवाकर कौशिक, सीमा कौशिक, संजय असाटी एवं वर्तिका महिला मंडल की अध्यक्षा नीलू असाटी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया।</div><div><br /></div><div>इस अवसर पर एनटीपीसी रिहंद के वरिष्ठ अधिकारी, महिला क्लब की पदाधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:38:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार का हरित संकल्प एक लाख पौधों से हरियाली की नई इबारत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अभियान का शुभारंभ करते हुए राज्य को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के संकल्प को दोहराया। यह पहल केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुरक्षित करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह अभियान प्रकृति और विकास के बीच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180752/bihars-green-resolution-on-world-environment-day-new-lesson-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अभियान का शुभारंभ करते हुए राज्य को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के संकल्प को दोहराया। यह पहल केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुरक्षित करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह अभियान प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। बिहार सरकार ने इस अवसर को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया है। जेपी गंगा पथ पर लगाए जा रहे पौधे भविष्य में न केवल हरियाली बढ़ाएंगे बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने और ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी माता के सम्मान में अथवा उनकी स्मृति में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। उनका यह संदेश पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास था जिससे अधिक से अधिक लोग इस अभियान का हिस्सा बन सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण श्रम एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के जागरूकता वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये वाहन राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को पौधारोपण जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। पर्यावरण संबंधी चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए जनजागरूकता और सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। ऐसे में जागरूकता अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार में हरित विकास की दिशा में पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 से अब तक राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के कार्यकाल में 43 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। यह संख्या बिहार के पर्यावरणीय प्रयासों की गंभीरता और व्यापकता को दर्शाती है। इन पौधारोपण अभियानों का परिणाम यह हुआ है कि राज्य के वन क्षेत्र और हरित आवरण में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। हरित क्षेत्र बढ़ने से जैव विविधता को संरक्षण मिला है और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में सहायता मिली है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। तापमान में वृद्धि अनियमित वर्षा सूखा बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। बिहार भी इन चुनौतियों से अछूता नहीं है। राज्य को हर वर्ष बाढ़ और कई क्षेत्रों में जल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर पौधारोपण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने का प्रभावी उपाय माना जाता है। वृक्ष वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं तथा तापमान नियंत्रण में भी सहायता करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान कृषि और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच पर्यावरणविदों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन लोगों के प्रयासों की सराहना है जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन लक्ष्य बनाया है। ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लोगों को भी प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण के साथ ही बिहार सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही अनुदान योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने पर 12 हजार रुपए और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जा रही है। इससे न केवल लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा बल्कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता भी कम होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार सरकार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी तेजी से लागू कर रही है। पहले चरण में पांच लाख घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रति संयंत्र 33 हजार रुपए की सहायता प्रदान करेगी जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। आने वाले दो वर्षों में 50 लाख परिवारों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौर ऊर्जा का विस्तार जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करेगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी। सरकार की योजना के अनुसार जिन घरों में आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होगा वहां से राज्य सरकार अतिरिक्त बिजली खरीदेगी और उसकी राशि सीधे उपभोक्ताओं के खाते में जमा करेगी। इससे लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा प्रश्न बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण घटते वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन भविष्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है। ऐसे समय में बिहार का यह हरित संकल्प अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। एक लाख पौधों का यह अभियान केवल संख्या का लक्ष्य नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। वृक्ष केवल हरियाली नहीं देते बल्कि जीवन देते हैं। वे वायु को शुद्ध करते हैं जल संरक्षण में मदद करते हैं और जैव विविधता को सुरक्षित रखते हैं। इसलिए पौधारोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर जीवन का स्थायी हिस्सा बनाना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार द्वारा लिया गया यह हरित संकल्प पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पौधारोपण स्वच्छ ऊर्जा और जनजागरूकता को साथ लेकर चलने वाली यह पहल विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करती है। आने वाले वर्षों में यदि यह अभियान जन आंदोलन का रूप लेता है तो बिहार न केवल हरित राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय प्रयासों में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180752/bihars-green-resolution-on-world-environment-day-new-lesson-of</link>
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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 18:49:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर नवाबगंज विधायक ने किया वृक्षारोपण </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्य ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अनेकों स्थानों पर वृक्षारोपणकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया किसी क्रम में उन्होंने आज विकासखंड भदपुरा पहुंचकर यहां के खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता के साथ ब्लॉक प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  वृक्षारोपण करने के बाद विधायक आर्य ने लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी को एक-एक पेड़ लगाने का अनुरोध किया गया यहीं पर उपस्थित खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता ने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने की बात कहते</div>
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<div style="text-align:justify;">इसलिए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180687/nawabganj-mla-planted-trees-on-world-environment-day"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1.---------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्य ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अनेकों स्थानों पर वृक्षारोपणकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया किसी क्रम में उन्होंने आज विकासखंड भदपुरा पहुंचकर यहां के खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता के साथ ब्लॉक प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> वृक्षारोपण करने के बाद विधायक आर्य ने लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी को एक-एक पेड़ लगाने का अनुरोध किया गया यहीं पर उपस्थित खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता ने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने की बात कहते हुए उन्होंने जागरूक करने का कार्य किया और कहा एक पेड़ मां के नाम लगाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस अभियान को सफल बनाने के लिए अहम भूमिका निभाई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस कार्यक्रम को समझना और अपने ही हित की आवश्यकता है संसार में मां का ही दर्जा सबसे ऊपर है वह चाहे जन्मदिन वाली मां हो या फिर धरती मां हो इन दोनों के नाम वृक्ष लगाकर प्रधानमंत्री के इस सपने को साकार करना चाहिए जिसके तहत हम जिस धरती मां के ऊपर रह रहे हैं जन्म लेने से लेकर मृत्यु के समय तक धरती मां की गोद में ही हम सबको समा जाना है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए एक वृक्ष मां के नाम लगाकर मां का सम्मान बढ़ाया जाना चाहिए इस कार्यक्रम के तहत ग्राम प्रधानों ने भी ग्राम पंचायत में एक वृक्ष मां के नाम लगाकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का कार्य किया गया जिसके तहत ढकिया बर्कली क्यों लड़ियां के प्रधान रविंद्र कुमार गंगवार ने भी इस योजना में बढ़-चढ़कर भाग लिया और वृक्षारोपण किया गया इस कार्यक्रम के तहत विधायक ने नवाबगंज एवं भदपुरा के दर्जनों स्थानों पर वृक्षारोपण कर लोगों को वृक्ष लगाने का संदेश दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां पर उपस्थित विधायक डॉक्टर एमपी आर्य खंड विकास अधिकारी कौशल कुमार गुप्ता क्यों लड़िया के प्रधान रविंद्र कुमार गंगवार टी आर गंगवार भाजपा मंडल अध्यक्ष ठाकुर जयदीप सिंह राजा बाबू समेत तकनीकी सहायक इतेंद्र पाल सिंह एपीओ सुमित कुमार समेत अनेकों लोग उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:17:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रस्मअदायगी नहीं, जिम्मेदारी: भीषण गर्मी में पौधारोपण क्यों बन जाता है औपचारिकता?</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रमों की भरमार दिखाई देती है। सरकारी कार्यालयों से लेकर सामाजिक संगठनों तक, हर जगह पौधे लगाए जाते हैं और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जाती हैं। लेकिन इस वर्ष कानपुर समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और लू के थपेड़े लोगों का जीना मुश्किल कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ऐसे में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है—क्या इस भीषण गर्मी में लगाए गए नन्हे पौधे जीवित रह पाएंगे?</strong></div>
<div style="text-align:justify;">वास्तविकता यह है कि बिना नियमित सिंचाई और देखभाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180684/why-does-tree-planting-become-a-formality-in-the-scorching"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001974815.png" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रमों की भरमार दिखाई देती है। सरकारी कार्यालयों से लेकर सामाजिक संगठनों तक, हर जगह पौधे लगाए जाते हैं और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जाती हैं। लेकिन इस वर्ष कानपुर समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और लू के थपेड़े लोगों का जीना मुश्किल कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ऐसे में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठता है—क्या इस भीषण गर्मी में लगाए गए नन्हे पौधे जीवित रह पाएंगे?</strong></div>
<div style="text-align:justify;">वास्तविकता यह है कि बिना नियमित सिंचाई और देखभाल के अधिकांश पौधों का जीवित रहना बेहद कठिन है। केवल फोटो खिंचवाने या औपचारिकता निभाने के लिए पौधे लगाना पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि पौधों के साथ अन्याय है। यदि पौधा लगाने के बाद उसकी देखभाल नहीं की जाती, तो वह कुछ ही दिनों में सूख जाता है और पूरा प्रयास निरर्थक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी जमीनी सच्चाई को ध्यान में रखते हुए "द कानपुर रिपोर्टर" की टीम ने निर्णय लिया है कि हम दिखावटी पौधारोपण से दूर रहेंगे और मानसून का इंतजार करेंगे। वर्षा ऋतु की पहली फुहार के साथ हमारी टीम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कम से कम 50 छायादार एवं फलदार पौधे लगाएगी। इतना ही नहीं, हम इन पौधों के बड़े होने तक उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज समाज में अधिकांश लोग अपने बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा, बैंक बैलेंस और संपत्ति जुटाने में पूरा जीवन लगा देते हैं। लेकिन शायद ही कोई उनके लिए स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा की व्यवस्था करने के बारे में गंभीरता से सोचता है। यदि आने वाली पीढ़ी को सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा ही उपलब्ध नहीं होगी, तो धन-संपत्ति का महत्व भी सीमित रह जाएगा। एक पेड़ केवल छाया ही नहीं देता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य भी प्रदान करता है। इसलिए इस मानसून केवल पौधा लगाने का संकल्प न लें, बल्कि उसे वृक्ष बनाने की जिम्मेदारी भी स्वीकार करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात कानपुर टीम की अपील</strong></div>
<div style="text-align:justify;">इस मानसून दिखावे से दूर रहें। अपने घर, मोहल्ले, विद्यालय, कार्यालय या आसपास उपलब्ध स्थानों पर ऐसे पौधे लगाएं जो भविष्य में घने छायादार और फलदार वृक्ष बन सकें। आने वाली पीढ़ी को विरासत में केवल कंक्रीट के मकान नहीं, बल्कि एक हरा-भरा और स्वस्थ भविष्य भी दें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 19:12:04 +0530</pubDate>
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