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                <title>awaidh nursing home - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>awaidh nursing home RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अवैध नर्सिंग होम और फर्जी पैथोलॉजी की चांदी ही चांदी, अवैध नर्सिंग संचालकों पर कब होगी कार्रवाई, मरीज व परिजनों के साथ की जाती है मनमानी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले में बिना पंजीकरण और मान्यता के संचालित हो रहे नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। बिना मानक सुविधा और योग्य प्रशिक्षकों के बावजूद ऐसे संस्थान खुलेआम संचालित हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। सूत्रों के अनुसार, जिले में दर्जनों नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर न तो राज्य नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त हैं, न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका निरीक्षण कराया गया है। कई संस्थान तो साधारण मकानों और दुकानों में अवैध रूप से चल रहे हैं।रुधौली, भानपुर, हरैया जैसे कई बड़े बाजारों में भी फल-फूल रहे हैं अवैध नर्सिंग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158847/illegal-nursing-homes-and-fake-pathology-are-only-silver-when"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251103-wa0164-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले में बिना पंजीकरण और मान्यता के संचालित हो रहे नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। बिना मानक सुविधा और योग्य प्रशिक्षकों के बावजूद ऐसे संस्थान खुलेआम संचालित हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। सूत्रों के अनुसार, जिले में दर्जनों नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर न तो राज्य नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त हैं, न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका निरीक्षण कराया गया है। कई संस्थान तो साधारण मकानों और दुकानों में अवैध रूप से चल रहे हैं।रुधौली, भानपुर, हरैया जैसे कई बड़े बाजारों में भी फल-फूल रहे हैं अवैध नर्सिंग होम, जहां न तो प्रशिक्षित नर्स हैं और न ही बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं। इन संस्थानों में स्वास्थ्य मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अधिकारियों को बार-बार शिकायत देने के बावजूद अब तक किसी भी संचालक पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों की मांग है कि शासन व प्रशासन तत्काल जिले में चल रहे सभी नर्सिंग संस्थानों की जांच कराए और अवैध रूप से संचालित केंद्रों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि छात्रों और मरीजों दोनों का भविष्य सुरक्षित रह सके। इस अवैध कारोबार को न कोई रोकने वाला है और न ही कोई टोकने वाला। लिहाजा लापरवाही की वजह से ऐसे नर्सिंग होम में आये दिन जच्चा बच्चा की मौत होती रहती है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो आशा कार्यकर्ता की सांठगांठ व कमीशन के बलबूते यह अवैध नर्सिंग होम संचालन का धंधा फल फूल रहा है और फर्जी नर्सिंग होम संचालकों के हौसले बुलंद हैं।नर्सिंग होम के संचालक मरीजों और उनके परिजनों के साथ मनमानी करते हैं। जिले भर में ऐसे कई मामले सामने चुके हैं लेकिन अभी तक कार्रवाई किसी संचालक पर नहीं हुई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 18:21:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनपदीय स्वास्थ समित की बैठक में डीएम का अवैध नर्सिंगहोम को लेकर निर्देश कितना प्रभावी</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र में स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के उदासीनता का परिणाम कुकुरमुत्ते की तरह फैल अवैध नर्सिंगहोम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143659/how-effective-is-dms-instructions-regarding-illegal-nursing-homes-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/hindi-divas101.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जब साहब हो मेहरबान तो मानक और वैध डिग्री का यहाँ है क्या काम</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>बलरामपुर </strong>एक तरफ जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक डीएम पवन अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई है कि बात सामने आ रही है जिसमे डीएम द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई है कि जानकारी सूचना विभाग दे रहा है । जिसमे स्वास्थ विभाग से जुड़े कई मामलों पर चर्चा के बाद सम्बन्धित को निर्देश दिया गया लेकिन यह निर्देश जनपद के निरंकुश अधिकारी कितना प्रभावी रूप से पालन करते है यह तो समय ही बताएगा ।</div>
<div> </div>
<div>जिसमे जनपद में अपंजीकृत नर्सिंग होम में किसी भी दशा में संचालित ना रहे। अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सील करने की कारवाही करे का निर्देश हुआ है लेकिन जनपद में अबतक कितने वैध है और कितने अवैध इसकी जानकारी जनपदीय स्वास्थ विभाग के अधिकारी देने से कतराते है और जांच और कार्यवाही के नाम पर सिर्फ अवैध वसूली का कार्य होता नजर आरहा है नोटिस दो सीज करो और फिर खोल दो का खेला यह चल रहा। </div>
<div> </div>
<div>जिसके क्षेत्र में कई मिसाल मिलती है जंहा बिना मानक और नियम के नर्सिंगहोम का संचालन हो रहा अब सवाल यह उठता है कि लग़ातार उड़न दस्ता क्षेत्रो में भृमण कर जांच कर रहा तो बिना मानक अवैध नर्सिंग होम पर आखिर क्यों कार्यवाही नही की जा रही य यह माना जाय कि सीएमओ के संरक्षण में ही इनका संचालन हो रहा है।जिसमे सेटिंग गेटिंग का खेल प्रभावी रूप से होने की जानकारी सूत्रों द्वारा मिल रही है फिर कैसे डीएम बलरामपुर का यह आदेश प्रभावी होगा। </div>
<div> </div>
<div>कि अवैध नरसिंग होम पर स्वास्थ विभाग नकेल कसे और उनपर कार्यवाही करें।जबकि जनपद में फलफूल रहे अवैध नर्सिंगहोम की बाढ़ सी आई है और हर नुक्कड़ और चौराहे पर नर्सिंगहोम का संचालन देखा जा रहा जहां तमाम ऐसे नामचीन डिग्री धारक डॉक्टर्स का बोर्ड में नाम लिखकर मरीजो को लुभाने और मरीजो के लूटने का खेल बदस्तूर जारी है ।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 16:43:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध नर्सिंग होम संचालकों पर सीएमओ मेहरबान</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर के चिकित्सकों की टीम ने सिकन्दर पुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे कई नर्सिंग होम की जांच की थी। जिनके संचालकों पर कार्रवाई के लिए जांच आख्या मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी गई थी। लेकिन अवैध रूप से संचालित हो रहे इन नर्सिंग होम पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div>  </div>
<div>स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के रहमों करम पर क्षेत्र में अवैध रूप से नर्सिंग होम व क्लिनिक संचालन का धंधा खूब फल फूल रहा है। ऐसे चिकित्सकों के यहां इलाज करा कर लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। कभी-कभी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141942/cmo-is-kind-to-illegal-nursing-home-operators"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर के चिकित्सकों की टीम ने सिकन्दर पुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे कई नर्सिंग होम की जांच की थी। जिनके संचालकों पर कार्रवाई के लिए जांच आख्या मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी गई थी। लेकिन अवैध रूप से संचालित हो रहे इन नर्सिंग होम पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div> </div>
<div>स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के रहमों करम पर क्षेत्र में अवैध रूप से नर्सिंग होम व क्लिनिक संचालन का धंधा खूब फल फूल रहा है। ऐसे चिकित्सकों के यहां इलाज करा कर लोग गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। कभी-कभी तो मरीजों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। सीएचसी अधीक्षक अकबरपुर डॉ. नूर अहमद के नेतृत्व में डॉ. पवन वर्मा, व डॉ. संजय कुमार की टीम ने सिकंदरपुर में किस्मत टेंट हाउस के बगल में स्थित डॉ. इंद्रावती के नर्सिंग होम पर पहुंचकर जांच की। संचालिका कोई डिग्री नहीं दिखा सकी थी। और न ही नर्सिंग होम संचालन से संबंधित कोई कागजात  दिखा सकी। </div>
<div> </div>
<div>जबकि यहां पर प्रसव से संबंधित टूल व अन्य मेडिकल उपकरण उपलब्ध मिले थे। यहां पर लंबे समय से अवैध रूप से गर्भपात की शिकायतें मिल रही थी। यहां से निकल कर चिकित्सकों की टीम ने संत कबीर नगर इंटर कॉलेज के बगल में स्थित डॉ.गुल्ली के क्लीनिक की जांच की थी। शिवम मेडिकल स्टोर की आड़ में डॉ. गुल्ली मौके पर मरीजों का इलाज करते मिले थे। डिग्री मांगने पर वह कुछ नहीं दिखा सके थे। यहां तक की मेडिकल स्टोर से संबंधित फार्मेसी की कोई डिग्री भी नहीं मिली थी।</div>
<div> </div>
<div>डॉ.गुल्ली के गलत इलाज से पूर्व में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन पीड़ितों से मिली भगत करके मामले को दबा दिया गया था। चिकित्सकों की टीम ने अवैध रूप से संचालित हो रहे इन संचालकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई के लिए जांच आख्या मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रेषित किया था। आज तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीएमओ साहब इन संचालकों पर मेहरबान है। इन संचालकों पर कार्रवाई के बजाय विभागीय अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 16:54:54 +0530</pubDate>
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