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                <title>  swatantra prabhat Triveniganj(Supaul) - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>  swatantra prabhat Triveniganj(Supaul) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>त्रिवेणीगंज में दम तोड़ रही डोर-स्टेप डिलीवरी, मनमर्जी सिस्टम' से पीडीएस हुई बेपटरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">​सुपौल, स्वंतत्र प्रभात</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार  जन वितरण प्रणाली  की व्यवस्था विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और मनमर्जी के कारण पूरी तरह पटरी से उतर गई है। विभागीय नियमों को ताक पर रखकर  खाद्यान्न का वितरण सहायक गोदाम प्रबंधक  की कथित तानाशाही और पसंद-नापसंद के आधार पर किया जा रहा है, जिससे स्थानीय डीलरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>साहब रहते हैं सुपौल में 'प्राइवेट' हाथों में त्रिवेणीगंज गोदाम की चाबी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​मिली जानकारी के अनुसार,  सहायक गोदाम प्रबंधक (AGM) खुद मुख्यालय में न रहकर सुपौल में डेरा जमाए रहते हैं।सूत्रों के अनुसार , उनके पास सहायक जिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179890/door-step-delivery-dying-in-triveniganj-pds-derailed-due-to-arbitrary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20250331-wa01639.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">​सुपौल, स्वंतत्र प्रभात</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार  जन वितरण प्रणाली  की व्यवस्था विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और मनमर्जी के कारण पूरी तरह पटरी से उतर गई है। विभागीय नियमों को ताक पर रखकर  खाद्यान्न का वितरण सहायक गोदाम प्रबंधक  की कथित तानाशाही और पसंद-नापसंद के आधार पर किया जा रहा है, जिससे स्थानीय डीलरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>साहब रहते हैं सुपौल में 'प्राइवेट' हाथों में त्रिवेणीगंज गोदाम की चाबी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​मिली जानकारी के अनुसार,  सहायक गोदाम प्रबंधक (AGM) खुद मुख्यालय में न रहकर सुपौल में डेरा जमाए रहते हैं।सूत्रों के अनुसार , उनके पास सहायक जिला प्रबंधक के  साथ-साथ दो अन्य गोदामों का भी अतिरिक्त प्रभार है। नतीजा यह है कि त्रिवेणीगंज गोदाम भगवान भरोसे चल रहा है। डीलरों का कहना है कि  साहब की अनुपस्थिति में पूरा गोदाम एक बिभागीय ऑपरेटर और कुछ 'खास' निजी व्यक्तियों के इशारे पर संचालित हो रहा है।<br /><br />​रोस्टर हुआ तार-तार, जारी है 'पार्ट-पार्ट' खाद्यान्न वितरण का नयाब  खेल<br />​विभागीय गाइडलाइन के अनुसार, सभी डीलरों के लिए खाद्यान्न उठाव का एक निश्चित रोस्टर तय है, लेकिन यहाँ इस रोस्टर को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।<br /><br />​चहेतों पर मेहरबानी: नियमतः डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत डीलरों को एकमुश्त अनाज मिलना चाहिए, लेकिन यहाँ 'पार्ट-पार्ट' (टुकड़ों में) अनाज दिया जा रहा है।<br /><br />​अतिरिक्त आवंटन का खेल: आरोप है कि सिंडिकेट के चहेते डीलरों को न सिर्फ पहले अनाज दिया जाता है, बल्कि उन्हें उनके तय आवंटन से भी अधिक खाद्यान्न थमा दिया जाता है।<br /><br />​<strong>डोर-स्टेप डिलीवरी बनी मजाक, गोदाम पर डटे रहते हैं डीलर</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​कागजों पर अनाज डीलरों के दरवाजे तक पहुंचना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एसएफसी (SFC) गोदाम पर हर दिन डीलरों का मेला लगा रहता है।  हालांकि डीलरअपनी मजबूरी बताते हुए कहते हैं कि <br />​"अगर हम खुद गोदाम पर जाकर सुबह से शाम तक दबाव न बनाएं, तो महीने के अंत तक अनाज नसीब नहीं होगा। जब तक हमारा अनाज मिलता है, तब तक रसूखदार डीलर वितरण भी पूरा कर लेते हैं।<br /><br />​<strong>वन नेशन वन कार्ड' का गलत फायदा, ईमानदार डीलरों को घाटा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​सरकारी नियम के मुताबिक, यदि कोई डीलर समय पर शत-प्रतिशत वितरण नहीं कर पाता, तो अगले महीने उसका आवंटन घटा दिया जाता है। वहीं, 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत दूसरे पंचायतों और जिलों के लाभुकों को राशन बांटने की छूट है। आरोप है कि इसी नियम की आड़ में कुछ खास डीलर सांठगांठ कर अपना वितरण का आंकड़ा बढ़ा लेते हैं और उनका आवंटन बढ़ जाता है, जबकि नियम का पालन करने वाले आम डीलरों का कोटा घट जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>जवाब देने से बच रहे जिम्मेदार पल्ला झाड़ा:</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इस गंभीर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के आरोपों पर जब एजीएम से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली और कोई जवाब नहीं दिया।​एमओ का अजीबोगरीब तर्क: मामले पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नेहा कुमारी ने अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा, "इस मामले में क्या कह सकती हूं, एजीएम ही बता सकते हैं। हालांकि, पार्ट उठाव जनता के हित में किया जा रहा है, जो सही है।"</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>बड़ा सवाल: आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है यह 'सिंडिकेट'?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">​जब सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के लिए सीधे डीलर के घर तक अनाज पहुंचाने (डोर-स्टेप डिलीवरी) की व्यवस्था लागू की है, तो त्रिवेणीगंज में डीलरों की यह भीड़ और गोदाम पर मची यह लूट किसके शह पर चल रही है? उच्चाधिकारियों की इस मामले पर चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 16:45:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झोलाछाप चिकित्सक के ईलाज ने ली मासूम की जिंदगी </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>जितेन्द्र कुमार राजेश</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>त्रिवेणीगंज(सुपौल)</strong> लगातार घटनाओं के बाद भी झोलाछाप डॉक्टरों पर लगाम कसने में  प्रशासन असफल साबित हो रहा है। परिणामस्वरूप फिर एक मासूम की जिंदगी झोलाछाप डॉक्टर की भेंट चढ़ गई। इस घटना के बाद परिजनों रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के संबंध बताया जाता है कि छातापुर थाना क्षेत्र के डहरिया निवासी दिलखुश कुमार के दो माह के पुत्र को बीते दिनों सर्दी, खांसी, बुखार के बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप चिकित्सक से ईलाज करवाना शुरू कर दिया।</div>
<div>  </div>
<div>लेकिन जब उसकी तबियत ओर बिगड़ने लगा तो त्रिवेणीगंज स्थित डॉक्टर</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141867/quack-doctors-treatment-took-the-life-of-an-innocent-child%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/sdgfdg.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>जितेन्द्र कुमार राजेश</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>त्रिवेणीगंज(सुपौल)</strong> लगातार घटनाओं के बाद भी झोलाछाप डॉक्टरों पर लगाम कसने में  प्रशासन असफल साबित हो रहा है। परिणामस्वरूप फिर एक मासूम की जिंदगी झोलाछाप डॉक्टर की भेंट चढ़ गई। इस घटना के बाद परिजनों रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के संबंध बताया जाता है कि छातापुर थाना क्षेत्र के डहरिया निवासी दिलखुश कुमार के दो माह के पुत्र को बीते दिनों सर्दी, खांसी, बुखार के बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। इसके बाद परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप चिकित्सक से ईलाज करवाना शुरू कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन जब उसकी तबियत ओर बिगड़ने लगा तो त्रिवेणीगंज स्थित डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह के यहां शनिवार को भर्ती कराया। जहाँ चिकित्सक ने उपचार किया। लेकिन स्थिति नाजुक होने के कारण परिजनों को अनुमंडलीय अस्पताल ले जाने को कहा। लेकिन अनुमंडलीय अस्पताल ले जाने के दौरान ही मासूम की मौत रास्ते मे हो गई।</div>
<div> </div>
<div>अनुमंडलीय अस्पताल में ड्युटी पर मौजूद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक ने बताया की बच्चे को मृत अवस्था मे परिजनों लेकर अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचे थे। मृतक बच्चे की माँ रूबी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="yj6qo"> </div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 17:42:17 +0530</pubDate>
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