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                <title>Health - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Health RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र के निर्माता होते है-विधायक राजमणि कोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>कोराव (प्रयागराज)</strong></div>
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<div>भारतीय जनता पार्टी बड़ोखर मंडल शारदा कान्वेंट स्कूल बड़ोखर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 की दो दिवसीय कार्यशाला रविवार को समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में पार्टी के वक्ताओं ने संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया तथा सरकार की उपलब्धियों पर कार्यकर्ताओं को विस्तृत प्रशिक्षण दिया।</div>
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<div>द्वितीय दिवस के चौथे सत्र में जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी तिवारी ने संगठन विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन का विस्तार केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्रचेतना जागृत करने के लिए किया जाता है।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172933/bjp-workers-are-the-builders-of-the-nation-mla"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/rajneeti2.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>कोराव (प्रयागराज)</strong></div>
<div> </div>
<div>भारतीय जनता पार्टी बड़ोखर मंडल शारदा कान्वेंट स्कूल बड़ोखर में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 की दो दिवसीय कार्यशाला रविवार को समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में पार्टी के वक्ताओं ने संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया तथा सरकार की उपलब्धियों पर कार्यकर्ताओं को विस्तृत प्रशिक्षण दिया।</div>
<div> </div>
<div>द्वितीय दिवस के चौथे सत्र में जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी तिवारी ने संगठन विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन का विस्तार केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्रचेतना जागृत करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच बनाकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।</div>
<div> </div>
<div>पांचवें सत्र में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार चतुर्वेदी ने बूथ प्रबंधन एवं ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि बूथ समितियों में सभी वर्गों का समावेश, निरंतर संवाद, सम्पर्क प्रवास और नियमित बैठकें ही “मेरा बूथ सबसे मजबूत” अभियान की आधारशिला हैं।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने बताया कि यदि बूथ स्तर पर नियमित अवलोकन और विश्लेषण के साथ कार्य किया जाए तो संगठन की मजबूती सुनिश्चित होती है। उन्होंने बूथ पर आयोजित होने वाले छह प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सामूहिक रूप से सुनने की संगठनात्मक रूपरेखा भी प्रस्तुत की।</div>
<div> </div>
<div>छठे सत्र में पूर्व जिला मंत्री अनिल मिश्र ने सोशल मीडिया, नमो ऐप, सरल ऐप तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के बारे में कार्यकर्ताओं को बिंदुवार जानकारी दी और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया।</div>
<div> </div>
<div>समापन सत्र को संबोधित करते हुए कोरांव विधायक राजमणि कोल ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें उद्योगों के नाम पर केवल ऋण देकर संस्थाओं को बंद होने की स्थिति में छोड़ देती थीं, जबकि वर्ष 2017 के बाद भाजपा सरकार ने देश-विदेश से उद्योगों को लाकर युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा किसानों-नौजवानों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। साथ ही सरकारी नौकरियों के साथ व्यापार और उद्योग के लिए नि:शुल्क ऋण योजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता प्रांतीय परिषद सदस्य रामअवध कुशवाहा ने की, जबकि स्वागत एवं आभार मंडल अध्यक्ष रामराज सिंह पटेल ने व्यक्त किया।</div>
<div> </div>
<div>जमुना प्रसाद मिश्र,पवन कुमार पटेल,सूर्यवली पांडेय,अमरेन्द्र कुशवाहा आदि ने अलग-अलग सत्रो की अध्यक्षता की 24 घंटे के प्रशिक्षण कार्यशाला में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।</div>
</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 00:57:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी  के निर्देशानुसार जिला महिला चिकित्सालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती।</strong></div>
<div>  </div>
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<div style="text-align:justify;">बस्तीजिले की जिलाधिकारी  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी  के निर्देशानुसार जिला महिला चिकित्सालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष  विवेकानंद मिश्र रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नेहा वर्मा तथा अंकुर कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस तथा महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान महिला सशक्तिकरण, बेटियों की शिक्षा तथा उनके सर्वांगीण विकास से संबंधित</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172858/on-the-occasion-of-international-womens-day-a-special-program"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260308-wa0072.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>बस्ती।</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्तीजिले की जिलाधिकारी  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी  के निर्देशानुसार जिला महिला चिकित्सालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष  विवेकानंद मिश्र रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नेहा वर्मा तथा अंकुर कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जिला महिला चिकित्सालय के सीएमएस तथा महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी देखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान महिला सशक्तिकरण, बेटियों की शिक्षा तथा उनके सर्वांगीण विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा इस अवसर पर प्रतिभावान छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न सामग्रियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में पांच बालिकाओं को लैपटॉप प्रदान किए गए, जबकि 10 मेधावी छात्राओं को स्कूल बैग, वाटर बॉक्स, टिफिन एवं ज्योमेट्री बॉक्स वितरित कर सम्मानित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त कन्या जन्मोत्सव के अंतर्गत 25 नवजात बालिकाओं को किट वितरित की गई। अतिथियों ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रदान कर समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बालिकाओं को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग के अशोक सिंह, वीना सिंह, सपना सिंह, साधना अग्रहरि, प्रतिभा श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172858/on-the-occasion-of-international-womens-day-a-special-program</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:20:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फास्ट फूड संस्कृति – स्वाद के पीछे सेहत की बलि</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार की चमक-दमक और स्वाद की चटपटी लहर ने आज के इंसान को इस कदर जकड़ लिया है कि वह न सिर्फ इसके मायाजाल में फँसा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसे अपनी कैद का अहसास तक भूल चुका है। फास्ट फूड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कभी ऐशो-आराम का प्रतीक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब रोजमर्रा की जिंदगी का दिल और दिमाग बन गया है। चटकीले मसालों की महक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रंग-बिरंगे व्यंजनों की सजावट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पलक झपकते तैयार होने वाली थालियाँ और चमचमाती पैकेजिंग ने नई पीढ़ी को इस कदर सम्मोहित किया है कि घर का सादा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पौष्टिक खाना अब उन्हें फीका और बेमजा लगने</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151896/fast-food-culture-sacrifice-of-health-behind-taste"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/download-(13).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार की चमक-दमक और स्वाद की चटपटी लहर ने आज के इंसान को इस कदर जकड़ लिया है कि वह न सिर्फ इसके मायाजाल में फँसा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उसे अपनी कैद का अहसास तक भूल चुका है। फास्ट फूड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कभी ऐशो-आराम का प्रतीक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब रोजमर्रा की जिंदगी का दिल और दिमाग बन गया है। चटकीले मसालों की महक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रंग-बिरंगे व्यंजनों की सजावट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पलक झपकते तैयार होने वाली थालियाँ और चमचमाती पैकेजिंग ने नई पीढ़ी को इस कदर सम्मोहित किया है कि घर का सादा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पौष्टिक खाना अब उन्हें फीका और बेमजा लगने लगा है। यह सिर्फ स्वाद की सनक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक ऐसा सामाजिक भंवर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो हमारी सेहत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और संवेदनाओं को लील रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पिज्जा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बर्गर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फ्रेंच फ्राइज़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मोमोज़ और नूडल्स जैसे व्यंजन आज केवल भोजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक फैशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक स्टेटस और एक लत बन चुके हैं। स्कूलों के बाहर खड़े ठेले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मॉल में सजे-धजे आउटलेट्स और गली-गली में उभरते फास्ट फूड स्टॉल इस बात की ताकीद करते हैं कि हमारी प्राथमिकताएँ अब पेट की भूख से ज्यादा जीभ के स्वाद को तवज्जो देती हैं। यह लहर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर उम्र को अपने रंग में रंग चुकी है। लेकिन इस रंग की चमक इतनी तेज है कि इसके पीछे छिपा सेहत का अंधेरा हमें दिखाई ही नहीं देता।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">फास्ट फूड की चमक-दमक बाहर से जितनी लुभावनी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भीतर से उतनी ही खतरनाक और विनाशकारी। इसमें इस्तेमाल होने वाला तेल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मैदा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृत्रिम फ्लेवर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संरक्षक और रासायनिक रंग केवल स्वाद को बढ़ाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शरीर को नहीं। नियमित सेवन से मोटापा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हृदय रोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मधुमेह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उच्च रक्तचाप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पाचन संबंधी समस्याएँ और यहाँ तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारियाँ पनप रही हैं। यह आधुनिक ज़हर चुपके-चुपके हमारे शरीर को खोखला कर रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी ऊर्जा को चूस रहा है और जीवन की गुणवत्ता को नष्ट कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्वास्थ्यकर आहार वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। फिर भी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हम इस स्वाद के जाल में फँसकर अपनी सेहत का सौदा कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस तेज रफ्तार संस्कृति का जहर सिर्फ हमारे शारीरिक स्वास्थ्य तक नहीं रुका</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">इसने हमारी सामाजिक नींव</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पारिवारिक रिश्तों और सांस्कृतिक धरोहर को भी बुरी तरह छलनी कर दिया है। कभी परिवार एक साथ मेज पर बैठकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गर्मागर्म घर के खाने की खुशबू और हँसी-मजाक के बीच अपनापन बाँटते थे। आज वही लोग मोबाइल स्क्रीन में गुम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्लास्टिक के डिब्बों में बंद फास्ट फूड के साथ अकेलेपन में डूबे नजर आते हैं। इसने न सिर्फ आपसी संवाद को निगल लिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि रिश्तों की गर्माहट और आत्मीयता को भी ठंडा कर दिया। भोजन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो कभी प्रेम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और एकजुटता का जीवंत प्रतीक था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब महज एक खानापूर्ति बनकर रह गया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ललचाती संस्कृति को हवा देने में विज्ञापनों का जाल बेहद खतरनाक साबित हुआ है। चमचमाते होर्डिंग्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेलिब्रिटीज की चमकती मुस्कान</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">खाओ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जियो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मजे लो</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दिलकश</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नारे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">“</span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">खरीदें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक मुफ्त पाएँ</span><span lang="hi" xml:lang="hi">”</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लुभावने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सोच</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इस</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कदर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बहकाते</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भूल</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जाते</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हैं—इस</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तात्कालिक</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वाद</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कीमत</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अपनी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सेहत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय और जेब से चुका रहे हैं। बच्चे तो अब फास्ट फूड ब्रांड्स को देवता सा मानने लगे हैं। एक अध्ययन खुलासा करता है कि फास्ट फूड कंपनियाँ जानबूझकर बच्चों को अपने चटकीले विज्ञापनों का निशाना बनाती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे उनकी खानपान की आदतें बचपन से ही बिगड़ रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और भविष्य पर खतरे के बादल मँडराने लगे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज की हांफती-भागती जिंदगी में फास्ट फूड समय की बचत का लुभावना शॉर्टकट दिखता है। मगर इस सुविधा की असल कीमत तब सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब हम अस्पतालों की अंतहीन कतारों में खड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपनी बारी का इंतजार करते हैं। जो भोजन हमें चंद मिनटों की राहत देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही भविष्य में डॉक्टरों की चौखट पर घंटों और मोटे मेडिकल बिलों के बोझ तले हमारा समय व जेब दोनों चट कर जाता है। यह ऐसा सौदा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें हम हर बार सिर्फ नुकसान उठाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समस्या केवल फास्ट फूड में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हमारी उस मानसिकता में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो स्वाद को सेहत से ऊपर रखती है। हमें यह समझना होगा कि असली स्वाद वही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो शरीर को ताकत दे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मन को सुकून दे और जीवन को लंबा करे। घर का सादा खाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसमी फल-सब्जियाँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दादी-नानी के पारंपरिक व्यंजन और देसी मसालों की महक आज भी सर्वश्रेष्ठ हैं। ये न केवल पौष्टिक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हमारी संस्कृति और जड़ों से भी जोड़ते हैं। लेकिन विदेशी स्वादों की चमक में हम अपनी इस अनमोल विरासत को भूलते जा रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि हम अब भी नींद से नहीं जागे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हमारी भावी पीढ़ियाँ सिर्फ स्वाद की गुलामी करेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेहत की नहीं। इस दलदल से निकलने की शुरुआत हमें अपने आप से करनी होगी। स्कूलों में पोषण शिक्षा को अनिवार्य बनाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">माता-पिता का बच्चों को स्वस्थ खानपान की आदतें सिखाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और सरकार का फास्ट फूड विज्ञापनों पर कड़ा शिकंजा कसना—ये कदम इस लड़ाई में निर्णायक हथियार बन सकते हैं। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमें अपने घरों में खाना पकाने की कला को फिर से जीवंत करना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि हमारी मेज पर प्यार और स्वास्थ्य दोनों परोसे जाएँ।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">फास्ट फूड का गाहे-बगाहे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोच-समझकर किया गया सेवन शायद नुकसान न करे। मगर जब यह हमारी आदत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी लत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हमारी पहचान बन जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब यह भोजन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक धीमा ज़हर बनकर हमें खोखला करने लगता है। चाहे जिंदगी की रफ्तार कितनी भी तेज क्यों न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेहत ही वह मजबूत नींव है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिस पर सुख</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समृद्धि और संतुलन का महल खड़ा होता है। स्वाद की क्षणिक लालच में हम अपने भविष्य को दाँव पर नहीं लगा सकते। आइए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस चटकीले मोहजाल से बाहर निकलें और उस स्वाद को गले लगाएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न सिर्फ जीभ को सुकून दे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे जीवन को रंगों से भर दे। क्योंकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेहत से बढ़कर कोई स्वाद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और जीवन से अनमोल कोई खजाना नहीं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151896/fast-food-culture-sacrifice-of-health-behind-taste</link>
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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 18:24:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलरामपुर जैसे शैक्षिक और सामाजिक रूप से पिछड़ेपन के शिकार जिलों में कहीं ना कहीं महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति उतनी नही है जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर </strong>जैसे शैक्षिक और सामाजिक रूप से पिछड़ेपन के शिकार जिलों में कहीं ना कहीं महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति उतनी जागरूक नहीं है, जितना उन्हें होना चाहिए। इस जागरूकता को महिलाओं व किशोरियों में पैदा करने के लिए सरकार व स्वास्थ्य महकमे द्वारा समय-समय पर कार्यक्रमों को संचालित किया जाता है।</div>
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<div>इसी कड़ी में आज बलरामपुर मुख्यालय पर स्थित गर्ल्स इंटर कॉलेज में समाजसेवी संस्था द्वारा महिलाओं को माहवारी से संबंधित दिक्कतों और परेशानियों के साथ-साथ बीमारियों और उनके बचाव से अवगत कराया गया। गर्ल्स इंटर कॉलेज में सैनिटरी नैपकिंस का वितरण किया गया और एक इंसुलेटर मशीन को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143662/in-educationally-and-socially-backward-districts-like-balrampur-women-are"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/8-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर </strong>जैसे शैक्षिक और सामाजिक रूप से पिछड़ेपन के शिकार जिलों में कहीं ना कहीं महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति उतनी जागरूक नहीं है, जितना उन्हें होना चाहिए। इस जागरूकता को महिलाओं व किशोरियों में पैदा करने के लिए सरकार व स्वास्थ्य महकमे द्वारा समय-समय पर कार्यक्रमों को संचालित किया जाता है।</div>
<div> </div>
<div>इसी कड़ी में आज बलरामपुर मुख्यालय पर स्थित गर्ल्स इंटर कॉलेज में समाजसेवी संस्था द्वारा महिलाओं को माहवारी से संबंधित दिक्कतों और परेशानियों के साथ-साथ बीमारियों और उनके बचाव से अवगत कराया गया। गर्ल्स इंटर कॉलेज में सैनिटरी नैपकिंस का वितरण किया गया और एक इंसुलेटर मशीन को भी गर्ल्स इंटर कॉलेज में लगवाया गया।</div>
<div> </div>
<div>भारतीय मूल की अमेरिकी मीनल बहल ने महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए केंद्रित एक संस्था 'फैन फॉल' (संगिनी की दोस्त) नाम की संस्था की शुरुआत की है। जो भारत तथा अमेरिका में महिलाओं को माहवारी और उसके दौरान होने वाली बीमारियों के बारे में शिक्षित करने का काम करती है। साथ ही साथ वह महिलाओं व किशोरियों को सैनेटरी पैड व उनके रहने वाली जगहों पर इंसुलेटर मशीनों को इनस्टॉल करवाने का काम करती है।</div>
<div> </div>
<div>आज इसी संस्था और इसकी संस्थापक मीनल बहल के द्वारा व विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा के तत्वावधान में जिला मुख्यालय पर स्थित गर्ल्स इंटर कॉलेज में सैंकड़ों छात्राओं/ किशोरियों को माहवारी और उससे जनित बीमारियों के बारे में सचेत किया गया। संस्था के सदस्यों के द्वारा सैंकड़ों छात्राओं को सैनेटरी नैपकिन पैड के पैकेटों का वितरण किया गया। इसके साथ ही गर्ल्स इंटर कॉलेज परिसर में एक इंसुलेटर मशीन को भी लगवाया गया है। जहां पर छात्राएं अपने सैनेटरी पैड को डिस्पोज कर सकती है।</div>
<div> </div>
<div>संस्था की संस्थापक मीनल बहल द्वारा छात्रों को वीडियो मैसेज के माध्यम से संबोधित भी किया गया। संबोधन के दौरान उन्होंने छात्राओं से माहवारी और इससे जनित रोगों के बारे में अपेक्षाकृत रूप से अधिक सजग रहने की अपील की। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि यदि आप माहवारी के दिनों में है तो आपको हर 6 घंटे में अपना सेनेटरी नैपकिन पैड को चेंज करना चाहिए, जिससे शरीर से निकलने वाले गंदे खून का कोई दुष्प्रभाव अनचाही जगह पर ना पढ़ सके। उन्होंने यह भी अपील की की सेनेटरी पैड का उपयोग माहवारी के दौरान जरूर किया जाए।</div>
<div> </div>
<div>इसकी जगह पर जो किशोरिया या महिलाएं साधारण कपड़े का उपयोग करती हैं। वह न केवल नुकसानदायक है बल्कि उनमें बैक्टीरिया इत्यादि भी पड़े रहते हैं, जिस कारण से आने वाले दिनों में समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि तमाम महिलाओं और किशोरियों में यह समस्या होती है कि उन्हें वजाइनल डिजीज हो जाती है। लेकिन जानकारी के अभाव में वह इन खतरों को पहचान ही नहीं पाती और अंत में उन्हें बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान प्रबंधन समिति के प्रद्युमन सिंह परितोष सिन्हा, प्राचार्या रेखा रानी, अविनाश मिश्रा, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा के सहयोगी मनीष शुक्ला व शिक्षक उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 16:53:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामाजिक सामंजस्य बनाने में योग की भूमिका महत्वपूर्ण -योगाचार्य धर्मचंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p>प्रज्ञा योग साधना शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान  द्वारा सहसों के शिवाजी इंटर कॉलेज में बच्चों को योगाभ्यास कराते हुए योगाचार्य धर्मचंद जी ने कहा कि सामाजिक  सामंजस्य बनाने में योग की भूमिका महत्वपूर्ण है । यह विभिन्न प्रकार की बीमारियों को दूर भगाने में भी लाभकारी है।</p>
<p>योग गुरु ने बताया कि  योग विद्या ऐसा गुण है जिसके लगातार करते रहने से गंभीर से गंभीर रोगों का बिना दवा के इलाज संभव है। छोटे बच्चे नियमित रूप से यदि योगासन करें तो खुजली, फोड़े- फुंसी, चिड़चिड़ापन , मौसमी बुखार, खांसी, सर्दी - जुखाम खत्म हो जाता है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135129/role-of-yoga-is-important-in-creating-social-harmony-yogacharya"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/img-20230925-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong><br /><strong>प्रयागराज।</strong></p>
<p>प्रज्ञा योग साधना शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान  द्वारा सहसों के शिवाजी इंटर कॉलेज में बच्चों को योगाभ्यास कराते हुए योगाचार्य धर्मचंद जी ने कहा कि सामाजिक  सामंजस्य बनाने में योग की भूमिका महत्वपूर्ण है । यह विभिन्न प्रकार की बीमारियों को दूर भगाने में भी लाभकारी है।</p>
<p>योग गुरु ने बताया कि  योग विद्या ऐसा गुण है जिसके लगातार करते रहने से गंभीर से गंभीर रोगों का बिना दवा के इलाज संभव है। छोटे बच्चे नियमित रूप से यदि योगासन करें तो खुजली, फोड़े- फुंसी, चिड़चिड़ापन , मौसमी बुखार, खांसी, सर्दी - जुखाम खत्म हो जाता है। <br />  उन्होंने बच्चों को बताया कि चेचक कोई दैवीय प्रकोप नहीं बल्कि गर्मी का रोग है एवं यह अपच के कारण होता है ।यही कारण है कि बच्चे इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं । </p>
<p>  उन्होंने बच्चों को पद्मासन, सिद्धासन, स्वास्तिक आसन, सुखासन,वज्रासन आदि ध्यानात्मक आसान सिखाएं। तथा बच्चों को पढ़ाई में एकाग्रता वृद्धि हेतु ध्यान  का अभ्यास कराया। अंत में  योगाचार्य जी ने सभी बच्चों को मांसाहार को छोड़ने और शाकाहार अपनाने, ईमानदारी और कड़ी मेहनत करने, नशे से दूर रहने तथा समाज को अंधविश्वास मुक्त करने की शपथ दिलाई।<br />     विद्यालय के प्रधानाचार्य राम आशीष ने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वह योगाचार्य द्वारा सिखाए गए योग को करेंगे तो वह पढ़ाई में होने वाले मानसिक दबाव से बच सकेंगे तथा उनका शरीर स्वस्थ होगा।</p>
<p> मौके पर विद्यालय के रामेंद्र कुमार, गुलाब चंद्र पटेल,  अजीत सिंह आदि अध्यापक मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Sep 2023 22:06:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>औषधियों, उपकरणों के स्टाक रजिस्टर संधारण में गडबड़ी का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात, जिला ब्यूरो।</p>
<p style="text-align:justify;">हेमेन्द्र क्षीरसागर। मध्यप्रदेश। </p>
<p style="text-align:justify;">बालाघाट।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य चिकित्साा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने सिविल अस्पकताल लांजी में औषधियों एवं उपकरणों के स्टािक रजिस्टर संधारण में भारी गडबड़ी पाये जाने पर वहां के दो फार्मासिस्टक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न उनकी संविदा सेवा समाप्ता करने की कार्यवाही की जाये। </p>
<p style="text-align:justify;">जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ मदन मेश्राम के नेतृत्व में अधिकृत जांच दल द्वारा 19 जुलाई को सिविल अस्पताल लांजी के औषधि भंडार का आकस्मिक निरीक्षण किया। अभिलेखों का परीक्षण करने के साथ ही उपलब्धव स्टाक का भौतिक सत्यापन किया गया था। निरीक्षण में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133046/case-of-irregularities-in-the-maintenance-of-stock-register-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/orig_app16781983976407467d5dd18img-20230306-wa0070_1678214998-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात, जिला ब्यूरो।</p>
<p style="text-align:justify;">हेमेन्द्र क्षीरसागर। मध्यप्रदेश। </p>
<p style="text-align:justify;">बालाघाट।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य चिकित्साा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने सिविल अस्पकताल लांजी में औषधियों एवं उपकरणों के स्टािक रजिस्टर संधारण में भारी गडबड़ी पाये जाने पर वहां के दो फार्मासिस्टक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न उनकी संविदा सेवा समाप्ता करने की कार्यवाही की जाये। </p>
<p style="text-align:justify;">जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ मदन मेश्राम के नेतृत्व में अधिकृत जांच दल द्वारा 19 जुलाई को सिविल अस्पताल लांजी के औषधि भंडार का आकस्मिक निरीक्षण किया। अभिलेखों का परीक्षण करने के साथ ही उपलब्धव स्टाक का भौतिक सत्यापन किया गया था। निरीक्षण में पाया गया कि सिविल अस्पखताल लांजी में जिला केन्द्री य औषधि भंडार बालाघाट से 08 अप्रैल 2023, 11 अप्रैल 2023, 15 अप्रैल 2023, 17 अप्रैल 2023, 15 मई 2023, 30 जून 2023 एवं 03 जुलाई 2023 को औषधियों का इन्डेंट प्राप्त किया गया है, लेकिन स्टाक रजिस्ट्रर में 08 अप्रैल 2023 के उपरांत औषधियों की एन्ट्री नहीं की गई है। वित्तीनय वर्ष 2022 एवं 2023 के स्टाहक रजिस्‍टर की प्रविष्टियां सिविल अस्पैताल के प्रभारी चिकित्सा‍ अधिकारी द्वारा सत्यांपित नहीं की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/84.jpg" alt="Medicine"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जांच दल ने जांच में पाया कि आनलाईन साफ्टवेयर के अनुसार निरीक्षण की तिथि को संस्था 1 में शेष बची औषधियों एवं स्टो र में उपलब्धं औषधियों की संख्याय में भारी अंतर पाया गया। स्टोर के रेक में रखी औषधियों एवं प्रदर्शित चार्ट में मिलान करने पर औषधियों के बैच नंबर, एक्सटपायरी डेट एवं उपलब्धत संख्‍या में भिन्न ता पायी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्सपायरी डेट की औषधियों का रजिस्टर प्रभारी अधिकारी से सत्यापित नहीं पाया गया। इन्डेंलट इश्यू व्हाचउचर के अनुसार 10 जुलाई 2023 को एक ही व्हाचउचर में 28 हेल्थर एंड वेलनेस सेंटर्स को औषधियां वितरित की गई है। लेकिन औषधियां प्राप्तच करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं है। संस्था को प्राप्त तीन हाईड्रोलिक बेड की स्था‍यी उपकरणों के रजिस्‍टर में एन्ट्री नहीं पायी गई। </p>
<p style="text-align:justify;">जांच दल द्वारा औषधियों एवं उपकरणों के स्टा क रजिस्टर संधारण में भारी गडबड़ी पाये जाने पर सिविल अस्पलताल लांजी के संविदा फार्मासिस्ट राहुल खोब्रागड़े एवं इमरान खान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि क्यों न उनके द्वारा बरती जा रही। इस लापरवाही एवं अनियमितता के लिए उनकी संविदा सेवा समाप्त करने का प्रस्तािव राज्य कार्यालय को भेजा जाये।</p>
<p style="text-align:justify;">इन दोनों संविदा फार्मासिस्ट को तीन दिनों के भीतर समक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर सिविल अस्पताल लांजी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के माध्‍यम से अपना स्परष्टीकरण प्रस्तुयत करने कहा गया है। समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एक पक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Jul 2023 20:10:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैक्युलर डीजेनेरेशन जानते है डॉ सुमित्राजी  से  - भाग ५</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />डॉ सुमित्रा अग्रवाल<br />यूट्यूब आर्टिफीसियल ऑय को<br /><br />ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन<br /><br />मैक्युला का पूरा नाम मैक्युला ल्यूटिया है। इसका मतलब है पीला केंद्र, और यह एक चमकीला पीला केंद्र बिंदु है, जो रेटिना के केंद्र में लगभग डेढ़ मिलीमीटर व्यास का होता है, जिसका व्यास स्वयं लगभग २० मिमी होता है। मैक्यूला केंद्रीय दृष्टि और रंग दृष्टि प्रदान करने का काम होता है।<br /><br />आंख में ज़ैंथोफिल होता है जो मेलेनिन के समान कार्य करता है - इसे सूर्य की क्षति से बचाने के लिए। ज़ैंथोफिल के दो रूप हैं ल्यूटिन और  ज़ीएक्सान्थिन। ये पीले रंग वास्तव में कुछ हरे पत्तों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130149/dr-sumitraji-knows-macular-degeneration-part-5"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/macular-degenration-5.jpg" alt=""></a><br /><p><br />डॉ सुमित्रा अग्रवाल<br />यूट्यूब आर्टिफीसियल ऑय को<br /><br />ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन<br /><br />मैक्युला का पूरा नाम मैक्युला ल्यूटिया है। इसका मतलब है पीला केंद्र, और यह एक चमकीला पीला केंद्र बिंदु है, जो रेटिना के केंद्र में लगभग डेढ़ मिलीमीटर व्यास का होता है, जिसका व्यास स्वयं लगभग २० मिमी होता है। मैक्यूला केंद्रीय दृष्टि और रंग दृष्टि प्रदान करने का काम होता है।<br /><br />आंख में ज़ैंथोफिल होता है जो मेलेनिन के समान कार्य करता है - इसे सूर्य की क्षति से बचाने के लिए। ज़ैंथोफिल के दो रूप हैं ल्यूटिन और  ज़ीएक्सान्थिन। ये पीले रंग वास्तव में कुछ हरे पत्तों में छिपे होते हैं, और जब पत्ते पीले या नारंगी रंग के होने लगते है।  आपने देखा होगा की  गोभी का एक अच्छा ताजा गुच्छा पीला धीरे धीरे पीला हो जाता है।<br /><br />इन पिगमेंट का काम सूर्य के प्रकाश की पराबैगनी और दिखाई देने वाली नीली किरणों को अवशोषित करना है ताकि वे रेटिना के नाजुक ऊतकों को न जलाएं। उम्र के साथ अपने बीस या तीसवें दशक की शुरुआत में ज़ैंथोफिल पिगमेंट शरीर से नष्ट होना शुरू हो जाता हैं। पत्तेदार हरी सब्जियां, विशेष रूप से पालक, सरसों और कोलार्ड ग्रीन्स का दैनिक सेवन, हमारी आँखों की ज़ैंथोफिल पिगमेंट की आपूर्ति को पूरा करता रहता है। शोध से पता चला है कि ज़ैंथोफिल वर्णक से भरपूर भोजन खाने से आपके रक्त में मापने योग्य मात्रा तुरंत बढ़ जाती है, और जल्द ही, आँख के मैक्युला में देखी जाने वाली मात्रा भी बढ़ जाती है। मैक्युला में ज़ैंथोफिल को मैक्युला के घनत्व द्वारा मापा जाता है। मैक्यूला में ज़ैंथोफिल मैक्यूला के स्वास्थ्य से संबंधित है। रंग दृष्टि में कमी तब होती है जब मैक्यूला में ज़ैंथोफिल समाप्त हो जाता है। यह मैकुलर डिजनरेशन के शुरुआती लक्षणों में से एक है।<br /><br />ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन विशिष्ट कैरोटीन के नाम हैं जो मैक्युला को बचाते है और संरक्षित करने के लिए आवश्यक हैं। कुछ विशिष्ट खाद्य पदार्थों में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन प्रचुर मात्रा में पाए गए हैं।  काले, कलर्ड ग्रीन , पालक, हरा सरसो , लाल शिमला मिर्च, हरा गोभी , लेटुस, कुमराह , हरा मटर।<br /><br />मैक्युला को स्वस्थ रखने के लिए अपने खाने पिने पर विशेष ध्यान दे , मैक्युला ही हमारे दृस्टि की हैं कुंजी है और खान पैन से ही इसे स्वस्थ रखा जा सकता है।<br />खाने में उन चीजों का इस्तेमाल करे जो मैक्युला को पिग्मेंटेड और मोटा बने रहने में सहायता करे।  ऊपर दिए गए चीजों में से रोज एक न एक खाद्य को अपने भोजन का अंग बनाये।<br />मैक्युलर डीजेनेरेशन से जुड़े आपके सवाल मेल करते रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jun 2023 17:07:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनपद में मनाया गया राष्ट्रीय डेंगू दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात -</strong></div>
<div>  </div>
<div>  उन्नाव राष्ट्रीय डेंगू दिवस के मौके पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सत्य प्रकाश ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस "डेंगू को हराने के लिए मजबूत साझेदारी जरूरी"की थीम के तहत मनाया जा रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>इसका मतलब किस सभी के सहयोग से ही हम इस बीमारी से निजात पा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी से बचाव एवं लक्षणों के बारे में जागरूक करना है। डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129573/national-dengue-day-celebrated-in-the-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/जनपद-में-मनाया-गया-राष्ट्रीय-डेंगू-दिवस.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात -</strong></div>
<div> </div>
<div> उन्नाव राष्ट्रीय डेंगू दिवस के मौके पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सत्य प्रकाश ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस "डेंगू को हराने के लिए मजबूत साझेदारी जरूरी"की थीम के तहत मनाया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इसका मतलब किस सभी के सहयोग से ही हम इस बीमारी से निजात पा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी से बचाव एवं लक्षणों के बारे में जागरूक करना है। डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित बीमारियां मानसून के आसपास बढ़ते तापमान के कारण यह समय मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। हम सावधानी बरत कर ही बच सकते हैं। इसी क्रम में आज पूरे जिले के सभी पीएचसी -सीएचसी पर यह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ अरविंद कुमार ने बताया डेंगू एक मच्छरों से फैलने वाला वायरल रोग है। डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है यह एडीज एजिपटाई मच्छर के काटने से होता है। मच्छर को पनपने से रोककर ही हम डेंगू ,मलेरिया, चिकनगुनिया आज मच्छर जनित रोगों से खुद के साथ घर परिवार को भी सुरक्षित रख सकते हैं। डेंगू के प्रसार का समय जुलाई से नवंबर तक माना जाता है।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे में अपने घर के आस-पास जलजमाव न होने दें कूड़ा कचरा का निपटान सही तरीके से करते रहें तभी हम मच्छर जनित रोगों से बच सकते हैं। यह मच्छर घरों के अंदर व आसपास रुके हुए पानी साफ पानी में पनपता है जैसे कूलर के टंकी के पानी में, पक्षियों के पीने के बर्तन में, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, खाली कंटेनर, गमले व टायर आदि। इन सभी को सप्ताह में एक बार खाली व साफ करते रहना चाहिए। </div>
<div> </div>
<div>घर के अंदर या बाहर कहीं भी साफ पानी एकत्र न होने दें। साथ ही सोते समय मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें। पूरी बांह वाली कमीज और पैंट पहनें। इसी क्रम में जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर जिले के समस्त चिकित्सालय में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर स्तर पर यह जागरूकता कार्यक्रम लोगों के बीच चलाया जा रहा है ताकि इससे बचाव के लिए अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सके और डेंगू संबंधी बीमारियों से बच सके। इसी संदर्भ में जनपद की सभी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतो के वार्डो में साफ सफाई का कार्य प्राथमिकता के तौर पर कराया गया।</div>
<div> </div>
<div>जिला पंचायत राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में गांव स्तर पर व्यापक साफ-सफाई, नालियों से कचरे का निष्कासन, जल स्रोतों से जल निकासी, सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वा का छिड़काव तथा आवश्यकतानुसार फागिंग का भी कार्य सुनिश्चित कराया जा रहा है। इस गोष्ठी में पब्लिक हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर अंकिता सिंह, जिला अपिडमोलॉजिस्ट रवि यादव, जोनल कोऑर्डिनेटर डब्ल्यूएचओ डॉक्टर नित्यानंद, समस्त सहायक मलेरिया अधिकारी, बेयोलॉजिस्ट, समस्त मलेरिया निरीक्षक फाइलेरिया निरीक्षक वरिष्ठ प्रयोगशाला तकनीशियन समस्त नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी फार्मेसिस्ट आदि लोग उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 23:12:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इन्फ्लूएंजा H3N2 :- &quot;डरे नहीं, करे बचाव&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  </div>
<div>  </div>
<div>इस समय भारत के कुछ हिस्सों में कोरोना के बाद इन्फ्लूएंजा वायरस H3N2 देश में तेजी से फैल रहा है इस वायरस की वजह से दो लोगों की जान ले ली हैं  ऐसे में सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है स्वास्थ्य के लिए। इन्फ्लूएंजा वायरस के टाइप A के सबटाइप H3N2 के मामलों पर भी नजर रखी जा रही है। इस सबके बीच सुरक्षा ही बचाव है। इसके लक्षणों और फैलने के कारणों को जानकर एहतियात बरतना जरूरी है।</div>
<div>  </div>
<div>H3N2  इंफ्लूएंजा अत्याधिक संक्रामक वायरस है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में मुंह या छींकने, खांसने और यहां तक कि बोलने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129389/influenza-h3n2-%22dont-be-afraid-to-defend%22"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/इन्फ्लूएंजा-h3n2.jpg" alt=""></a><br /><div> </div>
<div> </div>
<div>इस समय भारत के कुछ हिस्सों में कोरोना के बाद इन्फ्लूएंजा वायरस H3N2 देश में तेजी से फैल रहा है इस वायरस की वजह से दो लोगों की जान ले ली हैं  ऐसे में सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है स्वास्थ्य के लिए। इन्फ्लूएंजा वायरस के टाइप A के सबटाइप H3N2 के मामलों पर भी नजर रखी जा रही है। इस सबके बीच सुरक्षा ही बचाव है। इसके लक्षणों और फैलने के कारणों को जानकर एहतियात बरतना जरूरी है।</div>
<div> </div>
<div>H3N2  इंफ्लूएंजा अत्याधिक संक्रामक वायरस है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में मुंह या छींकने, खांसने और यहां तक कि बोलने पर जो थूक निकलता हैं, वह आसपास मौजूद लोगों को संक्रमित कर सकता हैं।यदि ये संक्रमण कहीं किसी समान पर फैला हो तो छूने के बाद आप भी संक्रमित हो सकते हैं अपने मुंह या नाक को उसी हाथ से छू लेने से भी आप संक्रमित हो सकते हैं। प्रेग्नेंट महिलायें, बच्चे, उम्रदराज लोग और जो लोग पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, उनमें इस वायरस से संक्रमित होने का जोखिम और बढ़ जाता है।</div>
<div> </div>
<div>अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या तकलीफ, लगातार बुखार आना या खाना खाने में गले में दर्द होता है, तो जरूर है कि डॉक्टर को दिखाया जाए, ताकि सही इलाज हो सके। देश में इस वक्त इस फ्लू के 90 से ज्यादा मामले हैं। H3N2 इन्फ्यूएंजा की वजह से पहले भी देश में संक्रमण फैल चुका है। लोगों में फ्लू जैसे लक्षण मौसम में बदलाव के कारण भी है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि H3N2 वायरस के लक्षण क्या है। आइए जानें एच3एन2 इंफ्लूएंजा के बारे में। यह वायरस जो सांसो में संक्रमण पैदा करता है। यह वायरस पक्षियों और जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। पक्षियों सूअर और दूसरे जानवरों में इसके कई स्ट्रेन्स पैदा हो चुके हैं। प्रदेश में H3N2 इन्फ्लूएंजा के मरीज रोज मिल रहे हैं, यह सामान्य फ्लू की तरह है।</div>
<div> </div>
<div>यही वजह है कि इसे मौसमी इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, लेकिन इस बार इसके मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए अस्पतालों में दवाएं एवं बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। मंत्रालय से जारी निर्देश के तहत प्रदेश में भी स्वास्थ्य महानिदेशालय ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं अधीक्षकों को दवाओं के पर्याप्त इंतजाम, सांस रोग के इलाज से जुड़े उपकरण, (आईसीयू) की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इन्फ्लूएंजा वायरस से किसी तरह घबराने की जरूरत नहीं है। सभी लोग मास्क लगाएं ताकि कोविड और इन्फ्लूएंजा से बचा जा सके। मौसमी इन्फ्लूएंजा को लेकर किसी तरह की घबराने की जरूरत है ये साधारण सर्दी जुखाम की तरह खत्म हो जाती है। इसमें गले में संक्रमण होता है, कई लोगों को बिना दवा के ठीक हो जाता है। इस बार मरीजों की संख्या अधिक है। ऐसे में वृद्धजनों एवं बच्चों को लेकर सावधानी रखी जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>ठंड लगना,खांसना,बुखार, जी मिचलाना, उल्टी करना, गले में दर्द / गले में खराश, मांसपेशियोंऔर शरीर में दर्द, दस्त, छींक आना और नाक बहना जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाए ताकि सही समय पर इलाज करके ईन सब पर काबू पाया जा सके। आराम करना, बहुत सारा लिक्विड पीना और बुखार कम करने के लिए एसिटामिनोफेन या इबुप्रोफेन जैसे ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक का उपयोग करके H3N2 इन्फ्लूएंजा पर काबू पाया जा सकता है। भीड़ वाली जगहों से बचें और फेस मास्क का प्रयोग करें। अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं अपने मुंह या नाक को न छुएं। छींकने और खांसने पर अपने मुंह और नाक को पर्याप्त रूप से ढक लें। बुखार और शरीर में दर्द होने पर पेरासिटामोल का प्रयोग करें</div>
<div> </div>
<div><strong>खूब सारे तरल पदार्थ पीकर हाइड्रेटेड रहें। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना, हाथ मिलाना </strong></div>
<div><strong>सेल्फ ट्रीटमेंट, डॉक्टर से संपर्क करने के बाद ही रोगी को एंटीबायोटिक्स या किसी अन्य दवा का उपयोग करना चाहिए। अन्य लोगों के बगल में बैठकर भोजन करने से बचे और बाहरी भोजन अंडा मांस इत्यादि से परहेज करे। </strong></div>
<div><strong>अब जब आप संकेतों, लक्षणों और रोकथाम के सुझावों को बेहतर ढंग से समझ जाते हैं , तो सुरक्षात्मक उपाय करें और स्वास्थ्यवर्धक भोजन खाकर और इम्यूनिटी को बढ़ाकर अपने शरीर की अच्छी देखभाल कर सकते हैं।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>पूजा गुप्ता</strong></div>
<div><strong>मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>विचारधारा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 May 2023 19:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कंपन्न से यदि चढ़े बुखार, पसीना आए बार-बार, हो सकता है मलेरिया का बुखार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात-</strong></div>
<div><strong>  </strong></div>
<div>गोंडा। मंगलवार को जिले में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया । इस मौके पर मलेरिया वाहक मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए जगह-जगह एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराए जाने के साथ- साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर दस्तक देकर लोगों को मलेरिया के लक्षण, जांच और बचाव के प्रति जागरुक किया । </div>
<div>  </div>
<div>इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुजेहना के धानेपुर में आशा तहरुन्निशा ने संगिनी विमलेश के साथ घर-घर जाकर लोगों को जागरुक किया । आशा ने लोगों को बताया कि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो मच्छर के काटने से होती है। इंसान को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128944/if-fever-rises-due-to-vibration-there-may-be-malarial"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/hindi-divas39.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात-</strong></div>
<div><strong> </strong></div>
<div>गोंडा। मंगलवार को जिले में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया । इस मौके पर मलेरिया वाहक मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए जगह-जगह एंटीलार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराए जाने के साथ- साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर दस्तक देकर लोगों को मलेरिया के लक्षण, जांच और बचाव के प्रति जागरुक किया । </div>
<div> </div>
<div>इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुजेहना के धानेपुर में आशा तहरुन्निशा ने संगिनी विमलेश के साथ घर-घर जाकर लोगों को जागरुक किया । आशा ने लोगों को बताया कि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो मच्छर के काटने से होती है। इंसान को सही समय पर इलाज न मिले, तो इस कारण मौत भी हो सकती है। वहीं संगिनी विमलेश ने लोगों को मलेरिया के लक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि मलेरिया संक्रमित व्यक्ति को तेज सिर दर्द होता है, उसे उल्टी या मितली जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तेज बुखार आता है, ठंड लगकर या फिर कंपकंपी के साथ बुखार आता है, बुखार लंबे समय तक बना रहता है, थोड़ी-थोड़ी देर पर प्यास लगती है, हाथ और पैर में ऐंठन बनी रहती है, थकान और कमजोरी महसूस होती है, घबराहट व बेचैनी जैसा अनुभव होता है तथा बहुत ज्यादा ठंड लगती है ।</div>
<div> </div>
<div>इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रश्मि वर्मा ने बताया कि मादा मच्छर एनाफिलीज के काटने से मलेरिया रोग फैलता है और बारिश में इन मच्छरों का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ता है । उन्होंने कहा कि बदलते हुए मौसम में यदि शरीर में कंपकपी के साथ बुखार आने और बार बार पसीना आने की शिकायत दिखे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।</div>
<div> </div>
<div>वेक्टर बॉर्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ सीके वर्मा ने बताया कि जिले में वर्ष 2020 में दो, 2021 में एक तथा 2022 में 13 व्यक्ति मलेरिया से ग्रसित पाए गए । वहीं इस वर्ष जनवरी से मार्च 23 तक लोगों के रक्त के जितने नमूने लिए गए हैं, उनमें से कोई मलेरिया ग्रसित मरीज चिन्हित नहीं हुआ है । नोडल अधिकारी ने कहा कि अभी दस्तक अभियान चल रहा है । इस दौरान लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरुक किया जा रहा है |</div>
<div> </div>
<div>डॉ वर्मा ने बताया कि मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों को मलेरिया रोग के प्रति जागरुक किया गया । जगह-जगह फागिंग करायी गई और लार्वा स्रोत खोज कर उनमें छिड़काव कराया गया l मलेरिया से बचने के उपायों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि आमजन अपने घरों के आसपास कहीं पर भी पानी ना इकट्ठा होने दें, बारिश होने से पहले घर की छत पर पड़े टायर या फिर गमलों को पूरी तरह से ढक दें ताकि उनमें पानी इकट्ठा न होने पाए, कूलर के पानी को नियमित रूप से बदलते रहें, घर के फर्श और आसपास की जगह को फिनॉयल जैसे कीटाणुनाशक से साफ करते रहें, अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में रह रहे हैं जहां पर बहुत ज्यादा मच्छर हैं तो सोते समय मच्छरदानी अवश्य लगाएं, बारिश के दिनों में ऐसे कपड़े पहनें जिससे हाथ और पैर पूरी तरह से ढके रहें ताकि मच्छर आपको न काट पाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Apr 2023 18:35:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सही पोषण से टल सकता है स्ट्रोक का खतरा-डॉ हर्षिता गुप्ता (पोषण विशेषज्ञ)</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>स्ट्रोक एक ऐसी आपातकालीन स्थिति है जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित या कम हो जाती है, जिससे मस्तिष्क के ऊतकों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और मस्तिष्क की कोशिकाएं कुछ क्षणों में ख़त्म होने लगती हैं। ऐसी स्थिति में मरीज़ को तुरंत उपचार मिलना चाहिए जिससे मस्तिष्क में होने वाली क्षति व अन्य जटिल समस्याओं को कम किया जा सके। चेहरे के एक तरफ या एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नता का आ जाना, बोलने में परेशानी, चलने में कठिनाई स्ट्रोक के सामान्य लक्षणों में है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128360/right-nutrition-can-prevent-the-risk-of-stroke-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/whatsapp-image-2023-03-31-at-10.24.28-am.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>स्ट्रोक एक ऐसी आपातकालीन स्थिति है जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित या कम हो जाती है, जिससे मस्तिष्क के ऊतकों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और मस्तिष्क की कोशिकाएं कुछ क्षणों में ख़त्म होने लगती हैं। ऐसी स्थिति में मरीज़ को तुरंत उपचार मिलना चाहिए जिससे मस्तिष्क में होने वाली क्षति व अन्य जटिल समस्याओं को कम किया जा सके। चेहरे के एक तरफ या एक हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नता का आ जाना, बोलने में परेशानी, चलने में कठिनाई स्ट्रोक के सामान्य लक्षणों में है।</p>
<p>स्ट्रोक की स्थिति को रोकने व नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ आहार पैटर्न और स्वस्थ जीवन शैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उचित मात्रा में सोया खाद्य पदार्थ और अन्य फलियां, नट, असंतृप्त वसा, और कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ जैसे वसा रहित डेयरी उत्पाद, उच्च फाइबर जैसे फल और हरी-पत्तेदार, लाल व नारंगी सब्जियां व अंडे की सफेदी, मछली, आदि का प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p>शाकाहारी आहार पैटर्न द्वारा उच्च रक्तचाप, अनियामित दिल की धड़कन, मोटापे, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, मधुमेह, एथेरोस्क्लेरोसिस और सूजन की समस्या को कम करके स्ट्रोक के खतरों को कम किया जा सकता है। साथ ही साथ शाकाहारी आहार लेने से एंडोथेलियल फ़ंक्शन में भी सुधार होता है। प्रोसेस्ड  खाद्य पदार्थों का सेवन और लाल और प्रोसेस्ड  मीट के प्रयोग को सीमित करके स्ट्रोक की घटना को टाला जा सकता है।</p>
<p>कैरोटीनॉयड जैसे- लाइकोपीन, युक्त खाद्य पदार्थ आहार में फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ई, फोलेट और फ्लेवोनोइड स्ट्रोक के खतरे को कम करने में सहायक हैं। शाकाहारी आहार पर निर्भर रहने वालों को, विटामिन बी-12 के सप्लीमेंट भी दिया जाना चाहिए। </p>
<p>अधिक मात्रा में सोडियम का सेवन स्ट्रोक के खतरे को 25% तक बढ़ा देता है। लगभग  इसके विपरीत, पोटेशियम का सेवन बढ़ाने से रक्तचाप व हृदय रोग को कम करके स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है। शराब का अधिक सेवन, स्ट्रोक के कारण बोलने, सोचने, देखने और शारीरिक संतुलन पर बुरा प्रभाव डालता है और स्ट्रोक की स्थिति को और भी अधिक ख़राब कर देता है।</p>
<p>एक स्वस्थ जीवन शैली जैसे पौष्टिक भोजन, उचित वजन, धूम्रपान व शराब का प्रयोग न करके स्ट्रोक के बारे में जागरूकता बढ़ाकर व इसके उपचार में गुणवत्ता ला कर स्वस्थ्य रहा जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/128360/right-nutrition-can-prevent-the-risk-of-stroke-dr</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Mar 2023 15:59:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुखार खांसी से परेशान मरीज अस्पताल में हर तरफ नजर आई भीड़ </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>  </div>
<div>सीतापुर जनपद सीतापुर में बढ़ रहे एच3 एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है जिले में इस संक्रमण के मरीजों की भले ही पुष्टि न हुई हो लेकिन अस्पताल आ रहे मरीजों में इस वायरस के जैसे ही लक्षण मिल रहे हैं मरीजों को एक सप्ताह बुखार व दो सप्ताह खांसी परेशान कर रही है जिला अस्पताल में इस तरह के करीब हज़ारों मरीज पहुंचे अस्पताल में हर तरफ भीड़ नजर आई होली के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की अचानक भीड़ बढ़ गई है इसमें सर्वाधिक मरीज बुखार खांसी व जुकाम के आ रहे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127901/patient-troubled-by-fever-cough-crowd-seen-everywhere-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-03/img-20230314-wa0373.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div> </div>
<div>सीतापुर जनपद सीतापुर में बढ़ रहे एच3 एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है जिले में इस संक्रमण के मरीजों की भले ही पुष्टि न हुई हो लेकिन अस्पताल आ रहे मरीजों में इस वायरस के जैसे ही लक्षण मिल रहे हैं मरीजों को एक सप्ताह बुखार व दो सप्ताह खांसी परेशान कर रही है जिला अस्पताल में इस तरह के करीब हज़ारों मरीज पहुंचे अस्पताल में हर तरफ भीड़ नजर आई होली के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की अचानक भीड़ बढ़ गई है इसमें सर्वाधिक मरीज बुखार खांसी व जुकाम के आ रहे है। </div>
<div> </div>
<div>मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्वाधिक 3200 मरीज इलाज कराने पहुंचे इन मरीजों में करीब डेढ़ हजार ऐसे मरीज थे जिनको तेज बुखार व खांसी आ रही थी मरीज रमेश ने बताया कि खांसी इतनी अधिक है कि उल्टी तक हो जाती है। गले में खरास हो रही है इससे बोलने में भी दिक्कत हो रही है। फिजीशियन कक्ष में मरीजों की लाइनें लगी हुई थी। </div>
<div> </div>
<div>फिजीशियन डॉ.अमरेंद्र सिंह, प्रशांत तिवारी व अरशद जमाल के कक्ष में मरीजों लाइन में लगकर खांस रहे थे इन चिकित्सकों ने बताया कि इस समय सर्वाधिक इन बीमारियों के ही मरीज आ रहे है। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस का जिले में कोई मामला नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>इस वायरस में तेज बुखार खांसी गले में खरास होती है अस्पताल आने वाले अधिकतर मरीजों में यह लक्षण मिल रहे है इसमें मरीजों को बुखार तो जल्द ठीक हो जाता है लेकिन खांसी में दो सप्ताह का समय लग रहा है। सीएमएस डॉ. आरके सिंह ने बताया कि इस वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका कोविड प्रोटोकॉल ही है।</div>
<div> </div>
<div>अगर हम मॉस्क लगाएंगे और बार-बार हाथ धुलेंगे, एक-दूसरे से दूरी बनाए रखेंगे तो इस वायरस से निपट सकते हैं इसलिए कोशिश करें प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें अगर खांसते है तो उसका वायरस दूसरे पर पहुंच जाता है यह गले से अंदर तक आ जाता है इसलिए दूरी बहुत जरूरी है।</div>
<div> </div>
<div>इस तरह की खांसी सामान्य दवाओं से ठीक नहीं हो रही है इसके लिए एक्सरे करवाना जरूरी होता है एक्सरे से खांसी के लक्षण पता चल जाते है उसके बाद इलाज करने से मरीज आसानी से ठीक हो जाते है इसलिए अधिक खांसी आने पर एक्सरे जरूर करवाएं।</div>
<div>
<div> </div>
<div><strong>गाइडलाइन का हो रहा इंतजार</strong></div>
<div>शासन ने इस वायरस से निपटने के लिए निर्देश तो जारी कर दिए है लेकिन गाइडलाइन नहीं दी है सीएमएस ने बताया कि इस वायरस की जांच लखनऊ मेडिकल कॉलेज में होती है जिले स्तर पर इसकी कोई व्यवस्था नहीं है इसके बारे में विस्तार से अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है गाइडलाइन आने का इंतजार किया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इस वायरस के चलते एक्सरे कक्ष में मारामारी बढ़ गई है सीतापुर के साथ ही हरदोई जनपद के मरीज भी यहां पर एक्सरे कराने के लिए आ रहे है एक दिन में अधिकतर 70 एक्सरे हो रहे है जबकि मरीजों की संख्या करीब एक सैकड़ा पहुंच रही है ऐसे में तमाम मरीजों को अगले दिन ही जांच की सुविधा मिल पा रही है इससे मरीज काफी परेशान हो रहे है।</div>
</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Mar 2023 09:35:08 +0530</pubDate>
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