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                <title>swatantra prabhat bihar news - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकराई </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><em><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार के सुपौल से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></em><br /><em><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">  त्रिवेणीगंज । नगर परिषद क्षेत्र के लालपट्टी में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई, जिसमें बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल लाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बाहर रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,गुरुवार दोपहर एक बाइक पर सवार दो युवक बाजार से पिपरा की ओर जा रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान नगर परिषद क्षेत्र के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177677/the-speeding-bike-went-out-of-control-and-collided-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img_20260430_141843.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार के सुपौल से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></em><br /><em><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;"> त्रिवेणीगंज । नगर परिषद क्षेत्र के लालपट्टी में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई, जिसमें बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल लाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बाहर रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,गुरुवार दोपहर एक बाइक पर सवार दो युवक बाजार से पिपरा की ओर जा रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 16 लालपट्टी में एनएच 327ई पर सहदेव यादव के घर के समीप तेज रफ्तार के कारण बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार सड़क किनारे खड़ी थ्रेसर मशीन पर जा गिरा। घायल युवक की पहचान नगर परिषद वार्ड 20 निवासी राकेश रजक के पुत्र बॉबी देवल (23) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय बॉबी स्वयं बाइक चला रहा था,जबकि पीछे बैठे दूसरे युवक को मामूली चोट भी नहीं आई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p style="text-align:justify;">घटना के बाद अनुमंडलीय अस्पताल में घायल युवक को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा रही कि घायल युवक अपने कुछ साथियों के साथ किसी नशीली इंजेक्शन लेने और स्मैक के सेवन के बाद पिपरा की ओर ओवर स्पीड में जा रहा था और सड़क हादसे का शिकार हो गए। इलाज के दौरान देखते ही देखते घायल युवक के करीब एक दर्जन से अधिक स्मैकर्स दोस्त भी अस्पताल पहुंच गए। हालांकि इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं ईलाज के दौरान घायल युवक भी अस्पताल के डॉक्टरों नर्सों को ईलाज तक करने नहीं दे रहे थे स्ट्रेचर पर लेटाने के साथ ही घायल युवक के शरीर में अजीब टाइप का कंपन देखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पताल में इलाज के दौरान घायल युवक की हालत काफी गंभीर बनी रही। डॉक्टरों के अनुसार,उसे बार-बार दौरे (सीजर) पड़ रहे थे, जिसके कारण इलाज में कठिनाई हो रही थी। डॉ उमेश कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन उसकी स्थिति नाजुक होने के कारण उसे मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 21:16:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>त्रिबेनीगंज  में सरकारी नियमों को ठेंगा दिखा रहे निजी स्कूल संचालक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल, सीमावर्ती जिले सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडल  में निजी स्कूलों का संचालन सरकारी नियम कानून से नही बल्कि मनमर्जी से चल रहा है।जिसके आगे प्रसासन खुद को मानो मजबूर पा रहा हो।यह  अब शिक्षा दान का मंदिर नही बल्कि  एक अनियंत्रित बेलगाम  व्यवसाय का रूप ले चुका है। बिहार सरकार के सख्त नियमों के बावजूद, क्षेत्र में अधिकांश निजी स्कूल बिना वैध प्रस्वीकृति  के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ये स्कूल न केवल शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, बल्कि बिहार सरकार के निजी विद्यालय विनियमन अधिनियम की शर्तों को भी खुलेआम  ठेंगा दिखा रहे हैं।<br /><br /><strong>इन</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176214/private-school-operators-flouting-government-rules-in-tribalganj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/स्वतंत्र-प्रभात111.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल, सीमावर्ती जिले सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडल  में निजी स्कूलों का संचालन सरकारी नियम कानून से नही बल्कि मनमर्जी से चल रहा है।जिसके आगे प्रसासन खुद को मानो मजबूर पा रहा हो।यह  अब शिक्षा दान का मंदिर नही बल्कि  एक अनियंत्रित बेलगाम  व्यवसाय का रूप ले चुका है। बिहार सरकार के सख्त नियमों के बावजूद, क्षेत्र में अधिकांश निजी स्कूल बिना वैध प्रस्वीकृति  के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ये स्कूल न केवल शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, बल्कि बिहार सरकार के निजी विद्यालय विनियमन अधिनियम की शर्तों को भी खुलेआम  ठेंगा दिखा रहे हैं।<br /><br /><strong>इन सरकारी नियमों की हो रही है अनदेखी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी निजी स्कूल के संचालन के लिए सरकार ने  मानक तय किए हैं, लेकिन इसका अभाव  त्रिवेणीगंज में दिख रहा है।सरकारी नियमानुसार, किसी भी स्कूल को खोलने से पहले विभाग से प्रस्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना कोड के स्कूल चलाना अवैध है, लेकिन यहाँ दर्जनों स्कूल सिर्फ आवेदन के भरोसे वर्षों से चल रहे हैं।या अपने मन से चल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">​परिसर एवं बुनियादी ढांचा बिभागीय नियमानुसार स्कूल खोलने के लिए शहरी क्षेत्र में कम से कम 10,000 वर्ग फुट और ग्रामीण क्षेत्र में 20,000 वर्ग फुट अपनी या लंबी लीज की जमीन  होना अनिवार्य है।लेकिन  यहाँ चल रहे कई स्कूल 2-3 कमरों के मकानों मेंटीन शेड में चल रहे हैं।शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR): RTE के तहत 30 छात्रों पर एक प्रशिक्षित शिक्षक होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हकीकत यह है कि एक ही कमरे में दो कक्षाओं के बच्चे बैठे हैं और अप्रशिक्षित स्टाफ उन्हें पढ़ा रहा है।साथ ही सरकारी नियम कहते हैं कि शिक्षकों का चयन एक समिति के माध्यम से होना चाहिए  और उन्हें उचित मानदेय मिले, मगर यहाँ 'पॉकेट मनी' पर युवाओं से काम लिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>सुरक्षा के नाम पर केवल 'डिस्प्ले बोर्ड</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार निजी विद्यालय नियमावली के अनुसार, स्कूलों के पास 'अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र' और 'भवन फिटनेस प्रमाण पत्र' होना अनिवार्य है।लेकिन दुर्भाग्य है कि  त्रिवेणीगंज के इन स्कूलों में आग बुझाने के यंत्र तो दूर, आपातकालीन निकासी तक की जगह नहीं है। संकरी गलियों में चल रहे इन स्कूलों में अगर कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?बर्षो पहले आगलगी की घटना में एक निजी स्कूल के बच्चे की मौत हो गई थी।बाबजूद शिक्षा विभाग के कान पर कोई असर नहीं हुआ ।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>क्या कहता है कानून?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सरकार के नियमों के अनुसार, यदि कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित पाया जाता है, तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और प्रतिदिन 10,000 रुपये की दर से दंड लगाने का प्रावधान है। इसके बावजूदशिक्षा विभाग और  प्रशासन की चुप्पी संदेहास्पद है।<br /><br />​<strong>अभिभावकों की जेब पर डाका, विभाग मौन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इसे विडम्बना ही कहा जायेगा कि ​मान्यता न होने के बावजूद ये स्कूल 'एडमिशन फीस' और 'सालाना चार्ज' के साथ ही किताब ,कॉपी और ड्रेस के  नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा इन निजी स्कूलों के  निरीक्षण न किए जाने से  इन स्कूलों का मनोबल बढ़ा हुआ है। अभिभावकों  का कहना है कि शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी जाँच करना मुनासिब नहीं समझते हैं अगर  जांच की बात आती है, कागजी खानापूर्ति कर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>सुलगते सवाल</strong> </p>
<p style="text-align:justify;">सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि  ​बिना 'यू-डाइस' (U-DISE) कोड और मान्यता के  छात्रों का पंजीकरण कैसे कर रहे हैं?<br /> # ​क्या शिक्षा विभाग को इन अवैध संस्थानों की सूची की जानकारी नहीं है?<br /> # ​बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की योग्यता के साथ हो रहे खिलवाड़ पर विभाग 'एक्शन मोड' में कब आएगा?<br />​यदि जल्द ही इन 'अवैध' संस्थानों पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह न केवल शिक्षा व्यवस्था को खोखला करेगा, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देगा।<br />  मनोजरोशन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:28:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में मजदूरों का लिंक्डइन?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या मजदूरों का भी लिंक्डइन हो सकता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">? </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये सवाल सुनकर कई लोग आश्चर्य से भौहें चढ़ा लेंगे। लेकिन बिहार के दरभंगा जिले के चंद्रशेखर मंडल ने न सिर्फ ये सवाल उठाया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इसे हकीकत में बदल दिया। हर सुबह शहरों के चौकों पर खड़े उन मजदूरों की तस्वीर देखिए हाथों में हथौड़ा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कुदाल या सिर्फ इंतजार। घंटों धूप में पसीना बहाते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन काम किसी और को मिल जाता है। बिचौलिए बीच में आ जाते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कमीशन काट लेते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और मजदूर को मिलता है बस थोड़ा-सा पैसा और बहुत सारा</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173931/linkedin-of-workers-in-bihar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/153040280.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या मजदूरों का भी लिंक्डइन हो सकता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">? </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये सवाल सुनकर कई लोग आश्चर्य से भौहें चढ़ा लेंगे। लेकिन बिहार के दरभंगा जिले के चंद्रशेखर मंडल ने न सिर्फ ये सवाल उठाया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इसे हकीकत में बदल दिया। हर सुबह शहरों के चौकों पर खड़े उन मजदूरों की तस्वीर देखिए हाथों में हथौड़ा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कुदाल या सिर्फ इंतजार। घंटों धूप में पसीना बहाते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन काम किसी और को मिल जाता है। बिचौलिए बीच में आ जाते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कमीशन काट लेते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और मजदूर को मिलता है बस थोड़ा-सा पैसा और बहुत सारा अपमान।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> चंद्रशेखर ने ये दर्दनाक हकीकत अपनी आंखों से देखी। उन्होंने तय किया अब ये बदलेगा। कोविड महामारी के उस काले दौर में</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जब लाखों मजदूर शहरों से गांव लौट आए और भूखे पेट सोने को मजबूर हो गए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चंद्रशेखर ने </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लेबर चौक</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नामक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। ये कोई साधारण ऐप नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन अनगिनत हाथों की डिजिटल पहचान है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो मेहनत तो करते हैं लेकिन सम्मान नहीं पाते। आज इस पहल से एक लाख से ज्यादा मजदूरों को काम मिल चुका है। ये सिर्फ नंबर्स नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हजारों परिवारों की जिंदगी बदलने वाली कहानी है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चंद्रशेखर मंडल का सफर खुद एक संघर्षपूर्ण गाथा है। दरभंगा के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले चंद्रशेखर ने कभी मजदूरों की पीड़ा को किताबों से नहीं सीखा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस किया। बचपन से ही उन्होंने देखा कि कैसे उनके मोहल्ले के मजदूर सुबह चार बजे उठते</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">साइकिल पर लदकर शहर के चौक पहुंचते</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन शाम को खाली हाथ लौट आते। </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">काम मिलेगा या नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये भाग्य पर निर्भर था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">,' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चंद्रशेखर बताते हैं। खुद आईटी बैकग्राउंड से आने वाले चंद्रशेखर ने कभी सोचा नहीं था कि उनका ज्ञान मजदूरों की भलाई के लिए काम आएगा। 2020 में लॉकडाउन लगा तो हालात और बिगड़ गए। प्रवासी मजदूर पैदल सैकड़ों किलोमीटर चलकर बिहार लौटे। नौकरियां छूट गईं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ठेकेदार गायब हो गए। चंद्रशेखर ने सोचा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">क्यों न एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए जो मजदूरों को ठेकेदारों से सीधे जोड़े</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">? </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बिचौलिए खत्म हो जाएं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रेट्स पारदर्शी हों और काम घर बैठे मिले। इस विचार से </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लेबर चौक</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का जन्म हुआ। शुरू में ये एक साधारण व्हाट्सएप ग्रुप था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जल्दी ही इसे ऐप और वेबसाइट में बदल दिया गया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल लेबर चौक कैसे काम करता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये समझना आसान है। मजदूर मोबाइल पर ऐप डाउनलोड करते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो हिंदी और स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध है। वे अपनी प्रोफाइल बनाते हैं — नाम</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उम्र</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्किल्स जैसे मिस्त्री</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्लंबर</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रीशियन</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लोडर</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पेंटर या निर्माण मजदूर। फोटो अपलोड करते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अनुभव बताते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकेशन चुनते हैं और उपलब्धता मार्क करते हैं। अब मजदूरों का अपना </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">लिंक्डइन</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तैयार! दूसरी तरफ ठेकेदार या मकान मालिक ऐप पर लॉगिन करते हैं। </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें काम की डिटेल्स भरनी पड़ती हैं कितने मजदूर चाहिए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कौन-सी स्किल</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कितने दिन का काम</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कितना रेट। ऐप एल्गोरिदम मैच करता है और सही मजदूरों की लिस्ट भेजता है। ठेकेदार सीधे कॉल या चैट कर सकता है। कोई कमीशन नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कोई बिचौलिया नहीं। काम पूरा होने पर दोनों पक्ष रिव्यू देते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो अगले काम के लिए प्रोफाइल को मजबूत बनाता है। पेमेंट डिजिटल होता है </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">UPI </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से सीधे मजदूर के अकाउंट में। ये सिस्टम न सिर्फ समय बचाता है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि विश्वास भी बनाता है। दरभंगा के एक मजदूर रामविलास सिंह कहते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, '</span><span lang="hi" xml:lang="hi">पहले चौक पर लाइन लगानी पड़ती थी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लड़ाई-झगड़े होते थे। अब फोन पर काम आ जाता है। मेरी मासिक कमाई दोगुनी हो गई।</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्लेटफॉर्म की सफलता के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। लॉन्च के दो सालों में ही एक लाख से ज्यादा मजदूर रजिस्टर हो चुके हैं। बिहार के दरभंगा</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मधुबनी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">समस्तीपुर से शुरू होकर ये पटना</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुजफ्फरपुर और यहां तक कि दिल्ली</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई जैसे शहरों तक फैल चुका है। रोजाना हजारों जॉब पोस्ट होते हैं छोटे मरम्मत के काम से लेकर बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स तक। कोविड के बाद जब कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री पटरी पर लौटी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो डिजिटल लेबर चौक ने मजदूरों की कमी को पूरा किया। </span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक रिपोर्ट के मुताबिक</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">70 प्रतिशत यूजर्स ग्रामीण इलाकों से हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो स्मार्टफोन क्रांति का फायदा उठा रहे हैं। चंद्रशेखर ने ट्रेनिंग कैंप भी लगाए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जहां बुजुर्ग मजदूरों को ऐप चलाना सिखाया गया। महिलाओं के लिए अलग सेक्शन है घरेलू कामगारों</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धोबी या कढ़ाई करने वालों के लिए। ये प्लेटफॉर्म सिर्फ रोजगार नहीं देता</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि स्किल डेवलपमेंट भी। ऐप पर फ्री ट्यूटोरियल वीडियो हैं सेफ्टी टिप्स</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नई तकनीकें सीखने के लिए। एक मजदूर ने बताया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, '</span><span lang="hi" xml:lang="hi">मैंने ऐप से वेल्डिंग सीखी और अब दोगुना रेट लेता हूं।</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं रहीं। शुरू में इंटरनेट की कमी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्मार्टफोन न होने की समस्या थी। चंद्रशेखर ने लोकल </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">NGO </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के साथ मिलकर फ्री स्मार्टफोन डिस्ट्रीब्यूट किए। बिचौलिए खुश नहीं हुए उन्होंने विरोध किया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अफवाहें फैलाईं। लेकिन मजदूरों का समर्थन मिला। सरकार ने भी सराहना की। बिहार सरकार की </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल बिहार</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पहल से इसे बढ़ावा मिला। अब ये स्टार्टअप फंडिंग की तलाश में है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">AI </span><span lang="hi" xml:lang="hi">फीचर्स जोड़े जा सकें जैसे वॉयस सर्च हिंदी में या लोकेशन बेस्ड मैचिंग। चंद्रशेखर कहते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, '</span><span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा सपना पूरे भारत को कवर करना है। हर मजदूर का डिजिटल चौक हो।</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">'</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ये कहानी सिर्फ चंद्रशेखर की नहीं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन अनाम नायकों की है जो देश की रीढ़ हैं। भारत में 50 करोड़ से ज्यादा अनौपचारिक मजदूर हैं। उनकी 90 प्रतिशत कमाई बिचौलियों के कारण कम हो जाती है। डिजिटल लेबर चौक जैसे प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया को ग्रामीण स्तर पर साकार कर रहे हैं। ये साबित करता है कि तकनीक अमीरों तक सीमित नहीं। एक साधारण स्मार्टफोन हाथ में आ जाए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो जिंदगी बदल सकती है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> महात्मा गांधी ने कहा था</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, '</span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की आत्मा गांवों में बसती है।</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चंद्रशेखर गांवों को डिजिटल बना रहे हैं। आज जब हम लिंक्डइन पर प्रोफेशनल्स देखते हैं</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो सोचिए मजदूरों का भी लिंक्डइन क्यों न हो</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">? </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चंद्रशेखर ने दिखा दिया</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ये मुमकिन है। उनकी ये पहल न सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण ला रही है</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक सम्मान भी बहाल कर रही है। वो हाथ जो कभी अनदेखे थे</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आज ऐप पर चमक रहे हैं। अगर आप भी कोई ठेकेदार हैं या मजदूर</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तो </span><span lang="en-us" xml:lang="en-us"><a href="http://digitallabourchowk.com/">digitallabourchowk.com</a> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पर विजिट करें। ये बदलाव की शुरुआत है एक ऐसे भारत की</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जहां मेहनत का पूरा हक मिले। चंद्रशेखर मंडल जैसे योद्धा हमें सिखाते हैं कि समस्या जितनी बड़ी</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">समाधान उतना ही सरल हो सकता है। बस हिम्मत चाहिए</span><span lang="en-us" xml:lang="en-us">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और थोड़ा सा डिजिटल जादू।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173931/linkedin-of-workers-in-bihar</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:51:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवास योजना में गरीब बेघर, नेता और बिचौलियों का खेल जारी!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल ब्यूरो</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) का सपना लेकर गरीबों ने नगर परिषद का दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन हकीकत में उन्हें मिला सिर्फ़ इंतज़ार, उपेक्षा और बेबसी। वार्ड 12 के दर्जनों महिला-पुरुष लाभुक सोमवार को नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना पर बैठ गए।</p>
<p style="text-align:justify;">लाभुकों का आरोप है कि </p>
<p style="text-align:justify;">जियो टैगिंग हुए छह माह से अधिक बीत गए, लेकिन पहली किस्त तक नहीं मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं, उन्हें दोबारा लाभ दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिनके पास छत तक नहीं है, वे आज भी टाट-पन्नी तले जिंदगी काटने को मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बिचौलियों का बोलबाला है, 30–40</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153984/poor-homeless-leaders-and-middlemen-continue-the-game-in-housing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/whatsapp-image-2025-08-18-at-18.58.53_37df458e.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल ब्यूरो</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) का सपना लेकर गरीबों ने नगर परिषद का दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन हकीकत में उन्हें मिला सिर्फ़ इंतज़ार, उपेक्षा और बेबसी। वार्ड 12 के दर्जनों महिला-पुरुष लाभुक सोमवार को नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना पर बैठ गए।</p>
<p style="text-align:justify;">लाभुकों का आरोप है कि </p>
<p style="text-align:justify;">जियो टैगिंग हुए छह माह से अधिक बीत गए, लेकिन पहली किस्त तक नहीं मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं, उन्हें दोबारा लाभ दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिनके पास छत तक नहीं है, वे आज भी टाट-पन्नी तले जिंदगी काटने को मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बिचौलियों का बोलबाला है, 30–40 हजार रुपये की वसूली के बाद ही योजना का लाभ मिलता है। मुख्य पार्षद के बिचोलिये आवास योजना में खुले आम गुंडागर्दी कर गरीव का खून चूस रहे हैं। और वे ध्यान भटकाने के लिए लोगो को भर्मित कर रहे हैं।<br /> धरना  का नेतृत्व कर रहीं वार्ड पार्षद शोभा देवी ने आरोप लगाया कि  जिनके पास रहने को घर नहीं, वे आज भी वंचित हैं। नगर परिषद की मिलीभगत से बिचौलिए गरीबों को लूट रहे हैं।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/whatsapp-image-2025-08-18-at-18.58.53_e5f50365.jpg" alt="WhatsApp Image 2025-08-18 at 18.58.53_e5f50365" width="1280" height="597"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस आरोप पर नगर परिषद की मुख्य पार्षद संगीता कुमारी यादव ने पलटवार करते हुए कहा<br />धरना देने वाले खुद नहीं आए, उन्हें बुलाया गया। शोभा देवी के पुत्र सुधीर यादव ने ही पहले 20–25 हजार रुपये वसूले। जब लोगों को लाभ नहीं मिला तो अपनी गलती छिपाने के लिए यह नाटक रचा जा रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि योजना पूरी तरह निःशुल्क है और अगर कोई अवैध वसूली करता है तो उसकी शिकायत सीधे नगर परिषद में करें।<br />नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी  राज साहिल  ने कहा पहले चरण में 1029 लाभुक, दूसरे चरण में 599 लाभुकों को राशि मिल चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बाकी के आवेदन जांच में हैं, पात्रों को जल्द लाभ मिलेगा।<br />धरना सिर्फ़ नगर परिषद को बदनाम करने की साज़िश है, क्योंकि कोई भी लाभुक आवेदन संख्या तक नहीं दिखा सका <br />सुलगते सवाल पीएम आवास योजना उन गरीबों के लिए है जिनके पास सर छुपाने को छत नहीं।लेकिन त्रिवेणीगंज में सवाल उठ रहा है कि क्या योजना वास्तव में गरीबों तक पहुँच रही है या बिचौलियों और नेताओं के खेल में फँसकर दम तोड़ रही है?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 19:59:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पार्टी व जनता का भरपूर समर्थन रहा तो मैं किशनगंज विधानसभा चुनाव जरूर लड़ूंगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">किशनगंज: स्त्री रोग विशेषज्ञ सह जन सुराज पार्टी के नेत्री डॉक्टर तारा श्वेता आर्या किशनगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती है। डॉक्टर तारा श्वेता आर्या ने कहा कि अगर पार्टी टिकट देती है तो वह किशनगंज विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे और जीत भी हासिल करेंगी। वही डॉक्टर तारा श्वेता आर्या ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के लिए सक्रिय भूमिका निभाई हैं। उन्होंने कहा कि किशनगंज का सर्वांगीण विकास करना ही मुख्य उद्देश्य है। किशनगंज विधानसभा का विकास सिर्फ कागजी तौर पर हुआ है, जमीनी स्तर पर विकास का कोई नाम व निशान नहीं है। इसलिए हमारा मुद्दा विकास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153864/if-i-have-full-support-from-the-party-and-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/cc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">किशनगंज: स्त्री रोग विशेषज्ञ सह जन सुराज पार्टी के नेत्री डॉक्टर तारा श्वेता आर्या किशनगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती है। डॉक्टर तारा श्वेता आर्या ने कहा कि अगर पार्टी टिकट देती है तो वह किशनगंज विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे और जीत भी हासिल करेंगी। वही डॉक्टर तारा श्वेता आर्या ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के लिए सक्रिय भूमिका निभाई हैं। उन्होंने कहा कि किशनगंज का सर्वांगीण विकास करना ही मुख्य उद्देश्य है। किशनगंज विधानसभा का विकास सिर्फ कागजी तौर पर हुआ है, जमीनी स्तर पर विकास का कोई नाम व निशान नहीं है। इसलिए हमारा मुद्दा विकास और शिक्षा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हम इसी को लेकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे किशनगंज की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। दो तारा श्वेता ने कहा की बिहार की जनता अब जान रही है कि उनकी समस्याओं का समाधान जन सुराज ही कर सकती है। वही जन सुराज नेत्री डॉक्टर तारा श्वेता आर्या ने कहा कि पार्टी में बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं कि मुझे गौरांवित महसूस हो रहा है। जैन सुराज पार्टी का एक ही मुद्दा है कि बिहार के गरीब, पिछड़े, कुचले और निचले दबके के लोगों का विकास करना और उनका हक उनको मिलना। वही डॉक्टर तारा श्वेता ने बताया कि विगत 3 वर्षों से लगातार प्रशांत किशोर द्वारा बिहार में पदयात्रा कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों की मूलभूत समस्याओं से प्रशांत किशोर अवगत हुए हैं, उन्हें समस्याओं को दूर करने का काम हमारी और हमारी पार्टी के द्वारा किया जाएगा। हरेक दृष्टिकोण से किशनगंज विधानसभा एवं विधानसभा के अवाम के हित के लिए काम किया जायेगा। वहीं जन सुराज नेत्री डॉक्टर तारा श्वेता ने कहा कि मैं बिना पद पर रहकर भी लोगों की सेवा चिकित्सा के क्षेत्र में कर रही हूं। किशनगंज विधानसभा की महान जनता अगर मुझे मौका देती है तो मैं प्रत्येक क्षेत्र में उनके लिए कार्य करूंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 21:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावन खत्म होते ही  मनरेगा कार्यालय में मटन पार्टी सजी महफ़िल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल ब्यूरो</p>
<p style="text-align:justify;">सावन खत्म होते ही अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोमवार को बीडीओ साहब के आतिथ्य में हुए शानदार मटन पार्टी का आयोजन किया और छक कर आनंद उठाया।मटन पार्टी का आयोजन मनरेगा कार्यालय परिसर में हुआ ,जहां आम दिनों में मजदूरों की हाजिरी और योजनाओं पर चर्चा होती है, वही सोमवार को  नजारा बदला बदला   नजर आ रहा था। फाइलों की सरसराहट, नोटिंग और समीक्षा बैठकों की जगह पूरे दिन खस्सी के मटन की भीनी भीनी खुशबू तैरती रही।दफ्तर का कामकाज ठप, खस्सी के तड़के से गूंजा माहौल  गुंजायमान रहा ।अधिकारी से लेकर कर्मी औरउनके  चहेते नवरत्न मण्डली व्यस्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153839/mutton-party-adorned-in-mnrega-office-as-soon-as-sawan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/bb.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल ब्यूरो</p>
<p style="text-align:justify;">सावन खत्म होते ही अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोमवार को बीडीओ साहब के आतिथ्य में हुए शानदार मटन पार्टी का आयोजन किया और छक कर आनंद उठाया।मटन पार्टी का आयोजन मनरेगा कार्यालय परिसर में हुआ ,जहां आम दिनों में मजदूरों की हाजिरी और योजनाओं पर चर्चा होती है, वही सोमवार को  नजारा बदला बदला   नजर आ रहा था। फाइलों की सरसराहट, नोटिंग और समीक्षा बैठकों की जगह पूरे दिन खस्सी के मटन की भीनी भीनी खुशबू तैरती रही।दफ्तर का कामकाज ठप, खस्सी के तड़के से गूंजा माहौल  गुंजायमान रहा ।अधिकारी से लेकर कर्मी औरउनके  चहेते नवरत्न मण्डली व्यस्त दिखे । वेसे आफिसर मटन पार्टी को लेकर सुबह से ही कार्यालय में एक अलग रौनक थी।मिल रही जानकारी के मुताबिक आधा दर्जन खस्सी (बकरी) मंगाई गईं और स्पेशल तोर पर पथरा गोरधय सेविशेषज्ञ  कसाई ‘मौसम पंजाबी’ अपने दो हेल्परों के साथ आये  हुए थे।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/bbbb.jpg" alt="bbbb" width="1280" height="878"></img></p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही जागुर से स्पेशल हलवाई बुलाए गए,।सामग्री में मटन हांडी के साथ स्वादिष्ट पूड़ी,चावल, पनीर, सलाद और मिठाई केभराईटी की भीनी भीनी खुशबू  की गंध दूर से प्रखंड परिसर गुलजार हो रहा था।  खास मेहमानों की खातिरदारी में अफसर-कर्मी खुद जुटे दिखे।जैसे उनका परिवारिक आयोजन हो।हालांकि आयोजन स्थल के ठीक मुहाने पर स्थित बजरंग बली के पवित्रता का भी ख्याल रखना भी मुनासिब नहीं समझा गया।पूजा करने आये श्रद्धालुओं ने इस मटन पार्टी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर इन हाकिमों ने बजरंग बली को भी नहीं बख्शा।हलाकि पार्टी की गोपनीयता के मद्देनजर बीडीओ के चहेते  कर्मी अघोषित रूप से दंडाधिकारी का काम देख रहे थे।आने जाने वाले आम जनता को मना कर कल आने का आदेश दे रहे थे।<br />आखिर पैसा चंदा या घूस का ?</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, इस  पार्टी का आतिथ्य  बीडीओ साहब  का था और वे ही सर्वे सर्वा थे।हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि यह खर्च कथित रूप से घूस से जुटाए गए पैसों से किया गया, ताकि सावन के बाद बड़ेअधिकारी ,चहेते  मेहमानों और कर्मी  को ‘खस्सी का स्वाद’ चखाकर खुश किया जा सके। और उनके क्रिया कलाप में सहयोग कर सके ।अलबत्ता आमलोगों को  इस दावत से दूर रखा गया था।  और मनरेगा कार्यालय के हाल में  मेज-पर-मेहमान का माहौल सजाया गया।<br />लोगों के तंज भरे तीखे सवाल</p>
<p style="text-align:justify;">एक तरफ मजदूरों का भुगतान महीनों लटका है, लोग कम के लिए प्रखंड और अंचल कार्यालय में दिन भर परेशान हो रहे हैं दूसरी तरफ मटन पार्टी  उड़ाई जा रही है।” – बसंत यादव, राजद जिला उपाध्यक्ष मनरेगा के पैसों का स्वाद मटन में बदल गया, रोजगार कहाँ गया?” – अखिलेश कुमार प्रखंड अध्यक्ष युबा  राजद “यह सरकारी दफ्तर है या शादी का पंडाल?” – सुमन कुमार सिंह उर्फ डब्लू “गरीबों का हक मारकर दावत उड़ाना शर्मनाक है।” – सोनू कुमार “पारदर्शिता का नारा अब सिर्फ पोस्टर में बचा है।” – गोलू यादव<br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/b.jpg" alt="b" width="1280" height="591"></img><br />अधिकारियों ने साधी चुप्पी</p>
<p style="text-align:justify;">जब इस बारे में मनरेगा पीओ विजय कुमार नीलम से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।वहीं, एकाउंटेंट राजेश कुमार ने कहा – “पीओ साहब एसआईआर के काम में व्यस्त हैं। मटन पार्टी बीडीओ साहब द्वारा आयोजित की गई थी, और हमने उन्हें जगह उपलब्ध करा दी।”<br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/bbbbb.jpg" alt="bbbbb" width="1280" height="591"></img><br />सुलगते सवाल </p>
<p style="text-align:justify;"><br />सरकारी अधिकारी का दायित्व ग्रामीण गरीबों को सेवा व सुविधा देने उनकी समस्याओं को प्रार्थमिकता के आधार पर निदान करना ।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन सोमवार की हकीकत: आधा दर्जन खस्सी, छक कर दावत मजदूरों की हालत: भुगतान के लिए चक्कर,जेब खाली</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों की प्राथमिकता: मेहमाननवाज़ी और मटन मनरेगा का उद्देश्य और वास्तविकता में फासला</p>
<p style="text-align:justify;">मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का मकसद ग्रामीण गरीबों को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा देना है। लेकिन जिस दफ्तर में मजदूरों की समस्याएं सुलझनी चाहिए, वहां दिनभर खस्सी के कटने और मटन के पकने का सिलसिला चलता रहा।<br />सोमवार का दिन त्रिवेणीगंज मनरेगा कार्यालय के लिए हमेशा याद रखा जाएगा  कामकाज से नहीं, बल्कि खास मेहमानों की महफिल और खस्सी के स्वाद के लिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 21:50:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सुपौल में बाढ़ प्रबंधन पर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुपौल। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) एवं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को पिपरा रोड स्थित शहनाई रिसॉर्ट होटल एंड रेस्टोरेंट में “Designing &amp; Integrating Ecosystem-Based Flood Mitigation Projects” विषय पर एक दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/dm3.jpg" alt="dm3" width="1200" height="1200" /></p>
<p>कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सुपौल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए ठोस और दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते बाढ़ जोखिम को देखते हुए इकोसिस्टम-आधारित समाधान को ग्रामीण विकास योजनाओं में शामिल करना समय की मांग है।</p>
<p>प्रशिक्षण में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153837/high-level-training-organized-on-flood-management-in-supaul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/dm1.jpg" alt=""></a><br /><p>सुपौल। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) एवं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को पिपरा रोड स्थित शहनाई रिसॉर्ट होटल एंड रेस्टोरेंट में “Designing &amp; Integrating Ecosystem-Based Flood Mitigation Projects” विषय पर एक दिवसीय उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/dm3.jpg" alt="dm3" width="1600" height="1204"></img></p>
<p>कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सुपौल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए ठोस और दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते बाढ़ जोखिम को देखते हुए इकोसिस्टम-आधारित समाधान को ग्रामीण विकास योजनाओं में शामिल करना समय की मांग है।</p>
<p>प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने बाढ़ जोखिम और संवेदनशीलता, जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, लचीलापन निर्माण तथा एकीकृत बाढ़ शमन दृष्टिकोण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही जोखिम प्रबंधन, संरचनात्मक व गैर-संरचनात्मक उपाय, सामुदायिक तैयारी और वित्तीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की गई।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/dm2.jpg" alt="dm2" width="1600" height="1204"></img></p>
<p>दोपहर के सत्र में प्रतिभागियों ने समूह चर्चा के माध्यम से बाढ़ शमन और आपदा तैयारी की कार्ययोजनाएं तैयार कीं। कार्यक्रम का समापन फीडबैक और आकलन के साथ हुआ। मौके पर जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन टीम और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Aug 2025 21:07:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समस्तीपुर के बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूटकांड में पुलिस की एक और बड़ी सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>समस्तीपुर पुलिस ने चर्चित बैंक ऑफ महाराष्ट्र, काशीपुर डकैती कांड में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। घटना में संलिप्त अपराधियों के निशानदेही पर 264.770 ग्राम लूटा गया सोना और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।</p>
<p>शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-1 संजय कुमार पांडेय ने इस बरामदगी की जानकारी दी।</p>
<p>घटना का पृष्ठभूमि</p>
<p>7 मई 2025 को नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 6–7 अज्ञात अपराधियों ने आग्नेयास्त्र के बल पर दिनदहाड़े डकैती को अंजाम दिया था। अपराधियों ने बैंक कर्मियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153813/another-major-success-of-the-police-in-the-bank-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250809-wa0183.jpg" alt=""></a><br /><p>समस्तीपुर पुलिस ने चर्चित बैंक ऑफ महाराष्ट्र, काशीपुर डकैती कांड में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। घटना में संलिप्त अपराधियों के निशानदेही पर 264.770 ग्राम लूटा गया सोना और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।</p>
<p>शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-1 संजय कुमार पांडेय ने इस बरामदगी की जानकारी दी।</p>
<p>घटना का पृष्ठभूमि</p>
<p>7 मई 2025 को नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 6–7 अज्ञात अपराधियों ने आग्नेयास्त्र के बल पर दिनदहाड़े डकैती को अंजाम दिया था। अपराधियों ने बैंक कर्मियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर 15,02,791 रुपये नकद, सोना, मोबाइल फोन और बैंक से संबंधित कागजात लूट लिए थे। इस मामले में नगर थाना कांड संख्या 113/25, धारा 310(2) भा.दं.सं. के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।</p>
<p>पुलिस की कार्रवाई और विशेष टीम<br />पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह के निर्देशन में, ASP संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम और बिहार STF, पटना की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम लगातार घटना में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी और लूटे गए माल की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।</p>
<p>इस कार्रवाई के तहत न्यायालय के आदेशानुसार काराधीन अभियुक्त –</p>
<p>करमवीर कुमार उर्फ धर्मवीर कुमार उर्फ देशमुख भाई, पिता – बीरबहादुर सिंह, सा. खिलवत, थाना – विदुपुर, जिला – वैशाली</p>
<p>रविश कुमार, पिता – किशुनदेव सिंह, सा. मथुरा, थाना – विदुपुर, जिला – वैशाली</p>
<p>रणधीर कुमार उर्फ बबलू, पिता – स्व. रविन्द्र प्रसाद सिंह, सा. बेलसंडी, थाना – चकमेहसी, जिला – समस्तीपुर</p>
<p>दीपक कुमार उर्फ दीपक मुंशी, पिता – अशेश्वर प्रसाद राय, ग्राम – विनगामा, थाना – मोहनपुर, जिला – समस्तीपुर (वर्तमान पता – काशीपुर, थाना – नगर)</p>
<p>रमेश कुमार झा, पिता – राज कुमार झा, सा. जगदीशपुर, थाना – कर्पूरीग्राम (वर्तमान – आदर्शनगर, थाना – मुफ्फसिल)</p>
<p>अखिलेश राय उर्फ गोलाई राय उर्फ गोलू, पिता – नगीना राय, सा. तारा धमौन, थाना – पटोरी, जिला – समस्तीपुर<br />को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।</p>
<p>निशानदेही पर बरामदगी<br />पूछताछ में करमवीर कुमार ने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि उसे हिस्से में लगभग 300 ग्राम सोना और एक लूटा गया मोबाइल मिला था। इसके अलावा, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुए रिलायंस ज्वेलर्स लूट से प्राप्त आभूषण बेचकर उसने एक सोने की चैन खरीदी थी। उसने यह भी बताया कि सोना और मोबाइल को अपने घर में जमीन खोदकर छुपा दिया था।</p>
<p>करमवीर की निशानदेही पर पुलिस ने 264.770 ग्राम सोना और लूटा गया एक मोबाइल फोन बरामद किया। बरामद सोने के आभूषणों में –</p>
<p>सोना जैसा पीला धातु का कंगन – 4 पीस</p>
<p>चूड़ी – 6 पीस</p>
<p>अंगूठी – 8 पीस</p>
<p>मंगलसूत्र – 3 पीस</p>
<p>हार – 1 पीस</p>
<p>चैन – 3 पीस</p>
<p>झुमका – 8 पीस</p>
<p>बाली – 4 पीस<br />शामिल हैं।</p>
<p>अब तक की कुल बरामदगी<br />विदित हो कि इस मामले में अब तक 12 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने गिरोह से कुल लगभग 3 किलो 45 ग्राम 612 मिलीग्राम सोना, 39,200 रुपये नकद, 3 लूटे गए मोबाइल, 8 अन्य मोबाइल, 4 पिस्तौल, 10 जिंदा गोलियां, 1 बैग, 2 मोटरसाइकिल, 1 कार और बैंक से संबंधित कागजात बरामद किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 18:12:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी नेताजी अनूपलाल यादव की 12वीं पुण्यतिथि मनाई गई</title>
                                    <description><![CDATA[
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<p>त्रिवेणीगंज स्थित अनूपलाल यादव महाविद्यालय में शनिवार को संस्थापक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी अनूपलाल यादव की 12वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भावनाओं के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने की।</p>
<p>पुष्पांजलि अर्पण के पश्चात आयोजित सम्मान समारोह में वक्ताओं ने नेताजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनूपलाल यादव स्वच्छ छवि के समाजसेवी, गरीबों के मसीहा और दूरदर्शी नेता थे। त्रिवेणीगंज में डिग्री महाविद्यालय, अनुमंडलीय कार्यालय, निबंधन कार्यालय और अनुमंडलीय अस्पताल जैसी कई संस्थाओं की स्थापना उनकी ही देन है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें कई यातनाएं</p></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153806/the-12th-death-anniversary-of-great-freedom-fighter-and-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/whatsapp-image-2025-08-09-at-15.18.41_f0c15c1b.jpg" alt=""></a><br />
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<p>त्रिवेणीगंज स्थित अनूपलाल यादव महाविद्यालय में शनिवार को संस्थापक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी अनूपलाल यादव की 12वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं भावनाओं के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमंत कुमार ने की।</p>
<p>पुष्पांजलि अर्पण के पश्चात आयोजित सम्मान समारोह में वक्ताओं ने नेताजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनूपलाल यादव स्वच्छ छवि के समाजसेवी, गरीबों के मसीहा और दूरदर्शी नेता थे। त्रिवेणीगंज में डिग्री महाविद्यालय, अनुमंडलीय कार्यालय, निबंधन कार्यालय और अनुमंडलीय अस्पताल जैसी कई संस्थाओं की स्थापना उनकी ही देन है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें कई यातनाएं सहनी पड़ीं, परंतु वे देश की आजादी के लिए संघर्षरत रहे। वे बिहार सरकार में मंत्री और सांसद भी रह चुके थे तथा कोसी क्षेत्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान रहा। वक्ताओं ने कहा कि अनूप बाबू जैसे नेता की कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती।</p>
<p>कार्यक्रम में महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव, प्रो. अशोक कुमार, प्रो. अरुण कुमार, सज्जन कुमार संत, डॉ. रामानंद सिंह, डॉ. सुदीत नारायण यादव, डॉ. अरविंद कुमार, प्रो. सुरेंद्र कुमार, प्रो. विनोद कुमार विमल, प्रो. शंभू यादव, प्रो. सूर्यनारायण यादव, प्रो. राजकुमार यादव, प्रो. कुलानंद यादव, सुरेंद्र कुमार, दिलीप दिवाकर, बलदेव यादव, गगन कुमार, दिग्दर्शन, प्रभात कुमार, रत्नेश कुमार, रंजन कुमार, नागेश्वर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे</p>
</div>
</div>
</div>
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</div>
</div>

<div class="pointer-events-none h-px w-px"><strong>रिपोर्ट -: जितेंद्र कुमार "राजेश"</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 15:19:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मोबाइल के हजार रुपये बने जानलेवा, दो दोस्त ने रचा खून का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>त्रिवेणीगंज।</strong> महज एक हजार रुपये के लेन-देन ने दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया और देर रात कुपरिया गांव में खून से लथपथ सनसनीखेज वारदात हो गई। दो दोस्तों ने मिलकर अपने ही 16 वर्षीय साथी का गला धारदार हथियार से रेत दिया।</p>
<p>आरोपियों की पहचान अमहा वार्ड 3 निवासी दिलखुश कुमार और कुपरिया वार्ड 9 निवासी सुमन कुमार के रूप में हुई है। दिलखुश ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया—उसके अनुसार पीड़ित आशीष कुमार ने कुछ दिन पहले मोबाइल के नाम पर 1000 रुपये लिए थे और लौटाने में टालमटोल कर रहा था। इसी रंजिश में उसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153804/two-friends-of-mobile-became-a-thousand-rupees-of-mobile"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/whatsapp-image-2025-08-09-at-13.49.29_9ecbc085.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>त्रिवेणीगंज।</strong> महज एक हजार रुपये के लेन-देन ने दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया और देर रात कुपरिया गांव में खून से लथपथ सनसनीखेज वारदात हो गई। दो दोस्तों ने मिलकर अपने ही 16 वर्षीय साथी का गला धारदार हथियार से रेत दिया।</p>
<p>आरोपियों की पहचान अमहा वार्ड 3 निवासी दिलखुश कुमार और कुपरिया वार्ड 9 निवासी सुमन कुमार के रूप में हुई है। दिलखुश ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया—उसके अनुसार पीड़ित आशीष कुमार ने कुछ दिन पहले मोबाइल के नाम पर 1000 रुपये लिए थे और लौटाने में टालमटोल कर रहा था। इसी रंजिश में उसे फोन कर कुपरिया बुलाया गया और रास्ते में वारदात को अंजाम दिया गया।</p>
<p>घटना शनिवार देर रात की है। थलहा गढ़िया उत्तर पंचायत के जरेला वार्ड 11 निवासी रविन्द्र यादव का बेटा आशीष, फुआ के घर राघोपुर थाना क्षेत्र के सौराजन गांव में था। दोनों दोस्त मोटरसाइकिल पर लेकर लौट रहे थे, तभी पीछे बैठे दिलखुश ने गला रेत दिया।</p>
<p>चीख सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने दोनों हमलावरों को धर दबोचा और घायल को अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सक श्रवण कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में बाहर रेफर कर दिया।</p>
<p>थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि दोनों आरोपी हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 14:01:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>महीनों से चल रहे उफापोह खत्म,  प्रधानाचार्य बने  डॉ. हेमंत कुमार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">त्रिवेणीगंज , स्वतन्त्र प्रभात </p>
<p style="text-align:justify;">अनूपलाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार ने शुक्रवार को  प्रधानाचार्य का पदभार ग्रहण किया। महाविद्यालय केशासी निकाय  सचिव कपलेश्वर यादव ने उन्हें  विधिवत पदभार सौंपा।मिली जानकारी के अनुसार भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर, मधेपुरा द्वारा  प्रधानाचार्य की नियुक्ति से महाविद्यालय परिवार और छात्रों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल है। पदभार ग्रहण समारोह में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण ने पुष्पमालाओं से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव, शिक्षाविद सदस्य जितेंद्र कुमार अरविंद, पूर्व सचिव कामेश्वर यादव, पूर्व सचिव रामधारी यादव, पूर्व प्राचार्य श्यामानंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153803/dr-hemant-kumar-became-the-principal-who-has-been-going"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/c4fca7d6-a778-44c1-89d6-e3a7b3a66da5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">त्रिवेणीगंज , स्वतन्त्र प्रभात </p>
<p style="text-align:justify;">अनूपलाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार ने शुक्रवार को  प्रधानाचार्य का पदभार ग्रहण किया। महाविद्यालय केशासी निकाय  सचिव कपलेश्वर यादव ने उन्हें  विधिवत पदभार सौंपा।मिली जानकारी के अनुसार भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर, मधेपुरा द्वारा  प्रधानाचार्य की नियुक्ति से महाविद्यालय परिवार और छात्रों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल है। पदभार ग्रहण समारोह में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण ने पुष्पमालाओं से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव, शिक्षाविद सदस्य जितेंद्र कुमार अरविंद, पूर्व सचिव कामेश्वर यादव, पूर्व सचिव रामधारी यादव, पूर्व प्राचार्य श्यामानंद सिंह, डॉ. रामानंद सिंह, प्रो. उमाशंकर शर्मा, कामेश्वर प्रसाद यादव, राजेंद्र कुमार यादव, सज्जन कुमार संत, शत्रुघ्न चौधरी, पूर्व मुखिया बसंत कुमार, पैक्स अध्यक्ष संजीव कुमार, निवर्तमान प्रभारी प्रधानाचार्य अनिल कुमार भगत, प्रो. अरुण कुमार, प्रो. शिवचंद्र प्रसाद यादव, प्रो. रामचंद्र प्रसाद, प्रो. विनोद कुमार विमल, प्रो. देवनारायण यादव, प्रो. तरुण कुमार सिंह, प्रो. अशोक कुमार, प्रो. तपेश्वर कुमार, डॉ. अरविंद कुमार, प्रो. कुलानंद यादव, प्रो. राजकुमार यादव, गोपी रमन, डॉ. बबीता कुमारी, डॉ. रंजना कुमारी, दिलीप दिवाकर, गगन कुमार, दिग्दर्शन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाविद, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">वक्ताओं ने कहा कि डॉ. हेमंत कुमार के नेतृत्व में महाविद्यालय शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और संस्थान के सर्वांगीण विकास की उम्मीद जताई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 10:08:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अनूपलाल यादव महाविद्यालय को मिला स्थायी प्रधानाचार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p>त्रिवेणीगंज (सुपौल) – शुक्रवार को अनूपलाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज (समाजशास्त्र विभाग) के विभागाध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार ने स्थायी प्रधानाचार्य का पदभार ग्रहण किया।महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव ने उन्हें पदभार सौंपा। इस अवसर पर प्राध्यापकगण ने पुष्पमाला पहनाकर उनका स्वागत किया।भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर (मधेपुरा) द्वारा महाविद्यालय में स्थायी प्रधानाचार्य की नियुक्ति से परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल है।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/c1931f34-6440-4a7c-a2ba-ddb11fae4187.jpg" alt="c1931f34-6440-4a7c-a2ba-ddb11fae4187" width="1200" height="720" /></p>
<p>योगदान समारोह में महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव, शिक्षाविद सदस्य जितेंद्र कुमार अरविंद, पूर्व सचिव कामेश्वर यादव, पूर्व सचिव रामधारी यादव, पूर्व प्राचार्य श्यामानंद सिंह, डॉ. रामानंद सिंह, प्रो. उमाशंकर शर्मा, कामेश्वर प्रसाद यादव, राजेंद्र कुमार यादव, सज्जन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153794/anuplal-yadav-college-gets-permanent-principal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/c36273c6-670a-4e4d-bf7a-2862795845ff.jpg" alt=""></a><br /><p>त्रिवेणीगंज (सुपौल) – शुक्रवार को अनूपलाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज (समाजशास्त्र विभाग) के विभागाध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार ने स्थायी प्रधानाचार्य का पदभार ग्रहण किया।महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव ने उन्हें पदभार सौंपा। इस अवसर पर प्राध्यापकगण ने पुष्पमाला पहनाकर उनका स्वागत किया।भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर (मधेपुरा) द्वारा महाविद्यालय में स्थायी प्रधानाचार्य की नियुक्ति से परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल है।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/c1931f34-6440-4a7c-a2ba-ddb11fae4187.jpg" alt="c1931f34-6440-4a7c-a2ba-ddb11fae4187" width="1600" height="720"></img></p>
<p>योगदान समारोह में महाविद्यालय के सचिव कपलेश्वर यादव, शिक्षाविद सदस्य जितेंद्र कुमार अरविंद, पूर्व सचिव कामेश्वर यादव, पूर्व सचिव रामधारी यादव, पूर्व प्राचार्य श्यामानंद सिंह, डॉ. रामानंद सिंह, प्रो. उमाशंकर शर्मा, कामेश्वर प्रसाद यादव, राजेंद्र कुमार यादव, सज्जन कुमार संत, शत्रुघ्न चौधरी, पूर्व मुखिया बसंत कुमार, पैक्स अध्यक्ष संजीव कुमार, निवर्तमान प्रभारी प्रधानाचार्य अनिल कुमार भगत, प्रो. अरुण कुमार, प्रो. शिवचंद्र प्रसाद यादव, प्रो. रामचंद्र प्रसाद, प्रो. विनोद कुमार विमल, प्रो. देवनारायण यादव, प्रो. तरुण कुमार सिंह, प्रो. अशोक कुमार, प्रो. तपेश्वर कुमार, डॉ. अरविंद कुमार, प्रो. कुलानन्द यादव, प्रो. राजकुमार यादव, गोपी रमन, डॉ. बबीता कुमारी, डॉ. रंजना कुमारी, दिलीप दिवाकर, गगन कुमार, दिग्दर्शन समेत अनेक लोग उपस्थित थे।</p>
<p>रिपोर्ट – जितेंद्र कुमार राजेश</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 17:25:24 +0530</pubDate>
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