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                <title>rajnath singh - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>rajnath singh RSS Feed</description>
                
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                <title>आज के प्रौद्योगिकी-चालित युग में भविष्य हेतु तैयार रहने के लिए अनुसंधान और अप्रत्‍याशित घटक आवश्यक है- राज नाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीव्र तकनीकी क्रांति के वर्तमान युग में भविष्य के लिए तैयार रहने हेतु अनुसंधान पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने और अप्रत्याशित नवाचार की रणनीति अपनाने के महत्व पर बल दिया। रक्षा मंत्री ने 4 मई, 2026 को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में भारतीय सेना की उत्तरी एवं मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नॉर्थ टेक संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में रक्षा कर्मियों, उद्योगपतियों, नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए यह विचार व्‍यक्‍त किए।</div>
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<div style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने आधुनिक युद्ध में हो रहे तकनीकी बदलावों की त्‍वरित गति</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178171/in-todays-technology-driven-era-research-and-the-unexpected-are-essential"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001764661-(2).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीव्र तकनीकी क्रांति के वर्तमान युग में भविष्य के लिए तैयार रहने हेतु अनुसंधान पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने और अप्रत्याशित नवाचार की रणनीति अपनाने के महत्व पर बल दिया। रक्षा मंत्री ने 4 मई, 2026 को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में भारतीय सेना की उत्तरी एवं मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नॉर्थ टेक संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में रक्षा कर्मियों, उद्योगपतियों, नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए यह विचार व्‍यक्‍त किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने आधुनिक युद्ध में हो रहे तकनीकी बदलावों की त्‍वरित गति और अप्रत्याशित रूप से उभरते हुए अनायास हमलों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में, युद्ध का स्वरूप महज तीन-चार वर्षों में टैंकों और मिसाइलों से बदलकर ड्रोन और सेंसर जैसे क्रांतिकारी उपकरणों में परिवर्तित हो गया। इसके अलावा, दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी वस्‍तुएं भी घातक हथियार बनती जा रही हैं। लेबनान और सीरिया में हुए पेजर हमलों ने आधुनिक युद्ध पद्धतियों के पुनर्मूल्यांकन को प्रेरित किया है। ऐसी स्थिति में हमें तैयार रहना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/1001764663-(1).jpg" alt="आज के प्रौद्योगिकी-चालित युग में भविष्य हेतु तैयार रहने के लिए अनुसंधान और अप्रत्‍याशित घटक आवश्यक है- राज नाथ सिंह" width="480" height="320"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने और ऐसी क्षमताएं विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो आवश्यकता पड़ने पर देश को अपने शत्रु पर अप्रत्याशित हमला करने में सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि युद्ध में निर्णायक बढ़त सदैव उसी को मिलती है जिसके पास अचानक हमला करने की शक्ति होती है। हालांकि हमारे रक्षा बल पहले से ही इस दिशा में कार्य कर रहे हैं, हमें और अधिक सक्रियता के साथ आगे बढ़ना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान जटिल और तेजी से बदलते परिवेश में अनुकूलनशीलता सुनिश्चित करने के महत्व पर बल देते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि जो राष्ट्र तकनीकी क्रांति को सबसे तेजी से अपनाएगा, उसे भविष्य के युद्ध परिदृश्य में निर्णायक बढ़त प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में अनुसंधान का कोई विकल्प नहीं है और भविष्य के युद्ध किस प्रकार लड़े जाएंगे, यह आज प्रयोगशालाओं में निर्धारित हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने रक्षा अनुसंधान को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है और डीआरडीओ के माध्यम से इसे अगले स्तर तक ले जाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ अब इस यात्रा पर अकेला नहीं है। 'दूर तक जाने के लिए साथ चलें' के मंत्र से प्रेरित होकर, यह बड़ी संख्या में उद्योगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/1001764662-(1).jpg" alt="आज के प्रौद्योगिकी-चालित युग में भविष्य हेतु तैयार रहने के लिए अनुसंधान और अप्रत्‍याशित घटक आवश्यक है- राज नाथ सिंह" width="512" height="341"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप्स को आवंटित किया गया है और अब तक इन संस्थाओं ने बजट का 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का उपयोग कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की एक नई नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत विकास-सह-उत्पादन साझेदारों, विकास साझेदारों और उत्पादन एजेंसियों के लिए पहले लगने वाला 20 प्रतिशत शुल्क पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, डीआरडीओ ने अब तक विभिन्न उद्योगों को 2,200 से अधिक प्रौद्योगिकियां हस्तांतरित की हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने कहा कि डीआरडीओ ने भारतीय उद्योगों को अपने पेटेंट तक नि:शुल्‍क पहुंच प्रदान करने की नीति शुरू की है, जिससे उनकी तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता दोनों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ की परीक्षण सुविधाएं भी भुगतान के आधार पर उद्योगों के लिए खोल दी गई हैं। हर वर्ष सैकड़ों उद्योग अनुसंधान एवं विकास सहायता के लिए इन सुविधाओं का उपयोग करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने कहा कि उद्योगों को निर्देशित ऊर्जा हथियार, हाइपरसोनिक हथियार, जलमग्न क्षेत्र जागरूकता, अंतरिक्ष स्थिति जागरूकता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़कर उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए। उन्होंने इस प्रयास में सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने बदलती परिस्थितियों का गहन विश्लेषण करने और भारत की तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए रक्षा बलों और उद्योग जगत की सराहना की और ऑपरेशन सिंदूर को तकनीकी युद्ध और राष्ट्र की तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने विश्व के सामने हमारे रक्षा बलों की वीरता और क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इस ऑपरेशन के दौरान आकाशतीर, आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी उन्नत मिसाइल प्रणालियों सहित अत्याधुनिक स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया गया। यह इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि हम न केवल युद्ध की बदलती प्रकृति को समझते हैं, बल्कि अटूट आत्मविश्वास के साथ तकनीकी प्रगति को भी लागू कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा देश के रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडेक्स), एसीटिंग डेवलपमेंट ऑफ इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज विद आईडेक्स (एडीआईटीआई) और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (टीडीएफ) जैसी पहलें नवाचार को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में अवसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में शुरू की गई रक्षा क्षेत्र से सीधे जुड़ी कई अवसंरचना परियोजनाओं, विशेष रूप से रक्षा औद्योगिक गलियारे की स्थापना की जानकारी देते हुए कहा कि यह भारत की रक्षा क्षमताओं को सक्रिय रूप से बढ़ा रही हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार के आत्मनिर्भरता प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि रक्षा निर्यात सर्वकालिक उच्च स्तर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि और भी तेज होने की संभावना है और इस उपलब्धि में निजी क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सामूहिक प्रयास है कि हम आने वाले समय में विश्व की सबसे शक्तिशाली सैन्य शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में, केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने कहा कि यह संगोष्ठी रक्षा बलों, उद्योग, स्टार्टअप, नवप्रवर्तकों और शिक्षाविदों को महत्वपूर्ण परिचालन चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से स्वदेशी तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार (जेएआई) के सिद्धांत द्वारा निर्देशित है, जो देश की युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तरी कमान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने इस बात पर बल दिया कि संगोष्ठी का उद्देश्य विचारों, नवाचारों और अनुभवों को तैनाती योग्य क्षमताओं में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों को देखते हुए, मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस), काउंटर-यूएएस सिस्टम, एआई-सक्षम निर्णय लेने वाले उपकरण, सटीक मारक क्षमताएं और उन्नत तोपखाना प्रणालियां जैसी विशिष्ट क्षमताएं युद्धक्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित करने के लिए अपरिहार्य हो गई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी; सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी; केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमान-इन-चीफ एयर मार्शल बालकृष्णन मणिकांतन; सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन; एसआईडीएम के अध्यक्ष अरुण टी रामचंदानी; और आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर रामकृष्णन एस उपस्थित थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), निजी रक्षा प्रौद्योगिकी फर्मों, स्टार्टअप्स और वर्दीधारी नवोन्मेषकों सहित विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत स्वदेशी समाधानों को प्रदर्शित किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:53:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>57वें राज्य सम्मेलन की आठवें वेतन आयोग की गठन की प्रमुख मांग को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ 20 जनवरी, 2025 आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी संगठन की पूरी हुई प्रमुख मांग उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के 57वें राज्य सम्मेलन की आठवें वेतन आयोग के गठन की प्रमुख मांग को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने पर संगठन के अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा एवं प्रादेशिक उपाध्यक्ष/प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र ने स्वागत किया है।</div>
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<div style="text-align:justify;">संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र एवं महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का तीन दिवसीय 57वां राज्य सम्मेलन आगरा में दिनांक 7, 8 एवं 9 जनवरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147587/the-main-demand-of-the-57th-state-conference-for-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250120-wa0082(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ 20 जनवरी, 2025 आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी संगठन की पूरी हुई प्रमुख मांग उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के 57वें राज्य सम्मेलन की आठवें वेतन आयोग के गठन की प्रमुख मांग को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने पर संगठन के अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी, महामंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा एवं प्रादेशिक उपाध्यक्ष/प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र ने स्वागत किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र एवं महामंत्री नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का तीन दिवसीय 57वां राज्य सम्मेलन आगरा में दिनांक 7, 8 एवं 9 जनवरी 2025 को सम्पन्न था जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था। सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल भी सम्मिलित हुए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्य सम्मेलन में आठवें वेतन आयोग के गठन की मांग संबंधी प्रस्ताव संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र द्वारा प्रस्तुत किया गया था जिसे सम्मेलन ने सर्वसम्मत से पारित किया था। आठवें वेतन आयोग के गठन संबंधी सम्मेलन द्वारा पारित प्रस्ताव को संगठन के अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी एवं महामंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा तथा विशिष्ट अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री  एस0पी0 सिंह बघेल द्वारा केंद्र सरकार को प्रेषित किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगठन की राज्य परिषद की बैठक में भी आठवें वेतन आयोग के गठन की मांग की गई थी क्योंकि सातवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा 2014 में पिछली सरकार द्वारा की गई थी जिसे 01 जनवरी, 2016 से लागू किए जाने की बात कही गई थी इसीलिए आशा की जा रही थी कि आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा वर्ष 2024 में हो जाएगी और उसे 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विलंब से ही सही वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा आंठवे वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी गई है। जो स्वागत योग्य है।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;">               </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 21:09:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>काला धब्बा है,डेमोक्रेसी पर इमरर्जेंसी, 18 वीं लोकसभा सत्र के श्रीगणेश पर पीएम मोदी का तंज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p>18 वीं लोकसभा के पहले सत्र का सोमवार को श्रीगणेश हो गया। 24 -25 जून दो दिन  तक नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। सोमवार को पीएम  मोदी, जेपी नड्डा,राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत काफी संख्या में सदस्यों को शपथ दिलाई  गई।  मंगलवार को भी शपथ ग्रहण जारी रहेगा। इस बीच  सत्र के लिए नये संसद भवन पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने नवनिर्वाचित सांसदो को चुनाव जीतने की बधाई दी। और मिडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस सत्र में नई उमंग के साथ काम करेगे। वहीं कांगेस समेत अन्हय विपक्षी सदस्माय हाथों में संविधान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142475/emergency-is-a-black-spot-on-democracy-pm-modis-taunt"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/screenshot_20240624_192430_google.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p>18 वीं लोकसभा के पहले सत्र का सोमवार को श्रीगणेश हो गया। 24 -25 जून दो दिन  तक नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। सोमवार को पीएम  मोदी, जेपी नड्डा,राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी समेत काफी संख्या में सदस्यों को शपथ दिलाई  गई।  मंगलवार को भी शपथ ग्रहण जारी रहेगा। इस बीच  सत्र के लिए नये संसद भवन पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने नवनिर्वाचित सांसदो को चुनाव जीतने की बधाई दी। और मिडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इस सत्र में नई उमंग के साथ काम करेगे। वहीं कांगेस समेत अन्हय विपक्षी सदस्माय हाथों में संविधान लिए  नारे लगाते दिखाई  दिए।  तो वहीं मोदी ने कहा कि हमें लक्ष्य विकसित कर भारत के सपनों को पूरा करना है।उन्होने कहा ,संसदीय लोकतंत्र में आज का दिवस गौरवमयी है।</p>
<p>यह वैभव का दिन है।आजादी के बाद पहली बार हमारी अपनी नई संसद में ये शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है। पीएम मोदी ने तंज कसते हुए  कहा कि कल 25 जून है। 50 साल पहले 1975 को  इसी दिन संविधान पर काला धब्बा लगा दिया था। यानि आपातकाल लगा दिया था।संविधान की किताब बंद करके अपने नियम, कायदे कानून लाद दिए  थे। मौलिक अधिकारो को कुचल दिया था।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-06/screenshot_20240624_191833_instagram.jpg" alt="Screenshot_20240624_191833_Instagram" width="1011" height="1201"></img></p>
<p>न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विराम लगा दिया था। लेकिन आज  देश की जनता ने तीसरी बार अवसर दिया है।तीसरे कार्यकाल में हम तीन गुना मेहनत करेंगे। देश को नारे , नाटक ,हंगामा नही चाहिए। देश को अच्छा विपक्ष एक जिम्मेदार विपक्ष चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि जब हम 18 की बात करते हैं तो अंक का बहुत सात्विक मूल्य है।गीता के 18 अध्याय है।पुराणों ,उपपुराणों की संख्या भी 18 है। आज हम 24 जून को मिल रहे है।कल 25 जून है जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओ पर निष्ठा रखते है,जो काला धब्बा लगा था,उसको 50 साल हो जाएगें।</p>
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<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Jun 2024 16:23:16 +0530</pubDate>
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                <title>आज अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है – राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्तीलोकसभा चुनाव के चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है. तीन चरणों के मतदान अभी बाकी हैं। राजनेता अपने उम्मीदवारों के लिए जोर-शोर से प्रचार में लगे हुए हैं और पूरे देश में रैलियां, चुनावी सभाएं और रोड शो कर रहे हैं। इसी कड़ी में बस्ती के हर्रैया में केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा प्रत्याशी हरीश द्विवेदी के समर्थन में विशाल जनसभा को सम्बोधित किया।</div>
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<div>केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा की 2014 में ही साइकिल की चेन उतर गई थी, जो 2017, 2019 और 2022 में भी नहीं चढ़ सकी। 2024 में भी नहीं चढ़ेगी। कांग्रेस को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141406/today-when-india-speaks-on-the-international-stage-the-world"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240518-wa0216.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्तीलोकसभा चुनाव के चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है. तीन चरणों के मतदान अभी बाकी हैं। राजनेता अपने उम्मीदवारों के लिए जोर-शोर से प्रचार में लगे हुए हैं और पूरे देश में रैलियां, चुनावी सभाएं और रोड शो कर रहे हैं। इसी कड़ी में बस्ती के हर्रैया में केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भाजपा प्रत्याशी हरीश द्विवेदी के समर्थन में विशाल जनसभा को सम्बोधित किया।</div>
<div> </div>
<div>केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा की 2014 में ही साइकिल की चेन उतर गई थी, जो 2017, 2019 और 2022 में भी नहीं चढ़ सकी। 2024 में भी नहीं चढ़ेगी। कांग्रेस को लोगों ने अब लुप्त पार्टी मान लिया है। जिस तरह से विश्व में डायनासोर समाप्त हो गए, ठीक उसी तरह कांग्रेस भी अब समाप्त हो रही है। उक्त बातें केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कम्पोजिट विद्यालय के मैदान में भाजपा प्रत्याशी हरीश द्विवेदी के समर्थन में आयोजित जनसभा में कहीं।</div>
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<div>उन्होंने कहा कि हम सरकार बनाने के लिए काम नहीं करते, हम देश बनाने के लिए काम करते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार हो या नरेंद्र मोदी की, सरकार ने देश के लिए बहुत कुछ किया। भारत के प्रति दुनिया में 2014 के पहले कंगाल भारत, गरीब भारत, कमजोर भारत के रूप में पहचान थी। आज अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है।</div>
<div> </div>
<div>कहा कि 2004 से पहले वाजपेयी की सरकार थी तो भारत की अर्थव्यवस्था देश में 11वें पायदान पर थी। 2004 से 2014 तक कांग्रेस की यूपीए सरकार रही। इन 10 वर्षों में भी भारत की अर्थव्यवस्था परिवर्तित नहीं हुई। 2014 से 2024 तक की 10 वर्षों की मोदी सरकार ने 56 इंच का सीना चौड़ा कर भारत की अर्थव्यवस्था को पांचवें पायदान पर लाने में सफलता अर्जित की।</div>
<div> </div>
<div>2027 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में लंबे समय से मतदान करके आम नागरिक जागरूक हो चुका है। चार चरणों का चुनाव समाप्त होने के बाद भारत ही नहीं दुनिया के लोग मानने लगे हैं कि मोदी सरकार 400 पार करने जा रही है। राजनीति में मैंने कभी भी आंखों में धूल झोंकने का काम नहीं किया है। केंद्रीय रक्षामंत्री ने कहा कि हमने अनुच्छेद 370 खत्म करने का वादा किया था, पूर्ण किया।</div>
<div> </div>
<div>हम राम मंदिर बनाने की बात करते थे तो सपा और कांग्रेस कहती थी यह लोग सिर्फ राम मंदिर बनाने की बात करते हैं, लेकिन तारीख नहीं बताते हैं। हमने तारीख भी बताई और आज भव्य भगवान राम का मंदिर का निर्माण भी हो चुका है। कहा कि अब राम राज्य भी आएगा। जिस दिन लोगों में दायित्व बोध, कर्तव्य बोध आएगा उसी दिन राम राज्य की स्थापना हो जाएगी। हमने कहा था कि तीन तलाक खत्म करेंगे। हमारे लिए सभी धर्म एक समान हैं।</div>
<div> </div>
<div>अगर किसी धर्म की महिलाओं पर अत्याचार होगा तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।</div>
<div>सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा मैंने बस्ती के विकास को गति देने में कोई कसर नही छोड़ा है। लगातार बस्ती के विकास के लिए लगा रहता हूँ। आने वाले 25 मई को सभी लोग मतदान अवश्य करे।</div>
<div>जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र ने कहा कि राष्ट्र का कल्याण और गरीब का कल्याण, आज राजनीतिक माहौल में मुख्य कसौटी का केंद्र बना है। विपक्षी गठबंधन की सरकार में, आतंकी याकूब मेमन की कब्र संवारी जाती है और राम मंदिर के निमंत्रण को ठुकरा दिया जाता है।</div>
<div> </div>
<div>इस मौके पर जिला प्रभारी समीर सिंह, विधायक अजय सिंह, पूर्व मन्त्री राजकिशोर सिंह, संजय चौधरी, केडी चौधरी, सेतभान राय, दयाराम चौधरी, रवि सोनकर, अनिल सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, ममता पाण्डेय, पवन कसौधन, यशकांत सिंह, सुशील सिंह, विजय सेन सिंह, राजेश पाल चौधरी, कुंवर आनन्द सिंह, भानु प्रकाश मिश्र, राम चरन चौधरी, योगेन्द्र सिंह, श्रीश पाण्डेय, केके सिंह, चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा, शिव चरन जयसवाल, समीर चौहान, सुनील त्रिपाठी, जवाहर जयसवाल, देवेन्द्र सिंह, आत्मा पाठक, राम श्रृंगार ओझा, बलराम सिंह, अनिल पाण्डेय, राजेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 May 2024 16:32:38 +0530</pubDate>
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