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                <title>हंडिया में ट्रक की टक्कर से शिक्षामित्र की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात दैनिक अखबार संवाददाता </strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> हंडिया थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक शिक्षामित्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया तथा दुर्घटना में शामिल ट्रक और उसके चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, वाराणसी जनपद के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनीपुर गांव निवासी रीता देवी (42) अपने पति अरविंद पटेल के साथ शनिवार सुबह बाइक से प्रयागराज स्थित</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183174/shikshamitra-dies-due-to-truck-collision-in-handia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260711-wa0089.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात दैनिक अखबार संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> हंडिया थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक शिक्षामित्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया तथा दुर्घटना में शामिल ट्रक और उसके चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, वाराणसी जनपद के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनीपुर गांव निवासी रीता देवी (42) अपने पति अरविंद पटेल के साथ शनिवार सुबह बाइक से प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय जा रही थीं। जैसे ही उनकी बाइक हंडिया थाना क्षेत्र के बगहां गांव के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंची, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टक्कर इतनी भीषण थी कि रीता देवी सड़क पर गिर गईं और गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके पति अरविंद पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही हंडिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल अरविंद पटेल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ट्रक और उसके चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 20:14:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महायज्ञ के प्रथम दिन निकाली गई भव्य कलश यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>पौधनरामपुर, कादीपुर </strong>सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर तहसील के अंतर्गत पौधनरामपुर में पूज्य संत बाबा दयारामदास जी महाराज के सानिध्य में रूद्र महायज्ञ व शिवपुराण कथा के शुभारंभ पर गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान सिर पर कलश धारण कर महिलाएं मंगलगीत गाते चलतीं रहीं। शोभायात्रा में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।</div>
<div>  </div>
<div>  कलश यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथास्थल पर विराम हुयी । कलश यात्रा में सबसे आगे पूज्य संत बाबा दयारामदास जी महाराज तथा उनके पीछे अश्व नृत्य करते हुए गांव वासी ढोल नगाड़ों के साथ चलते रहे। इसके बाद पीले वस्त्र</div>
<div> </div>
<div>इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141273/grand-kalash-yatra-taken-out-on-the-first-day-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img_20240513_172003.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>पौधनरामपुर, कादीपुर </strong>सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर तहसील के अंतर्गत पौधनरामपुर में पूज्य संत बाबा दयारामदास जी महाराज के सानिध्य में रूद्र महायज्ञ व शिवपुराण कथा के शुभारंभ पर गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान सिर पर कलश धारण कर महिलाएं मंगलगीत गाते चलतीं रहीं। शोभायात्रा में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।</div>
<div> </div>
<div> कलश यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथास्थल पर विराम हुयी । कलश यात्रा में सबसे आगे पूज्य संत बाबा दयारामदास जी महाराज तथा उनके पीछे अश्व नृत्य करते हुए गांव वासी ढोल नगाड़ों के साथ चलते रहे। इसके बाद पीले वस्त्र धारण कर महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं। महापुराण में मुख्य यजमान शिवशंकर सिंह व श्रीमती नौरंगी देवी शामिल रहीं।</div>
<div> </div>
<div>इस महायज्ञ में अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक पं चन्द्रदेव  महाराज भक्तों को कथा का रसपान कराएंगे। कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभा रहे अजीत सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम दिनांक 13 म ई से 19 म ई तक प्रतिदिन शाम सात बजे से 10 बजे तक चलेगा।20 म ई को हवन पूजन एवं 21 म ई को भव्य भण्डारे का आयोजन किया गया है। भव्य कलशयात्रा मे आशा सिह ममता सिह सुनीता सिंह  डा अंजली सिंह खुशी सिंह अंशिका सिह इन्द्र कला सिंह बबिता सिंह प्रिया सिह प्रिया आचल मनीशा सहित गांव की हजारों मातायें बहनें एवं भाई बंधु शामिल रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 15:53:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हमारे भगवान के स्वरूप सड़कों पर नचाने के लिए नहीं हैं! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>  इन दिनों भगवान के स्वरूपों को पंडालों शोभायात्रा संकीर्तन यात्रा में सड़कों पर नचाने का नया रिवाज चल निकला है क्या यही है हमारे अपने मान बिंदुओं के प्रति आस्था के प्रदर्शन का तरीका? यह क्या हो रहा है हमारे हिन्दू समाज को खासकर सनातन धर्म में जितनी मनमानी लोग कर रहे हैं शायद ही किसी अन्य धर्म के श्रद्धालु इस तरह की मनमानी भरी क्रियाकलाप करते हैं। </div>
<div>  </div>
<div>आपको बता दें कि करीब छह सौ  साल पहले 1486 में जन्मे चैतन्य महाराज ने भक्ति का नृत्य से समन्वय कर हिन्दू सनातन समाज को श्रद्धा भक्ति और आस्था के मार्ग पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141271/the-images-of-our-god-are-not-meant-to-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/186.jpg" alt=""></a><br /><div> इन दिनों भगवान के स्वरूपों को पंडालों शोभायात्रा संकीर्तन यात्रा में सड़कों पर नचाने का नया रिवाज चल निकला है क्या यही है हमारे अपने मान बिंदुओं के प्रति आस्था के प्रदर्शन का तरीका? यह क्या हो रहा है हमारे हिन्दू समाज को खासकर सनातन धर्म में जितनी मनमानी लोग कर रहे हैं शायद ही किसी अन्य धर्म के श्रद्धालु इस तरह की मनमानी भरी क्रियाकलाप करते हैं। </div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि करीब छह सौ  साल पहले 1486 में जन्मे चैतन्य महाराज ने भक्ति का नृत्य से समन्वय कर हिन्दू सनातन समाज को श्रद्धा भक्ति और आस्था के मार्ग पर प्रशस्त किया था। भाव विभोर भक्तों का सुध बुध खो कर हरे कृष्णा का संकीर्तन करते हुए गांव गांव भक्ति की रसधारा का प्रवाह किया। </div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि हमारे यहां भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र पर आधारित घटनाओं का रासलीला में चित्रण करने की परम्परा भी कई सौ साल पहले  1776 में शुरू हुई। शुरुआत में बृज क्षैत्र के मंदिरों धर्म शालाओं व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भगवान के रूप और गुण का गुण गाने करने के लिए रासलीला का सिलसिला शुरू हुआ। क्योंकि हजारों वर्ष से मथुरा वृंदावन बरसानाबृज क्षेत्र में भगवान के धाम व लीला स्थलो को देखने के लिए श्रद्धालु देश भर से आते थे</div>
<div> </div>
<div>उन श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति और आस्था की रसधार प्रवाहित करने के लिए मथुरा वृंदावन के गुसाईं  ब्राह्मण परिवार भगवान के स्वरूप बना कर रासलीला दर्शाते थे कालांतर में यह रासलीला बृज क्षेत्र की सीमाओं से बाहर निकल कर देश भर में आयोजित की जाने लगी। रासलीला के दौरान भगवान कृष्ण राधा के पात्रों को झांकी पावन चरित्रों को आमजन तक पहुंचाने के लिए दर्शायी जाती थी मथुरा वृंदावन बरसाने के छल कपट से दूर सात्विक भोजन व मर्यादित आचरण करने वाले ब्राह्मण परिवार के सदस्य बच्चों समेत देश भर में घूम घूम कर रासलीला का मंचन करते।</div>
<div> </div>
<div>यही इन सैकड़ों हजारों परिवार की रोजी-रोटी जरिया था। फिर एक और दौर आया करीब ढाई सौ साल पहले 1860 में रामलीलाओं का आयोजन करने का सिलसिला शुरू किया गया।इस की शुरुआत चित्रकूट वाराणसी लखनऊ से हुई। तुलसी लिखित रामचरित मानस पर आधारित ऐतिहासिक पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप रामलीला का चित्रण किया जाता था इस का उद्देश्य भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के पावन चरित्र के उदात्त प्रसंगों का चित्रण कर आम जनमानस को श्री राम के चरित्र से प्रेरणा लेने के लिए आकर्षित करने का था धीरे-धीरे यह रामलीला आयोजन भारी विस्तार ले गए और श्री राम लीला उत्तर भारत के हर गांव कस्बे शहर में आयोजित की जाने लगी और धीरे-धीरे यह रामलीला आयोजन मेला बन गए।</div>
<div> </div>
<div>इसी दौरान करीब 50-60 साल पहले रामलीला के दौरान दर्शकों को मनोरंजन  के लिए धनुष यज्ञ और राम  बारात आदि में नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाने लगे इसके बाद तमाम गांव कस्बों की छोटी-बड़ी ज्यादातर रामलीलाओं में इस तरह का सिलसिला चल निकल की रामलीलाओं के मंचों पर नृत्य डांस के प्रोग्राम होने लगे इनमें कुछ स्थानों पर  फूहड़ डांस भी किए जाने लगे। शुरू में पुरूष कलाकार ही महिला स्वरूप बना कर नृत्य पेश करते लेकिन धीरे-धीरे महिला कलाकारों को नृत्य के लिए बुलाया जाने लगा।अब स्थिति इस हद तक पहुंच गई है कि इन मेलों में बार बालाएं भी स्टेज पर डांस के लिए बुलाया जाने लगा। </div>
<div> </div>
<div>वही रासलीला में भगवान कृष्ण और राधा सुदामा सरीखे पात्रों को नृत्य करते दिखाए जाने लगा उधर बीते चार पांच दशक में माता के जागरण का आयोजन किया जाने लगा। शहर कस्बों में अनेक जागरण मंडलियों आरकेस्ट्रा ग्रुपों द्वारा फिल्मी गीतों की तर्ज पर माता के गुणगान का सिलसिला शुरू किया गया जो धीरे-धीरे भगवान के स्वरूप की झांकी और फिर स्वरूपों के नृत्य प्रस्तुतियों में तब्दील हो चला है इसी के साथ बीते दो दशक में माता के जागरण की तर्ज पर ही खाटू श्याम संकीर्तन भी बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाने लगे हैं इन आयोजनों के साथ ही माता की चौकी बालाजी संकीर्तन के आयोजन निजी व संस्थाओं के माध्यम से बड़ी तादाद में हर शहर कस्बे में किए जाने लगे हैं।</div>
<div> </div>
<div>इस में कुछ भी बुरा नहीं है लेकिन चैतन्य महाप्रभु की भाव विभोर नृत्य वाली भक्ति अब सिर्फ मनोरंजन और दिखावे वाले मनमाने नृत्य में बदल गई है यह सिलसिला तमाम रथ यात्राओं और दूसरे धार्मिक आयोजनों में चल निकला है सड़कों पर नाचते गाते लोग भगवान के स्वरूप को नचाने लगे हैं भक्त नाचे तो यह चलेगा लेकिन सड़कों पर गरिमा का बिना ध्यान किए भगवान के स्वरूप को नचाने का सिलसिला यकीनन शर्मसार करने वाला है यानि हम नाच रहे हैं तो आप भी नाचिए। तमाम शोभा यात्रा में इस तरह के भगवान के स्वरूप को नृत्य करते हुए प्रदर्शन किया जाने का सिलसिला शुरू हो गया पिछले 30-40 साल में कावड़ यात्रा एक बड़ा आयोजन बन गई इसमें भी गौरा और शिव के स्वरूप को नचाने का सिलसिला चल निकला।</div>
<div> </div>
<div>कावड़ यात्रा के दौरान तमाम तरह की भोजपुरी व हरियाणवी लोक संगीत में गीतों की कैसेट सीडी आने लगी जिन पर भगवान शिव और गौरा के स्वरूप को केंद्र में रखकर बेहद आपत्तिजनक बोल तैयार किए गए और देखते ही देखते इन पर गौरा शिव का स्वरूप धारण कर कलाकार सड़कों पर मटकते लगे यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं था काली  और महाकाल भी सड़कों पर खिलाए जाने लगे हद तो तब हो गई जब गाना तैयार किया गया छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना हनुमान जो भगवान रूद्र के ग्यारहवें अवतार हैं नवरूद्रो में से एक हैं। </div>
<div> </div>
<div>मान्यता है कि हनुमान  अमर अजर अविनाशी हैं जिन्हें अष्ठ सिद्धी और नव निधि का वरदान माता सीता से मिला है और हमारे आस्था के सबसे जीवंत पावन पवित्र स्वरूप है उनके स्वरूप को भी घुंघरू बांध कर भक्त लोग जागरण रथ यात्राओं शोभायात्राओं में सड़क पर नचाने लगे हैं यह श्रद्धा भक्ति और आस्था का कैसा प्रकटीकरण है? हम अपने मनोरंजन के लिए भगवान के पावन स्वरूपों को मल मूत्र से सनी सड़कों पर अमर्यादित गानों के भोंडे बोल पर शोभायात्रा में नचाकर आनंदित हो रहे हैं आप को बता दें कि पूर्व में रासलीला और रामलीला में जो कलाकार अभिनय करते थे वह इन आयोजनों के दौरान शुद्ध सात्विक भोजन तमाम तरह के व्यसन का त्याग और भूमि पर शय्या लगा कर सोते थे इन स्वरूप में भारतीय आम जन मानस साक्षात भगवान के दर्शन महसूस करता था।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन कहाँ से चल कर अब कहाँ आ पहुंचे हैं हम। हम जिन अपने आदर्श भगवान के चरित्रों को शराब व गुटका खाए कलाकारों को सड़कों व पंडालों में नचाकर इसे सनातन धर्म का हिस्सा मानकर गर्व और गौरव महसूस कर रहे हैं क्या हमारे पतित पावन मान बिंदु चरित्र मनोरंजन के लिए है? भगवान के पावन स्वरूप का इस तरह का अमर्यादित गलत इस्तेमाल करने को कैसे उचित कहा जा सकता है? ऐसे लोगों की बुद्धि पर शरम का अनुभव किया जाए हम सनातन धर्म के अनुयायियों  को कहीं ना कहीं कोई ना कोई आचार संहिता तैयार करनी होगी ताकि हमारे मान बिंदुओं का इस तरह का मनोरंजन के माध्यम बनाने का खेल तत्काल रुकना चाहिए।हम शाश्वत और चिरंतन हैं हम हिन्दू सत्य सनातन हैं। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 15:48:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बस्ती लोक सभा चुनाव में 109 बुजुर्ग व दिव्यांगो ने किया मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में 85 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने विशेष व्यवस्था की है। इस अभियान के पहले दिन पुलिस की सुरक्षा में चिह्नित किए गए 392 में से 109 लोगों ने अपने घर पर मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें 45 लोग 85 प्लस और 64 दिव्यांग शामिल हैं। एडीइओ सुभाष सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर अशक्त मतदाताओं की सहूलियत के लिए घर पर ही पोस्टल बैलेट से मतदान कराया जा रहा है। मतदान की यह अभियान रविवार 12 से 14 मई तक इसे पूरा करा लिया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141268/109-elderly-and-disabled-people-voted-in-basti-lok-sabha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240513-wa0216-(1).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में 85 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने विशेष व्यवस्था की है। इस अभियान के पहले दिन पुलिस की सुरक्षा में चिह्नित किए गए 392 में से 109 लोगों ने अपने घर पर मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें 45 लोग 85 प्लस और 64 दिव्यांग शामिल हैं। एडीइओ सुभाष सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर अशक्त मतदाताओं की सहूलियत के लिए घर पर ही पोस्टल बैलेट से मतदान कराया जा रहा है। मतदान की यह अभियान रविवार 12 से 14 मई तक इसे पूरा करा लिया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसके लिए 16 टीमें गठित की हैं। पोलिंग पार्टियों ने हर्रैया विधानसभा के मधुकरपुर, भटहा जंगल, श्रृंगीनारी सहित अन्य गांवों में मतदान कराया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 182 दिव्यांगों और 210 बुजुर्गों ने घर पर मतदान कराने की सहमति जताते हुए फार्म भरा था। ऐसे सभी मतदाताओँ के लिए पोस्टल बैलट से मतदान कराने की व्यवस्था की गई है। रविवार सुबह सभी पांच विधानसभाओं के लिए 16 टीमें पोस्टल बैलेट से मतदान कराने के लिए रवाना हुई थी। 109 लोगों का पोलिंग करा कर शाम को पोलिंग पार्टी वापस लौटी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 15:40:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफाई कर्मी चुनाव ड्यूटी में और गंदगी के ढेर में तब्दील हो रहे हैं सरोजनी नगर के गांव</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लखनऊ। </strong>सरोजनीनगर विकास खंड में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगने से गांवों में अब गंदगी का अम्बार लगने लगा है एक माह से भी ज्यादा समय से सफाई ना होने से नालिंया बजबजा रही है। रामदासपुर गाँव इसकी नजीर है लेकिन इस चीज से न खंड विकास अधिकारी को लेना देना है न ही सहायक विकास अधिकारी पंचायत को। रामदासपुर गाँव में लगभग एक माह से सफाई कर्मी नदारद है पूछने पर पता चला कि उनकी ड्यूटी चुनाव में लगी है।</div>
<div>  </div>
<div>गाँव में गंदगी के कारण मच्छर पल रहे हैं लेकिन सरोजनीनगर विकास खंड के अधिकारी कुम्भकर्णी से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141204/cleaning-workers-are-on-election-duty-and-the-villages-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240512-wa0342.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लखनऊ। </strong>सरोजनीनगर विकास खंड में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगने से गांवों में अब गंदगी का अम्बार लगने लगा है एक माह से भी ज्यादा समय से सफाई ना होने से नालिंया बजबजा रही है। रामदासपुर गाँव इसकी नजीर है लेकिन इस चीज से न खंड विकास अधिकारी को लेना देना है न ही सहायक विकास अधिकारी पंचायत को। रामदासपुर गाँव में लगभग एक माह से सफाई कर्मी नदारद है पूछने पर पता चला कि उनकी ड्यूटी चुनाव में लगी है।</div>
<div> </div>
<div>गाँव में गंदगी के कारण मच्छर पल रहे हैं लेकिन सरोजनीनगर विकास खंड के अधिकारी कुम्भकर्णी से अभी जाग नहीं रहे हैं। सरोजनीनगर विकास खंड में ऐसे तमाम गाँव है जहाँ सफाई कर्मचारी नदारद है जबकि चुनाव 20 मई को होना है लेकिन सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी अभी से लगा दी गई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141204/cleaning-workers-are-on-election-duty-and-the-villages-of</link>
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                <pubDate>Mon, 13 May 2024 16:19:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>(सामाजिक-चिंतन) नारियां अब पुरुषों की परछाई नहीं पारिवार व समाज का आधार स्तंभl</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज स्त्री के संदर्भ में सारी पुरातन अवधारणाओं को बदलने का समय आ गया है । नारी अब घर में पूज्या तो है ही साथ ही वह समाज में अपनी अहमियत की दस्तक देकर देश की सीमा सुरक्षा में भी अपना योगदान दे रही है। राष्ट्र निर्माण में नारी की शिक्षा एवं उनकी सहभागिता भारत का शक्तिशाली भविष्य है l</p>
<p>अतः नारी की शिक्षा देश के लिए अति महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई हैl वह समय चला गया जब किसी घर में कन्या के पैदा होने से पूरे परिवार में मातम छा जाता था अब भारत में धीरे-धीरे सामाजिक परिवेश में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141171/social-thinking-women-are-no-longer-the-shadow-of-men"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/hindi-divas31.jpg" alt=""></a><br /><p>आज स्त्री के संदर्भ में सारी पुरातन अवधारणाओं को बदलने का समय आ गया है । नारी अब घर में पूज्या तो है ही साथ ही वह समाज में अपनी अहमियत की दस्तक देकर देश की सीमा सुरक्षा में भी अपना योगदान दे रही है। राष्ट्र निर्माण में नारी की शिक्षा एवं उनकी सहभागिता भारत का शक्तिशाली भविष्य है l</p>
<p>अतः नारी की शिक्षा देश के लिए अति महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई हैl वह समय चला गया जब किसी घर में कन्या के पैदा होने से पूरे परिवार में मातम छा जाता था अब भारत में धीरे-धीरे सामाजिक परिवेश में लिंग भेद बदलने लगा है स्थिति यह है कि शिक्षित परिवार केवल एक संतान ही पैदा करना चाहती है चाहे वह कन्या हो या बेटा।</p>
<p>अब परिवार में कन्या पैदा होने से खुशियां मनाई जाती है और पुरातन सोच अब धीरे-धीरे सामाजिक परिवेश को मस्तिष्क के मूल्यांकन के साथ बदलते जा रही है। पुरुष प्रधान समाज में नारी को पूज्या कह कर बहला दिया जाता था और उसे घर की चहारदीवारी में सीमित कर दिया गया था। यही कारण था कि वे पुरुषों की बराबरी मैं ना आकर बहुत पिछड़ गई और देश की समग्र विकास की स्थिति एकांगी हो गई थी। समाज यह भूल गया था कि जिन हाथों में कोमल चूड़ियां पहनी जाती हैं वही हाथ तलवार भी उठा कर युद्ध में एक वीरांगना की भूमिका निभाती है, इसकी सर्वश्रेष्ठ उदाहरण रजिया बेगम और रानी लक्ष्मीबाई रही हैं।</p>
<p>मनुस्मृति पर यदि आप नजर डालेंगे तो पाएंगे कि उसमें स्पष्ट कहा गया है कि जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवताओं का वास होता है। प्राचीन भारत में नारी शिक्षा का काफी प्रचार प्रसार किया गया था इसके कई प्रमाण भी हैं कि वेद की रिचाओं का ज्ञान नारियों को था इसमें कुछ महत्वपूर्ण नारियां समाज के लिए एक उदाहरण बन गई थी उनमें मैत्री, गार्गी, अनुसूया, सावित्री, आदि उल्लेखनीय हैं। वैदिक काल के विद्वान मुंडन मिश्र की पत्नी उदय भारती ने प्रकांड पंडित विश्व विजयी आदि शंकराचार्य को भी शास्त्रार्थ में भरी सभा में पराजित किया था ।</p>
<p>इसीलिए वेदों और पुराणों में भी उल्लेखित है की बालिका शिक्षा समाज के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला होता है। नारी के उत्थान में कई कुप्रथा कुठाराघात करती रही हैं, जो नारी के विकास में बाधा बनकर सामने आई थी इनमें बाल विवाह सबसे बड़ा अवरोध बना था और इसी का प्रतिफल है कि नारी पुरुष के समाज में काफी पिछड़ गई थी। महादेवी वर्मा ने नारी शिक्षा को पुरुष शिक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण बताया था उन्होंने कहा था स्त्री को शिक्षित बनाना एक पुरुष को शिक्षित बनाने से ज्यादा आवश्यक और महत्वपूर्ण है यदि एक पुरुष शिक्षित -प्रशिक्षित होता है तो उससे एक ही व्यक्ति को लाभ होता है किंतु यदि स्त्री शिक्षित होती है</p>
<p>तो उससे संपूर्ण परिवार शिक्षित हो जाता है. उन्होंने बहुत महत्वपूर्ण बात कही नारी को अशिक्षित रखना समाज के लिए अपराध के समान है। समय के परिवर्तन के साथ साथ नारी का महत्व अब पूरे तौर पर समझा जा रहा है आज समाज तथा देश में नारियां सर्वोत्कृष्ट कार्य कर रही है। समाज हो या विज्ञान या राजनीति अथवा समाज सेवा संपूर्ण क्षेत्र में आज नारियां पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर सर्वश्रेष्ठ कार्य कर रही है। मैडम क्यूरी, कल्पना चावला, इंदिरा गांधी, श्रीमति भंडार नायके, सरोजनी नायडू, कस्तूरबा गांधी जैसी महिलाएं राष्ट्र का मार्गदर्शन करने का काम करती रही है।</p>
<p>महात्मा गांधी ने स्वयं कहा है कि जब तक भारत की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में काम नहीं करेगी तब तक भारत का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। आज का सबसे ताजा उदाहरण कॉमनवेल्थ गेम में महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में प्रवेश किया है और गोल्ड मेडल की तालिका में साक्षी मलिक बहनो, फोगाट बहनों ने विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया है।</p>
<p>पी वी संधू, वित्त मंत्री सीतारमण स्मृति ईरानी और मंत्रिमंडल में शामिल महिलाएं किसी से पीछे नहीं हैं। और सबसे ताजा उदाहरण भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महिला होकर महिलाओं का नाम राष्ट्र की प्रथम पंक्ति में दर्ज कर देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया है।</p>
<p>उन्होंने भारत के लिए एक स्वर्णिम इतिहास भी बनाया है।अब भारत में नारियों की स्थिति प्रथम पंक्ति में मानी जाती है। ऐसे में भारत में नारी शिक्षा, उनकी सहभागिता तथा उनकी आत्म निर्भरता भारत के भविष्य की शक्तिशाली ऊर्जा एवं संपत्ति ही होगी।<br />भारत की नारियों को नमन, प्रणाम एवं अभिनंदन।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141171/social-thinking-women-are-no-longer-the-shadow-of-men</link>
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                <pubDate>Sun, 12 May 2024 16:34:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माफियाः एमवीडीए की कार्यवाही से अवैध निर्माण टूट रहे, हौंसले नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  <strong>मथुरा।</strong> एमवीडीए की कार्यवाही के बावजूद जनपद में कुकुरमुत्तों की तरह अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। इनकी संख्या सैकड़ों में है। यमुना खादर घिर जाने के बाद माफिया ने अब उन प्रमुख मार्गों पर अपना डेरा डाल दिया है जो प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ रहे हैं। बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, बलदेव, गोकुल आदि स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध कॉलोनियों को विकसित करने की होड मची है।</p>
<p>वहीं एमवीडीए के अधिकारियों का कहना है कि वृंदावन क्षेत्र अंतर्गत सुनरख बांगर, देवी आटस, रामताल रोड पर निर्मित अवैध कॉलोनियों पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही निरंतर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141140/mafia-illegal-construction-is-not-breaking-spirits-due-to-mvda"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/0.0043.jpg" alt=""></a><br /><p> <strong>मथुरा।</strong> एमवीडीए की कार्यवाही के बावजूद जनपद में कुकुरमुत्तों की तरह अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। इनकी संख्या सैकड़ों में है। यमुना खादर घिर जाने के बाद माफिया ने अब उन प्रमुख मार्गों पर अपना डेरा डाल दिया है जो प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ रहे हैं। बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, बलदेव, गोकुल आदि स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध कॉलोनियों को विकसित करने की होड मची है।</p>
<p>वहीं एमवीडीए के अधिकारियों का कहना है कि वृंदावन क्षेत्र अंतर्गत सुनरख बांगर, देवी आटस, रामताल रोड पर निर्मित अवैध कॉलोनियों पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। दूसरे स्थानों पर भी लगातार कार्यवाही हो रही है। नरेश कौशिक द्वारा रामताल रोड पर लगभग 8000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना नक्शा पास कराये अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। कॉलोनी में गेट, सडक, एक कमरा, बाउंड्रीवाल, सीवर लाइन आदि को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया गया।</p>
<p>दशरथ गुप्ता व नीरज अग्रवाल द्वारा सुनरख रोड वृंदावन सुनरख से देवी आटस रोड वृंदावन रोड पर लगभग 8000 वर्ग मीटर भूमि पर गेट एवं रोड बना कर कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था। कॉलोनी का एमवीडीए से नक्शा भी स्वीकृत नहीं कराया गया था। एमवीडीए द्वारा 31 जुलाई को भी इस निर्माण पर कार्यवाही की गई थी। इसके बाद भी कॉलोनाइजर द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा गया।</p>
<p>पुनः गेट का निर्माण कार्य कराये जाने पर प्राधिकरण द्वारा तीन जेसीबी की सहायता से गेट को ध्वस्त किये जाने की कार्यवाही की गई। ध्वस्तीकरण अभियान में पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। प्राधिकरण से प्रवर्तन दल के सहायक अभियंता सुनील अग्रवाल, अवर अभियंता अनिल सिंघल, सुनील कुमार राजौरिया एवं प्रवर्तन स्टॉफ आदि मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 May 2024 16:54:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आम चुनाव बहिष्कार करेगी कोनिया,पुल नहीं तो वोट नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सीतामढ़ी। </strong>भदोही के कोइरौना थाना अन्तर्गत कोनिया के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा कर दिया है। शुक्रवार दिन में 11 बजे सैकड़ों की संख्या में लोग डेंगुरपुर धनतुलसी गंगा घाट पहुंचें और पुल निर्माण को लेकर प्रदर्शन किया, नारेबाजी करते हुए लोगों ने कहा "कोनिया मांगे पक्का पुल पुल नहीं तो वोट नहीं"।</div>
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<div>कोनिया क्षेत्र में पुल नहीं होने से ग्रामीण एमपी बिहार काशी प्रयाग मिर्जापुर जाने के लिए 125 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तय कर रहें हैं यही वजह है कि 25 मई को होने वाले मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा ग्रामीणों ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141113/koniapul-will-boycott-general-elections-otherwise-no-vote"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/hindi-divas23.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सीतामढ़ी। </strong>भदोही के कोइरौना थाना अन्तर्गत कोनिया के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा कर दिया है। शुक्रवार दिन में 11 बजे सैकड़ों की संख्या में लोग डेंगुरपुर धनतुलसी गंगा घाट पहुंचें और पुल निर्माण को लेकर प्रदर्शन किया, नारेबाजी करते हुए लोगों ने कहा "कोनिया मांगे पक्का पुल पुल नहीं तो वोट नहीं"।</div>
<div> </div>
<div>कोनिया क्षेत्र में पुल नहीं होने से ग्रामीण एमपी बिहार काशी प्रयाग मिर्जापुर जाने के लिए 125 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तय कर रहें हैं यही वजह है कि 25 मई को होने वाले मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा ग्रामीणों ने कर दिया है।पिछ्ले दिनों जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम विशाल सिंह ने नायब तहसीलदार कानूनगो लेखपाल की संयुक्त टीम भेजकर जनता की मांग को शासन तक पहुंचाने और मतदान में हिस्सा लेने के लिए आग्रह किया था जिसपर ग्रामीण 7 दिनों के भीतर ठोस कार्यवाही पर वोट देने को तैयार हुऐ थे लेकिन तय समय बीतने पर कुछ भी सामने न आने से कोनिया क्षेत्र के लोग मतदान बहिष्कार पर अडिग हैं। आज़ादी से आज तक हर सरकार के साथ रह चुके कोनिया क्षेत्र के लोग अब झूठे दिलासो पर रूठे नजर आ रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>नक्शे पर देखा जाय तो कोनिया क्षेत्र को एक टापू जैसा है जो तीन ओर से गंगा की धारा से घिरा हुआ है,बाढ़ के दिनों में यह क्षेत्र डूब जाता है 1978 के बाढ़ में पुरा कोनिया गंगा के मुख्य धारा में था कटरा के आगे के सभी गांव पूर्ण रूप से गंगा के भीतर समाहित थे। भदोही जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित विकास की दृष्टि से अति पिछड़े क्षेत्र के रुप में कोनिया जाना जाता है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव में वोट नही देने का मन बना लिया है। इस क्षेत्र में कई दशक गुजर गए बावजूद इसके 50 से अधिक गांवों के 2 लाख़ से भी अधिक लोगों को आज तक मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाई है । यही वजह है कि ग्रामीणों ने 25 मई को होने वाले मतदान का बहिष्कार कर दिया हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 19:59:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिलीप  संघाणी इफको के पुनः चेयरमैन निर्वाचित। बलवीर सिंह वाइस चेयर मैन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>दयाशंकर त्रिपाठी ।</strong></div>
<div>  </div>
<div>किसानो की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको बोर्ड का चुनाव आज संपन्न हो गया । जिसमें दिलीप सघानी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पुनर्निर्वाचित घोषित किए गए । तथा उपाध्यक्ष पद पर वल वीर सिंह  दोबारा निर्वाचित हुए। यह दोनों पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित किए गए ।इसके अलावा 21 बोर्ड आफ डायरेक्टर भी निर्वाचित हुए जिसमें चार लोगों को छोड़कर सभी पुराने बोर्ड में भी डायरेक्टर पद पर आसीन थे।</div>
<div>  </div>
<div>  <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/20240510_155945.jpg" alt="20240510_155945" />इफको जैसी महत्वपूर्ण संस्था का चुनाव पारदर्शी और निर्विवाद रूप से संपन्न होने पर संस्था की निष्पक्षकार्य शैली को प्रमाणित करता है और संस्था की एकजुटता को भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141107/dilip-sanghani-re-elected-chairman-of-iffco"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/20240510_150227.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>दयाशंकर त्रिपाठी ।</strong></div>
<div> </div>
<div>किसानो की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको बोर्ड का चुनाव आज संपन्न हो गया । जिसमें दिलीप सघानी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पुनर्निर्वाचित घोषित किए गए । तथा उपाध्यक्ष पद पर वल वीर सिंह  दोबारा निर्वाचित हुए। यह दोनों पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित किए गए ।इसके अलावा 21 बोर्ड आफ डायरेक्टर भी निर्वाचित हुए जिसमें चार लोगों को छोड़कर सभी पुराने बोर्ड में भी डायरेक्टर पद पर आसीन थे।</div>
<div> </div>
<div> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/20240510_155945.jpg" alt="20240510_155945"></img>इफको जैसी महत्वपूर्ण संस्था का चुनाव पारदर्शी और निर्विवाद रूप से संपन्न होने पर संस्था की निष्पक्षकार्य शैली को प्रमाणित करता है और संस्था की एकजुटता को भी प्रदर्शित करता है।</div>
<div> </div>
<div> इस सहकारी संस्था के चुनाव की प्रक्रिया कई महीनो से चल रही थी। पहले इसके सदस्यों का डेली गेट का चुनाव हुआ और उसके बाद  बोर्ड के डायरेक्टर्स चुने गए और आज बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव संपन्न हो गया ।और बोर्ड का विधिवत गठन कर दिया गया ।संस्था के प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी ने  बोर्ड के अध्यक्ष चुने जाने पर दिलीप संधानी तथा उपाध्यक्ष बलबीर सिंह को बधाई देते हुए कहा है उनके नेतृत्व में इफको निरंतर आगे प्रगति करती रहेगी और सहकार से समृद्ध तक के लक्ष्य को प्राप्त करेगी।</div>
<div> </div>
<div>इफको के निर्वाचित अध्यक्ष दिलीप संधानी गुजरात से चुनकर आते हैं। और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा सहकारिता मंत्री अमित शाह  के बहुत ही विश्वसनीय नेताओं में उनकी गणना होती है उनके नेतृत्व में पिछले 3 वर्षों में नए आविष्कार का काफी सफल प्रयास किया गया। नैनो तरल और नैनो डीएपी तरल के साथ ड्रोन दीदी पायलट योजना के द्वारा प्रशिक्षण देकर किसानों के फसल पर नैनो के छिड़काव का रास्ता सुगम करने की योजना चलाई गई।</div>
<div>प्रगतिशील विचार वाले गुजरात सहकारिता के क्षेत्र के  संधानी पुरोधा माने जाते हैं।इफको से  काफी समय से जुड़े रहे हैं और निर्देशक के पद पर निर्वाचित होकर आते रहे। </div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/20240510_153443.jpg" alt="20240510_153443"></img></div>
<div>नए बोर्ड के गठन पर अधिकारी संघ कर्मचारी संघ के नेताओं तथा इफको परिवार के सभी सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुएअध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बधाई दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 19:42:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> एक्सप्रेस ट्रेन से उतारे गए 93 बच्चे, मानव तस्करी की सूचना से खलबली!</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>प्रयागराज। </strong>प्रयागराज जंक्शन पर एक बार फिर से मानव तस्करी के मामले ने खलबली मचा दी है। सीमांचल एक्सप्रेस से राजस्थान और उत्तराखंड ले जाए जा रहे थे 93 बच्चों को प्रयागराज जंक्शन पर उतारा गया है। इन बच्चों की तस्करी की सूचना कंट्रोल रूम को भेजी गई थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।</div>
<div>  </div>
<div>एजेंटो के छह ग्रुप के साथ यह बच्चे ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। इनकी उम्र 10 साल से लेकर 13 साल के आस पास है। छह एजेंटों को भी आरपीएफ ने पकड़ लिया है। बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। बाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141096/93-children-taken-off-express-train-panic-over-information-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240509-wa0171.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रयागराज। </strong>प्रयागराज जंक्शन पर एक बार फिर से मानव तस्करी के मामले ने खलबली मचा दी है। सीमांचल एक्सप्रेस से राजस्थान और उत्तराखंड ले जाए जा रहे थे 93 बच्चों को प्रयागराज जंक्शन पर उतारा गया है। इन बच्चों की तस्करी की सूचना कंट्रोल रूम को भेजी गई थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।</div>
<div> </div>
<div>एजेंटो के छह ग्रुप के साथ यह बच्चे ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। इनकी उम्र 10 साल से लेकर 13 साल के आस पास है। छह एजेंटों को भी आरपीएफ ने पकड़ लिया है। बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। बाल कल्याण समिति मामले में पूछताछ कर रही है और बच्चों की काउंसलिंग चल रही है।</div>
<div> </div>
<div>आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी विजय प्रकाश पंडित ने बताया कि हम लिखा पढ़ी कर रहे हैं। मामले में पूछताछ भी जारी है। एजेंटों का कहना है कि वह मदरसे में पढ़ाई के लिए बच्चों को ले जा रहा थे।</div>
<div> </div>
<div>वहीं, बाल कल्याण समिति अब मामले की तह तक जाने के लिए काउंसलिंग कर रही है। पूछताछ में पता चला है कि बच्चों को जबरन भेजा रहा था। इसी तरह प्रयागराज जंक्शन पर वर्ष 2022, 2023 में भी दर्जनों की संख्या में बच्चों को ट्रेन से उतारा गया था। सभी बच्चे बिहार के सहरसा, खगड़िया, पूर्णिया आदि के रहने वाले हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 17:04:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उपभोक्ता हितों एवं जागरूकता के लिए मेरा निरंतर प्रयास रहेगा जारी- श्रीकृष्णा गौतम  </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>टूण्डला-</strong> देश में उपभोक्ता संरक्षण की प्रतिनिधि आवाज बनी राष्ट्रीय उपभोक्ता परिषद संघ कंज्यूमर कॉन्फ़ेडरेशन आफ इंडिया सीसीआई का 24 वा स्थापना दिवस का आयोजन एवं एवं उपभोक्ता कल्याण परिषद समिति उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थापना दिवस संयुक्त रूप से आगरा के होटल आगमन में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सीसीआई के संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर अनंत शर्मा जयपुर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सदस्य,भारतीय खाद्य निगम उ0 प्र0  एवं सदस्य रेल सलाहकार समिति श्रीकृष्ण गौतम ने भाग लिया ।</div>
<div>  </div>
<div>कार्यक्रम में बोलते हुए श्रीकृष्ण गौतम ने स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों संगठन के पधारे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141093/my-continuous-efforts-for-consumer-interests-and-awareness-will-continue"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/27.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>टूण्डला-</strong> देश में उपभोक्ता संरक्षण की प्रतिनिधि आवाज बनी राष्ट्रीय उपभोक्ता परिषद संघ कंज्यूमर कॉन्फ़ेडरेशन आफ इंडिया सीसीआई का 24 वा स्थापना दिवस का आयोजन एवं एवं उपभोक्ता कल्याण परिषद समिति उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थापना दिवस संयुक्त रूप से आगरा के होटल आगमन में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सीसीआई के संस्थापक अध्यक्ष डॉक्टर अनंत शर्मा जयपुर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सदस्य,भारतीय खाद्य निगम उ0 प्र0  एवं सदस्य रेल सलाहकार समिति श्रीकृष्ण गौतम ने भाग लिया ।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में बोलते हुए श्रीकृष्ण गौतम ने स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों संगठन के पधारे पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी एवं कहा कि मेरे द्वारा रेलवे एवं अन्य क्षेत्र के उपभोक्ताओं के हितों एवं जागरूकता के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है और जो भी विषय मेरे संज्ञान में लाए जाते हैं उनके तुरंत निराकरण हेतु प्रयास किया जाता है। इस कार्यक्रम में राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया और उपभोक्ता के हितों को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर गौतम को सीसीआई संस्थापक अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश उपभोक्ता कल्याण परिषद समिति के प्रदेश अध्यक्ष भूप सिंह पाल द्वारा शाल ओढाकर, फूल माला एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 17:00:45 +0530</pubDate>
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