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                <title>Forest department - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Forest department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वन माफिया का कहर: प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई पर भी नहीं जागा प्रशासन</title>
                                    <description><![CDATA[<h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172008/saw-banned-on-government-land-sycamore-trees-are-being-cut"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45.jpeg" alt=""></a><br /><h3><strong>सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप</strong></h3>
<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा।-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p>विकास खंड पंडरी कृपाल की ग्राम पंचायत सोनापार के सिरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर खड़े प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की खुलेआम कटान से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वन माफियाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से दिनदहाड़े हरियाली का सौदा किया जा रहा है।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी जमीन पर वर्षों से खड़े हरे-भरे गूलर के पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के काटा जा रहा है। कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जाया जा रहा है, लेकिन वन विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-01-at-16.25.45-(1).jpeg" alt="सरकारी जमीन पर प्रतिबंधित गूलर के पेड़ों की कटाई, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप" width="1280" height="800"></img></p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की कटाई की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई, इसके बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर पहुंचना जरूरी नहीं समझा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है और वे इसे प्रशासनिक संरक्षण में हो रही अवैध कटाई बता रहे हैं।</p>
<p>क्षेत्र में चर्चा है कि लकड़ी माफिया सरकारी संपत्ति को ठिकाने लगाकर पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।</p>
<p>ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक की जाएगी।</p>
<p>इस संबंध में क्षेत्रीय रेंजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 17:54:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन विभाग के कर्मचारियों व पुलिस की साठगांठ से प्रतिबंधित पेड़ों को धराशाई कर रहे वन माफिया</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रायबरेली </strong>सतांव गुरुबक्श गंज थाना क्षेत्र वन माफियाओं का सबसे सुरक्षित गढ़ बनता जा रहा है सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिवर्ष भले ही करोड़ों रूपयों का बजट हरे पेड़ों की रोपाई के लिए जारी करती हो लेकिन विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की साठ- गांठ से प्रतिवर्ष प्रतिबंधित सैकड़ो की संख्या में हरे पेड़ों को वन माफियाओं द्वारा धराशाई कर दिया जाता है वही अपनी मोटी कमाई के चलते क्षेत्रीय पुलिस भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है जिस कारण से वन माफियाओं के हौसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रहे हैं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161641/forest-mafia-is-destroying-banned-trees-with-the-connivance-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/वन-विभाग-के-कर्मचारियों-व-पुलिस-की-साठगांठ-से-प्रतिबंधित-पेड़ों-को-धराशाई-कर-रहे-वन-माफिया.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रायबरेली </strong>सतांव गुरुबक्श गंज थाना क्षेत्र वन माफियाओं का सबसे सुरक्षित गढ़ बनता जा रहा है सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिवर्ष भले ही करोड़ों रूपयों का बजट हरे पेड़ों की रोपाई के लिए जारी करती हो लेकिन विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की साठ- गांठ से प्रतिवर्ष प्रतिबंधित सैकड़ो की संख्या में हरे पेड़ों को वन माफियाओं द्वारा धराशाई कर दिया जाता है वही अपनी मोटी कमाई के चलते क्षेत्रीय पुलिस भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है जिस कारण से वन माफियाओं के हौसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रहे हैं</div>
<div> </div>
<div>ताजा मामला थाना क्षेत्र के मानपुर गांव मे दिनदहाड़े कई आम के पेड़ों को वन माफिया ने निशाना बनाकर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक गर्मी के मौसम में राहगीरों को इस पेड़ की वजह से बहुत छाया मिलती थी पेड़ काटने की जानकारी कुछ ग्रामीणों ने वन विभाग को दिया मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने वन माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन तो दे दिया लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसी तरह से सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन देते रहते हैं लेकिन वन माफियाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कठोर कार्रवाई न होने के चलते अवैध पेड़ों की कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है देखना अब यह होगा कि अवैध रूप से प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई करने वालों के खिलाफ वन विभाग सख्त रूख अख्तियार करता है या सिर्फ खानापूर्ति करके मामले को रफा -दफा कर दिया जाएगा..</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 18:31:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेतों में दिखा 12फीट का अजगर, गांव में मची दहशत,वन विभाग ने सुरक्षित पकड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>घाटमपुर- </strong>कानपुर नगर के बिधनू थाना क्षेत्र के कठारा गांव के बाहर रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया,जब मवेशियों के लिए चारा लेने गए ग्रामीणों ने खेत की मेड़ पर एक विशालकाय अजगर देखा,और गांव में वापस आकर ग्रामीणों को सूचना दी, सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, और जानकारी वन विभाग, तथा पुलिस को दी, कुछ ही देर में खडेसर चौकी पुलिस और वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची, ग्रामीणों की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया,वन क्षेत्राधिकारी अभिषेक मिश्र ने बताया कि अजगर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160513/12-feet-python-seen-in-the-fields-panic-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/02.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>घाटमपुर- </strong>कानपुर नगर के बिधनू थाना क्षेत्र के कठारा गांव के बाहर रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया,जब मवेशियों के लिए चारा लेने गए ग्रामीणों ने खेत की मेड़ पर एक विशालकाय अजगर देखा,और गांव में वापस आकर ग्रामीणों को सूचना दी, सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, और जानकारी वन विभाग, तथा पुलिस को दी, कुछ ही देर में खडेसर चौकी पुलिस और वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची, ग्रामीणों की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया,वन क्षेत्राधिकारी अभिषेक मिश्र ने बताया कि अजगर पूरी तरह से सुरक्षित है,उसे पकड़ने के बाद जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में लौट सके, उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि इस तरह के वन जीव दिखने पर हंगामा न करें, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 17:36:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन विभाग को मिली कामयाबी, तेंदुआ को पिंजरे में किया क़ैद ख़त्म हुई दहशत, इलाके में एक महीने से था आतंक </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सीतापुर -</strong> जनपद सीतापुर के महोली इलाके में पिछले एक महीने से दहशत फैला रहे तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया मुसब्बरपुर गांव के पास लगाए गए पिंजरे में देर रात तेंदुए के कैद हो जाने से इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है बीते कई हफ्तों से तेंदुआ अलग-अलग गांवों की सीमा में घूमता दिखाई दे रहा था और इस दौरान वह कई मवेशियों पर हमला भी कर चुका था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग को तेंदुए की गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी जिसके बाद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160439/forest-department-got-success-imprisoned-leopard-in-cage-terror-ended"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251115-wa0007-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सीतापुर -</strong> जनपद सीतापुर के महोली इलाके में पिछले एक महीने से दहशत फैला रहे तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया मुसब्बरपुर गांव के पास लगाए गए पिंजरे में देर रात तेंदुए के कैद हो जाने से इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है बीते कई हफ्तों से तेंदुआ अलग-अलग गांवों की सीमा में घूमता दिखाई दे रहा था और इस दौरान वह कई मवेशियों पर हमला भी कर चुका था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। वन विभाग को तेंदुए की गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी जिसके बाद डीएफओ नवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में कई दिनों से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था टीम ने तेंदुए की आवाजाही वाले इलाकों में पिंजरे, ट्रैप कैमरे और निगरानी दल तैनात किए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों की मदद से तेंदुए के पैरों के निशान और हमले की घटनाओं के आधार पर उसके मूवमेंट का दायरा चिन्हित किया गया। तेंदुए के हमले का ताजा मामला बुधवार रात का था, जब उसने ग्राम चडरा में एक हिरन के बच्चे को शिकार बना लिया घटना के बाद वन विभाग की टीम ने अपने अभियान को और तेज कर दिया और उसी रूट पर एक मजबूत पिंजरा लगाया गया देर रात पिंजरे में बंधे बकरे की ओर आकर्षित होकर तेंदुआ अंदर पहुंचा और तुरंत कैद हो गया सुबह ग्रामीणों ने पिंजरे में बंद तेंदुए को देखा तो भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर भीड़ को दूर कर एहतियात बरतते हुए तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार तेंदुए की स्थिति सामान्य है और उसे किसी तरह की चोट नहीं आई है डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने कहा कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ना वन विभाग के लिए एक बड़ी सफलता है। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग करने के लिए धन्यवाद देते हुए अपील की कि किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें तेंदुए के पकड़े जाने से महोली क्षेत्र के मुसब्बरपुर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल खत्म हो गया है!!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 20:16:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानो का गेहूं काटना बना जी का जंजाल </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर ।</strong> पचपेड़‌वा थाना क्षेत्र में गेहुं का फसल काटना और युद्ध लड़‌ना बराबर सिद्ध हो रहा है। फायर स्टेशन न होना किसानो के लिये विकट स्थिति उत्पन्न कर रहा है। प्राप्त स‌माचार के अनुसार बीते गुरुवार को पचपेड़वा थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में गेहूं के फसल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। कई गावों के ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया । इसी प्रकार शुक्रवार को मल्दा गांव में गेहूँ काटते समय कांम्बाइन में आग लग गई और उसके चारो टायर में आग पकड़ लिया टॉयर व गेंहूं के खेत धू धू कर जलने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150602/cutting-wheat-of-farmers-became-the-web"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250329-wa0137.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर ।</strong> पचपेड़‌वा थाना क्षेत्र में गेहुं का फसल काटना और युद्ध लड़‌ना बराबर सिद्ध हो रहा है। फायर स्टेशन न होना किसानो के लिये विकट स्थिति उत्पन्न कर रहा है। प्राप्त स‌माचार के अनुसार बीते गुरुवार को पचपेड़वा थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में गेहूं के फसल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। कई गावों के ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया । इसी प्रकार शुक्रवार को मल्दा गांव में गेहूँ काटते समय कांम्बाइन में आग लग गई और उसके चारो टायर में आग पकड़ लिया टॉयर व गेंहूं के खेत धू धू कर जलने लगे गांव वालों ने बोरिंग व गांव में मौजूद फायर सिस्टम तथा स्वयं को कुंआ पोखरा से पानी लाकर आग पर काबू पाया।</div>
<div> </div>
<div>इसी प्रकार गनवरिया गांव के पूरब शुक्रवार की सायं गेहूँ के खेत में आग लग गई। कई गांव के लोगों ने काफी पारिश्रम कर आग पर काबू पाया । इसी दिन थाना क्षेत्र पचपेड़वा रमवापुर गांव गेहूं के खेत में आग लगने से पूर्व प्रधान धनीराम का एक एकड़ से अधिक फसल जलकर राख हो गयी इसी दिन चन्दनपुर के जंगल में आग लग गई सूचना मिलने पर तुलसीपुर से फायर व्रिगेड ने आकर आग बुझाया। फायर ब्रिगेड के वापस जाते ही कुकुर भुकवा गांव के पूरब जंगल में आग पकड़ लिया।</div>
<div> </div>
<div>वन विभाग के प्रयास से शनिवार की सुबह तक बुझ पाया । इसी दिन शुक्रवार को सोनपुर गांव के करीब गिरगिटीया नाले के पास जंगल में आग लग गई वन विभाग व ग्रामीणों ने प्रयास कर आग पर काबू पाया । फायर स्टेशन तुलसीपुर होने के कारण लम्बी दूरी से फायर व्रिगेड के आने समय लगता है। तब तक आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के परिश्रम व बुध्दिमानी का ही सहारा होता है। क्षेत्र वासी विजयपाल प्रजापति सतीश मिश्रा प्रधान गड़ रोहित गुप्ता, गुड्डू चौधरी, सन्तोष सिंह कोटे, सहित सैकड़ों लोगों ने पचपेड़‌वा में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 13:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दैहर के जंगल में लगी आग, वन विभाग द्वारा लगाए गए कई पेड़ जले</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>चौपारण, झारखंड:- </strong>चौपारण के दैहर पंचायत में महुआ चुनने गए लोगों ने जंगल में आग लगा दी। आग लगने से जंगल में आग फैल गई जबकि स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को आग लगने की सूचना दिया। जंगल में लगी आग से कई तरह के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसमें वन विभाग द्वारा लगाए गए कई पेड़ पौधे जल गए। वन विभाग के वनपाल पंकज कुमार अपने दल बल के साथ जंगल में पहुंचे और बड़ी मशक्कत से आग को बुझाया।</div>
<div>  </div>
<div>वनपाल पंकज कुमार ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि लोगों को चिन्हित कर वन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150494/fire-in-the-forest-of-dahar-burn-many-trees-planted"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/news-14.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>चौपारण, झारखंड:- </strong>चौपारण के दैहर पंचायत में महुआ चुनने गए लोगों ने जंगल में आग लगा दी। आग लगने से जंगल में आग फैल गई जबकि स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को आग लगने की सूचना दिया। जंगल में लगी आग से कई तरह के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसमें वन विभाग द्वारा लगाए गए कई पेड़ पौधे जल गए। वन विभाग के वनपाल पंकज कुमार अपने दल बल के साथ जंगल में पहुंचे और बड़ी मशक्कत से आग को बुझाया।</div>
<div> </div>
<div>वनपाल पंकज कुमार ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि लोगों को चिन्हित कर वन कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि गर्मी का मौसम आते ही ग्रामीण महुआ का फल चुनने के लिए आग लगाते है। जिस से पेड़ के आसपास पत्ते साफ हो जाता है और महुआ चुनना आसान हो जाता है। महुआ चुनने के कारण हर साल जंगल में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:08:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लहरपुर में वन विभाग का एक्शन बिना परमिट काटे गए दो शीशम के पेड़, ट्रैक्टर ट्राली समेत लकड़ी भी हुई जब्त </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सीतापुर-</strong> लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के गुलरी पुरवा गांव में अवैध पेड़ कटान का मामला सामने आया है मंगलवार को लकड़कट्टों ने बिना किसी परमिट के दो शीशम के पेड़ों को काट डाला सूचना मिलते ही उप वन क्षेत्राधिकारी हरीश कुमार श्रीवास्तव और वन दरोगा राज कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे टीम ने कटी हुई। लकड़ी के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली (पटेला) को जब्त कर लिया क्षेत्र में लकड़कट्टों द्वारा लगातार अवैध कटान की जा रही है।</div>
<div>  </div>
<div>इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है वन विभाग इस पर रोक लगाने में असफल साबित हो रहा है विभाग केवल जुर्माना लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150393/forest-departments-action-in-laharpur-two-rosewood-trees-including-tractor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250325-wa0010.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सीतापुर-</strong> लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के गुलरी पुरवा गांव में अवैध पेड़ कटान का मामला सामने आया है मंगलवार को लकड़कट्टों ने बिना किसी परमिट के दो शीशम के पेड़ों को काट डाला सूचना मिलते ही उप वन क्षेत्राधिकारी हरीश कुमार श्रीवास्तव और वन दरोगा राज कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे टीम ने कटी हुई। लकड़ी के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली (पटेला) को जब्त कर लिया क्षेत्र में लकड़कट्टों द्वारा लगातार अवैध कटान की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है वन विभाग इस पर रोक लगाने में असफल साबित हो रहा है विभाग केवल जुर्माना लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है इसी कारण लकड़कट्टों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं उप वन क्षेत्राधिकारी हरीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जब्त की गई लकड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है!!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Mar 2025 13:26:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन रेंज कोन में संबंधित विभाग की मिलीभगत से वन भूमि पर कब्जा कर घर बनवाने का लोगों ने लगाया आरोप, विभाग बेखबर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कोन/ सोनभद्र - </strong>वन रेंज कोन अन्तर्गत सम्पूर्ण वन रेंज में वन भूमि पर कब्जा करने का सिलसिला अनवरत जारी। इसी क्रम में बतातें चलें कि कोन वन रेंज के चांचीकलां में भू माफियाओं द्वारा वन भूमि पर कब्जा करके घर तक बनाया जा रहा है। जिसकी शिकायत चांची कलां निवासी सत्यानंद चौबे ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए वन विभाग के स्थानीय वाचर् और वन दरोगा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा धन वसूली करते हुए वन भूमि पर घर तक बनवाया जा रहा है जिसकी शिकायत पूर्व में प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा से सेल फोन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150073/in-the-forest-range-cone-people-made-allegations-of-occupying"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/2--+.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कोन/ सोनभद्र - </strong>वन रेंज कोन अन्तर्गत सम्पूर्ण वन रेंज में वन भूमि पर कब्जा करने का सिलसिला अनवरत जारी। इसी क्रम में बतातें चलें कि कोन वन रेंज के चांचीकलां में भू माफियाओं द्वारा वन भूमि पर कब्जा करके घर तक बनाया जा रहा है। जिसकी शिकायत चांची कलां निवासी सत्यानंद चौबे ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए वन विभाग के स्थानीय वाचर् और वन दरोगा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा धन वसूली करते हुए वन भूमि पर घर तक बनवाया जा रहा है जिसकी शिकायत पूर्व में प्रभागीय वनाधिकारी ओबरा से सेल फोन पर किया था जिसके संबंध में उन्होंने लिखित शिकायत करने की बातें कही थी।</div>
<div> </div>
<div>उसके बाद उनके द्वारा वन क्षेत्राधिकारी कोन से किया था किन्तु उन्होंने कॉल रीसिव नहीं किया और न ही उक्त प्रकरण पर आज तक कार्यवाही हो सका। गौरतलब है कि इन दिनों कोन वन रेंज का सम्पूर्ण सेक्सन माफियाओं के गिरफ्त में है और वन विभाग तमाशबिन बना हुआ है जो कि वन रेंज कोन इन दिनों समाचार पत्रों की सुर्खियां बटोर रही है। जिसके क्रम में शिकायत कर्ता द्वारा कई बार स्थानीय वाचर्, वन दरोगा को कॉल किया किन्तु कॉल रीसिव नहीं किया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के जन शिकायती पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए व संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग किया है कि तत्काल वन भूमि को खाली कराते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 12:19:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरे पेड़ों की हो रही कटाई,अधिकारी नहीं कर रहे ठोस कार्यवाही</title>
                                    <description><![CDATA[वन माफियाओं के सहयोगी की भूमिका में नजर आ रहा वन विभाग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150039/greetings-of-green-trees-are-not-taking-concrete-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250318-wa0365.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> वन विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र में धड़ल्ले से हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है।इसके बाद भी विभाग वन माफियाओं पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है।प्रशासन भी इस तरफ अनदेखी कर रहा है।जबकि हर वर्ष सरकार व प्रशासन हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण अभियान चलाता है।इस पर सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं,विभिन्न संस्थाएं भी लगातार जागरूक करते हुए पौधरोपण कर रही हैं,जिससे हमारा क्षेत्र व देश हरा भरा रहे और प्रकृति संरक्षण का सपना साकार हो सके।जबकि उसकी सुरक्षा को लेकर संबंधित विभाग ही लापरवाही बरतते हैं।</div>
<div> </div>
<div>एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है जहां थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोतवाखेड़ा गांव में बेखौफ वन माफिया ने बिना परमिट वन विभाग व पुलिस की मिलीभगत से प्रतिबंधित हरे नीम के पेड़ को काटकर जमींदोज कर दिया।जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुई तो खुद का दामन बचाने के लिए वन विभाग ने महज खानापूर्ति करते हुए मुकदमा पंजीकृत करने हेतु तहरीर दी है।वहीं जब उक्त संबंध में वन दरोगा ओपी सिंह से जानकारी के लिए दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने काल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।</div>
<div> </div>
<div>वहीं जब वन रक्षक आशीष कुमार से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि सोतवाखेड़ा गांव में अवैध कटान की सूचना मिली थी।मौके पर पहुंचने से पहले ही लकड़कट्टा एक हरे नीम को काटकर लकड़ी लेकर जा चुका था।उक्त संबंध में थाने तहरीर दी गई है, संबंधित के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बढ़ते पर्यावरण संकट के समाधान के लिए पर्यावरणविद्, वैज्ञानिक,समाजसेवी तथा सरकार द्वारा भले ही हर वर्ष पौधरोपण कराकर वन संरक्षण का प्रयास किया जा रहा हो लेकिन मौके की स्थिति बेहद चौकाने वाली है।वनों से कीमती लकड़ियों के काटे जाने से वन समाप्त होते जा रहे हैं।वन विभाग के लोग वन माफियाओं के सहयोगी जैसी भूमिका अदा करते हैं।वनों से साखू,सागौन, वियजसाल, खैर, चिलबिल, बबूल के पेड़ सिर्फ नाम मात्र के बचे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150039/greetings-of-green-trees-are-not-taking-concrete-action</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 13:33:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोन वन रेंज में माफियाओं का कहर, लोगों ने किया वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, किया कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सोनभद्र-</strong> जिले के कोन वन रेंज में वन माफियाओं का कहर जारी है। वन भूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई से स्थानीय लोग परेशान हैं। लोगों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।बागेसोती बीट में झारखंड सीमा के पास और अन्य जगहों पर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।खोहिया जंगल, बड़ाप् के ललुआखोह, भालुकूदर् के धरनवा बॉर्डर, कोन के मिश्री, डोमा, चांचीकलां, नरहटी , हर्रा के पडरक्ष आदि जगहों पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। क्षेत्रों में अवैध खनन और बालू परिवहन भी धड़ल्ले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149925/people-wreaked-havoc-of-mafia-in-cone-range-demanded-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/311.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सोनभद्र-</strong> जिले के कोन वन रेंज में वन माफियाओं का कहर जारी है। वन भूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई से स्थानीय लोग परेशान हैं। लोगों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।बागेसोती बीट में झारखंड सीमा के पास और अन्य जगहों पर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।खोहिया जंगल, बड़ाप् के ललुआखोह, भालुकूदर् के धरनवा बॉर्डर, कोन के मिश्री, डोमा, चांचीकलां, नरहटी , हर्रा के पडरक्ष आदि जगहों पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। क्षेत्रों में अवैध खनन और बालू परिवहन भी धड़ल्ले से चल रहा है।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।बड़ाप् में स्थानीय लोगों ने रामचंद्र सिंह की अगुवाई में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। लोगों ने वन विभाग की मनमानी रोकने, वन भूमि खाली कराने, संपत्ति की जांच कराने और फर्जी रिपोर्ट लगाना बंद करने की मांग की।कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों ने कोन वन रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी क्षेत्र में गश्त नहीं करते हैं और न ही वन चौकी पर रहते हैं। शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। इससे अवैध खननकर्ताओं और भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। वन विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं।अब देखना यह है कि प्रभागीय वनाधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 12:42:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाघ ने किया मवेशी का शिकार, पिंजरे से एक किमी दूर मिले पैरों के निशान, वन विभाग के ख़िलाफ़ ग्रामीणों में आक्रोश  </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सीतापुर - </strong>जनपद सीतापुर में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है पिछले 6 महीनों से यह जंगली जानवर अलग-अलग इलाकों में दहशत फैला रहा है ताजा मामला इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र का है। रामविलास पुरवा गांव में एक मवेशी को जंगली जानवर ने अपना शिकार बना लिया खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने मवेशी का शव देखा और तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचित किया मौके पर मिले बड़े पैरों के निशान और मवेशी पर हमले के तरीके से ग्रामीणों का मानना है कि यह हमला बाघ ने किया है विष्णुपुरवा गांव में करीब 15 दिन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149317/the-tiger-hunts-the-cattle-hunting-the-footprints-found-one"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250303-wa0022.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सीतापुर - </strong>जनपद सीतापुर में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है पिछले 6 महीनों से यह जंगली जानवर अलग-अलग इलाकों में दहशत फैला रहा है ताजा मामला इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र का है। रामविलास पुरवा गांव में एक मवेशी को जंगली जानवर ने अपना शिकार बना लिया खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने मवेशी का शव देखा और तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचित किया मौके पर मिले बड़े पैरों के निशान और मवेशी पर हमले के तरीके से ग्रामीणों का मानना है कि यह हमला बाघ ने किया है विष्णुपुरवा गांव में करीब 15 दिन पहले बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई थी ।</div>
<div> </div>
<div>वन विभाग ने वहां बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था लेकिन बाघ ने पिंजरे में रखी बकरी को नहीं छुआ इसके बजाय उसने पिंजरे से एक किलोमीटर दूर मवेशी पर हमला कर दिया वन विभाग के अधिकारी पगचिह्नों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट करने की बात कह रहे हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है वन विभाग अभी तक बाघ को पकड़ने में असफल रहा है!!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 14:04:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन माफियाओं का आतंक, जलालपुर में धड़ल्ले से हरे पेड़ों की कटाई जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर जलालपुर।</strong> थाना क्षेत्र के नहोरा जयाकोट गांव में वन माफियाओं द्वारा हरे पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। यहां शीशम, आम, सागवान सहित तीन दर्जन से अधिक पेड़ों को काट दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कटाई में हल्का एसआई और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है।</div>
<div>  </div>
<div>स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में जगह-जगह बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई चल रही है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। वन विभाग की उदासीनता के चलते माफियाओं के हौसले बुलंद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149161/terror-of-forest-mafia-continues-to-harvest-green-trees-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/unnamed-(3).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर जलालपुर।</strong> थाना क्षेत्र के नहोरा जयाकोट गांव में वन माफियाओं द्वारा हरे पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। यहां शीशम, आम, सागवान सहित तीन दर्जन से अधिक पेड़ों को काट दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध कटाई में हल्का एसआई और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत होने की आशंका जताई जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में जगह-जगह बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई चल रही है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। वन विभाग की उदासीनता के चलते माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, और वे दिनदहाड़े कीमती लकड़ियों को ट्रेक्टर, पिकअप में भरकर ले जा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>जंगलों की इस अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। हरे-भरे पेड़ों के काटे जाने से न केवल हरियाली खत्म हो रही है, बल्कि यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी नुकसान पहुंचा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह पेड़ों की कटाई होती रही तो आने वाले समय में इसका बुरा असर जलवायु पर भी पड़ेगा।</div>
<div> </div>
<div>ग्रामीणों का आरोप है कि हल्का एसआई और वन विभाग के कुछ अधिकारी इस अवैध कटाई में शामिल हैं। वे जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद भी पुलिस और प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 12:59:44 +0530</pubDate>
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