<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/14986/court-news" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>court news - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/14986/rss</link>
                <description>court news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दो पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span><span lang="hi" xml:lang="hi">चर्चित दो पासपोर्ट मामले में सपा नेता अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात साल की सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस मामले में उनकी जमानत भी मंजूर कर ली है। फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज कराया गया था। शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180327/big-relief-to-abdullah-azam-in-two-passport-cases"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/ab_1576478568.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="font-family:Mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span><span lang="hi" xml:lang="hi">चर्चित दो पासपोर्ट मामले में सपा नेता अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात साल की सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस मामले में उनकी जमानत भी मंजूर कर ली है। फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज कराया गया था। शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाए थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चली थी। कोर्ट ने पांच दिसंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें सात साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष की ओर से एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल की गई थी। वहीं अभियोजन पक्ष ने भी सजा बढ़ाने की मांग करते हुए अपील दायर की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शुक्रवार को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के न्यायाधीश विजय कुमार ने फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी और अब्दुल्ला आजम को इस मामले में बरी कर दिया। अदालत ने उनकी जमानत भी मंजूर कर ली।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब्दुल्ला के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि निचली अदालत ने सात साल की सजा का आदेश पारित किया था। इसके खिलाफ विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। अब कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि हर मामला अपने अलग तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर तय होता है। न्यायालय पर पूरा भरोसा है और आगे भी न्याय मिलने की उम्मीद है। इस दाैरान अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। उधर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दो पैन कार्ड में सात साल की सजा के चलते जेल में होने के कारण वह बाहर नहीं आ सकते।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180327/big-relief-to-abdullah-azam-in-two-passport-cases</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180327/big-relief-to-abdullah-azam-in-two-passport-cases</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:17:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/ab_1576478568.jpg"                         length="51216"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को फटकार लगाई। डब्ल्यूएफआई ने पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह फोगाट का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल बनाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने केंद्र सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फोगाट को आने वाले एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए। विनेश मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करना चाहती हैं। पीठ</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179978/vinesh-phogat-gets-relief-from-delhi-high-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/phogat-1-2026-05-7771d6ada0afc6744afc6b59c7ff8a20.webp" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को फटकार लगाई। डब्ल्यूएफआई ने पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह फोगाट का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल बनाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने केंद्र सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फोगाट को आने वाले एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए। विनेश मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करना चाहती हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि डब्ल्यूएफआई का शीर्ष खिलाड़ियों को भाग लेने की अनुमति देने की पूर्व प्रथा पर नहीं चलना ‘बहुत कुछ कहता है’।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि देश में मातृत्व का जश्न मनाया जाता है और संघ को ‘प्रतिशोध’ की भावना से कार्य नहीं करना चाहिए। अदालत ने केंद्र से फोगाट का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल गठित करने को कहा। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा</span>, '<span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषज्ञों से उसकी संभावनाओं का मूल्यांकन करने को कहें। यह सुनिश्चित करें कि वह भाग ले सके।</span>'</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले 18 मई को हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। वहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डब्ल्यूएफआई ने हाल ही में विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था। विनेश ने इस नोटिस को चुनौती दी थी जिस पर हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डब्ल्यूएफआई ने हाल ही में अनुशासनहीनता और डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर विनेश को नोटिस भेजा था।इतना ही नहीं विनेश जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित की गईं क्योंकि उन्होंने यूडब्ल्यूडब्ल्यू के डोपिंग रोधी नियम के तहत संन्यास से वापसी के बाद जरूरी छह महीने का नोटिस पीरियड नहीं दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि विनेश दोबारा कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उन्हें आईटीए या इंटरनेशनल फेडरेशन को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होगी और इस दौरान एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">15 पन्नों के नोटिस में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">डब्ल्यूएफआई ने आरोप लगाया था कि विनेश के आचरण ने राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा किया है जिससे भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">डब्ल्यूएफआई ने विशेष रूप से उल्लेख किया था कि विनेश इस वर्ष 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाला राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल था।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179978/vinesh-phogat-gets-relief-from-delhi-high-court</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179978/vinesh-phogat-gets-relief-from-delhi-high-court</guid>
                <pubDate>Sat, 23 May 2026 21:24:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/phogat-1-2026-05-7771d6ada0afc6744afc6b59c7ff8a20.webp"                         length="22650"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा हिंसा मामला: 'हाईकोर्ट जाइए, यहां पहले ही 93000 केस लंबित'</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएं। पीठ ने कहा, आप हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहां आता है। सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार मामले पहले से ही  लंबित हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आकृति चौधरी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178831/noida-violence-case-go-to-high-court-already-93000-cases"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/noida-1778235469797.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएं। पीठ ने कहा, आप हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहां आता है। सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार मामले पहले से ही  लंबित हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आकृति चौधरी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए और जमानत की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि आकृति चौधरी दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा हैं। शीर्ष कोर्ट ने केशव आनंद नाम के व्यक्ति की याचिका पर पुलिस अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा की एक कोर्ट ने पहले तीन महिलाओं आकृति चौधरी, मनीषा चौहान और सृष्टि गुप्ता की शर्तों के साथ पुलिस रिमांड की अनुमति दी थी। इन पर 13 अप्रैल के औद्योगिक मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान उनके वकीलों को मौजूद रहने की अनुमति होगी। आकृति चौधरी और सृष्टि गुप्ता दोनों दिल्ली की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 20 के आसपास है।चौधरी ने दौलत राम कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर किया है, जबकि मनीषा नोएडा की एक औद्योगिक इकाई में काम करती हैं।पुलिस ने हिरासत के लिए दायर आवेदन में कहा था कि आरोपियों के घर से अहम साक्ष्य मिलने की पूरी संभावना है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा में पिछले महीने फैक्टरी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, कई औद्योगिक इकाइयों के मजदूर लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। हालांकि, यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया क्योंकि कुछ लोगों ने कथित तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पत्थर फेंके और एक वाहन में आग लगा दी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178831/noida-violence-case-go-to-high-court-already-93000-cases</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178831/noida-violence-case-go-to-high-court-already-93000-cases</guid>
                <pubDate>Sat, 09 May 2026 22:22:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/noida-1778235469797.webp"                         length="84038"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली कोर्ट ने आर्मी जवान को सुनाई उम्र कैद की सजा; सेना में हवलदार की पत्नी का किया था मर्डर।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बरेली के   न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने सेना में हवलदार की पत्नी की सरकारी आवास में हत्या मामले में सेना के जवान को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने आर्मी में सिपाही दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 22,000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है. दोषी सेना के जवान को शक था, कि उसकी पत्नी का हवलदार के साथ अवैध संबंध है.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बात को लेकर उसकी और हवलदार की पत्नी से कहासुनी हुई. इसमें सेना के जवान ने धारदार हथियार से हमला कर हवलदार की</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152549/the-bareilly-court-sentenced-the-army-jawan-to-life-imprisonment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/swatantra_prabhat.jpeg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बरेली के   न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने सेना में हवलदार की पत्नी की सरकारी आवास में हत्या मामले में सेना के जवान को दोषी करार दिया है. कोर्ट ने आर्मी में सिपाही दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 22,000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है. दोषी सेना के जवान को शक था, कि उसकी पत्नी का हवलदार के साथ अवैध संबंध है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी बात को लेकर उसकी और हवलदार की पत्नी से कहासुनी हुई. इसमें सेना के जवान ने धारदार हथियार से हमला कर हवलदार की पत्नी की हत्या कर दी थी. 13 मार्च 2023 को हुई थी हत्या: जानकारी के मुताबिक, बरेली कैंट थाना क्षेत्र में आर्मी कैंप है. वहां के आर्मी क्षेत्र में ही सरकारी आवास भी बने हैं. वहीं, आवास में सेना में हवलदार मनोज अपने परिवार के साथ रहता था. हवलदार मनोज के आवास के पास ही सेना में सिपाही नीतीश पांडे भी रहता था. सेना के जवान नीतीश पांडे को शक था, कि उसकी पत्नी का हवलदार मनोज से अवैध संबंध है.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी शक में सेना का जवान नीतीश पांडे, हवलदार मनोज के आवास पहुंचा. वहां मनोज की पत्नी से उसके पति के अवैध संबंधों को लेकर कहासुनी करने लगा. आरोप था, कि उसी कहासुनी में सेना के जवान ने हवलदार की पत्नी सुदेशना पर धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया. कैंट थाने की पुलिस ने 13 मार्च 2023 को हुई हवलदार की पत्नी की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज किया. इसके बाद आर्मी में ही तैनात सिपाही नीतीश पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुल 9 गवाह कोर्ट में पेश हुए: आर्मी जवान को हुई आजीवन कारावास की सजा अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) हेमेंद्र कुमार गंगवार ने बताया कि 13 मार्च 2023 को आर्मी एरिया के अंदर सरकारी आवास में हवलदार की पत्नी की हत्या के मामले में चली सुनवाई के दौरान 9 गवाह पेश किए गए. मंगलवार को न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने आर्मी के सिपाही नीतीश पांडे को हत्या का दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है. साथ ही 22 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है.</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="ajx" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="gA gt acV">
<div class="gB xu">
<div class="mVCoBd" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="ip iq" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/152549/the-bareilly-court-sentenced-the-army-jawan-to-life-imprisonment</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/152549/the-bareilly-court-sentenced-the-army-jawan-to-life-imprisonment</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Jun 2025 18:16:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/swatantra_prabhat.jpeg"                         length="78259"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ज्योति बाबा का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज,11 को होगा दिल्ली में सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div><strong>  नशा मुक्ति युवा भारत अभियान के लिए ज्योति बाबा का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में ज्योति बाबा का नाम दर्ज होने पर नशा मुक्ति सेनानियों में उल्लास की लहर </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर ज्योति बाबा ने बढ़ाई कानपुर की शान </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>योग ज्योति इंडिया के ज्योति बाबा ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर रचा इतिहास </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div><strong>कानपुर ।</strong></div>
<div>  </div>
<div>जिस शहर में 1200 से ज्यादा तंबाकू पान मसाला के ब्रांड निकलते हो, जहां पर 400 से ज्यादा अवैध हुक्काबार चल रहे हो ड्रग्स की बड़ी संख्या</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140937/jyoti-babas-name-registered-in-india-book-of-records-asia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/img-20240507-wa0457.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>
<blockquote class="format1">
<div><strong> नशा मुक्ति युवा भारत अभियान के लिए ज्योति बाबा का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में ज्योति बाबा का नाम दर्ज होने पर नशा मुक्ति सेनानियों में उल्लास की लहर </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर ज्योति बाबा ने बढ़ाई कानपुर की शान </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>योग ज्योति इंडिया के ज्योति बाबा ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर रचा इतिहास </strong></div>
</blockquote>
</div>
<div> </div>
<div><strong>कानपुर ।</strong></div>
<div> </div>
<div>जिस शहर में 1200 से ज्यादा तंबाकू पान मसाला के ब्रांड निकलते हो, जहां पर 400 से ज्यादा अवैध हुक्काबार चल रहे हो ड्रग्स की बड़ी संख्या में सेवनकर्ता हो चुके हो, उस शहर में अखंड नशा मुक्ति युवा भारत की ज्योति को प्रज्वलित करते हुए ज्योति बाबा ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करना,यह किसी देवयोग चमत्कार से कम नहीं है इसीलिए श्रद्धेय ज्योति बाबा को सभी सामाजिक संगठनों द्वारा ना सिर्फ सम्मानित किया जाना चाहिए बल्कि उनके साथ भारत के बचपन को नशे के रोग से बचाने के लिए एक कदम जरूर चलना चाहिए,गंगा तट का छोरा ज्योति बाबा ने पिछले 35 वर्षों में लगातार सब सुखों को त्याग कर नशा मुक्ति युवा भारत के लिए 6000 से ज्यादा जन जागरूकता के कार्य बिना किसी सरकारी सहायता के किए हैं और ऐसा विषय ज्योति बाबा ने चुना</div>
<div> </div>
<div>जो सभी प्रमुख व्यक्तियों के लिए अछूत था लेकिन दृढ़ संकल्प व प्रखर मेधाशक्ति से बाबा ने वह कर दिखाया जो दूसरों के लिए असंभव लेकिन युवाओं के लिए प्रेरणादाई बन चुका है उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया के प्रदेश संयोजक व सहायक प्रादेशिक आयुक्त भारत स्काउट और गाइड लखनऊ राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक आर सी शर्मा ने गुड फूड रेस्टोरेंट बर्रा बायपास में आयोजित प्रेसवार्ता में कहीं,आर सी शर्मा ने जोर देकर कहा कि हम सभी ज्योति बाबा के नेतृत्व में स्काउट एंड गाइड के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से हुक्काबार से किशोर व युवाओं को बचाने के लिए विश्व तंबाकू निषेध दिवस से एक बड़ा अभियान छोड़ेंगे। पत्रकारवार्ता में मौजूद अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरू ज्योति बाबा ने बताया कि नशा मुक्ति के क्षेत्र में विशिष्ट कार्यों के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने का पूरा श्रेय देश के समस्त नशा मुक्ति सेनानियों को देता हूं क्योंकि जिन्होंने भी नशा मुक्ति युवा भारत अभियान हेतु प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष मदद की है हम उन्हीं की बदौलत आज यह नाम दर्ज करवा पाए हैं, आज नशे के रोग से बच्चे को बचाना हर भारतवासी का धर्म बने, क्योंकि प्रत्येक बच्चा सुरक्षा का अधिकार,लैंगिक समानता का अधिकार,शिक्षा,सुरक्षित वातावरण,स्वास्थ्य और पोषण के अधिकार का हकदार है।</div>
<div> </div>
<div>ज्योति बाबा ने अश्रुपूरित नेत्रों से बताया कि जब 35 वर्ष पूर्व एक  पढ़े-लिखे नौजवान ने घर की इच्छा के विरुद्ध केसरिया वस्त्र धारण कर नशा मुक्ति युवा भारत के लिए काम करने का संकल्प किया था तो मैंने अपने को छोड़कर के लगभग सभी मित्रों व पारिवारिक जनों को कष्ट ही दिया था लेकिन आज मेरी इस सफलता पर मेरे माता-पिता देवलोक से देखकर प्रसन्न हो रहे होंगे। मेरा संकल्प है कि भारत के बचपन को नशा,प्रदूषण,कुपोषण,हिंसा,बाल बंधवा मजदूरी व प्लास्टिक से बचाना। 11 को दिल्ली फरीदाबाद में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड,एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा,इस अवसर पर मिशन के सहयोगी डॉ धर्मेंद्र यादव व नशा मुक्ति सेनानी गीता पाल का भी विशेष सम्मान किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>मारवाड़ी सम्मेलन के महामंत्री प्रदीप केडिया एवं कानपुर स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री  के के दुबे मुन्ना ने कहा कि ज्योति बाबा की यह अखंड तपस्या,त्याग,सेवा और समर्पण का ही परिणाम है कि उन्हें देश और दुनिया में प्रतिष्ठित इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवा पाए हैं हम विश्व तंबाकू निषेध दिवस के परिप्रेक्ष्य में तंबाकू मुक्त युवा में स्कूलों की भूमिका पर एक राष्ट्रीय सेमिनार कर नशा मुक्ति का शंखनाद करेंगे, जिससे हम कानपुर को तंबाकू व उससे संबंधित उत्पादों,हुक्काबारो के चलते मिले कैंसर सिटी के खिताब को धो सकेंगे,हम सभी स्कूल ज्योति बाबा के नशा मुक्ति युवा के श्रेष्ठ अभियान में तन मन धन से जुड़कर स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करेंगे।  प्रेस वार्ता में वंश,कमल उत्तम ,जूही हमीरपुर रोड व्यापार मंडल, उपेंद्र मिश्रा,नवीन गुप्ता,अमित श्रीवास्तव इत्यादि उपस्थित रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140937/jyoti-babas-name-registered-in-india-book-of-records-asia</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/140937/jyoti-babas-name-registered-in-india-book-of-records-asia</guid>
                <pubDate>Tue, 07 May 2024 22:02:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/img-20240507-wa0457.jpg"                         length="214294"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        