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                <title>टीबी अब लाइलाज नहीं समय पर पहचान और उपचार से संभव है पूरी तरह स्वस्थ जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">एक समय था जब टीबी यानी क्षय रोग का नाम सुनते ही मरीज और उसके परिवार में डर का माहौल बन जाता था। लोगों को लगता था कि यह बीमारी जीवन भर पीछा नहीं छोड़ेगी और इसका इलाज संभव नहीं है। जानकारी की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण अनेक मरीज समय पर उपचार नहीं ले पाते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा विज्ञान ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज टीबी का प्रभावी इलाज उपलब्ध है और लाखों मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। यही कारण है कि अब टीबी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180379/tb-is-no-longer-incurable-with-timely-detection-and-treatment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/07_12_2024-tb_23844079_m.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">एक समय था जब टीबी यानी क्षय रोग का नाम सुनते ही मरीज और उसके परिवार में डर का माहौल बन जाता था। लोगों को लगता था कि यह बीमारी जीवन भर पीछा नहीं छोड़ेगी और इसका इलाज संभव नहीं है। जानकारी की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण अनेक मरीज समय पर उपचार नहीं ले पाते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा विज्ञान ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज टीबी का प्रभावी इलाज उपलब्ध है और लाखों मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। यही कारण है कि अब टीबी को लाइलाज बीमारी नहीं माना जाता बल्कि समय पर पहचान और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टीबी एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह बीमारी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के माध्यम से यह दूसरे लोगों तक फैल सकती है। हालांकि यह बीमारी केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहती बल्कि शरीर के अन्य अंगों जैसे हड्डियों लिम्फ नोड्स मस्तिष्क और गुर्दों को भी प्रभावित कर सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत लंबे समय से दुनिया में टीबी से सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है जबकि भारत ने इससे पहले ही टीबी मुक्त बनने का संकल्प लिया था। हालांकि यह लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हो पाया है लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जागरूकता अभियान बेहतर जांच सुविधाएं और मुफ्त उपचार जैसी योजनाओं ने इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में टीबी मरीजों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। 24 मार्च से शुरू किए गए 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हाई रिस्क गांवों और क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग की जा रही है। आधुनिक तकनीक से लैस पोर्टेबल एक्स रे मशीनों का उपयोग किया जा रहा है जो गांव गांव पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं। इन मशीनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सॉफ्टवेयर लगा है जो मौके पर ही टीबी की आशंका का संकेत दे सकता है। इससे संदिग्ध मरीजों की पहचान तेजी से हो रही है और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टीबी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना टीबी का प्रमुख संकेत माना जाता है। इसके अलावा बुखार का बार बार आना रात में अत्यधिक पसीना आना वजन कम होना भूख न लगना सीने में दर्द होना सांस फूलना थकान बने रहना और बलगम में खून आना भी इसके महत्वपूर्ण लक्षण हैं। यदि किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए। समय पर जांच होने से बीमारी गंभीर होने से पहले ही पकड़ में आ जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज टीबी की जांच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सटीक हो गई है। न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट जैसी आधुनिक जांच तकनीकों के माध्यम से कुछ ही समय में रोग की पुष्टि की जा सकती है। देशभर में सैकड़ों आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं जिनसे छिपे हुए मरीज भी सामने आ रहे हैं। इससे संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिल रही है और मरीजों को शीघ्र उपचार मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टीबी के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण बात नियमित दवा सेवन है। सरकार की ओर से टीबी मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उपचार की अवधि सामान्यतः छह महीने या उससे अधिक हो सकती है जो बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करती है। कई बार मरीज शुरुआती सुधार के बाद दवाएं लेना बंद कर देते हैं जिससे बीमारी दोबारा उभर सकती है और दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सकती है। इसलिए चिकित्सकों की सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेना अत्यंत आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पोषण भी टीबी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संतुलित आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और मरीज को जल्दी स्वस्थ होने में सहायता करता है। पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन विटामिन और खनिज तत्वों का सेवन लाभकारी होता है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत टीबी मरीजों को पोषण सहायता भी प्रदान की जाती है ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टीबी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियां भी एक बड़ी समस्या रही हैं। कई लोग इस बीमारी को सामाजिक कलंक के रूप में देखते हैं जिसके कारण मरीज अपनी बीमारी छिपाने की कोशिश करते हैं। इससे उपचार में देरी होती है और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। आवश्यकता इस बात की है कि टीबी को एक सामान्य इलाज योग्य बीमारी के रूप में देखा जाए और मरीजों को सामाजिक सहयोग तथा मानसिक समर्थन दिया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोविड महामारी के दौरान टीबी नियंत्रण कार्यक्रमों पर भी असर पड़ा था जिससे कई मरीज समय पर जांच और उपचार से वंचित रह गए। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग फिर से सक्रिय होकर व्यापक स्तर पर जांच अभियान चला रहा है। गांवों और दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं ताकि कोई भी मरीज उपचार से वंचित न रहे। टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें पूरे समाज की भागीदारी आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई दें तो उसे जांच के लिए प्रेरित करना चाहिए। परिवार और समुदाय का सहयोग मरीज के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उपचार पूरा करने में मदद करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज चिकित्सा विज्ञान और सरकारी प्रयासों की बदौलत टीबी का सफल उपचार संभव है। लाखों लोग इस बीमारी को हराकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। इसलिए टीबी के लक्षण दिखने पर घबराने की नहीं बल्कि तुरंत जांच और उपचार शुरू कराने की जरूरत है। जागरूकता समय पर पहचान नियमित दवा सेवन और संतुलित पोषण के माध्यम से टीबी को पूरी तरह हराया जा सकता है। यदि समाज और स्वास्थ्य तंत्र मिलकर प्रयास करें तो टीबी मुक्त भारत का सपना भी निश्चित रूप से साकार हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 18:51:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कुमारगंज अस्पताल में डॉक्टर की योग्यता पर सवाल, अस्पताल में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर ,अयोध्या।</strong> सुल्तानपुर सीमा पर स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में एक चिकित्सक द्वारा अपनी योग्यता के बारे में गलत जानकारी देने का मामला सामने आया है। अस्पताल में तैनात डॉ. अरविंद मौर्य, जिनकी डिग्री एमडी फार्मा बताई जा रही है, अपने ओपीडी के नेम प्लेट पर "एमबीबीएस एमडी जनरल फिजिशियन" लिखवा रहे हैं।</p>
<p>इस अस्पताल में अमेठी, सुल्तानपुर, मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र और रुदौली से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। रोजाना 400 से 500 मरीजों की ओपीडी होती है। मरीज इस उम्मीद से आते हैं कि उन्हें एमडी जनरल फिजिशियन द्वारा बेहतर इलाज मिलेगा।</p>
<p>डॉ.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153895/question-on-doctors-qualification-in-kumaraganj-hospital-created-a-stir"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250808-wa0018.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर ,अयोध्या।</strong> सुल्तानपुर सीमा पर स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में एक चिकित्सक द्वारा अपनी योग्यता के बारे में गलत जानकारी देने का मामला सामने आया है। अस्पताल में तैनात डॉ. अरविंद मौर्य, जिनकी डिग्री एमडी फार्मा बताई जा रही है, अपने ओपीडी के नेम प्लेट पर "एमबीबीएस एमडी जनरल फिजिशियन" लिखवा रहे हैं।</p>
<p>इस अस्पताल में अमेठी, सुल्तानपुर, मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र और रुदौली से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। रोजाना 400 से 500 मरीजों की ओपीडी होती है। मरीज इस उम्मीद से आते हैं कि उन्हें एमडी जनरल फिजिशियन द्वारा बेहतर इलाज मिलेगा।</p>
<p>डॉ. मौर्य अपनी असली योग्यता छिपाकर गंभीर बीमारियों का भी इलाज कर रहे हैं। मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर देते हैं। आरोप है कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए बाहर की दवाइयां और जांचें भी अधिक लिख रहे हैं।</p>
<p>जब अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि पाण्डेय से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अस्पताल में किसी भी एमडी जनरल फिजिशियन की तैनाती नहीं है।<br /> धीरे-धीरे मरीजों और उनके परिजनों को यह बात समझ में आ रही है कि अस्पताल में एमडी जनरल फिजिशियन मौजूद नहीं है। तो बेहतर इलाज कहां से संभव है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 22:37:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफल ऑपरेशन कर गुर्दे से निकली 3 इंच की पथरी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कोरांव प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  कोरांव सुकृत अस्पताल में नेक राम गौतम उम्र लगभग 32 वर्ष ग्राम हरदिहां, सिलौधी मेजा प्रयागराज के बाएं गुर्दे से 3 इंच की पथरी निकाली गई. नेक राम गौतम कई वर्षों से परेशान था एवं एक बार सन 2008 में ऑपरेशन करा चुका था. जांच में पता चला कि दोनों तरफ तीन-तीन इंच की पथरियां है. </div>
<div style="text-align:justify;">16 तारीख को सुकृत अस्पताल कोरांव में डॉक्टर आर के कुशवाहा एवं उनकी टीम के द्वारा गुर्दे से पथरी निकाली गई. डॉक्टर आरके कुशवाहा ने बताया कि 3 इंच की पथरी बहुत ही रेयर है एवं लाखों में एक मरीज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152807/3-inch-stones-from-the-kidneys-after-successful-operation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250624-wa0321.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कोरांव प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> कोरांव सुकृत अस्पताल में नेक राम गौतम उम्र लगभग 32 वर्ष ग्राम हरदिहां, सिलौधी मेजा प्रयागराज के बाएं गुर्दे से 3 इंच की पथरी निकाली गई. नेक राम गौतम कई वर्षों से परेशान था एवं एक बार सन 2008 में ऑपरेशन करा चुका था. जांच में पता चला कि दोनों तरफ तीन-तीन इंच की पथरियां है. </div>
<div style="text-align:justify;">16 तारीख को सुकृत अस्पताल कोरांव में डॉक्टर आर के कुशवाहा एवं उनकी टीम के द्वारा गुर्दे से पथरी निकाली गई. डॉक्टर आरके कुशवाहा ने बताया कि 3 इंच की पथरी बहुत ही रेयर है एवं लाखों में एक मरीज में मिलती है. ऑपरेशन के पश्चात मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ रहा एवं दिनांक 23 जून को स्वस्थ हालत में उसकी छुट्टी कर दी गई. छुट्टी के पश्चात मरीज एवं उसके परिवार वालों ने डॉक्टर साहब का बहुत आभार व्यक्त किया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉक्टर आर के कुशवाहा ने बताया कि गुर्दे की पथरी आजकल एक आम स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है, जिससे कई लोगों को असुविधा और परेशानी हो रही है। ये पथरी छोटी (रेत के दाने जितनी) से लेकर बड़ी (कई सेंटीमीटर) तक हो सकती हैं। छोटी पथरी आमतौर पर मूत्र के साथ बाहर निकल जाती है, लेकिन बड़ी पथरी मूत्रमार्ग में अटक सकती है, जिससे तेज दर्द और अन्य समस्याएं होती हैं। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jun 2025 21:09:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस के चल रहे नर्सिंग होम </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<p style="text-align:justify;"><strong>उतरौला, बलरामपुर</strong></p>
<div style="text-align:justify;">नगर क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस के चल रहे नर्सिंग होम व डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच करने वाला कोई नहीं है। दिलचस्प यह है कि अस्पताल में प्रसव कराने के साथ माइनर व मेजर ऑपरेशन भी किया जा रहा है। कई बार लिखित सूचना देने के बाद भी विभागीय अधिकारी इस अस्पताल पर कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रसूताओं की जान से खिलवाड़ कर रहे इस नर्सिंग होम पर कार्रवाई कब होगी। इसकी प्रतीक्षा की जा रही है। लगभग तीन महीने पहले सीएमओ द्वारा गठित टीम ने अस्पताल में लाइसेंस सुरक्षा मानक व अन्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152375/nursing-home-running-without-registration-and-license"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250604-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<p style="text-align:justify;"><strong>उतरौला, बलरामपुर</strong></p>
<div style="text-align:justify;">नगर क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस के चल रहे नर्सिंग होम व डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच करने वाला कोई नहीं है। दिलचस्प यह है कि अस्पताल में प्रसव कराने के साथ माइनर व मेजर ऑपरेशन भी किया जा रहा है। कई बार लिखित सूचना देने के बाद भी विभागीय अधिकारी इस अस्पताल पर कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रसूताओं की जान से खिलवाड़ कर रहे इस नर्सिंग होम पर कार्रवाई कब होगी। इसकी प्रतीक्षा की जा रही है। लगभग तीन महीने पहले सीएमओ द्वारा गठित टीम ने अस्पताल में लाइसेंस सुरक्षा मानक व अन्य व्यवस्थाओं की जांच के उपरांत अस्पताल को अवैध पाते हुए नोटिस जारी किया था। इस नोटिस पर अस्पताल में सुधार हुआ या नहीं हुआ इसकी समीक्षा आज तक नहीं की गई। तहसील गेट से दो सौ कदम की दूरी पर चल रहा सावित्री नर्सिंग होम लोगों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में जब सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर चंद्र प्रकाश सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि उक्त अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन बिना फार्मासिस्ट के चल रहा है। जिसकी सूचना सीएमओ को लिखित रूप से दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त भी कुछ जच्चा बच्चा केंद्र व पैथालॉजी भी मानकों के विपरीत चल रहे हैं जिनकी सूची तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/152375/nursing-home-running-without-registration-and-license</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 15:38:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;करियर डेंटल कॉलेज में गूंजा तंबाकू के खिलाफ संकल्प का संदेश&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><br /><strong>सचिन बाजपेई</strong><br /><strong>लखनऊ,</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><em>करियर डेंटल कॉलेज</em> के <em>पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग</em> द्वारा <em>विश्व तंबाकू निषेध दिवस</em> के अवसर पर एक प्रभावशाली और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को तंबाकू से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति सजग और जागरूक करना था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/whatsapp-image-2025-06-02-at-11.30.11_d5be0528.jpg" alt="करियर डेंटल कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित" width="511" height="383" /></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत मरीजों को तंबाकू के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देकर की गई। इसके पश्चात एक सशक्त नाटक मंचित किया गया, जिसमें यह संदेश दिया गया कि तंबाकू—चाहे वह सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या खैनी के रूप में हो—एक धीमा ज़हर है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/whatsapp-image-2025-06-02-at-11.30.12_8f085fcf.jpg" alt="करियर डेंटल कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित" width="530" height="397" /></p>
<p style="text-align:justify;">नाटक के माध्यम से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152304/message-of-resolution-against-tobacco-echoed-in-career-dental-college"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-02-at-11.30.11_d5be0528.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><br /><strong>सचिन बाजपेई</strong><br /><strong>लखनऊ,</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><em>करियर डेंटल कॉलेज</em> के <em>पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग</em> द्वारा <em>विश्व तंबाकू निषेध दिवस</em> के अवसर पर एक प्रभावशाली और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को तंबाकू से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति सजग और जागरूक करना था।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/whatsapp-image-2025-06-02-at-11.30.11_d5be0528.jpg" alt="करियर डेंटल कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित" width="511" height="383"></img></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत मरीजों को तंबाकू के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देकर की गई। इसके पश्चात एक सशक्त नाटक मंचित किया गया, जिसमें यह संदेश दिया गया कि तंबाकू—चाहे वह सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या खैनी के रूप में हो—एक धीमा ज़हर है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/whatsapp-image-2025-06-02-at-11.30.12_8f085fcf.jpg" alt="करियर डेंटल कॉलेज में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित" width="530" height="397"></img></p>
<p style="text-align:justify;">नाटक के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया कि तंबाकू सेवन से न केवल कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और दांतों की समस्याएं होती हैं, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को भी गहरा नुकसान पहुंचाता है।</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/dr-himanshi-chaudhary.jpg" alt="Dr Himanshi Chaudhary" width="464" height="618"></img>
<strong>Dr Himanshi Chaudhary</strong>

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर वक्ताओं ने यह भी बताया कि तंबाकू का असर केवल उपभोक्ता तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसके संपर्क में आने वाले परिजन और अन्य लोग भी इससे प्रभावित होते हैं। अतः तंबाकू को किसी शौक या आदत के रूप में नहीं, बल्कि एक घातक लत के रूप में देखा जाना चाहिए।</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/dr-shitanshu-malhotra-(hod).jpg" alt="Dr Shitanshu Malhotra (HOD)" width="460" height="740"></img>
<strong>Dr Shitanshu Malhotra (HOD)</strong>

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने तंबाकू से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ ली। साथ ही, मरीजों को तंबाकू छोड़ने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई, जिनमें प्रमुख थे:</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/dr-prakashni.jpg" alt="Dr Prakashni" width="468" height="448"></img>
<strong>Dr Prakashni</strong>

<p> </p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>टोबैको सेसेशन काउंसलिंग</strong></p>
</li>
<li>
<p><strong>सपोर्ट ग्रुप्स का सहयोग</strong></p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम का समापन एक जागरूकता रैली के साथ हुआ, जिसमें <em>कॉलेज की प्राचार्या डॉ. बालसुंदरी श्रीधर</em>, <em>विभागाध्यक्ष डॉ. शीतांशु मल्होत्रा</em> समेत अन्य चिकित्सकों, स्टाफ और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। रैली के माध्यम से “<strong>तंबाकू मुक्त समाज</strong>” का संदेश आमजन तक पहुँचाया गया।</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/dr-chaman.jpg" alt="Dr Chaman" width="386" height="515"></img>
<strong>Dr Chaman</strong>

<p> </p>
<h4 class="format1"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong>नाटक प्रस्तुति</strong></span></h4>
<blockquote class="format1"><span style="color:rgb(45,194,107);">डॉ शीतांशु मल्होत्रा</span><br /><span style="color:rgb(45,194,107);">डॉ चमन ज़हरा</span><br /><span style="color:rgb(45,194,107);">डॉ प्रकाशनी वर्मा</span><br /><span style="color:rgb(45,194,107);">डॉ हिमांशी चौधरी</span><br /><span style="color:rgb(45,194,107);">डॉ बालसुंदरी श्रीधर (प्रधानाचार्य)</span><br /><span style="color:rgb(45,194,107);">डॉ शीतांशु मल्होत्रा (हेड)</span></blockquote>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;"><em>करियर डेंटल कॉलेज</em> का यह प्रयास निश्चय ही समाज को एक स्वस्थ, जागरूक और तंबाकू-मुक्त दिशा की ओर ले जाने में एक सराहनीय और प्रेरणादायक कदम साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Jun 2025 18:20:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अस्थि रोगों के लिए वरदान बनी आधुनिक चिकित्सा पद्दति “ Chiropractic”</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">आधुनकि जीवनशैली और अति  वयस्त दिनचर्या  के कारण शरीर में होने वाले अस्थि विकारों में सबसे प्रमुख गर्दन, कंधे, रीढ़ की हड्डी  एवं घुटनो का दर्द  हैं, जिनकी वजह से व्यक्ति को  दैनिक कार्यों को कर पाने में भी असमर्थ रहता हैं और अति पीड़ा से गुजरता हैं </p>
<p style="text-align:justify;">ऐलोपैथिक में इसका इलाज दर्दनाशक दवाये और सर्जरी हैं, परन्तु आधुनिक चिकित्सा पद्दति  “Chiropractic” के द्वारा बिना दवाओं और सर्जरी के भी अस्थि विकारों को सही किया जा सकता हैं l</p>
<p style="text-align:justify;">इसी विषय पर हमारे विशेष संवाददाता से बातचीत करने पर डॉ अभिषेक गंगवार जो की प्रख्यात “Chiropractic Therapist ” हैं ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150612/modern-medical-system-became-a-boon-for-bone-diseases-chiropractic"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/321.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आधुनकि जीवनशैली और अति  वयस्त दिनचर्या  के कारण शरीर में होने वाले अस्थि विकारों में सबसे प्रमुख गर्दन, कंधे, रीढ़ की हड्डी  एवं घुटनो का दर्द  हैं, जिनकी वजह से व्यक्ति को  दैनिक कार्यों को कर पाने में भी असमर्थ रहता हैं और अति पीड़ा से गुजरता हैं </p>
<p style="text-align:justify;">ऐलोपैथिक में इसका इलाज दर्दनाशक दवाये और सर्जरी हैं, परन्तु आधुनिक चिकित्सा पद्दति  “Chiropractic” के द्वारा बिना दवाओं और सर्जरी के भी अस्थि विकारों को सही किया जा सकता हैं l</p>
<p style="text-align:justify;">इसी विषय पर हमारे विशेष संवाददाता से बातचीत करने पर डॉ अभिषेक गंगवार जो की प्रख्यात “Chiropractic Therapist ” हैं ने हमारे संवाददाता को बताया की इस विधि के द्वारा पूरे शरीर की हड्डियों और मसल्स का  alignment और balancing की जाती है, इस विधि में किसी भी प्रकार की सर्जरी नहीं की जाती है और न ही कोई दर्दनिवारक दवाएं दी जाती है l</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ अभिषेक गंगवार जोकि लगभग 20 वर्षो से अपने PRO CARE REHAB पंजाबी बाग़, नयी दिल्ली स्थित अपने क्लिनिक से सेवाएं प्रदान कर रहे है और लाखों मरीजों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर चुके है, </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/321.jpg" alt="अस्थि रोगों के लिए वरदान बनी आधुनिक चिकित्सा पद्दति “ Chiropractic”" width="700" height="628"></img></p>
<p style="text-align:justify;">डॉ अभिषेक गंगवार ने अपनी चिकित्सा शिक्षा भोपाल और प्रयागराज से प्राप्त करने के बाद अमेरिकी संसथान से भी डिग्री प्राप्त की है और SPINAL CORD SOCIETY  के सदस्य भी है l</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ अभिषेक गंगवार ने दिल्ली के अलावा डॉ अभिषेक गंगवार प्रत्येक माह में दो बार लखनऊ में PHYSIOVEDIC PHYSIOTHERAPY CLINIC NEAR ENVISION HONDA KURSI ROAD  और बरेली  में  CARE HOSPITAL DELLA PEER  में अपनी सेवाएं देते है, इनके द्वारा दी जा रही सेवाओं से लखनऊ के काफी मरीजों को स्वास्थ्य लाभ हुआ है, जिनमे से प्रमुख रूप से व्यवसायी विनय सिंह, पुलिस अधिकारी प्रताप सिंह, ग्रहणी कामिनी खरे, शिक्षक राकेश कुमार,  तथा  अन्य  हज़ारों मरीजों को हड्डियों के दर्द से राहत मिली है, </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य रूप से 4-5 बार की CLINC VISIT से ही पूर्ण रूप से लाभ हो जाता है, बस REGULAR EXCERCISE से शरीर की alignment और balancing बनी रहती है और हड्डियों के दर्द से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है, यह इलाज सस्ता और कारगर है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150612/modern-medical-system-became-a-boon-for-bone-diseases-chiropractic</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 14:27:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत 52 टी  बी मरीजों को पोषण आहार का वितरण </title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी भदोही शाखा द्वारा प्रधानमंत्री के टी बी मुक्त भारत अभियान एवं मुख्यमंत्री के 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत 52 टी  बी मरीजों को पोषण आहार का वितरण जिलाधिकारी श्री विशाल सिंह ने किया । श्री विशाल सिंह ने रेडक्रॉस सोसाइटी भदोही के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी  जन सामान्य तक पहुंच कर सेवा कार्य कर रहा है।  रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर, मोतियाबिंद ऑपरेशन तथा स्वास्थ्य शिविर का उल्लेख किया। टी बी मुक्त भारत के अंतर्गत आज पोषण पोटली का वितरण किया गया ।</p>
<p>शासन की योजनाओं को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148875/distribution-of-nutritious-food-to-52-tb-patients-under-100"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250222-wa0504.jpg" alt=""></a><br /><p>इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी भदोही शाखा द्वारा प्रधानमंत्री के टी बी मुक्त भारत अभियान एवं मुख्यमंत्री के 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत 52 टी  बी मरीजों को पोषण आहार का वितरण जिलाधिकारी श्री विशाल सिंह ने किया । श्री विशाल सिंह ने रेडक्रॉस सोसाइटी भदोही के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी  जन सामान्य तक पहुंच कर सेवा कार्य कर रहा है।  रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर, मोतियाबिंद ऑपरेशन तथा स्वास्थ्य शिविर का उल्लेख किया। टी बी मुक्त भारत के अंतर्गत आज पोषण पोटली का वितरण किया गया ।</p>
<p>शासन की योजनाओं को सामान्य जन तक पहुंचाने और सफल बनाने में रेड क्रॉस भदोही का प्रयास सराहनीय है।  डॉक्टर रतीश पाठक ने मरीजों को आवश्यक निर्देश प्रदान किया । सचिव डॉ भारतेन्दु द्विवेदी ने जिलाधिकारी  एवं अतिथि का स्वागत किया।  इस अवसर पर रेडक्रॉस के सदस्य अरविंद भट्टाचार्य ,अब्दुल वाहिद अंसारी, डॉ आर एन सिंह, अभय श्रीवास्तव, आनंद तिवारी आनंद गुप्ता, सावित्री श्रीवास्तव विकास नारायण सिंह, मुकेश शुक्ला , प्रशांत पांडे , अखिलेश सिंह, हृदय नारायण , शकील अहमद, राजेंद्र प्रसाद  आदि उपस्थित थे । कोषाध्यक्ष श्री हरेंद्र प्रताप सिंह को 39 बार रक्तदान करने पर जिलाधिकारी ने सम्मानित किया।  श्री अरविंद भट्टाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148875/distribution-of-nutritious-food-to-52-tb-patients-under-100</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 17:32:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुष्ठ और टीबी मरीजों को खोजने के साथ अन्य संचारी रोगों के प्रति भी करें जागरूक- सीएमओ</title>
                                    <description><![CDATA[दो सितम्बर से कुष्ठ रोगी खोजी और नौ सितम्बर से सक्रिय टीबी मरीज खोजी अभियान चलेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144417/along-with-searching-for-leprosy-and-tb-patients-also-create"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/5---,,,----.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>गोरखपुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वह सितम्बर माह में कुष्ठ और टीबी के नये मरीजों को खोजने के साथ साथ अन्य संचारी रोगों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, इंसेफेलाइटिस और फाइलेरिया आदि के प्रति भी लोगों को जागरूक करें। उन्हें बताएं कि किसी भी प्रकार का बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच व इलाज करवाना है। बुखार की जांच जितनी जल्दी होगा, जटिलताएं बढ़ने की आशंका उतनी ही कम होगी । शहरी क्षेत्र की सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एनेक्सी भवन सभागार में शनिवार को प्रशिक्षित किया गया । </div>
<div> </div>
<div>प्रशिक्षण को सम्बोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि दो सितम्बर से शुरू हो रहे कुष्ठ रोगी खोजी अभियान (एलसीडीसी) और नौ सितम्बर से प्रस्तावित सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान (एसीएफ) की सफलता में आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होगी। एलसीडीसी दो सितम्बर से पंद्रह सितम्बर तक चलेगा, जबकि एसीएफ नौ सितम्बर से बीस सितम्बर तक चलाया जाएगा। एलसीडीसी के तहत एक आशा और एक पुरुष कार्यकर्ता की टीम घर घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कुष्ठ के प्रति जागरूक करेंगी।</div>
<div> </div>
<div>साथ ही लक्षणयुक्त मरीजों की निजता का ध्यान रखते हुए एकांत में उनके शरीर के सभी अंगों को देखा जाएगा। इसके बाद संभावित कुष्ठ मरीजों को संदर्भन पर्ची के साथ नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा । एसीएफ अभियान के तहत तीन सदस्यों की टीम माइक्रोप्लान के अनुसार संबंधित क्षेत्र में पहुंच कर टीबी के लक्षणों के बारे में जानकारी देगी। टीबी के संभावित रोगियों को बलगम जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा और जांच करवा कर बीमारी मिलने पर इलाज की सुविधा दी जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>जिला क्षय उन्मूलन और जिला कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ गणेश यादव ने बताया कि शरीर में अगर कहीं भी चमड़ी से हल्के रंग का सुन्न दाग धब्बा हो तो वह कुष्ठ भी हो सकता है। यह धाग धब्बा शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। अगर समय से बीमारी की पहचान हो जाए तो इलाज कर कुष्ठ से होनी वाली दिव्यांगता को रोका जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>कुष्ठ के जांच और इलाज की सुविधा सभी अस्पतालों पर मौजूद है। अभियान के दौरान प्रत्येक टीम को एक दिन में पंद्रह से बीस घरों में जाकर मरीज ढूढना है। टीम के प्रत्येक सदस्य को पचहत्तर रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। मरीज की पुष्टि होने पर 250 रुपये और मिलेंगे। पीबी कुष्ठ रोगी के ठीक होने पर देखरेख के लिए 400 रुपये  और एमबी कुष्ठ रोगी के ठीक होने पर 600 रुपये आशा कार्यकर्ता को अतिरिक्त दिये जाएंगे। </div>
<div> </div>
<div>डॉ यादव ने बताया कि अगर दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, रात में पसीने के साथ बुखार, सांस फूलना, सीने में दर्द और बलगम में खून आने जैसे लक्षण हों तो यह टीबी भी हो सकती है। इसकी जांच और इलाज की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में मौजूद है। एसीएफ के दौरान घर घर जाकर स्क्रीनिंग करने पर टीम के प्रत्येक सदस्य 150 रुपये दिये जाएंगे।</div>
<div> </div>
<div>मरीज की पुष्टि होने पर 200 रुपये प्रति सदस्य को दिये जाएंगे। टीम को मरीजों से दो प्रकार से बलगम लेना है। पहला बलगम तुरंत इकट्ठा करना है, जबकि दूसरा बलगम का सैम्पल खाली पेट इकट्ठा करना है। अभियान के दौरान एक टीम को कम से कम पचास घर का विजिट करना होगा और प्रत्येक घर पर स्टिकर भी लगाना है।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर उप जिला कुष्ठ रोगी अधिकारी डॉ अनिल सिंह, कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ भोला गुप्ता, डीपीसी धर्मवीर प्रताप सिंह, पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्र, मिर्जा आफताब बेग, एचई एमडी सिंह, फिजियोथेरेपिस्ट आसिफ खां, एनएमए महेंद्र चौहान और पवन श्रीवास्तव प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।</div>
<div> </div>
<div><strong>इफार्मेंट योजना की भी दी गई जानकारी</strong></div>
<div>प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को नये टीबी रोगी खोजने संबंधी इफार्मेंट योजना की भी जानकारी दी गयी। उन्हें बताया गया कि अगर उनकी मदद से नया टीबी मरीज खोजा जाता है तो बीमारी की पुष्टि होने के बाद पांच सौ रुपये उनके खाते में सूचना दाता के तौर पर दिये जाएंगे। इस योजना का लाभ गैर सरकारी व्यक्ति को भी नया टीबी मरीज खोजने पर दिया जाता है।</div>
</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 16:50:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उचित आहार विहार का करें पालन: डा अजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>  देवरिया।</strong></div>
<div>  </div>
<div>आरोग्य भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ अजीत नारायण मिश्र ने कहा कि अनियमित जीवन शैली और तनाव युक्त जीवन शैली के चलते लोग अधिक से अधिक गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं,</div>
<div>  </div>
<div>जिससे उनके सुखमय जीवन में  बीमारियों का ग्रहण लगा रहता है।आरोग्य रहने के लिए आयुर्वेद अनुसार दिनचर्या, मौसम अनुकूल आहार बिहार, नींद का पर्याप्त लेना, रात्रि को भोजन कम करना, मांसाहार का सेवन न करना,पिज़्ज़ा बर्गर , तली भुनी चीजों का सेवन कम करना स्वस्थ जीवन शैली अपनाना, उचित आहार बिहार का पालन करना,समय-समय पर अपने स्वास्थ्य का जांच विशेषज्ञ चिकित्सक के देखभाल में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138602/dr-ajit-should-follow-proper-diet"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/4.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong> देवरिया।</strong></div>
<div> </div>
<div>आरोग्य भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ अजीत नारायण मिश्र ने कहा कि अनियमित जीवन शैली और तनाव युक्त जीवन शैली के चलते लोग अधिक से अधिक गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं,</div>
<div> </div>
<div>जिससे उनके सुखमय जीवन में  बीमारियों का ग्रहण लगा रहता है।आरोग्य रहने के लिए आयुर्वेद अनुसार दिनचर्या, मौसम अनुकूल आहार बिहार, नींद का पर्याप्त लेना, रात्रि को भोजन कम करना, मांसाहार का सेवन न करना,पिज़्ज़ा बर्गर , तली भुनी चीजों का सेवन कम करना स्वस्थ जीवन शैली अपनाना, उचित आहार बिहार का पालन करना,समय-समय पर अपने स्वास्थ्य का जांच विशेषज्ञ चिकित्सक के देखभाल में कराना चाहिए। इन सभी उपायों को अपनाकर हम सभी स्वस्थ रह सकते हैं स्वस्थ ही जीवन का आधार है तभी हम सभी सुखों की  अनुभूति कर सकते हैं।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138602/dr-ajit-should-follow-proper-diet</link>
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                <pubDate>Thu, 08 Feb 2024 17:12:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्दी बढ़ने से अचानक बढ़ने लगी कार्डियोलॉजी में हृदय रोगियों की संख्या </title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>कानपुर।‌</strong></blockquote>
<p>  </p>
<p>सर्दी के दिनों में कानपुर के ह्रदय रोग संस्थान में रोगियों की संख्या में ख़ासा इजाफा देखा जा रहा है। कानपुर नगर के अलावा अन्य जनपदों से भी मरीज हृदय रोग संस्थान में आ रहे हैं। कार्डियोलॉजी कानपुर का स्थान प्रदेश में बड़ी प्रतिष्ठा से लिया जाता है क्योंकि यहां कम खर्च में रोगियों को अच्छा इलाज मिलता है। यही कारण है कि यहां मरीजों में संख्या अच्छी-खासी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।</p>
<div>                                        एक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि सर्दियों में हमारे शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं और सख्त हो जाती हैं। इन्हें सामान्य</div>
<div> </div>
<div>                         </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137777/the-number-of-heart-patients-in-cardiology-suddenly-increased-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/lps-institute-of-cardiology-gsvm-medical-college-kanpur-cardiac-hospitals-jps57.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>कानपुर।‌</strong></blockquote>
<p> </p>
<p>सर्दी के दिनों में कानपुर के ह्रदय रोग संस्थान में रोगियों की संख्या में ख़ासा इजाफा देखा जा रहा है। कानपुर नगर के अलावा अन्य जनपदों से भी मरीज हृदय रोग संस्थान में आ रहे हैं। कार्डियोलॉजी कानपुर का स्थान प्रदेश में बड़ी प्रतिष्ठा से लिया जाता है क्योंकि यहां कम खर्च में रोगियों को अच्छा इलाज मिलता है। यही कारण है कि यहां मरीजों में संख्या अच्छी-खासी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।</p>
<div>                    एक वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि सर्दियों में हमारे शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं और सख्त हो जाती हैं। इन्हें सामान्य करने के लिए शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है जिसका असर दिल पर पड़ता है और अटैक की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए सर्दी के समय हमें अपनी जीवन शैली पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। हमें नमक का सेवन कम कर देना चाहिए, ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए। पानी केवल उतना पीना चाहिए जितनी हमको प्यास हो, सुबह जल्दी टहलने या व्यायाम की आदत में बदलाव लाना चाहिए क्योंकि एक दम से नींद से जब हम उठते हैं तो उस समय हमारी नसें सिकुड़ी हुई होती हैं।‌ पहले वह समान्य हो जाएं तभी हमें व्यायाम करने या टहलने निकलना चाहिए। व्यायाम भी हल्का करना चाहिए।</div>
<div> </div>
<div>                         उन्होंने बताया कि हमें समय पर अपनी डाइट लेना चाहिए। और खाने में तैलीय चीजों को कम से कम कर देना चाहिए। इस तरह के कुछ उपाय करके हम हार्ट अटैक की संभावनाओं को कम कर सकते हैं। और जो दवाइयां विशेष कर ब्लड प्रेशर के मरीजों को समय से लेना चाहिए। क्यों कि ब्लड प्रेशर का सीधा संबंध हृदय से होता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Dec 2023 18:51:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एडी स्वास्थ्य ने सौ सैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज का किया औचक निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>मिल्कीपुर अयोध्या। स्वास्थ्य महकमें की हकीकत जानने के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य मंडल अयोध्या डॉ पवन ने मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज के इमरजेंसी, ओ टी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे कक्ष, जरनल वार्ड सहित ओपीडी में डाक्टरों के मरीजों से व्यवहार को देखा साथ ही बाहर की दवाएं किसी कीमत पर नहीं लिखने की हिदायत दी। मरीजों को बैठने के लिए कुर्सियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश अस्पताल के सीएमएस को दिए।<br />  वहीं दूसरी ओर इतने बड़े अस्पताल में नियुक्त तीन महिला चिकित्सकों के न आने पर सवालिया निशान खड़ा रहा इस पर उन्होंने<br />जानकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133419/ad-health-conducted-surprise-inspection-of-sau-saiyya-joint-hospital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/inshot_20230810_155804631.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>मिल्कीपुर अयोध्या। स्वास्थ्य महकमें की हकीकत जानने के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य मंडल अयोध्या डॉ पवन ने मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज के इमरजेंसी, ओ टी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे कक्ष, जरनल वार्ड सहित ओपीडी में डाक्टरों के मरीजों से व्यवहार को देखा साथ ही बाहर की दवाएं किसी कीमत पर नहीं लिखने की हिदायत दी। मरीजों को बैठने के लिए कुर्सियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश अस्पताल के सीएमएस को दिए।<br /> वहीं दूसरी ओर इतने बड़े अस्पताल में नियुक्त तीन महिला चिकित्सकों के न आने पर सवालिया निशान खड़ा रहा इस पर उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया।<br />जानकार सूत्रों के अनुसार 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में विगत वर्षों से तैनात महिला चिकित्सक डॉ आर्या , डॉ सोनम सिन्हा व डॉ शीला वर्मा के लगातार अनुपस्थित रहने पर अस्पताल आने वाली महिला मरीजों का इलाज अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स रेखा रावत के भरोसे हो रहा है।<br />बताते चलें कि अस्पताल के 50 किलोमीटर के परिध में  सुल्तानपुर, अमेठी व बाराबंकी क्षेत्र से आने वाली महिला मरीजों को महिला डॉक्टरों के अनुपस्थित होने पर बैरंग वापस जाना पड़ रहा है। प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक का स्पष्ट निर्देश है। कि सभी चिकित्सकों को अस्पताल में रहने का निर्देश दिया है। लेकिन उनका आदेश सौ शैय्या अस्पताल कुमारगजं के डॉक्टरों को कोई मायने नहीं रखता।<br />अस्जपताल  के जनरल वार्ड में भर्ती जनपद सुल्तानपुर (पारा बाजार) से आई नाजरीन पत्नी रफीक अहमद पेट दर्द का उपचार करने आई थी जिसे उपस्थित चिकित्सकों ने बाहर से दवाएं लिखकर मंगवाई गई, मिल्कीपुर बाजार निवासी पप्पू बुखार से पीड़ित अपने 5 वर्षीय बेटे अनुज को उपचार करने के लिए अस्पताल ले आए जहां डॉक्टरों ने बाहर की जांच लिख दी। जांच के नाम पर 500 रूपए का चुना गरीब परिवार को लग गया। जबकि सीएमएस रजत चौरसिया द्वारा दावा किया जाता है कि सभी जांचे अस्पताल में निशुल्क हो रही है तो ऐसे में डॉक्टरों द्वारा बाहर की जांचे एवं दवाएं क्यों लिखी जा रही है। इतना ही नहीं अस्पताल  के डॉक्टर अपने को बचाने के लिए प्राइवेट युवकों को रखकर उन्हीं से बाहर की दवाएं भी लिखवा रहे हैं। कभी भी अस्पताल में दर्जनों युवाओं को डॉक्टर के पास बैठा व वार्डों में घूमते हुए देखा जा सकता है।<br />अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ पवन ने बताया कि जो डॉक्टर अस्पताल नहीं आ रहे हैं उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा एवं विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर अस्पताल के सीएमएस डॉ रजत चौरसिया डॉक्टर संतोष कुमार सहित अन्य अस्पताल कर्मी मौजूद रहे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133419/ad-health-conducted-surprise-inspection-of-sau-saiyya-joint-hospital</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133419/ad-health-conducted-surprise-inspection-of-sau-saiyya-joint-hospital</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 15:50:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खीरी को मिलीं 130 नई एएनएम की सौगात जन प्रतिनिधियों ने अफसरों संग बाटे नियुक्ति पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>  </p>
<p><strong>नित्यानंद बाजपेई</strong><br />-----------------------------------------------------------------------------------------<br /><strong>लखीमपुर खीरी ।</strong></p>
<p>शुक्रवार को खीरी जिले को 130 नई एएनएम की सौगात मिली कलेक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ</p>
<p>कार्यक्रम में पहुंचे विधायक योगेश वर्मा विनोद शंकर अवस्थी सांसद प्रतिनिधि अरविंद सिंह संजय अंबरीश सिंह व डीएम महेंद्र बहादुर सिंह सीएमओ डॉक्टर संतोष गुप्ता ने खीरी के नवनियुक्त 120 महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए कार्यक्रम की शुरुआत में राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को नियुक्ति प्रमाण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130391/kheri-got-gift-of-130-new-anms-public-representatives-distributed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/img-20230609-wa0027.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p> </p>
<p><strong>नित्यानंद बाजपेई</strong><br />-----------------------------------------------------------------------------------------<br /><strong>लखीमपुर खीरी ।</strong></p>
<p>शुक्रवार को खीरी जिले को 130 नई एएनएम की सौगात मिली कलेक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ</p>
<p>कार्यक्रम में पहुंचे विधायक योगेश वर्मा विनोद शंकर अवस्थी सांसद प्रतिनिधि अरविंद सिंह संजय अंबरीश सिंह व डीएम महेंद्र बहादुर सिंह सीएमओ डॉक्टर संतोष गुप्ता ने खीरी के नवनियुक्त 120 महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए कार्यक्रम की शुरुआत में राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया</p>
<p>डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि नवचयनित स्वास्थ्य कर्मियों का दायित्व है कि गांव गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएं उन्होंने नियुक्ति पत्र पाने वाली सभी बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं दी विधायक सदर योगेश वर्मा ने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में कल्याणकारी बदलाव लाने और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित है l</p>
<p>जिन बहनों को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं उन पर आज से अपने स्वास्थ्य के साथ ही दूसरों के स्वास्थ्य की भी जिम्मेदारी है विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने कहा कि सरकार मातृ शक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के साथ ही उनके जीवन में कल्याणकारी परिवर्तन लाने और उनके भविष्य को उत्कृष्ट बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है कार्यक्रम में सीएमओ डॉक्टर संतोष गुप्ता मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर शैलेश गोयल सीएमएस डॉक्टर चंदानी डॉक्टर ज्योति मल्होत्रा एसीएमओ डॉक्टर अश्विनी डॉक्टर अनिल गुप्ता डॉक्टर बीसी पंत डीपीएम अनिल यादव प्रशासनिक अधिकारी नरेंद्र वर्मा भाजपा नेता मोंटी गिरी दीपक पुरी सीएमओ कार्यालय के सौरभ शुक्ला कार्तिक मिश्रा मौजूद रहे।</p>
<h4><br /><strong>सीएम ने किया स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को वर्चुअल संबोधित</strong></h4>
<p><br />कलेक्ट्रेट में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में एलईडी स्क्रीन के जरिए मुख्यमंत्री का संबोधन सुना गया नियत समय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी से मुखातिब हुए और सर्वप्रथम उन्होंने सभी नव नियुक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को बधाई दी अपने प्रदेश के मुखिया से बधाई सुनकर सभी स्वास्थ्य महिला कार्मिक गदगद हो गई</p>
<p>अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सीएम ने कहा कि आज 7,182 नियुक्ति पत्र एएनएम स्वास्थ्य कार्यकर्त्रियों को वितरित किए जा रहे हैं इतनी बहनों को एक साथ नियुक्ति पत्र मिलना यह हमारे लिए मिशन रोजगार के साथ मिशन शक्ति को भी प्रोत्साहित करने का एक सशक्त माध्यम बना है फील्ड में हेल्थ वर्कर ने काम किया तो कोरोना को नियंत्रण करने का मॉडल पेश किया विभाग में पारदर्शिता से चयन हुआ है आज नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं।</p>
<h4><br /><strong>नियुक्ति पत्र मिलते ही खिल गए अभ्यर्थियों के चेहरे कहा सरकार की मंशानुरुप करेंगे कार्य</strong></h4>
<p><br />ओयल के ग्राम पन्योरा की निवासी चांदनी वर्मा ने बताया कि वह जिले में ही संविदा पर एएनएम के पद पर कार्य कर रही थी परीक्षा देने के बाद नौकरी की इंतजार था लेकिन आज हमारे लिए एक सुनहरा दिन आया है यह मुख्यमंत्री की सराहनीय पहल है।</p>
<p><br />फूलबेहड़ की निवासी पूजा रानी चौरसिया ने बताया कि उनकी एएनएम के पद पर नियुक्ति हुई उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है पूरी ईमानदारी के साथ भर्ती हुई है वह पूरे मनोयोग से अपने कार्य क्षेत्र में बिना किसी भेदभाव के काम करेंगी।</p>
<p><br />मोहम्मदी निवासी इंदु ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर काफी खुश हूं इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती हूं साथ ही जितनी भी बहनों को नियुक्ति पत्र मिला है उन्हें बधाई देती हूं साथ ही उनके बेहतर जीवन की कामना करती हूं।</p>
<p><br />निघासन तहसील के ग्राम सिमरा खुर्द की निवासी जूली जायसवाल ने कहा कि आज उनके मन की मुराद पूरी हो गई आज हमें रोजगार मिला है पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ सरकार के प्रयास की जितनी सराहना की जाए कम है बोली भर्ती में पूरी तरह पारदर्शिता रही।</p>
<p><br />राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब निवासी रश्मि सिंह ने बताया कि अब तक वह एएनएम पद पर संविदा पर जनपद सीतापुर के कसमंडा में कार्यरत थी आज उनका बरसो पुराना सपना पूरा हुआ भर्ती पारदर्शी हुई हैं पीएम मोदी सीएम योगी को उन्होंने धन्यवाद दिया और बोलीं मुझे मेरी मेहनत का फल मिल गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2023 20:38:44 +0530</pubDate>
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