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                <title>Congress leader rahul gandhi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Congress leader rahul gandhi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>देश की शिक्षा प्रणाली एक्सटोर्शन मशीन, बच्चों को दबाती-कुचलती है, इसे बदलना होगा: राहुल गांधी ।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas10.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो देश के भविष्य के लिए बिल्कुल सही नहीं है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि आगे से किसी भी बच्चे को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मघाती</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कदम न उठाना पड़े।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि उनकी छात्रों और युवाओं के साथ इस संवाद का मकसद राजनीतिक नहीं है। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं है। इसमें भारत की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा होगी कि इसमें क्या कमियां हैं और क्या सुधार करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह बैठक आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन युवाओं के बारे में है जो अपना भविष्य बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह शाम आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन चुनौतियों के बारे में जिनका आप हर दिन सामना कर रहे हैं।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे पांच छात्रों को मंच पर बुलाया और उनसे बात की। उन्होंने एक छात्रा और उसके अभिभावकों से भी मंच पर बात की। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हम अभी आज राजनीतिक बात नहीं कर रहे हैं। मैं हिंदुस्तान के भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपके भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के भविष्य की बात कर रहा हूं। हमें इस (शिक्षा) प्रणाली को बदलना होगा और इस प्रणाली को ठीक करना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि हम ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहते हैं जो हर भारतीय को बड़ा सपना देखने का मौका दे और उसे पूरा करे। सबसे बड़ी बात आपका यह सपना न्यूनतम लागत पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना आपकी जेब से लाखों करोड़ रुपये छीने करना चाहिए। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">देश की शिक्षा प्रणाली हिंदुस्तान के सबसे गरीब मध्यम वर्ग के लोगों से एक परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितना शिक्षा का बजट है और पांच बड़ी परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितने पांच बड़े मंत्रालयों को बजट मिलता है। ये शर्मनाक है। हमें इसे बदलना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की शिक्षा प्रणाली शोषण (एक्सटोर्शन) मशीन है। ये आपसे पैसे लेने का ‘सिस्टम’ है। ये सिर्फ शिक्षा देने का ‘सिस्टम’ नहीं है। ये परीक्षा के आधार पर आपसे लाखों करोड़ रुपये छीनने का ‘सिस्टम’ है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कार्यक्रम इस आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से इससे जुड़ने और अपने सुझाव देने की अपील की कि हम इस प्रणाली को कैसे बदलें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:05:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार चुनाव: ' 56 इंच की छाती वाले डरपोक हैं', राहुल गांधी का PM मोदी पर बड़ा हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार के बेगूसराय में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए लोकसभ में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा</span>, “56<span lang="hi" xml:lang="hi">  इंच की छाती में कुछ नहीं रखा। </span>56<span lang="hi" xml:lang="hi">  इंच की छाती वाले डरपोक हैं।” राहुल गांधी ने अपने भाषण में विदेश नीति से लेकर युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अडानी-अंबानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया और चुनाव आयोग तक पर मोदी सरकार को निशाने पर लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने कहा कि </span>1971<span lang="hi" xml:lang="hi">  में जब अमेरिका ने इंदिरा गांधी को धमकी दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उन्होंने डरने के बजाय पाकिस्तान को हराकर बांग्लादेश बनाया।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158785/bihar-election-rahul-gandhi-is-a-coward-with-56-inch"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/बिहार-चुनाव-- 56 इंच-की-छाती-वाले-डरपोक-हैं-राहुल-गांधी-का pm मोदी-पर-बड़ा-हमला.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज। </span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">बिहार के बेगूसराय में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए लोकसभ में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा</span>, “56<span lang="hi" xml:lang="hi"> इंच की छाती में कुछ नहीं रखा। </span>56<span lang="hi" xml:lang="hi"> इंच की छाती वाले डरपोक हैं।” राहुल गांधी ने अपने भाषण में विदेश नीति से लेकर युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अडानी-अंबानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोशल मीडिया और चुनाव आयोग तक पर मोदी सरकार को निशाने पर लिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने कहा कि </span>1971<span lang="hi" xml:lang="hi"> में जब अमेरिका ने इंदिरा गांधी को धमकी दी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उन्होंने डरने के बजाय पाकिस्तान को हराकर बांग्लादेश बनाया। लेकिन जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नरेंद्र मोदी से कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बंद कर दो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मोदी ने दो दिन में ऑपरेशन रोक दिया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी सिर्फ ट्रंप से ही नहीं डरते। मोदी का कंट्रोल अडानी-अंबानी जैसे लोगों के हाथों में है।"</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी युवाओं को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर “रील बनाने” के लिए कहते हैं ताकि वे असल मुद्दों से ध्यान न दें। उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी नहीं चाहते कि युवाओं को समझ आए कि उनकी अडानी के साथ साझेदारी है। जिस दिन युवाओं को यह बात समझ में आ गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी दिन मोदी और अडानी की दुकान बंद हो जाएगी।"</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने व्यंग्य करते हुए कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्र मोदी वोट के लिए स्टेज पर डांस भी कर देंगे। चुनाव के दिन तक जो भी आप कहेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो करेंगे। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद वह सिर्फ अडानी-अंबानी के लिए काम करेंगे।"</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने दावा किया</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">कर्नाटक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महाराष्ट्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हरियाणा और मध्य प्रदेश में </span>BJP-RSS <span lang="hi" xml:lang="hi">ने पूरा चुनाव चोरी किया है। अब बिहार में भी यही कोशिश की जा रही है।"उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बिहार में महागठबंधन के वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए हैं। हमने इसका सबूत पहले भी दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब फिर से देंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने बिहार की जनता से एक वादा भी किया। उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">जब भी बिहार को मेरी जरूरत होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बस मुझे आदेश देना है- राहुल यहां आओ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारा काम करो। मैं आपके आदेश का पालन करूंगा।"</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 22:16:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वोटर अधिकार यात्रा: राहुल गांधी का बड़ा हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>बिहार के अररिया में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग और बीजेपी को निशाने पर लिया। उन्होंने चुनाव आयोग के रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग पर भेदभाव और बीजेपी के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए, और महादेवपुरा (कर्नाटक) के संदर्भ में फर्जी मतदाता मुद्दे को उठाया।</div>
<div>  </div>
<div>राहुल गांधी ने कहा कि महादेवपुरा के डेटा से यह स्पष्ट होता है कि वहां से 1 लाख फर्जी मतदाता कैसे आ गए, लेकिन आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया।उन्होंने आगे कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154096/voter-adhikar-yatra-rahul-gandhis-big-attack"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/वोटर-अधिकार-यात्रा-राहुल-गांधी-का-बड़ा-हमला.png" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>बिहार के अररिया में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग और बीजेपी को निशाने पर लिया। उन्होंने चुनाव आयोग के रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग पर भेदभाव और बीजेपी के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए, और महादेवपुरा (कर्नाटक) के संदर्भ में फर्जी मतदाता मुद्दे को उठाया।</div>
<div> </div>
<div>राहुल गांधी ने कहा कि महादेवपुरा के डेटा से यह स्पष्ट होता है कि वहां से 1 लाख फर्जी मतदाता कैसे आ गए, लेकिन आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया।उन्होंने आगे कहा कि उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच आयोग ने उनसे हलफनामा मांगा, वहीं बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आयोग ने कोई हलफनामा नहीं मांगा। यह उनकी (चुनाव आयोग) नीति में स्पष्ट असमानता को दर्शाता है।</div>
<div> </div>
<div>राहुल गांधी ने कहा, “उनका (चुनाव आयोग) तर्क है कि मैंने फर्जी वोटर की बात उठाई, अनुराग ठाकुर ने वही बात दोहराई, लेकिन आयोग ने उनसे हलफनामा नहीं लिया। इससे स्पष्ट होता है कि चुनाव आयोग न तो स्वतंत्र है और न निष्पक्ष।"</div>
<div>राहुल गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को एक संस्थागत वोट चोरी का तरीका बताया। उन्होंने बिहार में हटाए गए 65 लाख नामों का उदाहरण दिया और कहा कि बीजेपी की तरफ से इस संबंध में एक भी शिकायत नहीं की गई। उनका कहना है कि यह सब इसलिए संभव है क्योंकि चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त, बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।</div>
<div>राहुल गांधी ने कहा कि वे चुनाव आयोग के इस रवैये को बदलने में हर संभव प्रयास करेंगे।</div>
<div> </div>
<div>उनका संदेश था, "चाहे कुछ भी हो जाए, हम बिहार में चुनाव चोरी नहीं होने देंगे।"उन्होंने कहा कि ‘वोटर अधिकार यात्रा’ बहुत सफल रही है। बिहार की जनता इस मुद्दे यानी ‘वोट चोरी’ पर पूरी तरह जागरूक है और हमसे जुड़ रही है। राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में करोड़ों लोग ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भरोसा करते हैं और यही वजह है कि वे हमारे साथ जुड़ रहे हैं।</div>
<div>आरजेडी नेता तेजस्वी यावद ने प्रेस से बात करते हउए पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी से बड़ा झूठा आज तक कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ। समाज में जहर फैलाने और अफवाहें फैलाने में उनसे बेहतर कोई नहीं है। लेकिन ये बिहार की धरती है, हम लोकतंत्र और संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे।</div>
<div> </div>
<div>इस मौके पर प्रेस से बात करते हुए वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी ने कहा कि हम सभी लोग जनता के वोट के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। आजाद भारत में लोगों के पास वोट की ही ताकत है। अगर हमारे पास वोट की ताकत नहीं होती तो देश की सरकारें हमारी बात नहीं मानती।उन्होंने कहा कि आज देश में अमीर-गरीब के पास समान वोट का अधिकार है। इसलिए हम गरीबों और पिछड़ों के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 16:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महादेवपुरा वोटर सूची में हेरफेर के राहुल के आरोपों का केस सुप्रीम कोर्ट पहुँचा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
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<div>कर्नाटक के महादेवपुरा की मतदाता सूची में कथित हेरफेर के जिस मामले को राहुल गांधी जनता की अदालत में ले गए हैं वह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों की विशेष जांच दल यानी एसआईटी के माध्यम से जांच की मांग की गई है। यह याचिका 2024 के  में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेरफेर के राहुल गांधी के दावों के बाद दायर की गई है, जिसमें उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154046/case-of-manipulation-of-rahuls-allegations-in-mahadevpura-voter-list"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/eci.webp" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div>कर्नाटक के महादेवपुरा की मतदाता सूची में कथित हेरफेर के जिस मामले को राहुल गांधी जनता की अदालत में ले गए हैं वह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों की विशेष जांच दल यानी एसआईटी के माध्यम से जांच की मांग की गई है। यह याचिका 2024 के  में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेरफेर के राहुल गांधी के दावों के बाद दायर की गई है, जिसमें उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। याचिका में इस जाँच की निगरानी किसी पूर्व जज से कराने का अनुरोध किया गया है।</div>
<div> </div>
<div>यह जनहित याचिका उस समय दायर की गई है, जब राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट के तहत आने वाले महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 100250 फर्जी वोटों के जरिए चुनाव चोरी का आरोप लगाया था। गांधी ने दावा किया था कि उनकी पार्टी ने छह महीने तक मतदाता सूची के 6.5 लाख एंट्रीज की गहन जांच की। इसके आधार पर उन्होंने पांच तरीकों- डुप्लिकेट मतदाता, फर्जी या अमान्य पते, एक ही पते पर सामूहिक मतदाता, अमान्य तस्वीरें और पहली बार मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 का दुरुपयोग- से मतदाता हेरफेर का खुलासा किया। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि एक छोटे से 10-15 वर्ग फुट के घर में 80 मतदाता पंजीकृत थे और एक शराब की दुकान जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान में 68 मतदाता पंजीकृत दिखाए गए थे।</div>
<div> </div>
<h4><strong>याचिका में यह भी तर्क दिया गया</strong></h4>
<div> </div>
<div>20 अगस्त को दायर इस जनहित याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट एक विशेष जांच दल का गठन करे, जिसकी अध्यक्षता कोई पूर्व जज करें, ताकि राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। याचिका में कहा गया है कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हैं। याचिका में राहुल गांधी के 7 अगस्त के प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया गया, जहां उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि मतदाता सूची में हेरफेर जैसे मामले संविधान के तहत नागरिकों के 'एक व्यक्ति, एक वोट' के अधिकार को कमजोर करते हैं, और इसलिए इसकी गहन जाँच ज़रूरी है। याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सुनिश्चित करने वाले बाध्यकारी दिशा-निर्देश बनाने और जारी करने की मांग की है। </div>
<div> </div>
<h4><strong>याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की कि चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों को सुलभ, मशीन-रिडेबल फॉर्म में प्रकाशित करने का निर्देश दिया जाए, ताकि सही सत्यापन, ऑडिट और सार्वजनिक जांच हो सके।</strong></h4>
<div> </div>
<div>याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने विपक्ष के नेता द्वारा उठाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच की और प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत पाए। ये यह दिखाते हैं कि ये आरोप वैध मतों को कमजोर करने की व्यवस्थित कोशिश को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा है कि इसके लिए इस न्यायालय के तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। याचिकाकर्ता ने कहा, 'मतदाता सूची में इस तरह की हेराफेरी संविधान के अनुच्छेद 326 यानी वयस्क मताधिकार, अनुच्छेद 324 यानी निर्वाचन आयोग द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का संचालन और अनुच्छेद 14 व 21 यानी कानून के समक्ष समानता और लोकतांत्रिक शासन में सार्थक भागीदारी के अधिकार का उल्लंघन करती है।</div>
<div> </div>
<h4><strong>राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में महादेवपुरा में हेरफेर के कारण बीजेपी को बेंगलुरु सेंट्रल सीट में जीत मिलने का दावा किया,</strong></h4>
<div> </div>
<div>याचिका में यह भी कहा गया है कि निर्वाचन आयोग की ओर से राहुल गांधी से उनके दावों को सत्यापित करने के लिए शपथ के तहत सबूत मांगना सही नहीं है, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि पंजीकरण नियम इस स्थिति में लागू नहीं होता। यह नियम ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर शिकायतों या आपत्तियों के लिए है, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव पहले ही समाप्त हो चुके हैं। राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में महादेवपुरा में हेरफेर के कारण बीजेपी को बेंगलुरु सेंट्रल सीट में जीत मिलने का दावा किया, जहां बीजेपी के पी.सी. मोहन ने कांग्रेस के मंसूर अली खान को 32,707 वोटों से हराया था। राहुल ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव चोरी करने का आरोप लगाया और मांग की कि आयोग पिछले 10-15 वर्षों के इलेक्ट्रॉनिक मतदाता डेटा और मतदान केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज साझा करे।</div>
<div> </div>
<div>चुनाव आयोग ने इन आरोपों को बेतुका और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 17 अगस्त 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं और डुप्लिकेट नाम होने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति दो बार वोट डाल सकता है। आयोग ने राहुल गांधी से सात दिनों के भीतर शपथ के तहत अपने दावों का समर्थन करने या देश से माफी मांगने की मांग की। कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने भी गांधी को नोटिस जारी कर उनके दावों के समर्थन में दस्तावेज मांगे।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 18:46:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी को संसद में जाने से बीजेपी सांसदों ने रोका, धक्का-मुक्की में गिरे बीजेपी सांसद सारंगी, ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>राहुल गांधी ने कहा, “कैमरे में सब कैद होगा। मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था। इस बीच, बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया। खड़गे जी को भी धक्का लगा हमें धक्का मुक्की से कुछ नहीं होता है। हम संसद के अंदर जा रहे थे। बीजेपी के सांसद हमें संसद जाने से रोक नहीं सकते हैं।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीजपी के धक्का-मुक्की के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तापक्ष के सदस्यों ने विपक्षी सांसदों को संसद भवन में जाने से रोका और धमकी दी। इस बीच ओडिशा के बालासोर से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147085/bjp-mps-stopped-rahul-gandhi-from-going-to-parliament-bjp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/राहुल-तुम-केवल-गुंडे-हो-नेता-नहीं.jpg" alt=""></a><br /><div>राहुल गांधी ने कहा, “कैमरे में सब कैद होगा। मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था। इस बीच, बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया। खड़गे जी को भी धक्का लगा हमें धक्का मुक्की से कुछ नहीं होता है। हम संसद के अंदर जा रहे थे। बीजेपी के सांसद हमें संसद जाने से रोक नहीं सकते हैं।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीजपी के धक्का-मुक्की के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तापक्ष के सदस्यों ने विपक्षी सांसदों को संसद भवन में जाने से रोका और धमकी दी। इस बीच ओडिशा के बालासोर से बीजेपी सांसद प्रताप सिंह सारंगी संसद की सीढ़ियों से गिर गए। उनके सिर पर चोट लग गई।</div>
<div> </div>
<div>सारंगी ने आरोप लगाया कि वे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की धक्कामुक्की की वजह से गिरे थे। सारंगी ने कहा कि राहुल गांधी ने किसी सांसद को धक्का दिया। वह सांसद उनके ऊपर गिर गया, जिससे उन्हें चोट लगी। हालांकि राहुल गांधी ने इस इनकार किया। वहीं, राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कैमरे में सब कैद होगा। मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था। इस बीच, बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया। खड़गे जी को भी धक्का लगा। ”उन्होंने आगे कहा, “हमें धक्का मुक्की से कुछ नहीं होता है। हम संसद के अंदर जा रहे थे। बीजेपी के सांसद हमें संसद जाने से रोक नहीं सकते हैं।”</div>
<div> </div>
<div>राहुल गांधी ने कहा, “संसद में जाना मेरा अधिकार है। मुझे कोई रोक नहीं सकता है। मैं संसद के भीतर जाना चाहता था। लेकिन, मुझे रोका गया। बीजेपी के सांसद मुझे लगातार रोकने की कोशिश कर रहे थे। वो मुझे प्रवेश द्वार पर रोकने की कोशिश कर रहे थे। ” कांग्रेस सांसद बोले, “यह लोग लगातार संविधान पर प्रहार कर रहे हैं। यह लोग बीआर अंबेडकर की स्मृति को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।</div>
<div>कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने एक्स पर लिखा, “आज मैंने देखा कि बीजेपी के सांसद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रति शत्रुतापूर्ण और धमकी भरे थे।</div>
<div> </div>
<div>बीजेपी सांसदों के हाथों में लाठियां थीं। मैंने अपनी आंखों से देखा कि किस तरह मल्लिकार्जुन खड़गे को धमकाया और धक्का दिया जा रहा था। यह पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। मैं इस अहंकार की निंदा करता हूं।"</div>
<div>गौरव गोगोई ने आगे कहा, "मैं आज मकर द्वार की सीढ़ियों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा का भी अनुरोध करूंगा। भारत के सांसदों ने अक्सर सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया है, लेकिन हम कभी भी अन्य दलों के प्रति शत्रुतापूर्ण नहीं रहे हैं। हम अहिंसक आंदोलन में विश्वास करते हैं। जब भी भारत गठबंधन के सांसद सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो वहां सुरक्षा घेरा होता है ताकि अन्य सांसद बिना किसी व्यवधान के ऊपर जा सकें। आज एक साथ दो विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सुरक्षा घेरा नदारद था। यह दोहरा मापदंड क्यों? सांसदों को चोट लगने का जोखिम क्यों? क्या बीजेपी उकसावे की मंशा रखती है?"</div>
<div>कांग्रेस ने वीडियो शेयर करके कहा कि इस वीडियो में साफ दिख रहा है.. BJP सांसद हाथों में डंडे लगे प्लेकार्ड लेकर विपक्ष के सांसदों को सदन में जाने से रोक रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी, प्रियंका गांधी जी और अन्य महिला सांसदों के साथ BJP के सांसद धक्का-मुक्की कर रहे हैं। ये सरासर गुंडई है। लोकतंत्र के मंदिर में BJP की तानाशाही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</div>
<div>दरअसल संसद भवन परिसर में इंडिया ब्लॉक के नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहेब अंबडेकर के संदर्भ में की गई टिप्पणी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नेता अमित शाह का इस्तीफा मांग रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन डॉ अंबडेकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक किया जा रहा है।</div>
<div>इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बृहस्पतिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दावा किया कि संसद भवन के ‘मकर द्वार’ के निकट भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने उन्हें धक्का दिया जिसके कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर बैठने को मजबूर हो गए।उन्होंने यह आग्रह भी किया कि मामले की जांच कराई जाए क्योंकि यह न केवल उन पर, बल्कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला था।</div>
<div>खड़गे ने बिरला को लिखे पत्र में कहा, ‘‘आज सुबह ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने प्रेरणा स्थल स्थित डॉक्टर आंबेडकर की प्रतिमा से ‘मकर द्वार’ तक मार्च निकाला। यह मार्च 17 दिसंबर, 2024 को राज्यसभा में अपने भाषण में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आंबेडकर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में निकाला गया था। जब मैं विपक्षी सांसदों के साथ मकर द्वार पहुंचा तो बीजेपी सांसदों ने मेरे साथ धक्का-मुक्की की। मैं अपना संतुलन खो बैठा और मकर द्वार के सामने जमीन पर बैठने को मजबूर हो गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे मेरे घुटनों पर चोट आई, जिनकी पहले ही सर्जरी हो चुकी है।’’</div>
<div>खड़गे के अनुसार, इसके बाद, कांग्रेस सांसद एक कुर्सी लेकर आए और उन्हें उस पर बैठाया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद बड़ी मुश्किल से और अपने सहकर्मियों के सहयोग से वह लड़खड़ाते हुए सुबह 11 बजे राज्यसभा में पहुंचे।उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे इस घटना की जांच का आदेश देने का आग्रह करता हूं जो न केवल मुझ पर, बल्कि राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला है।’’</div>
<div>संसद परिसर में गुरुवार को तब एक नाटकीय घटनाक्रम हुआ जब बीजेपी-कांग्रेस सांसदों के बीच झड़प हो गई। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के सांसद आंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की का आरोप लगाया गया। बीजेपी ने जहाँ अपने सांसद के घायल होने का आरोप लगाया है वहीं कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी के अध्यक्ष जब संसद में जाने का प्रयास कर रहे थे तो बीजेपी सांसदों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की।</div>
<div>इससे पहले अमित शाह-आंबेडकर विवाद संसद में गुरुवार को भी चर्चा का केंद्र बना रहा। इस वजह से राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही को शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसद आंबेडकर विवाद पर चर्चा की मांग कर रहे थे। इससे पहले इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन के बाहर अमित शाह पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया है और बैनर व तख्तियाँ लेकर प्रदर्शन किया। इसी तरह का प्रदर्शन बीजेपी ने भी कांग्रेस पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए किया।</div>
<div> </div>
<div>इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद परिसर में बीआर आंबेडकर के बैनर लेकर प्रदर्शन किया और शाह से माफी मांगने की मांग की। इस बीच राहुल गांधी और बीजेपी सांसद प्रताप चंद्र सारंगी का नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बीच, दो घायल भाजपा सांसदों को आरएमएल अस्पताल ले जाया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 20 Dec 2024 16:55:45 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रपति के अपमान से आहत भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राष्ट्रपति महोदया का अपमान कोई भी करे तो हर कोई आहत हो सकता है। भाजपा भी इसमें शामिल है, लेकिन मै भाजपा को इसके लायक नहीं मानता कि वो राष्ट्रपति के कथित अपमान को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुलगांधी पर निशाना साधे। ये तो ठीक वैसा ही मामला है कि  पहला पत्थर वो ही मार सकता है जिसने पाप न किया हो, जो पापी न हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर समारोह का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए बीजेपी नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगान के दौरान कांग्रेस नेता का ध्यान कहीं और था। उन्होंने कांग्रेस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146646/bjp-hurt-by-presidents-insult"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/राष्ट्रपति-के-अपमान-से-आहत-भाजपा.jpg" alt=""></a><br /><p>राष्ट्रपति महोदया का अपमान कोई भी करे तो हर कोई आहत हो सकता है। भाजपा भी इसमें शामिल है, लेकिन मै भाजपा को इसके लायक नहीं मानता कि वो राष्ट्रपति के कथित अपमान को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुलगांधी पर निशाना साधे। ये तो ठीक वैसा ही मामला है कि  पहला पत्थर वो ही मार सकता है जिसने पाप न किया हो, जो पापी न हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर समारोह का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए बीजेपी नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगान के दौरान कांग्रेस नेता का ध्यान कहीं और था। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर मंगलवार को संसद में संविधान दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिवादन न करके उनका अपमान करने का आरोप लगाया।</p>
<p>जाहिर है कि  खुद अमित मालवीय का ध्यान राष्ट्रगान के दौरान राहुल गांधी पर था राष्ट्रगान पर नहीं। अमित मालवीय ने कार्यक्रम के दो वीडियो साझा किए, जिनमें से एक में राष्ट्रगान बजते समय राहुल गांधी को बगल में देखते हुए दिखाया गया है, जबकि अन्य नेता या तो सीधा या नीचे की ओर देखते हुए सावधान की मुद्रा में खड़े थे. एक अन्य वीडियो में राहुल गांधी कुर्सी पर बैठे हुए दिख रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अन्य नेता मंच पर खड़े हैं. वीडियो में राहुल गांधी को राष्ट्रपति मुर्मू का अभिवादन किए बिना मंच से उतरते हुए भी दिखाया गया है।</p>
<p>भाजपा यदि मानती है कि  राहुल गांधी ने राष्ट्रपति का अपमान किया है तो हम भी राहुल गांधी की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन उसे भाजपा नेताओं और खुद प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी द्वारा किये गए राष्ट्रपति के अपमान के लिए मोदी जी की आलोचना करना होगी। क्योंकि मोदी जी शुरू से अंत तक राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू का अपमान करते आये हैं। मोदी जी द्वारा राष्ट्रपति के अपमान की कोई एक घटना हो तो उसकी अनदेखी भी की जा सकती है लेकिन दुर्भाग्य से मोदी जी ये अपराध बार-बार करते आये हैं।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%AA%E0%A4%BE.webp" alt="राष्ट्रपति के अपमान से आहत भाजपा" width="948" height="533"></img></p>
<p>आइये आपको मोदी जी द्वारा राष्ट्रपति के अपमान की कुछ चुनिंदा घटनाओं से रूबरू कराता हूँ। आपको याद होगा कि  इस देश में जब नया संसद भवन बना तो उसके भूमि पूजन से लेकर लोकार्पण के समारोह तक में राष्ट्रपति महोदया को आमंत्रित नहीं किया गया, उनसे लोकार्पण करना तो दूर की बात है, जबकि वे संसद के दोनों सदनों की नेता मानी जाती हैं ,लेकिन मोदी जी शायद ऐसा नहीं मानते। उनकी सरकार है ,वे जो चाहे करने के लिए स्वत्तन्त्र हैं।</p>
<p>भाजपा की राजनीति का केंद्र रहे अयोध्या के राम मंदिर के शिलान्यास और प्राण -प्रतिष्ठा समारोह में भी माननीय राष्ट्र्पति को नहीं पूछा गया,क्योंकि इन दोनों ही अवसरों पार मोदी जी ही अपने आपको राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री  मान बैठे।  या वे किसी आदिवासी के हाथों  से ये महान कार्य करना नहीं चाहते थे। वे आदिवासियों को हमेशा जूठन परोसते आये है।  इसकी ताजा मिसाल है आदिवासियों के भगवान बिरसा मुंडा को सराय काले खान  देकर लुभाने की कोशिश। ये तो गनीमत हैकिमुंडा कि वंशजों ने झारखण्ड में इस चल को कामयाब नहीं होने दिया।</p>
<p>राष्ट्रपति का सबसे बड़ा अपमान तो तब हुआ जब भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेता माननीय लालकृष्ण आडवाणी साहब को भारत रत्न दिया जा रहा था तब माननीय प्रधानमंत्री कुर्सी पर विराजे थे और राष्ट्रपति महोदया खड़ी हुई थीं। सारे देश ने ये अपमानजनक  तस्वीरें देखीं  ,लेकिन किसी भाजपाई ने मोदी जी को नहीं टोका ।  किसी की हिम्मत ही नहीं है जो मोदी जी को टोक सके। मोदी जी ने तो राष्ट्रपति महोदया को केवल दही -शक़्कर चखने के लिए ही पात्र माना है।</p>
<p>हमारे देश में एक पुरानी रिवायत रही है कि प्रधानमंत्री  जब भी कोई विदेश यात्रा करते हैं तब जाने से पहले और आने के बाद राष्ट्रपति से सौजन्य भेंट कर उन्हें अपनी विदेश यात्रा के बारे में रिपोर्ट करते हैं ,लेकिन माननीय मोदी जी ने ये परम्परा जान-बूझकर तोड़ दी।  ठीक वैसे ही जैसे की विदेश यात्राओं पर प्रेस को ले जाने की परम्परा तोड़ी गयी।  मोदी जी प्रेस से डरते हैं और राष्ट्रपति से भी। उन्हें लगता है कि  कहीं  राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू में पूर्व राष्ट्रपति राधाकृष्णन या जेल सिंह की आत्मा प्रवेश न कर जाये।  आपको याद होगा कि  तत्कालीन राष्ट्रपति राधाकृष्णन ने एक बार तत्कालीन रक्षा मंत्री मेनन को हटाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को विवश कर दिया था और जेल सिंह ने राजीव गांधी सरकार को एक विधेयक पर तत्कालीन प्रधानमंत्री  राजीव गाँधी सरकार के पसीने छुटा दिए थे।</p>
<p>मेरे दीर्घकालिक अनुभव में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जब किसी प्रधानमंत्री ने किसी राष्ट्रपति का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए किया हो, लेकिन माननीय मोदी जी ने ऐसा किय।  उन्होंने मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले माननीय राष्ट्रपति को दो बार मध्य्प्रदेश के आदिवासियों के बीच भेजा क्योंकि वे आदिवासियों को लुभाना चाहते थे।  भाजपा ने बार-बार राष्ट्रपति के आदिवासी होने को भुनाने   की कोशिश की है  ,क्या इसे राष्ट्रपति का अपमान नहीं माना जाना चाहिए ? किसी राष्ट्रपति के साथ अतीत में ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस के जमाने  में  भी नहीं।</p>
<p>दरअसल हमारे यहां राष्ट्रपति का पद एक रिवायती पद है ,हमारे यहां ये धारणा बना दी गयी है कि  राष्ट्रपति की हैसियत किसी रबर स्टाम्प से ज्यादा नहीं होती। लेकिन याद कीजिये कि  क्या आजादी के बाद जितने भी राष्ट्रपति हुए वे सब रबर स्टाम्प थे ? तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के युग में भी राष्ट्रपति की गरिमा थी ,भले ही वे सचमुच रबर स्टाम्प बना दिए गए थे।मैंने देश के 15  में से 12  राष्ट्रपतियों को देखा है। अनेक से रूबरू मिला भी हूँ लेकिन जैसी दुर्गति मौजूदा राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू की मोदी युग में हुई है किसी और की नहीं हुई या की गयी। इसके लिए मुर्मू जी दोषी नहीं हैं ।  वे सीधी-सादी महिला हैं। वे सियासत नहीं करतीं।</p>
<p>मोदी जी खुशनसीब हैं कि  उनका पाला राजेंद्र प्रसाद,राधाकृष्णन या जाकिर हुसैन जैसे महनुभवों से नहीं पड़ा। उनके हिस्से में वीवी  गिरी , फखरुद्दीन अली अहमद या नीलम संजीव रेड्डी जैसे विद्वान राष्ट्रपति नहीं आये। काश कि  मोदी जी का सामना ज्ञानी जेल सिंह , आर वैंकट रमन ,डॉ शंकर दयाल शर्मा या के आर  नारायण से   पड़ा होता । उनके हिस्से में प्रणब मुखर्जी ,रामनाथ कोविद और श्रीमती मुर्मू आये। खैर। भगवान न करे की कोई हमारी राष्ट्रपति का अपमान करे ,फिर चाहे वे राहुल गांधी हों या नरेंद्र दामोदर दास मोदी।  इस बारे में और ज्यादा तर्क -कुतर्क की गुंजाईश है नहीं।</p>
<p><strong>राकेश अचल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Nov 2024 16:37:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महाराष्ट्र चुनाव 1-2 अरबपतियों और गरीबों के बीच का चुनाव है-। राहुल गांधी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>महाराष्ट्र। </strong>लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "महाराष्ट्र चुनाव विचारधाराओं का चुनाव है और 1-2 अरबपतियों और गरीबों के बीच का चुनाव है। अरबपति चाहते हैं कि मुंबई की जमीन उनके हाथ में जाए। अनुमान है कि 1 लाख करोड़ 1 अरबपति को दिए जाएंगे। हमारी सोच है कि महाराष्ट्र को, महाराष्ट्र के किसानों को, गरीबों को, बेरोजगारों को, युवाओं को मदद की जरूरत है। </div>
<div>राहुल गांधी ने कहा हम हर महिला के बैंक खाते में 3000 रुपए मुफ्त जमा करेंगे, बस यात्रा होगी। किसानों का 3 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146435/maharashtra-election-is-an-election-between-1-2-billionaires-and-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/महाराष्ट्र-चुनाव-1-2-अरबपतियों-और-गरीबों-के-बीच-का-चुनाव-है-।-राहुल-गांधी।.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>महाराष्ट्र। </strong>लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "महाराष्ट्र चुनाव विचारधाराओं का चुनाव है और 1-2 अरबपतियों और गरीबों के बीच का चुनाव है। अरबपति चाहते हैं कि मुंबई की जमीन उनके हाथ में जाए। अनुमान है कि 1 लाख करोड़ 1 अरबपति को दिए जाएंगे। हमारी सोच है कि महाराष्ट्र को, महाराष्ट्र के किसानों को, गरीबों को, बेरोजगारों को, युवाओं को मदद की जरूरत है। </div>
<div>राहुल गांधी ने कहा हम हर महिला के बैंक खाते में 3000 रुपए मुफ्त जमा करेंगे, बस यात्रा होगी। किसानों का 3 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा, सोयाबीन के लिए 7,000 रुपये प्रति क्विंटल देंगे। जाति जनगणना जो हम तेलंगाना, कर्नाटक में करवा रहे हैं, हम महाराष्ट्र में कराएंगे।''</div>
<div> </div>
<div>महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार आज शाम  समाप्त हो गया । आज महायुति और महाविकास आघाड़ी दोनों ही गठबंधन के नेताओं की कई बड़ी रैलियां हुई । महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को होंगे। जबकि नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। राज्य में प्रमुख लड़ाई महा विकास अघाड़ी (एमवीए) और महायुति के बीच है। कांग्रेस एमवीए की कप्तान है; शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) इसके प्लेयर हैं। भारतीय जनता पार्टी महायुति की कप्तान है। शिवसेना (एकनाथ शिंदे), और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) प्लेयर हैं। महायुति की ओर से बीजेपी 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। शिवसेना (शिंदे) 81 सीटों पर, एनसीपी (अजित पवार) 59 सीटों पर और अन्य सहयोगी छह सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। एमवीए सेकांग्रेस 101 सीटों पर, शिवसेना (उद्धव) 95 और एनसीपी (एसपी) 86 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अन्य सहयोगी 6 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के नारे एक हैं तो सेफ हैं नारे का मतलब बताया है। राहुल गांधी ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक तिजोरी खोली और उसमें से गौतम अडानी और पीएम मोदी का एक पोस्टर निकाला। कांग्रेस नेता ने धारावी की भी तस्वीर भी दिखाई और सवाल करते हुए कहा कि एक कौन हैं, सेफ कौन हैं और सेफ किसका है।</div>
<div>राहुल गांधी ने कहा कि धारावी की जमीन वहां रहने वाले लोगों की है। वे वहां वर्षों से रह रहे हैं। धारावी को कन्वर्ट करने में कई सारी समस्याएं हैं। मैंग्रोव की जमीन छीनी जा रही है। एक व्यक्ति के लिए सारे नियम बदल दिए गए। देश के पोर्ट, एयरपोर्ट, डिफेंस इंडस्ट्री, धारावी सारा कुछ उस एक व्यक्ति को सौंपा जा रहा है, जिसका प्रधानमंत्री से पुराना रिश्ता है। अडानी ये काम अकेले नहीं कर सकते। वो प्रधानमंत्री की मदद लिए बिना धारावी की जमीन लोगों से नहीं ले सकते हैं।</div>
<div> </div>
<div>महाराष्ट्र का धन यहां की जनता को मिलेगा या फिर एक व्यक्ति को मिलेगा- यही चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र का चुनाव गरीबों और चंद अरबपतियों के बीच का चुनाव है। अरबपति चाहते हैं कि मुंबई की जमीन उन्हें मिले। करीब 1 लाख करोड़ रुपए एक अरबपति को देने की तैयारी है। कांग्रेस पार्टी की सोच है कि महाराष्ट्र के किसानों, गरीबों , बेरोजगारों की मदद हो। राज्य के लिए महंगाई, बेरोजगारी मुख्य मुद्दे हैं।</div>
<div> </div>
<div>विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि अडानी टेंडरिंग प्रक्रिया कैसे काम करती है, यह सभी जानते हैं। सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग का इस्तेमाल लोगों पर दबाव बनाने के लिए कैसे किया जाता है, यह सभी जानते हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर हमने इसका उदाहरण देखा। लेकिन सच्चाई यह है कि पूरा देश जानता है कि अडानी को पीएम मोदी का पूरा समर्थन प्राप्त है और वह जो चाहते हैं, वह उन्हें मिल जाता है।</div>
<div>बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा, ''हमने धारावी की जमीन किसी को नहीं दी है।</div>
<div> </div>
<div>राहुल जी, धारावी की जमीन महाराष्ट्र सरकार के पास ही रहेगी। आपने (राहुल गांधी) कहा था कि हम गरीबों को वहां से हटाना चाहते हैं। ये टेंडर जारी किया गया। महा विकास अघाड़ी के समय बनी टेंडर शर्तों के आधार पर किया। सच तो यह है कि जो धारावी में रहेगा, उसे वहीं घर मिलेगा। प्रत्यक्ष निवेश के हिसाब से देखें तो इस देश में सबसे ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश महायुति सरकार में दौरान आया। आपके समय में रैंकिंग नीचे चली गई।"</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Nov 2024 16:52:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>भाजपा जंगल व जमीन पूंजीपतियों को सौंप रही, बोले राहुल गांधी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रांची में कहा झारखंड चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान राहुल ने कहा कि यह चुनाव विपक्षी गठबंधन इंडिया तथा भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच विचारधारा की लड़ाई है, हम संविधान की रक्षा कर रहे हैं जबकि वे इसे कुचलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस संस्थाओं, निजी कंपनियों, न्यायपालिका में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, आदिवासियों का प्रतिनिधित्व जानने के लिए जाति आधारित जनगणना कराएगी।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि हम सरकार गरीबों के लिए चलाना चाहते हैं, अरबपतियों के लिए नहीं; भाजपा झारखंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146386/rahul-gandhi-said-bjp-is-handing-over-forests-and-land"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/भाजपा-जंगल-व-जमीन-पूंजीपतियों-को-सौंप-रही,-बोले-राहुल-गांधी.jpg" alt=""></a><br /><p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रांची में कहा झारखंड चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान राहुल ने कहा कि यह चुनाव विपक्षी गठबंधन इंडिया तथा भाजपा-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच विचारधारा की लड़ाई है, हम संविधान की रक्षा कर रहे हैं जबकि वे इसे कुचलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस संस्थाओं, निजी कंपनियों, न्यायपालिका में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, आदिवासियों का प्रतिनिधित्व जानने के लिए जाति आधारित जनगणना कराएगी।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि हम सरकार गरीबों के लिए चलाना चाहते हैं, अरबपतियों के लिए नहीं; भाजपा झारखंड में खदान, जंगल व जमीन पूंजीपतियों को सौंप रही है। मोदी ने देश की संपत्ति चंद अरबपतियों को सौंप दी। राहुल गांधी ने भाजपा के ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ नारे का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि अगर मोदी, शाह, अंबानी ‘एक’ हैं तो वे ‘सेफ’ हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर डेढ़ साल से जल रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार भी राज्य का दौरा नहीं किया। </p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी झूठ बोलते हैं कि मैं आरक्षण के खिलाफ हूं, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ इसे बढ़ाना चाहता है, 50 प्रतिशत की सीमा हटाना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से जाति जनगणना कराने और आरक्षण बढ़ाने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भाजपा आरक्षण बढ़ाने और जाति जनगणना कराने की हमारी योजनाओं के खिलाफ है। </p>
<p>राहुल ने कहा कि सभी जानते हैं कि मणिपुर में क्या हो रहा है। प्रधानमंत्री अभी तक वहां नहीं गये हैं। मैं मणिपुर गया हूं। हमने सरकार से हिंसा रोकने को कहा है। किसी का कोई निहित स्वार्थ है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को अपना काम करना चाहिए, लेकिन किसी कारणवश वह अपना काम नहीं कर रहे हैं। वहां शांति बहाल होनी चाहिए। बीजेपी वाले नफरत फैलाते हैं, इसलिए 'आग लगती है'। 'आग को सिर्फ कांग्रेस मिटा सकती हैं' क्योंकि हम प्यार, भाईचारे की बात करते हैं।</p>
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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 16:53:30 +0530</pubDate>
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                <title>यूपी उपचुनाव में 'इंडिया' के प्रत्याशी भी सपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
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<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार देर रात ऐलान किया है कि यूपी की 9 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में इंडिया गठबंधन के साझा उम्मीदवार साइकिल चिन्ह पर उतरेंगे। इस ऐलान से पहले कयासबाजी लगाई जा रही थी कि सपा और कांग्रेस के बीच में सीट शेयरिंग को लेकर कोई सहमति नहीं बन पा रही है। सपा और कांग्रेस की स्टेट लीडरशिप की तरफ से भी अलग-अलग संख्या में सीटों पर दावेदारी के दावे-प्रतिदावे किए जा रहे थे. हालात ऐसे बन रहे थे कि यूपी में विपक्ष के इंडिया गठबंधन के भविष्य पर भी सवाल</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145760/in-the-up-by-elections-candidates-from-india-will-also-contest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/यूपी-उपचुनाव-में-&#039;इंडिया&#039;-के-प्रत्याशी-भी-सपा-के-चुनाव-चिह्न-पर-चुनाव-लड़ेंगे-।.webp" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज। </strong>समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार देर रात ऐलान किया है कि यूपी की 9 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में इंडिया गठबंधन के साझा उम्मीदवार साइकिल चिन्ह पर उतरेंगे। इस ऐलान से पहले कयासबाजी लगाई जा रही थी कि सपा और कांग्रेस के बीच में सीट शेयरिंग को लेकर कोई सहमति नहीं बन पा रही है। सपा और कांग्रेस की स्टेट लीडरशिप की तरफ से भी अलग-अलग संख्या में सीटों पर दावेदारी के दावे-प्रतिदावे किए जा रहे थे. हालात ऐसे बन रहे थे कि यूपी में विपक्ष के इंडिया गठबंधन के भविष्य पर भी सवाल उठने लगे थे।  </div>
<div> </div>
<div>यूपी की नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अब इंडिया गठबंधन में सीटों का बँटवारा नहीं होगा। अखिलेश यादव ने घोषणा कर दी है कि सभी सीटों पर अब समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी उम्मीदवार समाजवादी पार्टी से ही होंगे। अखिलेश ने कहा है कि इंडिया गठबंधन के साझा उम्मीदवार होंगे, लेकिन चुनाव चिह्न सपा का होगा। अखिलेश यादव ने इस पर देर रात को बयान जारी किया है, "‘बात सीट की नहीं जीत की है’ इस रणनीति के तहत ‘इंडिया गठबंधन’ के संयुक्त प्रत्याशी सभी 9 सीटों पर समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ के निशान पर चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक बड़ी जीत के लिए एकजुट होकर, कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी है। इंडिया गठबंधन इस उपचुनाव में, जीत का एक नया अध्याय लिखने जा रहा है।"</div>
<div> </div>
<div>सपा प्रमुख ने आगे कहा, "कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं के साथ आने से समाजवादी पार्टी की शक्ति कई गुना बढ़ गयी है। इस अभूतपूर्व सहयोग और समर्थन से सभी 9 विधानसभा सीटों पर ‘इंडिया गठबंधन’ का एक-एक कार्यकर्ता जीत का संकल्प लेकर नयी ऊर्जा से भर गया है। ये देश का संविधान, सौहार्द और पीडीए का मान-सम्मान बचाने का चुनाव है। इसीलिए हमारी सबसे अपील है : एक भी वोट न घटने पाए, एक भी वोट न बँटने पाए। देशहित में ‘इंडिया गठबंधन’ की सद्भाव भरी ये एकता और एकजुटता आज भी नया इतिहास लिखेगी और कल भी।"</div>
<div>हालाँकि, पहले ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि कांग्रेस ने मूल रूप से 10 विधानसभा सीटों (मिल्कीपुर सहित) में से पांच की मांग की थी। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने पिछले हफ्ते कहा था कि कांग्रेस गाजियाबाद और खैर की दो सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए सहमत हो गई है और बाकी सीटें अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए छोड़ दी हैं।</div>
<div> </div>
<div>कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को बहन प्रियंका गांधी के नॉमिनेशन के लिए वायनाड पहुंचे थे. वायनाड सीट राहुल गांधी ने खाली की है और यहां भी उपचुनाव होना है। राहुल गांधी जब वायनाड से लौटे तो सूत्रों के मुताबिक देर रात अखिलेश यादव की उनसे बातचीत हुई है. राहुल गांधी इस सपा की ओर से मिल रहे 2 सीटों के ऑफर की बजाय किसी भी सीट पर नहीं लड़ने की बात कही।</div>
<div> दरअसल कांग्रेस मीरापुर और फूलपुर की सीट मांग रही थी।अखिलेश ने इसपर पहले ही दो मुस्लिम उम्मीदवार उतार दिए हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को चुनाव में ना लड़ना ही बेहतर विकल्प लगने लगा। राहुल गांधी से बातचीत के बाद अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट कर इस नए फॉर्म्युले की जानकारी दी है। </div>
<div> </div>
<div>यूपी की सभी नौ सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होंगे और नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।25 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है. समाजवादी पार्टी ने नौ में से छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। अब बाकी की तीन सीटों पर भी जल्द ऐलान हो सकता है। </div>
<div>इन नौ सीटों में यूं तो हर सीट महत्वपूर्ण है, लेकिन राजनैतिक प्रतिस्पर्धा को देखें तो महत्वपूर्ण सीटों में पहला नाम करहल का आता है। मैनपुरी ज़िले की करहल वो सीट है, जहां से अखिलेश यादव विधायक थे. इस साल हुए लोकसभा चुनाव में सांसद बनने के बाद अखिलेश ने करहल से इस्तीफ़ा देकर अपने परिवार के तेज प्रताप यादव को यहां से टिकट देकर प्रत्याशी बनाया है। </div>
<div> </div>
<div>दूसरी महत्वपूर्ण सीट कानपुर की सीतामऊ है। इरफ़ान सोलंकी के सज़ायाफ़्ता होने की वजह से वो अयोग्य क़रार दिए गए।समाजवादी पार्टी ने सीसामऊ से इरफ़ान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को टिकट दिया है। नसीम सोलंकी ने यहां से नामांकन भी दाखिल कर दिया है। </div>
<div>दरअसल, यूपी की 10 सीटों पर उपचुनाव होना था, उनमें मैनपुरी की करहल, कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, अंबेडकरनगर की कटेहरी, मिर्जापुर की मझवां, अयोध्या की मिल्कीपुर, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मुजफ्फरनगर की मीरापुर और मुरादाबाद की कुंदरकी सीट शामिल हैं। हालांकि अभी सिर्फ 9 सीटों पर उपचुनाव घोषित हुए हैं। मिल्कीपुर सीट पर तारीख का ऐलान नहीं हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>यूपी की 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की जंग में बसपा भी दमखम दिखाने को तैयार है. बीएसपी ने सभी 9 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से पार्टी उपचुनाव में पूरी ताकत झोंकने को तैयार है. बसपा लंबे समय बाद उपचुनाव लड़ रही है, ऐसे में उपचुनाव का मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।</div>
<div> </div>
<div>बसपा उपचुनाव में भले ही अकेले मैदान में उतरी हो, लेकिन सीट के जातीय समीकरण के लिहाज से उम्मीदवार उतारे हैं।यूपी के उपचुनाव में बसपा की स्थिति करो या मरो वाली है। बसपा उपचुनाव में अगर एक भी सीट जीतना चाहती है तो उसे एक तरफ से सपा के नेतृत्व वाले गठबंधन से मुकाबला करना है, तो दूसरी तरफ बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए से दो-दो हाथ करना होगा। इसीलिए उपचुनाव में बसपा के सामने सिर्फ खाता खोलने की ही नहीं बल्कि दलित समुदाय के वोटों को भी वापस लाने की चुनौती है। ऐसे में देखना है कि मायावती का दांव कितना कारगर रहता है।</div>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 18:00:20 +0530</pubDate>
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                <title>कांग्रेस को हटना ही था सपा को लड़ना ही था</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंततः उत्तर प्रदेश के उप चुनाव में कांग्रेस ने पीछे हटकर समाजवादी पार्टी को समर्थन करने का फैसला कर लिया। कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश के उपचुनाव इतने महत्वपूर्ण नहीं हैं जितने कि महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव। महाराष्ट्र और झारखंड में कांग्रेस मजबूत है और उसके सहयोगी दल भी मजबूत हैं जब कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पूरी तरह से समाजवादी पार्टी के ऊपर ही निर्भर है।‌ और समाजवादी पार्टी भी कांग्रेस को नौ सीटों में से 3 या 4 सीट कैसे देदे जब कि 9 में से 4 तो उसी की छोड़ी हुई हैं जहां उसके विधायक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145754/congress-had-to-step-down-sp-had-to-fight"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/65d5ef7189ddb-20240221-214120546-16x9.jpg" alt=""></a><br /><p>अंततः उत्तर प्रदेश के उप चुनाव में कांग्रेस ने पीछे हटकर समाजवादी पार्टी को समर्थन करने का फैसला कर लिया। कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश के उपचुनाव इतने महत्वपूर्ण नहीं हैं जितने कि महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव। महाराष्ट्र और झारखंड में कांग्रेस मजबूत है और उसके सहयोगी दल भी मजबूत हैं जब कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पूरी तरह से समाजवादी पार्टी के ऊपर ही निर्भर है।‌ और समाजवादी पार्टी भी कांग्रेस को नौ सीटों में से 3 या 4 सीट कैसे देदे जब कि 9 में से 4 तो उसी की छोड़ी हुई हैं जहां उसके विधायक थी। यह एक राजनीति का हिस्सा है जो प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन के लिए कह दिया कि हम केवल दो सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेंगे और सपा का समर्थन करेंगे। इसके बदले कांग्रेस ने सपा से बहुत कुछ ले लिया, महाराष्ट्र ले लिया। अब सपा महाराष्ट्र में अपने घोषित प्रत्याशियों को हटा लेगी और यदि इंडिया गठबंधन 2-3 सीट देता है तो उसे स्वीकार करेगी।</p>
<div> </div>
<div>तमाम राजनीतिक विश्लेषकों तथा वरिष्ठ पत्रकारों ने यह पहले ही घोषणा कर दी थी कि उत्तर प्रदेश में उपचुनाव में समाजवादी पार्टी कांग्रेस को सीट नहीं देगी। इस पर सवाल यह उठने लगे थे कि क्या फिर यह गठबंधन टूट जाएगा तो उसका जबाब है नहीं गठबंधन नहीं टूटेगा क्योंकि इंडिया गठबंधन में जितने भी दल हैं वह सब मजबूत हैं और तय यह हुआ था कि जो जहां मजबूत है वो वहां मजबूती से चुनाव लड़ेगा। और अन्य सहयोगी दल उसका समर्थन करेंगे। महाराष्ट्र में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक जनसभा कर अपने पांच उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। दरअसल महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिव सेना उद्धव ठाकरे, एनसीपी शरद पवार मजबूत स्थिति में है और यदि समाजवादी पार्टी इस गठबंधन के इतर अपने उम्मीदवारों को खड़ा करती है तो उसके उम्मीदवार इंडिया गठबंधन को ही नुकसान पहुंचाएंगे। चूंकि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा का गठबंधन है तो यह जिम्मेदारी राहुल गांधी को सौंपी गई थी कि वह सपा से बात करें कि अपने उम्मीदवारों को महाराष्ट्र में बिना गठबंधन के न उतारें।</div>
<div> </div>
<div>पिछले हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी यही हुआ था वहां भी समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी लेकिन फिर बाद में कांग्रेस का समर्थन किया था। और फिर उत्तर प्रदेश में तो उपचुनाव हैं कांग्रेस चुनाव लड़े या न लड़े उसपर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन यदि समाजवादी पार्टी इस उपचुनाव में जीती तो निश्चित है कि गठबंधन मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश की बात करें तो उप चुनाव में यहां वैसे भी सीधे सीधे समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की टक्कर है। यह उपचुनाव भविष्य की राजनीति तय कर देंगे कि आगे 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में आखिर कौन सा दल सत्ता के करीब पहुंच सकता है। यदि हम बात करें बहुजन समाज पार्टी की तो अब बहुजन समाज पार्टी को नए सिरे से अपनी शुरुआत करनी होगी। क्यों कि बसपा की लगातार हार से उसका दलित वोट भी खिसका है। और वह सपा और भाजपा दोनों ओर शिफ्ट हुआ है। अभी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कफी बड़ी संख्या में दलितों ने समाजवादी पार्टी को वोट किया था। उसका कारण यह है कि सपा ने जो दलित उम्मीदवार खड़े किए उनपर दलितों ने भरोसा जताया है।</div>
<div> </div>
<div>इस उपचुनाव में भले ही बहुजन समाज पार्टी ने अपने आप को मजबूत करने के लिए और दलित वोटों को साधने के लिए मजबूत इरादों से मन बनाया है लेकिन उनके उम्मीदवारों को देखकर तो यही लगता है कि बसपा के पास अब जिताऊ नेता ही नहीं बचे हैं और नये नये नाम निकलकर सामने आ रहे हैं जो लगता ही नहीं है कि ये चुनाव जीतने के लिए खड़े किए गए हैं। बहुजन समाज पार्टी इस चुनाव में एक काम ही अच्छी तरह से कर पाएगी और वह है वोट काटने का काम। वैसे वर्तमान की राजनैतिक दशा में तो यह भी नहीं लग रहा है कि बहुजन समाज पार्टी किसी का नुक़सान भी कर सकती है। केवल दूसरे पे आरोप मढ़ देने से अपनी कमजोरियों को नहीं छिपाया जा सकता। मायावती का यह रिकार्ड रहा है कि ये जब भी गठबंधन करके चुनाव लड़ती हैं तो हार के बाद ये तुरंत दूसरी पार्टी पर आरोप लगाकर गठबंधन तोड़ देती हैं। खैर यदि क्षेत्रीय राजनीतिक को देखें तो भारतीय जनता पार्टी के मुक़ाबले में सपा ही दिखाई दे रही है। और इस उपचुनाव में भी सभी नौ सीटों पर भाजपा का सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों से होगा। अब इसमें कौन आगे निकलेगा यह तो परिणाम वाले दिन ही पता चल सकेगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 17:07:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>कामदार से राहुल बनकर भी देखिये कभी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>करोड़ों के सरकारी  विमान में उड़ान भरते हुए, हजारों किलो गुलाब और गेंदे के फूलों की महक को आत्मसात करते हुए चुनाव प्रचार करना, नामांकन भरना आसान है लेकिन आम आदमी की तरह किसी सेलून में जाकर हजामत बनवाना कठिन काम है। कम से कम नामदार लोग तो ऐसा नहीं कर सकते ,लेकिन अंधभक्तों की नजर में पप्पू' राहुल गांधी ने ऐसा कर दिखाया और देश को बिना एक शब्द कहे ये बता दिया कि असली कामदार और असली नामदार कौन है ? संकीर्णता और आत्मग्लानि से उबरना बहुत कठिन काम है ।  देश का नेतृत्व करने वाले तमाम  नेता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141278/try-becoming-rahul-instead-of-a-worker"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/rahul-gandhi-1-2024-05-031dab04bae1bf1e884485ea97bc7d90.webp" alt=""></a><br /><p>करोड़ों के सरकारी  विमान में उड़ान भरते हुए, हजारों किलो गुलाब और गेंदे के फूलों की महक को आत्मसात करते हुए चुनाव प्रचार करना, नामांकन भरना आसान है लेकिन आम आदमी की तरह किसी सेलून में जाकर हजामत बनवाना कठिन काम है। कम से कम नामदार लोग तो ऐसा नहीं कर सकते ,लेकिन अंधभक्तों की नजर में पप्पू' राहुल गांधी ने ऐसा कर दिखाया और देश को बिना एक शब्द कहे ये बता दिया कि असली कामदार और असली नामदार कौन है ? संकीर्णता और आत्मग्लानि से उबरना बहुत कठिन काम है ।  देश का नेतृत्व करने वाले तमाम  नेता अपनी हीनता और दीनता को छिपाने के लिए क्या कुछ नहीं करते। अब तो नौबत ये आ गयी है कि मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार के एक मंत्री [जो स्वयंभू  महाराज  भी हैं ] कार की छत पर चढ़कर भांगड़ा करते हैं तो उनके कप्तान देश में नया चूड़ी उद्योग खोलने के संकेत दे रहे हैं। कोई सरकार किसी देश को चूड़ियाँ पहनाने की बात कर अपनी मजबूती का नहीं बल्कि अपने दम्भ और वैचारिक दीवालियेपन का मुजाहिरा कर सकती है।</p>
<p> चूड़ी भारतीय संस्कृति में महिलाओं का एक महत्वपूर्ण आभूषण है।  कांच की चूड़ियां आम हाँ लेकिन ख़ास लोग और खासकर नकली कामदार सोने-चंडी की चूड़ियां भी अपने परिवार की महिलाओं को पहनाते हैं। फिरोजाबाद की चूड़ियां    देश और एशिया  में मशहूर  है।  चूड़ियों  का कोई मजहब नहीं होता ।  चूड़ियां हिन्दू भी पहनते हैं और मुसलमान भी ।  अगड़े भी पहनते हैं और पिछड़े भी ।  दलित  भी पहनते हैं और महाहदलित   भी। चूड़ी   बनाने वाले ज्यादातर लोग मुसलमान होते हैं और पहनने वाली महिलाएं हिन्दू। आजतक किस हिन्दू महिला ने चीड़ियाँ  पहनने से इसलिए इंकार  नहीं किया कि उन्हें बनाने और पनाने  वाले हाथ  मुसलमान या किसी और मजहब वाले के है।  कोई मनिहार  या मनिहारिन  किसी कलाई  से उसका  मजहब नहीं पूछती ।  ये काम तो केवल  और सियासत वाले करते हैं। तमिल में चूड़ी को 'वलायल' और तेलुगु में 'गाजू' भी कहा जाता है। अंग्रेज़ी में इसे बेंगल कहते है जो हिन्दी के ही शब्द बंगरी से बना है</p>
<p>चूडिया एक और जहां सुहाग यानि सौभाग्य का प्रतीक हैं वहीं चूड़ियाँ भेंट करना सामने वाले की कमजोरी ,अकर्मण्यता,दीनता को उजागर करने का तरीका  भी है ।  विपक्ष में रहने वाले लोग अक्सर  सत्ता प्रतिष्ठान और नौकरशाही को चूडिया पहनाने की कोशिश करता है। मजे की बात ये है कि पूरे दस साल केंद्र की सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा और भाजपा के नेताओं का चूड़ी भेंट करने का तौर-तरीका बदला नहीं है ।  वे अब विपक्ष को तो चूड़ियाँ पहना नहीं सकते लेकिन पड़ौसी देश को चूड़ी पहनाने की बात जरूर करने लगे हैं। उन्हें लगता है कि देश का विपक्ष इन दिनों पड़ौसियों की शह  पर सत्ता प्रतिष्ठान की राह में रोड अटका रहा है।<br />बात राहुल गांधी से शुरू हुई थी और वहीं समाप्त भी होना चाहिए,इसलिए मै आपको दोबारा राहुल गांधी की उस तस्वीर की और ले चलता होऊं जो हाल ही  में चुनाव प्रचार से समय निकालकर एक हजामत बनाने वाले की दूकान से ली गयी है। बकौल भाजपा राहुल शाहजादा है।  चांदी की चम्मच  मुंह में रखकर पैदा हुए है।</p>
<p> नामदार हैं और सबसे बड़ी बात पप्पू हैं। हम ये सब बातें मान लेते हैं क्योंकि बड़ों की बातें मानने में ही आजकल भलाई है ,लेकिन हमारा सवाल भी है कि आप कामदार होते हुए राहुल की तरह जनता से सीधे क्यों नहीं जुड़  पा रहे ? क्यों आप सड़कों पर पैदल नहीं चल सकते ? क्यों आप किसी आम आदमी या कामदार की तरह अपनी हजामत किसी साधारण सेलून   में बनवाने की हिम्मत नहीं कर रहे? दरअसल चंडी की चम्मच मुंह से निकाल  फेंकना जितना कठिन काम है उतना कठिन काम कामदार से नामदार होना भी है ।  जो आदमी फर्श से अर्श पर आता है वो कभी भूले से भी नीचे  नहीं आना चाहता। उसे विलासता का जीवन जीने की आदत पड़ जाती है और उसके छीने जाने की कल्पना मात्र से ही उसका रोम-रोम कांपने लगता है। वैभव और विलासता के बीच बने रहने के लिए वो एक,दो नहीं अनेक अवसर माँगता  है। उसके सामने कोई नैतिकता,कोई नजीर,कोई संविधान काम नहीं करता। उसके सर पर हमेशा एक ही भूत सवार रहता है कि कोई शाहजादा कहीं सिंहासन पर कब्जा करने तो नहीं आ रहा ?</p>
<p>हमारा सत्ता प्रतिष्ठान आजकल इसी भय और आशंका से ग्रस्त है ।  चार चरणों के मतदान के बाद सत्ता प्रतिष्ठान के चेहरे पर हवाइयां उड़ रहीं हैं।  मै हमेशा कहता हूँ कि सत्ता तो आनी -जानी चीज है ।  इसका मोह नहीं पालना चाहिए अन्यथा यही सत्ता गले की फांसी बन जाती है। इसी सदी में आपने और हमने दुनिया में बड़े -बड़े सत्ताधीशों को धूल चाटते देखा है ।  किसी को फांसी पर लटकाया गया, तो किसी को गोलियों से भून दिया गया। यहां तक कि सत्ताधीशों के बुतों तक को नेस्तनाबूद कर दिया। इसीलिए कहते हैं कि  सत्ता माया का दूसरा रूप है और माया महाठगिनी होती है ।  इस हकीकत को हमारे सूफी संत -महात्मा और साहित्यकार जान गए लेकिन राजनीतिज्ञ इस हकीकत से अभी तक  नावाकिफ हैं।</p>
<p>राहुल के भाग्य में प्रधानमंत्री बनना शायद न लिखा हो लेकिन उसके चाहने वालों की संख्या अंधभक्तों की संख्या से कहीं ज्यादा निकलेगी ।  देश में ही नहीं देश के बाहर भी राहुल एक नेशनल हीरो की तरह जाना -पहचाना जाता है। राहुल ने कांग्रेस का बंटाधार किया या उसे आत्मनिर्भर बनाया इसका फैसला आने वाले दिन करेंगे। लेकिन अभी ये प्रमाणित हो गया है कि वो न पप्पू है और न जोकर,न विदूषक है और न अधिनायक। वो जन नायक बनने की कोशिश कर रहा है।  उसने  देश को अपने कदमों से नापा है ,फोकट के हवाई जहाजों से उड़ाने भरते हुए देश को नहीं जाना। प्रतिपक्ष में रहकर राहुल ने वे सब प्रताड़नाएं  सही  हैं  जो आपातकाल  के दौरान  तब के विपक्षी नेताओं तक ने नहीं सही  होंगी।</p>
<p>बहरहाल आज देश के सामने दो ही चेहरे हैं। एक कल्कि अवतार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दस मोदी जी का और दूसरा राहुल-राजीव गांधी का। कांग्रेस के पास राहुल के अलावा कोई नहीं है और भाजपा के पास मोदी जी के अलावा  कोई नहीं है। देश के पास इन दोनों के अलावा कोई नहीं है। एक की सियासी विरासत को देश और दुनिया जानती है  और दूसरे की कोई सियासी विरासत है ही नहीं और आगे भी शायद ही उनका कोई उत्तराधिकारी   उन  जैसा  हो पाए। देश इस समय इन  दो विरासतों के बीच चुनाव कर रहा है ।  चुनाव के चार चरण  पूरे हो चुके  है।  तीन  बाकी  हैं। 4   जून  को पता चलेगा कि देश ने नामदार को चुना या कामदार को। जनता जिसे  चुनेगी वो सचमुच सौभाग्यशाली  होगा।</p>
<p><strong>राकेश अचल  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 May 2024 16:15:36 +0530</pubDate>
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                <title>सियासी वार से जनता को क्या फायदा </title>
                                    <description><![CDATA[<div>लोकसभा चुनाव चल रहे हैं आज चौथे चरण का मतदान चल रहा है। लेकिन इस चुनाव में एक दूसरे पर जितने सियासी वार चले हैं शायद इतने कभी न चले हों। लेकिन आज का मतदाता सब जानता है और उसके मन में पहले से तय होता है कि उसका वोट किधर जाना है। जनसभा या रोड शो में उमड़ी भीड़ को आप जीत का पैमाना नहीं मान सकते पिछले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने पूरे प्रदेश में रथ यात्रा की थी और उन्हें देखने के लिए विशाल जनसमूह उमड़ा था लेकिन नतीजा क्या हुआ आपके सामने है। अभी कल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141162/what-benefit-does-the-public-get-from-political-warfare"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/mp_election_news_modi_shah_rahul_rallies_in_madhya_pradesh_vidhansabha_chunav__1699851416.jpg" alt=""></a><br /><div>लोकसभा चुनाव चल रहे हैं आज चौथे चरण का मतदान चल रहा है। लेकिन इस चुनाव में एक दूसरे पर जितने सियासी वार चले हैं शायद इतने कभी न चले हों। लेकिन आज का मतदाता सब जानता है और उसके मन में पहले से तय होता है कि उसका वोट किधर जाना है। जनसभा या रोड शो में उमड़ी भीड़ को आप जीत का पैमाना नहीं मान सकते पिछले विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने पूरे प्रदेश में रथ यात्रा की थी और उन्हें देखने के लिए विशाल जनसमूह उमड़ा था लेकिन नतीजा क्या हुआ आपके सामने है। अभी कल ही जेल से निकले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 75 वर्ष के होने जा रहे हैं और यदि भारतीय जनता पार्टी जीतती है तो वह केवल एक साल और प्रधानमंत्री पद पर रहेंगे उसके बाद वह अमित शाह को सरकार की बागडोर सौंप देंगे।</div>
<div> </div>
<div>यह सभी जानते हैं कि भारतीय जनता पार्टी में या देश में नरेंद्र मोदी की अहमियत कितनी है। अरविंद केजरीवाल के इस बयान से भारतीय जनता पार्टी घबड़ा गई। अमित शाह का तुरंत बयान आया कि नरेंद्र मोदी अपना पांच वर्षों का कार्यकाल पूरा करेंगे। भारतीय जनता पार्टी के संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि 75 वर्ष के होने पर प्रधानमंत्री पद पर नहीं रह सकते। कहने का मतलब है कि इन सब बातों से जनता को क्या लेना देना है। आप जनता के हित की बात क्यों नहीं करते। क्या केवल आरोप प्रत्यारोप की ही राजनीति अब चलनी है। क्या देश में अब मुद्दे नहीं बचे हैं। लेकिन राजनैतिक पार्टियां यह जानती हैं कि मुद्दों की बात करके चुनाव नहीं जीता जा सकता। और इसीलिए अब मतदाताओं में भय व्याप्त कराके ही हम वोट पा सकते हैं।</div>
<div> </div>
<div>जनता अब दो तरह से आंकलन करती है एक यह कि जिस पार्टी के प्रत्याशी को हम वोट दे रहे हैं तो उसकी विचारधारा से हमारी विचारधारा मेल खाती है या नहीं और दूसरा जिस प्रत्याशी को हम वोट दे रहे हैं उसने हमारे क्षेत्र में कितने विकास कार्य किए और जब हमने कोई मदद मांगी तो उसने कितनी सुनी। इसलिए राजनैतिक दल जनता को बहलाना बंद करके मुद्दे की बात करें तो जनता पर ज्यादा असर होगा। कुछ एक को छोड़ दें तो जनता की निगाह में कोई भी किसी भी पार्टी का प्रत्याशी ऐसा नहीं होता जो शत् प्रतिशत खरा उतरा हो और ऐसे में जनता यह सोचने के लिए मजबूर हो जाती है कि आखिरकार वह अपना वोट दे तो किसे दे। शायद नोटा का आप्शन इसी लिए दिया गया है। लेकिन मेरी समझ से यह नोटा का आप्शन सही नहीं है हमको वोट किसी न किसी प्रत्याशी को तो देना ही चाहिए। आज की राजनीति में एक दूसरे पर ज्यादा से ज्यादा कीचड़ उछाला जा रहा है। मतलब साफ है कि आप हमसे ज्यादा खराब हैं यह समझाने की कोशिश की जा रही है। यह जनता के चुनने के लिए रहने दीजिए। आप केवल अपनी खूबियां गिनवाइये कि आप सत्ता में रहे तो क्या क्या किया और आगे सत्ता में आएंगे तो क्या क्या करेंगे।</div>
<div> </div>
<div>सियासी वार चारों तरफ से हो रहे हैं कोई किसी से पीछे नहीं है लेकिन इससे जनता का क्या भला होने वाला है। आजकल मेच्योर आदमी ने राजनेताओं की रैलियों में जाना बंद कर दिया है। रैली में वही भीड़ जा रही है जो किसी न किसी रूप में उस पार्टी से जुड़ी है। या कहीं न कहीं उसमें उसका हित है। पहले भी नेताओं के भाषण होते थे रैलियां होती थीं लोग दूर-दूर से उनको सुनने आते थे लेकिन तब नेताओं की बातों में बजन होता था। तालियां बजाने के लिए इशारा नहीं करना पड़ता था तालियां अपने आप बजती थीं। और एक आज का दौर है जहां केवल आरोप प्रत्यारोप की राजनीति हावी है। किसी पार्टी ने यदि कुछ अच्छा किया है तो दूसरी पार्टियां उसमें बुराइयां ढूंढने के पूरे प्रयास में लग जातीं हैं। और यदि आप किसी रैली में किसी भी नेता के भाषण सुने तो उसका ज्यादातर समय दूसरी पार्टी की बुराई करने में ही निकल जाता है। केवल एक दूसरे पर कीचड़ उछालने की ही राजनीति हो रही है। यदि किसी नेता से पूछ भी लिया जाए कि आपने अपने शासनकाल में क्या किया तो वह अपने कार्यों को बताने की जगह दूसरे की बुराइयां गिनाना शुरू कर देगा। किसने क्या किया यह आंकलन जनता को करने दीजिए। आप केवल दूसरे को नीचा दिखाकर वोट हासिल नहीं कर सकते। आपको अपने काम भी गिनाने होंगे नहीं तो इस राजनीति में जनता पिसती रहेगी और नेता मौज करते रहेंगे।</div>
<div> </div>
<div>आज हर नेता गली गली, शहर शहर की ख़ाक छान रहा है ज्यादा से ज्यादा जनसंपर्क करने की कोशिश कर रहा है लेकिन जीतने के बाद पांच साल में शायद ही आपको एक बार भी इनके दर्शन हुए हों। नेता को पहचानने का यह एक पैमाना हो सकता है। आपको किसी भी क्षेत्र में जाने के लिए उस क्षेत्र के विधायक, पार्षद और स्थानीय लोगों की मदद लेनी पड़ रही है क्योंकि उस क्षेत्र में न तो आप किसी को जानते हैं और न ही लोग आपको जानते हैं। आप चुनाव जीतने के बाद बंद कार में फर्राटे से निकल जाते हैं और लोग आपको देखते हैं। जनप्रतिनिधि का मतलब ही आज के नेता भूल चुके हैं। इसमें हमारा भी दोष कम नहीं है हम भी बार बार उन्हें जिताकर सदन में भेजने का कार्य करते हैं।</div>
<div> </div>
<div>जो जनता की नहीं सुनता हो ऐसों को सबक सिखाना जरूरी है। क्यों कि यदि हम ऐसे ही आंख बंद करके मतदान करते रहेंगे तो हम स्वयं दोषी कहलाएंगे। शिक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचार, और बेरोजगारी पर आज कोई बात नहीं कर रहा है। जातियों और धर्मों में लोगों को बांट दिया गया है। हम अपनी अच्छाई और बुराई को समझ नहीं पा रहे हैं। इसलिए हमको वोट अवश्य करना चाहिए। लेकिन बहुत कुछ सोच समझ कर क्यों की आने वाले पांच सालों में हमें इन्हीं से उम्मीद होगी। यदि आप जाति और धर्म को आगे मानते हैं तो उसपर वोट कीजिए और यदि हम समाज के विकास को चाहते हैं तो हमें बहुत कुछ सोचना होगा। क्यों आज जो राजनीति का दौर चल रहा है यह हमको बहुत पीछे ले जाएगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 May 2024 15:53:01 +0530</pubDate>
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