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                <title>Delhi Excise Policy Case - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Delhi Excise Policy Case RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटने का मामला: केजरीवाल ने दायर किया नया हलफनामा, कहा- जज का बेटा और बेटी केंद्र के पैनल वकील</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज- </strong>शराब नीति मामले की सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग वाली अपनी याचिका में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अतिरिक्त हलफनामा दायर किया। इसमें उन्होंने कहा है कि जस्टिस शर्मा के बेटे और बेटी, दोनों ही केंद्र सरकार के वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा के बच्चों को काम सॉलिसिटर जनरल द्वारा सौंपा जाता है, जो जस्टिस शर्मा के सामने CBI की तरफ से पेश हुए। उनके अनुसार, इससे जस्टिस शर्मा की ओर से पक्षपात की एक उचित आशंका पैदा होती है,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176309/justice-swarnkanta-sharmas-withdrawal-from-the-case-kejriwal-filed-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/114222-arvind-kejriwal-justice-swarn-kanta-sharma.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज- </strong>शराब नीति मामले की सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग वाली अपनी याचिका में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अतिरिक्त हलफनामा दायर किया। इसमें उन्होंने कहा है कि जस्टिस शर्मा के बेटे और बेटी, दोनों ही केंद्र सरकार के वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा के बच्चों को काम सॉलिसिटर जनरल द्वारा सौंपा जाता है, जो जस्टिस शर्मा के सामने CBI की तरफ से पेश हुए। उनके अनुसार, इससे जस्टिस शर्मा की ओर से पक्षपात की एक उचित आशंका पैदा होती है, जिसके चलते शराब नीति मामले में आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ CBI की याचिका की सुनवाई से उनका हटना ज़रूरी हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">13 अप्रैल को जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल और अन्य आरोपियों द्वारा दायर उन आवेदनों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिनमें शराब नीति मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली CBI की पुनर्विचार याचिका की सुनवाई से उनके हटने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान, केजरीवाल ने खुद इस मामले पर बहस की थी। उन्होंने मौखिक रूप से कहा था कि सोशल मीडिया पर जस्टिस शर्मा के बच्चों के केंद्र सरकार के साथ पेशेवर जुड़ाव को लेकर चर्चा चल रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा था कि स्थापित परंपराओं के अनुसार, अगर किसी जज के रिश्तेदारों का मामले में पेश होने वाले किसी भी पक्ष से कोई जुड़ाव होता है तो जज खुद को सुनवाई से अलग कर लेते हैं। सुनवाई खत्म होने के बाद केजरीवाल ने यह हलफनामा दायर किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि जस्टिस शर्मा के बच्चे केंद्र सरकार के वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं। जहां उनके बेटे सुप्रीम कोर्ट के लिए 'ग्रुप ए' पैनल वकील हैं, वहीं उनकी बेटी 'ग्रुप सी' पैनल वकील हैं। उन्होंने कानूनी रिपोर्टर सौरभ दास द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारियों का हवाला दिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 21:28:53 +0530</pubDate>
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                <title>केजरीवाल पर BJP ने बोला धावा, आम जन को लूटने का देना पड़ेगा हिसाब </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>DHC:</strong> दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा शराब नीति मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी की गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा केजरीवाल पर हमलावर हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि अब दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है और कहा है कि वह अरविंद केजरीवाल को कोई राहत नहीं देगा।</p>
<p>एक तरह से, आपके सभी पीड़ित कार्ड, सभी बहाने जो आप बना रहे हैं, कि सम्मन अवैध हैं, कि यह पूरा शराब घोटाला मौजूद नहीं है, उन सभी को एक तरफ रख दिया गया है। दरअसल, कोर्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139723/bjp-attacked-kejriwal-and-said-that-he-will-have-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/shehzad-poonawala_large_1745_8.webp" alt=""></a><br /><p><strong>DHC:</strong> दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा शराब नीति मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को ईडी की गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा केजरीवाल पर हमलावर हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि अब दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है और कहा है कि वह अरविंद केजरीवाल को कोई राहत नहीं देगा।</p>
<p>एक तरह से, आपके सभी पीड़ित कार्ड, सभी बहाने जो आप बना रहे हैं, कि सम्मन अवैध हैं, कि यह पूरा शराब घोटाला मौजूद नहीं है, उन सभी को एक तरफ रख दिया गया है। दरअसल, कोर्ट ने केजरीवाल से यहां तक ​​पूछ लिया कि आप एजेंसियों के सामने पेश क्यों नहीं होते? तुम क्यों भाग रहे हो? </p>
<p>भाजपा नेता ने साफ तौर पर कहा कि इसका मतलब है कि केजरीवाल जी अपने कार्यों से यह साबित कर रहे हैं कि शराब घोटाले में उनके पास छिपाने के लिए कुछ है और वे खुद ही इसके सरगना हैं।</p>
<p>दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि हम सब मानते हैं कि शराब घोटाला अरविंद केजरीवाल की सहमति से हुआ है, यह जांच का विषय है और उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश होना चाहिए। उन्होंने ककहा कि केजरीवाल ने जिस निर्लज्जता से शराब घोटाला, जल बोर्ड घोटाला किया उसी निर्लज्जता से कानून का उल्लंघन करने की कोशिश की।</p>
<p>कानून सबके लिए बराबर है चाहे वो आम व्यक्ति हो या दिल्ली का भ्रष्ट मुख्यमंत्री। कब तक भागोगे केजरीवाल? उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को लूटने का आपको पूरा हिसाब देना पड़ेगा, केजरीवाल। जो भी आपने घोटाले किए हैं आपको उसका जवाब देना होगा।</p>
<p>बीजेपी नेता शाजिया इल्मी ने कहा कि सवाल ये है कि आखिर अरविंद केजरीवाल डरते क्यों हैं? वह यह भी जानते हैं कि इतने बड़े घोटाले में न केवल दिल्ली जल बोर्ड बल्कि जिस कंपनी को उन्होंने टेंडर दिया था, उसमें भी उनकी पूरी संलिप्तता रही है और उनका मजबूत हाथ है। उसमें भी घोटाला है।</p>
<p>भाजपा नेत्री ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जानते हैं कि ये सारे घोटाले उनकी निगरानी में और उन्हीं के द्वारा हुए हैं, इसीलिए वे डरे हुए हैं और इसीलिए जब समन पेश किया जा रहा है तो वे बहाने बना रहे हैं। अब वे बहाना बना रहे हैं कि उन्हें राहत चाहिए।</p>
<p>उन्हें इतना यकीन क्यों है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वह जानते है कि वह इसमें शामिल है और इसी डर के कारण वह ऐसा कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह सहानुभूति पाना चाहते हैं। उसके मन में क्या चल रहा है? उनका मानना ​​है कि लोग समझ नहीं सकते लेकिन सब जानते हैं कि ये सारा ड्रामा क्यों हो रहा है। </p>
<p>दिल्ली उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में दंडात्मक कार्रवाई से कोई संरक्षण देने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने संरक्षण के अनुरोध संबंधी आम आदमी पार्टी (आप) नेता केजरीवाल के आवेदन को 22 अप्रैल को आगे के विचार के लिए सूचीबद्ध किया है।</p>
<p>समन को चुनौती देने वाली उनकी मुख्य याचिका पर भी उसी दिन (22 अप्रैल) सुनवाई होगी। पीठ ने कहा, ‘‘हमने दोनों पक्षों को सुना है और हम इस स्तर पर (संरक्षण देने के लिए) इच्छुक नहीं हैं। प्रतिवादी जवाब दाखिल करने के लिए स्वतंत्र है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
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                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 18:46:48 +0530</pubDate>
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