<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/13790/lok-sabha-elections" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Lok Sabha elections - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/13790/rss</link>
                <description>Lok Sabha elections RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बालासाहेब की विरासत से राजनीतिक संघर्ष तक: क्यों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं उद्धव ठाकरे और बदलती शिवसेना</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना केवल एक राजनीतिक दल नहीं रही, बल्कि वह एक भावनात्मक आंदोलन और मराठी अस्मिता का प्रतीक भी रही है। इस आंदोलन की नींव शिवसेना संस्थापक  बालासाहेब ठाकरे ने रखी थी। उनकी आक्रामक शैली, स्पष्ट विचारधारा और कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ ने शिवसेना को महाराष्ट्र की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शक्तियों में शामिल कर दिया था। लेकिन समय के साथ राजनीति बदली, परिस्थितियां बदलीं और नेतृत्व भी बदला। आज शिवसेना के वर्तमान प्रमुख  उद्धव ठाकरे ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जिसे उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन समय माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181559/from-balasahebs-legacy-to-political-struggle-why-uddhav-thackeray-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas14.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना केवल एक राजनीतिक दल नहीं रही, बल्कि वह एक भावनात्मक आंदोलन और मराठी अस्मिता का प्रतीक भी रही है। इस आंदोलन की नींव शिवसेना संस्थापक  बालासाहेब ठाकरे ने रखी थी। उनकी आक्रामक शैली, स्पष्ट विचारधारा और कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़ ने शिवसेना को महाराष्ट्र की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शक्तियों में शामिल कर दिया था। लेकिन समय के साथ राजनीति बदली, परिस्थितियां बदलीं और नेतृत्व भी बदला। आज शिवसेना के वर्तमान प्रमुख  उद्धव ठाकरे ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जिसे उनके राजनीतिक जीवन का सबसे कठिन समय माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पिछले कुछ वर्षों में उद्धव ठाकरे की राजनीतिक स्थिति लगातार कमजोर होती दिखाई दी है। महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार बनने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला, लेकिन इसी फैसले ने उनके सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दीं। भाजपा के साथ दशकों पुराने गठबंधन को छोड़कर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सरकार बनाने का निर्णय शिवसेना के पारंपरिक समर्थकों के एक बड़े वर्ग को स्वीकार नहीं हुआ। पार्टी के भीतर भी असंतोष धीरे-धीरे बढ़ने लगा। यही असंतोष आगे चलकर बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया।</div>
<div style="text-align:justify;">साल 2022 में शिवसेना को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने बगावत कर दी। यह केवल विधायकों का विद्रोह नहीं था, बल्कि शिवसेना की संगठनात्मक ताकत और नेतृत्व क्षमता पर भी बड़ा सवाल था। शिंदे गुट ने दावा किया कि वह बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। इसके बाद चुनाव आयोग द्वारा पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह शिंदे गुट को मिलने से उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (यूबीटी) के रूप में अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखी। लोकसभा चुनावों में कुछ सफलता मिलने से ऐसा लगा कि पार्टी फिर से मजबूती की ओर बढ़ रही है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने एक बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी के सांसदों में असंतोष और संभावित टूट की खबरों ने यह संकेत दिया है कि संगठन अभी भी स्थिर नहीं हो पाया है। यदि सांसदों का बड़ा समूह अलग रास्ता चुनता है तो यह शिवसेना (यूबीटी) के लिए एक और बड़ा राजनीतिक आघात साबित हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">उद्धव ठाकरे की सबसे बड़ी चुनौती यह रही है कि वे अपने पिता बालासाहेब ठाकरे जैसी जननेता की छवि नहीं बना सके। बालासाहेब कभी चुनाव नहीं लड़े, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी बात अंतिम मानी जाती थी। उनकी सभाओं में हजारों लोग जुटते थे और उनके एक बयान से राजनीतिक माहौल बदल जाता था। वे अपने समर्थकों के लिए एक करिश्माई नेता थे जिनकी पकड़ संगठन पर पूरी तरह बनी रहती थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके विपरीत उद्धव ठाकरे का व्यक्तित्व अपेक्षाकृत शांत और संयमित माना जाता है। वे टकराव की राजनीति की बजाय संवाद और संगठनात्मक प्रबंधन को प्राथमिकता देते रहे हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कामकाज की कई लोगों ने सराहना की, विशेषकर कोविड-19 महामारी के दौरान। लेकिन राजनीति में केवल प्रशासनिक क्षमता ही पर्याप्त नहीं होती। संगठन को एकजुट रखना, कार्यकर्ताओं में उत्साह बनाए रखना और नेतृत्व के प्रति अटूट विश्वास कायम रखना भी उतना ही आवश्यक होता है। यही वह क्षेत्र है जहां उद्धव ठाकरे को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा।</div>
<div style="text-align:justify;">बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच सबसे बड़ा अंतर नेतृत्व शैली का दिखाई देता है। बालासाहेब की राजनीति भावनात्मक जुड़ाव, प्रखर हिंदुत्व और आक्रामक वक्तव्यों पर आधारित थी। वे सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद करते थे और पार्टी के भीतर असहमति की गुंजाइश बहुत कम रहती थी। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे अपेक्षाकृत सौम्य और संस्थागत शैली के नेता हैं। वे गठबंधन राजनीति में विश्वास रखते हैं और कई मुद्दों पर नरम रुख अपनाते दिखाई दिए हैं। यही कारण है कि शिवसेना के कुछ पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगा कि पार्टी अपनी मूल पहचान से दूर जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा से अलग होने का फैसला उद्धव ठाकरे के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। भाजपा और शिवसेना का गठबंधन दशकों पुराना था और दोनों दलों का मतदाता आधार भी काफी हद तक समान था। जब यह गठबंधन टूटा तो शिवसेना के सामने अपनी नई राजनीतिक पहचान स्थापित करने की चुनौती खड़ी हो गई। कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन ने तत्काल सत्ता तो दिलाई, लेकिन लंबे समय में इस फैसले की राजनीतिक कीमत भी चुकानी पड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;">आज स्थिति यह है कि शिवसेना दो हिस्सों में बंटी हुई दिखाई देती है। एक ओर एकनाथ शिंदे का गुट सत्ता में है और उसके पास संगठन का बड़ा हिस्सा तथा आधिकारिक पार्टी पहचान है। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे के पास सहानुभूति, एक समर्पित कार्यकर्ता वर्ग और ठाकरे परिवार की विरासत है। लेकिन केवल विरासत के आधार पर राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती। इसके लिए मजबूत संगठन, प्रभावी नेतृत्व और लगातार जनसंपर्क की आवश्यकता होती है।</div>
<div style="text-align:justify;">हाल के दिनों में सांसदों और नेताओं की नाराजगी की खबरें यह बताती हैं कि उद्धव ठाकरे को अभी भी संगठन को मजबूत करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। उन्हें यह साबित करना होगा कि शिवसेना (यूबीटी) केवल एक भावनात्मक मंच नहीं, बल्कि भविष्य की एक मजबूत राजनीतिक शक्ति भी है। यदि वे पार्टी के भीतर विश्वास बहाल करने और नए नेतृत्व को आगे लाने में सफल होते हैं तो राजनीतिक वापसी की संभावना बनी रह सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;">महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे नाम आज भी प्रभाव रखता है। लेकिन वर्तमान दौर केवल नाम या विरासत के सहारे नहीं जीता जा सकता। राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और दलों के भीतर भी शक्ति संतुलन लगातार बदल रहा है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पार्टी को एकजुट रखना और जनता के बीच यह विश्वास कायम करना है कि शिवसेना (यूबीटी) भविष्य में भी एक मजबूत विकल्प बन सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;">बालासाहेब ठाकरे ने जिस शिवसेना को संघर्ष, विचारधारा और संगठनात्मक अनुशासन के आधार पर खड़ा किया था, आज वही पार्टी कई हिस्सों में बंटी हुई दिखाई देती है। यह स्थिति केवल उद्धव ठाकरे के लिए ही नहीं, बल्कि उस राजनीतिक विरासत के लिए भी बड़ी परीक्षा है जिसे बालासाहेब ने दशकों की मेहनत से तैयार किया था। आने वाले वर्षों में यह तय होगा कि उद्धव ठाकरे इस संकट से उबरकर अपनी राजनीतिक जमीन फिर से मजबूत कर पाते हैं या महाराष्ट्र की राजनीति में उनका प्रभाव धीरे-धीरे सीमित होता चला जाएगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि वे अपने राजनीतिक जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं और उनके सामने खड़ी चुनौतियां पहले से कहीं अधिक कठिन हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>        *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181559/from-balasahebs-legacy-to-political-struggle-why-uddhav-thackeray-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181559/from-balasahebs-legacy-to-political-struggle-why-uddhav-thackeray-and</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:43:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas14.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महादेवपुरा वोटर सूची में हेरफेर के राहुल के आरोपों का केस सुप्रीम कोर्ट पहुँचा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>कर्नाटक के महादेवपुरा की मतदाता सूची में कथित हेरफेर के जिस मामले को राहुल गांधी जनता की अदालत में ले गए हैं वह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों की विशेष जांच दल यानी एसआईटी के माध्यम से जांच की मांग की गई है। यह याचिका 2024 के  में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेरफेर के राहुल गांधी के दावों के बाद दायर की गई है, जिसमें उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154046/case-of-manipulation-of-rahuls-allegations-in-mahadevpura-voter-list"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/eci.webp" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div>कर्नाटक के महादेवपुरा की मतदाता सूची में कथित हेरफेर के जिस मामले को राहुल गांधी जनता की अदालत में ले गए हैं वह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों की विशेष जांच दल यानी एसआईटी के माध्यम से जांच की मांग की गई है। यह याचिका 2024 के  में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हेरफेर के राहुल गांधी के दावों के बाद दायर की गई है, जिसमें उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। याचिका में इस जाँच की निगरानी किसी पूर्व जज से कराने का अनुरोध किया गया है।</div>
<div> </div>
<div>यह जनहित याचिका उस समय दायर की गई है, जब राहुल गांधी ने 7 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट के तहत आने वाले महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 100250 फर्जी वोटों के जरिए चुनाव चोरी का आरोप लगाया था। गांधी ने दावा किया था कि उनकी पार्टी ने छह महीने तक मतदाता सूची के 6.5 लाख एंट्रीज की गहन जांच की। इसके आधार पर उन्होंने पांच तरीकों- डुप्लिकेट मतदाता, फर्जी या अमान्य पते, एक ही पते पर सामूहिक मतदाता, अमान्य तस्वीरें और पहली बार मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 का दुरुपयोग- से मतदाता हेरफेर का खुलासा किया। राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि एक छोटे से 10-15 वर्ग फुट के घर में 80 मतदाता पंजीकृत थे और एक शराब की दुकान जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान में 68 मतदाता पंजीकृत दिखाए गए थे।</div>
<div> </div>
<h4><strong>याचिका में यह भी तर्क दिया गया</strong></h4>
<div> </div>
<div>20 अगस्त को दायर इस जनहित याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट एक विशेष जांच दल का गठन करे, जिसकी अध्यक्षता कोई पूर्व जज करें, ताकि राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। याचिका में कहा गया है कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हैं। याचिका में राहुल गांधी के 7 अगस्त के प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया गया, जहां उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि मतदाता सूची में हेरफेर जैसे मामले संविधान के तहत नागरिकों के 'एक व्यक्ति, एक वोट' के अधिकार को कमजोर करते हैं, और इसलिए इसकी गहन जाँच ज़रूरी है। याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी सुनिश्चित करने वाले बाध्यकारी दिशा-निर्देश बनाने और जारी करने की मांग की है। </div>
<div> </div>
<h4><strong>याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की कि चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों को सुलभ, मशीन-रिडेबल फॉर्म में प्रकाशित करने का निर्देश दिया जाए, ताकि सही सत्यापन, ऑडिट और सार्वजनिक जांच हो सके।</strong></h4>
<div> </div>
<div>याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने विपक्ष के नेता द्वारा उठाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच की और प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत पाए। ये यह दिखाते हैं कि ये आरोप वैध मतों को कमजोर करने की व्यवस्थित कोशिश को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा है कि इसके लिए इस न्यायालय के तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। याचिकाकर्ता ने कहा, 'मतदाता सूची में इस तरह की हेराफेरी संविधान के अनुच्छेद 326 यानी वयस्क मताधिकार, अनुच्छेद 324 यानी निर्वाचन आयोग द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का संचालन और अनुच्छेद 14 व 21 यानी कानून के समक्ष समानता और लोकतांत्रिक शासन में सार्थक भागीदारी के अधिकार का उल्लंघन करती है।</div>
<div> </div>
<h4><strong>राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में महादेवपुरा में हेरफेर के कारण बीजेपी को बेंगलुरु सेंट्रल सीट में जीत मिलने का दावा किया,</strong></h4>
<div> </div>
<div>याचिका में यह भी कहा गया है कि निर्वाचन आयोग की ओर से राहुल गांधी से उनके दावों को सत्यापित करने के लिए शपथ के तहत सबूत मांगना सही नहीं है, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि पंजीकरण नियम इस स्थिति में लागू नहीं होता। यह नियम ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर शिकायतों या आपत्तियों के लिए है, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव पहले ही समाप्त हो चुके हैं। राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में महादेवपुरा में हेरफेर के कारण बीजेपी को बेंगलुरु सेंट्रल सीट में जीत मिलने का दावा किया, जहां बीजेपी के पी.सी. मोहन ने कांग्रेस के मंसूर अली खान को 32,707 वोटों से हराया था। राहुल ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव चोरी करने का आरोप लगाया और मांग की कि आयोग पिछले 10-15 वर्षों के इलेक्ट्रॉनिक मतदाता डेटा और मतदान केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज साझा करे।</div>
<div> </div>
<div>चुनाव आयोग ने इन आरोपों को बेतुका और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 17 अगस्त 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं और डुप्लिकेट नाम होने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति दो बार वोट डाल सकता है। आयोग ने राहुल गांधी से सात दिनों के भीतर शपथ के तहत अपने दावों का समर्थन करने या देश से माफी मांगने की मांग की। कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने भी गांधी को नोटिस जारी कर उनके दावों के समर्थन में दस्तावेज मांगे।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154046/case-of-manipulation-of-rahuls-allegations-in-mahadevpura-voter-list</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154046/case-of-manipulation-of-rahuls-allegations-in-mahadevpura-voter-list</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 18:46:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/eci.webp"                         length="252858"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेलेंस्की को Putin को गले लगाने पर मिर्ची लगी थी, मोदी अब अगस्त में पहुंचने वाले हैं यूक्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International Desk </strong></p>
<p>रूस के कीव पर 2022 में हमला करने के करीब दो साल बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार यूक्रेन की यात्रा करने वाले हैं। पीएम मोदी की यात्रा अगस्त के महीने में हो सकती है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संभवत: 23 अगस्त को यूक्रेन का दौरा करेंगे, जहां वह राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। ताजा घटनाक्रम पीएम मोदी और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर मुलाकात के एक महीने सामने आया है। </p>
<p>मुलाकात के दौरान दोनों नेता गले मिलते नजर आए। जिस दिन पीएम मोदी ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143545/zelensky-was-irritated-by-hugging-putin-now-modi-is-going"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/जेलेंस्की-को-putin-को-गले-लगाने-पर-मिर्ची-लगी-थी,-मोदी-अब-अगस्त-में-पहुंचने-वाले-हैं-यूक्रेन.png" alt=""></a><br /><p><strong>International Desk </strong></p>
<p>रूस के कीव पर 2022 में हमला करने के करीब दो साल बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार यूक्रेन की यात्रा करने वाले हैं। पीएम मोदी की यात्रा अगस्त के महीने में हो सकती है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संभवत: 23 अगस्त को यूक्रेन का दौरा करेंगे, जहां वह राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। ताजा घटनाक्रम पीएम मोदी और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर मुलाकात के एक महीने सामने आया है। </p>
<p>मुलाकात के दौरान दोनों नेता गले मिलते नजर आए। जिस दिन पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव के बाद तीसरा कार्यकाल हासिल किया, उस दिन ज़ेलेंस्की ने उन्हें बधाई दी थी और युद्धग्रस्त देश का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया था। इस साल मार्च में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ एक फोन कॉल में पीएम मोदी ने भारत-यूक्रेन साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और देश के लोगों-केंद्रित दृष्टिकोण को दोहराया और चल रहे संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का आह्वान किया।</p>
<p>यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय रूस यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। ज़ेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता को दुनिया के सबसे खूनी व्यक्ति को गले लगाते देखना एक बड़ी निराशा और शांति प्रयासों के लिए एक विनाशकारी झटका है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करना जारी रखेगा। युद्ध शुरू होने के बाद से भारत ने कहा है कि इसे केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जा सकता है और प्रधान मंत्री ने कहा है कि भारत किसी भी शांति प्रयासों में योगदान देने के लिए तैयार है। पीएम मोदी इस महीने की शुरुआत में दो दिवसीय यात्रा पर मॉस्को भी गए थे।</p>
<p> राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि हिंसा का कोई समाधान युद्ध के मैदान में नहीं खोजा जा सकता है। उन्होंने कहा था कि भारत ने हमेशा क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता सहित संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करने का आह्वान किया है। युद्ध के मैदान पर कोई समाधान नहीं है। बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143545/zelensky-was-irritated-by-hugging-putin-now-modi-is-going</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/143545/zelensky-was-irritated-by-hugging-putin-now-modi-is-going</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jul 2024 17:47:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-putin-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%A5%E0%A5%80%2C-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%85%E0%A4%97%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%A8.png"                         length="635320"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस वोट के लिए राजनीति करती है, भाजपा राष्ट्र व समाज के लिए। -अमरपाल मौर्य </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>प्रयागराज ब्यूरो।</strong> भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है संगठन के ताकत पर केन्द्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार भाजपा सरकार बनी है। यह बातें कांशी क्षेत्र कार्यसमिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल ने शुक्रवार को होटल त्रिवेणी संगम अंदावा प्रयागराज में काशी क्षेत्र कार्यसमिति के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि 2047 में मोदी जी के विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा कर विरोधियों को मात देना हम सबका संकल्प है।</div>
<div>  </div>
<div>  सपा कांग्रेस परिवारवादी व जातिवादी राजनीति करती है। बीते</div>
<div> </div>
<div>संविधान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143356/congress-does-politics-for-votes-bjp-does-politics-for-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/img-20240719-wa0183.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रयागराज ब्यूरो।</strong> भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है संगठन के ताकत पर केन्द्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार भाजपा सरकार बनी है। यह बातें कांशी क्षेत्र कार्यसमिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल ने शुक्रवार को होटल त्रिवेणी संगम अंदावा प्रयागराज में काशी क्षेत्र कार्यसमिति के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि 2047 में मोदी जी के विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा कर विरोधियों को मात देना हम सबका संकल्प है।</div>
<div> </div>
<div> सपा कांग्रेस परिवारवादी व जातिवादी राजनीति करती है। बीते लोकसभा चुनाव में भ्रम, भय व झूठ के बल पर आंशिक सफलता मिली है। इसे प्रभाव विहीन करने के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से जुट जाना होगा। प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले दस वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए अनेकों कार्य किए। आधी आबादी को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और स्वालंबन प्रदान किया। </div>
<div> </div>
<div>संविधान संशोधन एवं आरक्षण समाप्त करने के विपक्ष द्वारा बार बार फैलाए जा रहे भ्रम को तोड़ने की आवश्यकता है। कहा कि दलितों के बीच जाए एवं उन्हें बताएं कि उनकी असली शुभचिंतक भाजपा ही है  समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री भाजपा व राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने </div>
<div>कांग्रेस वोट के लिए राजनीति करती है। भाजपा राष्ट्र व समाज के लिए राजनीति करती है। उप  चुनाव मेंभाजपा काशी क्षेत्र की दो सीटें फूलपुर व मझवा है। यह दोनों सीट भाजपा की है। कार्यकर्ता संकल्प लें कि हर सीट पर भाजपा की जीत हो। सिर्फ उप चुनाव ही नहीं 2027 तक होने वाले निकाय, पंचायत व विधानसभा चुनाव में  भाजपा की जीत के लिए संकल्प लें। </div>
<div> </div>
<div>क्षेत्रीय कार्यसमिति की बैठक में क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चन्द्र गुप्ता,कमलेश कुमार, निर्मला पासवान,प्रदेश मंत्री अनामिका चौधरी, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, प्रदेश महिला मोर्चा मंत्री कविता यादव त्रिपाठी, गंगापार जिलाध्यक्ष कविता पटेल, महानगर जिलाध्यक्ष राजेंद्र मिश्र, यमुनापार जिलाध्यक्ष विनोद प्रजापति, सांसद प्रवीण पटेल, जिला प्रभारी गंगापार उत्तर मौर्य,महापौर प्रयागराज गणेश केसरवानी,वाराणसी जिलाध्यक्ष एवं एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा,विधायक गुरू प्रसाद मौर्य, विधायक राजमणि कोल वाराणसी, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय,आशिष सिंह बघेल, राजेश राजभर, राकेश शर्मा, सुदामा पटेल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, नागेंद्र रघुवंशी, अनिल श्रीवास्तव,श्रीप्रकाश शुक्ला, रानिका जायसवाल,डॉ अशोक राय, जितेन्द्र लालवानी, जेपी सिंह,आशीष केसरवानी,बृजेश त्रिपाठी, राजेश केसरवानी, दिलीप कुमार चतुर्वेदी आदि रहें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143356/congress-does-politics-for-votes-bjp-does-politics-for-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/143356/congress-does-politics-for-votes-bjp-does-politics-for-the</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jul 2024 15:55:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-07/img-20240719-wa0183.jpg"                         length="223734"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमारी ज़मीन, नौकरियों को लेकर लिए गए फैसले जम्मू-कश्मीर की जनता को मंजूर नहीं: महबूबा मुफ्ती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पीडीपी अध्यक्ष और अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कल मतदान बहुत अच्छा हुआ। लोग दिल्ली वालों को पैगाम देना चाहते हैं कि 2019 में आप ने जो फैसला किया। उसके बाद हमारी ज़मीन, नौकरियों को लेकर जितने भी फैसले किए वो जम्मू-कश्मीर के लोगों को कबूल नहीं हैं।</p>
<p>पीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि मैं चुनाव आयोग से पूछना चाहता हूं कि उन जगहों पर मतदान धीमा कर दिया गया जहां लोग जाहिर तौर पर पीडीपी को वोट देने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे। श्रीनगर में रिकॉर्ड मतदान पर उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141274/mehbooba-mufti-decisions-taken-regarding-our-land-and-jobs-are"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/mehbooba-mufti_large_1546_19.webp" alt=""></a><br /><p>पीडीपी अध्यक्ष और अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कल मतदान बहुत अच्छा हुआ। लोग दिल्ली वालों को पैगाम देना चाहते हैं कि 2019 में आप ने जो फैसला किया। उसके बाद हमारी ज़मीन, नौकरियों को लेकर जितने भी फैसले किए वो जम्मू-कश्मीर के लोगों को कबूल नहीं हैं।</p>
<p>पीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि मैं चुनाव आयोग से पूछना चाहता हूं कि उन जगहों पर मतदान धीमा कर दिया गया जहां लोग जाहिर तौर पर पीडीपी को वोट देने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे। श्रीनगर में रिकॉर्ड मतदान पर उन्होंने कहा कि जिस तरह के हालात श्रीनगर, पुलवामा में हैं, वैसे ही हालात अनंतनाग, कुलगाम में भी हैं। वे अपनी आवाज संसद तक पहुंचाना चाहते हैं।</p>
<p>श्रीनगर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में सोमवार को 36% मतदान दर्ज किया गया, जो 1998 के बाद से सबसे अधिक है जब जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद अपने चरम पर था, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने के बाद घाटी में पहली बड़ी चुनावी कवायद हुई थी।</p>
<p>मुख्य निर्वाचन अधिकारी पांडुरंग के पोल ने कहा लगभग पिछले तीन दशकों में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, पिछले 34 साल में इस निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक मतदान 1996 में हुआ था।</p>
<p>उस समय लगभग 41 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। बयान में कहा गया है कि 2019 में 14.43 प्रतिशत वोट पड़े थे, जबकि पिछले संसदीय चुनावों में यह आंकड़ा 25.86 प्रतिशत (2014), 25.55 प्रतिशत (2009), 18.57 प्रतिशत (2004), 11.93 प्रतिशत (1999) और 30.06 प्रतिशत (1998) था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141274/mehbooba-mufti-decisions-taken-regarding-our-land-and-jobs-are</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141274/mehbooba-mufti-decisions-taken-regarding-our-land-and-jobs-are</guid>
                <pubDate>Tue, 14 May 2024 15:54:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/mehbooba-mufti_large_1546_19.webp"                         length="114218"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनता का समर्थन 'इंडिया गठबंधन' के साथ, 140 सीटों पर सिमट जाएगी भाजपा: अखिलेश यादव </title>
                                    <description><![CDATA[<p>समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आज भाजपा पर एक बार फिर से बड़ा हमला किया है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि पार्टी के बुंदेलखण्ड तक पहुंचते-पहुंचते भाजपा का अहंकार खत्म हो जाएगा। बीजेपी का ग्राफ गिर रहा है और इसकी कोई सीमा नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रति लोगों का गुस्सा भी बढ़ रहा है...किसानों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं, फसलों की खरीद के लिए कोई व्यवस्था नहीं, राशन के नाम पर यहां धोखा हो रहा है। बुन्देलखण्ड की जनता जानती है कि उनका दुश्मन कौन है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने दावा किया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141272/bjp-will-be-reduced-to-140-seats-with-public-support"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/akhilesh-yadav_large_1514_8.webp" alt=""></a><br /><p>समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आज भाजपा पर एक बार फिर से बड़ा हमला किया है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि पार्टी के बुंदेलखण्ड तक पहुंचते-पहुंचते भाजपा का अहंकार खत्म हो जाएगा। बीजेपी का ग्राफ गिर रहा है और इसकी कोई सीमा नहीं है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रति लोगों का गुस्सा भी बढ़ रहा है...किसानों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं, फसलों की खरीद के लिए कोई व्यवस्था नहीं, राशन के नाम पर यहां धोखा हो रहा है। बुन्देलखण्ड की जनता जानती है कि उनका दुश्मन कौन है।</p>
<p>अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी का समर्थन कर रही है। 140 करोड़ जनता बीजेपी को 140 सीटों पर सीमित कर देगी। अब कोई मन की बात नहीं सुनना चाहता, संविधान की बात सुनना चाहता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इंडिया गठबंधन जीतेगा।</p>
<p>जनता इंडिया गठबंधन का समर्थन कर रही है...जो लोग सोचते हैं कि वे धोखे से जीत सकते हैं, जनता उन्हें अपने वोटों से जवाब देगी। लोग भाजपा के काम से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। </p>
<p>यादव ने चौथे चरण के मतदान के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश में कहा, चार चरणों के बाद जनता ने भाजपा के ‘400 पार’ के दावे के आगे से 4 गायब कर दिया है और अब डबल इंजन वालों की संभावना में बस डबल शून्य बचे हैं। भाजपा की सरकार बनाने की संभावना 00फीसदी है।</p>
<p>’’ उन्होंने इसी संदेश में आगे कहा, आगामी तीन चरणों में भी जनता भाजपा को हराने के लिए और ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनाने के लिए, चार चरणों से भी उत्साह से वोट डालेगी। यादव ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन को जनता जिता रही है क्योंकि ‘इंडिया’ की जीत में देश की जीत है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141272/bjp-will-be-reduced-to-140-seats-with-public-support</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141272/bjp-will-be-reduced-to-140-seats-with-public-support</guid>
                <pubDate>Tue, 14 May 2024 15:47:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/akhilesh-yadav_large_1514_8.webp"                         length="131202"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>I.N.D.I.A ब्लॉक 4 के सत्ते में आने का इंतज़ार कर रहे है केजरीवाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दोहराया कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में I.N.D.I.A ब्लॉक सत्ता में आया तो वह जेल से बाहर होंगे। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के पार्षदों को संबोधित करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें अंतरिम जमानत देने का फैसला किसी चमत्कार से कम नहीं है, उन्होंने इसके लिए दैवीय हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण उन्हें 20 दिनों के लिए बाहर रहना पड़ा।</p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि आप नेताओं का लोग सम्मान करते हैं और उन्हें प्यार करते हैं और ''हमारे काम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141230/kejriwal-is-waiting-for-india-block-4-to-come-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/kejriwal_large_1709_8.webp" alt=""></a><br /><p>दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दोहराया कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में I.N.D.I.A ब्लॉक सत्ता में आया तो वह जेल से बाहर होंगे। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के पार्षदों को संबोधित करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें अंतरिम जमानत देने का फैसला किसी चमत्कार से कम नहीं है, उन्होंने इसके लिए दैवीय हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया, जिसके कारण उन्हें 20 दिनों के लिए बाहर रहना पड़ा।</p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि आप नेताओं का लोग सम्मान करते हैं और उन्हें प्यार करते हैं और ''हमारे काम के कारण भाजपा उनसे डरती है।'' उन्होंने पार्टी पार्षदों से कहा, "मुझे 2 जून को वापस जेल जाना है। मैं 4 जून को जेल के अंदर चुनाव परिणाम देखूंगा। अगर I.N.D.I.A ब्लॉक सत्ता में आता है, तो मैं 5 जून को वापस आऊंगा।</p>
<p>" उन्होंने कहा कि मुझे अपने INDIA गठबंधन के साथी दलों और साथियों से बुलावा आ रहा है कि आप यहां भी आकर प्रचार कीजिए। मैं अगले 21 दिनों में जहां-जहां संभव होगा, वहां जाऊंगा और BJP को हराने के लिए प्रचार करूंगा।</p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि आप लोग अब जमकर मेहनत कीजिए। मुझे 2 जून को वापस जेल जाना होगा लेकिन अगर आप लोग 4 जून को INDIA की सरकार बनवाएंगे तो मैं 5 जून को ही बाहर आ जाऊंगा। उन्होंने कहा कि मैं कहीं भी रहूं, लेकिन आप लोग दिल्ली बंद मत होने देना। BJP और नरेंद्र मोदी दिल्ली में हमारे किए हुए काम और 'काम की राजनीति' से डर लगता है। हमारे काम की वजह से आज लोग हमें प्यार करते हैं,</p>
<p>हमारी इज्जत करते हैं। इन लोगों ने मनीष सिसोदिया और सत्येन्द्र जैन को जेल में डाल दिया। इन्होंने सोचा इससे सरकारी स्कूल और मोहल्ला क्लीनिक बंद हो जाएंगे। इन लोगों ने मुझे जेल में डालकर सोचा कि इससे दिल्ली बंद हो जाएगी, लेकिन ऐसा कर नहीं पाए।</p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि गीता में भगवान कृष्ण ने कहा है कि धरती पर जब-जब पाप बढ़ेगा तब-तब मैं प्रकट होऊंगा। भगवान एक तो श्रीराम और श्रीकृष्ण के रूप में प्रकट होते हैं और दूसरा कर्मों के हिसाब से प्रकट होते हैं। आज से तीन महीने पहले तक BJP की 400 सीट को लेकर बात होती थी, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं और अब इनके 250 पार जाने पर सवाल उठ रहे हैं। </p>
<p>कतार में खड़े मतदाता को YSRCP विधायक ने शरेआम मारा चाटा</p>
<p><br />तेनाली। आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के एक विधायक ने सोमवार को यहां एक मतदान केंद्र पर मतदान के लिए कतार में खड़े एक व्यक्ति को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। हालांकि उक्त व्यक्ति ने भी इसके जवाब में विधायक को थप्पड़ जड़ दिया। विधायक ने थप्पड़ उस व्यक्ति को मारा जिसने उनके कतार तोड़ने पर सवाल किया था। यह घटना गुंटूर जिले के तेनाली में तब हुई जब वाईएसआरसीपी के स्थानीय विधायक ए. शिव कुमार ने कतार तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया और मतदाताओं में से एक ने इसे लेकर उनसे सवाल कर दिया। </p>
<p>पुलिस ने बताया कि इसको लेकर गुस्साये विधायक ने व्यक्ति को थप्पड़ मार दिया, हालांकि उक्त व्यक्ति ने भी इसके जवाब में विधायक को थप्पड़ जड़ दिया। विधायक को थप्पड़ मारे जाने से नाराज उनके समर्थकों ने उक्त व्यक्ति पर अपना गुस्सा निकाला। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया जिसके परिणाम स्वरूप यह झड़प हुई। उन्होंने कहा, ‘‘वह (वाईएसआरसीपी विधायक) मतदान करने जा रहे थे और वह कतार तोड़कर आगे बढ़े लेकिन किसी (मतदाता) ने इस पर आपत्ति जतायी।’’ </p>
<p>पुलिस ने बताया कि विधायक और मतदाता के बीच पहले कहा-सुनी हुई और उसके बाद विधायक ने उसे थप्पड़ मार दिया। पुलिस ने बताया कि मतदाता के पलटवार करने के बाद विधायक के समर्थकों ने उसकी पिटायी कर दी और उस पर घूंसे बरसाये। हालांकि बाद में पुलिस और अन्य मतदाताओं ने बाद में उन्हें रोका। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने इस घटना को लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में है। राज्य में लोकसभा की 25 सीट और विधानसभा की 175 सीट के लिए सोमवार को एकसाथ चुनाव हुआ।</p>
<p>YSRCP MLA,slaps voter,A Sivakumar,lok sabha,lok sabha election,lok sabha election 2024,latest news, hindi news, national news, </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141230/kejriwal-is-waiting-for-india-block-4-to-come-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141230/kejriwal-is-waiting-for-india-block-4-to-come-to</guid>
                <pubDate>Mon, 13 May 2024 17:21:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/kejriwal_large_1709_8.webp"                         length="94634"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rahul Gandhi से रायबरेली की जनता का सवाल, कब करेंगे शादी ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से कांग्रेस उम्मीदवार राहुल गांधी ने सोमवार, 13 मई को उत्तर प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली में एक जोशीला भाषण दिया। कार्यक्रम के गंभीर स्वर के बीच, हल्के-फुल्के क्षण भी थे, भीड़ ने राहुल गांधी को उनकी वैवाहिक स्थिति के बारे में चिढ़ाया और उनसे पूछा कि वह कब शादी करने की योजना बना रहे हैं। जब राहुल गांधी से पूछा गया कि वह कब शादी कर रहे हैं तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "अब जल्दी ही करनी पड़ेगी।"</p>
<p>रायबरेली की रैली में राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141228/people-of-rae-bareli-question-when-will-he-marry-rahul"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/rahul-gandhi_large_1550_8.webp" alt=""></a><br /><p>2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली से कांग्रेस उम्मीदवार राहुल गांधी ने सोमवार, 13 मई को उत्तर प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र में एक रैली में एक जोशीला भाषण दिया। कार्यक्रम के गंभीर स्वर के बीच, हल्के-फुल्के क्षण भी थे, भीड़ ने राहुल गांधी को उनकी वैवाहिक स्थिति के बारे में चिढ़ाया और उनसे पूछा कि वह कब शादी करने की योजना बना रहे हैं। जब राहुल गांधी से पूछा गया कि वह कब शादी कर रहे हैं तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "अब जल्दी ही करनी पड़ेगी।"</p>
<p>रायबरेली की रैली में राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। कांग्रेस ने 3 मई को राहुल गांधी को रायबरेली से और वफादार केएल शर्मा को अमेठी से उम्मीदवार घोषित किया, जिससे प्रियंका गांधी के साथ-साथ रॉबर्ट वाड्रा को भी चुनावी मुकाबले से बाहर रखा गया।</p>
<p>2004 में राहुल को कमान सौंपने से पहले सोनिया गांधी ने 1999 में अमेठी से चुनाव लड़ा और जीता। सोनिया गांधी से पहले, पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने तीन बार रायबरेली से जीत हासिल की थी। इस निर्वाचन क्षेत्र ने 1952 और 1957 में दो बार इंदिरा के पति और कांग्रेस नेता फ़िरोज़ गांधी को भी चुना।</p>
<p>रायबरेली के महराजगंज में भावुक भाषण देते हुए राहुल ने कहा कि हमारा रायबरेली से 100 साल पुराना रिश्ता है। कुछ दिन पहले जब मैं अपनी मां के साथ बैठा था तो मैंने उनसे कहा था कि मैंने एक वीडियो में कहा था कि मेरी दो मां हैं- सोनिया जी और इंदिरा जी। मेरी मां को यह पसंद नहीं था,</p>
<p>लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि मां ही होती है जो बच्चे को रास्ता दिखाती है और उसकी रक्षा भी करती है। मेरी मां और इंदिरा जी दोनों ने मेरे लिए ऐसा किया।' यह मेरी दोनों माताओं की कर्मभूमि है।' यही कारण है कि मैं रायबरेली से चुनाव लड़ने आया हूं।'</p>
<p>राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय इतिहास में पहली बार, "बीजेपी-आरएसएस के लोग हमारे संविधान को खत्म करना चाहते हैं। उनके नेताओं ने साफ कहा है कि अगर वे सत्ता में आए तो संविधान बदल देंगे..." किसानों तक पहुंचते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, "...मैं वादा करता हूं कि अगर कांग्रेस-इंडिया केंद्र में सत्ता में आती है,</p>
<p>तो मेरा पहला काम गरीब किसानों का कर्ज माफ करना होगा।" राहुल गांधी केरल के वायनाड से मौजूदा सांसद हैं, जहां वह रायबरेली के साथ नया कार्यकाल चाह रहे हैं। राहुल ने 2004 से 2019 तक अमेठी का प्रतिनिधित्व किया। रायबरेली में उनका मुकाबला कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के तीन बार के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह से होगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141228/people-of-rae-bareli-question-when-will-he-marry-rahul</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141228/people-of-rae-bareli-question-when-will-he-marry-rahul</guid>
                <pubDate>Mon, 13 May 2024 17:13:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/rahul-gandhi_large_1550_8.webp"                         length="106892"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंदू घटा तो देश बंटा, जनसंख्या नियंत्रण बेहद जरुरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रदेश में लोकसभा का चुनाव का तीसरा चरण खत्म हो चुका है, सभी पार्टियां चाैथे तरण की तैयारी कर रही है इसी बीच नेताओं के द्वारा जमकर बयानबाजी भी किया जा रहा है। वहीं,  उन्नाव से सांसद और बीजेपी प्रत्याशी साक्षी महाराज का बढ़ती जनसंख्या को लेकर कहा है कि अगर हिंदू घटा तो देश बंटा, इसलिए जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनना बेहद जरूरी है। </p>
<p>उन्नाव के सांसद ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि 'इसको पढ़ने के बाद से आहत हूं कि 8 प्रतिशत हिंदू घट गया और 40 प्रतिशत मुस्लिम बढ़ गया.' पाकिस्तान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141006/if-hindus-decrease-then-the-country-gets-divided-population-control"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/images.jpg" alt=""></a><br /><p>प्रदेश में लोकसभा का चुनाव का तीसरा चरण खत्म हो चुका है, सभी पार्टियां चाैथे तरण की तैयारी कर रही है इसी बीच नेताओं के द्वारा जमकर बयानबाजी भी किया जा रहा है। वहीं,  उन्नाव से सांसद और बीजेपी प्रत्याशी साक्षी महाराज का बढ़ती जनसंख्या को लेकर कहा है कि अगर हिंदू घटा तो देश बंटा, इसलिए जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनना बेहद जरूरी है। </p>
<p>उन्नाव के सांसद ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि 'इसको पढ़ने के बाद से आहत हूं कि 8 प्रतिशत हिंदू घट गया और 40 प्रतिशत मुस्लिम बढ़ गया.' पाकिस्तान में विभाजन के समय 23 प्रतिशत हिंदू था, लेकिन बाद में वो घटता चला गया या तो उन्हें मार दिया गया या फिर देश से निकाल दिया गया, जो कुछ रह गए उनका जबरन धर्मांतरण करा दिया, जो थोड़े-बहुत बचे हैं उनकी हालत बेहद खराब है।</p>
<p>इसी के साथ महाराज ने आगे कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की है। इस देश में तत्काल प्रभाव से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनना चाहिए। ये अपरिहार्य है। जब-जब हिंदू घटा, देश बंटा। बीजेपी प्रत्याशी ने आगे कहा कि पहले भी मैंने चेताया था 4 बीवी, 40 बच्चे इस देश नहीं चलेंगे। अगर मैं 4 बच्चों की अपील करने लगा तो? वैसे भी लोगों ने मेरे इस बयान को काटकर चला दिया, जिससे मेरे खिलाफ केस दर्ज़ हो गया। जबकि, मैं ना हिंदू की बात करता हूं ना मुसलमान की, मैं देश की बात करता हूं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141006/if-hindus-decrease-then-the-country-gets-divided-population-control</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141006/if-hindus-decrease-then-the-country-gets-divided-population-control</guid>
                <pubDate>Thu, 09 May 2024 15:12:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/images.jpg"                         length="9200"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'वोट फॉर जिहाद' और 'वोट फॉर विकास' के बीच की लड़ाई है ये चुनाव: Amit Shah </title>
                                    <description><![CDATA[<p>जोर-शोर से चल रहे चुनाव प्रचार के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि इन लोकसभा चुनावों में लड़ाई 'वोट फॉर जिहाद' और 'वोट फॉर विकास' के बीच है। केंद्रीय मंत्री भोंगिर में तेलंगाना के लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे यहां तेलंगाना में उपस्थित होकर खुशी हो रही है... मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हूं।</p>
<p>आज हमारा देश लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का गवाह बन रहा है। यहां आगामी चुनाव 'वोट फॉर जिहाद' और 'वोट फॉर विकास' मिशन के बीच लड़ाई का प्रतिनिधित्व करते हैं। </p>
<p>शाह ने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140999/this-election-is-a-fight-between-vote-for-jihad-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/amit-shah_large_1402_8.webp" alt=""></a><br /><p>जोर-शोर से चल रहे चुनाव प्रचार के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि इन लोकसभा चुनावों में लड़ाई 'वोट फॉर जिहाद' और 'वोट फॉर विकास' के बीच है। केंद्रीय मंत्री भोंगिर में तेलंगाना के लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे यहां तेलंगाना में उपस्थित होकर खुशी हो रही है... मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हूं।</p>
<p>आज हमारा देश लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का गवाह बन रहा है। यहां आगामी चुनाव 'वोट फॉर जिहाद' और 'वोट फॉर विकास' मिशन के बीच लड़ाई का प्रतिनिधित्व करते हैं। </p>
<p>शाह ने कहा कि आगामी चुनाव 'राहुल गांधी की चीनी गारंटी' और 'मोदी जी की भारतीय गारंटी' के बीच लड़ाई का प्रतिनिधित्व करते हैं। मैं जहां भी जाता हूं, मुझे केवल 'मोदी, मोदी...' की गूंज सुनाई देती है। तेलंगाना ने 'कमल' को चुनने का फैसला किया है, और उसका प्यार और आशीर्वाद इस बार हमें 400 के पार ले जाएगा! उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोगों ने 2019 में हमें 4 सीटों का आशीर्वाद दिया।</p>
<p>और इस बार, मुझे यकीन है कि हम तेलंगाना में 10+ सीटें जीतने जा रहे हैं। तेलंगाना का यह 'डबल-डिजिट स्कोर' निश्चित रूप से मोदी जी को 400 के पार पहुंचा देगा।</p>
<p>भाजपा नेता ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि तेलंगाना और राजस्थान के लोगों को कश्मीर से कोई लेना-देना नहीं है। दुर्भाग्य से, वह नहीं जानते कि यहां के लोग कश्मीर के लिए अपनी जान भी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना मोदी जी द्वारा लिया गया एक ऐतिहासिक निर्णय है,</p>
<p>और भारत के लोग इस निर्णय के लिए आभारी भी हैं और गर्व भी करते हैं। मोदी जी ने भोंगिर के कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बहुत प्रयास किये हैं। मोदी की कपड़ा नीति बिल्कुल स्पष्ट है. इसका उद्देश्य 'खेत से फाइबर', 'फाइबर से फैक्ट्री', 'फैक्ट्री से फैशन' और 'फैशन से निर्यात' तक के चैनलों को मजबूत करना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीआरएस तेलंगाना में विकास सुनिश्चित करने के वादे के साथ सत्ता में आई, लेकिन उसने केवल भ्रष्टाचार किया। आपने रेवंत रेड्डी को 5 साल दिए और उन्होंने तेलंगाना को कांग्रेस पार्टी के लिए 'एटीएम' में बदलने के अलावा कुछ नहीं किया। हमें तेलंगाना में 10+ सीटों का आशीर्वाद दें, और हम इसे भारत का नंबर-1 राज्य बना देंगे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140999/this-election-is-a-fight-between-vote-for-jihad-and</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/140999/this-election-is-a-fight-between-vote-for-jihad-and</guid>
                <pubDate>Thu, 09 May 2024 14:14:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/amit-shah_large_1402_8.webp"                         length="35730"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेसियों के शिविर रायबरेली में मुक़ाबला करेंगी नूपुर शर्मा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Election:</strong> लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा और उत्तर प्रदेश में बढ़ते राजनीतिक परिदृश्य के मद्देनजर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपने अगले उम्मीदवारों की सूची के लिए तैयारी कर रही है, अब चर्चा सूची के संभावित दावेदारों पर केंद्रित हो गई है। जिन सीटों पर खासी दिलचस्पी है, उनमें रायबरेली भी शामिल है, जिसे ऐतिहासिक रूप से गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है।</p>
<p>रायबरेली, लंबे समय से गांधी परिवार से जुड़ा राजनीतिक गढ़ है, जिसमें कांग्रेस की दिग्गज नेता सोनिया गांधी भी शामिल हैं, जो 2004 से अपराजित हैं, नए सिरे से जांच के दौर से गुजर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139604/nupur-sharma-will-contest-in-congress-camp-rae-bareli"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/nupursharma-1710826575.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Election:</strong> लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा और उत्तर प्रदेश में बढ़ते राजनीतिक परिदृश्य के मद्देनजर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपने अगले उम्मीदवारों की सूची के लिए तैयारी कर रही है, अब चर्चा सूची के संभावित दावेदारों पर केंद्रित हो गई है। जिन सीटों पर खासी दिलचस्पी है, उनमें रायबरेली भी शामिल है, जिसे ऐतिहासिक रूप से गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है।</p>
<p>रायबरेली, लंबे समय से गांधी परिवार से जुड़ा राजनीतिक गढ़ है, जिसमें कांग्रेस की दिग्गज नेता सोनिया गांधी भी शामिल हैं, जो 2004 से अपराजित हैं, नए सिरे से जांच के दौर से गुजर रहा है। हालाँकि, सोनिया गांधी ने चुनावी गतिशीलता में संभावित बदलाव का संकेत देते हुए इस बार निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।</p>
<p>ऐसे में रायबरेली के लिए बीजेपी की पसंद को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, जिसमें नूपुर शर्मा पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। पार्टी के सूत्रों ने नूपुर शर्मा को रायबरेली से चुनाव लड़ने के लिए नामांकित करने की संभावना पर चर्चा के संकेत दिए हैं। इस घटनाक्रम ने तेजी से तूल पकड़ लिया है, अफवाहें राजनीतिक हलकों और उससे बाहर भी तेजी से फैल रही हैं।</p>
<p>दिल्ली के राजनीतिक क्षेत्र में शर्मा की सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ उनकी पिछली चुनावी लड़ाई ने अटकलों को बल दिया है। सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा खूब है। हालांकि, प्रभासाक्षी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। </p>
<p>हालाँकि, नूपुर शर्मा की संभावित उम्मीदवारी विवाद से रहित नहीं है। एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान पैगंबर मुहम्मद के संबंध में उनकी पिछली टिप्पणियों की व्यापक निंदा हुई और यहां तक ​​कि कई शहरों में हिंसा की घटनाएं भी हुईं। आगामी प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप अशांत समय के बीच शर्मा को भाजपा से निलंबित कर दिया गया।</p>
<p>फिलहाल, रायबरेली राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बिंदु बना हुआ है, यहां अभी तक किसी भी पार्टी ने अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है। जहां भाजपा ने अपनी रणनीति का खुलासा करने से परहेज किया है, वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठबंधन निर्वाचन क्षेत्र में विकास पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार की भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।</p>
<p>भाजपा द्वारा रायबरेली सीट के लिए नूपुर शर्मा पर विचार करना चुनावी परिदृश्य में एक दिलचस्प आयाम जोड़ता है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में पार्टियां इस चुनाव पर कड़ी नजर रखने और जमकर मुकाबला करने का वादा कर रही हैं।</p>
<p>नूपुर शर्मा छात्र जीवन से ही बीजेपी की छात्र इकाई एबीवीपी से जुड़ी हुई थीं। नूपुर 2008 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष रह चुकी हैं। पेशे से वकील शर्मा ने 2015 के विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालाँकि, वह 31,000 वोटों के अंतर से हार गईं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139604/nupur-sharma-will-contest-in-congress-camp-rae-bareli</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139604/nupur-sharma-will-contest-in-congress-camp-rae-bareli</guid>
                <pubDate>Tue, 19 Mar 2024 17:26:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/nupursharma-1710826575.jpg"                         length="99505"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        