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                <title>चुनाव आयोग - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>चुनाव आयोग RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ममता बनर्जी का दावा- भाजपा की ज्यादतियों से जल्द सत्ता में लौटेगी तृणमूल</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा सरकार की कथित ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ करेंगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बहुत जल्द पश्चिम बंगाल में फिर से सत्ता में आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186692/mamata-banerjees-claim-trinamool-will-soon-return-to-power"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/28_08_2026_15_03_47_mam.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा सरकार की कथित ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ करेंगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस बहुत जल्द पश्चिम बंगाल में फिर से सत्ता में आएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के छात्र संगठन तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया और मतदाता सूची से लाखों नाम हटाकर ‘वोट लूटने’ के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने कोलकाता में रेहड़ी-पटरी वालों के बेदखली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार हटाए गए फेरीवालों का पुनर्वास नहीं कर सकती तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस पर राजनीतिक दबाव का आरोप</strong></h6>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने भाजपा पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस को सभाएं और रैलियां आयोजित करने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही जिलों का दौरा कर राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगी। यदि पुलिस अनुमति नहीं देती है तो वह जनता की अनुमति से कार्यक्रम करेंगी।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अब वह राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुमति नहीं लेंगी और अदालत का समय बर्बाद नहीं करेंगी। ममता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह मीलों पैदल चलकर भी लोगों के बीच पहुंचेंगी।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>अभिषेक बनर्जी ने बागी गुट पर साधा निशाना</strong></h6>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘बागी लेकिन बहुसंख्यक’ गुट और हाल में राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी (एनसीपीआई) में शामिल हुए पूर्व तृणमूल सांसदों को निशाने पर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अभिषेक बनर्जी ने इन नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए कहा कि वह पार्टी की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी से आग्रह करेंगे कि भविष्य में ऐसे लोगों को तृणमूल कांग्रेस में वापस नहीं लिया जाए। उन्होंने मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय से बिलबोर्ड हटाए जाने को लेकर भी भाजपा और राज्य प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 21:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘मैं इस्तीफा नहीं दूंगी’:क्या यह  ब्यान संवैधानिक है या लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अतिक्रमण?”</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं द्वारा दिये गये ब्यान केवल शब्द या अभिव्यक्ति नहीं होते, वे व्यवस्था की दिशा भी तय करते हैं और राजनेताओं का आचरण। जब माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसा वरिष्ठ नेतृत्व विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और स्वयं के हार के बाद यह वक्तव्य देता है कि “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी”, तो यह एक साधारण राजनीतिक वक्तव्य नहीं रह जाता, बल्कि संवैधानिकता, नैतिकता और लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहन बहस का विषय बन जाता है।</div>
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<div style="text-align:justify;">भारत का शासन तंत्र संसदीय लोकतंत्र पर आधारित है और संविधान द्वारा संचालित। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की वैधता विधानसभा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178321/%E2%80%98i-will-not-resign%E2%80%99is-this-statement-constitutional-or-a-violation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hq720.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं द्वारा दिये गये ब्यान केवल शब्द या अभिव्यक्ति नहीं होते, वे व्यवस्था की दिशा भी तय करते हैं और राजनेताओं का आचरण। जब माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसा वरिष्ठ नेतृत्व विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और स्वयं के हार के बाद यह वक्तव्य देता है कि “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी”, तो यह एक साधारण राजनीतिक वक्तव्य नहीं रह जाता, बल्कि संवैधानिकता, नैतिकता और लोकतांत्रिक परंपराओं पर गहन बहस का विषय बन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत का शासन तंत्र संसदीय लोकतंत्र पर आधारित है और संविधान द्वारा संचालित। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की वैधता विधानसभा में बहुमत से निर्धारित होती है।यदि किसी दल या गठबंधन के पास बहुमत नहीं है, तो वह सरकार बनाने का नैतिक और संवैधानिक अधिकार खो देता है।ऐसी स्थिति में या तो वैकल्पिक बहुमत सिद्ध किया जाता है या पद छोड़ना पड़ता है।इस दृष्टि से “बहुमत के बिना इस्तीफा न देने” का कथन या यूं कहें बहुमत वाले दल के लिए सक्ता हस्तांतरण हेतु पद न  छोड़ने जैसे वक्तव्य संवैधानिक भावना के विपरीत प्रतीत होते हैं। भारत में इस तरह का ब्यान शायद अपने आप में पहला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संविधान केवल प्रावधानों का दस्तावेज नहीं, बल्कि संवैधानिक नैतिकता का भी आधार है।डॉ. भीमराव आंबेडकर ने स्पष्ट कहा था कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितनी ईमानदारी से उसका पालन करते हैं।ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है,क्या इस तरह के ब्यान देने  की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है?क्या यह जनादेश का अपमान नहीं है?</div>
<div style="text-align:justify;">ममता दीदी पर मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान महामहिम राष्ट्रपति के प्रदेश आगमन पर उन्हें प्रोटोकॉल के अनुरूप सम्मान न देना, केन्द्रीय जांच एजेंसियों को सहयोग न करना, जांच में व्यवधान उत्पन्न करना,सघन मतदाता जांच का विरोध करना, चुनाव आयोग के अधिकारियों के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करना, समुदाय विशेष को लाभ पहुंचाना जैसे बहुत सारे आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। इनमें कितने आरोप संवैधानिक रूप से सही है या नहीं यह न्यायलय का तय करना का विषय है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे प्रकरण का सबसे दिलचस्प और चिंताजनक पहलू विपक्षी दलों की ममता दीदी के इस्तीफा न देने वाले ब्यान पर प्रतिक्रिया न आना  है।जहाँ एक ओर समय-समय पर कई विपक्षी दल बार-बार यह आरोप लगाते रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में “संविधान खतरे में है”, वहीं दूसरी ओर ममता दीदी के इस स्पष्ट बयान पर न तो विपक्षी दलों द्वारा अपेक्षित विरोध किया और न ही कोई  समझाइश दी गई अपितु 100 सीटों की चोरी के आरोप का समर्थन कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े कर दिए, जबकि चुनाव में धांधली हुई या नहीं इसको तय करने के लिए न्यायालय, और उसकी शरण में जाना चाहिए यदि किसी प्रकार की आशंका है। चुनाव आयोग की हिंसा रहित निष्पक्ष चुनाव कराने के श्रम पर पानी फेरने से बचना चाहिए।ऐसा मौन समर्थन क्या भारतीय संविधान को खतरे में नहीं डालता? वास्तव में यह विरोधाभास कई सवाल खड़े करता है:क्या संविधान की चिंता केवल राजनीतिक सुविधा का विषय है?क्या संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का पैमाना दलगत आधार पर बदल जाता है?यदि एक ओर “संविधान खतरे में” का नरेटिव गढ़ा जाए और दूसरी ओर ऐसे बयानों पर चुप्पी साध ली जाए, तो क्या यह उस नरेटिव की विश्वसनीयता को कमजोर नहीं करता ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि सिद्धांतों की निरंतरता का नाम है।जब राजनीतिक दल अपने विरोधियों के लिए एक मानक और अपने सहयोगियों के लिए दूसरा मानक अपनाते हैं तो इससे लोकतांत्रिक विमर्श का स्तर गिरता है।इस संदर्भ में यह स्पष्ट होता है कि:संविधान की रक्षा का प्रश्न चयनात्मक नहीं हो सकता;लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी सभी पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेरा ऐसा मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति से उठा यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।“बहुमत हासिल न करने पर भी मैं इस्तीफा नहीं दूंगी” जैसा कथन-संवैधानिक रूप से संदिग्ध और लोकतांत्रिक दृष्टि से अनुपयुक्त प्रतीत होता है।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही विपक्ष की चुप्पी यह संकेत देती है कि भारतीय राजनीति में सिद्धांतों की बजाय सुविधा का प्रभाव बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि-सत्ता या विपक्ष में कोई भी बैठे,सबके लिए संविधान सर्वोपरि रहे, और जनादेश का सम्मान अनिवार्य।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 16:54:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विधानसभा चुनाव: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण से पहले चुनाव आयोग सख्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं।सूत्रों के अनुसार, आयोग ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त (सीपी), सभी उपायुक्त (डीसीपी), जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित थाना स्तर तक के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि किसी भी अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में किसी व्यक्ति के पास विस्फोटक सामग्री पाई जाती है या डराने-धमकाने की कोई रणनीति अपनाई जाती है, तो संबंधित थाना प्रभारी को इसके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177429/election-commission-strict-before-the-second-phase-of-assembly-elections"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/navjivanindia_2026-04-25_svf60re9_election-commision.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं।सूत्रों के अनुसार, आयोग ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त (सीपी), सभी उपायुक्त (डीसीपी), जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित थाना स्तर तक के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि किसी भी अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में किसी व्यक्ति के पास विस्फोटक सामग्री पाई जाती है या डराने-धमकाने की कोई रणनीति अपनाई जाती है, तो संबंधित थाना प्रभारी को इसके लिए सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। आयोग ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी को अभूतपूर्व परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने सभी पुलिस अधिकारियों को अगले 24 घंटों के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार की अवैध या संदिग्ध सामग्री, विशेषकर विस्फोटक पदार्थों को तत्काल जब्त करने को कहा गया है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग का यह कदम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयोग का मानना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसे हर हाल में रोका जाना जरूरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस प्रशासन से यह भी कहा गया है कि वे स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं। इसके अलावा, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग के इस सख्त रुख से स्पष्ट है कि वह चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण के लिए मतदान होगा। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>विधान सभा चुनाव </category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:28:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;अधूरी हसरतों का इल्जाम&quot; EVM पर उठ रहे सवाल, काफी शायराना अंदाज़ में मिला जवाब </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Election:</strong> मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की निष्पक्षता के खिलाफ राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बारे में बात की। एक काव्यात्मक प्रतिक्रिया में राजीव कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि ईवीएम फुल-प्रूफ हैं और उन्होंने कई बार उन राजनीतिक दलों को सत्ता में लाया है जो उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हैं।</p>
<blockquote class="format2">
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>अधूरी हसरतों का इल्जाम हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं, </strong></span></p>
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वफा खुद से नहीं होती खता ईवीएम की कहते हो।</strong></span></p>
</blockquote>
<p>चुनाव आयोग ने बताया कि लोकसभा चुनाव 19</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139458/%22accusation-of-unfulfilled-desires%22-questions-raised-on-evm-got-answers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/rajneeti2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Election:</strong> मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की निष्पक्षता के खिलाफ राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बारे में बात की। एक काव्यात्मक प्रतिक्रिया में राजीव कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि ईवीएम फुल-प्रूफ हैं और उन्होंने कई बार उन राजनीतिक दलों को सत्ता में लाया है जो उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हैं।</p>
<blockquote class="format2">
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>अधूरी हसरतों का इल्जाम हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं, </strong></span></p>
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वफा खुद से नहीं होती खता ईवीएम की कहते हो।</strong></span></p>
</blockquote>
<p>चुनाव आयोग ने बताया कि लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में होंगे । वोटों की गिनती 4 जून को होगी। पहला चरण 19 अप्रैल, दूसरा चरण 26 अप्रैल, तीसरा चरण 7 मई, चौथा चरण 13 मई, पांचवां चरण 20 मई, छठा चरण 25 मई और सातवां चरण 1 जून को होगा। </p>
<p>इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने पहले शुक्रवार को दो रिट याचिकाएं खारिज कर दीं, एक 19 लाख से अधिक ईवीएम के गायब होने की आशंका पर और दूसरी याचिका ईवीएम पर अपना विश्वास जताते हुए चुनाव कराने के लिए मतपत्र का उपयोग करने की मांग थी। 19 लाख गायब ईवीएम याचिका पर फैसला सुनाते हुए शीर्ष अदालत ने आशंकाओं और आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया, जिससे मामला भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के पक्ष में बंद हो गया। </p>
<p>लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 61ए को अलग करते हुए मतपत्र का उपयोग करके चुनाव कराने के संबंध में एक अन्य याचिका पर भी विचार करने से इनकार करते हुए, न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि ईवीएम के कामकाज से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर 10 से अधिक मामलों की जांच की गई है।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Mar 2024 18:51:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकसभा चुनाव 2024 के होंगे सात चरण, जून 4 को होगी वोट काउंटिंग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Election: </strong>चुनाव आयोग ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान कर दिया।  इसके साथ ही आयोग द्वारा ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों की भी घोषणा की। आयोग ने शुक्रवार को शनिवार दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तारीखों का ऐलान किया।</p>
<p>सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि आम चुनाव 7 चरणों में होगा, पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी. दूसरे चरण की वोटिंग 26 अप्रैल को होगी।</p>
<blockquote class="format2"><strong>क्या है चुनाव आयोग की मुख्य बातें....</strong></blockquote>
<p>1- देश में कुल 98.8 करोड़ मतदाता</p>
<p>2- लोकसभा चुनाव 2024 सात चरणों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139438/there-will-be-seven-phases-of-lok-sabha-elections-2024"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/99074895.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Election: </strong>चुनाव आयोग ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान कर दिया।  इसके साथ ही आयोग द्वारा ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों की भी घोषणा की। आयोग ने शुक्रवार को शनिवार दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तारीखों का ऐलान किया।</p>
<p>सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि आम चुनाव 7 चरणों में होगा, पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी. दूसरे चरण की वोटिंग 26 अप्रैल को होगी।</p>
<blockquote class="format2"><strong>क्या है चुनाव आयोग की मुख्य बातें....</strong></blockquote>
<p>1- देश में कुल 98.8 करोड़ मतदाता</p>
<p>2- लोकसभा चुनाव 2024 सात चरणों में होगा,  4 जून को होगी वोटों की गिनती</p>
<blockquote class="format1"><strong>19 अप्रैल से 7 चरणों में होंगे लोकसभा 2024 के चुनाव </strong></blockquote>
<p>1- पहला चरण 19 अप्रैल,</p>
<p>2- दूसरा चरण 26 अप्रैल,</p>
<p>3- तीसरा चरण 7 मई,</p>
<p>4- चौथा चरण 13 मई,</p>
<p>5- पांचवां चरण 20 मई,</p>
<p>6- छठा चरण 25 मई और सातवां चरण 1 जून को होगा</p>
<p>7- लोकसभा चुनाव 2024 में 55 लाख एवं होंगे प्रयोग</p>
<p>8-लोकसभा चुनाव में 10.5 लाख </p>
<p>9- चुनाव में हिंसा का कोई स्थान नहीं, इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाएंगे</p>
<p>10- 1.8 करोड़ युवा पहली बार वोट डालेंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त</p>
<p>11- 98.8 करोड़ में 49.7 करोड़ पुरुष और 47.1 करोड़ महिला वोटर</p>
<p>12- चुनाव में हिंसा करने वालों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होगा</p>
<p>13- किसी भी वालंटियर या संविदा कर्मचारी की चुनाव में ड्यूटी नहीं लगेगी</p>
<p>14- दिव्यांग वोटर घर से डाल सकेंगे वोट</p>
<p>15- फेक न्यूज, नफरती भाषणों पर होगी सख्ती</p>
<p>16- जाति, धर्म के आधार पर प्रचार ना हो</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लोक सभा चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139438/there-will-be-seven-phases-of-lok-sabha-elections-2024</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Mar 2024 16:39:55 +0530</pubDate>
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