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                <title>WHO - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>WHO RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पल्स पोलियो राउंड की सफलता के लिए डिस्ट्रिक्ट टास्क फ़ोर्स की मीटिंग हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर 22 जून  28, 29 </strong>और 30 जून को पूरे ज़िले में पल्स पोलियो राउंड चलाया जाएगा - सिविल सर्जन</div>
<div style="text-align:justify;">  हेल्थ डिपार्टमेंट अमृतसर ने डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह के निर्देशों के अनुसार और डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर श्री मनकीरत सिंह रंधावा की अध्यक्षता में, सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज के नेतृत्व में, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के सहयोग से, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स, अमृतसर में पल्स पोलियो राउंड के संबंध में डिस्ट्रिक्ट टास्क फ़ोर्स की मीटिंग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मीटिंग के दौरान, सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने बताया कि 28, 29 और 30 जून 2026 को पूरे ज़िले में पल्स पोलियो राउंड चलाया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181918/district-task-force-meeting-held-for-the-success-of-pulse"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000915393.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर 22 जून  28, 29 </strong>और 30 जून को पूरे ज़िले में पल्स पोलियो राउंड चलाया जाएगा - सिविल सर्जन</div>
<div style="text-align:justify;"> हेल्थ डिपार्टमेंट अमृतसर ने डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह के निर्देशों के अनुसार और डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर श्री मनकीरत सिंह रंधावा की अध्यक्षता में, सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज के नेतृत्व में, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के सहयोग से, डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्प्लेक्स, अमृतसर में पल्स पोलियो राउंड के संबंध में डिस्ट्रिक्ट टास्क फ़ोर्स की मीटिंग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मीटिंग के दौरान, सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने बताया कि 28, 29 और 30 जून 2026 को पूरे ज़िले में पल्स पोलियो राउंड चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों के सक्रिय सहयोग की ज़रूरत है। इस कैंपेन में ज़िला परिषद, मेडिकल डिपार्टमेंट, ICDS, बिजली डिपार्टमेंट, एजुकेशन डिपार्टमेंट, नर्सिंग कॉलेज, IMA, पंचायती राज, पंजाब रोडवेज़ और पुलिस डिपार्टमेंट हिस्सा लेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. रश्मि विज ने कहा कि हालांकि भारत पोलियो-फ़्री देशों की लिस्ट में शामिल हो चुका है, लेकिन इस कामयाबी को बनाए रखने के लिए समय-समय पर पल्स पोलियो कैंपेन चलाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पोलियो जैसी लाइलाज बीमारी से बचाने के लिए सिर्फ़ हेल्थ डिपार्टमेंट ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग और दूसरे डिपार्टमेंट का सहयोग बहुत ज़रूरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस राउंड के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट की तरफ़ से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने सभी सीनियर मेडिकल अफ़सरों और शहरी मेडिकल अफ़सरों को निर्देश दिए कि नवजात से लेकर 5 साल तक का कोई भी बच्चा पोलियो वैक्सीन की दो बूंद से वंचित न रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आगे बताया कि इस कैंपेन के तहत अमृतसर ज़िले के लगभग 2,87,498 बच्चों को पोलियो-रोधी दवा पिलाने का टारगेट रखा गया है। इसके लिए 1,193 बूथ बनाए जाएंगे और 2,386 टीमें तैनात की जाएंगी, जबकि पूरे कैंपेन की मॉनिटरिंग 255 सुपरवाइजर करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर BCG ऑफिसर डॉ. मनमीत कौर, डॉ. वनीत कौर, डिस्ट्रिक्ट MEIO श्री अमरदीप सिंह, सभी सीनियर मेडिकल ऑफिसर और सिटी मेडिकल ऑफिसर मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181918/district-task-force-meeting-held-for-the-success-of-pulse</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:41:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांगो में एकतरफा सीजफायर का ऐलान किया गया अब तक कुल 900 शव मिले हैं गोमा की सड़कों से </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कांगो सरकार -</strong> पूर्वी शहर गोमा में पिछले सप्ताह कांगो सरकार की सेना और रवांडा समर्थित विद्रोहियों के बीच हुई लड़ाई में कम से कम 900 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। इससे पहले मृतकों की संख्या 773 बताई गई थी। </p>
<p><strong>भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी- </strong>कांगो में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर लोकतांत्रिक गणराज्य के किंशासा में भारतीय दूतावास ने रविवार को वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। दूतावास ने कहा था कि वह मध्य अफ्रीकी देश में सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148170/unilateral-ceasefire-has-been-announced-in-congo-so-far-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(6).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कांगो सरकार -</strong> पूर्वी शहर गोमा में पिछले सप्ताह कांगो सरकार की सेना और रवांडा समर्थित विद्रोहियों के बीच हुई लड़ाई में कम से कम 900 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। इससे पहले मृतकों की संख्या 773 बताई गई थी। </p>
<p><strong>भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी- </strong>कांगो में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर लोकतांत्रिक गणराज्य के किंशासा में भारतीय दूतावास ने रविवार को वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। दूतावास ने कहा था कि वह मध्य अफ्रीकी देश में सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। साथ ही दूतावास ने बुकावु में सभी भारतीय नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा था। दूतावास ने दिन में तीन सलाह जारी की और सभी को आपातकालीन योजना तैयार करने की सलाह दी। कांगो में करीब एक हजार भारतीय नागरिक हैं।</p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि पांच दिनों की लड़ाई के बाद (जिसमें विद्रोहियों ने शहर पर नियंत्रण कर लिया था) पिछले शुक्रवार तक गोमा की सड़कों से कम से कम 900 शव बरामद किए गए। डब्ल्यूएचओ ने लड़ाई में लगभग 2,900 लोगों के घायल होने की बात कही है। संयुक्त राष्ट्र और कांगो सरकार ने पहले मृतकों की संख्या 773 बताई थी। </p>
<p><strong>बुकावु की यात्रा न करने की सलाह-</strong>भारतीय दूतावास की तरफ से जारी सलाह में कहा गया था कि ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि एम23 बुकावु से सिर्फ 20-25 किलोमीटर दूर है। ऐसे में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, हम एक बार फिर बुकावु में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को सलाह देते हैं कि वे एयरपोर्ट्स, बॉर्डर्स और वाणिज्यिक मार्ग अभी भी खुले हैं, इसलिए जो भी साधन उपलब्ध हों, तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. हम बुकावु की यात्रा न करने की सलाह देते हैं’।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 17:22:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों के स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी -राजीव रत्न सिंह </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong> उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर की अध्यक्षता में तहसील परिसर में टास्क फोर्स की बैठक की गई बैठक की अध्यक्षता एसडीएम राजीव रत्न सिंह द्वारा की गई सीएचसी अधीक्षक मिल्कीपुर डॉ. पंकज श्रीवास्तव  द्वारा बताया गया की पोलियों अभियान 8 से 16 दिसम्बर तक चलेगा। जिसमें 8 दिसम्बर पोलियों रविवार बूथ दिवस जिसमें ब्लाक मिल्कीपुर में 86 बूथों पर पोलियों की दवा पिलाई जाएगी एवं 9 दिसम्बर से 13 दिसम्बर तक घर घर जाकर बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई जाएगी तथा जो बच्चे अभियान से छूट जाएंगे उन्हें 16 तारीख को दवा पिलाई जाएगी।</p>
<p>बीएमसी यूनीसेफ आलोक पाण्डेय द्वारा बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146842/vaccination-is-very-important-for-the-health-of-children"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/img_20241206_212449.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong> उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर की अध्यक्षता में तहसील परिसर में टास्क फोर्स की बैठक की गई बैठक की अध्यक्षता एसडीएम राजीव रत्न सिंह द्वारा की गई सीएचसी अधीक्षक मिल्कीपुर डॉ. पंकज श्रीवास्तव  द्वारा बताया गया की पोलियों अभियान 8 से 16 दिसम्बर तक चलेगा। जिसमें 8 दिसम्बर पोलियों रविवार बूथ दिवस जिसमें ब्लाक मिल्कीपुर में 86 बूथों पर पोलियों की दवा पिलाई जाएगी एवं 9 दिसम्बर से 13 दिसम्बर तक घर घर जाकर बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई जाएगी तथा जो बच्चे अभियान से छूट जाएंगे उन्हें 16 तारीख को दवा पिलाई जाएगी।</p>
<p>बीएमसी यूनीसेफ आलोक पाण्डेय द्वारा बताया गया की ब्लाक मिल्कीपुर में 22  उदासीन परिवार ऐसे है जो अपने बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं करा रहे है उपजिलाधिकारी द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी को 8 दिसम्बर को प्रात: 8 बजे विद्यालय खुला रखने एवं बच्चों हेतु नास्ता तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया तथा टीकाकरण के प्रति उदासीन बच्चों का सम्बंधित आंगनबाड़ी एवं कोटेदार को परिवार का राशन रोकने हेतु निर्देशित किया गया तथा कहा गया कि बच्चों के स्वास्थ्य हेतु टीकाकरण बहुत जरूरी है।</p>
<p>बैठक में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अजय शंकर द्विवेदी बाल बिकास परियोजना अधिकारी प्रियंका द्विवेदी फिल्म मानीटर WHO मुकेश श्रीवास्तव अश्ववनी श्रीवास्तव श्याम शर्मा यूनीसेफ बीएमसी आलोक पाण्डेय,प्रत्युश चौधरी चिकित्साधिकारी खण्डासा, हैरिग्टनगंज शिक्षा विभाग से बीईओ मिल्कीपुर, अमानीगंज,हरैनटिनगंज एवं सहायक बिकास अधिकारी पंचायत मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 21:23:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ भारत' के दावों की पोल खोलती डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p>मोदी सरकार ने 'स्वच्छ भारत' अभियान के तहत 2019 में ही भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया था। लेकिन डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की एक नई रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बता रही है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ ने हाल ही में पानी की सप्लाई और स्वच्छता पर अपने जॉइंट मॉनिटरिंग प्रोग्राम की ताजा रिपोर्ट जारी की है, जो 2022 तक इन मोर्चों पर अलग अलग देशों द्वारा दर्ज की गई तरक्की के बारे में विस्तार से बताती है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में ग्रामीण भारत में 17 प्रतिशत लोग अभी भी खुले में शौच कर रहे थे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/132261/who-report-exposes-the-claims-of-clean-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/अगले-चुनावों- में-बसपा-व-कांग्रेस-को-एक-दूसरे-की-जरुरत1.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>मोदी सरकार ने 'स्वच्छ भारत' अभियान के तहत 2019 में ही भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया था। लेकिन डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की एक नई रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बता रही है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ ने हाल ही में पानी की सप्लाई और स्वच्छता पर अपने जॉइंट मॉनिटरिंग प्रोग्राम की ताजा रिपोर्ट जारी की है, जो 2022 तक इन मोर्चों पर अलग अलग देशों द्वारा दर्ज की गई तरक्की के बारे में विस्तार से बताती है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में ग्रामीण भारत में 17 प्रतिशत लोग अभी भी खुले में शौच कर रहे थे। भारत की कुल आबादी करीब 1।40 अरब है, जिसमें करीब 65 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में रहते हैं।तो इस रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 15 करोड़ लोग आज भी खुले में शौच करते हैं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट ने यह भी दावा किया है कि ग्रामीण भारत में करीब 25 प्रतिशत परिवारों के पास अपना अलग शौचालय भी नहीं है। यह भी ओडीएफ घोषित किये जाने के मुख्य लक्ष्यों में से था।जुलाई 2021 में इन दोनों संस्थाओं ने कहा था कि तब ग्रामीण भारत में खुले में शौच करने वालों की संख्या 22 प्रतिशत थी, यानी एक साल में समस्या पांच प्रतिशत और कम हुई है। 2015 में यह संख्या 41 प्रतिशत थी।</p>
<p>रिपोर्ट यह तो दिखा रही है कि भारत ने खुले में शौच से लड़ाई में लगातार तरक्की हासिल की है लेकिन साथ ही रिपोर्ट ने पूरी तरह खुले में शौच से मुक्ति के सरकार के दावों पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।</p>
<p>हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। भारत सरकार के ओडीएफ लक्ष्यों, परिभाषा और दावों को लेकर शुरू से विवाद रहा है। सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ की परिभाषा है - खुले में मल नजर ना आना और हर घर और सार्वजनिक संस्थान द्वारा मल के निस्तारण के लिए सुरक्षित तकनीकी विकल्पों का इस्तेमाल।</p>
<p>2019-20 में हुए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के पांचवें दौर के मुताबिक उस समय देश में कम से कम 19 प्रतिशत परिवार खुले में शौच कर रहे थे। बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में तो यह संख्या 62, 70 और 71 प्रतिशत तक थी।एक बार फिर सरकार के ओडीएफ के दावों को गलत बताया गया है। देखना होगा कि सरकार इस अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के नतीजों को चुनौती देती है या नहीं।</p>
<p>बाथरूम की कमी का  सबसे ज्यादा प्रभाव देश में महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें अपनी इस बुनियादी जरूरत के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि क्या बाथरूम का निर्माण देश में स्वच्छता और नारी के सम्मान से जुड़ा मुद्दा नहीं है? और यदि है तो नीति निर्माताओं का ध्यान उस ओर क्यों नहीं जाता।</p>
<p>आज भी देश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए इसकी सुविधा किसी लग्जरी से कम नहीं है। देखा जाए तो सालों से चलती आ रही प्रथाएं, पैसे की कमी और अन्य जरूरी मुद्दों ने इस जरूरत को उजागर ही नहीं होने दिया।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक यह स्थिति सिएरा लियोन में कहीं ज्यादा बदतर है जहां केवल 7।7 फीसदी लोगों के घरों में बाथरूम की सुविधा उपलब्ध है। इसी तरह घाना में यह आंकड़ा 43।8 फीसदी है। वहीं यदि चीन की बात करें तो 88।4 फीसदी लोगों के घरों में स्नानघर की सुविधा उपलब्ध है, जबकि स्पेन और ऑस्ट्रेलिया में यह आंकड़ा शत-प्रतिशत है।    </p>
<p>यह सही है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में शौचालयों के मामले में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। लेकिन साफ पानी और स्वच्छता से जुड़े ऐसे कई मुद्दे हैं जिनपर अभी काम किया जाना बाकी है।यदि रिपोर्ट में जारी 2022 के आंकड़ों पर गौर करें तो देश में केवल 52 फीसदी आबादी ऐसी स्वच्छता सेवाओं का उपयोग कर रही है जिनका प्रबंधन सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है।</p>
<p>इसी तरह देश में करीब 76 फीसदी आबादी की बुनियादी स्वच्छता सेवाओं तक पहुंच है। वहीं 24 फीसदी आबादी अभी भी इससे दूर है। देखा जाए तो स्वच्छता का यह मुद्दा ने केवल साफ-सफाई से जुड़ा है साथ ही यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा भी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।हालांकि आंकड़ों की मानें तो बुनियादी स्वच्छता के मुद्दे पर भारत ने 2015 के बाद से अच्छी खासी प्रगति की है, 2015 से 2022 के बीच इसकी कवरेज में 21 पॉइंट का सुधार आया है।आंकड़ों का उपलब्ध न होना भी इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए एक बड़ी समस्या है। यदि साफ और सुरक्षित रूप से प्रबंधित पेयजल की बात करें तो रिपोर्ट के अनुसार भारत में इससे जुड़े पर्याप्त आंकड़े मौजूद नहीं है।</p>
<p>वहीं यदि भारत के जल जीवन मिशन द्वारा जारी मौजूदा आंकड़ों को देखें तो देश में 64।19 फीसदी ग्रामीण घरों तक नल जल की व्यवस्था हो चुकी है। हालांकि अभी भी भारत में पानी भरने की जिम्मेवारी काफी हद तक महिलाओं और बच्चियों के कन्धों पर हैं, जिसके लिए उन्हें काफी संघर्ष तक करना पड़ता है।</p>
<p>इस रिपोर्ट में न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में 2015 से 2022 के बीच पानी और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों में आए सुधार की तस्वीर प्रस्तुत की गई है। आंकड़ों के अनुसार दुनिया में करीब 220 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके घर पर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल का प्रबंध नहीं है।मतलब की दुनिया में हर चार में से एक व्यक्ति ऐसा है, जिसके पास सुरक्षित पेयजल की कमी है। यह सही है कि 2000 से 2022 के बीच करीब 210 करोड़ लोगों के लिए इसकी व्यवस्था की गई है। लेकिन अभी भी 2030 के लिए जो लक्ष्य तय किए गए हैं वो काफी दूर हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में पेयजल और स्वच्छता से जुड़े इस संकट का सबसे ज्यादा खामियाजा महिलाओं और बच्चियों को भुगतना पड़ रहा है। पता चला है कि घरों के लिए पानी लाने की जिम्मेवारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं की कहीं ज्यादा है। इसी तरह लड़कों के मुकाबले इस जिम्मेवारी को निभाने वाली बच्चियों की संख्या करीब दोगुनी है। करीब 200 करोड़ लोगों के घरों में साफ पानी की व्यवस्था नहीं हैं। इनमें से 70 फीसदी घरों में पानी की व्यवस्था करने की जिम्मेवारी महिलाओं और बच्चियों की है।</p>
<p>इसी तरह करीब 340 करोड़ लोगों की सैनिटेशन तक पहुंच नहीं है। मतलब की 40 फीसदी आबादी अभी भी इससे वंचित है। 2022 के आंकड़ों को देखें तो दुनिया में करीब 57 फीसदी आबादी यानी 450 करोड़ लोग सुरक्षित सैनिटेशन सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। वहीं आज भी दुनिया में करीब 200 करोड़ लोगों के घर पर हाथों को धोने के लिए साबुन-पानी की व्यवस्था नहीं है। वहीं 2022 में दुनिया की करीब 75 फीसदी आबादी के पास इसकी सुविधा मौजूद है।</p>
<p>नतीजन महिलाएं और लड़कियां आज भी घर के बाहर शौच के लिए जाने को मजबूर हैं। इसकी वजह से वो अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं। साथ ही इसका प्रतिकूल प्रभाव उनपर पड़ता है। करीब 50 करोड़ लोग सैनिटेशन सुविधाओं को दूसरे परिवारों के साथ साझा करते हैं।</p>
<p>22 देशों पर किए हालिया सर्वेक्षणों से पता चला है कि साझा शौचालय वाले घरों में, महिलाएं और बच्चियां रात में इन सुविधाओं का उपयोग करने में असुरक्षित महसूस करती हैं। साथ ही उन्हें यौन उत्पीड़न और अन्य सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं का आभाव उनके स्वास्थ्य के लिए भी जोखिम को बढ़ा रह है। इस बारे में डब्ल्यूएचओ के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉक्टर मारिया नीरा ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पानी, स्वच्छता और हाइजीन तक सीमित पहुंच के चलते हर साल 14 लाख लोगों की मौत हो जाती है।</p>
<p>देखा जाए तो सतत विकास के छठे लक्ष्य के तहत 2030 तक सभी के लिए साफ और सुरक्षित पानी के साथ स्वच्छता का स्थाई प्रबंध करने का लक्ष्य तय किया गया था। हालांकि अभी भी कई देश इन लक्ष्यों से काफी दूर हैं।इतना ही नहीं देशों के बीच भी इन सेवाओं के मामले में भारी अंतर है। देखा जाए तो यह असमानता सतत विकास के लक्ष्यों के लिए एक बड़ी चुनौती है। उदाहरण के लिए यदि साफ पेयजल की उपलब्धता से जुड़े आंकड़ों को देखें तो जहां यूरोप और उत्तरी अमेरिका में 94 फीसदी आबादी के पास इसकी पहुंच है वहीं उप-सहारा अफ्रीका में केवल 31 फीसदी आबादी के पास ही पीने का साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध है।</p>
<p>ऐसे में यदि कमजोर देशों को भी इनसे जुड़े सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करना है तो उन्हें साफ पानी की दिशा में हो रही प्रगति की रफ्तार को छह गुणा, स्वच्छता के मामले में 13 गुणा और हाइजीन के मुद्दे में होती प्रगति को 16 गुणा तेज करने की जरूरत है</p>
<p><strong>अशोक भाटिया,</strong></p>
<p><strong>वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार .लेखक एवं टिप्पणीकार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 12:25:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएचसी में बिना मास्क आ रहे मरीज, एवं गर्भवती महिलाएं </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><br /><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong>कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद भी अस्पतालों में सतर्कता नहीं बरती जा रही है। कुछ मरीजों और उनके तीमारदारों को छोड़कर ज्यादातर लोग बिना मास्क के ही अस्पताल में नजर आ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मास्क लगाना अनिवार्य किए जाने के आदेश दिए हैं।<br />सीएचसी  मिल्कीपुर में रोजाना लगभग 200 से 300 तक मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मौसम में हो रहे बदलाव के चलते अस्पताल में लगातार मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। सोमवार कोविड-19 की गाइडलाइन की हकीकत की जानकारी के लिए जब सीएचसी अस्पताल पहुंच गया तो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128880/patients-and-pregnant-women-coming-without-masks-due-to-negligence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/img20230417120052.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><br /><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong>कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद भी अस्पतालों में सतर्कता नहीं बरती जा रही है। कुछ मरीजों और उनके तीमारदारों को छोड़कर ज्यादातर लोग बिना मास्क के ही अस्पताल में नजर आ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मास्क लगाना अनिवार्य किए जाने के आदेश दिए हैं।<br />सीएचसी  मिल्कीपुर में रोजाना लगभग 200 से 300 तक मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मौसम में हो रहे बदलाव के चलते अस्पताल में लगातार मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। सोमवार कोविड-19 की गाइडलाइन की हकीकत की जानकारी के लिए जब सीएचसी अस्पताल पहुंच गया तो ब्लॉक स्तरीय प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की मूलभूत प्रसव पूर्व को जांच एवं उपचार के तहत प्रत्येक  माह के 16 तारीख को जांच एवं उपचार गर्भवती महिलाओं की कराई जाती है। 16 अप्रैल को रविवार होने के चलते 17 अप्रैल को बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थी न तो सोशल डिस्टेंसिंग का कोई ख्याल रहा और न ही किसी के द्वारा मास्क लगाया गया था। डॉक्टर एवं स्टांप नर्स तो मास्क लगाई थी लेकिन गर्भवती महिलाओं को ना तो सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में कोई जानकारी दी गई थी और ना ही मास्क लगाने को कहा गया था। वही महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गुंजन यादव का कहना है कि मेरे द्वारा गर्भवती महिलाओं तथा उनके साथ आए लोगों को मास्क लगाने को कहा जा रहा है लेकिन कोई नहीं लगा रहा है ऐसे में मैं ही क्या करूं।<br /> कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसके बावजूद लोग बेपरवाह बने हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो दूर, ऐसा लगता है जैसे इलाज कराने आए लोग मास्क लगाना जरूरी नहीं समझते हैं। अस्पतालों में मरीज और तीमारदार मास्क पहनने से परहेज कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने का दावा कर रहा है।<br /> कोविड-19 के बढ़ते मामलों से मरीजों को सजग रहने की जरूरत है। अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक और स्टाफ को मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। कोरोना को लेकर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश हैं। लेकिन अस्पताल मैं किसी प्रकार की सतर्कता नहीं बरती जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Apr 2023 16:23:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोविड-19 को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने 100 शैय्या अस्पताल में किया मॉक ड्रिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></p>
<p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong>चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर कोरोना के लगातार बढ़ रहे नए पॉजिटिव को देखते हुए सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में इस महामारी से मरीजों को राहत पहुंचाने के सभी उपाय सुनिश्चित कर लिए गए हैं। स्वास्थ विभाग के निर्देश पर ज्वाइन्ट डायरेक्टर अयोध्या ने कोरोना के मद्देनजर ऑक्सीजन प्लांट और उससे होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति को परखने के साथ ही कोरोना महामारी से पीड़ित गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड से जुड़ी तैयारियों को परखा।मिल्कीपुर तहसील व नगर पंचायत कुमारगंज क्षेत्र में लगभग 400 राजस्व गांवों से जुड़ी 5 लाख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128765/regarding-kovid-19-the-health-department-did-mock-drill-in-100"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-04/img-20230411-wa0028.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></p>
<p><strong>मिल्कीपुर, अयोध्या।</strong>चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर कोरोना के लगातार बढ़ रहे नए पॉजिटिव को देखते हुए सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में इस महामारी से मरीजों को राहत पहुंचाने के सभी उपाय सुनिश्चित कर लिए गए हैं। स्वास्थ विभाग के निर्देश पर ज्वाइन्ट डायरेक्टर अयोध्या ने कोरोना के मद्देनजर ऑक्सीजन प्लांट और उससे होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति को परखने के साथ ही कोरोना महामारी से पीड़ित गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड से जुड़ी तैयारियों को परखा।मिल्कीपुर तहसील व नगर पंचायत कुमारगंज क्षेत्र में लगभग 400 राजस्व गांवों से जुड़ी 5 लाख की आबादी को गंभीर रोगों से निजात दिलाने वाले सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज ने कोरोना के मद्देनजर 20 बेड का नया अलग वार्ड तैयार करने के साथ उपरी तल पर दो बेड का एचडीयू वार्ड तैयार किया है।</p>
<p>आगामी दिनों में कोरोना की व्यापकता के मद्देनजर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर ज्वाइंट डायरेक्टर अंसार अली ने अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित दोनों वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों से जुड़ी तैयारियों का जायजा लिया। <br />मार्क ड्रिल के दौरान अस्पताल एक कर्मचारी ने कोरोना पेशेंट के रूप में इमरजेंसी में पहुंचा जहां पर तैनात डॉ अनमोल पाठक ने हालत गंभीर देख वार्ड बॉय को निर्देशित किया, वार्ड बॉय ने तत्काल पीपी किट पहन कर पेशेंट को इमरजेंसी से उपरी तल पर मौजूद आईसीयू वार्ड में ले जाकर बेड पर लेटा दिया डाक्टर ने आईसीयू बेड में लगे मॉनिटर व अन्य उपकरणों को चलाकर मार्क ड्रिल के दौरान मौजूद ए सी एम ओ डॉ अंसार अली को दिखाया।<br />इस मौके पर अस्पताल के सीएमएस रजत चौरसिया डॉक्टर संतोष सिंह , डॉ दुर्ग विजय, डॉ प्रवीण बरनवाल, डॉ अरविंद मौर्या समेत स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय समेत अन्य कर्मचारी रहे मौजूद ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Apr 2023 06:14:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>WHO ने किया चीन का पर्दाफाश: कोरोना की महामारी से आउट ऑफ़ कंट्रोल हुआ चाइना </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>चीन में कोरोना की लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। रिपोर्ट के मुताबिक रोजाना लाखों केस सामने आ रहे हैं और  हजारों लोग मर रहे हैं। सेलीब्रेटी से लेकर आम लोगों की कोरोना के चलते मौत हो चुकी है लेकिन चीन सरकार के आदेश पर आंकड़े छुपाए जा रहे हैं। दिसंबर 2022 में चीन ने कोरोना से 22 लोगों की मौत की बात कबूली लेकिन इसके बाद आंकड़े सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन भले ही कोरोना को लेकर सही आंकड़े न दे रहा हो लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126757/who-exposed-china-china-got-out-of-control-due-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p>चीन में कोरोना की लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। रिपोर्ट के मुताबिक रोजाना लाखों केस सामने आ रहे हैं और  हजारों लोग मर रहे हैं। सेलीब्रेटी से लेकर आम लोगों की कोरोना के चलते मौत हो चुकी है लेकिन चीन सरकार के आदेश पर आंकड़े छुपाए जा रहे हैं। दिसंबर 2022 में चीन ने कोरोना से 22 लोगों की मौत की बात कबूली लेकिन इसके बाद आंकड़े सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन भले ही कोरोना को लेकर सही आंकड़े न दे रहा हो लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)  ने उसकी पोल खोल दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वीकली रिपोर्ट में सामने आया है कि चीन में एक हफ्ते में कोरोना के 2.18 लाख से ज्यादा मरीज मिले हैं।</p>
<p>चीन में कोरोना का संक्रमण जिस तेजी से बढ़ रहा है, वैसा वहां पहले कभी नहीं देखा। वहां महामारी आउट ऑफ कंट्रोल हो चुकी है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी माना था कि कोरोना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि, इन सबके बावजूद चीन कोरोना को लेकर आंकड़े नहीं दे रहा है   पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट ने उसकी पोल खोल दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वीकली रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में एक हफ्ते में कोरोना के नए मामलों में करीब 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि 26 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच में कोरोना के 2.18 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं जबकि, इससे 12 से 18 दिसंबर के बीच 1.47 लाख नए मामले सामने आए थे।</p>
<p>इस हिसाब से चीन में कोरोना के नए मामले 48 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं।चीन में जहां संक्रमण तेज रफ्तार से बढ़ रहा है, बावजूद इसके वहां सारी पाबंदियां हटने वालीं हैं। चीन में 8 जनवरी से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए क्वारनटीन रहना जरूरी नहीं होगा इससे पहले तीन साल तक चीन में आने वाले यात्रियों को दो हफ्ते तक क्वारनटीन रहना जरूरी था। चीन ने कोविड-19 को 2020 से खतरनाक संक्रामक बीमारी की 'A' कैटेगरी में रखा था। इसे ब्यूबोनिक प्लेग और हैजा के बराबर माना था  लेकिन अब कोविड-19 को 'B' कैटेगरी में डाला जाएगा।</p>
<p>यानी, चीन में अब कोविड-19 खतरनाक संक्रामक बीमारी नहीं रहेगी।  इसके पीछे चीन का तर्क है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इतना ही नहीं, चीन अब कोरोना के मामलों का रिकॉर्ड भी नहीं रखेगा। चीन में नए साल कोरोना के नए मामलों का हिसाब-किताब नहीं रखा जाएगा। चीन कोरोना से होने वाली मौतों के जो आंकड़े दे रहा है वो भी बहुत कम है। WHO की रिपोर्ट बताती है कि 26 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच चीन में कोरोना से 648 मौतें हुईं हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jan 2023 16:37:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>भारत में बना सिरप उज्बेकिस्तान के लिए हुआ जहर, 18 बच्चों की गई जान, WHO बोला-करेंगे इसकी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>मध्‍य एशियाई</strong> देश उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गई। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि जिस कफ सिरप को बच्‍चों ने पिया था, वो भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप (Dok-1 Max syrup) था।</p>
<p>बता दें कि इससे पहले अफ्रीकी देश गांबिया (Gambia) में भी भारतीय कफ सिरप पीने से 66 बच्चों बच्चों की मौत की खबर आई थी। उज्बेकिस्तान के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा कि लैब में किए गए एक टेस्‍ट में भारतीय कफ सिरप में दूषित एथिलीन ग्लाइकोल की उपस्थिति पाई गई।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126636/syrup-made-in-india-poisoned-18-children-for-uzbekistan-who"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-12/48.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><strong>मध्‍य एशियाई</strong> देश उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) में भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत हो गई। उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि जिस कफ सिरप को बच्‍चों ने पिया था, वो भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनी का कफ सिरप (Dok-1 Max syrup) था।</p>
<p>बता दें कि इससे पहले अफ्रीकी देश गांबिया (Gambia) में भी भारतीय कफ सिरप पीने से 66 बच्चों बच्चों की मौत की खबर आई थी। उज्बेकिस्तान के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा कि लैब में किए गए एक टेस्‍ट में भारतीय कफ सिरप में दूषित एथिलीन ग्लाइकोल की उपस्थिति पाई गई। Dok-1 Max कफ सिरप को नोएडा की मैरियन बायोटेक की ओर से तैयार किया जाता है।<br />WHO ने दिया जांच में सहयोग का भरेासा</p>
<p>इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, "उज्बेकिस्तान में बच्‍चों की मौत की खबरें आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) उज्बेकिस्तान में स्वास्थ्य अधिकारियों के संपर्क में है और आगे की जांच में सहायता के लिए तैयार है। हालांकि, डॉक्टर-1 मैक्स की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मैरियन बायोटेक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले पर अभी कुछ नहीं कहा है।</p>
<p><strong>'बिना डॉक्‍टर की सलाह के लिए कफ सिरप</strong><br />उज्बेकिस्तान के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कहा कि समदरकंद में ऐसे 21 बच्‍चे जो तीव्र श्वसन रोग से पीड़ित थे, उन्‍होंने नोएडा की मैरियन बायोटेक की निर्मित डॉक-1 मैक्स सिरप का सेवन किया था, संभवत: उसी वजह से उनमें से 18 बच्चों की मौत हो गई है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि चूंकि दवा में मुख्य रूप से पेरासिटामोल है, जिसे माता-पिता ने गलत तरीके से इस्तेमाल किया, या तो उन्होंने सीधे मेडिकल से इसे खरीद लिया या फिर ठंड विरोधी उपाय के रूप में इसे इस्तेमाल किया।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि बच्चों के माता-पिता ने ड़क्टरी सलाह के बिना बच्चों को यह कफ सिरप पिलाया है। बयान के अनुसार, लैब के शुरूआती अध्ययनों से इस सिरप में एथिलीन ग्लाइकॉल की उपस्थिति मिली है. इस तरह की दवा का सेवन कुछ ज्‍यादा होने पर उल्टी, बेहोशी, आक्षेप, हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Dec 2022 14:15:58 +0530</pubDate>
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