<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/13461/%C2%A0pm-modi" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title> PM Modi - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/13461/rss</link>
                <description> PM Modi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिना इंजीनियर के बना रहे है सीसी रोड का निर्माण कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>शहडोल दिनेश चौधरी की रिपोर्ट </strong></div>
<div><br />शहडोल जिले के बहु चर्चित ग्राम पंचायत करकटी एक मिसाल कायम करने जा रही हैं। आपको बता दे कि ग्राम पंचायत करकटी में वार्ड नंबर 1मेन रोड से प्यारेलाल बैगा के घर तक सी सी रॉड न निर्माण कार्य चल रहा हैं। जिसका निर्माण एजेंसी खुद ग्राम पंचायत हैं आपको बता की जब कोई इंजीनियर ही नहीं हैं तो निर्माण कार्य कैसे और किसके इसारे से चल रहा हैं। ग्रामीणों के काफी विरोध के बाद भी ग्राम पंचायत अपने रवैये से बाज नहीं आ रहा। </div>
<div>  </div>
<div><strong>  250 मीटर बनना हैं कैसे और क्यों निर्माण एजेंसी</strong></div>
<div> </div>
<div>250</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159633/cc-road-construction-work-is-being-done-without-engineers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img_20251110_165637.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>शहडोल दिनेश चौधरी की रिपोर्ट </strong></div>
<div><br />शहडोल जिले के बहु चर्चित ग्राम पंचायत करकटी एक मिसाल कायम करने जा रही हैं। आपको बता दे कि ग्राम पंचायत करकटी में वार्ड नंबर 1मेन रोड से प्यारेलाल बैगा के घर तक सी सी रॉड न निर्माण कार्य चल रहा हैं। जिसका निर्माण एजेंसी खुद ग्राम पंचायत हैं आपको बता की जब कोई इंजीनियर ही नहीं हैं तो निर्माण कार्य कैसे और किसके इसारे से चल रहा हैं। ग्रामीणों के काफी विरोध के बाद भी ग्राम पंचायत अपने रवैये से बाज नहीं आ रहा। </div>
<div> </div>
<div><strong> 250 मीटर बनना हैं कैसे और क्यों निर्माण एजेंसी मौन</strong></div>
<div> </div>
<div>250 मीटर का निर्माण कार्य होना हैं जिसकी लागत 8लाख  84 हजार रुपये बताई जा रही हैं। लेकिन जब इस संबंध में निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत सरपंच सचिव के पूछा गया कि निर्माण कार्य मे क्या मटेरियल कितना क्वांटिटी , कितना लंबाई , और चौड़ाई  सहित स्टीमेट और लेआउट  के बारे में जानकारी मांगी तो  सचिव सरपंच का कहना था कि मेरे को कुछ भी जानकारी नहीं हैं और न ही कुछ पता हैं। </div>
<div> </div>
<div><strong>किसके भरोसे चल रहा निर्माण कार्य</strong></div>
<div> </div>
<div>सूत्र बताते है कि यहाँ का कोई भी फैसला ग्राम पंचायत सरपंच सचिव नहीँ लेते बल्कि यहाँ के राबेंहुड मतलब ग्राम पंचायत का दलाल के संरक्षण में कार्य और मैनेजमेंट का खेल चल रहा हैं । आपको बता दे कि ग्राम पंचायत में हो रहे निर्माण को बिना किसी लेआउट का कार्य किया जा हैं क्योंकि 2 महीनों उपयंत्रियों का हड़ताल जारी हैं और ग्राम पंचायत बिना किसी इंजीनियर के घटिया निर्माण कार्य को करवाया जा रहा हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159633/cc-road-construction-work-is-being-done-without-engineers</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/159633/cc-road-construction-work-is-being-done-without-engineers</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 19:04:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/img_20251110_165637.jpg"                         length="1104277"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन 30 साल बाद भारत में कदम रखेगा, पूरी दुनिया में मचा हड़कंप! </title>
                                    <description><![CDATA[ उसी समय आसिम मुनीर शहबाज शरीफ और पाकिस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन आमिर खान मुत्ताकी भारत में कदम रख रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156511/68e0b501daec1"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/पाकिस्तान-का-सबसे-बड़ा-दुश्मन-30-साल-बाद-भारत-में-कदम-रखेगा,-पूरी-दुनिया-में-मचा-हड़कंप! .jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International Desk</strong></p>
<p>करीब 30 साल बाद भारत में एक ऐसा शख्त कदम रखने वाला है जो कभी तो पाकिस्तान का दोस्त हुआ करता था। लेकिन अब पाकिस्तान को बर्बाद करने की कसम खा चुका है। पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की कि ये शख्स भारत न आ पाए। लेकिन भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस शख्स को हिंदुस्तान बुलाने की ताकत ले आया।</p>
<p>पहली बार तालिबान का एक बड़ा नेता भारत में कदम रखेगा और वो भी ऐसे समय जब अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर अफगानिस्तान पर हमले का प्लान बना रहे हैं। जिस समय डोनाल्ड ट्रंप आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ को अमेरिका बुला रहे हैं। उसी समय आसिम मुनीर शहबाज शरीफ और पाकिस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन आमिर खान मुत्ताकी भारत में कदम रख रहा है। </p>
<p>आमिर खान मुत्ताकी अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री है। जो 9 अक्टूबर को भारत आएंगे। भारत आकर मुत्ताकी विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजित डोभाल से मिलेंगे। तालिबान के सबसे बड़े नेता का एनएसए अजित डोभाल से मिलना पाकिस्तान की कुंडली के लिए अच्छा नहीं है। मुत्ताकी 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे। सोचिए इतने लंबे समय तक भारत में क्या क्या प्लानिंग होगी।</p>
<p>अफगानिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की संभावित भारत यात्रा को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मुत्ताकी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से 9-16 अक्टूबर के बीच दिल्ली आने के लिए इजाजत मिल गई है। हालांकि इस यात्रा के बारे में उन्होंने और कोई जानकारी नहीं दी।</p>
<p>भारत ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है, तो मुत्ताकी को किस तरह का प्रोटेकॉल दिया जाएगा, इस पर उन्होंने कछ नहीं कहा, लेकिन दूसरे सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि 'मुत्ताकी अफगानिस्तान के विदेश मंत्री हैं।</p>
<p>जायसवाल ने मई में विदेश मंत्री एस जयशंकर और मुत्ताकी के बीच टेलीफोन कॉल का जिक्र करते हुए दोनों देशों के बीच बढ़ते इंगेजमेंट पर रोशनी डाली। बता दें कि मुत्ताकी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  बाहर यात्रा करने को लेकर बैन लगाया है, जिसे भारत यात्रा के लिए हटाया गया है। करीब 30 साल बाद भारत इस तरह से तालिबान के संपर्क में होगा। </p>
<p>मुत्ताकी को अगस्त में ही भारत आना था। लेकिन पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मुत्ताकी की शिकायत कर दी थी। जिसके बाद आमिर खान मुत्ताकी को अपनी यात्रा टालनी पड़ गई। लेकिन बाद में भारत उसी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मुत्ताकी को भारत लाने की इजाजत ले आया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156511/68e0b501daec1</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/156511/68e0b501daec1</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8-30-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%A6%E0%A4%AE-%E0%A4%B0%E0%A4%96%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE%2C-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%AA%21%C2%A0.jpg"                         length="39243"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ध्यान और अंतर्ध्यान के बीच देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस देश में कुछ भी हो या न हो लेकिन बकलोल जरूर होती है। आजकल देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ध्यान को लेकर समूचा विपक्ष और हमारे जैसे दिहाड़ी लेखक विचलित हैं। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए । 74  साल का एक थका-हारा आदमी दो महीने के अथक श्रम के बाद यदि ध्यानस्थ हो गया है तो ,बवाल क्यों ?  लेकिन बवाल की जड़ में खुद योगी नरेंद्र दामोदर मोदी हैं ,इसलिए जो हो रहा है वो होकर रहेगा। उसे टाला नहीं जा सकता।</p>
<p>ध्यान कोई ऐसी चीज है कि जिस पर बहस की जाये। ध्यान भारतीय तकनीक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141804/country-between-meditation-and-antardhyaan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/_107014423_mediaitem107014607.jpg" alt=""></a><br /><p>इस देश में कुछ भी हो या न हो लेकिन बकलोल जरूर होती है। आजकल देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ध्यान को लेकर समूचा विपक्ष और हमारे जैसे दिहाड़ी लेखक विचलित हैं। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए । 74  साल का एक थका-हारा आदमी दो महीने के अथक श्रम के बाद यदि ध्यानस्थ हो गया है तो ,बवाल क्यों ?  लेकिन बवाल की जड़ में खुद योगी नरेंद्र दामोदर मोदी हैं ,इसलिए जो हो रहा है वो होकर रहेगा। उसे टाला नहीं जा सकता।</p>
<p>ध्यान कोई ऐसी चीज है कि जिस पर बहस की जाये। ध्यान भारतीय तकनीक है ,प्रामाणिक है। इसके ऊपर किसी का एकाधिकार नहीं है। कोई भी,कहीं भी ध्यानमग्न हो सकता है। ध्यानमग्न होने के लिए एकाग्रता और संकल्प की जरूरत है। ध्यान के लिए चीनी योगा मेट भी नहीं चाहिये। कैमरे तो बिलकुल नहीं चाहिए। ये सब   चीजें ध्यानमग्न होने में बाधक होतीं है। ध्यान एकांत चाहता है। इसलिए ध्यान चाहे आप विवेकानद स्मारक शिला पर जाकर  करें  या अपने घर की छत पर ,इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। फर्क तब पड़ता है जब आप इस ध्यान को आत्मशोधन के बजाय आत्मप्रचार का जरिया बनाने की कोशिश करते हैं।</p>
<p>ध्यान केवल मनुष्य ही नहीं करता ,पशु-पक्षी भी करते है।  ध्यान और योग की तमाम मुद्राएं हमने पशु-पक्षियों से ही सीखी है।  बज्रासन बंदरों से सीखा,मयूरासन मोरों से, भुजंगासन सर्प से ,कुकरासन कुत्तों से ,मंडूक आसन मेढकों से ,शशकासन   खरगोशों से ,भ्रामरी मधुमख्खियों से। ऐसे अनेक आसन हैं जो मनुष्य के अपने नहीं है।  लेकिन मनुष्य सबसे सीखता है और अहसान नहीं मानता। ध्यान में भी यही बात है। मनुष्य की तरह वकासन भी बहुत चर्चित आसन है ।  वकासन या वकधयान को लेकर लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं ,क्योंकि इस ध्यान मुद्रा में बैठकर ही बगुला मछलियों  का शिकार करता है। मकरासन में भी यही होता है। मगरमच्छ   अपने शिकार से पहले  काष्ठ दंड की तरह निश्चेत पड़ा रहता है।</p>
<p>मेरा गोत्र समाधिया है इसलिए मै थोड़ा-बहुत समाधि के बारे में भी जानता हूँ किन्तु इस विषय पर ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहता। योग को लेकर पतंजलि ने फूटी कौड़ी नहीं कमाई, लेकिन उनके अनुयायी कलियुग के सुषेन बाबा रामदेव आज हजारों करोड़ रूपये के आसामी बन गए हैं। वे योगाचार्य हैं या कारोबारी तय करना कठिन है। चूंकि जनता ने योग को बिकते देखा है इसलिए शायद उसे ध्यान के घातक सियासी परिणामों की आशंका बनी हुयी है। चुनाव के लिए होने वाले अंतिम  मतदान के पहले माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर मोदी के योग का सीधा प्रसारण इसीलिए विपक्ष को खतरनाक लगता है।</p>
<p>हर युद्ध के पहले यानि नतीजे आने के पहले योग लगाने की अनंत  कहानियां हैं।  देव् -असुर संग्राम में भी और राम-रावण संग्राम में भी। योग युद्ध में क्षीण हुई शक्ति को दोबारा वापस लौटा देता है।  योग से आप सिद्धियां  भी हासिल  कर सकते  है।  इसीलिए योग और यज्ञ को भंग करने की चेष्टा,कुचेष्टा की जाती रही है। मोदी जी के ध्यान से विपक्ष का ध्यान भंग हो रहा है।  लेकिन विपक्ष भूल जाता है कि ध्यानस्थ मोदी जी के मन में तीसरी बार पद और 400  सीटें जीतने के अलावा कुछ और है ही नहीं। 4  जून को उनकी इस अभीष्ट इच्छा पर जनादेश की मुहर लगना है। विपक्ष को भी जनादेश चाहिए। बेहतर  हो कि विपक्ष के नेता भी देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकर मोदी जी की तरह ही योग करते। यदि योग से जनादेश प्रभावित हो सकते  हैं तो विपक्ष को भी नहीं चूकना चाहिए।</p>
<p>विपक्ष भूल जाता है कि मोदी जी अविनाशी हैं,गंगापुत्र है। कामरूप हैं। वे ध्यान भी लगा सकते हैं और जब चाहे तब अंतर्ध्यान भी हो सकते है। वे सही मायने में साधक हैं। उन्होंने अपनी साधना को कभी परदे में नहीं रखा।  दर्जनों कैमरे लगाकर देश और दुनिया  को हमेशा दिखाया है। किसी राष्ट्र सेवक के जीवन में इतनी पारदर्शिता आपने और किसी देश में देखी है। गनीमत ये है कि माननीय ने शिष्टाचारवश अपने गुसलखाने से सीधे प्रसारण   की अनुमति का अधिकार किसी को अब तक नहीं दिया। अन्यथा आप वो सब  देख सकते थे जो असम्भव है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/kanyakumari-temple.webp" alt="Kanyakumari-Temple" width="2121" height="1414"></img></p>
<p>कोई माने या न माने लेकिन मै माननीय मोदी जी को वीतरागी  मानता हूँ। वे सुख में ,दुःख  में हमेशा स्थितप्रज्ञ रहते  हैं। वे दिल्ली में विधानसभा चुनाव हारें या तेलंगाना  में ,बंगाल  में हारें या ओडिशा में ,बिहार में हारें या झारखण्ड में  कभी उदिग्न नजर नहीं आते। वे अटल जी की कविता -' हार में क्या जीत में ,किंचित नहीं भयभीत मै ' के सिद्धांत पर चलते दिखाई देते है। वे सत्ता पाने के लिए ऑपरेशन लोटसया ऑपरेशन झाड़ू  चला  लेते हैं।  वे रोज दो किलो गालियां खाकर भीख़ुश हैं। गालियां न मिलें  तो मुमकिन  है कि वे बीमार  हो जाएँ।</p>
<p>आपको बता दूँ कि ध्यान के बाद अगला चरण अंतरध्यान होने का होता है। देश को ये नजारा  देखना है तो ४ जून की तारीख पर नजर रखना होगी। मुमकिन है कि मोदी जी या तो खुद अंतरध्यान हो जाएँ  और ये भी मुमकिन हैं है कि अपने विरोधियों को ही अंतरध्यान कर दें।' जानि न जाये मोदी जी की माया ।  मोदी जी को जातुधनु भी कहा जा सकता है ,क्योंकि ध्यान से अंतरध्यान होने कि कला केवल सुरों के और असुरों के पास ही नहीं हमारे मोदी जी के पास भी है।</p>
<p><strong>राकेश अचल  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141804/country-between-meditation-and-antardhyaan</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141804/country-between-meditation-and-antardhyaan</guid>
                <pubDate>Fri, 31 May 2024 16:13:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/_107014423_mediaitem107014607.jpg"                         length="81689"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव के अंतिम चरण में मुजरा करती राजनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोकसभा चुनाव के लिए मतदान का अंतिम चरण १  जून को समाप्त होगा,इससे पहले राजनीति में मुजरा बाकी रह गया था ,लेकिन पाटिलीपुत्र में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी वो भी करा ही दिया। मोदी जी के ' मुजरा ' उल्लेख के बाद समूचा विपक्ष ' मुजरा ' करता नजर आ रहा है।  मुझे लगता है की मोदी जी ने जिस तरिके से मुजरा शब्द का इस्तेमाल किया है उसे लेकर बिदकने की जरूरत नहीं है ,क्योनी मोदी जी खुद मुजरा का वास्तविक अर्थ शायद नहीं जानते। उन्होंने मुजरा का इस्तेमाल तंज के रूप में किया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने पाटलिपुत्र लोकसभा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141592/politics-doing-mujra-in-the-last-phase-of-elections"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/pm-narendra-modis-‘mujra-remark-sparks-row.jpg" alt=""></a><br /><p>लोकसभा चुनाव के लिए मतदान का अंतिम चरण १  जून को समाप्त होगा,इससे पहले राजनीति में मुजरा बाकी रह गया था ,लेकिन पाटिलीपुत्र में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी वो भी करा ही दिया। मोदी जी के ' मुजरा ' उल्लेख के बाद समूचा विपक्ष ' मुजरा ' करता नजर आ रहा है।  मुझे लगता है की मोदी जी ने जिस तरिके से मुजरा शब्द का इस्तेमाल किया है उसे लेकर बिदकने की जरूरत नहीं है ,क्योनी मोदी जी खुद मुजरा का वास्तविक अर्थ शायद नहीं जानते। उन्होंने मुजरा का इस्तेमाल तंज के रूप में किया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में एक रैली में  कहा कि- ‘‘बिहार वह भूमि है जिसने सामाजिक न्याय की लड़ाई को एक नई दिशा दी है. मैं इसकी धरती पर यह घोषणा करना चाहता हूं कि मैं एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकारों को लूटने और उन्हें मुसलमानों को देने की ‘इंडिया' गठबंधन की योजनाओं को विफल कर दूंगा. वे गुलाम बने रह सकते हैं और अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए 'मुजरा' कर सकते हैं.''जाहिर है की मोदी जी को मुजरा करना या तो आता नहीं है या फिर वे इसे रोज करते हैं लेकिन जानते नहीं हैं।</p>
<p>मेरी दृष्टि में मुजरा कोई असंसदीय शब्द नहीं है ,लेकिन इसमें सामानवाद की बू जरूर आती ह।  चूंकि मुजरा प्रथा मुगलकालीन है और बाद में सभी जातियों कि सामंतों ने इसे इस्तेमाल किया इसलिए इसे आप सामंती तो कह सकते हैं किन्तु असंसदीय नहीं। दरअसल मुजरा संस्कृति हुजूर से निकल क्र जब कोठों में प्रतिष्ठित हो गयी तो लोग इससे बचने लगे। मै चूंइक आजादी कि पहले की एक बड़ी रियासत रहे ग्वालियर में रहता हूँ इसलिए मुजरे कि बारे में बाखूबी जानता हो।  हमारे यहां सिंधिया कि महल में आज भी मुजरा किया जाता है।  छोटे बड़ों को मुजरा करते ही है। मैंने इसी महल में स्वर्गीय अर्जुन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तक को मुजरा करते देखा है।</p>
<p>कहते हैं की जब आप किसी कि हुजुर [दरबार या अदालत ] में जायेंगे तो आपको झुककर नमस्कार तो करना ही होता है।  यही मुजरा है। मुजरा आदर प्रकट करने का तरीका भर है कोटों पार तवायफों द्वारा किया जाने वाला मुजरा भी करीबन-करीबन इसी सभ्यता का सांस्कृतिक स्वरूप ह।  वैश्याएं बैठकर मुजरा करतीं हैं ,बाद में इसमें हिन्दुस्तानी नृत्यशैली कि अनेक अंग शामिल कर लिए गए। मुरा सलीका है और इसे सीखने कि लिए पुराने जमाने में वैश्याएं बाकायदा एक ट्यूटर की भूमिका में होतीं थी ।  सामंतों कि बच्चों को मुजरा करने का अंदाज इन्हीं वैश्यों से सीखना पड़ता थी। मुजरा ईश्वर   कि साथ ही आपके मौजूदा   मालिक   [स्वामी] को भी प्रसन्न करने की एक विधा है।  </p>
<p>मोदी जी को आपत्ति मुजरा करने पर नहीं है।  उनकी आपत्ति इस पर है की ये मुजरा अव्वल कांग्रेस क्यों करती है और मुसलमानों कि लिए क्यों करती है ? मुजरा विनम्रता की निशानी है। खुश करने का तौर-तरीका है। मोदी जी बहुसंख्यकों कि सामने मुजरा करते हैं ,लेकिन उन्हें पता नहीं होता की वे जो कर रहे हैं वो मुजरा है। आरक्षण कि मुद्दे पर मोदी जी बहके  हुए हैं और इसीलिए बार-बार कहते हैं की वे मर जायेंगे लेकिन पिछड़ों कि आरक्षण पर किसी को डाका नहीं डालने देंगे। मोदी जी हर चीज पर अपना एकाधिकार चाहते है।  मुजरे पर भी उन्हें एकाधिकार चाहिए। मोदी जी बीते एक दशक से बहुसंख्यक हिन्दुओं कि सामने मुजरा कर रहे हैं लेकिन किसी ने कभी उज्र नहीं किया। कांग्रेस ने तो बिलकुल नहीं।</p>
<p>एक हकीकत ये भी है की राजनीति कि अलावा किसी और धंधे में मुजरा करने की न तो जरूरत पड़ती है और न मुजरे की कोई परम्परा है। चाय बेचने में तो कोई किसी का मुजरा नहीं करता। पैसा फैंको और चाय पियो '। सियासत में तो बिना मुजरा करे न आपको संगठन में कोई पद मिलेगा और न टिकिट। जीत गए तो मंत्रिपद पाने कि लिए मुजरा करना पडेगा ही। मुझे याद है कि  एक जमाने में जब रानी महल में राजमाता संप्रभु थीं और जनसंघ का जमाना था तब जनसंघ कि तमाम नेता महल में राजमाता विजयराजे सिंधिया के सामने पूरी श्रद्धा से मुजरा करते थे। भाजपा कि तमाम छोटे-बड़े नेताओं ने भी मुजरा करते देखे जा सकते हैं।</p>
<p>मुझे नहीं पता की मोदी जी ने अपने मुसलमान विरोधी रवैये की वजह से अपनी युवावस्था में 'मुगलेआजम ' फिल्म देखी या नहीं देखी। यदि देखी होती तो वे मुजरे को अपने व्यंग्य के लिए  इस्तेमाल नहीं  करते। मोदी जी की टिप्पणी से आहत विपक्ष ने तो अपने गुस्से का मुजाहिरा कर दिया लेकिन मुजरा करने वाली वेश्याएं खामोश हैं। वैश्याएं मतदान करने जाती हैं या नहीं मुझे नहीं  पता। लेकिन यदि जातीं होंगी तो वे चुनाव  के  बाद इसका संज्ञान अवश्य लेंगीं। मुजरा साष्टांग दंडवत से ज्यादा अच्छा तरीका है। दंडवत प्रणाम करने के लिए लकुटी की भांति भूमि पर लेटकर अपने छहों अंगों को जमीन से मिलना पड़ता है। मोदी जी को मुजरा करना नहीं आता लेकिन दंडवत प्रणाम करना आता है ।  वे मुजरा करते नहीं बल्कि कराते है। वे चाहते हैं कि कांग्रेस और समूचा विपक्ष अल्पसंखयकों का मुजरा करना छोड़ उनके सामने मुजरा करे।</p>
<p>वर्ष 2024  के आम चुनाव में सियासत ने सब कुछ तो करवा डाला ? पहले एक के बाद  एक नया  हौवा खड़ा किया गया और जब इन हौवों से भी मतदाता का मिजाज नहीं बदला  तो वे मुजरे पर आ गए। 4  जून की तारीख वो तारीख है  जो बताएगी की मुजरा कौन कर रहा है और कौन देख रहा है ? मुजरे में नृत्य,संगीत ,अंग संचालन का बड़ा महत्व है। मुजरा वैश्याएं करें या नेता करें । कोई फर्क नहीं पड़ता ,लेकिन फर्क तो तब पड़ता है जब मुजरा करने के बाद कोई खुश होता है या नहीं। जिन लोगों ने मोदी जी के हुजूर में मुजरा नहीं किया उन्हें चुनाव से पहले ही ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और जिन्होंने किया उन्हें पुरस्कृत भी किया गया।मोदी जी के इजलास में मुजरा करने से बचने की कोशिश करने वालों को क्या-क्या नहीं भुगतना पड़ा।</p>
<p> मुजरा करने की आगे भी ये रिवायत  आगे भी जारी रहने वाली है। वोट के लिए साष्टांग  दंडवत   प्रणाम करने से अच्छा तो मुजरा है। झुको लेकिन आधे झुको। पूरा झुकना तो गुलामी का प्रतीक है।पिछले दो महीने  से बड़े  से बड़े तुर्रम खान जनता के इजलास में मुजरा ही तो कर रहे थे। अभी एक जून तक ये परम्परा जारी रहेगा ।  मुजरा करने पर न तो किसी को तड़ीपार जाना पड़ता है और न ही संसद से बाहर किया जा सकता। मुजरा करने वाले का कभी कोई नुक्सान नहीं होता । बेहतर है कि  देश कि नेताओं में ' मुजरत्व' बचा रहे। ताली बजाने या थाली बजाने से बेहतर है की आप मुजरा करें। मै मुजरा शब्द कि इस्तेमाल कि लिए माननीय प्रधानमंत्री की निंदा नहीं करता। लेकिन उनकी  सराहना   भी नहीं करना चाहता,क्योंकि वे इस हबड का इस्तेमाल किये बिना भी अपनीबात कह सकते थे। मोदी जी ने ' मुजरा ' शब्द का इस्तेमाल गुस्से में किया है, जो उचित नहीं है।</p>
<p><strong>राकेश अचल</strong></p>
<div class="yj6qo"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141592/politics-doing-mujra-in-the-last-phase-of-elections</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141592/politics-doing-mujra-in-the-last-phase-of-elections</guid>
                <pubDate>Sun, 26 May 2024 15:31:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/pm-narendra-modis-%E2%80%98mujra-remark-sparks-row.jpg"                         length="26081"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंगलसूत्र के बाद राजा-महाराजा की फ़िक्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p>आप यकीन मानिये कि मै देश के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा भक्त हूँ,लेकिन अंधभक्त  नहीं ,क्योंकि मेरी दोनों आँखें अभी काम कर रहीं है ।  मै जब तक प्रात;स्मरणीय मोदी जी वंदना न कर लूं मुझे चैन नहीं पड़ता ।  मोदी जी के अंधभक्त इसे मेरा मनोविकार मानते हैं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सचमुच मोदी जी जैसा अद्भुत नेता न अतीत में कभी हुआ हुई और न शायद भविष्य में कभी हो। मोदी जी में दशावतारों के सभी लक्षण मौजूद हैं। </p>
<p>मोदी जी अठारहवीं लोकसभा के चुनाव प्रचार में अपनी गारंटियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140662/king-maharajas-concern-after-mangalsutra"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/modi-and-sindhiya-faimili.jpg" alt=""></a><br /><p>आप यकीन मानिये कि मै देश के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा भक्त हूँ,लेकिन अंधभक्त  नहीं ,क्योंकि मेरी दोनों आँखें अभी काम कर रहीं है ।  मै जब तक प्रात;स्मरणीय मोदी जी वंदना न कर लूं मुझे चैन नहीं पड़ता ।  मोदी जी के अंधभक्त इसे मेरा मनोविकार मानते हैं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सचमुच मोदी जी जैसा अद्भुत नेता न अतीत में कभी हुआ हुई और न शायद भविष्य में कभी हो। मोदी जी में दशावतारों के सभी लक्षण मौजूद हैं। </p>
<p>मोदी जी अठारहवीं लोकसभा के चुनाव प्रचार में अपनी गारंटियों  के साथ उपस्थित हुए थे ।  उन्होंने अपनी उपलब्धियों का डंका पीटने के बजाय सीधे-सीधे मोदी जी की गारंटियां जनता के सामने रखीं थी ।  अपनी पार्टी के लिए 370  और अपने गठबंधन के लिए 400  पार का लक्ष्य भी रखा था। भाजपा के सभी लोकसभा प्रत्याशियों के नाम अलग थे किन्तु चेहरा  एक था और वे चेहरा था मोदी जी का। मोदी जी ने अपना 56  इंच का सीना ठोंक कर पहले ही कहा था कि वे तीसरी बार भी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। मोदी जी की राजहठ के सामने पूरे देश को झुकना चाहिए था। देश शायद झुकता भी किन्तु इन विपक्षी दलों ने सब कुछ मटियामेट कर दिया। </p>
<p>चुनाव के पहले चरण में ही मतदान के बाद मोदी जी अपनी गारंटियों और 400  पार   के लक्ष्य को तिलांजलि दे दी।  मोदी जी ने देश की महिलाओं के सामने उनके मंगलसूत्र के खतरे की बात पुख्तगी के साथ रखा ।  मोदी जी  के राज में पहले हिन्दू ,बाद में सनातन खतरे में पड़ा और अब अचानक देश की महिलाओं के मंगलसूत्र पर खतरा मंडराने लगा। मोदी जी ने ईमानदारी से अपने अंधभक्तों के साथ ही दीगर प्रशंसकों को साफ़-साफ़ बता दिया कि यदि कांग्रेस सत्ता में आयी तो हिन्दू महिलाओं का मंगलसूत्र छीन लिया जाएगा मोदी जी का मंगलसूत्र  प्रेम देखकर देश की महिलाओं के साथ-साथ श्रीमती मोदी भी खुश हो गयीं,क्योंकि वे तो मानकर चल रहीं थीं की मोदी जी को मंगलसूत्र के बारे में कुछ माहिती है ही नहीं  । हकीकत भी है कि माननीय मोदी जी ने इससे पहले सार्वजनिक जीवन में रहते हुए न अपनी पत्नी के  मंगल सूत्र की बात कभी की थी और न देश की महिलाओं के मंगलसूत्र की। </p>
<p>सवाल ये है कि पहले चरण के मतदान के बाद ही माननीय मोदी जी ने कैसे मान लिया की कांग्रेस सत्ता में आ रही है ? मेरे हिसाब से कांग्रेस का मोदी जी के रहते सत्ता में वापस लौटना मुमकिन नहीं है ,लेकिन मोदी जी इस बारे में मुझसे ज्यादा जानते हैं। देश की महिलाये अपने-अपने मनागलसूत्र को लॉकर्स में रखने के बारे में सोच ही रहीं थीं कि दूसरे चरण का मतदान भी हो गया। इसके बाद न जाने  क्या हुआ की माननीय मोदी जी ने मंगलसूत्र की रक्षा को भी तिलांजलि दे दी और अचानक कहने लगे की देश की जनता पर विरासत कर लगा दिया जायेगा,बाशर्त की कांग्रेस सत्ता में आयी । </p>
<p>मुझे  हैरानी है कि माननीय मोदी जी खुद और अपनी पार्टी को किसी एक केंद्रीय मुद्दे पर क्यों नहीं ठहरने दे रहे। इससे पहले की विरासत कर के बारे में मतदाता जान पाता कि  मोदी जी ने उसे भी तिलांजलि दे दी और तीसरे चरण के मतदान के ठीक पहले कांग्रेस द्वारा देश के राजाओं-महाराजाओं  के अपमान का मुद्दा पेश कर दिया है माननीय मोदी जी ने कर्नाटक में आधा दर्जन आम चुनावी सभाओं में जोर देकर कहा कि कांग्रेस के शहजादे को हमारे राजा-महाराजाओं के योगदान याद नहीं आते। ये वोटबैंक की राजनीति के लिए राजा-महाराजाओं के खिलाफ बोलने की हिम्मत करते हैं और नवाबों, बादशाहों और सुल्तानों के खिलाफ एक शब्द बोलने की ताकत नहीं है। कांग्रेस को देश की उपलब्धियां अच्छी नहीं लगती। कोरोना वैक्सीन पर भी सवाल उठाए थे।</p>
<p>मोदी जी के राजा -महाराजा  प्रेम से मै भी वाकिफ नहीं था ।  वो तो पिछले दिनों माननीय मोदी जी ने खुद ग्वालियर आकर इसका मुजाहिरा किया ।  उन्होंने हमारे ग्वालियर के तेजस्वी महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना दामाद बताया,क्योंकि सिंधिया की पत्नी   गुजरात के बड़ोदरा  महाराज की बेटी और अब ग्वालियर कि महारानी हैं। आपको बता दूँ कि मोदी जी की ही पार्टी ने उनके धर्म दामाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को 2019  के आम चुनाव में गुना सीट से हरा दिया था। लेकिन मोदी जी ने 2020  में ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में शामिल करा कर अपने और अपनी पार्टी के पाप का प्रायश्चित कर लिया ।  मोदी जी ने सिंधिया को नजराने के तौर   पर राज्य सभा का टिकिट और केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगहभी दी। अब 2024  के चुनाव में माननीय मोदी जी गुना से सिंधिया को जिताने का अल्टीमेटम अपनी पार्टी को दे चुके हैं । मोदी जी ने महाराजा के लिए रैंक केपी सिंह यादव का टिकिट बड़ी बेरहमी से काटा। </p>
<p>मोदी जी जानते हैं कि जब कांग्रेस राजा-महाराजाओं की सनातन विरोधी रही है ।  कांग्रेस ने राजा-महाराजाओं को अपना चक्र बना लिया था।  कांग्रेस के आज के शाहजादे  राहुल गांधी का जन्म भी नहीं हुआ था तब उनकी दादी और तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी जी ने राजा -महाराजाओं के प्रीविपर्स  बंद कर दिया था। आपको बता    दूँ कि 1947 में जब भारत आजाद हुआ उस समय लगभग 565 रजवाड़े या देशी रियासतें थीं, जिन्हें 'प्रिंसली  स्टेट ' कहा जाता था। और सरदार पटेल के प्रयासों से रजवाड़ों का भारतीय संघ में विलय हुआ।भारत सरकार ने राजाओं-महाराजाओं को वचन दिया था कि उन्हें अपने परिवार, निजी स्टाफ और राजमहलों के रख-रखाव के लिए सरकारी कोष से कुछ धनराशि दी जायेगी। इस संबंध में यह भी व्यवस्था की गयी थी कि राजाओं के जीवन काल में यह धनराशि उन्हें मिलती रहेगी, पर उसके उत्तराधिकारियों के लिए यह राशि धीरे-धीरे कम कर दी जायेगी। इसी राशि को प्रिवी पर्स कहते हैं।</p>
<p>दरअसल राजा-महाराजाओं को ये रकम गरीब जनता कि गाढ़ी कमाई में से दी जाती थी इसलिए कांग्रेस के शहजादे राहुल गांधी की दादी श्रीमती इंदिरा गाँधी ने प्रिवी पर्स की समाप्ति सन 1971 मेंकर दी । सितंबर 1970 में प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने प्रिवी प्रर्स को समाप्त करने के लिए लोकसभा में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। लोकसभा में तो इसे दो-तिहाई बहुमत मिल गया, पर राज्यसभा में इसके पक्ष में आवश्यक विशेषाधिकार समाप्त कर दिये।लेकिन 15 दिसंबर, 1970 को उच्चतम न्यायालय ने इस अध्यादेश को अवैध करार दे दिया। परंतु इंदिरा गाँधी की सरकार इस प्रिवी पर्स को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्प थी। 1971 में इंदिरा सरकार को शानदार जीत हासिल हुई और फिर 25वें संशोधन अधिनियम द्वारा देशी रियासतों के शासकों के प्रिवी पर्स और विशेषाधिकार समाप्त कर दिये गये।</p>
<p>दिलचस्प बात ये है कि आज माननीय मोदी जी जिन राजा-महाराजाओं के मान-सम्मान की गुहार लगा रहे हैं उन राजा -महाराजाओं में सबसे ज्यादा प्रिसी पर्स मैसूर के राजपरिवार को मिला, जो 26 लाख रुपए सालाना था।  हैदराबाद के निजाम को 20 लाख रुपए मिलते  थे  वैसे प्रिवी पर्स की रेंज भी काफी दिलचस्प थी।  काटोदिया के शासक को प्रिवी पर्स के रूप में महज 192 रुपए सालाना की रकम  ही मिली। 555 शासकों में 398 के हिस्से 50 हrजार रुपए सालाना से कम की रकम आई.। 1947 में भारत के खाते से सात करोड़ रुपए प्रिसी पर्स के रूप में निकले।  1970 में ये रकम घटकर चार करोड़ रुपए सालाना रह गई। बहरहाल आप आज यदि तीसरे चरण के मतदाता हैं तो सोचकर वोट डालिये कि आपको राजाओं के मान की फ़िक्र है या उस रैंक के मान-सम्मान कि जो पांच किलो अनाज के लिए मोहताज है।  मर्जी है आपकी ,क्योंकि वोट है आपका।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140662/king-maharajas-concern-after-mangalsutra</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/140662/king-maharajas-concern-after-mangalsutra</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Apr 2024 15:57:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-04/modi-and-sindhiya-faimili.jpg"                         length="15510"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मतदान महापर्व के दूसरे चरण में करीमगंज संसदीय सीट पर मतदान का दौर समाप्त।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>असम करीमगंज, </strong> 26 अप्रैल (शुक्रवार) को पूरे देश के साथ असम के करीमगंज संसदीय क्षेत्र में भी मतदान समाप्त हो गया। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर लोगों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया. सुबह सूरज उगते ही महिला-पुरुष मतदान उत्सव के लिए निकले। वैसे तो वोटिंग का दौर सुबह 7 बजे से शुरू हुआ, लेकिन लोग वोट डालने के लिए करीब 6:30 बजे से ही मतदान केंद्र पर आ गए. वोट देने के लिए लाइन में खड़े रहे और लगभग हर जगह मतदाताओं ने बिना डरे वोट डाला. खासकर राताबाड़ी, पाथारकांडी और दक्षिण करीमगंज निर्वाचन क्षेत्रों के कुछ मतदान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140585/in-the-second-phase-of-the-voting-festival-the-round"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-04/screenshot_2024-04-27-15-04-57-71_99c04817c0de5652397fc8b56c3b3817.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>असम करीमगंज, </strong> 26 अप्रैल (शुक्रवार) को पूरे देश के साथ असम के करीमगंज संसदीय क्षेत्र में भी मतदान समाप्त हो गया। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर लोगों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया. सुबह सूरज उगते ही महिला-पुरुष मतदान उत्सव के लिए निकले। वैसे तो वोटिंग का दौर सुबह 7 बजे से शुरू हुआ, लेकिन लोग वोट डालने के लिए करीब 6:30 बजे से ही मतदान केंद्र पर आ गए. वोट देने के लिए लाइन में खड़े रहे और लगभग हर जगह मतदाताओं ने बिना डरे वोट डाला. खासकर राताबाड़ी, पाथारकांडी और दक्षिण करीमगंज निर्वाचन क्षेत्रों के कुछ मतदान केंद्रों पर 70 से 80 फीसदी तक वोट डाले जाने की जानकारी है।</div>
<div>फकुआ एरालिगुल, बिनोदिनी, जुरबाड़ी, डेफलाला, लक्षीपुर, दोहलिया, अनिपुर, रामकृष्णनगर, दुल्लभछड़ा, इन क्षेत्रों के मतदाताओं ने अपना उत्साह व्यक्त किया। कई अल्पसंख्यक आबादी वाले इलाकों में वोट डालने निकले मतदाताओं ने कहा कि मतदान का दौर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया और इन इलाकों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. हालांकि, गर्मी का प्रकोप बढ़ने से मतदाताओं ने बेचैनी व्यक्त की। कई अन्य लोगों ने कहा कि गर्मी के मौसम के बावजूद तूफानी बारिश नहीं हुई, इसलिए बड़ी संख्या में मतदाता बिना किसी झिझक के मतदान में भाग ले सके।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-04/img_20240427_150655.jpg" alt="IMG_20240427_150655"></img> उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा के विकास कार्यों को देखकर कई मतदाताओं ने भाजपा उम्मीदवार कृपानाथ मालाह को भी वोट दिया. उन्होंने इस बार विकास के लिए भाजपा को वोट दिया। हालाँकि, कुछ जागरूक मतदाताओं का मानना ​​है कि नए और पुराने नेतृत्व के बीच खींचतान के कारण भाजपा के वोट संख्या में कुछ कमी आई है। हालाँकि, उनकी राय थी कि बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाता कांग्रेस के पक्ष में गए और ऐआईउडीएफ़ के पक्ष में कम वोट पड़े।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140585/in-the-second-phase-of-the-voting-festival-the-round</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/140585/in-the-second-phase-of-the-voting-festival-the-round</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Apr 2024 16:30:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-04/screenshot_2024-04-27-15-04-57-71_99c04817c0de5652397fc8b56c3b3817.jpg"                         length="555421"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कनाडाई नागरिकों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी- ट्रूडो</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International:</strong></p>
<p>खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में एक बार फिर से कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का बयान सामने आया है। ट्रूडो ने गुरुवार को कहा कि वे निज्जर की हत्या की जांच पर भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। कनाडाई नागरिक की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।</p>
<p>कनाडा के केबल पब्लिक अफेयर्स चैनल (CPAC) के मुताबिक, ट्रूडो से पूछा गया था कि कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में भारत का सहयोग कैसा हो रहा है? क्या भारत ने कनाडा से इस मामले में पहले खुद जांच पूरी करने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139872/it-is-our-responsibility-to-protect-canadian-citizens-trudeau"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/asdf1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International:</strong></p>
<p>खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में एक बार फिर से कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का बयान सामने आया है। ट्रूडो ने गुरुवार को कहा कि वे निज्जर की हत्या की जांच पर भारत सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। कनाडाई नागरिक की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।</p>
<p>कनाडा के केबल पब्लिक अफेयर्स चैनल (CPAC) के मुताबिक, ट्रूडो से पूछा गया था कि कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच में भारत का सहयोग कैसा हो रहा है? क्या भारत ने कनाडा से इस मामले में पहले खुद जांच पूरी करने को कहा था?</p>
<p>इस पर ट्रूडो ने जवाब दिया, "कनाडा की धरती पर हमारे एक नागरिक की हत्या गंभीर विषय है। हमने यूं ही भारत सरकार पर हत्या में शामिल होने का आरोप नहीं लगाया। यह हमारा कर्तव्य है कि हम किसी भी विदेशी सरकार से अपने हर नागरिक की रक्षा करें, जिससे देश की विविधता बनी रहे।</p>
<p>ट्रूडो ने पिछले साल भारत सरकार पर लगाया था निज्जर की हत्या का आरोप<br />दरअसल, 18 सितंबर, 2023 को कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में भारत सरकार पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ गया। भारत ने शुरुआत से ही कनाडा के आरोपों को खारिज किया है।</p>
<p>हालांकि, विदेश मंत्रालय ने मामले में कनाडाई सरकार से आरोप और पुख्ता जानकारी देने की मांग की थी। मंत्रालय ने कहा था कि वो जानकारी के आधार पर जांच करने के लिए तैयार है। ट्रूडो अब तक कई मंचों पर अपने आरोपों को दोहरा चुके हैं।</p>
<p><strong>ट्रूडो बोले- दोबारा अपने नागरिकों को विदेशी दखल के सामने कमजोर नहीं पड़ने देंगे</strong><br />CPAC के मुताबिक, ट्रूडो ने कहा कि कनाडा की सरकार मामले में निष्पक्ष और सही ढंग से जांच कर रही है। सरकार कानून के शासन को लेकर प्रतिबद्ध है। हम भारत सरकार के साथ मिलकर जांच जारी रखेंगे और मामले की गहराई तक जाएंगे। हम इस बात का भी ध्यान रखेंगे कि आगे चलकर कोई भी कनाडाई नागरिक किसी भी विदेशी दखलअंदाजी के सामने कमजोर न पड़े।</p>
<p>इससे पहले दिसंबर 2023 में कनाडाई पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने 2 आरोपियों की पहचान कर ली है। कनाडाई मीडिया ग्लोब एंड मेल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कुछ हफ्तों में ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। चार्जशीट दायर होने के बाद मामले में भारत सरकार की भूमिका का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, अब तक कनाडा ने इस पर कोई अपडेट शेयर नहीं किया है।</p>
<p><strong>कुछ दिन पहले सामने आया निज्जर की हत्या का वीडियो</strong><br />कुछ दिन पहले कनाडा में निज्जर की हत्या का एक नया CCTV सामने आया था। इसमें कुछ हथियारबंद लोग निज्जर को गोलियां मारते दिख रहे हैं। कनाडा की न्यूज एजेंसी CBC की रिपोर्ट में इसे 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' बताया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो की कई सोर्स से पुष्टि की गई थी। इसमें बताया गया था कि वारदात में कुल 6 लोग शामिल थे। वहीं, आरोपी 2 वाहनों से फरार हुए थे।</p>
<p><strong>रास्ता रोककर निज्जर को मारीं गोलियां</strong><br />वीडियो में निज्जर को गुरुद्वारा की पार्किंग से कार लेकर बाहर निकलते दिखाया गया है। जैसे ही वह बाहर पहुंचने वाला होता है कि तभी एक सफेद कार उसके सामने आ जाती है। इसमें से दो लोग निकलकर निज्जर पर गोलियां दागना शुरू कर देते हैं।</p>
<p>दो गवाह घटना के समय पास के मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे। उन्होंने खुलासा किया कि वारदात के बाद सबसे पहले वे निज्जर की तरफ भागे थे। उन्होंने हमलावरों का पीछा करने की भी कोशिश की थी, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।</p>
<p><strong>18 जून 2023 को हुई थी निज्जर की हत्या</strong><br />18 जून 2023 की शाम कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित गुरुद्वारा की पार्किंग में खालिस्तान टाइगर फोर्स के चीफ आतंकी हरदीप सिंह निज्जर पर दो युवकों ने फायरिंग कर दी थी। निज्जर की मौके पर ही मौत हो गई। निज्जर को भारत ने भगोड़ा घोषित कर रखा था और इस पर 10 लाख रुपए का इनाम भी था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>यूरोप</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139872/it-is-our-responsibility-to-protect-canadian-citizens-trudeau</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139872/it-is-our-responsibility-to-protect-canadian-citizens-trudeau</guid>
                <pubDate>Thu, 28 Mar 2024 15:55:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/asdf1.jpg"                         length="9316"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विशेष जाति समुदाय और प्रधानमंत्री के विरुद्ध अपशब्द बोलने वाले पुलिस ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>शारदानगर खीरी</strong> थाना शारदानगर पुलिस द्वारा 12 घण्टे के अन्दर प्रभू श्रीराम, विशेष जाति समुदाय एंव माननीय प्रधान मन्त्री भारत सरकार नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध गाली देने तथा अभद्र भाषा का प्रोयगकर इंटरनेट पर वायरल करने वाले 01 नफर अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक अदद मोबाइल बरामद किया गया श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय खीरी श्री गणेश प्रसाद साहा के निर्देशन में सम्पूर्ण जनपद में वांछित वारंटी एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे</div>
<div>  </div>
<div>अभियान के अन्तर्गत, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सदर महोदय के कुशल मार्ग दर्शन में थानाध्यक्ष थाना शारदानगर के नेतृत्व में प्रभू</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139257/police-arrested-person-who-used-abusive-words-against-special-caste"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/04.......jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>शारदानगर खीरी</strong> थाना शारदानगर पुलिस द्वारा 12 घण्टे के अन्दर प्रभू श्रीराम, विशेष जाति समुदाय एंव माननीय प्रधान मन्त्री भारत सरकार नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध गाली देने तथा अभद्र भाषा का प्रोयगकर इंटरनेट पर वायरल करने वाले 01 नफर अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक अदद मोबाइल बरामद किया गया श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय खीरी श्री गणेश प्रसाद साहा के निर्देशन में सम्पूर्ण जनपद में वांछित वारंटी एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे</div>
<div> </div>
<div>अभियान के अन्तर्गत, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सदर महोदय के कुशल मार्ग दर्शन में थानाध्यक्ष थाना शारदानगर के नेतृत्व में प्रभू श्रीराम, विशेष जाति समुदाय एंव माननीय प्रधान मन्त्री भारत सरकार श्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध गाली देने तथा अभद्र भाषा का प्रोयगकर इंटरनेट पर वायरल करने वाले को 12 घण्टे के अन्दर थाना शारदानगर पुलिस टीम द्वारा  दिनांक 11.03.2024 को 01 नफर अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से प्रयोग में लाये गये मोबाइल को बरामद कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण 1. मस्तराम उर्फ मस्तू पुत्र स्व0 कन्धई निवासी सिरसी थाना शारदानगर जनपद खीरी अभियुक्त के कब्जे से बरामदगी का विवरण 01 अदद टच स्क्रीन एन्ड्राइड मोबाइल OPPO कम्पनी रंग काला अभियुक्त के विरुद्ध पंजीकृत अभियोग 1. मु0अ0सं0 47/2024 धारा 298/504/505(2)IPC 67 IT ACT </div>
<div>गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम 1.उ0नि0 अम्बेश्वर दत्त त्रिपाठी थाना शारदानगर खीरी 2.हे0का0 राजीव यादव थाना शारदानगर खीरी3.का0 सुनील यादव थाना शारदानगर खीरी 4.का0 आशुतोष रावत थाना शारदानगर खीरी</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139257/police-arrested-person-who-used-abusive-words-against-special-caste</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139257/police-arrested-person-who-used-abusive-words-against-special-caste</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Mar 2024 16:13:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/04.......jpg"                         length="88429"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        