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                <title>pakistan pm - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>आखिर क्या है इमरान खान और आसिम मुनीर की जेल में हुई सीक्रेट मीटिंग का राज़ </title>
                                    <description><![CDATA[<p>दुनियाभर में अपनी बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने फैसला किया है कि वो इमरान खान की जुबान पर लगाम लगाने के लिए ताकत का नहीं बल्कि कूटनीति का सहारा लेंगे। इसी के तहत उन्होंने इमरान खान को दोस्ती का ऑफर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की माने तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर पुरानी दुश्मनी भुलाकर इमरान खान से हाथ मिलाना चाहते हैं। खबरों की माने तो आसिम मुनीर गुपचुप तरीके से रावलपिंडी की अदियाला जेल गए थे।</p>
<p>  उन्होंने इमरान खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से बयान आया</p>
<p>कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141004/what-is-the-secret-of-the-secret-meeting-between-imran"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/imran-khan_large_1321_19.webp" alt=""></a><br /><p>दुनियाभर में अपनी बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने फैसला किया है कि वो इमरान खान की जुबान पर लगाम लगाने के लिए ताकत का नहीं बल्कि कूटनीति का सहारा लेंगे। इसी के तहत उन्होंने इमरान खान को दोस्ती का ऑफर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया की माने तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर पुरानी दुश्मनी भुलाकर इमरान खान से हाथ मिलाना चाहते हैं। खबरों की माने तो आसिम मुनीर गुपचुप तरीके से रावलपिंडी की अदियाला जेल गए थे।</p>
<p> उन्होंने इमरान खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से बयान आया कि इमरान खान अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगे। अंदर की खबर ये है कि इमरान खान और आसिम मुनीर की डील फाइनल हो चुकी है। इमरान खान के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते ही पाकिस्तान की सेना उन्हें सत्ता में वापस लाने की तैयारी शुरू कर देगी।</p>
<p>कहा तो ये भी जा रहा है कि नवाज शरीफ को एक बार फिर से पाकिस्तान छोड़ना पड़ सकता है। हालांकि ये खबरें कितनी सही है ये तो बताना मुश्किल है। लेकिन इमरान खान का लगातार सेना के खिलाफ जहर उगलना और सेना का उन आरोपों को खारिज करना।</p>
<p>ये इशारा जरूर करता है कि कहीं न कहीं आसिम मुनीर और इमरान खान के बीच कोई न कोई खिचड़ी तो पक रही है। महानिदेशक इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि 9 मई के हिंसक विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों से माफी मांगने और कोई भी बातचीत करने से पहले अराजकता की राजनीति से दूर रहने की मांग की थी।</p>
<p>जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक अध्यक्ष इमरान खान ने 9 मई की घटनाओं के लिए माफी मांगने की सेना की मांग को ठुकरा दिया है। इसके साथ ही इमरान ने अपनी गिरफ्तारी के तुरंत बाद पिछले साल देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में अपनी पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा था कि 9 मई के आरोपियों और अपराधियों को संविधान और कानून के मुताबिक सजा देनी होगी। रावलपिंडी की अदियाला जेल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा मुझे माफी क्यों मांगनी चाहिए, यह मुझसे मांगी जानी चाहिए।  </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 14:51:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनते ही शहबाज ने कश्मीर पर उगला जहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">इस्लामाबाद जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री  इमरान खान की</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ  समर्थित सांसदों के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चोर-चोर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के नारों</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और हंगामे के बीच प्रधानमंत्री एल-एन नेता शहबाज शरीफ रविवार को गठबंधन सरकार का</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नेतृत्व करने के लिए दूसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुन लिए गए है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी के साथ पाकिस्तान में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। शहबाज शरीफ दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं। प्रधानमंत्री  चुने जाने के साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कहा</span>, '<span lang="hi" xml:lang="hi">कश्मीर में कश्मीरियों के खून बहाए जा रहे हैं और</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139122/as-soon-as-she-became-the-prime-minister-of-pakistan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/अशोक-भाटिया-26-02-2024.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">इस्लामाबाद जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री  इमरान खान की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ  समर्थित सांसदों के </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">चोर-चोर</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के नारों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और हंगामे के बीच प्रधानमंत्री एल-एन नेता शहबाज शरीफ रविवार को गठबंधन सरकार का</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नेतृत्व करने के लिए दूसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुन लिए गए है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी के साथ पाकिस्तान में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। शहबाज शरीफ दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">हैं। प्रधानमंत्री  चुने जाने के साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर को लेकर कई दावे किए। उन्होंने कहा</span>, '<span lang="hi" xml:lang="hi">कश्मीर में कश्मीरियों के खून बहाए जा रहे हैं और</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पूरा वादी खून से सुर्ख हो गया है।</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज ने इंटरनेशनल कम्युनिटी पर हमला बोलते हुए कहा</span>, '<span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन फिर भी दुनिया के होंठ सिले हुए हैं।</span>'</p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज शरीफ ने कश्मीर की आजादी के लिए नेशनल असेंबली से एक प्रस्ताव पारित करने की अपील की। शहबाज पाकिस्तान के </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi">वें प्रधानमंत्री बनेंगे। नेशनल असेंबली में उनके समर्थन में </span>201 <span lang="hi" xml:lang="hi">वोट पड़े</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि विपक्षी पीटीआई के प्रधानमंत्री  उम्मीदवार उमर अयूब खान को </span>92 <span lang="hi" xml:lang="hi">वोट मिले। शहबाज ने पड़ोसी समेत तमाम मुल्कों के साथ संबंध बेहतर बनाने की मंशा जाहिर की लेकिन कश्मीर को लेकर अपने पुराने एजेंडे पर अड़े हुए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सूत्रों के मुताबिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रपति आरिफ अल्वी आज  दोपहर </span>3 <span lang="hi" xml:lang="hi">बजे राष्ट्रपति भवन में नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री को शपथ दिलाएंगे।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">कथित तौर पर सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री और सभी प्रांतों के राज्यपाल भी शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा ले रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज शरीफ ने</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">सूडान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सोमाली आईलैंड जैसे मुल्कों का हवाला देते हुए फिलिस्तीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गाजा और कश्मीर में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">जुल्म</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के खिलाफ एक प्रस्ताव पास करने की अपील की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां इंटरनेशनल कम्यूनिटी के हस्तक्षेप से शांति कायम हुई। उन्होंने विपक्षी सांसदों से </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">फिलिस्तीन और कश्मीर की आजादी</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद शहबाज शरीफ ने अपने बड़े भाई नवाज शरीफ को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">गले लगाया। उन्होंने विपक्षी सांसदों का सरकार को समर्थन देने के लिए</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धन्यवाद दिया। पाकिस्तान में </span>8 <span lang="hi" xml:lang="hi">फरवरी को चुनाव हुए थे और नतीजे आने के करीब</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तीन हफ्ते बाद सरकार का गठन हो सका है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी और छोटे दलों के समर्थन से</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज प्रधानमंत्री  बनेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर को लेकर जो  जहर  उगला है  उसका  पीओके से निर्वासित मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने करारा जवाब दिया । मिर्जा का कहना है कि उन्होंने इस क्षेत्र के बारे में ‘झूठ’ बोला है। शहबाज शरीफ को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में ‘मानवीय संकट’ को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं है। मिर्जा का दावा है कि पीओके में लोग भूख की वजह से मर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कश्मीर पर शहबाज को आईना दिखाया दिखाते हुए अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि कश्मीर पर शहबाज के दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। पीओके में मानवीय संकट है। लोग भूख की वजह से मर रहे हैं। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। अस्पतालों में दवाई नहीं बची है। शिक्षा प्रणाली ध्वस्त हो चुकी है। किसी देश में पाकिस्तानी डिग्री मान्य नहीं है। शहबाज शरीफ में इस सच को मानने की हिम्मत नहीं बची है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमजद अयूब मिर्जा  ने आगे कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पिछले साल अगस्त से चल रहे बिजली बहिष्कार अभियान के बारे में एक शब्द भी नहीं बोले। उन्होंने विकास के लिए या गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों को गेहूं व आटा उपलब्ध कराने के बारे में कुछ भी बात नहीं की। पीओके और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग </span>76 <span lang="hi" xml:lang="hi">सालों से पाकिस्तानी सेना की घेराबंदी का सामना कर रहे हैं। इसलिए लोगों के मन में स्पष्ट है कि ये नई सरकार उनके लिए कुछ भी नहीं करने जा रही है।शहबाज शरीफ पाकिस्तान की जनता की दुहाई देकर कश्मीर पर जहर उगलते हुए कह रहे हैं कि कश्मीर चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में भाषण देते हुए कहा कि कश्मीर को आजाद कराना है। उन्होंने कश्मीर की तुलना फिलिस्तीन से भी की है। साथ ही साथ कश्मीर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिलिस्तीन पर प्रस्ताव लाने की अपील की है। शपथ के पहले जिस तरह से शहबाज ने कश्मीर का राग अलापा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके साफ संकेत हैं कि शहबाज एक बार फिर अपनी अवाम का ध्यान दो जून की रोटी और रोजगार से हटाकर कश्मीर के नाम पर बरगलाने पर लग गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बताया जाता है कि शहबाज शरीफ<strong> </strong>किसी तरह से जोड़-तोड़ और साजिश से सरकार बनाने में लगे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि उनके ऊपर वहां की सेना का हाथ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पाकिस्तान में कठपुतली सरकार बनाकर देश की बागडोर अपने हाथ में रखना चाहती है।</span><strong><span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">यह भी बताया जाता है कि</span></strong><strong><span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa"> </span></strong><span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">साल </span>2030 <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">तक पाकिस्तान को </span>G20 <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">देशों की श्रेणी में लाना भी उनका लक्ष्य है</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">पाकिस्तानी नेशनल असेंबली में शपथ के बाद नए </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री </span><span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa"> शहबाज शरीफ ने कहा</span>, <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">आइए हम सभी साथ आएं और नेशनल असेंबली को कश्मीरियों और फिलिस्तीनियों की आजादी के लिए एक प्रस्ताव करना चाहिए</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span><span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa"> इस दौरान शहबाज ने फिलिस्तीन के स्वतंत्रता का जिक्र</span>  <span lang="ar-sa" xml:lang="ar-sa">तो किया लेकिन युद्ध में मारे जा रहे फिलिस्तिनियों पर शहबाज ने कुछ नहीं कहा</span><span lang="hi" xml:lang="hi">।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज का जन्म सितंबर </span>1951 <span lang="hi" xml:lang="hi">में लाहौर में कश्मीरी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपना ग्रैजुएशन लाहौर के गवर्मेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी से किया। उनका परिवार </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi">वीं सदी की शुरुआत में कारोबार के लिए कश्मीर के अनंतनाग से पंजाब के अमृतसर पहुंचा था। परिवार का कारोबार संभालने के बाद वह </span>1980 <span lang="hi" xml:lang="hi">के दशक में राजनीति में आए ।शहबाज शरीफ काफी सोच-समझकर राजनीति में आए थे। उन्होंने </span>1988 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनाव से राजनीति में कदम रखा। पंजाब असेंबली के बाद वो </span>1990 <span lang="hi" xml:lang="hi">में नेशनल असेंबली के लिए चुने गए। लेकिन </span>1993 <span lang="hi" xml:lang="hi">में वह दोबारा पंजाब असेंबली लौटे।</span></p>
<p class="MsoNormal">1997 <span lang="hi" xml:lang="hi">में वह पहली बार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री चुने गए। वह </span>2008 <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>2013 <span lang="hi" xml:lang="hi">से </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">के बीच भी वह पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे। इस दौरान उन्हें एक सख्त प्रशासक के तौर पर पहचाना गया। कई बड़े डेवलपमेंटल प्रोजेक्ट्स पर उनकी अगुवाई में धड़ल्ले से काम हुआ।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज की राजनीति में पंजाब की सियासत की अहम भूमिका रही है।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें मेगा प्रोजेक्ट्स को तेज गति से पूरी करने के लिए जाना जाता है। इस वजह से उन्हें </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज शरीफ स्पीड</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के नाम से भी जाना जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नवाज के प्रधानमंत्री  बनते-बनते शहबाज कैसे प्रधानमंत्री बने</span>?<span lang="hi" xml:lang="hi">के बारे में बताया जाता है कि<strong> </strong>आठ फरवरी को देश में हुए चुनाव में प्रधानमंत्री एल-एन ने </span>336 <span lang="hi" xml:lang="hi">सदस्यीय नेशनल असेंबली में सिर्फ </span>75 <span lang="hi" xml:lang="hi">सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्दलीय उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसके बाद त्रिशंकु संसद के आसार बन रहे थे। ऐसे में प्रधानमंत्री एल-एन के लिए इमरान खान की पार्टी को सत्ता में आने से रोकने के लिए गठबंधन सरकार बनाने का ही विकल्प बचा था। इस गठबंधन सरकार की रूपरेखा तैयार करने का जिम्मा शहबाज शरीफ को सौंपा गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल प्रधानमंत्री एल-एन पार्टी को जल्द ही अहसास हो गया था कि प्रधानमंत्री के लिए नवाज शरीफ के नाम पर कई लोगों को एतराज है। ऐसे में नवाज ने अपने छोटे भाई शहबाज को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">पार्टी सूत्रों का कहना है कि नवाज शरीफ गठबंधन सरकार की अगुवाई करने में सहज नहीं थे। इस वजह से उन्होंने अपने छोटे भाई शहबाज के लिए प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कहा जाता है कि पाकिस्तानी सेना नवाज की तुलना में शहबाज को अधिक पसंद करती है।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">नवाज शरीफ की तुलना में शहबाज शरीफ के पाकिस्तानी सेना के साथ बेहतर संबंध रहे हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सेना ने कई बार नवाज</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">की तुलना में शहबाज से प्रधानमंत्री बनने की पेशकश की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे शहबाज खारिज करते रहे।</span> 1999 <span lang="hi" xml:lang="hi">में जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ सरकार का तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद शहबाज अपने परिवार के साथ आठ साल के लिए सऊदी अरब निर्वासित हो गए। इसके लिए बकायदा शहबाज शरीफ की मुशर्रफ के साथ डील हुई थी।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज शरीफ का परिवार </span>2008 <span lang="hi" xml:lang="hi">में पाकिस्तान लौटा। शहबाज </span>2008 <span lang="hi" xml:lang="hi">में दूसरी बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने और </span>2013 <span lang="hi" xml:lang="hi">में तीसरी बार इस कुर्सी पर बैठे। पनामा पेपर्स मामले में </span>2017 <span lang="hi" xml:lang="hi">में नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद से अयोग्य करार दिया गया। तब नवाज ने शहबाज को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया। </span>2018 <span lang="hi" xml:lang="hi">के चुनाव में इमरान खान की पार्टी से हार के बाद शहबाज ने एक मजबूत विपक्षी नेता की भूमिका भी निभाई।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज का परवार </span>2008 <span lang="hi" xml:lang="hi">में पाकिस्तान लौटा। उसी साल देश में आम चुनाव थे। लेकिन </span>1998 <span lang="hi" xml:lang="hi">के हत्या के एक मामले की वजह से वह चुनावों में हिस्सा नहीं ले सके। दरअसल लाहौर में उनके खिलाफ हत्या का एक मामला दर्ज कराया गया था। इस एफआईआर में शहबाज पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए एक पुलिस मुठभेड़ का आदेश दिया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें कुछ लोगों की मौत हुई थी।</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज पर भ्रष्टाचार के भी कई मामले दर्ज हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें वह महीनों जेल में भी बंद रहे।</span> </p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहबाज ऐसे समय में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब पाकिस्तान चौतरफा मार से जूझ रहा है। गरीबी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेरोजगारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चौपट अर्थव्यवस्था और कर्ज की मार से पाकिस्तान बेहाल है। ऐसे में प्रधानमंत्री का ये पद उनके लिए कांटों भरा ताज साबित हो सकता है। कश्मीर का राग अलाप कर कुछ दिन तक वो भले ही पाकिस्तानियों का ध्यान भटका ले पर आखिर उन्हें जल्द ही सच का सामना करना पड़ेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:left;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">अशोक भाटिया </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:left;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार </span>,<span lang="hi" xml:lang="hi">लेखक, समीक्षक  एवं टिप्पणीकार</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:left;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">लेखक</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Mar 2024 15:50:42 +0530</pubDate>
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