<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/13228/%C2%A0-swatantra-prabhat-dehli" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>  swatantra prabhat dehli - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/13228/rss</link>
                <description>  swatantra prabhat dehli RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर प्रत्यक्षियों ने प्रचार की पकडी रफ्तार, राजनाथ सिंह,पीएम मोदी,नड्डा समेत केजरीवाल तक उतरें रण में झोंक दी ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र  प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p><strong> दिल्ली।</strong> की सातों लोकसभा सीटों  पर छठे चरण के तहत शनिवार 25 मई  को मतदान होने जा रहा है।  राजधानी दिल्ली में इस वक्त 44 से 45 के तापमान ने मतदाताओ को घरो में छिपने को मजबूर कर दिया है। पर तमाम उम्मीदवारों ने भी बढे हुए पारे को ठेंगा दिखाते हुए अपने -अपने क्षेत्रों में रोड शो,पद यात्राओ के सिलसिले में सुबह -सवेरे ही 5 बजे पार्को, जिम आदि में पहुंचकर मतदाताओ से संवाद,मेल मिलाप शुरू कर दिया है। इसी कडी में नोर्थ-ईस्ट सीट से भाजपा प्रत्यक्षी मनोज तिवारी के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141521/eyewitnesses-gathered-pace-of-campaign-on-7-lok-sabha-seats"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/screenshot_20240522_193819_google.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र  प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p><strong> दिल्ली।</strong> की सातों लोकसभा सीटों  पर छठे चरण के तहत शनिवार 25 मई  को मतदान होने जा रहा है।  राजधानी दिल्ली में इस वक्त 44 से 45 के तापमान ने मतदाताओ को घरो में छिपने को मजबूर कर दिया है। पर तमाम उम्मीदवारों ने भी बढे हुए पारे को ठेंगा दिखाते हुए अपने -अपने क्षेत्रों में रोड शो,पद यात्राओ के सिलसिले में सुबह -सवेरे ही 5 बजे पार्को, जिम आदि में पहुंचकर मतदाताओ से संवाद,मेल मिलाप शुरू कर दिया है। इसी कडी में नोर्थ-ईस्ट सीट से भाजपा प्रत्यक्षी मनोज तिवारी के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शौ निकाला और रैली को भी संबोधित किया।</p>
<p>इस सीट से मुख्य मुकाबला कांग्रेस+आप के संयुक्त प्रत्यक्षी कन्हैया कुमार के अलावा दो बार के सांसद रहे बैकुंठ लाल शर्मा प्रेम की बेटी निवेदिता शर्मा प्रेम भी दोनों को टक्कर दे रही है। वह राष्ट्रीय जनलोक पार्टी सत्य (आरजेपी) की और से चारपाई के निशान पर चुनाव लड रही है। निवेदिता शर्मा डोर टू डोर लोगों से संपर्क कर रही है।उनकी टीम में क्षत्रीय समाज, राजपूत समाज के साथ पंजाबी समाज के बडी संख्या में लोग जुटे हुए है।  हालांकि निवेदिता शर्मा भाजपा की ही अधिकारी है। बावजूद इसके वह भाजपा के मनोज तिवारी को ही नुकसान पहुंचा रही है। सोमवार को उस्मान पुर चौथे पुस्ते पर कांग्रेस+आप के संयुक्त उम्मीदवार कन्हैया  कुमार को एक शख्स  माला पहनाने के बहाने आया उनके मुंह पर काली स्याही फेंकी और थप्पड जड दिए। पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया । पर बुद्धवार को कोर्ट से बेल पर छूटकर आ गया। </p>
<p>दिल्ली के सबसे बडे लोकसभा क्षेत्र नोर्थ वेस्ट की रिजर्व सीट  से मैदान में मुख्य मुकाबला भाजपा के योगेन्द्र चंदौलिया और कांग्रेस+ आप के संयुक्त उम्मीदवार उदित राज के बीच है। हालांकि उदित राज 2014 में बीजेपी से चुनाव लड़ थे लेकिन अब वो कांगेस पार्टी में है। मतदाताओ में उदित राज को लेकर बेहद गुस्सा दिखाई दे रहा है। इसलिए भी भाजपा के कैंडीडेट योगेन्द्र चंदौलिया का पलडा भारी दिखाई देता है। मंगलवार को योगेन्द्र चंदौलिया के समर्थन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रोड किया। रैली भी की। रोड शो के दौरान सडक के दोनो ओर लोग  हाथों में भाजपा के झंडे थामे नारे लगाते हुए नगाड़े की थाप पर नाचते दिखाई दिए।</p>
<p>इस मौके भाजपा मंडल अध्यक्ष उमेश गिरी ,पूर्व पार्षद मनीष चौधरी, मंडल महिला  मोर्चा अध्यक्ष  डिंपल चावला, प्रवीण गुप्ता,राजेंद्र भाटिया समेत हजारों लोगों की अपार भीड के जन समर्थन से भाजपा उम्मीदवार योगेन्द्र चंदौलिया की जीत की उम्मीद जताई जा रही है।  वहीं वेस्ट दिल्ली से भाजपा प्रत्यक्षी कमलजीत सहरावत और आप के महाबल मिश्रा के के बीच टक्कर है। बुद्धवार को भाजपा प्रत्यक्षी कमलजीत सहरावत के समर्थन मे पीएम नरेंद्र मोदी ने द्वारका सेक्टर-14 स्थित वेगास माॅल के सामने डीडीए पार्क में बडी रैली की रैली में हजारों की संख्या में महिला-पुरूषों  की मौजूदगी से इस सीट पर भाजपा प्रत्यक्षी का पलडा भारी दिखाई दे रहा है। कमलजीत सहरावत दिल्ली की पूर्व मेयर रही हैं।</p>
<p>वहीं द्वारका बी से पार्षद रही हैं, इसके अलावा  सोशल वर्कर्स भी है। वहीं दूसरी ओर मुकाबले में आप +कांग्रेस के संयुक्त प्रत्यक्षी महाबल मिश्रा है। मिश्रा द्वारका सीट से विधायक है। निगेटिव  सेंटीमेंट नहीं है। जन सुलभ नेता की छवी है।  इसके अलावा न ई दिल्ली सीट से भाजपा की बांसुरी स्वराज का मुकाबला आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती से है। भारतीय वर्तमान में विधायक है। इनके खिलाफ पत्नी के उत्पीडन का मामला दर्ज है। वहीं बांसुरी सुषमा स्वराज की बेटी है। चांदनी चौंक सीट से व्यापार मंडल से भाजपा के  प्रवीण खंडेलवाल का मुकाबला कांग्रेस के जयप्रकाश अग्रवाल से है। यहां से  2019 में भाजपा के हर्षवर्धन सांसद चुने गए थे। इस बार मुकाबला खासा कडा बताया जा रहा है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/screenshot_20240522_193853_google.jpg" alt="Screenshot_20240522_193853_Google" width="1039" height="604"></img></p>
<p>दक्षिण दिल्ली से भाजपा के रामवीर सिंह विधूडी और आप + कांग्रेस के सही राम पहलवान के बीच तगडा मुकाबला है।यहां से भी बीजेपी कैंडीडेट राम वीर सिंह विधूडी पहलवान को पटखनी देते दिखाई दे रहे है। वहीं पूर्वी दिल्ली से भाजपा से हर्ष मल्होत्रा और आप+ कांग्रेस के कुलदीप कुमार के बीच कांटे की टक्कर है। पर आम आदमी पार्टी के मुखिया, सीएम और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत सत्येंद्र जैन के अलावा आप सांसद स्वाति मालीवाल के साथ सीएम आवास पर मारपीट और  बदसलूकी के मामले में पी एस की गिरफ्तारी ने आप पार्टी का माहौल बिगाड दिया है। इसी के मद्देनजर मतदाताओ का रूझान बीजेपी की तरफ मुड गया है। इससे साबित होता है कि भाजपा दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर जीत की खुमारी अभी से दिखाई देने लगी है। 4 जून को  परिणाम घोषित होने पर सभी दलों की असलियत सामने आ जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141521/eyewitnesses-gathered-pace-of-campaign-on-7-lok-sabha-seats</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/141521/eyewitnesses-gathered-pace-of-campaign-on-7-lok-sabha-seats</guid>
                <pubDate>Thu, 23 May 2024 18:12:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/screenshot_20240522_193819_google.jpg"                         length="382212"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली कांग्रेस में इस्तीफे, अलग पार्टी के रणी शिगूफे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p><strong>  दिल्ली। </strong>लोकसभा रण के बीच दिल्ली कांग्रेस में इस्तीफे का सिलसिला जारी है।इसी कडी में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कांग्रेस से पीछा छुडाते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा तो दिया ही साथ ही अपने साथ के कदावार नेताओ ने भी शुक्रवार  को कांग्रेस का हाथ छोडकर भारतीय जनता पार्टी के फूल को थाम लिया है। भाजपा में शामिल होने वालों में अरविंदर सिंह लवली, राज कुमार चौहान, नसीब सिंह, और अनिल बसोया के नाम प्रमुख है।सभी ने कांग्रेस पार्टी को दिशाहीन होना बताया है। जिसके चलते आम आदमी पार्टी से गठबंधन के अलावा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140910/rani-shigufe-of-different-party-resigns-from-delhi-congress"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/screenshot_20240505_181656_google.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी।</strong></p>
<p><strong> दिल्ली। </strong>लोकसभा रण के बीच दिल्ली कांग्रेस में इस्तीफे का सिलसिला जारी है।इसी कडी में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कांग्रेस से पीछा छुडाते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा तो दिया ही साथ ही अपने साथ के कदावार नेताओ ने भी शुक्रवार  को कांग्रेस का हाथ छोडकर भारतीय जनता पार्टी के फूल को थाम लिया है। भाजपा में शामिल होने वालों में अरविंदर सिंह लवली, राज कुमार चौहान, नसीब सिंह, और अनिल बसोया के नाम प्रमुख है।सभी ने कांग्रेस पार्टी को दिशाहीन होना बताया है। जिसके चलते आम आदमी पार्टी से गठबंधन के अलावा लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय  की जगह बाहरी कैंडीडेट को टिकट देना है। इनमें नोर्थ ईस्ट सीट से कन्हैया कुमार है। जिस पर कांग्रेसियों की टीम ने हाथ खडे कर दिए है। सभी कांग्रेस से पीछा छुडाने वालों का आरोप है कि पार्टी में कोई जन सुनवाई नहीं होती।</p>
<p>कुछ टाॅप लीडरों ने हाई कमान को अंधी गली में डाल दिया है। वह अपनी मनमानी कर रहे हैं। ताजा मामले में नसीब सिंह ने खुलासा किया कि दीपक बाबरिया ने अरविंदर सिंह लवली समेत समेत 21 लोगो को जिनमें  संदीप दीक्षित,राज कुमार चौहान ,नीरज,बसोया जैसे लोगो के नाम थे,इन नेताओ को पार्टी से बाहर निकालने की बात की थी।  पार्टी लाइन के खिलाफ आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोनिया गांधी,शीला दीक्षित के खिलाफ कितना कुफ्र बका ।उन्हें जेल भेजने की बात तक की।आज हालात ये हो गई  कि कांग्रेस पार्टी ने आप के साथ गठबंधन कर समर्पित कार्यकर्ताओ का मनोबल तोड दिया है।ऐसी हालत हो गई कि हम कार्यकर्ताओ को मुंह दिखाने लायक नहीं छोडा है।नसीब सिंह ने तो यहां तक कह डाला कि हाईमान को मिसगाईड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस तीन नहीं बल्कि सिर्फ एक सीट पर चुनाव लड रहे हैं।</p>
<p>बाकी दोनो बाहरी नेता है। ये दोनो तो केजरीवाल के ही लोग है।गठबंधन की बात करे तो ये आप नेता अपने पोस्टर में हमारे नेता की फोटो तक नहीं लगा रहे हैं।दरअसल हमें अलग अकेले लडना चाहिए था। पंजाब में कांग्रेस अलग लड रही है ऐसे में नव नियुक्त दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव जो पंजाब के भी प्रभारी है ,कैसे समाजस्य बिठाएगें? ये ही सवाल तमाम कार्यकर्ताओ के गले नहीं उतर रहा है। बता दें कि सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस  पार्टी से इस्तीफा दे रहे नेता कांग्रेस में एक और फाड की तैयारी में है। पार्टी का हाथ झटकने वाले नेता दावा कर रहे है कि 35 से 40 नेता आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन से खासे खफा है।</p>
<p>इनमें से कई और नेता आने वाले दिनों में इस्तीफा दे सकते है। जिस तरह से एक स्ट्रेटजी के तहत इस्तीफे हो रहे हैं इससे इस कयास को बल मिल रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में कांग्रेस पार्टी में बगियों की संख्या और बढने वाली है। कांग्रेस पार्टी में बडा टूट हो सकता है।और ये बगावती नेता एक साथ मिलकर अपनी नई पार्टी बना सकते है। नसीब सिंह ने भी खुलासा कर स्थित साफ कर दी है कि नई पार्टी बनाने की पूरी प्लानिंग है। दरअसल अधिकतर स्थानीय  नेताओ  को लगता है कि आप के साथ बेमेल एलाईंस के बाद उनकी राजनीती कमजोर पड रही है।उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। बागी नेताओ का मानना है कि अगर आप+कांग्रेस का एलाईस जारी रहा तो अगले दिल्ली विधानसभा चुनाव में उनके टिकट की दावेदारी ही खत्म हो जाएगी।</p>
<p>ऐसा इसलिए कि अधिकतर इलाके में आप के जीते हुए विधायक है।इससे कांग्रेस के हिस्से में सीटों की संख्या के लाले भी पड सकते है।उल्लेखनीय है कि 15 साल तक लगातार दिल्ली का शासन करने के बाद कांग्रेस पिछले 10 साल से दिल्ली की राजनीतिक हाशिये पर आ गई है। चुनावी जंगी जमीन पर कांग्रेस बहुत पिछड चुकी है। हालत ये है कि राजधानी दिल्ली में एक भी विधायक तक नही है।कांग्रेस दिल्ली में सिर्फ 3-4 प्रतिशत ही रह गई है।ऐसे में एक साथ कांग्रेस के कई नेता पार्टी छोडकर अपनी नई पार्टी बनाते है तो यह सीधा -सीधा संगठन चलाने वालों पर हमला होगा। उनकी कार्यशैली पर भी सवाल खडे होगें।इससे पार्टी ओर कमजोर होगी।  इससे पार्टी का ढांचा जरूर चरमरा जाएगा। पर इन हालात से बेखबर पार्टी के टाॅपररस को क्या परवाह?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140910/rani-shigufe-of-different-party-resigns-from-delhi-congress</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/140910/rani-shigufe-of-different-party-resigns-from-delhi-congress</guid>
                <pubDate>Mon, 06 May 2024 17:27:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/screenshot_20240505_181656_google.jpg"                         length="341585"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनम की सुनो दिल्ली वालो</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br />सोनम वांग्चुक एक पखवाड़े से खून जमा  देने वाली सर्दी में अनशन पर हैं ,लेकिन दुर्भाग्य की दिल्ली को न सोनम दिखाई दे रहे हैं और न सुनाई दे रहे है। सवाल ये है कि क्या दिल्ली सचमुच दृष्टि बाधित ' और बहरी हो गयी है या फिर दिल्ली ने जानबूझकर देखना-सुनना बंद कर दिया है ? सोनम वांग्चुक को दिल्ली की सल्तनत नहीं चाहिए ।  सोनम केवल अपनी जन्मभूमि लद्दाख  को पूर्ण राज्य बनाने और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर अनशन पर हैं।</p>
<p><br />दिल्ली और पूरा देश चुनाव के खुमार में है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139823/delhi-people-listen-to-sonam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/65f904a09def6-sonam-wangchuk-192103883-16x9.webp" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br />सोनम वांग्चुक एक पखवाड़े से खून जमा  देने वाली सर्दी में अनशन पर हैं ,लेकिन दुर्भाग्य की दिल्ली को न सोनम दिखाई दे रहे हैं और न सुनाई दे रहे है। सवाल ये है कि क्या दिल्ली सचमुच दृष्टि बाधित ' और बहरी हो गयी है या फिर दिल्ली ने जानबूझकर देखना-सुनना बंद कर दिया है ? सोनम वांग्चुक को दिल्ली की सल्तनत नहीं चाहिए ।  सोनम केवल अपनी जन्मभूमि लद्दाख  को पूर्ण राज्य बनाने और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर अनशन पर हैं।</p>
<p><br />दिल्ली और पूरा देश चुनाव के खुमार में है। देश को न दिल्ली के बाहर अनशन करते किसान दिखाई दे रहे हैं और न ही दिल्ली से 1020 किमी दूर लद्दाख में अनशनरत सोनम वांग्चुक। देश की सत्तारूढ़ पार्टी को तो छोड़िये  दीगर विपक्षी राजनीतिक पार्टियों को भी सोनम वांगचुक नहीं दिखाई दे रहे है।  सोनम अकेले आपने लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। आपको बता दें कि  सोनम की मातृभूमि लद्दाख पहले जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा होती थी लेकिन हमारी मौजूदा सरकार ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा छीन कर उसके तीन हिस्से कर दिए थे।</p>
<p>सोनम का लद्दाख अब किसी राज्य का हिस्सा नहीं है।  लद्दाख केंद्र के आधीन है। सोनम चाहते हैं कि  लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाये और वहां संविधान की छथि सूची लागो की जाये। सबको साथ लेकर सबका विकास करने वाली हमारी दिल्ली की सरकार से इस दिशा में बातचीत विफल रहने के बाद वांगचुक ने अपना अनशन छह मार्च को शुरू कर दिया था।  इसके लिए उन्होंने लेह के नवांग दोरजे मेमोरियल पार्क को चुना । हाड़ कंपा देने वाली ठंड और शून्य से नीचे तापमान के बावजूद उनके प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। आपको बता दूँ कि  तीन फरवरी को भी लेह में छठी अनुसूची को लागू करने की मांग को लेकर कड़ाके की ठण्ड में एक बड़ा प्रदर्शन हुआ था, जिसमें हज़ारों लोगों ने भाग लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की थी।</p>
<p><br />सोनम वांगचुक  नवाचारी और शिक्षा सुधारक हैं।उनकी अपनी एक छोटी सी राजनीतिक पार्टी न्यू लद्दाख मूमेंट भी है। सोनम  छात्रों के एक समूह द्वारा 1988 में स्थापित स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एसईसीओएमएल) के संस्थापक-निदेशक भी हैं। सोनम ने लद्दाख के युवाओं पर थोपी गयी  शिक्षा प्रणाली को ठुकराते हुए  एसईसीएमओएल परिसर को डिजाइन किया जो पूरी तरह से सौर-ऊर्जा पर चलता है, और खाना पकाने, प्रकाश या तापन (हीटिंग) के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करता।</p>
<p><br />सोनम वांगचुक  से मेरी मुलाकात पिछले महीने ही ग्वालियर में हुई थी ।  उन्हें ग्वालियर के आईटीएम विश्विद्यालय ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि देने के लिए ग्वालियर आमंत्रित किया था। जो लोग सोनम के बारे में नहीं जानते उन्हें बता दूँ कि सोनम को सरकारी स्कूल व्यवस्था में सुधार लाने के लिए सरकार, ग्रामीण समुदायों और नागरिक समाज के सहयोग से 1994 में "ऑपरेशन न्यू होप" शुरु करने का श्रेय भी प्राप्त है। सोनम ने बर्फ-स्तूप तकनीक का आविष्कार किया है जो कृत्रिम हिमनदों (ग्लेशियरों) का निर्माण करता है, शंकु आकार के इन बर्फ के ढेरों को सर्दियों के पानी को संचय करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। फिल्म थ्री इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंगसुक वांगडू  सोनम  की जिंदगी से प्रेरित था।</p>
<p>सोनम से दिल्ली नहीं डरती क्योंकि सोनम के पास कोई बड़ी सियासी ताकत नहीं है ,लेकिन सोनम के पास मौलिक विचारों की कमी नहीं है ।  उन्होंने पिछले सालों में जब चीन को सबक सीखने के लिए 'बुलेट नहीं वॉलेट ' का मन्त्र दिया तह तब चीन की सरकार तक सनाके में आ गयी थी । उन्होंने चीनी सामान के बहिष्कार की अपील की था ।  लद्दाख के लोग सोनम को उसी तरह प्यार करते हैं जैसे भाजपा के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को।</p>
<p> सोनम वांगचुक के  अनशन के 13  वें दिन उनके समर्थन में सैकड़ों लोग भी भूखे रहे और रात को भूखे सोए. उन्होंने स्पष्ट किया कि आखिर उनकी मांग क्या है और इसका मकसद लोगों को लद्दाख में प्रवेश से रोकना नहीं है। उन्होंने बताया कि छठी अनुसूची का मकसद सिर्फ बाहरी लोगों को ही रोकना नहीं है, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील इलाके या संस्कृतियां-जनजातियां को  सभी स्थानीय लोगों से भी बचाने की जरूरत है।</p>
<p><br />सवाल ये है कि क्या सोनम की मांगे अनुचित हैं ? राष्ट्रविरोधी हैं ? क्या उन्हें पूरा नहीं किया जाना चाहिए ? आज सोनम की मांगें और आमरण अनशन नक्कारखाने में टूटी की आवाज बनकर रह गया है लेकिन कल मुमकिन है कि सत्तामद में डूबी दिल्ली सोनम की बात को सुने ,समझे और मान भी ले। सोनम न कांग्रेसी हैं और न भाजपाई।  वे हेमंत सोरेन या अरविंद केजरीवाल भी नहीं हैं ,जिन्हें कि किसी घोटाले में शामिल बताकर जेल भेजा जा सके।</p>
<p>सोनम भूमिपुत्र है।  इंजीनियर हैं और अपनी पढ़ाई-लिखाई तथा तजुर्बों से अपने लोगों को लाभान्वित करना चाहते हैं। क्या सोनम की साधना में भी व्यवधान आएगा ? क्या सोनम हार जायेंगे ? क्या ये देश सोनम के साथ खड़ा होगा ? ये ऐसे तमाम सवाल हैं जो केवल दिल्ली की केंद्रीय सत्ता से ही नहीं बल्कि सभी राजनितिक दलों और आम जनता से किये जा रहे है।  क्या आप सोनम के साथ हैं ?<br /><strong>@ राकेश अचल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139823/delhi-people-listen-to-sonam</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139823/delhi-people-listen-to-sonam</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Mar 2024 16:23:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/65f904a09def6-sonam-wangchuk-192103883-16x9.webp"                         length="42470"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल की गिरफ्तारी पर आप पार्टी का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र  प्रभात।एसडी सेठी।</strong></p>
<p>  के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी की  रिमांड और गिरफ्तारी के खिलाफ मंगलवार को नई दिल्ली स्थित पटेल चौक पर आम आदमी पार्टी के सैंकडों कार्यकर्ताओ ने जबरदस्त प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट किया। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल बडी संख्या में शामिल  महिलाओ के उग्र प्रदर्शन पर पुलिस नें प्रदर्शन कर रहीं महिलाओ को हिरासत में ले लिया। इस बीच कोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल की 28 मार्च तक रिमांड को बडा दिया गया है। वहीं दूसरी।</p>
<p>वहीं केजरीवाल के ईडी की रिमांड के बावजूद पानी एवं सीवर की परेशानी पर लोगों की शिकायतों पर तुरंत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139820/aap-partys-demonstration-on-kejriwals-arrest"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240326_135825_dailyhunt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र  प्रभात।एसडी सेठी।</strong></p>
<p> के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी की  रिमांड और गिरफ्तारी के खिलाफ मंगलवार को नई दिल्ली स्थित पटेल चौक पर आम आदमी पार्टी के सैंकडों कार्यकर्ताओ ने जबरदस्त प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट किया। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल बडी संख्या में शामिल  महिलाओ के उग्र प्रदर्शन पर पुलिस नें प्रदर्शन कर रहीं महिलाओ को हिरासत में ले लिया। इस बीच कोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल की 28 मार्च तक रिमांड को बडा दिया गया है। वहीं दूसरी।</p>
<p>वहीं केजरीवाल के ईडी की रिमांड के बावजूद पानी एवं सीवर की परेशानी पर लोगों की शिकायतों पर तुरंत कारवाई के आदेश जारी करने को लेकर खासी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने ईडी को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी सरकारी फाइल किसी भी सूरत में सीएम अरविंद केजरीवाल के हस्ताक्षर के लिए नहीं आनी चाहिए। लेकिन हैरत की बात है कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद स्वास्थ्य से संबंधित मौहल्ला क्लिनिक से जुडी शिकायतों के निपटारे  पर एक-बार फिर केजरीवाल नें आदेश दिए।       </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/screenshot_20240326_135657_dailyhunt.jpg" alt="Screenshot_20240326_135657_Dailyhunt"></img>  </p>
<p>इससे पहले आज मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के आवास पर आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन करने की बात थी। लेकिन पुलिस द्वारा पीएम आवास पर प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी गई। पुलिस द्वारा पीएम  आवास पर प्रदर्शन  को लेकर कर्तव्य पथ ,समेत पटेल चौंक, राजीव चौक मैट्रो स्टेशनों की एंट्री व निकास  गेट को बंद  कर दिए गए।  लेकिन आप के सैंकडों  कार्यकर्ताओ का हुजूम  पटेल चौंक तक पहुंच गया।</p>
<p>प्रदर्शन करने वालों में महिलाओ की संख्उया अधिक थी।न्होने वहीं पर ही प्रदर्शन कर अपनी गिरफ्तारियां दी। उल्लेखनीय है कि अगामी 31  मार्च को  नई दिल्ली स्थित  रामलीला मैदान में  इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस और आप पार्टी ने महा रैली करने का फैंसला किया है। उस दिन आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार के खिलाफ तगडा आंदोलन खडा करने का इरादा किया है। दूसरी तरफ आज शनिवार को ही नई दिल्ली में भाजपा के सैंकडों कार्यकर्ताओ द्वारा सीएम अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139820/aap-partys-demonstration-on-kejriwals-arrest</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139820/aap-partys-demonstration-on-kejriwals-arrest</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Mar 2024 16:10:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/screenshot_20240326_135825_dailyhunt.jpg"                         length="141259"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली पुलिस के खाकी रिश्वतखौर सीबीआई के अंटे चढे, 5 महीने में दर्जन अरेस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>एस.डी.सेठी। </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">दिल्ली। देश की राजधानी  पुलिस के दर्जन से ऊपर कारिंदे पिछले- 4-5 महीने में ही रिश्वत  लेते हुए सीबीआई के हत्थे  चढ चुके हैं। पुलिस के द्वारा रिश्वत वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे दिल्ली पुलिस की छवि पर बट्टा लग रहा है। इसके अलावा पुलिस वालों से भी वसूली के मामले भी सामने आए हैं। बता दें कि फरवरी -2022 में पुलिस वालों को ब्लैकमेल करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड हुआ था।जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर और उसका बेटा भी शामिल था।         </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">  </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">इस गैंग ने कई पुलिसकर्मियों से वसूली की थी। वहीं अब ये हालात</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139421/delhi-polices-khaki-bribe-eaters-trouble-cbi-dozen-arrested-in-5"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240315_161245_google.jpg" alt=""></a><br /><div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"><strong>एस.डी.सेठी। </strong></div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">दिल्ली। देश की राजधानी  पुलिस के दर्जन से ऊपर कारिंदे पिछले- 4-5 महीने में ही रिश्वत  लेते हुए सीबीआई के हत्थे  चढ चुके हैं। पुलिस के द्वारा रिश्वत वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे दिल्ली पुलिस की छवि पर बट्टा लग रहा है। इसके अलावा पुलिस वालों से भी वसूली के मामले भी सामने आए हैं। बता दें कि फरवरी -2022 में पुलिस वालों को ब्लैकमेल करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड हुआ था।जिनमें एक सब-इंस्पेक्टर और उसका बेटा भी शामिल था।         </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">इस गैंग ने कई पुलिसकर्मियों से वसूली की थी। वहीं अब ये हालात है कि सीबीआई के द्वारा रंगे हाथ पकडने के मामले बढने से वाकई हालत गंभीर  है।जाहिर है कि थाना लेबल पर घूसखोरी टाॅप पर है। दरअसल रिश्वती मामले में हर कोई  आम शख्स सीबीआई तक नहीं पहुंच पाता है।कई मामलों में पीडित कानूनी पचडों से बचने या खुद गलत होने से शिकायत नहीं करता। उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्वी डिस्ट्रिक्ट के वेलकम थाने में सीबीआई ने रेड की। एक हेड कांस्टेबल प्रदीप 13000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा गया।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">यह हवलदार अवैध परमिट बस चलाने के लिए पैसे वसूलता था। इसी कडी मे बीते महज 5 महीने में ही सीबीआई द्वारा 5000 रूपये से लेकर 5 लाख रूपये तक की रिश्वत वसूलते 10 से ज्यादा दिल्ली पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रिश्वतखोरी के मामलों पर महकमें के रिटायर्ड पुलिस अफसर का कहना है कई मर्तबा पुलिसकर्मियों  पर रिश्वत के आरोप लगते रहते हैं।कई मामलों में जांच अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए आरोप लगाए जाते है।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">लेकिन सीबीआई के द्वारा रंगे हाथ पकडने के बढ रहे मामले वाकई खासे गंभीर हैं। इससे महकमें की छवि और भरोसे पर भी प्रभाव पडता है। लेटस्ट 12 मार्च को वेलकम थाने के हवलदार प्रदीप तौमर को 13 हजार रूपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने पकडा था। 25 फरवरी नंद नगरी थाने  के हेडकांस्टेबल पंकज को  40 हजार रूपये रिश्वत लेते पकडा।वह अवैध निर्माण के बूते रिश्वत वसूल रहा था। 15 फरवरी को हौजखास थाने के सब-इंस्पेक्टर को 5 हजार रूपये रिश्वत लेते दबोचा गया।</div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">एएसआई स्कूटर वापस दिलाने के लिए पीडित से रिश्वत वसूल रहा था।8- फरवरी को जामिया नगर पुलिस स्टेशन के एसआई को चोरी के केस में कमजोर धारा लगाने के लिए 45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया।10 फरवरी को कोतवाली दरियागंज ट्रैफिक सर्किल के हेडकांस्टेबल अमन को कूडा-कचरा उठाने वाले गाडी मालिक से 5000 रूपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने पकडा। 5 जनवरी को सागर पुर थाने में तैनात एएसआई हरबंश लाल को अरेस्ट नहीं करने की ऐवज में 1 लाख रूपये की रिश्वत डिमांड केस में 20 हजार रूपये लेते सीबीआई ने रंगे हाथों पकडा। </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr"> </div>
<div class="gmail_attr" dir="ltr">वहीं 29 दिसंबर को सोनिया बिहार थाने में तैनात हेडकांस्टेबल रवींद्र सिंह राठी और कांस्टेबल जितेंद्र को अवैध कंस्ट्रक्शन करने के लिए 8000 रूपये लेते सीबीआई ने पकडा, 7 दिसंबर को आनंद विहार बस अड्डे के बाहर बस खडी करने के लिए 5000 रूपये  मंथली लेने के आरोप में सीबीआई ने हेडकांस्टेबल अमरपाल  और दलाल को दबोचा। 13 नवंबर को नई  दिल्ली के बाराखंभा रोड में दर्ज एक केस से बचाने के लिए एएसआई राजेश यादव  ने 4.5 लाख रूपये रिश्वत की डिमांड की। जिसमें राजेश यादव और वरूण चींचीं पकडे गए। ऐसे और भी कई मामले हैं जहां रिश्वत के बल पर अवैध को वैध कर दिया गया।</div>
<div>
<div class="gmail_quote">
<div>
<div class="gmail_quote">
<div>
<div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139421/delhi-polices-khaki-bribe-eaters-trouble-cbi-dozen-arrested-in-5</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139421/delhi-polices-khaki-bribe-eaters-trouble-cbi-dozen-arrested-in-5</guid>
                <pubDate>Fri, 15 Mar 2024 21:44:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/screenshot_20240315_161245_google.jpg"                         length="248970"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओला कैब ड्राइवर से सावधान, पर्दाफाश करतूत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p><strong>राजधानी दिल्ली</strong></p>
<p><strong>एसडी सेठी।</strong> वर्तमान में लोगों के आराम का हमसफर बनी ओला कैब ड्राइवर की डरावनी हरकत का खुलासा हुआ है। पीडित ने आम लोगों को भी आनलाइन कैब बुकिंग करवाने वालों से लिंक्ड पर शेयर कर सावधान रहने को कहा है। राजधानी दिल्ली के रहने वाले पीडित शख्स को ओला ड्राइवर ने ना सिर्फ बच्चे के सामने पीटा बल्कि लूटपाट को अंजाम देने की कोशिश भी की । हैरानी की बात है कि तमाम सुरक्षा का तामझाम बखारने  वाली कंपनी ओला ने मामले पर कोई कारवाई नहीं की है।</p>
<p>राजधानी दिल्ली के रहने वाले पीडित शख्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139121/beware-of-exposing-the-misdeeds-of-ola-cab-driver"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/img-20240303-wa0057.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p><strong>राजधानी दिल्ली</strong></p>
<p><strong>एसडी सेठी।</strong> वर्तमान में लोगों के आराम का हमसफर बनी ओला कैब ड्राइवर की डरावनी हरकत का खुलासा हुआ है। पीडित ने आम लोगों को भी आनलाइन कैब बुकिंग करवाने वालों से लिंक्ड पर शेयर कर सावधान रहने को कहा है। राजधानी दिल्ली के रहने वाले पीडित शख्स को ओला ड्राइवर ने ना सिर्फ बच्चे के सामने पीटा बल्कि लूटपाट को अंजाम देने की कोशिश भी की । हैरानी की बात है कि तमाम सुरक्षा का तामझाम बखारने  वाली कंपनी ओला ने मामले पर कोई कारवाई नहीं की है।</p>
<p>राजधानी दिल्ली के रहने वाले पीडित शख्स किरण वर्मा के मुताबिक वह दिल्ली एयरपोर्ट किसी को लेने जा रहे थे। उन्होने ओला की कार बुक की।  बुकिंग पर एक ओला ड्राइवर आया और उसने राइड कैंसिल करने और फिर कैश पेमेंट के लिए कहा। किरण वर्मा ने इससे इन्कार कर दिया। इसके बाद वह ना चाहते हुए भी ड्राइवर राइड लेकर चल पडा। लेकिन गलत दिशा में जाने लगा। इस पर किरण ने उसे टोका तो उसने बताया उधर से ट्रैफिक ज्यादा है। जाम है।</p>
<p>ये रास्ता ठीक है।पीडित किरण के मुताबिक वह कुछ दूर गया और गाडी रोककर अधिक पैसे की डिमांड करने लगा।उसके चिल्लाने से मेरा छोटा 6 साल का बेटा डर गया। हम दोनो कैब से बाहर आ गए। और ओला कस्टमर केयर और पुलिस को फोन करने लगे।  किरण ने जब पुलिस और ओला कस्टमर्स केयर को काॅल करना शुरू किया तो ड्राइवर तेजी से बाहर निकला और बैग छीन लिया और हाथापाई के साथ  ,थप्पड भी मारने लगा। पीडित किरण ने बताया कि इसी दौरान वहां एक सज्जन पहुंचे जो कैब ड्राइवर थे। मैने कस्टमर्स केयर पर बात की।तो मुझे सुझाव दिया गया कि मैं कोई पेमेंट ना करू, ना ही ड्राइवर से बात करू। </p>
<p>पीडित किरण वर्मा ने ओला हेल्पलाइन पर भी किसी प्रकार के अपशब्दों का प्रयोग नही किया।  पर ड्राइवर भडक गया। दरअसल फोन लाउड स्पीकर पर था।और वह बातचीत सुन रहा था। इतने में ड्राइवर ने फिर से थप्पड मारा और हाथापाई करने लगा। हालांकि दूसरे सज्जन ड्राइवर ने उसे रोका। इसी बीच ड्राइवर ने फोन करके दो बदमाशों को भी स्पाॅट पर बुला लिया। किरण के मुताबिक दरअसल उनका अंदेशा /योजना लूटपाट करने की थी। लेकिन पीडित की साइड लेने वाले तीन चार लोगों के होने की वजह से बाइक से आए बदमाश भाग निकले। पीडित किरण वर्मा ने यूपी पुलिस को फोन किया ,लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।</p>
<p>कुछ देर बाद ही पीडित की शिकायत को भी ओला नें बंद कर दिया। वहीं दूसरे सज्जन ड्राइवर ने ओला कंपनी की असलियत  से रूबरू कराते हुए  बताया कि ड्राइवर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।बस उसे कंपनी ब्लेक लिस्ट कर देगी। अब ये हालात है कि इस घटना को  एक महीने से ज्यादा का वक्त  बीत चुका है।लेकिन ओला कंपनी की ओर से मुझे आजतक कोई कांट्रैक्ट नही किया गया। थक-हार कर इस घटना को Linked  पर सांझा किया है। पीडित का कहना है कि सांझा करने का मकसद सिर्फ इतना है कि ओलाआनलाइन का प्रयोग बंद कर दें। क्योंकि ये आपकी सुरक्षा के साथ खिलवाड करते हैं। Linked पर पीडित ने लिखा कि यह पोस्ट वायरल हो रही है और ओला पर सवाल उठाए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139121/beware-of-exposing-the-misdeeds-of-ola-cab-driver</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139121/beware-of-exposing-the-misdeeds-of-ola-cab-driver</guid>
                <pubDate>Sun, 03 Mar 2024 20:44:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/img-20240303-wa0057.jpg"                         length="68370"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में रेल पटरियों पर महीने में 45 लोग जान गवां देते हैं।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p><strong> एसडी सेठी।</strong>    राजधानी दिल्ली की उम्र से लम्बी रेल पटरियों को  सडक की तरह इस्तेमाल करने वाले राहगीर अपनी जिंदगी को मौत के हवाले कर देते हैं। रेल सूत्रो के मुताबिक हफ्ते में करीब 11 से ज्यादा लोग जान गंवा देते हैं। सूत्रो के मुताबिक ट्रेन की चपेट में आकर बीते  साल भर में  करीब 688 लोग अपनी जान गंवा चुके है।इनमें 51 महिलाए और 576 पुरूष शामिल है।अब अगर इस वर्ष की बात करे तो फरवरी,2024 तक 61 लोग ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके है। इनमें महिलाओ की मौत का आंकडा 7</p>
<p>रेल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139066/45-people-lose-their-lives-every-month-on-the-railway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/screenshot_20240229_191813_chrome.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p><strong> एसडी सेठी।</strong>  राजधानी दिल्ली की उम्र से लम्बी रेल पटरियों को  सडक की तरह इस्तेमाल करने वाले राहगीर अपनी जिंदगी को मौत के हवाले कर देते हैं। रेल सूत्रो के मुताबिक हफ्ते में करीब 11 से ज्यादा लोग जान गंवा देते हैं। सूत्रो के मुताबिक ट्रेन की चपेट में आकर बीते  साल भर में  करीब 688 लोग अपनी जान गंवा चुके है।इनमें 51 महिलाए और 576 पुरूष शामिल है।अब अगर इस वर्ष की बात करे तो फरवरी,2024 तक 61 लोग ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके है। इनमें महिलाओ की मौत का आंकडा 7 है और जान गंवाने वाले  पुरूषों  की संख्या 54 है। वहीं रेल चपेट में आने से विक्लांग होने वाले भी काफी है।</p>
<p>रेल पटरियों पर दौडती मौत के मामले अधिकतर बडे स्टेशनों पर रेल पटरियों को लांघ कर शाॅट कट अपनाने वाले ज्यादा हैं। इन स्टेशनों में हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली कैंट,सब्जी मंडी, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली ,सराय रोहिल्ला,आनंद विहार प्रमुख हैं। वहीं मौत को देने वाले स्टेशनों में छोटे स्टेशन भी पीछे नहीं है। जहां सबसे ज्यादा हादसे गिनती में है। इनमें आदर्श नगर, नरेला, नांगलोई, शाहदरा, घेरा, बिजवासन,औखला, मंगोल पुरी, जैसे स्टेशन प्रमुख है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/screenshot_20240229_192151_google.jpg" alt="Screenshot_20240229_192151_Google"></img>वहीं इन रेल हादसे में पुलिस महकमें के सूत्रों का कहना है कि ट्रेन की चपेट में आने वाले अधिकतर लोग रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बसी झोपड पट्टिय है। रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले हजारों लोगों का रात बे रात रेल पटरियों पर आवागमन चलता रहता है।  औधौगिक एरिया में काम करने वाले लोग इन्हीं रेल ट्रैक का इस्तेमाल पैदल आवागमन के करते हैं। काम पर जाते और लौटते वक्त वह रेल ट्रैक पर हादसे का शिकार बन जाते है। हालांकि इस बावत पुलिस महकमें के आलाधिकारी का कहना है कि पुलिस और रेलवे पुलिस मिलकर निरंतर का करते रहते हैं।</p>
<p>हादसे वाले क्षेत्रों को बाकायदा चिंहित  किया जाता है। वहीं स्टेशन पर अनाऊंसमेंट कर सचेत करने,साइन बोर्ड लगाकर लोगों को सावधान किया जाता है। रेलवे अथॉरटी से रेलवे ट्रैक पर  झुग्गी बस्तियों में रहने वालों की सुरक्षा के तहत आवाजाही को रोकने के लिए तार लगाने  और दिवार बनाने की लगातार सिफारिश करते हैं। लेकिन शाॅट कट के कारण लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।</p>
<p> लेकिन हद है कि ट्रैक पर आवाजाही के लिए कोई रोक- टोक नहीं है। बस्तियों के आसपास फुटओवर ब्रिज बनाने चाहिए। वहीं रेलवे पटरियों के आस-पास किसी भी झुग्गी बस्ती को बसाने से पहले सख्ती से रोकना चाहिए। तभी रोज-ब-रोज रेलवे ट्रैक पर मरने वालों के हादसे पर लगाम लगाना मुश्किल हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/139066/45-people-lose-their-lives-every-month-on-the-railway</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/139066/45-people-lose-their-lives-every-month-on-the-railway</guid>
                <pubDate>Fri, 01 Mar 2024 16:38:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-03/screenshot_20240229_191813_chrome.jpg"                         length="21899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        