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                <title>yamuna expressway - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>yamuna expressway RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यमुना एक्सप्रेसवे पर 15 फरवरी से फिर फर्राटा भरेंगे दौड़ेंगे वाहन, बढ़ी स्पीड लिमिट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<blockquote class="format1">ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर 15 फरवरी से वाहनों की अधिकतम गति सीमा फिर से बढ़ा दी जाएगी। कोहरे के कारण पिछले दो महीनों से लागू की गई अस्थायी स्पीड लिमिट को अब मौसम में सुधार के बाद समाप्त किया जा रहा है।</blockquote>
<p style="text-align:justify;">कोहरे और बढ़ते हादसों को देखते हुए 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई थी। वहीं, भारी वाहनों की रफ्तार पर भी नियंत्रण लगाया गया था।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अब लागू होगी नई स्पीड लिमिट</strong></h3>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169671/vehicles-will-run-again-on-yamuna-expressway-from-february-15"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/yamuna-expressway-noida-to-agra.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<blockquote class="format1">ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर 15 फरवरी से वाहनों की अधिकतम गति सीमा फिर से बढ़ा दी जाएगी। कोहरे के कारण पिछले दो महीनों से लागू की गई अस्थायी स्पीड लिमिट को अब मौसम में सुधार के बाद समाप्त किया जा रहा है।</blockquote>
<p style="text-align:justify;">कोहरे और बढ़ते हादसों को देखते हुए 15 दिसंबर से 15 फरवरी तक एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा से घटाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई थी। वहीं, भारी वाहनों की रफ्तार पर भी नियंत्रण लगाया गया था।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अब लागू होगी नई स्पीड लिमिट</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>15 फरवरी की रात 12 बजे के बाद:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p>हल्के वाहन: अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा</p>
</li>
<li>
<p>भारी वाहन: अधिकतम 60 किमी प्रति घंटा</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">की रफ्तार से चल सकेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>मौसम में सुधार के बाद लिया गया फैसला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यमुना एक्सप्रेसवे की सहायक महाप्रबंधक जेके शर्मा ने बताया कि यह मार्ग ग्रेटर नोएडा से आगरा तक जाता है और यमुना नदी के किनारे से होकर गुजरता है। सर्दियों में यहां घना कोहरा छा जाता है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब मौसम साफ होने और दृश्यता बेहतर होने के चलते गति सीमा को सामान्य किया जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>यात्रियों को मिलेगी राहत</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, यदि मौसम अचानक खराब नहीं हुआ तो 15 फरवरी के बाद पुराने नियम लागू रहेंगे। इससे दिल्ली-एनसीआर से आगरा, मथुरा और आसपास के जिलों में यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पीड लिमिट बढ़ने से सफर कम समय में पूरा होगा, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। हालांकि, प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे तेज रफ्तार के साथ-साथ सावधानी भी बरतें और यातायात नियमों का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169671/vehicles-will-run-again-on-yamuna-expressway-from-february-15</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 17:10:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेसवे पर शाम 5 बजे के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रोक, जानें क्या है वजह</title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Yamuna Expressway: यमुना</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">घने</span> <span class="cf0">कोहरे</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">बढ़ते</span> <span class="cf0">सड़क</span> <span class="cf0">हादसों</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">देखते</span> <span class="cf0">हुए</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">कड़ा</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">रविवार</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">ट्रैक्टर-ट्रॉली</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">संचालन</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">प्रतिबंध</span> <span class="cf0">लगा</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">गया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">शाम</span><span class="cf0"> 5 </span><span class="cf0">बजे</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">यदि</span> <span class="cf0">कोई</span> <span class="cf0">ट्रैक्टर-ट्रॉली</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पर</span><span class="cf0"> चलते हुए पाई गई, तो उसे </span><span class="cf0">क्रेन</span><span class="cf0"> की मदद से खिंचवाकर नीचे उतार दिया जाएगा।</span></p>
<p><span class="cf0">यमुना </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> के वरिष्ठ प्रबंधक </span><span class="cf0">जे.के</span><span class="cf0">. शर्मा ने बताया कि हाल ही में मथुरा में हुए सड़क हादसे के बाद </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> पर विशेष निगरानी बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि </span><span class="cf0">ट्रैक्टर-ट्रॉली</span> <span class="cf0">अक्सर</span><span class="cf0"> दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163991/yamuna-expressway-ban-on-tractor-trolley-after-5-pm-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/yamuna-expressway-(1).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Yamuna Expressway: यमुना</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">घने</span> <span class="cf0">कोहरे</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">बढ़ते</span> <span class="cf0">सड़क</span> <span class="cf0">हादसों</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">देखते</span> <span class="cf0">हुए</span> <span class="cf0">प्रशासन</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">कड़ा</span> <span class="cf0">कदम</span> <span class="cf0">उठाया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">रविवार</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">ट्रैक्टर-ट्रॉली</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">संचालन</span> <span class="cf0">पर</span> <span class="cf0">प्रतिबंध</span> <span class="cf0">लगा</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">गया</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">शाम</span><span class="cf0"> 5 </span><span class="cf0">बजे</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">बाद</span> <span class="cf0">यदि</span> <span class="cf0">कोई</span> <span class="cf0">ट्रैक्टर-ट्रॉली</span> <span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span> <span class="cf0">पर</span><span class="cf0"> चलते हुए पाई गई, तो उसे </span><span class="cf0">क्रेन</span><span class="cf0"> की मदद से खिंचवाकर नीचे उतार दिया जाएगा।</span></p>
<p><span class="cf0">यमुना </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> के वरिष्ठ प्रबंधक </span><span class="cf0">जे.के</span><span class="cf0">. शर्मा ने बताया कि हाल ही में मथुरा में हुए सड़क हादसे के बाद </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> पर विशेष निगरानी बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि </span><span class="cf0">ट्रैक्टर-ट्रॉली</span> <span class="cf0">अक्सर</span><span class="cf0"> दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। ये वाहन न सिर्फ धीमी गति से चलते हैं, बल्कि अधिकतर </span><span class="cf0">ओवरलोड</span><span class="cf0"> भी होते हैं। इसके अलावा इनमें पीछे की ओर प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं होती, जिससे तेज रफ्तार से आने वाले </span><span class="cf0">वाहनों</span><span class="cf0"> के चालकों को इन्हें समय पर देख पाना मुश्किल हो जाता है।</span></p>
<p><span class="cf0">अधिकारियों के अनुसार, </span><span class="cf0">कोहरे</span><span class="cf0"> के दौरान दृश्यता कम होने पर ऐसे वाहन गंभीर हादसों का कारण बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शाम 5 </span><span class="cf0">बजे</span><span class="cf0"> के बाद </span><span class="cf0">ट्रैक्टर-ट्रॉली</span><span class="cf0"> को </span><span class="cf0">टोल</span><span class="cf0"> बूथ से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, यदि </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> पर दृश्यता 50 मीटर से कम होती है, तो वाहनों को रोककर </span><span class="cf0">कॉनवॉय</span> <span class="cf0">सिस्टम</span><span class="cf0"> के तहत सुरक्षित रूप से निकाला जाएगा। रविवार को इसी नियम के तहत वाहनों को चलाया गया।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">स्पीड</span> <span class="cf0">लिमिट</span><span class="cf0"> भी की गई कम</span></strong></p>
<p><span class="cf0">कोहरे</span><span class="cf0"> के मौसम में सुरक्षा बढ़ाने के लिए </span><span class="cf0">गौतमबुद्ध</span><span class="cf0"> नगर ट्रैफिक पुलिस पहले ही यमुना </span><span class="cf0">एक्सप्रेसवे</span><span class="cf0"> सहित जिले की प्रमुख सड़कों पर </span><span class="cf0">स्पीड</span> <span class="cf0">लिमिट</span><span class="cf0"> घटा चुकी है। बदली गई गति सीमा 15 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 10:28:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ganga-Yamuna Expressway: गंगा–यमुना लिंक एक्सप्रेसवे को मिली रफ्तार, जनवरी से जमीन खरीद शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Ganga-Yamuna Expressway: ग्रेटर नोएडा में गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इसके लिए 16 गांवों की करीब 740 एकड़ भूमि खरीदने का सर्वे पूरा कर लिया है। जनवरी से जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह 74.3 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी सीधे जोड़ेगा।</p>
<h3><strong>यूपीडा करेगा निर्माण</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इस लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण करेगा। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के बुलंदशहर जिले के सियाना क्षेत्र (किमी 44.3) से शुरू होकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163415/ganga-yamuna-expressway-ganga-yamuna-link-expressway-gets-momentum-land-purchase-starts"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ganga-yamuna-expressway.jpg" alt=""></a><br /><p>Ganga-Yamuna Expressway: ग्रेटर नोएडा में गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इसके लिए 16 गांवों की करीब 740 एकड़ भूमि खरीदने का सर्वे पूरा कर लिया है। जनवरी से जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह 74.3 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी सीधे जोड़ेगा।</p>
<h3><strong>यूपीडा करेगा निर्माण</strong></h3>
<p>उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इस लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण करेगा। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के बुलंदशहर जिले के सियाना क्षेत्र (किमी 44.3) से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे के किमी 24.8 पर सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास जुड़ेगा। इसका लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा यीडा क्षेत्र में आएगा, जिसमें से करीब 9 किलोमीटर एलिवेटेड होगा।</p>
<p>स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, जिससे आसपास के गांवों और क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा। यीडा द्वारा खरीदी गई जमीन यूपीडा को सौंपी जाएगी और निर्माण कार्य भी यूपीडा ही कराएगा।</p>
<h3><strong>56 गांवों की जमीन होगी शामिल</strong></h3>
<p>पूरी परियोजना 56 गांवों की भूमि पर विकसित की जाएगी। इनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। बुलंदशहर जिले में 14 गांव खुर्जा तहसील के होंगे, जबकि शेष बुलंदशहर, सियाना और शिकारपुर तहसीलों में आएंगे। परियोजना पर कुल करीब 4000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि यीडा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण पर लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।</p>
<h3><strong>दिल्ली-मुंबई से आगरा तक कनेक्टिविटी होगी आसान</strong></h3>
<p>गंगा एक्सप्रेसवे के यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद मेरठ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा तक का सफर और अधिक सुगम हो जाएगा। इस लिंक के माध्यम से मेरठ से प्रयागराज तक भी सीधी सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और बढ़ेगी। साथ ही यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर 28, 29, 32 और 33 को भी सीधे जोड़ेगा।</p>
<h3><strong>इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित</strong></h3>
<p>लिंक एक्सप्रेसवे के लिए गौतमबुद्ध नगर जिले की जेवर तहसील के मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रहमनान, रबूपुरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा गांवों की जमीन ली जाएगी।</p>
<p>खुर्जा तहसील में अमानुल्लापुर उर्फ मारहरा, इनायतपुर उर्फ मधुपुरा, कपना, भगवानपुर, हसनपुर लडूकी, बीघेपुर, सनैता शफीपुर, भदौरा, वरतौली, खवरा, धरारी, दीनौल, खलसिया चूहरपुर, विचौला और धरांऊ शामिल हैं।<br />इसके अलावा बुलंदशहर तहसील के औरंगाबाद, हिंगथला उर्फ भावसी, चरौरा मुस्तफाबाद, सैदपुरा, इस्माइला, सराय छबीला, अडौली, दोहली, चिरचिटा, मामन खुर्द, मामनकुलां, भाईपुर, ऐमनपुर, कलौली, बंगला पूठरी, पिपाला इखलासपुर, मूडीवकापुर और चिरचिटा की जमीन भी परियोजना में आएगी।</p>
<h3><strong>यीडा सीईओ का बयान</strong></h3>
<p>यीडा के सीईओ आर.के. सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 74 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाना है। इसके लिए यीडा क्षेत्र के 16 गांवों की 740 एकड़ भूमि की जरूरत है। सर्वे पूरा हो चुका है और जनवरी से जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 10:57:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौरसन्स पर अवैध वसूली के आरोप तेज, खरीदारों ने YEIDA से की तुरंत कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<blockquote class="format2"><strong>गौतमबुद्ध नगर/यमुना एक्सप्रेसवे:</strong></blockquote>
<p><br />यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-18 स्थित <strong>गौर यमुना सिटी</strong> में रहने वाले सैकड़ों प्लॉट मालिकों ने बिल्डर <strong>गौरसन्स</strong> के खिलाफ अवैध वसूली, दबाव और मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है। निवासियों का कहना है कि बिल्डर ने “<strong>कंस्ट्रक्शन पेनल्टी</strong>” के नाम पर लाखों रुपये की वसूली शुरू कर दी है, जबकि <strong>YEIDA प्राधिकरण</strong> ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की पेनल्टी <em>प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित ही नहीं है</em>।</p>
<hr />
<h2>🔶 कैसे शुरू हुआ विवाद?</h2>
<p><strong>निवासियों के अनुसार:</strong></p>
<ul>
<li>
<p>उन्होंने <strong>2018 से 2021</strong> के बीच गौरसन्स से प्लॉट खरीदे।</p>
</li>
<li>
<p>इस अवधि में YEIDA के कुछ मामलों</p></li></ul>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162552/accusations-of-illegal-recovery-on-gaursons-intensified-buyers-demand-immediate"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/gaur-yamuan-city.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<blockquote class="format2"><strong>गौतमबुद्ध नगर/यमुना एक्सप्रेसवे:</strong></blockquote>
<p><br />यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-18 स्थित <strong>गौर यमुना सिटी</strong> में रहने वाले सैकड़ों प्लॉट मालिकों ने बिल्डर <strong>गौरसन्स</strong> के खिलाफ अवैध वसूली, दबाव और मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है। निवासियों का कहना है कि बिल्डर ने “<strong>कंस्ट्रक्शन पेनल्टी</strong>” के नाम पर लाखों रुपये की वसूली शुरू कर दी है, जबकि <strong>YEIDA प्राधिकरण</strong> ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की पेनल्टी <em>प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित ही नहीं है</em>।</p>
<hr />
<h2>🔶 कैसे शुरू हुआ विवाद?</h2>
<p><strong>निवासियों के अनुसार:</strong></p>
<ul>
<li>
<p>उन्होंने <strong>2018 से 2021</strong> के बीच गौरसन्स से प्लॉट खरीदे।</p>
</li>
<li>
<p>इस अवधि में YEIDA के कुछ मामलों और कोविड की वजह से रजिस्ट्री प्रक्रियाएं लंबी खिंच गईं।</p>
</li>
<li>
<p>बाद में किसानों के मुआवजे की राशि के रूप में <strong>₹1,20,000 प्रति प्लॉट</strong> अतिरिक्त लिया गया, जिसे अधिकांश प्लॉट मालिकों ने समय से जमा भी किया।</p>
</li>
<li>
<p>रजिस्ट्री होने और निर्माण शुरू होने के बाद अब बिल्डर की ओर से <strong>नई मांगें</strong> सामने आने लगीं।</p>
</li>
</ul>
<hr />
<h2>🔶 कंस्ट्रक्शन पेनल्टी का बड़ा खेल?</h2>
<p>निवासियों का आरोप है कि बिल्डर अब:</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/g.jpeg.jpg" alt="गौरसन्स पर भारी अवैध वसूली के आरोप, YEIDA से त्वरित कार्रवाई की मांग — प्लॉट मालिकों में गहरी नाराज़गी, कई मामलों में RERA व अदालत की शरण" width="890" height="593"></img></p>
<ul>
<li>
<p><strong>₹2 लाख से ₹10 लाख</strong> तक की “कंस्ट्रक्शन पेनल्टी”</p>
</li>
<li>
<p>बिना किसी आधिकारिक आदेश</p>
</li>
<li>
<p>बिना YEIDA की अनुमति</p>
</li>
<li>
<p>और बिना किसी लिखित कारण</p>
</li>
</ul>
<p>मांग रहा है।</p>
<p>लोगों का कहना है कि यह पेनल्टी पूरी तरह “<strong>मनमानी और अवैध</strong>” है, क्योंकि YEIDA की ओर से इस तरह की कोई वित्तीय देनदारी अधिसूचित ही नहीं है।</p>
<p>YEIDA के अधिकारियों से निवासियों ने लिखित उत्तर भी मांगा, जिसमें स्पष्ट किया गया कि <strong>प्राधिकरण की ओर से ऐसी कोई पेनल्टी नहीं लगाई गई।</strong></p>
<hr />
<h2>🔶 NOC और बिजली कनेक्शन रोकने के आरोप</h2>
<p>निवासियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर:</p>
<ul>
<li>
<p>पेनल्टी न चुकाने वालों का <strong>NOC रोक रहा है</strong></p>
</li>
<li>
<p>घर बन चुके प्लॉटों का <strong>कम्प्लीशन सर्टिफिकेट</strong> जारी नहीं कर रहा</p>
</li>
<li>
<p>और सबसे गंभीर रूप से <strong>बिजली कनेक्शन देने से भी मना</strong> कर रहा है</p>
</li>
</ul>
<p>जिससे कई परिवार निर्माण पूरा करने के बाद भी अपने घरों में शिफ्ट नहीं कर पा रहे।</p>
<p> </p>
<p>एक पीड़ित प्लॉट मालिक ने बताया:</p>
<blockquote>
<p>“बिल्डर के ऑफिस में साफ कह दिया जाता है—पेनल्टी दो, तभी NOC और बिजली मिलेगी। यह खुला धमकी भरा व्यवहार है।”</p>
</blockquote>
<hr />
<h2>🔶 RERA में दर्ज शिकायतें, अदालतों में लंबित केस</h2>
<p>कई निवासियों ने इस मामले की शिकायत <strong>UP-RERA</strong> में की है, जहां कुछ पर सुनवाई भी शुरू हो चुकी है।<br />इसके अलावा:</p>
<ul>
<li>
<p>कई प्लॉट मालिकों ने <strong>सिविल अदालत</strong> में याचिकाएं दाखिल की हैं</p>
</li>
<li>
<p>कुछ मामलों में निवासियों ने <strong>कंज़्यूमर फोरम</strong> का दरवाज़ा भी खटखटाया है</p>
</li>
<li>
<p>कुछ लोग सामूहिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं</p>
</li>
</ul>
<p>निवासियों का कहना है कि बिल्डर ने <strong>बिल्डर-बायर एग्रीमेंट (BBA)</strong> में मौजूद एक अस्पष्ट क्लॉज का गलत इस्तेमाल कर अवैध वसूली का रास्ता बनाया है।</p>
<hr />
<h2>🔶 आर्थिक और मानसिक तनाव में खरीदार</h2>
<p>लोगों का कहना है कि:</p>
<ul>
<li>
<p>प्लॉट खरीदने के बाद पहले किसानों का मुआवजा,</p>
</li>
<li>
<p>फिर रजिस्ट्री की प्रक्रिया,</p>
</li>
<li>
<p>और अब अचानक लाखों रुपये की अतिरिक्त मांगे</p>
</li>
</ul>
<p>उन्हें गंभीर आर्थिक बोझ में धकेल रही हैं।</p>
<p>कई खरीदारों ने बताया कि वे होम लोन चुकाते हुए घर का निर्माण भी कर रहे थे, ऐसे में यह पेनल्टी <strong>किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं</strong>।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/gaur.png" alt="गौरसन्स पर भारी अवैध वसूली के आरोप, YEIDA से त्वरित कार्रवाई की मांग — प्लॉट मालिकों में गहरी नाराज़गी, कई मामलों में RERA व अदालत की शरण" width="873" height="582"></img></p>
<hr />
<h2>🔶 YEIDA से निवासियों की प्रमुख मांगें</h2>
<p>निवासियों ने YEIDA को ज्ञापन देकर इन मांगों पर कार्रवाई की अपील की है:</p>
<ol>
<li>
<p><strong>बिल्डर द्वारा की जा रही अवैध वसूली की जांच</strong></p>
</li>
<li>
<p>“कंस्ट्रक्शन पेनल्टी” को <strong>तुरंत निरस्त</strong> कर बिल्डर को रोकना</p>
</li>
<li>
<p>बिना पेनल्टी वसूले <strong>NOC और बिजली कनेक्शन जारी करने का आदेश</strong></p>
</li>
<li>
<p>बिल्डर के खिलाफ <strong>कड़ी दंडात्मक कार्रवाई</strong></p>
</li>
<li>
<p>प्रोजेक्ट की सभी वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं का <strong>ऑडिट</strong></p>
</li>
</ol>
<hr />
<h2>🔶 YEIDA की प्रतिक्रिया — जांच के संकेत</h2>
<p>YEIDA के कुछ अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से निवासियों को आश्वस्त किया है कि:</p>
<ul>
<li>
<p>शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है</p>
</li>
<li>
<p>आवश्यक दस्तावेज मंगाए जा रहे हैं</p>
</li>
<li>
<p>और यदि बिल्डर की गलती पाई गई, तो <strong>कठोर कार्रवाई</strong> की जाएगी</p>
</li>
</ul>
<p>हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं हुआ है।</p>
<hr />
<h2>🔶 समापन: निवासियों में रोष, कार्रवाई की प्रतीक्षा</h2>
<p>गौर यमुना सिटी के निवासी कहते हैं कि बिल्डर की मनमानी उनके सपनों का घर बसाने की प्रक्रिया को बेहद कठिन बना रही है। लोग चाहते हैं कि YEIDA और संबंधित विभाग हस्तक्षेप कर <strong>पारदर्शिता बहाल</strong> करें और खरीदारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करें।</p>
<p>निवासी एक स्वर में कहते हैं:</p>
<blockquote class="format2">वहाँ के लोगों का कहना है कि गौरसन्स पिछले 3 साल से सभी निवासियों से मेंटेनेंस चार्ज वसूल रहा है, जबकि बिल्डर द्वारा जो मूलभूत सुविधाएँ प्रदान की जानी चाहिए थीं, वे आज तक पूर्ण नहीं की गई हैं। न तो प्रोजेक्ट में आवश्यक सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराई गईं और न ही मेंटेनेंस के बदले कोई संतोषजनक सेवा दी गई। इस कारण वहाँ के निवासी गंभीर रूप से परेशान हैं और इसे स्पष्ट रूप से एक अनुचित वसूली बता रहे हैं।</blockquote>
<blockquote>
<p><strong>“हम नियमों के अनुसार सब कुछ दे चुके हैं। अब जो वसूली हो रही है, वह पूरी तरह अवैध है। YEIDA को हस्तक्षेप करना ही होगा।”</strong></p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/162552/accusations-of-illegal-recovery-on-gaursons-intensified-buyers-demand-immediate</link>
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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 20:08:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: यूपी में 307 करोड़ की लागत से बना बाईपास हुआ तैयार, जल्द मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>UP News: उतर प्रदेश के मथुरा जिले में नेशनल हाईवे-19 और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला 307 करोड़ रुपये की लागत से तैयार उत्तरी बाईपास बनकर लगभग पूरा हो गया है। इसके शुरू होने के बाद आगरा शहर में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी और फरह से खंदौली तक की दूरी घटकर केवल 30 किलोमीटर रह जाएगी। अब तक जहां यह सफर एक घंटे से अधिक का होता था, वहीं बाईपास शुरू होने के बाद यह दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय की जा सकेगी।</p>
<p>इस परियोजना की नींव वर्ष 2022 के अंत में रखी गई थी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159576/up-news-bypass-built-at-a-cost-of-rs-307"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/upnew-bypass.jpg" alt=""></a><br /><p>UP News: उतर प्रदेश के मथुरा जिले में नेशनल हाईवे-19 और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला 307 करोड़ रुपये की लागत से तैयार उत्तरी बाईपास बनकर लगभग पूरा हो गया है। इसके शुरू होने के बाद आगरा शहर में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी और फरह से खंदौली तक की दूरी घटकर केवल 30 किलोमीटर रह जाएगी। अब तक जहां यह सफर एक घंटे से अधिक का होता था, वहीं बाईपास शुरू होने के बाद यह दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय की जा सकेगी।</p>
<p>इस परियोजना की नींव वर्ष 2022 के अंत में रखी गई थी, जिसका निर्माण हिलवेज कंपनी ने किया है। इसके लिए मथुरा, महावन और सादाबाद तहसीलों के किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी, जिन्हें मुआवजा भी दिया गया। बाईपास में चार अंडरपास और यमुना नदी पर एक पुल बनाया गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में आसानी होगी।</p>
<p>बाईपास के किनारों पर सर्विस रोड और बाउंड्रीवाल भी बनाई जा रही है, ताकि बरसात में मिट्टी का कटान न हो। यह काम अंतिम चरण में है। उद्घाटन से पहले ही स्थानीय ग्रामीण इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जिससे उन्हें शहर के ट्रैफिक से राहत मिली है।</p>
<p>बाईपास चालू होने से मथुरा और आगरा दोनों शहरों में ट्रैफिक का दबाव घटेगा। ग्वालियर, जयपुर और फरीदाबाद से आने वाले वाहनों को अब शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल, हाइटेंशन लाइन की शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है, जिसके बाद अगले 15 से 20 दिनों में इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159576/up-news-bypass-built-at-a-cost-of-rs-307</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/159576/up-news-bypass-built-at-a-cost-of-rs-307</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 15:48:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/upnew-bypass.jpg"                         length="154154"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में ₹8,125.52 करोड़ के घोटाले पर सत्तारूढ़ भाजपा चुप।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="mail-message expanded">
<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।जेपी सिंह।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के अधीनस्थ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा)  में ₹8,125.52 करोड़ के घोटाले की सीएजी की रिपोर्ट 19 दिसंबर 2024 को जारी  हुई है। लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा इस पर चुप है।   </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट संख्या 7, वर्ष 2024 आयी है, जिसका शीर्षक है Performance Audit on the Working of Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA)। इसमें उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की नाकामियों और घोटालों का विस्तार से उल्लेख है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  रिपोर्ट में ₹8,125.52 करोड़ के वित्तीय नुकसान की बात कही</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैग</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149356/the-ruling-bjp-silent-on-the-%E2%82%B9-812552-crore-scam"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/images-(4).jpeg" alt=""></a><br /><div class="mail-message expanded">
<div class="mail-message-content collapsible zoom-normal mail-show-images">
<div class="clear">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।जेपी सिंह।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के अधीनस्थ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा)  में ₹8,125.52 करोड़ के घोटाले की सीएजी की रिपोर्ट 19 दिसंबर 2024 को जारी  हुई है। लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा इस पर चुप है।   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट संख्या 7, वर्ष 2024 आयी है, जिसका शीर्षक है Performance Audit on the Working of Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA)। इसमें उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की नाकामियों और घोटालों का विस्तार से उल्लेख है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> रिपोर्ट में ₹8,125.52 करोड़ के वित्तीय नुकसान की बात कही गई है, जो भूमि अधिग्रहण, परियोजना कार्यान्वयन, संपत्ति आवंटन और प्रशासनिक कुप्रबंधन में भ्रष्टाचार का संकेत देता है। अब सवाल ये है कि दिल्ली में AAP की पूर्व सरकार पर CAG रिपोर्ट के आधार पर जो भाजपा हमलावर है, वही भाजपा उत्तर प्रदेश की अपनी योगी सरकार में इतने बड़े घोटाले पर पूरी तरह चुप क्यों है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैग रिपोर्ट में 2005-06 से 2020-21 तक YEIDA की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई है, जिसमें कई स्तरों पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताएँ उजागर हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>1. भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ियाँ</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   कैग की उत्तर प्रदेश यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट संख्या 7/2024 के पृष्ठ संख्या 31-42 पर लिखा है कि योगी सरकार के प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 17(4) का दुरुपयोग किया गया, जिससे किसानों को उचित मुआवजा और कानूनी अपील के अधिकार से वंचित कर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैग रिपोर्ट के पेज 34 पर लिखा गया है: “YEIDA ने लगभग सभी मामलों में बिना उचित कारण आपातकालीन धारा का उपयोग किया, जिससे भूमि मालिकों को अपनी बात रखने का अधिकार नहीं मिला। इससे ₹188.64 करोड़ का नुकसान हुआ।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2. परियोजनाओं में वित्तीय अनियमितताएँ</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैग रिपोर्ट संख्या 7/2024 के पृष्ठ 47-63 पर लिखा है कि (योगी सरकार ने) नए बुनियादी ढांचे के विकास के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद कर दिए, लेकिन कई परियोजनाएँ अधूरी रह गईं।₹38.63 करोड़ का नुकसान हुआ, क्योंकि ठेकेदारों से आवश्यक परफॉर्मेंस गारंटी नहीं ली गई।</div>
<div style="text-align:justify;">कैग रिपोर्ट के पेज 57 पर उल्लेख है: “यीडा  ने भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) की गाइडलाइंस का पालन न करने के कारण ₹9.93 करोड़ का अनावश्यक खर्च किया।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>3. संपत्तियों की बिक्री में हेराफेरी।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;">कैग रिपोर्ट की पृष्ठ संख्या 65-82 और 78 पर दर्ज है कि “भूमि की कीमतें जानबूझकर कम रखी गईं। गलत मूल्य निर्धारण नीति के कारण, यीडा को ₹469.02 करोड़ का राजस्व घाटा हुआ।” औद्योगिक और व्यावसायिक भूमि गलत कीमत पर बेची गई, जिससे ₹175.55 करोड़ का घाटा हुआ। ₹95.59 करोड़ का नुकसान हुआ, क्योंकि स्टांप ड्यूटी में छूट लेने के बावजूद बैंक गारंटी जमा नहीं कराई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>4. प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही का अभावः</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या 155-167-162 पर तो साफ लिखा है कि “यीडा  ने कई वर्षों तक यूपी सरकार को अपनी वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही की भारी कमी हुई। कई अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वित्तीय रिकॉर्ड और आंतरिक डेटा को डिजिटल रूप से सही तरीके से नहीं रखा गया, जिससे पारदर्शिता की भारी कमी उजागर हुई।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पहले भी आयी हैं भ्रष्टाचार पर रिपोर्टें।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चाहे दिल्ली हो या यूपी, यह कोई पहली बार नहीं है जब CAG ने सरकारों की वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">उदाहरण के लिए पहले यूपी को ही लेते हैं:</div>
<div style="text-align:justify;">2019: नोएडा अथॉरिटी घोटाले में ₹58,000 करोड़ की वित्तीय अनियमितता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2021: यूपी सरकार के कई विभागों में बिना पारदर्शिता के करोड़ों रुपये खर्च किए गए।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2022: जल जीवन मिशन में वित्तीय घोटालों की पुष्टि हुई, लेकिन किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैग  की रिपोर्ट संख्या 2 (राज्यों के लिए) वर्ष 2014-15 में भी य़ूपी में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन वितरण में अनियमितता के कारण सरकारी खजाने को ₹1,200 करोड़ की हानि बतायी गयी। लेकिन राज्य सरकार ने कुछ अधिकारियों के खिलाफ जांच करने की खानापूर्ति करके बैठ गयी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी तरह पिछले दस वर्षों में कैग  ने गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम समेत अनेक राज्य सरकारों के वित्तीय प्रबंधन पर कई रिपोर्टें प्रस्तुत कीं, जिनमें विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं और राजस्व हानियों के मामलों का उल्लेख किया गया, लेकिन कोई खास कार्रवाई नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कुछ उदाहरण प्रस्तुत हैं:</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुजरात: कैग की रिपोर्ट संख्या 3 (राज्यों के लिए) वर्ष 2015-16 में गुजरात में सिंचाई परियोजनाओं में अनावश्यक खर्च और देरी से ₹1,500 करोड़ की अतिरिक्त हानि दर्ज हुई। कुछ परियोजना अधिकारियों के खिलाफ जांच हुई, पर ठेकेदारों और राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश: कैग की रिपोर्ट संख्या 4 (राज्यों के लिए) वर्ष 2016-17 के अनुसार मध्य प्रदेश में खनन पट्टों के आवंटन में अनियमितता के कारण ₹2,000 करोड़ की राजस्व हानि हुई। दिखावे के लिए कुछ अधिकारी निलंबित हुए, लेकिन उच्च पदस्थ व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">बिहार: बिहार में मनरेगा योजना में ₹500 करोड़ की अनियमितता की चर्चा कैग की रिपोर्ट संख्या 5 (राज्यों के लिए) वर्ष 2017-18 में की गयी। लेकिन यहां भी कुछ पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई कर मामले की इतिश्री कर दी गई।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम: असम के स्वास्थ्य विभाग में उपकरणों की खरीद में अनियमितता के बारे में कैग की रिपोर्ट संख्या 6 (राज्यों के लिए) वर्ष 2018-19 में दर्ज हुईं, जिससे ₹300 करोड़ की हानि हुई। लेकिन यहां भी निर्णायक कार्रवाई की कमी रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस तरह रिपोर्ट तो कई हैं। सरकार विपक्ष की हो तो इतनी बेशर्मी से इतना शोर मचाओ कि नेता जेल चले जायं, उनकी सरकारें चली जायं, मगर रिपोर्ट अपनी सरकारों के खिलाफ हो तो कुंडली मार कर बैठ जाओ, क्लीन चिट दे दो।</div>
<div style="text-align:justify;">जिस तरह के आरोपों में केजरीवाल या हेमंत सोरेन जैसे नेता जेल चले गये, उससे ज्यादा गंभीर आरोपों वाले अजित पवार को क्लीन चिट मिल गयी और हिमंता बिस्वा शर्मा आराम से मुख्यमंत्री पद पर कैसे विराजमान हैं। है न शुचिता की इस नयी राजनीति का कमाल?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई बार तो ऐसा भी लगता है कि ये सीएजी अपना आकलन किस तरह करती है कि जनता को समझ में ही नहीं आता। मसलन 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले को लेते हैं। कैग ने इसमें ₹1.73 लाख करोड़ की अनियमितताओं का आरोप लगाया था। इसके बाद कई अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई हुई। लेकिन क्या कॉमनवेल्थ गेम्स का बजट इतना था भी? और कमाल है कि यही सीएजी कहती है कि ये कमाल का सफल आयोजन था। भारत 37 गोल्ड, 27 सिल्वर और 38 कांस्य पदक जीतकर दूसरे पायदान पर रहा। लेकिन घोटाला इसके कुल बजट से भी ज्यादा हो गया। कैसे भई?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैग ने 2G स्पेक्ट्रम आवंटन (2008) में अनुमानित ₹1.76 लाख करोड़ की राजस्व हानि की बात कही थी। लेकिन उसके बाद 3G – 4G स्पेक्ट्रम उससे भी कितने कम में और किस तरह बिका, इसे सभी जानते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल डब्ल्यू.पी. (सिविल) अरुण कुमार अग्रवाल बनाम भारत संघ (469 ऑफ 2012 दिनांक 9-5-2013) के मामले में माननीय न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने कहा कि कैग की रिपोर्ट हमेशा संसद द्वारा जांच के अधीन होती है और यह संसद पर निर्भर करता है कि वह रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणी करे या नहीं। इसलिए यह तत्कालीन केन्द्र सरकारों पर निर्भर हो जाता है कि वह किस मामले पर क्या कार्रवाई करे या ना करे।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी तरफ सीएजी रिपोर्ट दिखाकर भाजपा कह रही है कि केजरीवाल सरकार की शराब नीति से दिल्ली सरकार को ₹2,002 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ। दिल्ली सरकार के अधिकारी कहते हैं कि शराब के व्यापार से दिल्ली सरकार के उत्पाद शुल्क ने 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों में लगभग 13 प्रतिशत की छलांग लगाई और सरकार का राजस्व पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि में 5,361 करोड़ रुपये से 6,061 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। कमाल है- इसी शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार चली गयी। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और अनेक मंत्री जेल की सजा काट आये, घोटाले का कोई सबूत अबतक नहीं मिला, अधिकारी कहते हैं कि राजस्व बढ़ गया और भाजपा कहती है कि घोटाला हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाजपा की चुप्पी और दोहरी नीति पर सवाल है कि दिल्ली में आप पार्टी को सीएजी रिपोर्ट दिखाकर भाजपा कह रही है कि केजरीवाल सरकार की शराब नीति से दिल्ली सरकार को ₹2,002 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ। दिल्ली सरकार के अधिकारी कहते हैं कि शराब के व्यापार से दिल्ली सरकार के उत्पाद शुल्क ने 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों में लगभग 13 प्रतिशत की छलांग लगाई और सरकार का राजस्व पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि में 5,361 करोड़ रुपये से 6,061 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। कमाल है- इसी शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार चली गयी। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और अनेक मंत्री जेल की सजा काट आये, घोटाले का कोई सबूत अबतक नहीं मिला, अधिकारी कहते हैं कि राजस्व बढ़ गया और भाजपा कहती है कि घोटाला हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;">इसी सीएजी ने 2008 में 2G स्पेक्ट्रम आवंटन (2008) में अनुमानित ₹1.76 लाख करोड़ की राजस्व हानि की बात कही थी। तब भी भाजपा ने भारी बवाल मचाया था। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार चली गयी थी। और 2017 में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। क्या ये कोई छोटा मोटा कमाल था? क्या किसी ने सीएजी से पूछा कि मान्यवर ये क्या था? रिपोर्ट के आधार पर घेरने वाली भाजपा उत्तर प्रदेश में ₹8,125.52 करोड़ के घोटाले पर क्या कहेगी? हाल के वर्षों में CAG की रिपोर्टों पर दलगत सुविधा से सिर्फ विपक्ष को कठघड़े में खड़ा करने और अपने मामलों पर लीपापोती करने के अनेक उदाहरणों से साफ है कि सत्तारूढ़ भाजपा इन रिपोर्टों को राजनीतिक हथियार बनाने लगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी सीएजी ने 2008 में 2G स्पेक्ट्रम आवंटन (2008) में अनुमानित ₹1.76 लाख करोड़ की राजस्व हानि की बात कही थी। तब भी भाजपा ने भारी बवाल मचाया था। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार चली गयी थी। और 2017 में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। क्या ये कोई छोटा मोटा कमाल था? क्या किसी ने सीएजी से पूछा कि मान्यवर ये क्या था? रिपोर्ट भ्रष्टाचार का प्रमाण है, तो उत्तर प्रदेश में भी है। तो कार्रवाई दोनों पर क्यों न हो?</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="mail-message-footer spacer collapsible" style="text-align:justify;"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 00:43:43 +0530</pubDate>
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                <title>ओवर लोडिंग पर होगी सख्त कार्यवाही, एकत्रित किया जाएगा डाटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा।</strong> ओवर लोडिंग बडे हादसों की वजह बन रही है। अब ओवर लोडिंग पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। पांच बार चालान चालन किया जाएगा, इसके बाद एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई संपन्न। जिलाधिकारी ने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए जिसमें सीएमओ, डीआईओएस एवं यमुना एक्सप्रेस वे के अधिकारी है।</p>
<p>बैठक में ओवर लोडिंग पर सख्ती दिखाते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि टोल टैक्स से निरंतर ओवर लोडिंग का डाटा लेते हुए कार्यवाही करे। वाहनों द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138995/strict-action-will-be-taken-on-overloading-data-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/27-uphmathura-03.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा।</strong> ओवर लोडिंग बडे हादसों की वजह बन रही है। अब ओवर लोडिंग पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। पांच बार चालान चालन किया जाएगा, इसके बाद एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई संपन्न। जिलाधिकारी ने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए जिसमें सीएमओ, डीआईओएस एवं यमुना एक्सप्रेस वे के अधिकारी है।</p>
<p>बैठक में ओवर लोडिंग पर सख्ती दिखाते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि टोल टैक्स से निरंतर ओवर लोडिंग का डाटा लेते हुए कार्यवाही करे। वाहनों द्वारा पांच बार ओवर लोडिंग किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध एफआईआर कराएं। हिट एंड रन मामले में गुड सेमिरिटन को चिन्हित करते हुए उन्हें लाभान्वित एवं सम्मानित करें। हिट एंड रन मामले में थानों से समन्वय स्थापित करते हुए पोर्टल पर ससमय फीडिंग कराना सुनिश्चित करें।</p>
<p>वृंदावन में संचालित ई रिक्शा के नए रूट अनुसार चलाते हुए उनपर क्यू.आर. कोड तथा रेट के पोस्टर चस्पा करे। जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा बैठक में अधिकाधिक लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता फैलाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी आदि में पेन्टिंग, रंगोली, नुक्कड़ नाटक, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि के माध्यमों से सड़क सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया जाये। उन्होंने स्कूल एवं कॉलेजों में बच्चों को सड़क सुरक्षा संबंधी वीडियो दिखाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी आदि में मेडिकल एवं हेल्थ कैम्प लगाकर जागरूक करने के निर्देश दिये।</p>
<p>उन्होंने सभी ब्लैक स्पॉट चिन्हित करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए तथा सफर को सुरक्षित बनाने का कार्य करे। स्कूल, कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी आदि में संचालित वाहनों की फिटनेस, प्रदूषण तथा वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेन्स, चरित्र प्रमाण पत्र आदि के सत्यापन करने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने लगातार सघन वाहन चेकिग अभियान चलाकर हेलमेट व सीटबेल्ट आदि की जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने परिवहन तथा पुलिस विभाग को सड़क हादसे पर रोक लगाने के लिए हेलमेट चेकिग व सीटबेल्ट को लेकर लगातार चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिये।</p>
<p>जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि टेंपो, बसों, ट्रकों में सुरक्षा के मानक का पालन सुनिश्चित कराएं। जिलाधिकारी ने अवैध खनन, अवैध टैक्सी स्टैंड, अनाधिकृत ई रिक्शा, डग्गेमार वाहन, ओवरलोडिंग आदि पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, एसपी ट्रैफिक देवेश कुमार, ए.आर.टी.ओ मनोज वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Feb 2024 17:21:45 +0530</pubDate>
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