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                <title>bhrasatachar ka arop - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>bhrasatachar ka arop RSS Feed</description>
                
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                <title>एम्बुलेंस सेवा में कर्मचारियों की कमी कैसे चल रही इमरजेंसी सेवा </title>
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                        <![CDATA[<div><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> अभी तक एंबुलेंस फर्जीवाड़ी की खबर प्रकाशित हो रही है प्रमुखता से इस बीच एक मामला और प्रकाश में आ गया विश्वास सूत्रों के द्वारा जानकारी मिली कि अंबेडकर नगर जिले में 108 एंबुलेंस सेवाओं में 12 और 102 एंबुलेंस सेवाओं में 45 कर्मचारियों की कमी है, दोनों एंबुलेंस सेवाओं में कोई भी रिलीवर कर्मचारी  नहीं है । एम्बुलेंस कर्मचारियों के कमी होने से एंबुलेंस सेवा सुचारु रूप से संचालित भी नहीं हो पा रही है एंबुलेंस कर्मचारी की कमी की जानकारी नोडल अधिकारी डॉक्टर गौतम मिश्रा से  फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि यह जानकारी</div>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142363/shortage-of-staff-in-ambulance-service-how-is-the-emergency"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm9.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> अभी तक एंबुलेंस फर्जीवाड़ी की खबर प्रकाशित हो रही है प्रमुखता से इस बीच एक मामला और प्रकाश में आ गया विश्वास सूत्रों के द्वारा जानकारी मिली कि अंबेडकर नगर जिले में 108 एंबुलेंस सेवाओं में 12 और 102 एंबुलेंस सेवाओं में 45 कर्मचारियों की कमी है, दोनों एंबुलेंस सेवाओं में कोई भी रिलीवर कर्मचारी  नहीं है । एम्बुलेंस कर्मचारियों के कमी होने से एंबुलेंस सेवा सुचारु रूप से संचालित भी नहीं हो पा रही है एंबुलेंस कर्मचारी की कमी की जानकारी नोडल अधिकारी डॉक्टर गौतम मिश्रा से  फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि यह जानकारी तो मुझे नहीं है और एक जानकारी ली गई</div>
<div> </div>
<div>कि  जिला अस्पताल पर 108 की टोटल 04 एंबुलेंस का आवंटन है जो शुरू से जिले पर रहकर मरीजों को सेवा दे रही थी लेकिन कर्मचारियों की कमी के नाते 0082 को भिंयांव भेजा गया और एक को 0165 को जहांगीरगंज भेज दिया गया जिससे जिला पर मरीजों को असुविधा हो रही है जिम्मेदार अधिकारियों के कान तक भनक नहीं लग रही है एंबुलेंस सेवाओं में भ्रष्टाचार जिस तरीके फैला है कहीं नहीं कहीं GVKEMRI कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कम कर्मचारियों को रखकर टारगेट पूरा करवाया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>एक तरफ जिले में कर्मचारी भी कमी है वहीं पर प्रोग्राम मैनेजर अमित वर्मा प्रभारी विनोद मिश्रा और अजहरुद्दीन जबरदस्ती कर्मचारियों के ऊपर टारगेट देकर फर्जी केस बढ़ाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं और जो नहीं केस नहीं बढ़ा पा रहा है उसको कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाने की धमकी देते हैं आखिर यह खेल कब तक चलेगा जिले में यह कहना बड़ा मुश्किल हो रहा है जांच पर जांच चल रहे लेकिन भ्रष्टाचार का पोल खुलता नजर आ रहा है वहीं पर एंबुलेंस नोडल अधिकारी जवाब देने से कतराते फिर उन्होंने कहा इसकी पूरी जानकारी लेकर बताया जाएगा और इसको संज्ञान में लेकर कार्रवाई भी की जाएगी लेकिन अभी तक नहीं कोई जानकारी नहीं दिया गया फिलहाल देखना यह होगा कि इस पर कैसे जिम्मेदार अधिकारी लगाम लगाते हैं या फिर ऐसे प्रोग्राम मैनेजर अमित वर्मा प्रभारी विनोद मिश्रा अजहरुद्दीन,बेलगाम होकर कर्मचारियों को टारगेट पूरा करने का दबाव बनाते रहे।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>*ड्यूटी 36 घंटा वेतन 24 घंटा,चूस रहे कर्मचारियों के खून*</strong></div>
<div>कुछ एम्बुलेंस कर्मचारी नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एम्बुलेंस कर्मचारी की कमी का यह यह नतीजा है कर्मचारियों को लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है कम्पनी का यह नियम है एक शिफ्ट 12 घंटे का होता है लगातार कोई कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी कर सकता है, यहां तक कर्मचारियों का 24 घंटे बाद भी कर्मचारियों को ड्यूटी करनी पड़ती है लेकिन हाजिरी नहीं लगती, जहां तक यही कारण है कम कर्मचारियों में ज्यादा काम कराना अमित वर्मा को कम्पनी भगवान की तरह पूजती है और कुछ नहीं कर रही है ।</div>
<div> </div>
<div><strong>कही औकात से ज्यादा ड्यूटी ही एक्सीडेंट का कारण तो नहीं </strong></div>
<div>पिछले महीने प्रकाश में आया था एम्बुलेंस चालक नींद में आकर एक्सीडेंट कर और उसमें तीन मौतें हुई थी जिससे चालक को कम्पनी ने हटा दिया लेकिन औकात से ज्यादा ड्यूटी जबरदस्ती करवाना और भी जाने भी जा सकती है और इसका जिम्मेदार चालक होता है लेकिन क्या इसके जिम्मेदार प्रोग्राम मैनेजर अमित वर्मा नहीं जो स्टाप की कमी से कर्मचारियों से ज्यादा से ज्यादा ड्यूटी ले रहे हैं।</div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 18:59:56 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
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            <item>
                <title> अवैध हॉस्पिटल व पैथोलॉजी लैब धड़ल्ले से हो रहे संचालित,जिम्मेदार जानकर भी बने अनजान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div><strong>लखीमपुर खीरी।</strong>तहसील मोहम्मदी क्षेत्र के पसगवां,बरवर,औरंगाबाद कस्बे में संचालित कई जगह झोलाछाप डॉक्टरों एवं अप्रशिक्षित दाइयों के द्वारा  डिलीवरी कराई जा रही जिसके चलते काल के गाल में समा रहे जच्चा और बच्चा।सूत्रों की माने तो स्वास्थ्य विभाग की बहुओं का भी बड़ा मैनेजमेंट है और आये दिन  होते रहते है हादसे,बीते दो दिन पहले झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज से एक कि हो चुकी हैं मौत।पसगवां, बरवर, औरंगाबाद सहित क्षेत्र में कुछ ऐसे हॉस्पिटल है जिनके बोर्ड तक गायब है वहां पर बाकायदा आपरेशन से लेकर प्रसव तक कराया जा रहा है जिन अस्पतालों पर बोर्ड लगे है</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141989/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm5.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>लखीमपुर खीरी।</strong>तहसील मोहम्मदी क्षेत्र के पसगवां,बरवर,औरंगाबाद कस्बे में संचालित कई जगह झोलाछाप डॉक्टरों एवं अप्रशिक्षित दाइयों के द्वारा  डिलीवरी कराई जा रही जिसके चलते काल के गाल में समा रहे जच्चा और बच्चा।सूत्रों की माने तो स्वास्थ्य विभाग की बहुओं का भी बड़ा मैनेजमेंट है और आये दिन  होते रहते है हादसे,बीते दो दिन पहले झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज से एक कि हो चुकी हैं मौत।पसगवां, बरवर, औरंगाबाद सहित क्षेत्र में कुछ ऐसे हॉस्पिटल है जिनके बोर्ड तक गायब है वहां पर बाकायदा आपरेशन से लेकर प्रसव तक कराया जा रहा है जिन अस्पतालों पर बोर्ड लगे है और जिन डाक्टरों के नाम लिखे है</div>
<div> </div>
<div>वे डाक्टर शायद ही कभी कभार आते है बाकी पूरा इलाज झोलाछाप लोग ही कर रहे है।इससे पहले कई जानें तक जा चुकी है लेकिन बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि यह अवैध अस्पताल किसके संरक्षण में संचालित हो रहे है इसी तरह क्षेत्र में पैथालांजी भी चल रही है और झोलाछाप डाक्टरों का बाकायदा कमीशन बंधा हुआ है।चाहे साधारण ही मरीज क्यों न हो परन्तु जांच जरूरी है,बरवर,पसगवां,औरंगाबाद क्षेत्र में जितने मरीज नहीं है उससे ज्यादा अस्पताल व पैथालाजी है आखिरकार इन अवैध अस्पताल व पैथालाजी चलाने वालो पर कब कार्यवाही होती है यह बड़ा सवाल बना हुआ है।क्षेत्र में स्थित दर्जनों अवैध हॉस्पिटल मेडिकल की आंड में संचालित किए जा रहे हैं।आखिर किसके सांठगांठ से हॉस्पिटल व पैथालांजी चलाई जा रही हैं।</div>
<div> </div>
<div>जिम्मेदार जानकर भी अंजान बने हुए हैं और ना ही इन अवैध हॉस्पिटलों व पैथालांजी पर कब और क्या कार्यवाही होती है यह तो भविष्य के गर्त में है।ऐसा नहीं है कि इस बात की जानकारी जिला स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है लेकिन जिम्मेदार यहां अपना कार्य गैर जिम्मेदार का परिचय देते हुए जांच पड़ताल के नाम पर महज खाना पूर्ति करते हुए   दिखाई देते है।इस सम्बन्ध में सीएचसी अधीक्षक पसगवां अश्वनी वर्मा को लगातार जानकारी मिल रहीं हैं और लगातार खबरें सोशल मीडिया में वायरल हो रहीं हैं लेकिन क्षेत्र में इन अवैध अस्पतालों को बंद कराने में स्वास्थ्य विभाग लापरवाही कर रहा है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> </div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 04 Jun 2024 17:44:47 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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            <item>
                <title>जिलाधिकारी महोदया जिले के 598 नलकूपों की मरम्मत करने के नाम पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का हो रहा घोटाला शासन को भेजी जाती है गलत रिपोर्ट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जबकि किसानों को पड़ रही भारी समस्याएं सिंचाई न होने से फसलों को हो रहा नुकसान]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141950/draft-add-your-title-madam-district-magistrate-in-the-name"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm1.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात बृजभूषण तिवारी </strong></div>
<div><strong>ब्यूरो गोण्डा।</strong> प्रतिवर्ष सिंचाई के नाम पर नलकूप विभाग के द्वारा नलकूपों की मरम्मत करने के नाम पर करोड़ रुपये का हेर फेर किया जा रहा है जो की चिंताजनक बात बनी हुई है आपको बता दें कि जिले में प्रत्येक नलकूपों को चलाने के लिए मरम्मत के नाम पर सरकार द्वारा 123 रुपए रोजाना खर्च किया जा रहा है जो की कुल मिलाकर प्रतिवर्ष एक नलकूप के मरम्मत के नाम पर 45000 रुपए मिलते हैं जिले में 598 नलकूप की धनराशि करीब-करीब लगभग 27 करोड रुपए हो जाती है यह रुपए मरम्मत के नाम पर हर साल खर्च कर दिया जाता है लेकिन कहां खर्च होता है इसका कोई अता-पता नहीं चलता है।</div>
<div> </div>
<div>क्षेत्र में कार्य न होने से लगभग लगभग बहुत सारे नलकूप बंद पड़े हुए हैं कहीं गुलाबा फटे हुए हैं तो कहीं नालिया टूटी हुई है जिसकी शिकायत भी कई बार विभागीय अधिकारियों को की जाती है किसानों के द्वारा लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है आपको बता दें वर्षों से अगर जांच कराई जाए तो कई कई ऐसे नलकूप है जो वैसे ही काग़ज़ों में चल रहे हैं लेकिन किसानों की खेतों तक पानी नसीब नहीं हो रहा है आपको बता दें कि विकासखंड रूपईडीह ब्लॉक के ग्राम पंचायत देवरिया कला के 86 जीजी राजकीय नलकूप जो विगत दो वर्षों से बंद पड़ा हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>जिसका गुलाब व नालियां पूरी तरह से टूटी पड़ी हुई है इसकी ग्रामीणों द्वारा शिकायत भी कई बार की गई लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा टालमटोल  कर दिया गया वहीं दूसरी तरफ इसी ग्राम पंचायत के माथेडीह स्थित राजकीय नलकूप की भी नालियां पूरी तरह से टूटी पड़ी हुई है वह भी विगत कई वर्षों से बंद पड़ा हुआ है विकासखंड रुपईडीह के देवरहना मैं भी राजकीय नलकूप की नालियां टूटी पड़ी हुई है ऐसे ही जिले के ज्यादातर नलकूप पूरी तरह से बंद पड़े हुए हैं फसले सूख रही हैं किसानों को खींचने के लिए डीजल खरीदने में परेशानियां हो रही है महंगाई के चलते जिले की सभी ब्लॉक में टीम गठित कर जांच कराई जाए नलकूपों की तो विभागीय अधिकारियों के द्वारा जो करोड़ों रुपए का घोटाला किया जा रहा है मरम्मत के नाम पर उसकी परत दर परत विभाग की कलई खुल सकती है।</div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Jun 2024 17:26:09 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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                <title>जांच की आंच के बचाव में प्रोग्राम मैनेजर ने किया गलत रिपोर्टिंग</title>
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                        <![CDATA[एम्बुलेंस बन गया हेलीकॉप्टर 7 मिनट तय की लगभग 20 किलोमीटर ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141905/program-manager-did-wrong-reporting-to-protect-himself-from-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/img-20240601-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>आलापुर/अम्बेडकरनगर।</strong> जनपद अम्बेडकरनगर में एम्बुलेंस विभाग में जमकर हो रहे फर्जी वाड़े में दिलचस्प मोड़ आ गया जिसमें एक ईमटी की नौकरी प्रोग्राम मैनेजर के गलत रिपोर्टिंग से चली गई जबकि जिले में एम्बुलेंस विभाग में फर्जी वाड़े की खबर चलने से विगत कयी माह पहले ही बर्खास्त इमटी का स्थानांतरण जनपद अम्बेडकरनगर से जनपद महराजगंज में हो गया था।बर्खास्त ईमटी मनमोहन प्रजापति निवासी ग्राम चहोड़ा शाहपुर रामनगर आलापुर अम्बेडकर नगर ने बाकायदा मीडिया कर्मियों को अपने बयान में बताया कि जनपद अम्बेडकर नगर के प्रोग्राम मैनेजर (पीएम) अमित वर्मा ने शक की बुनियाद पर जीवीके कम्पनी को बताया कि मनमोहन प्रजापति का जनपद अम्बेडकरनगर से महराजगंज जिला में स्थानांतरण होने से अपने भाई पत्रकार अमित मांझी से मिलकर जनपद अम्बेडकर नगर में बवाल मचाया है जिसके कारण कम्पनी द्वारा इमटी मनमोहन प्रजापति को महराजगंज के सीनियर द्वारा बर्खास्त का मेल मिला।</div>
<div> </div>
<div>इस बात की पुष्टी हेतु मीडिया ने अम्बेडकरनगर जनपद के पीएम (प्रोग्राम मैनेजर) अमित वर्मा के सीयूजी नंबर पर सम्पर्क करना चाहा तो फोन रिसीव होने के बजाय डिस्कनेक्ट कर दिया गया।बर्खास्त ईमटी ने ही बताया कि जनपद अम्बेडकर नगर में अमित वर्मा द्वारा फोन पर हमेशा यही आदेश आता था कि एक ही आईडी पर तीन तीन केस की आईडी किया करो।जिसकी आडियो काल रिकार्डिंग मीडिया/मनमोहन के पास सुरक्षित है।बातो बातों में ही मीडिया ने जिले के एक लोकेशन पर फोन के माध्यम से और पता चला कि प्रोग्राम मैनेजर अमित वर्मा ने धमकाते हुए हमसे कहे कि आप मनमोहन के खिलाफ कम्पनी को लिखो कि जनपद अम्बेडकर नगर में मीडिया बाजी स्थानांतरित इमटी मनमोहन प्रजापति ही करवा रहा है अन्यथा तुम्हारी भी नौकरी जा सकती है।यह बात साथी द्वारा मीडिया से फोन पर हुई जिसकी रिकार्डिंग सुरक्षित है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-06/img-20240601-wa0066.jpg" alt="IMG-20240601-WA0066" width="720" height="987"></img></div>
<div>जबकि जनपद अम्बेडकर नगर के सभी उच्चाधिकारी इस फर्जी वाड़े के बारे में अवगत हैं।बर्खास्त प्रोग्राम मैनेजर को होना चाहिए जो कि उसी के दिशा निर्देशानुसार सभी पायलट, इमटी गलत कार्य करने को मजबूर होते है।जिसकी पुष्टि मीडिया ने अनेको बार किया है।अब ऐसी स्थिति में बर्खास्त इमटी अपने दो नन्हे बच्चे का जीवन यापन कैसे करे जबकि छोटे बच्चे का एक पैर भी अभी हाल ही में फैक्चर हुआ है।कहीं न कहीं अपनी गर्दन फंसते देख उसने सीधे साधे इमटी मनमोहन प्रजापति को बलि का बकरा बना दिया।</div>
<div> </div>
<div>एक बात जानकर सभी को अच्मभित करने वाला मामला सामने आया अपनी कमी को छुपाने के लिए एम्बुलेंस कर्मी किस हद तक गिर जाते हैं इसका उदाहरण आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीर गंज में देखने को मिला एक 108 एम्बुलेंस आलापुर के पास लंगड़ी से मरीज उठाने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचती है और दोनों स्थान के बीच की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है गाड़ी 10.28 मिनट पर चलती है और 20 किलोमीटर मात्र 10.35 पर पहुचती है</div>
<div> </div>
<div>जबकि गाड़ी की स्पीड 60 किलोमीटर बताई जाती है जब इस मामले में एम्बुलेंस प्रभारी विनोद मिश्रा से फोन पर वार्ता किया गया तो उन्होंने इसको गलत बताया जबकि एम्बुलेंस कर्मी के अनुसार यह मजबूरी है एक निश्चित समय में मरीज के पास पहुंचना होता है यह कम्पनी का टारगेट है जिससे यह साबित होता है एम्बुलेंस कम्पनी सरकार के आंखों में खुलेआम धूल झोंक रही है। जिससे मीडिया कर्मियों की पड़ताल अब और दिलचस्प होने की कवायद शुरू हो गई है।</div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Jun 2024 17:24:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गुड्डू कबाड़ी के कबाड़ का खेल... परिवहन विभाग से एनओसी लिए बगैर काट रहे पुराने वाहन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सैकड़ो की तादाद में खड़े मिलेंगे दो पहिया और चार पहिया बाहन, फिर भी जिम्मेदार मौन]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141816/guddu-kabadis-game-of-scrap-old-vehicles-being-cut-without"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm11.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>आखिर कौन है इस काले धंधे का जिम्मेदार?</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जनपद के बसखारी कस्बे में कबाड़ का बड़ा खेल चल रहा है। जबकि गोदाम की दूरी थाने से महज 200 मीटर है, गुड्डू कबाड़ी के यहां परिवहन और पुलिस विभाग से बिना एनओसी लिए पुराने वाहनों की खरीद और बिक्री का अवैध कारोबार चल रहा है। कई वाहन मालिक लाखों का टैक्स बकाया गाडिय़ों को कबाड़ के भाव बेच देते है। ऐसे में परिवहन विभाग टैक्स वसूली के लिए गाड़ी खोजता रहता और गाडिय़ां स्क्रैप के भाव बिक जाती है। इससे शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।इसी गोरखधंधे की आड़ में कबाड़ी चोरी की गाडिय़ां भी खरीदकर स्कै्रप बनाकर बेच देते है। परिवहन और पुलिस विभाग अभी तक अवैध कारोबार में लिप्त कबाडिय़ों पर कार्रवाई नहीं कर सका है।</div>
<div> </div>
<div>अपराध के संबंध में पुलिस से एनओसी जरुरी- पुराने वाहनों को कबाड़ में खरीदी-बिक्री से पहले पुलिस विभाग की एनओसी भी जरुरी होती है। कबाड़ में बेचे जा रहे वाहन पर कोई अपराध तो दर्ज नहीं है इसको लेकर पुलिस एनओसी जारी करती है।बिना अनुमति के संचालित इन दुकानों में कीमती सामानों को सस्ते दामों पर खरीदकर कारोबारी लाखों रुपये कमा रहे हैं।इन दुकानों में कबाड़ की खरीद-बिक्री की न तो रसीद दी जाती है और न ही कोई रिकार्ड रखा जाता है।इतना ही नहीं इनके दलाल ग्रामीण क्षेत्रों से कबाड़ खरीदकर दुकान में खपा देते हैं। </div>
<div> </div>
<div><strong>चोरी के वाहन स्क्रैप बनाकर बेच रहे-</strong></div>
<div> कबाड़ की आड़ में कई कबाड़ी चोरी के वाहनों की खरीदी-बिक्री का अवैध कारोबार कर रहे है। कबाडिय़ों द्वारा चोरी के वाहन स्क्रैप कर बेच दिए जाते है। बावजूद जिम्मेदारों द्वारा अनदेखी उनकी संलिप्तता को बयां कर रही है!विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जिम्मेदारों का कबाडी कारोबारियों से बेहद करीबी नाता है और यह नाता किसी रिश्ते का नहीं बल्कि लेनदेन का है!बताया जाता है कि जिम्मेदार हफ्ते व महीने के हिसाब से इन कबाडी करोबारियों से मोटी रकम लेते हैं और इनको संरक्षण प्रदान कर कारोबारियों के साथ स्वयं भी मालामाल हो रहे हैं,</div>
<div> </div>
<div>तभी तो जानकारी होते हुए किसी भी कबाडी कारोबारी पर कार्यवाही करने से बचते नजर आ रहे हैं! जबकि जनपद में अभी स्क्रैप करने के लिए किसी को लाइसेंस नहीं प्राप्त हुआ है यह जानकारी उप संभागीय परिवहन विभाग द्वारा दी गई। इस संदर्भ में थानाध्यक्ष बसखारी संत कुमार सिंह से वार्ता करने के पश्चात बताया गया तो मुझको ऐसी कोई जानकारी नहीं है मैं किस आधार पर कार्यवाही करूं।</div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2024 16:46:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश पुलिस को कलंकित करने वाले चौकी इंचार्ज को पुलिस में रहने का अधिकार नहीं</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div><strong>कौशाम्बी।शमशाबाद</strong> चौकी इंचार्ज ने जिस पर मारपीट का आरोप लगाया था उस युवक के परिवार वालों ने शमशाबाद चौकी इंचार्ज के आरोप को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमराहियों के साथ चलने वाले चौकी इंचार्ज पिस्तौल लेकर चलते हैं और सशस्त्र पुलिस बल के साथ चलने वाले चौकी इंचार्ज पर निहत्थे आम जनता कैसे मारपीट कर सकती है। पीड़ित परिवार ने बताया कि चौकी इंचार्ज अपनी चौकी क्षेत्र को छोड़कर के दूसरे क्षेत्र में भी रंगदारी की वसूली करते हैं और रंगदारी न देने पर पुलिस वर्दी को बदनाम कर मारपीट की झूठी कहानी गढ़ देते हैं। पीड़ित</div>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141812/the-outpost-incharge-who-defames-uttar-pradesh-police-has-no"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm10.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>कौशाम्बी।शमशाबाद</strong> चौकी इंचार्ज ने जिस पर मारपीट का आरोप लगाया था उस युवक के परिवार वालों ने शमशाबाद चौकी इंचार्ज के आरोप को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमराहियों के साथ चलने वाले चौकी इंचार्ज पिस्तौल लेकर चलते हैं और सशस्त्र पुलिस बल के साथ चलने वाले चौकी इंचार्ज पर निहत्थे आम जनता कैसे मारपीट कर सकती है। पीड़ित परिवार ने बताया कि चौकी इंचार्ज अपनी चौकी क्षेत्र को छोड़कर के दूसरे क्षेत्र में भी रंगदारी की वसूली करते हैं और रंगदारी न देने पर पुलिस वर्दी को बदनाम कर मारपीट की झूठी कहानी गढ़ देते हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि चौकी इंचार्ज ने पुलिस के साथ मारपीट की झूठी कहानी गढ़ के उत्तर प्रदेश पुलिस को कलंकित किया है और उत्तर प्रदेश पुलिस को कलंकित करने वाले चौकी इंचार्ज को पुलिस में रहने का अधिकार नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहे प्रदेश में कानून व्यवस्था की कितनी भी बड़ाई कर लें पर सच्चाई सामने आ ही जाती है। ऐसा ही एक मामला मंझनपुर कोतवाली के शमसाबाद चौकी इंचार्ज का है जहां पर रंगदारी न मिलने पर चौकी इंचार्ज की दबंगई सामने आई है। चौकी इंचार्ज की दबंगई का आलम है कि उन्होंने मारपीट की झूठी कहानी गढ़ दी है।</div>
<div> </div>
<div>चौकी इंचार्ज द्वारा पुष्पा देवी के पुत्र से जबरन पैसा मांगा गया और पैसा न देने पर उसको जमकर यातनाएं दी गई। मारपीट के बाद गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया। चौकी इंचार्ज पर रंगदारी का गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी ब्रजेश श्रीवास्तव से पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है। मामले में यदि निष्पक्ष जांच हुई तो चौकी इंचार्ज की साजिश का खुलासा होना तय है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 May 2024 16:35:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ग्राम पंचायत दरहा में बिना तालाब की खुदाई निकाल लिया गया मनरेगा से मजदूरी</title>
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                        <![CDATA[<div class="adn ads">
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<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>कौशाम्बी। </strong>खण्ड विकास अधिकारी नेवादा और जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा तालाब में पानी भरे जाने के मामले को लेकर जिला अधिकारी को लगातार गुमराह किया जा रहा है मुख्य विकास अधिकारी भी खण्ड विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी के फर्जी आंकड़ों पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं 25 दिन पहले जिला अधिकारी की मीटिंग में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि गांव के तालाब में पानी भर दिया गया है लेकिन हकीकत यह है कि बरसात को अभी लगभग 20 दिन बचे हैं लेकिन अभी भी 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत के तालाब में पानी नहीं भरा गया</div></div></div></div></div></div></div>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141708/wages-taken-from-mnrega-without-digging-pond-in-gram-panchayat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm7.jpeg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कौशाम्बी। </strong>खण्ड विकास अधिकारी नेवादा और जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा तालाब में पानी भरे जाने के मामले को लेकर जिला अधिकारी को लगातार गुमराह किया जा रहा है मुख्य विकास अधिकारी भी खण्ड विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी के फर्जी आंकड़ों पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं 25 दिन पहले जिला अधिकारी की मीटिंग में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि गांव के तालाब में पानी भर दिया गया है लेकिन हकीकत यह है कि बरसात को अभी लगभग 20 दिन बचे हैं लेकिन अभी भी 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत के तालाब में पानी नहीं भरा गया है जबकि खजाने से बजट निकाल लिया गया है और बरसात का इंतजार किया जा रहा है</div>
<div> </div>
<div>जिससे बरसात होते ही तालाब में पानी भर जाएगा और उनके झूठे रहस्य पर पर्दा पड़ जाएगा लेकिन अधिकारियों द्वारा तालाब में पानी भरने के मामले में जिलाधिकारी को गुमराह करने के बाद भी अभी तक संबंधित ग्राम प्रधान पंचायत सचिव खण्ड विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई है जिला अधिकारी को गुमराह करके सरकारी खजाने से करोड़ों की रकम निकालने वाले संबंधित अधिकारियो का यह पहला कारनामा नही है जब जिला अधिकारी को गुमराह करके सरकारी खजाने से करोड़ों की रकम निकाल ली गई है</div>
<div> </div>
<div>बल्कि कई मामलों में जिलाधिकारी को गुमराह करके अधिकारियों द्वारा सरकारी खजाने से योजना की रकम निकाली जा चुकी है जो गंभीर बिंदु है और इस पर कठोर कार्रवाई किए जाने की जरूरत है तालाब में पानी ना भरे जाने से राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित विभिन्न पशु पक्षी प्यासे व्याकुल इधर-उधर भटक रहे है। गौरतलब है कि नेवादा विकास खण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत दरहा के तालाब सहित अन्य तालाब में अभी तक पानी नहीं भरा गया है यही स्थिति आसपास के अन्य गांव के तालाब की भी है तेज धूप लू तपन से राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित विभिन्न पशु पक्षी पानी के लिए प्यासे व्याकुल दिखाई पड़ रहे हैं जबकि जिला अधिकारी को सूचना दे दी गई है कि तालाब में पानी भर गया है</div>
<div> </div>
<div>ग्राम पंचायत दरहा के तालाब में खुदाई करने के बहाने मनरेगा में योजना की रकम में डाका डाला जा रहा है तालाब की खुदाई नहीं हो सकी है लेकिन फर्जी फोटो बनाकर मनरेगा योजना से लाखों की रकम निकाल ली गयी हैं ग्राम पंचायत दरहा के भ्रष्टाचार में खंड विकास अधिकारी नेवादा और जिला पंचायत राज अधिकारी मौन रहकर सहमति दे चुके हैं जिससे सरकारी खजाना लूटने वाले बेखौफ है तालाब में बिना पानी भराए सरकारी खजाने से रकम निकालकर जिला अधिकारी को सूचना देने का यह मामला बेहद गंभीर है और इस मामले में यदि शासन स्तर से जांच कराई गई तो करोड़ों के घोटाले की हकीकत बेपर्दा होगी और कई अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होगी।</div>
</div>
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<div class="gA gt acV">
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 May 2024 15:50:12 +0530</pubDate>
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                <title>आईजी आर एस पर भी शिकायतों का नहीं किया जा रहा निस्तारण</title>
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                        <![CDATA[मामला विद्युत विभाग ईसानगर का है जहां तीन माह से चल रही जांच आज भी नहीं बेनतीजा आखिर और कितने दिन तक चलेगी जांच अहम सवाल]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141634/complaints-are-not-being-resolved-even-on-igrs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/01...png" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी </strong>लखीमपुर खीरी विद्युत विभाग में बैठे जिम्मेदार अफसर और लाइनमैन व जेई विद्युत की मिली भगत से व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किए जाने के मामले अखबारी सुरखिया बंन रही है। सभी जिम्मेदार एक राय होकर मामले पर पर्दा डालने अथवा जांच चल रही है का राग अलापकर मामले को फाइलों में दफन करने को प्रयासरत देखे जा सकते हैं। आलम तो यहां तक है कि आइजीआरएस पोर्टल पर की जाने वाली शिकायत में भी भ्रामक एवं फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण करने के साथ-साथ शासन प्रशासन तक को गुमराह कर दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बना है। गौरतलव हो कि विकासखंड ईसानगर क्षेत्र के अंतर्गत 11000 विद्युत लाइन का स्थान परिवर्तन वो भी बगैर प्रस्ताव पास कराए तथा बगैर एस्टीमेट बनवाए ही कर दिए जाने का मामला पकड़ा  गया था।</div>
<div> </div>
<div>सूत्र बताते हैं कि ऊक्त 11000 लाइन  जेई सुधीर कुमार गुप्ता एवं लाइनमैन साहू की मिली भगत से एसडीओ के संरक्षण में लाइन का स्थान परिवर्तन कर दिया गया ।और इसके एबज में व्यापारी से ₹200000 बतौर रिश्वत तय किए जाने की बात जानकारी में आई है ।जिसमें से₹100000 नगद विद्युत सुधीर कुमार गुप्ता को दिए जाने की बात मौर्य द्वारा ऑन कैमरा बताई गई है। शेष एक लाख रुपया लाइनमैन और उनके चहेते व्यक्ति द्वारा लेकर रात के अंधेरे में लाइन बदल दिए जाने के मामले का खुलासा हुआ है ।इसकी कई शिकायत जिला अधिकारी खीरी से लेकर आइजीआरएस पोर्टल पर की गई थी उक्त शिकायत का निष्तारण यह कहते हुए कर दिया गया की जांच टीम गठित कर दी गई है।</div>
<div> </div>
<div>जांच चल रही है ।जबकि यह जांच टीम शिकायत से पहले ही गठित की जा चुकी थी ।यदि हम जांच टीम द्वारा जांच करें तो आज तीन माह से जांच चल रही है लेकिन नतीजा शून्य दिखाई पड़ रहा है। आखिर कब तक और कितने दिन तक चलेगी जांच अहम सवाल बना हुआ है ।इस यक्ष प्रश्न का उत्तर किसी भी सक्षम अधिकारी के पास ढूंढे नहीं मिल पा रहा है ।शिकायतकर्ता और व्यापारी समेत दर्जनों लोगों द्वारा दी गई जानकारी को सत्य माने तो यह सारा खेल एसडीओ और जेई के संरक्षण में खेला गया शायद यही कारण रहा होगा जो घटना के समय मीडिया को दिए गए उनके वजन में एसडीओ से लेकर एक्सक्त तक ने बताया था कि प्रस्ताव पास हुए हुआ और एस्टीमेट भी बना है यदि इनके संरक्षण में या जानकारी में नहीं था</div>
<div> </div>
<div>तो इन्होंने कैसे झूठ बोला स्थिति में हुआ प्रस्ताव पास है इसके द्वारा दिए गए में सिद्ध करने को काफी हैं कि एसडीओ को मामले की पूरी जानकारी थी और इनके संरक्षण में खेल खेला गया यही कारण है शायद कि कल सब अपने जैसे एसडीओ और के के पक्ष में खड़े दिखाई पड़ रहे हैं और शिकायतों का फर्जी भ्रामक रिपोर्ट लगाकर इस कारण करते हुए शासन व प्रशासन को गुमराह करके लीपा पोती का खेल खेला जा रहा है देखना अब यह है कब तक पूरी होती है जांच और दोषियों के विरुद्ध होती है कार्यवाही।</div>
</div>
<div> </div>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 May 2024 17:08:20 +0530</pubDate>
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                <title>साँठ गाँठ करके भोले भाले नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने वाली दो प्राइवेट बैंकों की सच्चाई</title>
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                        <![CDATA[<div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी। </strong>आपसी साँठ गाँठ करके भोले भाले नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने वाली दो प्राइवेट बैंकों की सच्चाई अंततः सामने आने लगी है। गौरतलब है कि जब किसी की दुकान की पूंजी टूट जाती है और माल घट जाता है तो फिर अक्सर ये किया जाता है कि घाटे का शिकार होने वाले दो दो तीन तीन और चार चार दुकानदार अपनी अपनी दुकान का माल एक ही दुकान में बिक्री के लिए लगाकर पार्टनर शिप कर लेते हैं। ऐसा ही बैंकों का आलम होता है कि अगर ज़बरदस्त घाटा न हो तो दो बैंके भी एक मे</div></div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141632/the-truth-about-two-private-banks-colluding-to-dupe-innocent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/03..jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी। </strong>आपसी साँठ गाँठ करके भोले भाले नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने वाली दो प्राइवेट बैंकों की सच्चाई अंततः सामने आने लगी है। गौरतलब है कि जब किसी की दुकान की पूंजी टूट जाती है और माल घट जाता है तो फिर अक्सर ये किया जाता है कि घाटे का शिकार होने वाले दो दो तीन तीन और चार चार दुकानदार अपनी अपनी दुकान का माल एक ही दुकान में बिक्री के लिए लगाकर पार्टनर शिप कर लेते हैं। ऐसा ही बैंकों का आलम होता है कि अगर ज़बरदस्त घाटा न हो तो दो बैंके भी एक मे विलय कभी नही की जाएं लेकिन आप सब ने देखा है कि कई कई बैंके आपस मे विलय करके एक बैंक का ही नाम बाकी रखा गया और बड़ी मशहूर मशहूर नामी ग्रामी बैंके आज ऐसे गायब हो चुकी हैं जैसे गधे के सर से सींघ।</div>
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<div>लखीमपुर खीरी मार्ग के मध्य राजापुर चौराहे के अति निकट संचालित दो प्राइवेट बैंकों की शाखाएं पिछले कई वर्षों से भोले भाले नागरिकों को सब्ज़बाग दिखाकर उनसे लम्बी रकमें जमा कराकर ठगी का शिकार बनाती चली आई हैं। अंग्रेज़ी वर्णमाला के चार अक्षरों को उल्टा सीधा लिखकर इन बैंकों के नाम रखे गए हैं। जिस प्रकार इनके नाम उल्टे सीधे अक्षरों से हैं बाखुदा ठीक उसी तरह इनके काम भी उल्टे सीधे हैं। इनमे  एक बैंक ने मुझसे झूठ फरेब करके एक लाख चार हज़ार की ठगी कर रखी है पिछले दो वर्षों से मैं अपनी रकम मांग रहा हूँ लेकिन नहीं दी जा रही है। मालूम हो कि इन दोनों प्राइवेट बैंकों ने लोकल के शिक्षित नवजवानों व युवकों को हर ठगी पर कमीशन के बेस पर अपनी शाखा से जोड़ रखा है ये नवजवान इलाके में सारा दिन मछमछाकर  नागरिकों को फ़र्ज़ी झूठी योजनाओं को समझाने के बाद उन नागरिकों से बड़ी बड़ी रकम लेकर सम्बंधित शाखा में जमा करके अपने कमीशन की रकम तो सीधी कर लेते हैं लेकिन बाद में फंस चुके नागरिक की कोई सुध ये लोग नहीं लेते हैं।</div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा इन शाखाओं में फ़र्ज़ी भोकाल का आलम ये है कि यहाँ आने वाले भोले भाले नागरिक इस भोकाल से प्रभावित होकर अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई यहीं गवाँ बैठते हैं और ये भूल जाते हैं कि इन प्राइवेट बैंकों के डूब जाने के बाद किसी भी नागरिक की जमा रकम के एक भी रुपये की ज़िम्मेदारी व देनदारी सरकार की हरगिज़ नहीं है। इसके अलावा भी आप इन प्राइवेट कम्पनियों के हथकंडों पर गौर कीजिए कि इन शाखाओं ने सुन्दरता का भी ऐसा इन्तिज़ाम कर रखा गया  है कि नवजवान इनसे मुस्कुराहट भरे लहजे से पर नाना प्रकार की योजनाएं सुनकर बस पूरी तरह लट्टू ही हो जाता है और बस फिर क्या जैसा भी बताया जाता है वैसा ही मानकर मुँहबोली धनराशि जमा कर देता है।</div>
<div> </div>
<div>हास्यास्पद है कि 10 से 12 या 15 हज़ार के वेतन पर कार्यरत इन प्राइवेट बैंकों के सयंभू अधिकारी खुद को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक के अधिकारी से कम नहीं समझते। यहां के शाखा प्रबंधकों के फ़र्ज़ी भोकाल का आलम ये है कि जब कोई नागरिक इनसे मिलने जाता है तो डायरेक्ट उसके चैम्बर में नहीं जाने दिया जाता है पहले चपरासी अंदर जाकर वापस आएगा और कहेगा कि थोड़ी देर रुके रहिये साहब अभी बिज़ी हैं। जबकि हक़ीक़त में अन्दर बैठा सयंभू मैनेजर फुल्ली बेकार होता है। लेकिन आने वाले को प्रभावित करने के लिए ये सब ड्रामा किया जाता है। मालूम हो कि ये दोनों बैंके ज़बरदस्त घाटे में पहुंचने के बाद आपस मे विलय कर दी गई हैं ताकि किसी तरह डूबने से बचा जा सके जबकि अब निकट भविष्य में इनको खत्म ही होना है।</div>
<div> </div>
<div>इनके आपस मे विलय होने से संबंधित समाचार विगत 19 मई के दैनिक समाचार पत्र में में प्रकाशित भी हो चुका है। खीरी टाउन में मेरे अलावा भी अनेको नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया गया है इनमें खीरी टाउन के बाज़ार में मोबाइल शॉप संचालक मोहम्मद फ़ैज़ को भी ठगी का शिकार बनाया गया। इस दुकानदार को ठगने के लिए तो उपरोक्त एक शाखा के सयंभू सहायक शाखा प्रबंधक ने मोबाइल शॉप पर पहुंचकर मीठी मीठी बातों में उलझकर बड़ी रकम जमा कर ली लेकिन बाद में उस दुकानदार को पता चला कि बताया किसी योजना में गया और रकम जमा दूसरी योजना में कर ली गई। तब से मोहम्मद फ़ैज़ शाखा के सैकड़ो चक्कर लगाकर थक चुका है लेकिन उसकी रकम वापस नही की जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>जो सहायक शाखा प्रबंधक रकम जमा करते समय मोबाइल शॉप पर पहुंचकर अपनी दुम हिलाता थकता नहीं था आज वही सयंभू अधिकारी मोहम्मद फ़ैज़ से सीधे मुँह बात भी नहीं करता है। कुलमिलाकर मैं एक जर्नलिस्ट होने के नाते बार बार पोस्ट वायरल करके राष्ट्र व समाज हित मे कड़ी मेहनत कर रहा हूँ ताकि आप सब होशियार हो जाएं। अगर आज न जागे तो कल बहुत देर हो चुकी होगी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित ये पोस्ट जनहित में सर्वसाधारण को सूचनार्थ। आपसे अनुरोध है कि इस पोस्ट को अन्य ग्रुपों पर शेयर करके एक ज़िम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।</div>
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                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 May 2024 17:03:43 +0530</pubDate>
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                <title>खंडन करने के नाम पर वसूले तीस हजार रुपये, मुकदमा दर्ज</title>
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                        <![CDATA[<div><strong>अम्बेडकर नगर।</strong> जनपद के  थाना मालीपुर पुष्पा वर्मा पत्नी घनश्याम वर्मा निवासी ग्राम बीबीपुर भुसौली का आरोप है कि मेरे द्वारा उमाशंकर पुत्र स्वर्गीय अद्याप्रसाद वर्मा निवासी ग्राम बीबीपुर भुसौली थाना मालीपुर जनपद अम्बेडकरनगर से जमीन खरीदी गयी जिसका दिनांक 6/10/2021 था जिनकी मृत्यु 4/3/2023 को हो चुकी है जनपद के अकबरपुर के रहने वाले पवन पाण्डेय के विवाद में मुकदमा लिखने पश्चात जनपद में कई लोगो द्वारा हम जैसे गरीबो द्वारा खरीदी गयी जमीन को सरकार द्वारा जब्त करने के नाम पर परेशान किया जाने लगा जिसमे मेरे साथ व अन्य लोगो के साथ धिरेन्द यादव निवासी ग्राम टुटहवा</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141427/case-filed-for-extorting-thirty-thousand-rupees-in-the-name"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm5.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकर नगर।</strong> जनपद के  थाना मालीपुर पुष्पा वर्मा पत्नी घनश्याम वर्मा निवासी ग्राम बीबीपुर भुसौली का आरोप है कि मेरे द्वारा उमाशंकर पुत्र स्वर्गीय अद्याप्रसाद वर्मा निवासी ग्राम बीबीपुर भुसौली थाना मालीपुर जनपद अम्बेडकरनगर से जमीन खरीदी गयी जिसका दिनांक 6/10/2021 था जिनकी मृत्यु 4/3/2023 को हो चुकी है जनपद के अकबरपुर के रहने वाले पवन पाण्डेय के विवाद में मुकदमा लिखने पश्चात जनपद में कई लोगो द्वारा हम जैसे गरीबो द्वारा खरीदी गयी जमीन को सरकार द्वारा जब्त करने के नाम पर परेशान किया जाने लगा जिसमे मेरे साथ व अन्य लोगो के साथ धिरेन्द यादव निवासी ग्राम टुटहवा मालीपुर थाना मालीपुर जनपद अम्बेडकरनगर द्वारा फोन व सामने से कई बार डराया व धमकाया गया तथा प्रतिष्ठ अखबार में प्रकाशित कराया गया</div>
<div> </div>
<div>जिससे डरकर मैने अपनी जमीन व खुद को बचाने के लिए व पेपर मे जो प्रकाशित हुआ था उसका खंडन करवाने के लिए 30 हजार (तीस हजार) रुपया मांगा गया धिरेन्द्र यादव द्वारा 15 हजार रुपया (पन्द्रह हजार) रुपया नगद थाना गेट के बगल मे जन सेवा केन्द्र चालक के माध्यम से दिलाया शेष पन्द्रह हजार रुपया अपने पती से कह करके धीरेंद्र यादव के मोबाईल नं0 9369976241 पर पैसा भेजा गया। जिसका डिटेल प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न किया गया है। 30 हजार रुपया देने के बाद भी प्रकाशित पेपर में दुबारा प्रकाशित कराकर पुरानी प्रकाशित वात का खंडन नहीं कराया गया मेरे पैसा गलत व्यक्तियों द्वारा परेशान करके लिया गया था मेरा पैसा धिरेन्द्र यादव से दिलवाने वापस कराने व धीरेन्द्र यादव के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक से मांग की गई मामले पुलिस अधीक्षक के  निर्देश पर मालीपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।</div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141427/case-filed-for-extorting-thirty-thousand-rupees-in-the-name</link>
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                <pubDate>Sun, 19 May 2024 17:50:35 +0530</pubDate>
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                <title>आंगनबाड़ियों से वसूली कराते हैं सीडीपीओ एजाज</title>
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<div><strong>बिना लिपिक के परियोजना कार्यालय में खेल पर खेल</strong></div>
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<div><strong>सीडीपीओ एजाज की कारस्तानी बनी चर्चा का विषय</strong></div>
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<div><strong>पूर्व में कई ब्लाकों में भी राशन में कर चुके हैं गड़बड़ी</strong></div>
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<div><strong>सवर्ण विकास मंच के संगठन मंत्री ने लगाया आरोप</strong></div>
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<div>गाजीपुर। बाल विकास परियोजना कार्यालय बाराचवर में आंगनबाड़ी के नौनिहालों के राशन के नाम पर बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। अभी तक मार्च और अप्रैल का राशन वितरित नहीं हुआ है। सीडीपीओ एजाज की कारस्तानी से ब्लाक की आंगनबाड़ी कार्यकत्री त्रस्त हैं। राशन वितरण में जमकर धांधली पर धांधली की जा रही है। मार्च के राशन में भी खेल करने की योजना</div></div></div></div></div></div></div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141078/cdpo-ejaz-collects-money-from-anganwadis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/आंगनबाड़ियों-से-वसूली-कराते-हैं-सीडीपीओ-एजाज.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div><strong>बिना लिपिक के परियोजना कार्यालय में खेल पर खेल</strong></div>
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<div><strong>सीडीपीओ एजाज की कारस्तानी बनी चर्चा का विषय</strong></div>
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<div><strong>पूर्व में कई ब्लाकों में भी राशन में कर चुके हैं गड़बड़ी</strong></div>
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<div><strong>सवर्ण विकास मंच के संगठन मंत्री ने लगाया आरोप</strong></div>
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<div>गाजीपुर। बाल विकास परियोजना कार्यालय बाराचवर में आंगनबाड़ी के नौनिहालों के राशन के नाम पर बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। अभी तक मार्च और अप्रैल का राशन वितरित नहीं हुआ है। सीडीपीओ एजाज की कारस्तानी से ब्लाक की आंगनबाड़ी कार्यकत्री त्रस्त हैं। राशन वितरण में जमकर धांधली पर धांधली की जा रही है। मार्च के राशन में भी खेल करने की योजना बनाई जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>ब्लाक की कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सीडीपीओ मनमाने तरीके से राशन वितरण कराते हैं। इसलिए ब्लाक में समय से राशन नहीं मिल पाता है। अप्रैल का महीना गुजर गया लेकिन राशन अभी तक नहीं मिला। जिससे बच्चे भूखे हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर कैसे कुपोषण की जंग विभाग लड़ेगा। क्योंकि जब विभाग ही नौनिहालों के राशन में खेल करता रहेगा आर खुद अधिकारी ही राशन हजम करने पर तूले रहेंगे।</div>
<div> </div>
<div>उषा पाल ने बताया सच</div>
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<div>आंगनबाड़ी संघ की ब्लाक उपाध्यक्ष उषा पाल का कहना है कि मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ ही अन्य से विभागीय अफसर हर माह पैसा वसूल करते हैं। मना करने पर भी सीडीपीओ नहीं मानते हैं। हम लोग मजबूर हैं। हम लोग अगर आवाज उठाते हैं तो सीडीपीओ कार्रवाई की धमकी देते हैं। और जांच के नाम पर प्रताड़ित करते हैं। इस मामले में डीएम को संज्ञान लेना चाहिए।</div>
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<div>बाल विकास परियोजना कार्यालय बाराचवर के अंर्तगत करीब 234 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों को राशन वितरण की जिम्मेदारी सीडीपीओ की होती है। इसके लिए ब्लाक में स्वयं सहायता समूहों को तैनात किया गया है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए राशन की खुले बाजार में बिक्री की जा रही है। कई केंद्रों पर समूहों से लेकर विभागीय अफसर मिलकर राशन को बेचकर लाखों रूपये हजम कर ले रहे हैं। इसकी शिकायत करने पर सीडीपीओ चुप्पी साध ले रहे हैं।</div>
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<div><strong>आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग</strong></div>
<div>अगर जांच हुई तो यहां पर राशन घोटाला सामने आ सकता है। गैर राजनीतिक संगठन सवर्ण विकास मंच ने सीडीपीओ एजाज की काली कमाई की आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की है। आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन से छह वर्ष के बच्चों को दलिया और चने की दाल का आधा आधा किलो का पैकेट हर माह वितरित करने का आदेश है। इसके साथ सात माह से तीन वर्ष के बच्चों को तेल, दलिया और चने की दाल एक एक किलो मिलती है। जबकि तेल आधा किलो मिलता है। इसके अलावा गर्भवती धात्री महिलाओं को एक किलो दाल, डेढ़ किलो दलिया और एक पैकेट तेल वितरित किया जाता है। अतिकुपोषित बच्चों को दो दो किलो दाल, एक किलो दलिया और एक पैकेट तेल देने के आदेश दिया गया था।</div>
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<div>बाराचवर परियोजना कार्यालय के कागजी रिकार्ड देखने से पता चलता है कि अन्य ब्लाकों में राशन पहले बंटता है, मगर यहां पर राशन दो दो माह विलंब से वितरित होता है। अभी भी यहां पर मार्च और अप्रैल के राशन का कहीं अता पता नहीं है। यह खेल पहले भी हुआ था। इस खेल में विभाग के सीडीपीओ की भूमिका भूमिका काफी संदिग्ध मानी जा रही है। केंद्रों का निरीक्षण नहीं करने वाली सुपरवाइजर भी खूब मलाई काट रही हैं। यहां पर एक भी लिपिक तैनात नहीं किया गया है। जबकि रेवतीपुर ब्लाक में दो दो लिपिक तैनात किए गए हैं।</div>
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<div><strong>प्राइवेट आदमी करते हैं काम</strong></div>
<div>यह सब सीडीपीओ और डीपीओ की मिलीभगत से किया जाता है। ताकि खुली वसूली करके लाखों रूपये हजम किया जाए। साथ ही कम राशन की भी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैै। सीडीपीओ की शह पर प्राइवेट लोगों से ही राशन गोदाम से निकाला जाता है। गोलू और धन्नू गुप्ता के साथ ही अमित राय इस पूरे खेल में शामिल है। यह तीनों सीडीपीओ की ही शह पर काम करते हैं। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से वसूली करके सीडीपीओ से लेकर जिले के अफसरों तक मालामाल हो रहे हैं।</div>
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<div>आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की शिकायत से यह बात तो सच है कि पूर्व में राशन में डाका डालकर विभागीय अफसरों ने गरीब नौनिहालों को भूखा रखा। जबकि मुख्यमंत्री का निर्देश है कि प्रदेश से कुपोषण को जड़ से मिटाना है। इसके लिए अतिकुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान देना है। सभी आधार कार्ड आच्छादित बच्चों को तेल, दलिया और चने की दाल समय से वितरित की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश को धता बताते हुए सीडीपीओ ने पूरा राशन गड़प करने की योजना बना डाली।</div>
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<div><strong>डीएम से होगी शिकायत</strong></div>
<div>मगर सवर्ण विकास मंच कायस्थ विंग के प्रदेश संगठन महामंत्री अनिल कुमार गुड्डू को जानकारी जब मिली तो उन्होंने हमारे संवाददाता को खबर कर दी। उन्होंने चेताया कि अगर बाराचवर ब्लाक में राशन ठीक ढंग से नहीं बंटा तो सीधे इसकी शिकायत डीएम से की जाएगी। उन्होंने प्राइवेट लोगों द्वारा राशन की निकासी करने पर भी एतराज जताया है। डीपीओ दिलीप पांडेय का कहना है कि किसी भी सूरत में राशन में खेल नहीं होने दिया जाएगा। क्योंकि सीएम का सख्त निर्देश है कि हर हाल में कुपोषण को जड़ से मिटाया जाए। वहीं सीडीपीओ एजाज अहमद ने अपने आपको ईमानदार और पाक साफ बताया। सीडीओ संतोष वैश्य ने भी गोपनीय जांच के संकेत दिए हैं।</div>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 May 2024 16:22:41 +0530</pubDate>
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                <title>आखिर कब तक चलेगी जांच, और कब होगी दोषियों पर कार्यवाही</title>
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                        <![CDATA[  शटडाउन किसने लिया  लॉग बुक पर बने हस्ताक्षर अनुसार]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140841/how-long-will-the-investigation-last-and-when-will-action"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>किस सक्षम अधिकारी के आदेश से एयरटेल टावर को दी गई प्राइवेट लाइन में जोड़ी गई उक् लाइन</strong></div>
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<div><strong>लखीमपुर खीरी </strong>थाना क्षेत्र ईसानगर के अंतर्गत मुराउवा गांव के राकेश कुमार संविदा विद्युत कर्मी ने बेल्तुआ विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ और जे ई  समेत लाइनमैन अशोक साहू पर व्यापारी सुनील कुमार मौर्य से ₹200000 बतौर रिश्वत राशि लेकर सुनील कुमार मौर्य की दुकानों के ऊपर से निकली 11000 विद्युत लाइन को बगैर किसी सर्वे व प्रस्ताव तथा एस्टीमेट बनाए और बगैर बजट स्वीकृत कराए नियम कानून को ताक पर रखकर बदल दिए जाने के गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत जिला अधिकारी खीरी सहित मुख्यमंत्री के पोर्टल पर करके मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।  इतना ही नहीं शिकायतकर्ता ने जे ई व एसडीओ के संरक्षण में उपरोक्त लाइन को एयरटेल टावर के लिए दी गई प्राइवेट लाइन से जोड़ दिये जाने की भी बात कही है।</div>
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<div>बताया जाता है कि उक्त लाइन से लगभग 60 से 70 गांव को विद्युत की आपूर्ति की जाती थी ।बताते चलें की घटना दिनांक 18 फरवरी 2024 की है जब पूर्व योजित योजना बद्ध तरीके से  जे ई सुधीर कुमार गुप्ता ,एसडीओ और अशोक कुमार साहू लाइन मैंन एक राय होकर सुनील कुमार मौर्य के दुकानों पर से निकली 11000 विद्युत लाइन का आनंन-फानन में स्थान परिवर्तित कर डाला गया ।वह भी बिना सर्वे और बगैर प्रस्ताव तथा एस्टीमेट के बिना पास कराए ही पूरी 11000 लाइन का स्थान परिवर्तन कर दिया गया। और उक्त लाइन को एयरटेल टावर को दी गई प्राइवेट लाइन में जुड़वाकर नियमों के चीथड़े उड़ा कर रख दिए।</div>
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<div>इस फर्जी वाडा का खुलासा होने व मामला मीडिया में सुर्खियां बनने पर अपनी व अपने चहेतों की गर्दन फंसते देख घटना के जिम्मेदार जे ई सुधीर कुमार गुप्ता का स्थानांतरण करते हुए आन  पेपर दोषी अशोक कुमार साहू लाइनमैन को संजीवनी दे दी गई ।और संविदा कर्मी राकेश को बालिका बकरा बना दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बना है। उक्त मामले की धरातलीय पड़ताल करने पहुंची स्वतंत्र प्रभात समाचार पत्र की टीम को मामला विद्युत विभाग द्वारा गढी गई कहानी से ठीक उल्टा दिखाई पड़ा। व्यापारी सुनील कुमार  से जानकारी लेने पर उसने ₹200000 देकर लाइन हटवाए जाने की बात तो बताई ही साथ ही साथ जे ई सुधीर कुमार गुप्ता को ₹100000 नगद देने का गंभीर आरोप भी लगाया।जो यह सिद्ध करने को काफी है कि उक्त लाइन जे ई व एसडीओ के संरक्षण व संज्ञान में बदली गई और इसके एवज में ली गई सुविधा शुल्क का एक भाग ऊपर तक जाने के चलते आनंन-फानन में संविदा कर्मी को बलि का बकरा बनाते हुए अन्य सभी जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास जारी है।</div>
<div> </div>
<div>मामले को शांत करने के लिए जे ई सुधीर कुमार गुप्ता को शारदा नगर स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन यह खेल कई प्रश्नों को जन्म दे गया । क्या उपरोक्त 11000 लाइन एक आदमी बदल सकता है जवाब आता है नहीं, हर कोई यही कहेगा नहीं बदल सकता है। उक्त लाइन कई लोगों द्वारा बदली गई होगी ।तो फिर अकेले राकेश कुमार के विरुद्ध ही कार्रवाई क्यों? शटडाउन किसने लिया यह लाग बुक पर बने हस्ताक्षर से पता चलता है ।और उनके इस घटना में शामिल होने की पुष्टि करने को काफी हैलाग बुक पर बना हस्ताक्षर।</div>
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<div>तो फिर अशोक साहू पर मेहरबानी क्यों? सबसे अहम सवाल तो यह है आखिरकार बार-बार अपने स्टेटमेंट क्यों बदल रहे जे ई विद्युत सुधीर कुमार गुप्ता साहब घटना के समय समाचार पत्र को दिए गए वर्जन में जे ई साहब ने प्रस्ताव व एस्टीमेट पास होने की बात कही थी।  और यही बात इक्सईनऔर एसडीओ ने भी कही थी। और अब बगैर प्रस्ताव ब बगैर एस्टीमेट लाइन बदले जाने की बात क्यों कहीं जा रही है? आखिर घटना के समय मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कल एसडीओ द्वारा भी फर्जी झूठा एवं भ्रामक स्टेटमेंट क्यों दिया गया? की प्रस्ताव एस्टीमेट पास है इनका सबका यह क्रत्य  सिद्ध करता है की दाल में कुछ काला ही नहीं बल्कि संपूर्ण दाल ही काली है। </div>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Sat, 04 May 2024 16:50:46 +0530</pubDate>
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