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                <title>mahila utpidan - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा, त्वरित न्याय हेतु जनसुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम बिरारी में जन चौपाल लगाकर महिलाओं को बताए उनके अधिकार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159167/review-of-incidents-of-women-harassment-and-public-hearing-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/hindi-divas4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के दिये निर्देश</strong><br /><strong>ललितपुर। </strong>गुरुवार को राज्य महिला आयोग की सदस्या अर्चना पटेल ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा की और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाये जाने के लिए महिला जनसुनवाई कर अधिकारियों को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिये। उन्होंने जनसुनवाई करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिला जनसुनवाई का आयोजन इसलिए किया जाता है कि पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय मिले और उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जानकारी हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही सरकार की अनेकों योजनाओं का लाभ देकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके। कुछ महिलाएं जानकारी के अभाव में यहां वहां न्याय के लिए भटकती हैं, लेकिन महिला जनसुनवाई में आकर उन्हें अपनी समस्या का निस्तारण मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आज जो भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनका निस्तारण अगली जनसुनवाई तक हो जाना चाहिए, यदि शिकायतें लंबित रहती हैं तो सम्बंधित अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे। कुल 21 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिनमें 04 बाल सेवा योजना, 01 स्पॉन्सरशिप योजना, 03 राशन कार्ड, 01 एलपीजी, 01 घरेलू हिंसा, 01 अवैध कब्जा, 01 आवास, 01 सडक़ व नाली बनवाने व 08 अन्य शिकायती पत्र आये हैं, जिनमें से 07 मामलों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया गया और शेष शिकायतों को सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिये गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान पिछली जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई, जिसमें कुल 65 मामले आये थे, जिनमें से 39 का निस्तारण हो चुका है, शेष मामले जमीनी विवाद वाले हैं, जिनका निस्तारण भी जल्द होगा। जनसुनवाई के बाद सदस्य ने ग्राम बिरारी के पंचायत भवन में जन चौपाल कर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब, असहाय व जरूरतमंद व्यक्तियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सीएमओ, एसडीएम न्यायिक, डीएसओ, प्रोबेशन अधिकारी, डीपीओ, डीआईओ, ईओ नगर पालिका, समाज कल्याण अधिकारी, महिाल थानाध्यक्ष के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 20:00:50 +0530</pubDate>
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                <title>एबीवीपी ने फूंका पश्चिम बंगाल की सीएम ममता का पुतला </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>मीरजापुर। </strong>पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के उत्पीडन और गुंडागर्दी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौराहे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पुतले का दहन किया। कहा कि माँ, माटी और मानुष के नाम पर सत्तासीन सीएम ने कुर्सी के लोभ में आँख मूंद लिया है। महिला होकर भी महिलाओं का शोषण करने वालों के साथ खड़ी नजर आ रही हैं। दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय दुसरों पर ही आरोप लगा रही हैं। न्याय का गला घोटने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी जितनी निंदा किया जाय वह कम हैं।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138894/abvp-burnt-the-effigy-of-west-bengal-cm-mamata"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/screenshot_2024_0224_191603.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>मीरजापुर। </strong>पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में महिलाओं के उत्पीडन और गुंडागर्दी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौराहे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पुतले का दहन किया। कहा कि माँ, माटी और मानुष के नाम पर सत्तासीन सीएम ने कुर्सी के लोभ में आँख मूंद लिया है। महिला होकर भी महिलाओं का शोषण करने वालों के साथ खड़ी नजर आ रही हैं। दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय दुसरों पर ही आरोप लगा रही हैं। न्याय का गला घोटने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी जितनी निंदा किया जाय वह कम हैं। प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी और टीएमसी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपने आक्रोश का इजहार किया। </div>
<div> </div>
<div>विभाग संयोजक श्रेयांश सिंह ने कहा कि संदेश खाली में उत्पीड़न का खेल दिन, महीना नहीं करीब एक दशक से चल रहा था। न्याय व कानून को दरकिनार कर अधर्मी को सत्ता से संरक्षण दिया जाता रहा । जिसके बल पर महिलाओं का शोषण कर अधर्मी दूसरों को जमीन पर कब्जा करता रहा। यह सरकार के लिए सामान्य बात रही। जबकि जनता आह भरती रही। जिम्मेदार लोगोँ ने आँखे बंद कर लिया। सत्तासीन पश्चिम बंगाल की सरकार ने कार्रवाई करने के बजाय महिलाओं से मिलने जा रहे लोगों को ही रोक लिया।</div>
<div> </div>
<div>इतना ही नहीं क्षेत्र में धारा 144 लागू कर लोगों को डराने का काम किया गया। कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं । अगर सरकार अपराधी को सजा नहीं देती तो जनता सरकार को सबक सिखाती है। नगर मंत्री दिव्यांश अवस्थी ने कहा कि माँ, माटी और मानुष के नाम पर सत्ता में बैठी ममता बनर्जी ने आरोपी को संरक्षण देकर घटिया मानसिकता का परिचय दिया है। कहा कि नारी का अपमान करने वाले को कोई कितना भी संरक्षण दे दे , लेकिन प्रकृति इसे बर्दाश्त नहीं करेगी । </div>
<div> </div>
<div>प्रदर्शन के दौरान श्रेयश पांडेय, प्रांशु साहू, राहुल तिवारी, स्नेहिल वर्मा, प्रशांत गुप्ता, अंकित कसेरा, अभय गुप्ता, निखिल गुप्ता, उज्ज्वल मोदनवाल, अमृतांश दुबे, सुदर्शन अग्रवाल, संदीप प्रजापति एवं सचिन यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Feb 2024 17:25:08 +0530</pubDate>
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