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                <title>bhrasatachar ka bolbala - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>bhrasatachar ka bolbala RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विकास खंड हरैया मे टीए रघुनाथ पटेल व सचिव राम जस चौधरी ने ग्राम प्रधान क्रान्ती देवी के खिलाफ खोला मोर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्तीजिले केहर्रैया विकासखंड हर्रैया अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहपुर में वित्तीय वर्ष 2025–26 के मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितता का खुलासा हुआ है। तकनीकी सहायक (जेई ) रघुनाथ पटेल व सचिव राम जस चौधरी ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत बरहपुर में स्वीकृत दो परियोजनाओं की एमआईएस फीडिंग मनरेगा के निर्धारित नियमों को दरकिनार कर की गई है जिसकी जानकारी न तो टी ए जे ई  व न तो सचिव को है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बरहपुर में दो पक्की सड़क निर्माण कार्यों को मनरेगा एमआईएस पर दर्ज किया गया है। पहला कार्य पक्की सड़क से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167833/in-development-block-haraiya-ta-raghunath-patel-and-secretary-ram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/ग्राम-प्रधान-क्रान्ती-देवी-के-खिलाफ-खोला-मोर्चा.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्तीजिले केहर्रैया विकासखंड हर्रैया अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहपुर में वित्तीय वर्ष 2025–26 के मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितता का खुलासा हुआ है। तकनीकी सहायक (जेई ) रघुनाथ पटेल व सचिव राम जस चौधरी ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत बरहपुर में स्वीकृत दो परियोजनाओं की एमआईएस फीडिंग मनरेगा के निर्धारित नियमों को दरकिनार कर की गई है जिसकी जानकारी न तो टी ए जे ई  व न तो सचिव को है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बरहपुर में दो पक्की सड़क निर्माण कार्यों को मनरेगा एमआईएस पर दर्ज किया गया है। पहला कार्य पक्की सड़क से पंडित पुरवा तक खड़ंजा/पक्की सड़क निर्माण से संबंधित है, जिसकी आईडी 824909685 है। इस कार्य की फीडिंग 12 जनवरी 2026 को दर्शाई गई है। वहीं दूसरा कार्य रखिया के खेत से कन्हैया के चक तक खड़ंजा/ पक्की सड़क निर्माण का है, जिसकी आईडी 55824909685 बताई गई है। इसकी फीडिंग भी 12 जनवरी 2026 को की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नियमों के अनुसार मनरेगा योजना के अंतर्गत किसी भी परियोजना की एमआईएस फीडिंग से पूर्व तकनीकी सहायक (टीए) द्वारा मापन पुस्तिका (एमबी) भरना अनिवार्य होता है। इसके बाद कार्य प्रभारी एवं सचिव/ग्राम पंचायत द्वारा हस्ताक्षर कर फाइल को ब्लॉक कार्यालय भेजा जाता है। सभी औपचारिकताओं के पूर्ण होने के उपरांत ही एमआईएस फीडिंग की अनुमति होती है। लेकिन आरोप है कि उक्त दोनों परियोजनाओं में न तो तकनीकी सहायक द्वारा एमबी पूर्ण की गई और न ही कार्य प्रभारी द्वारा आवश्यक हस्ताक्षर किए गए, इसके बावजूद फीडिंग कर दी गई। इससे मनरेगा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं यदि ग्राम प्रधान क्रान्ती देवी के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हो जाएं तो बहुत बड़े भ्रष्टाचार की पोल खुल सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम प्रधान के भ्रष्टाचार को लेकर TA व सचिव ने लिखित शिकायत खण्ड विकास अधिकारी विनय कुमार द्विवेदी से किया है और मामले की निष्पक्ष जांच करके भ्रष्टाचारी महिला ग्राम प्रधान क्रान्ती देवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है अब देखना यह है बीडीओ हर्रैया व डीसी मनरेगा संजय शर्मा द्वारा उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की जाती है ? जो जिले में एक चर्चा का विषय बना हुआ है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 17:09:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सप्लाई इंस्पेक्टर 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, एंटी करप्शन ने रंगे हाथों दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>प्रयागराज</strong> एंटी करप्शन टीम ने सप्लाई इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। आरोपी सप्लाई इंस्पेक्टर कोटा संचालक से हर महीने पैसों की मांग करता था। फर्जी शिकायतें निबटाने और दुकान बचाने का दबाव बना रहा था। शिकायत की जांच के बाद टीम ने सब्जी की एक दुकान पर ट्रैप लगाया। तय स्थान पर पहुंचकर जैसे ही सप्लाई इंस्पेक्टर ने रुपए लिए, टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उसे झूंसी थाने लाया गया।</div>
<div>  </div>
<div>बसना खास के कोटा संचालक राजमनी ने एंटी करप्शन में शिकायत दी थी कि सप्लाई</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160389/supply-inspector-arrested-for-taking-bribe-of-rs-10-thousand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/42.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>प्रयागराज</strong> एंटी करप्शन टीम ने सप्लाई इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। आरोपी सप्लाई इंस्पेक्टर कोटा संचालक से हर महीने पैसों की मांग करता था। फर्जी शिकायतें निबटाने और दुकान बचाने का दबाव बना रहा था। शिकायत की जांच के बाद टीम ने सब्जी की एक दुकान पर ट्रैप लगाया। तय स्थान पर पहुंचकर जैसे ही सप्लाई इंस्पेक्टर ने रुपए लिए, टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उसे झूंसी थाने लाया गया।</div>
<div> </div>
<div>बसना खास के कोटा संचालक राजमनी ने एंटी करप्शन में शिकायत दी थी कि सप्लाई इंस्पेक्टर नंदकिशोर यादव दुकान पर आने वाली फर्जी शिकायतों को निबटाने और कोटा बचाने के नाम पर 10 हजार रुपए प्रतिमाह मांगता है। उसने 7 और 13 नवम्बर को प्रयागराज स्थित एंटी करप्शन कार्यालय में लिखित शिकायत की थी। शिकायत सही मिलने पर टीम ने 14 नवम्बर को ट्रैप लगाया।</div>
<div> </div>
<div>योजना के तहत राजमनी ने आरोपी को झूंसी स्थित आवास विकास कॉलोनी योजना-3, लेबर चौराहा की एक सब्जी की दुकान पर पैसे लेने के लिए बुलाया। जैसे ही नंदकिशोर यादव ने 10 हजार रुपए लिए, टीम ने उसे सुबह 9:12 बजे दबोच लिया। गिरफ्तार सप्लाई इंस्पेक्टर को झूंसी थाने ले जाकर मुकदमा दर्ज किया गया। एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन ने लोगों से अपील किया है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो 9454402490 या 9454402484 पर शिकायत करें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 21:11:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना इंजीनियर के बना रहे है सीसी रोड का निर्माण कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>शहडोल दिनेश चौधरी की रिपोर्ट </strong></div>
<div><br />शहडोल जिले के बहु चर्चित ग्राम पंचायत करकटी एक मिसाल कायम करने जा रही हैं। आपको बता दे कि ग्राम पंचायत करकटी में वार्ड नंबर 1मेन रोड से प्यारेलाल बैगा के घर तक सी सी रॉड न निर्माण कार्य चल रहा हैं। जिसका निर्माण एजेंसी खुद ग्राम पंचायत हैं आपको बता की जब कोई इंजीनियर ही नहीं हैं तो निर्माण कार्य कैसे और किसके इसारे से चल रहा हैं। ग्रामीणों के काफी विरोध के बाद भी ग्राम पंचायत अपने रवैये से बाज नहीं आ रहा। </div>
<div>  </div>
<div><strong>  250 मीटर बनना हैं कैसे और क्यों निर्माण एजेंसी</strong></div>
<div> </div>
<div>250</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159633/cc-road-construction-work-is-being-done-without-engineers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img_20251110_165637.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>शहडोल दिनेश चौधरी की रिपोर्ट </strong></div>
<div><br />शहडोल जिले के बहु चर्चित ग्राम पंचायत करकटी एक मिसाल कायम करने जा रही हैं। आपको बता दे कि ग्राम पंचायत करकटी में वार्ड नंबर 1मेन रोड से प्यारेलाल बैगा के घर तक सी सी रॉड न निर्माण कार्य चल रहा हैं। जिसका निर्माण एजेंसी खुद ग्राम पंचायत हैं आपको बता की जब कोई इंजीनियर ही नहीं हैं तो निर्माण कार्य कैसे और किसके इसारे से चल रहा हैं। ग्रामीणों के काफी विरोध के बाद भी ग्राम पंचायत अपने रवैये से बाज नहीं आ रहा। </div>
<div> </div>
<div><strong> 250 मीटर बनना हैं कैसे और क्यों निर्माण एजेंसी मौन</strong></div>
<div> </div>
<div>250 मीटर का निर्माण कार्य होना हैं जिसकी लागत 8लाख  84 हजार रुपये बताई जा रही हैं। लेकिन जब इस संबंध में निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत सरपंच सचिव के पूछा गया कि निर्माण कार्य मे क्या मटेरियल कितना क्वांटिटी , कितना लंबाई , और चौड़ाई  सहित स्टीमेट और लेआउट  के बारे में जानकारी मांगी तो  सचिव सरपंच का कहना था कि मेरे को कुछ भी जानकारी नहीं हैं और न ही कुछ पता हैं। </div>
<div> </div>
<div><strong>किसके भरोसे चल रहा निर्माण कार्य</strong></div>
<div> </div>
<div>सूत्र बताते है कि यहाँ का कोई भी फैसला ग्राम पंचायत सरपंच सचिव नहीँ लेते बल्कि यहाँ के राबेंहुड मतलब ग्राम पंचायत का दलाल के संरक्षण में कार्य और मैनेजमेंट का खेल चल रहा हैं । आपको बता दे कि ग्राम पंचायत में हो रहे निर्माण को बिना किसी लेआउट का कार्य किया जा हैं क्योंकि 2 महीनों उपयंत्रियों का हड़ताल जारी हैं और ग्राम पंचायत बिना किसी इंजीनियर के घटिया निर्माण कार्य को करवाया जा रहा हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 19:04:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर कब तक आला अधिकारियों के रहमों करम पर चलते रहेंगे अवैध व मानक विहीन हॉस्पिटल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>लहरपुर (सीतापुर) </strong>चिकित्सा पद्धति आज लोगों के लिए रुपए कमाने का जरिया बन कर रह गया है यही कारण है कि शहर से लेकर देहातों तक झोलाछाप डाक्टर और आर्टिफिशियल अस्पताल कुकरमुत्तों की तरह उग आए हैं जिनकी भेंट हर साल मासूम लोग चढ़ते हैं लेकिन इसके बाद भी इन स्वास्थ्य माफियाओं पर चिकित्सा विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता बस नोटिस थमा कर रह जाता हैं। कुछ समय के बाद हॉस्पिटलों के संचालकों व क्लिनिक संचालको से सांठ गांठ करके अधिकारियों की जेब का वजन बढ़ाकर फिर पुराने अंदाज में अपने काम पर लग जाते हैं और लोगों की</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158857/how-long-will-illegal-and-non-standard-hospitals-continue-to-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/आखिर-कब-तक-आला-अधिकारियों-के-रहमों-करम-पर-चलते-रहेंगे-अवैध-व-मानक-विहीन-हॉस्पिटल.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div><strong>लहरपुर (सीतापुर) </strong>चिकित्सा पद्धति आज लोगों के लिए रुपए कमाने का जरिया बन कर रह गया है यही कारण है कि शहर से लेकर देहातों तक झोलाछाप डाक्टर और आर्टिफिशियल अस्पताल कुकरमुत्तों की तरह उग आए हैं जिनकी भेंट हर साल मासूम लोग चढ़ते हैं लेकिन इसके बाद भी इन स्वास्थ्य माफियाओं पर चिकित्सा विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता बस नोटिस थमा कर रह जाता हैं। कुछ समय के बाद हॉस्पिटलों के संचालकों व क्लिनिक संचालको से सांठ गांठ करके अधिकारियों की जेब का वजन बढ़ाकर फिर पुराने अंदाज में अपने काम पर लग जाते हैं और लोगों की जिंदगी और मौत के सौदागर बन जाते है।</div>
<div> </div>
<div>सीतापुर जिले का स्वास्थ्य महकमा न तो सरकारी अस्पतालों में इलाज मुहैया करा पा रहा है और न ही झोलाछाप डॉक्टर्स की क्लीनिकों को न ही हॉस्पिटलों को आज तक बंद करा पाया है यही कारण है कि ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने को मजबूर हैं यह झोलाछाप जानकारी के अभाव में ग्रामीण मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं अब तक कई झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीण मरीजों की जान ले चुके हैं।</div>
<div> </div>
<div>अभी हाल ही में नवजात बच्चे और मां की मौत हुई परिजनों ने बवाल भी काटा लाइफ लाइन हॉस्पिटल और मर्सी हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई भी की लेकिन आज फिर वही पुराने अंदाज में दोनों हॉस्पिटल अपनी जगह क़ायम हो गए और फिर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करना शुरू कर दिया। सीतापुर जिले का स्वास्थ्य महकमा गंभीर नजर नहीं आ रहा है कुल मिलाकर अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्रवाई सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित है।</div>
<div> </div>
<div>जानकारी के मुताबिक सरकार ने ग्रामीण जनता को गांव में सहज इलाज मुहैया कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर ब्लॉक व तहसील मुख्यालय पर स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए हैं लेकिन इन पर पर्याप्त स्टाफ मुहैया न कराने तथा समय समय पर मॉनीटरिंग न होने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसी मजबूरी के कारण ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टर्स की क्लीनिको व अवैध हॉस्पिटलो पर इलाज कराने को मजबूर हैं वहीं यह झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीण मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके स्वास्थ्य से लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं जिसके मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं</div>
<div> </div>
<div>स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते लोग अपनी जान गंवा रहे हैं आर्टिफिशियल अस्पताल लहरपुर में सडक़ किनारे जगह-जगह संचालित हो रहे है जिनमें ना तो कोई डाक्टर होता है ना ही प्रशिक्षित स्टाफ, और तो और इन पर अस्पताल संचालन से लेकर अग्निशमन और प्रदूषण नियंत्रण का भी पंजीकरण नहीं होता लेकिन इन अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की कृपा भरपूर है। अब देखा होगा लहरपुर में सैलून की तरह खुले अवैध हॉस्पिटल व क्लिनिको पर क्या कार्रवाई करता है स्वास्थ्य विभाग या फिर मुंह में चूरन दाबकर यूं ही तमाशा देखते रहेंगे हैं!!</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 18:35:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 करोड़ के टेंडर में 15% कमीशन की मांग का आरोप : बीएसए समेत तीन पर एफआईआर के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>गोंडा। </strong>जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्रा और जिला समन्वयक (जेम पोर्टल) प्रेम शंकर मिश्रा के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट ने गंभीर आदेश जारी किया है। न्यायाधीश विपिन कुमार तृतीय ने तीनों अधिकारियों पर 15 करोड़ रुपए के टेंडर के बदले 15% कमीशन मांगने के आरोपों को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।</div>
<div>  </div>
<div><strong>आवेदक का आरोप – टेंडर दिलाने के नाम पर मांगी रिश्वत</strong></div>
<div>मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज कुमार पांडे ने अदालत को बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर 2024 को जेम पोर्टल के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158764/fir-ordered-against-three-including-bsa-accused-of-demanding-15"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/aghhh.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>गोंडा। </strong>जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (निर्माण) विद्याभूषण मिश्रा और जिला समन्वयक (जेम पोर्टल) प्रेम शंकर मिश्रा के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट ने गंभीर आदेश जारी किया है। न्यायाधीश विपिन कुमार तृतीय ने तीनों अधिकारियों पर 15 करोड़ रुपए के टेंडर के बदले 15% कमीशन मांगने के आरोपों को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>आवेदक का आरोप – टेंडर दिलाने के नाम पर मांगी रिश्वत</strong></div>
<div>मोतीगंज थाना क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज कुमार पांडे ने अदालत को बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर 2024 को जेम पोर्टल के माध्यम से फर्नीचर सप्लाई का 15 करोड़ का टेंडर प्राप्त किया था। आरोप है कि टेंडर स्वीकृति के लिए बीएसए अतुल कुमार तिवारी, विद्याभूषण मिश्रा और प्रेम शंकर मिश्रा ने उनसे 15% कमीशन की मांग की और 50 लाख रुपए एडवांस देने को कहा।</div>
<div> </div>
<div>मनोज पांडे के मुताबिक, 4 जनवरी 2025 को उन्होंने बीएसए को 22 लाख रुपए, प्रेम शंकर मिश्रा को 4 लाख रुपए और कुछ रकम विद्याभूषण मिश्रा को दी। बावजूद इसके, उन्हें टेंडर नहीं दिया गया। जब उन्होंने बाकी पैसे देने से इनकार किया तो उनकी फर्म को 2 फरवरी 2025 को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और फर्जी दस्तावेजों से टेंडर लेने का मुकदमा नगर कोतवाली में दर्ज करा दिया गया।</div>
<div> </div>
<div style="text-align:center;"><strong>रिश्वत न देने पर ऑफिस से निकाला, फिर लौटाए सिर्फ 1 लाख रुपए</strong></div>
<div>आवेदक ने बताया कि बीएसए ने धमकी दी कि शेष 24 लाख रुपए दो, वरना फर्म ब्लैकलिस्ट कर दी जाएगी। जब उन्होंने भुगतान से इनकार किया तो उन्हें ऑफिस से धक्का देकर निकाल दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने पैसे की वापसी मांगी, लेकिन केवल प्रेम शंकर मिश्रा ने 1 लाख रुपए लौटाए जबकि अन्य दोनों अधिकारियों ने कोई रकम नहीं दी।</div>
<div>मनोज पांडे का दावा है कि उनके और अधिकारियों के बीच वॉट्सऐप कॉल और संदेशों पर बातचीत भी हुई, जिनका रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है। उन्होंने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी गोंडा से भी की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।</div>
<div> </div>
<div style="text-align:center;"><strong>कोर्ट ने माना भ्रष्टाचार का मामलाएफआईआर दर्ज करने के निर्देश</strong></div>
<div>मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (एंटी करप्शन) विपिन कुमार तृतीय ने इसे भ्रष्टाचार का मामला मानते हुए नगर कोतवाली पुलिस को एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।</div>
<div> </div>
<div style="text-align:center;"><strong>BSA का पक्ष – “सभी आरोप निराधार, उल्टे फर्जी दस्तावेजों से टेंडर लिया गया”</strong></div>
<div>इस पर बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी से कोई कमीशन नहीं मांगा, न ही किसी से पैसा लिया। उनके अनुसार, आवेदक ने गलत कागजातों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया और फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया। उन्होंने कहा, “जिन लोगों पर कार्रवाई की गई है, वही अब व्यक्तिगत द्वेषवश झूठे आरोप लगा रहे हैं।”</div>
<div> </div>
<div style="text-align:center;"><strong>अब निगाहें पुलिस जांच पर</strong></div>
<div>कोर्ट के आदेश के बाद नगर कोतवाली पुलिस पर अब एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी आ गई है। मामला शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से जुड़ा होने के कारण जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158764/fir-ordered-against-three-including-bsa-accused-of-demanding-15</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 21:33:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>80% पंचायत भवनों में ताले बंद, सुविधाएं ठप- फिर भी सहायक पंचायतों को हर महीने मानदेय का भुगतान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बलरामपुर। संवाददाता। </strong>जनपद बलरामपुर में पंचायत व्यवस्था की हकीकत शर्मनाक तस्वीर पेश कर रही है। जिले की लगभग 80 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवन महीनों से तालेबंद पड़े हैं। न तो इन भवनों का नियमित उपयोग हो रहा है, न ही यहां कोई सरकारी या जनकल्याणकारी गतिविधि संचालित की जा रही है। बावजूद इसके, सहायक पंचायत सचिवों को हर महीने पूरा मानदेय बिना किसी कार्य के भुगतान किया जा रहा है।</p>
<p>ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बने पंचायत भवन अब खंडहर बनने की कगार पर हैं। कई भवनों में झाड़ियां उग आई हैं, कहीं दीवारों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156889/lock-facilities-stalled-in-80-panchayat-buildings-still-payment-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img-20251008-wa0480.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बलरामपुर। संवाददाता। </strong>जनपद बलरामपुर में पंचायत व्यवस्था की हकीकत शर्मनाक तस्वीर पेश कर रही है। जिले की लगभग 80 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवन महीनों से तालेबंद पड़े हैं। न तो इन भवनों का नियमित उपयोग हो रहा है, न ही यहां कोई सरकारी या जनकल्याणकारी गतिविधि संचालित की जा रही है। बावजूद इसके, सहायक पंचायत सचिवों को हर महीने पूरा मानदेय बिना किसी कार्य के भुगतान किया जा रहा है।</p>
<p>ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बने पंचायत भवन अब खंडहर बनने की कगार पर हैं। कई भवनों में झाड़ियां उग आई हैं, कहीं दीवारों से प्लास्टर झड़ रहा है तो कहीं छत टपकने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवनों के ताले महीनों से नहीं खुले, यहां न तो बैठकों का आयोजन होता है और न ही कोई विकास कार्य की समीक्षा।</p>
<p>सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इन पंचायतों में तैनात सहायक सचिव कार्यालय नहीं आते, फिर भी वेतन हर महीने जारी हो रहा है। यह स्थिति न सिर्फ शासन की योजनाओं की पोल खोलती है बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को भी उजागर करती है।</p>
<p>ग्राम पंचायतों के कई सदस्यों ने आरोप लगाया है कि सचिव और सहायक सचिव सिर्फ वेतन लेने आते हैं, काम के नाम पर कुछ नहीं करते। इससे ग्रामीण योजनाओं के संचालन और शिकायत निस्तारण में भारी दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p><br />ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ऐसे पंचायत भवनों का निरीक्षण कर गैरहाजिर सहायक सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पंचायत भवनों को सक्रिय किया जाए ताकि ग्रामीणों को सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 18:04:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सामुदायिक शौचालय पर लगा ताला </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के  शोहरतगढ़ विकास खण्ड के ग्राम पंचायत मदरहना उर्फ रामनगर टोला मटियरिया में गांव  में स्वच्छता अभियान के तहत  बना सामुदायिक शौचालय का बुरा हाल है। ग्रामीण  शौच लिए बाहर जाने के लिए मजबूर है।जिससे गांव की  सड़के गंदगी से सराबोर रहता है।  सामुदायिक शौचालय पर अभी तक ग्राम पंचायत का नाम तक अंकित नहीं  है।</div>
<div>  </div>
<div>ग्रामीणों का कहना है कि जब से यह शौचालय बना है।तभी से ताला लगा हुआ है। शौचालय में न तो टोटी सही है।नल बंद पड़ा है। ऊपर  दिखावे के लिए टंकी लगवा दिया गया है। महिला और पुरुष के लिए अलग अलग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145747/lock-on-community-toilet%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/1729851993047.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के  शोहरतगढ़ विकास खण्ड के ग्राम पंचायत मदरहना उर्फ रामनगर टोला मटियरिया में गांव  में स्वच्छता अभियान के तहत  बना सामुदायिक शौचालय का बुरा हाल है। ग्रामीण  शौच लिए बाहर जाने के लिए मजबूर है।जिससे गांव की  सड़के गंदगी से सराबोर रहता है।  सामुदायिक शौचालय पर अभी तक ग्राम पंचायत का नाम तक अंकित नहीं  है।</div>
<div> </div>
<div>ग्रामीणों का कहना है कि जब से यह शौचालय बना है।तभी से ताला लगा हुआ है। शौचालय में न तो टोटी सही है।नल बंद पड़ा है। ऊपर  दिखावे के लिए टंकी लगवा दिया गया है। महिला और पुरुष के लिए अलग अलग बने शौचालय में दरवाजा तक नहीं लगाया गया।  ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान की मिलीभगत  से  कागजों में शौचालय संचालित दिखा सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145747/lock-on-community-toilet%C2%A0</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2024 16:44:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनरेगा में धांधली के आरोप में पुलिस ने प्रधान को भेजा जेल</title>
                                    <description><![CDATA[धांधली के आरोप में पुलिस ने वर्तमान प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वहीं तीन सचिवों व तकनीकी सहायक की जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145001/police-sent-pradhan-to-jail-on-charges-of-rigging-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/20240921_202340.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात-सण्डीला/ हरदोई। </strong>सण्डीला कोतवाली क्षेत्र के लोहराई में मनरेगा योजना के नाम पर चकरोड निर्माण में की गई धांधली के आरोप में पुलिस ने वर्तमान प्रधान को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। वहीं तीन सचिवों व तकनीकी सहायक की जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज हो गई है।</p>
<p>बता दें, सण्डीला कोतवाली में 14 जुलाई को सण्डीला बीडीओ प्रतिमा शर्मा ने तहरीर देकर वर्तमान प्रधान रामकुमार व तकनीकी सहायक फिरोज समी और सचिव, सुशील पाल, अंकिता दीक्षित, सत्येन्द्र वीर सिंह पर लोहराई ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना से चकरोड निर्माण में की गई</p>
<p>वित्तीय अनियमितता की  धारा में एफआईआर दर्ज कराई थी।जांच अधिकारी सण्डीला कोतवाल राकेश कुमार ने दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपित रामकुमार पुत्र स्व० बुद्धा (वर्तमान प्रधान) निवासी लोहराई को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।</p>
<p>इस संबंध में सण्डीला कोतवाल राकेश कुमार ने बताया वित्तीय अनियमितता के मामले में प्रधान को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं मुकदमे में अन्य आरोपितों को जल्द दबिश देकर गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रधान</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145001/police-sent-pradhan-to-jail-on-charges-of-rigging-in</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 17:02:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> कैसे पूरा हो गांवों के विकास का सपना जब हर कदम भ्रष्टाचार दिखा रहा है रंग अपना?</title>
                                    <description><![CDATA[<div><span style="font-weight:bolder;">तुलसीपुर/बलरामपुर  </span>गांवों का मौसम गुलाबी" बताने वाली योगी सरकार में गांवों को खूब धन आवंटन किया गया। सरकार ने इस बात का भरसक प्रयास किया कि गांव-गांव विकास की गंगा बह सके। सड़के, नालियां, चक मार्ग, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा निस्तारण, मनरेगा इत्यादि विकास के कामों के लिए बेहतर व्यवस्था की बात की जाती है। लेकिन स्थानीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के कारण सरकार की मंशा पर कहीं ना कहीं ''भ्रष्टाचार का पानी फिरता" नज़र आ रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं तुलसीपुर शहर से सटे ग्राम सभा शितलापुर गांव की जहां पर गांव के विकास के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145033/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm1.jpeg" alt=""></a><br /><div><span style="font-weight:bolder;">तुलसीपुर/बलरामपुर  </span>गांवों का मौसम गुलाबी" बताने वाली योगी सरकार में गांवों को खूब धन आवंटन किया गया। सरकार ने इस बात का भरसक प्रयास किया कि गांव-गांव विकास की गंगा बह सके। सड़के, नालियां, चक मार्ग, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा निस्तारण, मनरेगा इत्यादि विकास के कामों के लिए बेहतर व्यवस्था की बात की जाती है। लेकिन स्थानीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के कारण सरकार की मंशा पर कहीं ना कहीं ''भ्रष्टाचार का पानी फिरता" नज़र आ रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं तुलसीपुर शहर से सटे ग्राम सभा शितलापुर गांव की जहां पर गांव के विकास के नाम पर खूब बंदरबांट किया गया है। </div>
<div> </div>
<div>तीन मौजों के गांव और लगभग 5 हजार से अधिक आबादी वाले इस ग्रामसभा के लोगों का आरोप है कि तमाम कार्यों को करवाने में न केवल प्रधान और अन्य की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। बल्कि एक ही जगह पर कई बार पौधारोपण, मिट्टी पटाई का कार्य करवा कर सरकारी धन की क्षति भी की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गली मोहल्लों में स्ट्रीट लाइट लगवाने के नाम पर हजारों रुपए सरकारी खाते से निकल गए। लेकिन गांव में केवल बल्ब लटका कर प्रधान और सचिव ने खानापूर्ति कर दी। इसी के साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में लगभग 65 लाख रुपए का कार्य करवाया गया है। लेकिन जमीन पर वह कार्य अभी तक नजर नहीं आते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शुद्ध पेयजल मुहैया करवाने की सरकार की जो मनसा है, उसपर भी इस गांव में पानी फिरता नजर आ रहा है। पिछले प्रधान के कार्यकाल में इंडियामार्का हैंडपंप्स को यहां पर लगवाया गया था।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन इस कार्यकाल में भी 11 नए हैंडपंप लगवाने की बात कागज में सामने आ रही है। लेकिन एक भी हैंडपंप नया पूरे ग्राम सभा में नहीं लगाया गया है। इसी तरह से ग्राम प्रधान और कोटेदार भी एक ही घर में हैं। सरकारी राशन की दुकान पर लोगों को काम राशन दिया जाता है। शितलापुर गांव में अन्नपूर्णा भवन बनकर तैयार है। फिर भी वहां पर राशन की बिक्री नहीं की जाती है। बल्कि प्रधान अपने घर से राशन की बिक्री करवाते हैं। क्योंकि ग्राम प्रधान का सगा भाई ही कोटेदार है ग्रामीणों ने कहा कि पौधारोपण के बहाने एक ही जगह पर तीन बार पौधों को लगाया गया है और हर कुछ दिनों पर मजदूरों को दिखाकर वहां पर पौधे की देखभाल की बातें तो कही जाती हैं। लेकिन वही पौधे आज तक बचे हुए हैं जो तुलसीपुर चीनी मिल के द्वारा उक्त लगवाया गया था क्योंकिगांव में चीनी मिल के द्वारा अक्सर काम करवाया जाता है।</div>
<div> </div>
<div>वहीं, गांव का एक मात्र तालाब भी बदहाली का शिकार है। यहां पर इसे ठीक करवाने के नाम काफी धन का बंदरबांट किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में गंदगी रहती है लेकिन सफाई कर्मचारी गांव में नहीं आता है। शितलापुर के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बलरामपुर को दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में यह मांग की है कि पिछले 3 वर्षों में हुए विकास कार्यों की जांच, समीक्षा व निरीक्षण करवाकर जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रभारी बीडीओ तुलसीपुर अनूप सिंह से जब ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है। सरकार की मंशा है कि भ्रष्टाचार ना हो, हमें यदि इस प्रकार की कोई शिकायत मिलती है तो ग्राम शितलापुर में हुए विकास कार्यों की जांच करवाई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा इस बार किए गए शिकायत पर सरकार और उसके अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं या पिछले कई बार की तरह ही ग्रामीणों की शिकायत को कूड़ेदान में डाल दिया जाता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 16:27:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़े दरों पर उर्वरकों वी बिक्र पर रोक लगाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जनपद सिद्धार्थ नगर। </strong>तुलसियापुर मैं खाद  उर्वरकों को बिक्री मैं बड़ा खेल हो रहा है कृषकों को मिलने वाली वास्तविक मूल्यों की जगह खाद उर्वरकों की मूल्यों मैं ओवर रेटिंग करके बड़े मूल्यों पर उक्त उर्वरक  के बिक्री करने की जानकारी मिलने पर के दूकान दार  सुनील अग्रहरि से बात की तो उन्होंने बड़े मूल्यों पर उर्वरकों वी</div>
<div>बिक्री से इनकार किया जबकि सच्चाई यह है।</div>
<div>  </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-08/img_20240807_155950.jpg" alt="IMG_20240807_155950" width="1200" height="1200" /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-08/img_20240807_155959.jpg" alt="IMG_20240807_155959" width="1200" height="1200" />कि वक्त उर्वरकों की बिक्री दर 266 रुपया 50 पैसा हैं जिस बाजार में सरे आम ₹330₹350 में बेचा जाता है किसानों के हित में कृषि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करें ऐसे को दुकान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144165/demand-to-ban-sale-of-fertilizers-at-high-rates"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/img_20240807_155959.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जनपद सिद्धार्थ नगर। </strong>तुलसियापुर मैं खाद  उर्वरकों को बिक्री मैं बड़ा खेल हो रहा है कृषकों को मिलने वाली वास्तविक मूल्यों की जगह खाद उर्वरकों की मूल्यों मैं ओवर रेटिंग करके बड़े मूल्यों पर उक्त उर्वरक  के बिक्री करने की जानकारी मिलने पर के दूकान दार  सुनील अग्रहरि से बात की तो उन्होंने बड़े मूल्यों पर उर्वरकों वी</div>
<div>बिक्री से इनकार किया जबकि सच्चाई यह है।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-08/img_20240807_155950.jpg" alt="IMG_20240807_155950" width="2448" height="3264"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-08/img_20240807_155959.jpg" alt="IMG_20240807_155959" width="2448" height="3264"></img>कि वक्त उर्वरकों की बिक्री दर 266 रुपया 50 पैसा हैं जिस बाजार में सरे आम ₹330₹350 में बेचा जाता है किसानों के हित में कृषि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करें ऐसे को दुकान दार के खिलाफ सख्त करवाई करें जिससे आम किसान को लाभ और सुविधा मिल सके संवाददाता फोन से संपर्क किया तो कृषि अधिकारी कह रहे हैं बॉर्डर देखते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 16:53:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी नौकरी में आय से अधिक सम्पत्ति कहा से आई, सम्पत्ति की हो आवश्यक जांच</title>
                                    <description><![CDATA[सीएमओ से लेकर स्वास्थ अधिकारी तक मालामाल विभाग हुआ कंगाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143703/there-should-be-necessary-investigation-into-where-the-disproportionate-assets"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm.jpeg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div><strong>बलरामपुर। </strong>जहां सरकार विभागीय भ्रष्टाचार पर पूर्ण अंकुश लगाने और जीरो टारलेन्स की बात करती है और लगातार दावा कर रही है की प्रदेश अपराध मुक्त हो गया तो वही देखा जाए तो भ्रष्टाचार अपने चरम पर है जहां विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक की मनमानी व भृष्टाचार के चलते लगातार क्षेत्र में भ्रष्टाचार होने की बात सामने आ रही है और इसके साथ में तमाम विभाग की अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति आय से कई गुना अधिक होते देखी जा रही है जिसका भौतिक सत्यापन अगर किसी अन्य एजेंसी से कराया जाए तो सारे राज खुल जाएंगे इतनी सम्पत्तियों के अर्जन का स्रोत क्या है जिसकी तस्वीर आपको जनपद बलरामपुर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में देखने को मिलेगी जिनके नियुक्ति से लेकर अब तक के सारे रिकार्ड चेक किये जाय और अर्जित दौलत का स्रोत जांचा जाए तो तमाम राज खुलने की बात होगी। जिसका खुलासा होना अति आवश्यक है।</div>
<div> </div>
<div>जिसके लिए तमाम ऐसे भृष्ट अधिकारी भी जांच के घेरे में आएंगे आखिर इनका आय के स्रोत क्या है और कितने हैं। अगर विभागीय भ्रष्टाचार की बात की जाए तो जनपद बलरामपुर का स्वास्थ विभाग भ्रष्टाचार में अव्वल की बात सामने आती है। जहां टेंडर से लेकर स्वास्थ विभाग के द्वारा दवा के खरीद से लेकर सरकारी व्यवस्थाओं व अन्य योजनाओं में मिलने वाला सरकारी धन का लगातार बंदर बात होने की बात सामने आ रही है जिसका खुलासा कई बार खबरों के माध्यम से पूर्व में किया जा चुका है इसमें दवा के खरीद पर सवाल उठाए गए जिसकी मार्केट वैल्यू कुछ है और खरीद उससे कहीं अधिक रुपए में की जा रही है जिसमें अधिकारी के चहेते सप्लायर के साथ जिले के अन्य अधिकारी की मिली भगत से करोड़ो रुपए का बंदर बाट कर करोड़ो अरबो का खेल पूर्व में हुआ का मामला प्रकाश में आया है।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन समय के साथ ही हुआ भ्र्ष्टाचार के मामले को लापता कर देने का खेल कर मामले को ठंडे बस्ते में पहुंचा दिया गया और शासन को भृमित करने की रिपोर्ट दे विभाग को संतुष्ट कर दिया गया।जंहा कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खेल करने का कार्य किया गया है। इसकी जानकारी सूत्रों के द्वारा मिल रही है जिसकी पुष्टि अभी कुछ दिन पहले एक वायरल वीडियो में हुई है जहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने पीएफ के भुगतान को लेकर जब बाबू के पास पहुंचता है तो वहां उसे 120000 के भुगतान पर 20 हजार की मांग की जाती है ।वायरल वीडियो में यह भी बताया गया है कि हमें अधिकारियों को काम के लिए पैसा देना पड़ता है तभी काम होता है नहीं तो काम नहीं होता है।</div>
<div> </div>
<div>अंदाजा कर सकते है कि स्वास्थ्य विभाग बलरामपुर में किस प्रकार और कितना भ्र्ष्टाचार व्याप्त है जिस पर जब खबरें वायरल होने लगी तो उस बाबू को जो श्रीदत्तगंज में तैनात था उसे आनंन फ़ानन में कार्रवाई के नाम जांच गठित करते हुए उसे अन्य स्थान सादुल्ला नगर स्वास्थ केंद्र पर ट्रांसफर कर दिया गया जिससे कि विभागीय राज न खुलने पाए और पर्दे के पीछे का खेल जगजाहिर न हो ।जिससे ऐसा लगता है की हो रहे तमाम भ्रष्टाचार में स्वास्थ् विभाग के उच्च अधिकारियों के बिना मिलीभगत के ऐसा संभव नहीं है और उनके मर्जी से ही सारा वसूली का खेल विभाग में होता है जिसकी तस्वीर वायरल वीडियो के द्वारा की जा सकती है। वही अगर ऐसे अन्य मामलों की जांच शासन स्तर के किसी अन्य एजेंसी से हो जाये तो तमाम लोग बेनकाब होगे और उनका असली चेहरा जनता के सामने होगा। जब इस संबंध में संबंधित अधिकारी से जानकारी लेनी चाही तो उनका फोन नही लगा।</div>
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<div class="WhmR8e"> </div>
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<div class="gA gt acV">
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</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143703/there-should-be-necessary-investigation-into-where-the-disproportionate-assets</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 17:04:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घटिया सामग्री से निर्माण के चलते आए दिन जल रहे हैं ट्रांसफार्मर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कौशाम्बी।</strong> जिले में घटिया सामग्री से ट्रांसफार्मर मरम्मत के चलते आए दिन ट्रांसफार्मर जल जाते हैं जिससे ग्रामीणों को कई दिन अंधेरे में रहना पड़ता है बिजली विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार के बाद ट्रांसफार्मर मरम्मत में बड़ा खेल हो रहा है लेकिन ट्रांसफार्मर मरम्मत में लगे ठेकेदार के कारनामे की ओर अधिकारियों ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है एक तरफ भीषण गर्मी दूसरी तरफ घटिया सामग्री से ट्रांसफार्मर मरम्मत के चलते ट्रांसफार्मर लोड नही ले पाते और अक्सर जल जाते हैं जिससे जहां आम जनता को गर्मी में परेशानी होती है।</div>
<div>  </div>
<div>वही सरकार का लाखों का नुकसान होता है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141766/transformers-are-burning-every-day-due-to-construction-using-poor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/whatsapp-image-2024-05-03-at-8.52.14-pm9.jpeg" alt=""></a><br /><div><strong>कौशाम्बी।</strong> जिले में घटिया सामग्री से ट्रांसफार्मर मरम्मत के चलते आए दिन ट्रांसफार्मर जल जाते हैं जिससे ग्रामीणों को कई दिन अंधेरे में रहना पड़ता है बिजली विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार के बाद ट्रांसफार्मर मरम्मत में बड़ा खेल हो रहा है लेकिन ट्रांसफार्मर मरम्मत में लगे ठेकेदार के कारनामे की ओर अधिकारियों ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है एक तरफ भीषण गर्मी दूसरी तरफ घटिया सामग्री से ट्रांसफार्मर मरम्मत के चलते ट्रांसफार्मर लोड नही ले पाते और अक्सर जल जाते हैं जिससे जहां आम जनता को गर्मी में परेशानी होती है।</div>
<div> </div>
<div>वही सरकार का लाखों का नुकसान होता है सिराथू तहसील क्षेत्र के कमालपुर बिजली उपकेंद्र से कमालपुर गांव में लगा ट्रांसफार्मर मंगलवार को अचानक धू धू कर जलने लगा,आग से ट्रांसफार्मर का तेल लीक हो गया और ट्रांसफार्मर धू धू कर जल गया।ट्रांसफार्मर जलने से बिजली की सप्लाई बाधित हो गई।भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर जल जाने से सैकड़ो विद्युत उपभोक्ता परेशान है लेकिन ट्रांसफार्मर जलने के बाद तत्काल दूसरे ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने नहीं शुरू की है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/141766/transformers-are-burning-every-day-due-to-construction-using-poor</link>
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                <pubDate>Wed, 29 May 2024 16:39:08 +0530</pubDate>
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