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                <title>kisan andolan - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>kisan andolan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बांदा में चकबंदी प्रक्रिया के खिलाफ किसानों का उग्र आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बांदा। </strong>जनपद बांदा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेतृत्व में किसानों ने चकबंदी विभाग में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और फर्जी रिपोर्टों के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। जेडीयू की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में चकबंदी आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम अमलीकोर सहित कई गांवों में चक सीमांकन का कार्य पूर्ण किए बिना ही शासन को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183457/fierce-agitation-of-farmers-against-the-consolidation-process-in-banda"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/604047-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बांदा। </strong>जनपद बांदा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेतृत्व में किसानों ने चकबंदी विभाग में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और फर्जी रिपोर्टों के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। जेडीयू की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में चकबंदी आयुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम अमलीकोर सहित कई गांवों में चक सीमांकन का कार्य पूर्ण किए बिना ही शासन को कार्य पूरा होने की सूचना भेज दी गई। किसानों का कहना है कि मौके पर केवल लगभग 40 प्रतिशत कार्य ही हुआ है, जबकि विभागीय अभिलेखों में इसे पूर्ण दर्शाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। किसानों ने यह भी मांग उठाई कि पहले से गठित जांच समितियों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और किसानों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता के अभाव में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धरने में राघवेंद्र सिंह, अर्पित सिंह, अवधेश तिवारी, राहुल द्विवेदी, नवरत्न सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा क्रमिक अनशन और अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे। अब सभी की निगाहें प्रशासन और चकबंदी विभाग पर टिकी हैं कि किसानों की इन गंभीर शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है और उनकी मांगों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने राष्ट्रपति के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज ।</strong> भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में बुधवार को तहसील नवाबगंज में राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों और आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई कि प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह सहित किसानों पर दर्ज 11 मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध कराई जाए तथा नकली खाद, नकली बीज और नकली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183442/bharatiya-kisan-union-tikait-submitted-a-7-point-memorandum-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1+2.------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज ।</strong> भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में बुधवार को तहसील नवाबगंज में राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों और आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में मांग की गई कि प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह सहित किसानों पर दर्ज 11 मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध कराई जाए तथा नकली खाद, नकली बीज और नकली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान यूनियन ने आवारा पशुओं से हो रहे सड़क हादसों और किसानों की फसलों के नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने की मांग की। ज्ञापन में अयोध्या राम मंदिर चंदा प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा मंदिरों में आने वाले चंदे का उपयोग गोशालाओं के निर्माण एवं गौसेवा में किए जाने का सुझाव भी दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा चीनी मिलों द्वारा किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई। ज्ञापन में विशेष रूप से बरेली जिले की बहेड़ी शुगर मिल और नवाबगंज की ओसवाल शुगर मिल द्वारा किसानों का लंबित भुगतान जल्द दिलाने की मांग उठाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र को नुकसान हो सकता है। संगठन ने सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करते हुए इस विषय पर पुनर्विचार करने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जिलाजिला प्रभारी चंद्रप्रकाश गंगवार सहित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अनेक पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:08:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय किसान यूनियन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन क्षेत्र अधिकारी को सोपा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी ने क्षेत्राधिकार नवाबगंज के माध्यम से राष्ट्रपति के संबोधन में ज्ञापन भेजा है यूनियन के पदाधिकारी ने उड़ीसा सरकार द्वारा भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में दिया गया है उन्होंने महामही राष्ट्रपति से मांग की है देश के किसानों की बिगड़ी दुर्गति कर्ज से डूबे किसानों की बात कहने के लिए किए जा रहे आयोजनों पर सरकार द्वारा किया जा रहा उत्पीड़न रोकने की मांग की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही किसानों के कर्ज माफी करने की भी बात राष्ट्रपति से मांग की गई है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174696/bharatiya-kisan-union-handed-over-memorandum-addressed-to-the-president"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1.----अ1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong> भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी ने क्षेत्राधिकार नवाबगंज के माध्यम से राष्ट्रपति के संबोधन में ज्ञापन भेजा है यूनियन के पदाधिकारी ने उड़ीसा सरकार द्वारा भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में दिया गया है उन्होंने महामही राष्ट्रपति से मांग की है देश के किसानों की बिगड़ी दुर्गति कर्ज से डूबे किसानों की बात कहने के लिए किए जा रहे आयोजनों पर सरकार द्वारा किया जा रहा उत्पीड़न रोकने की मांग की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही किसानों के कर्ज माफी करने की भी बात राष्ट्रपति से मांग की गई है ताकि देश का किसान राहत की सांस ले सके और भारतीय किसान यूनियन के साथ इस तरह का कृत्य अब किसी अन्य राज्य में ना किया जा सके इस को लेकर ज्ञापन क्षेत्र अधिकारी नवाबगंज के द्वारा भेजा गया है ज्ञापन देने में चंद्र प्रकाश गंगवार फतेह चंद गंगवार हीरालाल गंगवार समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 19:42:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूजीसी कानून के खिलाफ नव भारतीय किसान संगठन का आंदोलन, सरकार को दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत <strong>नव भारतीय किसान संगठन</strong> परिवार ने यूजीसी कानून के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>निर्मल शुक्ला</strong> ने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए समाज में जातिवाद और आपसी मतभेद बढ़ाकर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। इससे आने वाली पीढ़ियों की पढ़ाई और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>“गलत रिपोर्ट करने वालों पर सख्त सजा हो”</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">निर्मल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169482/nav-bharatiya-kisan-sangathans-movement-against-ugc-law-warns-government"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/whatsapp-image-2026-02-13-at-14.24.33.jpeg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत <strong>नव भारतीय किसान संगठन</strong> परिवार ने यूजीसी कानून के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>निर्मल शुक्ला</strong> ने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए समाज में जातिवाद और आपसी मतभेद बढ़ाकर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। इससे आने वाली पीढ़ियों की पढ़ाई और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>“गलत रिपोर्ट करने वालों पर सख्त सजा हो”</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">निर्मल शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा सुधार चाहती है, तो गलत रिपोर्ट और फर्जी आंकड़े पेश करने वालों के लिए उम्रकैद जैसी सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए था। लेकिन सरकार जनता को गुमराह कर रही है और राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को भ्रमित कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/gjbiegbxyaavitr.jpg" alt="यूजीसी कानून के खिलाफ नव भारतीय किसान संगठन का आंदोलन, सरकार को दी चेतावनी नव भारतीय किसान संगठन परिवार" width="802" height="501"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जनता अब जागरूक: निर्मल शुक्ला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने कहा,</strong></p>
<blockquote>
<blockquote class="format2">
<blockquote>
<p>“अब जनता पहले जैसी नहीं रही। सरकार जो चाहे बोले, उसके पीछे आंख बंद कर नहीं भागेगी। लोग अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सजग हो चुके हैं।”</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">संगठन का मानना है कि शिक्षा को कमजोर कर देश को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा।</p>
</blockquote>
</blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आंदोलन की चेतावनी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">नव भारतीय किसान संगठन परिवार ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया गया, तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक संघर्ष किया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>संगठन का संकल्प</strong></h4>
<blockquote class="format2">
<p style="text-align:justify;"><strong>निर्मल शुक्ला ने कहा,</strong></p>
<blockquote>
<p>“चाहे कोई भी सरकार हो, हम जनता के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अगर किसी सरकार को गलतफहमी है, तो उसे दूर करने का काम हमारा संगठन करेगा।”</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">अंत में उन्होंने दोहराया कि यूजीसी कानून को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।</p>
</blockquote>
<hr />
<blockquote class="format2">
<p style="text-align:justify;"><strong>निर्मल शुक्ला</strong><br />राष्ट्रीय अध्यक्ष<br />नव भारतीय किसान संगठन परिवार</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जय जवान | जय किसान</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप चाहें, तो मैं इसे अखबार के फॉर्मेट या प्रेस रिलीज के रूप में भी तैयार कर दूँ।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 14:46:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>   ये देश जोड़ने के नही तोड़ने के लक्षण हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>(नीरज शर्मा'भरथल') </strong></div>
<div>                                                </div>
<div>आखिर हमारा देश जा किस दिशा में रहा है। जिसको चाहे देशद्रोही कह दो, जिसको चाहे खालिस्तानी कह दो, जिसको चाहे पाकिस्तानी कह दो, जिसको चाहे आतंकवादी कह दो, जो हक मांगे उसे आंदोलनजीवी कह दो, जो धरना-प्रदर्शन करे उसे धरनाजीवी कह दो, लाइव टीवी पर सबसे बड़े लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष देश के संसद में धुंआधार तरीके से बोले जा रहे ओ कटुए, ओ आतंकवादी जैसी शब्द सुनता पूरा विश्व, बंगाल में एक आईपीएस अधिकारी को खालिस्तानी कह कर संबोधित करता बीजेपी विधायक। क्या ऐसा कर मौजूदा सरकार के कारिंदे देश में उनका तथाकथित राष्ट्रवाद फैला रहे हैं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139059/these-are-signs-of-uniting-the-country-not-breaking-it"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/hindi-divas.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>(नीरज शर्मा'भरथल') </strong></div>
<div>                        </div>
<div>आखिर हमारा देश जा किस दिशा में रहा है। जिसको चाहे देशद्रोही कह दो, जिसको चाहे खालिस्तानी कह दो, जिसको चाहे पाकिस्तानी कह दो, जिसको चाहे आतंकवादी कह दो, जो हक मांगे उसे आंदोलनजीवी कह दो, जो धरना-प्रदर्शन करे उसे धरनाजीवी कह दो, लाइव टीवी पर सबसे बड़े लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष देश के संसद में धुंआधार तरीके से बोले जा रहे ओ कटुए, ओ आतंकवादी जैसी शब्द सुनता पूरा विश्व, बंगाल में एक आईपीएस अधिकारी को खालिस्तानी कह कर संबोधित करता बीजेपी विधायक। क्या ऐसा कर मौजूदा सरकार के कारिंदे देश में उनका तथाकथित राष्ट्रवाद फैला रहे हैं या राष्ट्रविरोधी भावनाए भड़का रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>असल में अब लगने यह लगा है कि सरकार अपनी हर समस्या का निपटारा धर्म की आड़ ले करने की आदी होती जा रही है। यह एक सच्चाई है कि किसी भी मुद्दे को धर्म से जोड देने से वो दो धर्मों के बीच रस्साकशी का खेल बन जाता है और असल मुद्दा गौण हो जाता है। ऐसी ही कोशिश पहले किसान आंदोलन के समय भी की गई। किसान आंदोलन में ऐड़ी से लेकर चोटी तक का जोर लगा दिया गया ताकि किसी तरह किसानों को खालिस्तानी साबित कर दें।  व्हाट्सएप,फेसबुक पर एडिट की हुई वीडियो, कहीं की बात कही जोड भेज लोगो की भावनाओं को भड़काने का काम किया गया परन्तु किसानों के सामने इनकी एक नही चली।</div>
<div> </div>
<div>यदि इस बार के किसान आंदोलन की भी बात करें तो सरकार खुद हिसां फैला रही है, सड़कें खोद रही है, सड़कों पर कीलें गाड रही है, रास्ते जाम कर आम लोगो को परेशान कर रही है, गोली चला रही है, आंसु गैस के गोले फैंक रही है,ड्रोन से गोले फैंक रही है यानि अराजकता का माहौल प्रदर्शनकारी नही सरकार स्वयं बना रही है। गौर करने वाली बात है कि जब लोकतांत्रिक देश में लोगों के पास अपनी मांगे मनवाने के लिए अहिंसक धरना प्रदर्शन व अंदोलन का संवैधानिक हक है और वकायदा इन प्रदर्शनों के लिए सरकारी तौर पर जगह पक्की की गई है तो सरकार क्यों प्रदर्शनकारियों को वहां जाने से रोक रही है।</div>
<div> </div>
<div>अब जब उन्हें उनकी जगह पर पहुंचने ही नही दिया जाएगा तो लोगों को जहां जगह मिलेगी वे वहीं बैठेंगे। आपको याद दिला दूं 2020-21 में भी किसान रामलीला मैदान जाना चाहते थे परन्तु सरकार की तानाशाही के कारण उन्हें रामलीला मैदान की बजाए दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठना पड़ा। सरकार की इस एक गलती ने उस आंदोलन को महाअंदोलन बना दिया था। यदि किसान आंदोलन की बात सत्ता पक्ष के हिमायतियों से करो तो उनके पास एक ही तर्क होता है कि ये तो खालिस्तानी है।</div>
<div> </div>
<div>खालिस्तानी हैं तो सरकार बात चीत क्यों कर रही है सबूत जुटाए और डाल दे अन्दर पर दिक्कत तो यही है जो वो बोल रहें है उसमे सच्चाई अंश मात्र भी नही है और सबूतों के नाम पर कुछ है तो सिर्फ व्हाट्सएप की अनाप-शनाप तरीके से बनाई गई विडियोज। पंजाब-हरियाणा बार्डर पर आज हालात ऐसे हैं जैसे पाकिस्तान बार्डर पर भी नही है। सात-आठ लेयर की बेरिकेडिंग, कटीले ओवरलैप करते तार, जवानों का जमावड़ा, चप्पे-चप्पे को कवर करते कैमरे, हाईटेक सर्विलांस सिस्टम, आंसू गैस गोले, रबर गोली, आटोमैटिक राइफल्स, हवा में उडान भरते और अपने ही देशवासियों पर आंसू गैस की सर्जिकल स्ट्राइक करते ड्रोन।</div>
<div> </div>
<div>अब तो कमी बस तोप और टैंको की है। यह देश जोड़ने के काम नही देश तोड़ने के काम हैं। अब तो एक आम पंजाबी चाहे सिक्ख हो या हिन्दू मजाक में ही सही पर पंजाब-हरियाणा बार्डर को पंजाब-भारत बार्डर सा कहने लगा है। देश में लोकतंत्र मजाक बन कर रह गया है। आज देश में ऐसे हालात बने हुए हैं की यदि किसी राज्य में किसी दूसरी पार्टी की सरकार बन जाए तो उसे गिराने के प्रयास शुरू हो जाते हैं। जनता द्वारा लोकतंत्रिक तरीके से चुनी सरकार के मंत्रीयों एमएलऐ को ईडी- सीबीआई का डर दिखा अपने पक्ष में करना मुख्य उद्देश्य बन जाता है। फिर भी बात नही बनती तो राज्य सरकार के फंड रोक दिए जाते हैं, टैक्स में राज्य के हिस्से का पैसा रोक देते हैं और यदि फिर भी बात ना बने तो राज्यपाल साहिब अपना कमाल दिखाने लगते हैं।</div>
<div> </div>
<div>कंट्रोल अपने हाथ से निकलने की उम्मीद हो तो वोटों की गिनती में ही हेराफेरी करवा दी जाती है। इसका ताजा उदाहरण चंडीगढ़ मेयर चुनाव में सरेआम हुई धांधली है। वो तो कैमरों में सब कुछ कैद था अन्यथा मेयर तो बना ही लिया था। अब सरकार जनता के लोकतंत्र में सबसे बड़े हथियार प्रदर्शन के कानूनो पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। राजस्थान के बाद हरियाणा कैबिनेट ने भी शव को लेकर विरोध प्रदर्शन के विरूद्ध विधेयक पारित कर दिया है। बेशक मृत्यु के बाद किसी भी शव का सम्मानजनक ढंग से अंतिम संस्कार होना ही चाहिए और आमतौर पर यह प्रक्रिया सभी अपनाते भी हैं और शव का उस मृत व्यक्ति के धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार करते हैं परन्तु विशेष परिस्थितिया में जब किसी दबाव में मृत व्यक्ति से जुड़ा कोई मुद्दा हल नही होता तब लोग प्रसाशन पर दबाव बनाने को ऐसा प्रदर्शन करते हैं।</div>
<div> </div>
<div>आज देश में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार आदि जैसे बहुत से मुद्दे हैं जिस पर सरकार को घेरा जा सकता है परन्तु कमजोर विपक्ष के कारण सरकार के पौ बारह है। भाजपा एमएलए ने जो शब्द ड्यूटी करते सिक्ख आईपीएस अधिकारी को बोले वो चिंताजनक हैं। ताकत के इस चरम पर सरकार को यह नही भूलना चाहिए कि सिक्ख कोई अन्य सम्प्रदायों की तरह बाहर से नही आए। वो भी विशुद्ध भारतीय हैं और भारत मां की रक्षा के लिए वे सदा दुश्मन से लोहा लेते रहें है। इस लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का प्रथम कर्तव्य है कि देश की एकता और अखण्डता के प्रति अपनी निष्ठा दिखाते हुए सुवेंदु अधिकारी जिस पर सिक्ख अफसर ने खालिस्तानी कहने का इल्जाम लगाया है के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई करे और सब को यह संदेश दे कि देश की एकता तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नही की जाएगी।  सतारूढ पार्टी को यह याद रखना चाहिए की पंजाब बहुत मुश्किल से आतंकवाद के काले दौर से बाहर आया है। वहां के देश के प्रति वफादार लोगों के साथ ऐसा व्यवहार अति निंदनीय है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 01 Mar 2024 16:04:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सरकार की हठधर्मिता और भयभीत करने से किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>अलीगढ़,। </strong>ख़ैर संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा कार्यालय पर एक बैठक आहूत हुई बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय संयोजक विवेक श्री वशिष्ठ व संचालन सह- संयोजक जितेंद्र शर्मा ने किया । बैठक को संबोधित करते हुए संयोजक विवेक श्री वशिष्ठ ने कहा कि युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत के जिम्मेदार हरियाणा के अधिकारियों एवं गृहमंत्री अनिल विज पर एफआईआर दर्ज कराने हेतु संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा द्वारा गांव गांव से किसानों को जागरूक करना होगा।</p>
<p>किसानों की मांग पर सरकार द्वारा किसानों के बच्चों पर गोलियां लाठियां बरसाई जाती है यह कृत्य अमानवीय है । सरकार किसानों की मांग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138949/farmers-will-not-step-back-from-the-movement-due-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/kisan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>अलीगढ़,। </strong>ख़ैर संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा कार्यालय पर एक बैठक आहूत हुई बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय संयोजक विवेक श्री वशिष्ठ व संचालन सह- संयोजक जितेंद्र शर्मा ने किया । बैठक को संबोधित करते हुए संयोजक विवेक श्री वशिष्ठ ने कहा कि युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत के जिम्मेदार हरियाणा के अधिकारियों एवं गृहमंत्री अनिल विज पर एफआईआर दर्ज कराने हेतु संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा द्वारा गांव गांव से किसानों को जागरूक करना होगा।</p>
<p>किसानों की मांग पर सरकार द्वारा किसानों के बच्चों पर गोलियां लाठियां बरसाई जाती है यह कृत्य अमानवीय है । सरकार किसानों की मांग पर पूर्व में वादा कर चुकी है दिल्ली कूच तो किसानों द्वारा सरकार को स्मरण कराना उद्देश्य है । सरकार वादाखिलाफी पर है किसान सिर्फ संज्ञान दिलाने हेतु दिल्ली जा रहें है । सरकार द्वारा हठधर्मिता दिखा भयभीत करने से किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे । पंजाब का आंदोलन नहीं अपितु भारत के किसान का आंदोलन है।</p>
<p>यह भ्रम अपने तंत्र माध्यम से फैला सकते है, लेकिन किसानों को कोई भ्रम नहीं एम एस पी गारंटी कानून लागू करने पर सरकार की उदासीनता स्पष्ट करतीं हैं कि कथनी करनी में अंतर है सह- संयोजक जितेंद्र शर्मा ने कहा कि मोर्चे से जुड़े हुए सभी संगठनों द्वारा गांव गांव से किसानों को दिल्ली कूच करते किसानों के समर्थन में अपने अपने जिला मुख्यालय व तहसील मुख्यालय से प्रदर्शन संचालित किए जाएंगे।</p>
<p>साथ ही युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत के जिम्मेदार हरियाणा के अधिकारियों एवं गृहमंत्री अनिल विज पर एफआईआर दर्ज कराने हेतु मांग की जायेगी । रेल रोको आंदोलन पंजाब के साथियों की सूचना तक स्थगित रहेगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था तहत दिल्ली कूच करते किसानों के समर्थन में उ ० प्र ० से संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा द्वारा जारी रहेगा । इस अवसर पर भाकियू हिन्दुस्तान, भाकियू अधिकार, बीएमकेयू, भाकियू स्वराज, भाकियू प्रधान राष्ट्रीय किसान यूनियन, के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2024 16:24:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसान आंदोलनः इस बार किसानों से पहले प्रशासन ने मुकम्मल कीं तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा।</strong> बसंत के आगमन के साथ ही किसान आंदोलन ने एक बार फिर अंगडाई ली है। सरकार के साथ वार्ता सफल होने के बाद नवंबर 2021 में किसानों ने आंदोलन खत्म किया था, लेकिन दो साल बाद किसान फिर सड़कों पर उतर आये हैं। किसान यूनियनों ने दिल्ली चलो का नारा दिया है। इस बार किसानों से पहले प्रशासन ने तैयारियों को पूरी तरह से अंजाम दिया है। किसानों को दिल्ली बॉर्डर से पहले रोकने के लिए इंटरस्टेट बार्डर पर भारी भरकम इंतजामात किये गये हैं।</p>
<p>यूपी से हरियाणा सीमा से जोड़ने वाले रास्तों पर पूरी तरह नाकाबंदी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138788/farmers-movement-this-time-the-administration-completed-preparations-before-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-02/14-uphmathura-01.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><strong>मथुरा।</strong> बसंत के आगमन के साथ ही किसान आंदोलन ने एक बार फिर अंगडाई ली है। सरकार के साथ वार्ता सफल होने के बाद नवंबर 2021 में किसानों ने आंदोलन खत्म किया था, लेकिन दो साल बाद किसान फिर सड़कों पर उतर आये हैं। किसान यूनियनों ने दिल्ली चलो का नारा दिया है। इस बार किसानों से पहले प्रशासन ने तैयारियों को पूरी तरह से अंजाम दिया है। किसानों को दिल्ली बॉर्डर से पहले रोकने के लिए इंटरस्टेट बार्डर पर भारी भरकम इंतजामात किये गये हैं।</p>
<p>यूपी से हरियाणा सीमा से जोड़ने वाले रास्तों पर पूरी तरह नाकाबंदी कर दी है। वहीं कोटवन करमन स्थित यूपी हरियाणा बॉर्डर पर बैरियर लगाकर रास्तों को बंद किया गया है। होडल एवं कोसी पुलिस तैनात रही है। किसान मूवमेंट को रोकने के लिए कई किसान नेता नजरबंद किये गये हैं और घरों पर पुलिस तैनात कर दी गई है।</p>
<p>नेशनल हाईवे 19 पर करमन कोटवन बार्डर पर पुलिस ने मोर्चा संभाला हुआ है जबकि सीओ आशीष शर्मा, कोसी थाना प्रभारी अरूण कुमार, होडल डीएसपी कुलदीप सिंह, थाना प्रभारी उमर मोहम्मद ने बार्डर पर भारी पुलिस दल के साथ बैरिकेडिंग कर वाहनों की चैकिंग कर रहे हैं। इनके अलावा फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस भी मौके पर खड़ी की गई हैं।<br /><br /><strong>वाहनों की जाती रही है चेकिंग</strong><br />बॉर्डर पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस प्रशासन दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की लगातार चेकिंग कर रही है। पलवल जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अंशु सिंगला, सीओ छाता आशीष शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार बॉर्डर को चैक कर रहे है। सीओ ने बताया कि पुलिस प्रशासन पूरे अलर्ट मोड पर है । उन्होंने किसान संगठन से अपील करते हुए कहा कि किसान कानून का उल्लंघन न करें। पुलिस किसान संगठन से जुड़े हुए लोगों की जानकारी लेकर उनकी गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Feb 2024 17:54:52 +0530</pubDate>
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