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                <title>court - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>क्या अब धर्मस्थला में दबी लाशों के राज दफन ही रह जाएंगे? </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">कर्नाटक के धर्मस्थल में कई शवों को दफनाने केस में नया मोड़ आया है इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकार धर्मस्थल का सच उजागर करना नहीं चाहती क्योकि इस के राजनीतिक नफे नुकसान का खतरे जुड़े हैं इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने शिकायतकर्ता सीएन चिनैयया को ही गिरफ्तार किया है।अब देर सवेर जांच भी बंद होने की संभावना है। चिनैय्या ने धर्मस्थल में कई हत्याओं, बलात्कारों और शवों को दफनाने का आरोप लगाया था। एसआईटी के चीफ प्रणव मोहंती ने शुक्रवार देर रात आरोपी से पूछताछ की थी और शनिवार की सुबह उसे अरेस्ट कर लिया गया।कर्नाटक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154170/will-the-secrets-of-the-dead-bodies-be-buried-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/download-(3).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">कर्नाटक के धर्मस्थल में कई शवों को दफनाने केस में नया मोड़ आया है इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकार धर्मस्थल का सच उजागर करना नहीं चाहती क्योकि इस के राजनीतिक नफे नुकसान का खतरे जुड़े हैं इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने शिकायतकर्ता सीएन चिनैयया को ही गिरफ्तार किया है।अब देर सवेर जांच भी बंद होने की संभावना है। चिनैय्या ने धर्मस्थल में कई हत्याओं, बलात्कारों और शवों को दफनाने का आरोप लगाया था। एसआईटी के चीफ प्रणव मोहंती ने शुक्रवार देर रात आरोपी से पूछताछ की थी और शनिवार की सुबह उसे अरेस्ट कर लिया गया।कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि शिकायतकर्ता चिनैय्या को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। वह पूर्व सफाई कर्मचारी है। उसने दावा किया कि उसने 1995 से 2014 तक इस क्षेत्र में काम किया था। आपको बता दें कि पश्चिमी घाट की सुंदर निचली ढलानों पर स्थित, 800 वर्ष पुराना तीर्थस्थल गांव, धर्मस्थल, कर्नाटक राज्य के दक्षिण कन्नड़ जिले के बेलथांगडी क्षेत्र में नेत्रवती नदी के तट पर स्थित है, जहां प्रतिदिन लगभग हजारों श्रद्धालु आते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले की शुरुआत 3 जुलाई 2025 को हुई जब कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर का एक 48 वर्षीय दलित कर्मचारी पुलिस अधीक्षक के सामने आया। कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर के इस पूर्व कर्मचारी का कहना था कि उसे बच्चों सहित सैकड़ों शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया। दरअसल धर्मस्थल मंजूनाथ मंदिर के पास तीर्थयात्रियों का एक समूह खड़ा है। प्रतिदिन लगभग 10,000 तीर्थयात्री इस मंदिर से गुजरते हैं।चिनैय्या ने दावा किया था कि12 साल बाद छिपने के बाद वह सामने आया है जो कभी अत्यंत प्रतिष्ठित धर्मस्थल मंदिर में सफ़ाई कर्मचारी के रूप में काम करता था, 3 जुलाई को पुलिस को बताया कि वह "बेहद भारी मन से और अपराधबोध की असहनीय भावना से उबरने के लिए" सामने आ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसने कहा था कि अब, मुखबिर उन "सैकड़ों शवों" को निकालने में मदद करना चाहता है जिन्हें उसने 1995 से 2014 के बीच दफनाया था - उनमें से कई महिलाएं और लड़कियां थीं, जिनकी कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के बाद हत्या कर दी गई थी, लेकिन उनमें बेसहारा पुरुष भी थे जिनकी हत्याओं का उसने दावा किया था कि उसने खुद गवाह बनकर देखी थी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस पूर्व कर्मचारी ने पुलिस अधिकारी को शिकायत के साथ ही एक बहुत पुराने शव की खोपड़ी और कुछ अन्य चीजों को अपनी शिकायत के समर्थन में पुलिस को सोंपा और दावा किया कि यह उन्हीं शवों में से एक शव का अंग है जो उससे धर्मस्थल के जंगल में दबवाया गया था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूर्व कर्मचारी को पुलिस ने अदालत में बयान दर्ज कराए जहां से उसे संरक्षित गवाह बतौर सुविधा दी गई। सैकड़ों शवों जिनमे की बच्चियों युवतियों के संदिग्ध अवस्था वाले शव भी बिना कानूनी कार्रवाई के मंदिर के पास जंगल मे दबाव बना कर दबवाने की शिकायत से समूचे कर्नाटक समेत देश सिहर उठा। आरोपों की गंभीरता कार्यकर्ताओं के लगातार दबाव और सार्वजनिक आक्रोश के बाद,  कांग्रेस पार्टी द्वारा शासित कर्नाटक सरकार ने हमले और हत्या के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे धर्मस्थल में महिलाओं और नाबालिगों सहित कई शवों को दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ शवों पर यौन उत्पीड़न के निशान थे। उन्होंने इस संबंध में मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दिया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां यह भी बता दें कि धर्मस्थला और आसपास के इलाकों से प्रासंगिक कालखंड में सैकड़ों लोगों की गुमशुदगी की शिकायत सामने आयीं जिनमे कई नाबालिग व बालिग लड़कियों की गुमशुदगी शामिल थी। रिकार्ड बताते हैं कि 1987 में, 17 वर्षीय पद्मलता के बलात्कार और हत्या के विरोध में कस्बे में मार्च आयोजित किए गए थे। इन प्रदर्शनों ने प्रभावशाली हस्तियों द्वारा कथित तौर पर मामले को छुपाने की कोशिशों को उजागर किया, लेकिन कथित तौर पर धमकी और कानूनी दबाव के चलते उन्हें दबा दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2012 में एक और किशोरी के साथ बलात्कार और हत्या के बाद, शहर में "सौजन्य के लिए न्याय" आंदोलन के साथ फिर से विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। वह मामला अभी तक अनसुलझा है। आपको बता दें कि 11 जुलाई को, वह व्यक्ति, पूरी तरह से काले कपड़े पहने हुए तथा अपनी आंखों को केवल एक पारदर्शी पट्टी से ढके हुए, अपना बयान दर्ज कराने के लिए बेल्थांगडी की एक स्थानीय अदालत में उपस्थित हुआ।शिकायत मे चिनैय्या ने बताया कि 1995 में सफाई कर्मचारी के रूप में मंदिर में शामिल हुआ था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपनी नौकरी की शुरुआत में, उसने नदी के किनारे लाशें देखीं। उसने बताया, "कई महिलाओं की लाशें बिना कपड़ों या अंतर्वस्त्रों के मिलीं। उस समय अधिकारियों को इसकी सूचना देने के बजाय,उसके पर्यवेक्षकों ने उसे पीटा और धमकी दी कि, "हम तुम्हें टुकड़ों में काट देंगे; हम तुम्हारे परिवार के सभी सदस्यों की बलि चढ़ा देंगे, जिसके बाद उसे "इन शवों को नष्ट करने" के लिए मजबूर होना पड़ा।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उसने बयान में बताया, "कई बार ये लाशें नाबालिग लड़कियों की होती थीं। उनके शरीर से फटे कपड़े और गुप्तांगों पर चोटें उनके साथ हुए क्रूर यौन उत्पीड़न का संकेत देती थीं।" और "कुछ लाशों पर तेज़ाब से जलने के निशान भी थे।"चिनैय्या ने पुलिस और अदालत को बताया है कि वह ब्रेन-मैपिंग और पॉलीग्राफ़ सहित किसी भी परीक्षण के लिए तैयार है, और सामूहिक दफ़न स्थलों की पहचान करने को तैयार है। आने वाले दिनों में कुछ स्थलों की खुदाई की जा सकती है। मंदिर के पर्यवेक्षकों से जुड़े एक व्यक्ति ने उसके ही परिवार की एक लड़की का यौन उत्पीड़न किया, जिससे दहशत होकर दिसंबर 2014 में, वह अपने परिवार के साथ धर्मस्थल से भाग गया और अपने ठिकाने के बारे में किसी को नहीं बताया।उन्होंने बताया कि तब से परिवार पड़ोसी राज्य में छिपकर रह रहा है और अपना निवास स्थान बदल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चिनैय्या की बताई गई 13 जगहों पर खुदाई की गई। वहां एक कंकाल मिला। लेकिन वह एक आदमी का था। कुछ हड्डियां मिलीं, जो कुछ समय पहले आत्महत्या करने वाले एक शख्स की बताई जा रही हैं। इतना ही नहीं, इस खुदाई के दौरान सुजाता भट्ट नाम की महिला सामने आई। उसने दावा किया था कि उसकी बेटी अनन्या भट्ट 2003 में लापता हो गई थी। उसने धर्मस्थल में बेटी को मारे जाने का आरोप लगाया लेकिन मामला तूल पकड़ा तो वह सच्चाई कुछ और ही निकली। उसकी कोई बेटी ही नहीं थी। बाद में महिला भी अपने बयान से पलट गई। उसने एक यूट्यूबर पर आरोप लगाया कि उसने जबरन उससे झूठ कहलवाया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चिनैय्या के आरोपों की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शनिवार उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी 10 दिन की हिरासत मांगी गई है।हालांकि कुछ  लोगों का आरोप है कि मंदिर के प्रबंधन से एक बड़ा प्रभावशाली राजनीतिक परिवार का जुडाव है इसी के चलते सिर्फ निपटाउ तरीके से आरोपों की जांच और कुछ स्थानो की खुदाई की गई शुरुआत में खुदाई के काम के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल नहीं किया गया और अब शिकायत कर्ता को सिर्फ इस आधार पर झूठा ठहराया गया कि उस ने जो मानव खोपड़ी महिला की बता कर साक्ष्य बतौर सोंपी वह जांच में पुरुष की निकली। अब शिकायत कर्ता एसआइटी की कस्टडी में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई कद्दावर राजनीतिक लोग मामले को हिन्दू मंदिरों की बदनामी करने की साजिश और विदेश से इस के लिए धन की मदद का आरोप लगाकर जांच के काम को रोकने के लिए माहौल तैयार कर रहे हैं। यहां यह भी बता दें कि धर्मस्थल क्षेत्र के आसपास के पुलिस थानो में गुमशुदा बच्चियों व अन्य का कोई रिकार्ड उपलबध नहीं होने का दावा किया गया है। यह सब संकेत करता है कि दाल में कुछ काला है  लेकिन प्रभुत्व शाली लोगों के खिलाफ इतना पुराना और संगीन मामलों की कोई जांच निष्पक्ष नतीजा सामने लाएगी इस को लेकर शुरुआत में ही आशंका बनी थी। लगता है धर्मस्थल के इर्द-गिर्द हुए पाप अब कभी नहीं खुल पाएंगे! चिनैय्या के साथ कोई अनहोनी होने की आशंका को भी नकारा नहीं जा सकता। अब वह एसआइटी के शिकंजे मे है। हालांकि राज्य के गृह मंत्री ने जांच जारी रखने की बात कही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:20:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>न्यायालय के आदेश पर गोला थाने में गौरव मोटर संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज, फर्जी इंश्योरेंस और धमकी का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  गोळाबाजार गोरखपुर-</strong> न्यायालय के आदेश पर गोला पुलिस ने जानीपुर स्थित गौरव मोटर के प्रोपराइटर गौरव शुक्ला के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि मोटर विक्रेता ने गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम अवस्थी निवासी मिंटू पांडेय पुत्र रमाशंकर पांडेय को फर्जी इंश्योरेंस पेपर उपलब्ध कराए, वहीं बाइक का आरसी और रजिस्ट्रेशन कागजात न देकर धोखाधड़ी की। इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने कागजात की मांग की तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिंटू पांडेय ने 29 अक्टूबर 2024 को गौरव मोटर से लोन पर एक बाइक खरीदी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154188/case-filed-against-gaurav-motor-operator-in-gola-police-station"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/p--2,-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> गोळाबाजार गोरखपुर-</strong> न्यायालय के आदेश पर गोला पुलिस ने जानीपुर स्थित गौरव मोटर के प्रोपराइटर गौरव शुक्ला के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि मोटर विक्रेता ने गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम अवस्थी निवासी मिंटू पांडेय पुत्र रमाशंकर पांडेय को फर्जी इंश्योरेंस पेपर उपलब्ध कराए, वहीं बाइक का आरसी और रजिस्ट्रेशन कागजात न देकर धोखाधड़ी की। इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने कागजात की मांग की तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिंटू पांडेय ने 29 अक्टूबर 2024 को गौरव मोटर से लोन पर एक बाइक खरीदी थी। विक्रेता द्वारा बिक्री के समय केवल इंश्योरेंस पेपर दिए गए, लेकिन रजिस्ट्रेशन कॉपी और नंबर प्लेट उपलब्ध नहीं कराए गए। प्रार्थी लगातार आरसी की मांग करता रहा, लेकिन उसे टाल दिया गया। इस बीच वह लोन की किश्तें चुकाता रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीते 18 दिसंबर 2024 को उक्त बाइक सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई और थाने में उठा ले जाई गई। जब पीड़ित ने इंश्योरेंस क्लेम के लिए कंपनी से संपर्क किया तो वहां यह खुलासा हुआ कि दिए गए इंश्योरेंस पेपर फर्जी हैं। इसी आधार पर पुलिस ने बाइक को सीज कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित का आरोप है कि गौरव मोटर संचालक ने पूरे षड्यंत्र के तहत उसे फर्जी बीमा पेपर थमा दिए, वहीं रजिस्ट्रेशन कागजात और नंबर प्लेट भी कभी उपलब्ध नहीं कराए। मामले को लेकर जब उसने बार-बार पूछताछ की तो विक्रेता ने उसे धमकाते हुए कहा कि ज्यादा दबाव डाला तो जान से हाथ धोना पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। मा. न्यायालय ने पूरे प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए गोला थाने को विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया। आदेश के अनुपालन में गोला पुलिस ने गौरव शुक्ला के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 318(4), 319(2), 336(3), 351(3), 338 और 340(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि मोटर डीलरशिप पर आम लोग विश्वास करके वाहन खरीदते हैं। ऐसे में कूट रचित बीमा दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन न देने जैसे गंभीर आरोप ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:16:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन कन्विक्शन के अन्तर्गत न्यायालय अभियुक्त को धारा 354क भा0द0वि0 में 01 वर्ष का कठोर कारावास व 5000/- रुपये का अर्थदण्ड  से दण्डित किया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> प्रयागराज - </strong>ऑपरेशन कन्विक्शन के अन्तर्गत न्यायालय स्पेशल पॉक्सो एक्ट जनपद कौशाम्बी द्वारा 01 अभियुक्त को धारा 354क भा0द0वि0 में 01 वर्ष का कठोर कारावास व 5000/- रुपये का अर्थदण्ड व अर्थदण्ड न अदा करने पर 02 माह के अतिरिक्त कारावास से दण्डित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  "ऑपरेशन कन्विक्शन" के अन्तर्गत पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज द्वारा अभियोग की समुचित पैरवी करते हुए साक्ष्य हेतु महत्वपूर्ण गवाहों को  न्यायालय में समय से प्रस्तुत कराकर गवाही करवायी गयी । जिसमें थाना पूरामुफ्ती पर पंजीकृत मु0अ0सं0-265/2015 धारा 354(क)/376/511 भा0द0वि0 व 7/8 पॉक्सो एक्ट थाना पूरामुफ्ती कमिश्नरेट प्रयागराज से सम्बन्धित 01 अभियुक्त जीयन लाल उर्फ जितेन्द्र</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154176/under-operation-convision-the-court-accused-was-punished-with-rigorous"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/hindi-divas14.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> प्रयागराज - </strong>ऑपरेशन कन्विक्शन के अन्तर्गत न्यायालय स्पेशल पॉक्सो एक्ट जनपद कौशाम्बी द्वारा 01 अभियुक्त को धारा 354क भा0द0वि0 में 01 वर्ष का कठोर कारावास व 5000/- रुपये का अर्थदण्ड व अर्थदण्ड न अदा करने पर 02 माह के अतिरिक्त कारावास से दण्डित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> "ऑपरेशन कन्विक्शन" के अन्तर्गत पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज द्वारा अभियोग की समुचित पैरवी करते हुए साक्ष्य हेतु महत्वपूर्ण गवाहों को  न्यायालय में समय से प्रस्तुत कराकर गवाही करवायी गयी । जिसमें थाना पूरामुफ्ती पर पंजीकृत मु0अ0सं0-265/2015 धारा 354(क)/376/511 भा0द0वि0 व 7/8 पॉक्सो एक्ट थाना पूरामुफ्ती कमिश्नरेट प्रयागराज से सम्बन्धित 01 अभियुक्त जीयन लाल उर्फ जितेन्द्र पुत्र स्व0 हृदय निवासी मंदरी थाना पूरामुफ्ती जनपद प्रयागराज को न्यायालय स्पेशल पॉक्सो एक्ट जनपद कौशाम्बी द्वारा आज दिनांक-28.08.2025 को दोषसिद्ध करते हुए धारा 354क भा0द0वि0 में 01 वर्ष का कठोर कारावास व 5000/- रुपये के अर्थदण्ड व अर्थदण्ड न अदा करने पर 02 माह के अतिरिक्त कारावास से दण्डित किया गया । </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:13:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिवक्ताओं के अथक प्रयास का परिणाम,एलजी का आदेश स्थगित,सरकार बातचीत को तैयार: अनिल बसोया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली जिला कोर्ट कोऑर्डिनेशन कमिटी के सेक्रेटरी जनरल अनिल बसोया ने कहा कि यह अधिवक्ताओं की एकजुटता एवं संघर्ष का ही परिणाम है की सरकार ने उपराज्यपाल के नोटिफिकेशन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है,तथा केंद्रीय गृह मंत्री अधिवक्ताओं की शिकायत एवं उनकी चिंता पर गंभीरता से विचार कर उसका समाधान निकालने के लिए तैयार हुए है। श्री बसोया ने कहा कि गृह मंत्री ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को अधिवक्ताओं से बातचीत करने के लिए अधिकृत किया और उनके साथ कोऑर्डिनेशन कमिटी की लंबी बातचीत के बाद कोऑर्डिनेशन कमिटी इस शर्त पर अपनी हड़ताल वापस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154192/results-of-the-tireless-efforts-of-the-advocates-anil-basoya"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250829-wa0016-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली जिला कोर्ट कोऑर्डिनेशन कमिटी के सेक्रेटरी जनरल अनिल बसोया ने कहा कि यह अधिवक्ताओं की एकजुटता एवं संघर्ष का ही परिणाम है की सरकार ने उपराज्यपाल के नोटिफिकेशन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है,तथा केंद्रीय गृह मंत्री अधिवक्ताओं की शिकायत एवं उनकी चिंता पर गंभीरता से विचार कर उसका समाधान निकालने के लिए तैयार हुए है। श्री बसोया ने कहा कि गृह मंत्री ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को अधिवक्ताओं से बातचीत करने के लिए अधिकृत किया और उनके साथ कोऑर्डिनेशन कमिटी की लंबी बातचीत के बाद कोऑर्डिनेशन कमिटी इस शर्त पर अपनी हड़ताल वापस लेने के लिए तैयार हुआ कि जब तक इस संवेदनशील मुद्दे का सर्वसम्मत एवं स्थाई समाधान नहीं निकल जाता एलजी के नोटिफिकेशन को क्रियान्वित नहीं किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री बसोया ने कहा कि यह दिल्ली डिस्टिक कोर्ट के अधिवक्ताओं की एकता एवं उनके लगातार संघर्ष का नतीजा है कि सरकार ने अधिवक्ताओं की बात सुनने एवं न्याय संगत हल निकालने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सभी अधिवक्ता बधाई के पात्र हैं जिन्होंने दिन रात उप राज्यपाल के नोटिफिकेशन के खिलाफ संघर्ष कर उसे एक सम्मानजनक परिणाम में बदला। उन्होंने इसके लिए सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि कोऑर्डिनेशन कमेटी ने अपने आंदोलन को सिर्फ स्थगित किया है।अगर केंद्र सरकार इस मुद्दे पर यथोचित निर्णय नहीं लेती तो यह आंदोलन जारी रहेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 18:14:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस के आरोपी  में कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  </strong>बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें 1 अगस्त को दोषी ठहराया था, जिसके बाद आज यह फैसला सुनाया गया। कोर्ट का फैसला सुनकर रेवन्ना अदालत में भावुक हो गए और रो पड़े थे। यह सजा बेंगलुरु में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने सुनाई है।</p>
<h3><strong>किन धाराओं के तहत मिली सजा?</strong></h3>
<p>कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(K) (सत्ता में बैठे व्यक्ति द्वारा महिला से बलात्कार) और 376(2)(N) (एक ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153619/the-court-narrated-life-imprisonment-to-the-accused-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/download.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> </strong>बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें 1 अगस्त को दोषी ठहराया था, जिसके बाद आज यह फैसला सुनाया गया। कोर्ट का फैसला सुनकर रेवन्ना अदालत में भावुक हो गए और रो पड़े थे। यह सजा बेंगलुरु में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने सुनाई है।</p>
<h3><strong>किन धाराओं के तहत मिली सजा?</strong></h3>
<p>कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(K) (सत्ता में बैठे व्यक्ति द्वारा महिला से बलात्कार) और 376(2)(N) (एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार) के तहत दोषी पाया है। सजा के साथ ही अदालत ने दोषी पर<strong> </strong>₹10 लाख का जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता को ₹7 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह सजा आज से ही प्रभावी हो गई है।</p>
<h3><strong> जांच टीम ने जुटाए 123 सबूत</strong></h3>
<p>प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ दर्ज बलात्कार के मामले में एक साड़ी को महत्वपूर्ण सबूत के रूप में कोर्ट में पेश किया गया। आरोप था कि पूर्व सांसद ने अपनी घरेलू सहायिका के साथ एक नहीं, बल्कि दो बार बलात्कार किया। पीड़िता ने घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था और उसके पास वह साड़ी भी मौजूद थी, जिसे उसने सबूत के तौर पर संभाल कर रखा था।</p>
<p>जांच में उस साड़ी पर स्पर्म के निशान पाए गए, जिससे यह मामला और भी मजबूत हो गया। अदालत में इस साड़ी को एक निर्णायक सबूत के रूप में पेश किया गया, जिसने आरोपी को दोषी ठहराने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p>यह बलात्कार का मामला मैसूरु के केआर नगर की एक घरेलू सहायिका की शिकायत पर सीआईडी साइबर क्राइम थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि पूर्व सांसद ने पीड़िता के साथ बलात्कार किया और उस कृत्य का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। मामले की जांच सीआईडी के विशेष जांच दल (SIT) ने की, जिसने करीब 2,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की<strong>। </strong>जांच के दौरान टीम ने कुल 123 सबूत जुटाए।</p>
<p><strong>मात्र सात महीनों में पूरा हुआ ट्रायल</strong></p>
<p>इस संवेदनशील मामले की जांच का नेतृत्व सीआईडी इंस्पेक्टर शोभा और उनकी टीम ने किया। इस मामले की सुनवाई 31 दिसंबर 2024 को शुरू हुई थी और अदालत ने 23 गवाहों की गवाही दर्ज की। इसके अलावा कोर्ट ने वीडियो क्लिप्स की फोरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल की निरीक्षण रिपोर्टों की भी समीक्षा की। ट्रायल मात्र सात महीनों में पूरा हो गया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 18:08:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईटीआई नैनी के दो अधिकारियों को हेराफारी के आरोप में सीबीआई कोर्ट से  दो साल की सजा।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong> प्रयागराज- </strong>सीबीआई की विशेष अदालत ने काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक, पापौरा शाखा चंदौली के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनोद कुमार राम को 4 साल की कैद और 35,000 जुर्माने की सजा सुनाई है. सीबीआई ने 16 अगस्त 2016 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी. आरोप था कि बैंक प्रबंधक ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत 50,000 का लोन स्वीकृत करने के लिए शिकायतकर्ता से 6 हजार रिश्वत की मांग की थी।</div>
<div>  </div>
<div>सीबीआई ने जाल बिछाकर बैंक मेनेजर को 5,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. जांच के बाद 30 सितंबर 2016 को आरोपपत्र दाखिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150481/two-officers-of-iti-naini-were-sentenced-to-two-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/01-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> प्रयागराज- </strong>सीबीआई की विशेष अदालत ने काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक, पापौरा शाखा चंदौली के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विनोद कुमार राम को 4 साल की कैद और 35,000 जुर्माने की सजा सुनाई है. सीबीआई ने 16 अगस्त 2016 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी. आरोप था कि बैंक प्रबंधक ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के तहत 50,000 का लोन स्वीकृत करने के लिए शिकायतकर्ता से 6 हजार रिश्वत की मांग की थी।</div>
<div> </div>
<div>सीबीआई ने जाल बिछाकर बैंक मेनेजर को 5,000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. जांच के बाद 30 सितंबर 2016 को आरोपपत्र दाखिल किया था. कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर गुरुवार को सजा सुनाई.</div>
<div>दूसरे मामले में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रदूषण) ने आईटीआई लिमिटेड नैनी इलाहाबाद पूर्व मुख्य प्रबंधक लव निगम और तत्कालीन अधिकारी एस.ए.एच. जाफरी को 2 साल की कैद और 16,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है।</div>
<div> </div>
<div>सीबीआई ने इस मामले में 17 फरवरी 1998 को केस दर्ज किया था. आरोप था कि 1990-92 के दौरान लव निगम ने आईटीआई, नैनी के शिपिंग (X) विभाग के प्रबंधक के रूप में फर्जी बिल जमा कर 5.25 लाख (लगभग) की हेराफेरी की थी. जांच के बाद 8 अक्टूबर 2001 को सीबीआई ने दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 12:39:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>धर्म के आधार पर कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए 4 प्रतिशत सरकारी ठेकों में आरक्षण का प्रावधान किया है।कर्नाटक कैबिनेट ने सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4% के आरक्षण को मंजूरी दी है। इस पर राजनीति तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे असंवैधानिक करार दिया। कानूनी जानकार कहते हैं कि कैबिनेट ऐसे फैसले ले सकती है। अगर किसी को आपत्ति है तो कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सकता है, वहां इसका टिकना मुश्किल होगा। रिजर्वेशन संवैधानिक दायरे में है या नहीं, इसको लेकर अब अहम सवाल खड़ा हुआ है। वैसे कर्नाटक में मुस्लिमों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150055/giving-reservation-on-the-basis-of-religion-unconstitutional%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/images3.jpg" alt=""></a><br /><div>धर्म के आधार पर कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए 4 प्रतिशत सरकारी ठेकों में आरक्षण का प्रावधान किया है।कर्नाटक कैबिनेट ने सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4% के आरक्षण को मंजूरी दी है। इस पर राजनीति तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे असंवैधानिक करार दिया। कानूनी जानकार कहते हैं कि कैबिनेट ऐसे फैसले ले सकती है। अगर किसी को आपत्ति है तो कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सकता है, वहां इसका टिकना मुश्किल होगा। रिजर्वेशन संवैधानिक दायरे में है या नहीं, इसको लेकर अब अहम सवाल खड़ा हुआ है। वैसे कर्नाटक में मुस्लिमों के रिजर्वेशन का मामला पहले भी राजनीति का केंद्र रहा है और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पेंडिंग है। </div>
<div> </div>
<div>कर्नाटक कैबिनेट ने सरकारी ठेकों में मुस्लिमों के लिए 4% आरक्षण को मंजूरी दी है। लेकिन बीजेपी ने इसे असंवैधानिक करार दिया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले का संवैधानिक टिकाव मुश्किल है और चुनौती देने पर कोर्ट में यह ठहरने की संभावना कम है।</div>
<div> </div>
<div>कर्नाटक कैबिनेट ने सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4% के आरक्षण को मंजूरी दी है। इस पर राजनीति तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे असंवैधानिक करार दिया। कानूनी जानकार कहते हैं कि कैबिनेट ऐसे फैसले ले सकती है। अगर किसी को आपत्ति है तो कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सकता है, वहां इसका टिकना मुश्किल होगा। रिजर्वेशन संवैधानिक दायरे में है या नहीं, इसको लेकर अब अहम सवाल खड़ा हुआ है। वैसे कर्नाटक में मुस्लिमों के रिजर्वेशन का मामला पहले भी राजनीति का केंद्र रहा है और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पेंडिंग है।</div>
<div> </div>
<div>लोकसभा के पूर्व सेक्रेटरी जनरल पीडीटी अचारी कहते हैं कि राज्य सरकार को इस बात का अख्तियार है कि वह रिजर्वेशन दे सकता है। यही कारण है कि अलग अलग राज्यों ने रिजर्वेशन दे रखा है। कर्नाटक, तामिलनाडु और केरल आदि में मुस्लिम को ओबीसी कैटिगरी में राज्य सरकार ने रखा है। इसके तहत सरकारी नौकरी और एजुकेशनल संस्थानों में रिजर्वेशन दिया जाता रहा है। यहां नया सिर्फ यह है कि टेंडर प्रक्रिया में रिजर्वेशन दिया गया है। कैबिनेट फैसला ले सकती है और इसमें कोई शक नहीं है। यह अलग बात है कि इस फैसले को संवैधानिक कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। संसद या विधानसभा से पास किसी भी कानून को संवैधानिक अदालत में चुनौती दी जा सकती है। तब अदालत स्क्रूटनी करती है और यह देखती है कि कानून या सरकार का फैसला संविधान के दायरे में है या नहीं।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि कर्नाटक सरकार मंत्रिमंडल ने कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है और संशोधन विधेयक को इसी बजट सत्र में पेश किया जाएगा। संशोधन विधेयक के पारित होने पर सरकारी ठेकों में मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा।</div>
<div>दरअसल कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार उपरोक्त संशोधन विधेयक को मंजूरी देते समय यह भूल गई कि 1976 में केंद्र में जब इंदिरा गांधी की सरकार थी, उस समय इंदिरा गांधी ने संविधान में 42वां संशोधन कर संविधान की उद्देशिका में 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द जोड़ा था। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार मुस्लिम समुदाय को धर्म के आधार पर ठेकों में चार प्रतिशत आरक्षण देकर धर्मनिरपेक्ष देश की नींव को ही कमजोर करने जा रही है।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार का उपरोक्त फैसला गलत है, क्योंकि यह देश को धर्म के आधार पर बांटने का काम करेगा, जिससे देश की अखण्डता को खतरा पैदा हो सकता है। राज्य सरकार तर्क दे रही है कि यह कदम पिछड़े वर्गों के सशक्तीकरण की दिशा में उठाया गया है, लेकिन यह नीति धर्म के आधार पर नागरिकों के साथ भेदभाव करती है, जो सविधान की मूल भावना के प्रतिकूल है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जिसकी नींव समानता, न्याय और अवसरों की निष्पक्षता पर आधारित है। धार्मिक आधार पर आरक्षण देना इन मूल्यों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।</div>
<div> </div>
<div>विशेषज्ञों के मुताबिक, सविधान में शिक्षा एवं नौकरी के लिए आरक्षण का प्रावधान है, ठेकों के लिए नहीं। ऐसे फैसले वोट बैंक की राजनीति के तहत किए जाते हैं, जो समाज में ध्रुवीकरण पैदा कर असमानता बढ़ाते हैं। सरकार को समझना चाहिए कि ठेका प्रणाली में योग्यता, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा का होना अत्यंत आवश्यक है। अन्यथा इससे भ्रष्टाचार और पक्षपात के नए रास्ते खुल सकते हैं। किसी विशेष धर्म या समुदाय के लिए आरक्षित कोटा लागू करने से सार्वजनिक सेवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है, और यह समान अवसर की अवधारणा को कमजोर करता है।</div>
<div> </div>
<div>बेशक सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने हेतु विशेष अवसर देने की आवश्यकता है, लेकिन आर्थिक स्थिति या शैक्षिक पिछड़ापन के आधार पर होना चाहिए, न कि धार्मिक पहचान के आधार पर। यदि प्रत्येक धर्म विशेष को इसी प्रकार रियायत दी जाने लगी, तो यह आरक्षण की अवधारणा का राजनीतिक दुरुपयोग होकर रह जाएगा। धर्म आधारित आरक्षण समाज को बांटने का ही कार्य करेगा, जो राष्ट्रहित में नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>आपको पता रहे कि कांग्रेस स्वतंत्रता के बाद जिस तरह की तुष्टिकरण की नीति अपनाकर चल रही है उसका परिणाम आज उसके सामने है। समय की मांग तो यह है कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राह छोड़कर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देती। कांग्रेस नेतृत्व को कर्नाटक की सरकार को धर्म के आधार पर आरक्षण देने वाले निर्णय को रोकना चाहिए। अगर कर्नाटक में कांग्रेस सरकार धर्म के आधार पर आरक्षण के निर्णय पर कायम रहती है तो देश भर में धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग उठेगी और धर्म के नाम पर लोग आमने-सामने होते दिखाई देंगे, जो देशहित में नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>आर्थिक या सामाजिक रूप से पिछड़ों को शिक्षा व नौकरियों में आरक्षण देना अलग बात है। धर्म के आधार पर आरक्षण देना गलत है। कांग्रेस हाईकमान मामले की गंभीरता को समझे और कर्नाटक सरकार को संशोधन विधेयक पारित करने से रोके। इसी में कांग्रेस की भलाई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150055/giving-reservation-on-the-basis-of-religion-unconstitutional%C2%A0</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 14:59:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्थानीय पुलिस विपक्षियों पर मेहरबान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>रायबरेली- </strong>बछरावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मलिकपुर सरैया में सूरजलाल पुत्र रामखेलावन की गाटा संख्या 151/0.0025 हेक्टेयर प्लाट पर कच्ची पुरानी दीवाल सूरज लाल पुत्र रामखेलावन की बनी हुई थी जिसका मुकदमा दीवानी न्यायालय कोर्ट नंबर 16 में विचाराधीन है सूरज लाल की पुरानी दीवाल को विपक्षियों द्वारा 8 मार्च 2025 को रात में गिरा दिया गया था। सूरज लाल पुत्र रामखेलावन जाकर थाना बछरावां में 9 मार्च 2025 को लगभग 11:00 बजे प्रार्थना पत्र दिया उसके बाद थाना बछरावां से शिकायत पर्ची दी गई। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250318-wa0350.jpg" alt="स्थानीय पुलिस विपक्षियों पर मेहरबान" width="961" height="577" /></div>
<div>बछरावां थाना में प्रार्थना</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150034/local-police-is-kind-to-opposition"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250318-wa0299.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>रायबरेली- </strong>बछरावां थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मलिकपुर सरैया में सूरजलाल पुत्र रामखेलावन की गाटा संख्या 151/0.0025 हेक्टेयर प्लाट पर कच्ची पुरानी दीवाल सूरज लाल पुत्र रामखेलावन की बनी हुई थी जिसका मुकदमा दीवानी न्यायालय कोर्ट नंबर 16 में विचाराधीन है सूरज लाल की पुरानी दीवाल को विपक्षियों द्वारा 8 मार्च 2025 को रात में गिरा दिया गया था। सूरज लाल पुत्र रामखेलावन जाकर थाना बछरावां में 9 मार्च 2025 को लगभग 11:00 बजे प्रार्थना पत्र दिया उसके बाद थाना बछरावां से शिकायत पर्ची दी गई। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250318-wa0350.jpg" alt="स्थानीय पुलिस विपक्षियों पर मेहरबान" width="961" height="577"></img></div>
<div>बछरावां थाना में प्रार्थना पत्र दिए हुए लगभग एक हफ्ता हो गया हैं। अभी तक स्थानीय पुलिस मौके पर जांच करना उचित नहीं समझा है। अगर विपक्षियों द्वारा झूठा भी प्रार्थना पत्र दिया जाता है। तो यही स्थानीय पुलिस तत्काल मुकदमा सूरज लाल पुत्र रामखेलावन व उसके परिवार पर लिख दिया जाता है और सूरज लाल के दिए हुए प्रार्थना पत्र पर एक हफ्ता हो जाने पर भी विपक्षियों पर कानूनी कार्रवाई व मुकदमा नहीं लिखा गया है। इससे यही मालूम होता है कि स्थानी पुलिस विपक्षियों पर मेहरबान है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 13:07:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोर्ट के आदेश पर 15 नामजद लोगो पर गम्भीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर-</strong> जफराबाद।दो फरवरी को क्षेत्र के वसीरपुर गांव में हुए गोलीकांड में कोर्ट के आदेश पर 15 से ज्यादा लोगों पर गम्भीर धाराओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्ञात हो ऊक्त गांव प्रधान के प्रतिनिधि रामहित निषाद तथा गांव के बीडीसी मनीष कुमार से प्रधानमंत्री आवास सर्वे के लिए विवाद हो गया था।जिसमे गोलियां चली थी।जिसमे मनीष कुमार,सूरज कुमार को गोली लग गयी थीं।मामले में रामहित निषाद सहित पांच लोगों के विरुध्द नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।</div>
<div>  </div>
<div>सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान भेज दिया था।उस समय रामहित निषाद के बार बार कहने के बाद भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149708/on-the-order-of-the-court-15-nominated-people-have"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(31).jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर-</strong> जफराबाद।दो फरवरी को क्षेत्र के वसीरपुर गांव में हुए गोलीकांड में कोर्ट के आदेश पर 15 से ज्यादा लोगों पर गम्भीर धाराओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्ञात हो ऊक्त गांव प्रधान के प्रतिनिधि रामहित निषाद तथा गांव के बीडीसी मनीष कुमार से प्रधानमंत्री आवास सर्वे के लिए विवाद हो गया था।जिसमे गोलियां चली थी।जिसमे मनीष कुमार,सूरज कुमार को गोली लग गयी थीं।मामले में रामहित निषाद सहित पांच लोगों के विरुध्द नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।</div>
<div> </div>
<div>सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर चालान भेज दिया था।उस समय रामहित निषाद के बार बार कहने के बाद भी पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों के विरुद्ध मुकदमा नही दर्ज किया था।रामहित निषाद की पत्नी निर्मला देवी ने एसी जे (एसडी)के कोर्ट द्वितीय में रिट दायर किया।निर्मला ने बताया कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री आवास के लिए मनीष कुमार व अन्य जबरदस्ती कर रहे थे।जब रामहित ने मना किया तब बीडीसी सदस्य मनीष कुमार व उसके पिता उमाशंकर के नेतृत्व में भारी संख्या में लोग पीड़िता के घर पर चढ़ आये।वे वहां आकर घर मे तोड़फोड़ करने लगें।</div>
<div> </div>
<div>जब घर के लोग घर मे घुस गए तब ये लोग सीसी कैमरा तोड़फोड़ डाले।घर मे घुसने लगे तब रामहित निषाद ने अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर किया।तब वे लोग निर्मला के जेठ रामयश की दुकान में तोड़फोड़ किया।काफी समान तोड़ डाला।उसके बाद दुकान का सामान तथा 10 हजार नगद उठा ले गये।घटना का विरोध करने पर पंकज,सचिन आदि पर जानलेवा हमला करके गम्भीर रूप से घायल कर दिया।उसके धमकी देते हुए बाद सब भाग गए।</div>
<div> </div>
<div>कोर्ट के आदेश पर घटना में शामिल ईशु पुत्र उमाशंकर, गीता देवी पत्नी उमाशंकर,लालबहादुर पुत्र धनई,सोनू,लाली व राहुल पुत्रगण राजबहादुर,नीरज व सूरज पुत्रगण श्यामलाल,समीर पुत्र मोतीलाल, अभिषेक पुत्र मंगरु,बाबा उर्फ अनुरागमणि नामजद तथा कई अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।थानाप्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों पर हत्या के प्रयास सहित अन्य कई गम्भीर धाराओं में मुकदमा</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 13:48:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अवैध अतिक्रमण को तहसील प्रशासन ने जेसीबी से ढहाया, मचा हड़कम्प</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अझुवा कौशाम्बी।</strong> सिराथू तहसील के नगर पंचायत अझुवा वार्ड नम्बर 4 मढिया मई रसूलपुर  के तालाबी नम्बर 212 में वीरेंद्र कुमार और राजाराम पुत्रगण झुरी ने अवैध निर्माण कर लिया था जिसकी शिकायत उसी वार्ड के गुलाब ने वर्ष भर पूर्व शिकायत की थी उसी परिप्रेक्ष्य में न्यायालय ने अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।न्यायालय के आदेशानुसार नायब तहसील दार अंकिता पाठक के नेतृत्व में तहसील और नगर पंचायत प्रशाशन अवैध अतिक्रमण हटाने जेसीबी लेकर पहुंच गए जेसीबी से अतिक्रमण हटाते देख कुछ लोग आगबबूला होते हुए पथराव शुरू कर दिया।</div>
<div>  </div>
<div>तहसील प्रशाशन की सूचना पर सैनी कोतवाली पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149363/illegal-encroachment-created-a-stir-by-the-tehsil-administration-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/0.0047.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अझुवा कौशाम्बी।</strong> सिराथू तहसील के नगर पंचायत अझुवा वार्ड नम्बर 4 मढिया मई रसूलपुर  के तालाबी नम्बर 212 में वीरेंद्र कुमार और राजाराम पुत्रगण झुरी ने अवैध निर्माण कर लिया था जिसकी शिकायत उसी वार्ड के गुलाब ने वर्ष भर पूर्व शिकायत की थी उसी परिप्रेक्ष्य में न्यायालय ने अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।न्यायालय के आदेशानुसार नायब तहसील दार अंकिता पाठक के नेतृत्व में तहसील और नगर पंचायत प्रशाशन अवैध अतिक्रमण हटाने जेसीबी लेकर पहुंच गए जेसीबी से अतिक्रमण हटाते देख कुछ लोग आगबबूला होते हुए पथराव शुरू कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>तहसील प्रशाशन की सूचना पर सैनी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया इस दौरान जेसीबी से अवैध अतिक्रमण ढहा दिया गया,राजाराम के अनुरोध पर अतिक्रमण हटाने गई टीम ने अवैध अतिक्रमण स्थान से गृहस्थी का सामान हटाने की मोहलत दी है समय से अतिक्रमण न हटाने पर बल पूर्वक अतिक्रमण ध्वस्त करने का अल्टीमेटम दिया गया इस मौके पर राजस्व निरीक्षक मेवालाल,लेखपाल, कोतवाली चौकी पुलिस सहित तमाम लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 12:30:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम समाज की जमीन पर अवैध भट्टा, संचालक को 2.68 करोड़ का नोटिस, 15 दिन में जमा करना होगा जुर्माना </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सीतापुर - </strong>जनपद सीतापुर की सदर तहसील प्रशासन ने भट्टा मालिक बुद्धप्रकाश को 2 करोड़ 68 लाख 70 हजार रुपए का नोटिस जारी किया है। बुद्धप्रकाश पर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से भट्टा संचालन करने का आरोप है कोतवाली देहात क्षेत्र में स्थित नैपालापुर ग्राम सभा के अंतर्गत यह मामला सामने आया है। आरोपी बुद्धप्रकाश जिला ईंट उद्योग समिति के पूर्व महामंत्री हैं स्थानीय लोगों के अनुसार, वह कई वर्षों से ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा किए हुए थे।</div>
<div>  </div>
<div>इस बार शिकायत मिलने पर तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने जांच की और कार्रवाई की तहसीलदार द्वारा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149316/illegal-furnace-operator-will-have-to-submit-a-fine-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250303-wa0024.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सीतापुर - </strong>जनपद सीतापुर की सदर तहसील प्रशासन ने भट्टा मालिक बुद्धप्रकाश को 2 करोड़ 68 लाख 70 हजार रुपए का नोटिस जारी किया है। बुद्धप्रकाश पर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से भट्टा संचालन करने का आरोप है कोतवाली देहात क्षेत्र में स्थित नैपालापुर ग्राम सभा के अंतर्गत यह मामला सामने आया है। आरोपी बुद्धप्रकाश जिला ईंट उद्योग समिति के पूर्व महामंत्री हैं स्थानीय लोगों के अनुसार, वह कई वर्षों से ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा किए हुए थे।</div>
<div> </div>
<div>इस बार शिकायत मिलने पर तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने जांच की और कार्रवाई की तहसीलदार द्वारा जारी नोटिस में आरोपी को 15 दिनों के भीतर अवैध अध्यासन हटाने और जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया गया है साथ ही 4 मार्च को सुबह 10 बजे न्यायालय में उपस्थित होने को कहा गया है तहसीलदार ने बताया कि आरोपी के जवाब के बाद ही अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी!!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 14:01:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भदोही में अधिवक्ताओ ने एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 के विरोध में किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>भदोही।</strong> डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए धरना दिया। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन के चलते कोर्ट में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। दूरदराज से अपने मुकदमों की पैरवी के लिए आए वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हें घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर तिवारी ने कहा कि सरकार को एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 तत्काल वापस लेना चाहिए।</div>
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<div>अन्यथा अधिवक्ताओं का आंदोलन और तेज होगा और वह अनिश्चितकालीन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149035/advocates-protested-against-advocate-amendment-bill-2025-in-bhadohi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250225-wa0524.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>भदोही।</strong> डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए धरना दिया। इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन के चलते कोर्ट में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। दूरदराज से अपने मुकदमों की पैरवी के लिए आए वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हें घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर तिवारी ने कहा कि सरकार को एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 तत्काल वापस लेना चाहिए।</div>
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<div>अन्यथा अधिवक्ताओं का आंदोलन और तेज होगा और वह अनिश्चितकालीन न्यायिक कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। यह काला कानून अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ है। इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख रुपये का मेडिकल बीमा और मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में भारी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। इसको लेकर अधिवक्ताओं ने मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी को सम्बोधित पत्रक भी सौंपा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 17:27:24 +0530</pubDate>
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